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29-05-2020
Video: कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने किया पदभार ग्रहण

दुर्ग। जिले के नवनियुक्त कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने आज पदभार ग्रहण किया। उन्होंने निवर्तमान कलेक्टर अंकित आनंद से पदभार ग्रहण किया। डॉ. भूरे इससे पूर्व मुंगेली जिले में कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। डॉ. भूरे वर्ष 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। डॉ. भूरे मूल रूप से महाराष्ट्र से हैं। उन्होंने अपनी एमबीबीएस की डिग्री महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस नाशिक से ली है।

28-04-2020
रशिया और यूक्रेन में राज्य के 500 से ज्यादा एमबीबीएस के विद्यार्थी जल्द लौटेंगे घर : अरूण साव

बिलासपुर। विदेश में पढ़ रहे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति भारत सरकार गंभीर है। सरकार उनकी सकुशल स्वदेश वापसी के लिए हरसंभव उपाय पर गंभीरता से विचार कर रही है। उक्त बातें केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री व्ही. मुरलीधरण ने सांसद अरुण साव से चर्चा के दौरान कही। स्थानीय अभिभावक श्रीधर गौरहा, अनिल गुप्ता आदि ने साव को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया है कि रशिया के प्रमुख शहर पर्म में लगभग 1250 भारतीय बच्चे अध्ययनरत हैं।  इनमें से 450 बच्चे छत्तीसगढ़ राज्य के हैं। वहीं 35 बच्चे बिलासपुर जिले के हैं। रशिया में वर्तमान में करोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण सभी अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा एवं स्वदेश वापसी को अत्यंत चिंतित हैं। अभिभावकों ने कहा कि वर्तमान में रशिया सहित अन्य देशों में कोविड-19 के संक्रमण के कारण सभी मेडिकल यूनिवर्सिटी बंद हैं। नियमित कक्षाएं, असाइनमेंट, टेस्ट  ऑनलाइन पद्धति से चल रहे हैं। इस कारण बच्चों को हाॅस्टल या हाॅटल में ही रहकर ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ रही है। जिस तरह कोरोना पीड़ितों की संख्या वहां दिनों-दिन बढ़ रही है, विद्यार्थी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आकर ये बच्चे ऑनलाइन पद्धति से अपनी पढ़ाई  जारी रख सकें, इस दिशा में उपाय किए जाने चाहिए। अभिभावकों के निवेदन पर आज अरुण साव ने इस मुद्दे पर विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरण से चर्चा की। उन्होंने रशिया, यूक्रेन सहित अन्य देशों में अध्ययनरत छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही विद्यार्थियों की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए निवेदन किया।

इस पर विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि अभिभावकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। भारत सरकार विदेश में रह रहे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की निरंतर जानकारी ले रही है। वर्तमान में बच्चों की सुरक्षा एवं सकुशल स्वदेश वापसी को लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। शीघ्र ही इस संबंध में निर्णय लिया जावेगा।विदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को साल में एक बार दो महिनों की छुट्टी पर भारत लौटने का मौका मिलता है। आमतौर पर ये छुट्टियां जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई-प्रथम सप्ताह से शुरू हो जाती हैं, जो अगस्त-अंतिम सप्ताह या सितम्बर-प्रथम सप्ताह तक खत्म  होती हैं। भारत आने और विदेश लौटने के लिए प्रायः सभी विद्यार्थी  महीनों पहले फ्लाइट की टिकटें बुक करा लेते हैं, जिससे उन्हें अधिक कीमत ना चुकानी पड़े। मौजूदा वक्त में लगभग सभी एयरलाइंस कंपनियों ने अपनी सभी फ्लाइट्स व टिकटों की प्री बुकिंग बंद कर रखी हैं। इससे विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है।सांसद साव ने देश के विभिन्न राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी के लिए समुचित व्यवस्था बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर आग्रह किया है।  पत्र में सांसद ने कहा है कि लाॅकडाउन के कारण छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़ आदि के मजदूर बड़ी संख्या में लखनऊ, इलाहाबाद, आगरा, कानपुर, भोपाल, पुणे, अहमदनगर, हैदराबाद, सिंकदराबाद आदि स्थानों पर  फंसे हुए हैं। रोजी-रोजगार बंद होने के कारण उनके समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई। मजदूरों का कई जत्था लंबी दूरी के सफर पर पैदल ही निकल पड़ा है, जो कि खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए इन मजदूरों की सुरक्षित छत्तीसगढ़ वापसी के लिए ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

 

18-03-2020
तीन अप्रैल को नीट की परीक्षा, आवेदन सुधारने की अंतिम तिथि 19 मार्च तक

रायपुर। नेशनल एलिजिबिलिटी एंड इंट्रेंस टेस्ट चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) तीन मई को प्रस्तावित की गई है। इसके पहले आवेदक अपने आवेदन को सुधार सकते हैं। आवेदन फॉर्म में सुधार करने के लिए करेक्शन विंडो दोबारा खोल दी गई है। जो भी विद्यार्थी फॉर्म में सुधार नहीं कर पाए थे, वे कर सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवारों को एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा। फॉर्म में संशोधन लिए 19 मार्च की रात 12 बजे तक का समय दिया गया है। इसके बाद मौका नहीं दिया जाएगा। बता दें कि इसके पहले आवेदक 31 जनवरी तक फॉर्म संशोधन कर सकते थे। समय कम होने के कारण परीक्षार्थी युद्ध स्तर पर तैयारी में जुटे हैं। इसी माह प्रवेश पत्र जारी हो सकते है। राज्य में एमबीबीएस,बीडीएस अन्य कोर्सों में प्रवेश के लिए होने वाली नीट परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों में काफी तनाव है। कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी कोर्स का अभ्यास करने में लगे हुए है। लेकिन 12वीं के परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ टेस्ट सीरीज के माध्यम से स्वयं को अपडेट करने में लगे हुए है। परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र कुल तीन घंटे के होंगे। इसमें 180 प्रश्न होंगे,जो 720 अंकों के होंगे,जो फिजिक्स,केमिस्ट्री और बायोलॉजी  से होंगे। एक सही उत्तर पर चार अंक मिलेंगे और गलत उत्तर पर एक अंक कट जाएगा। इनमें बायोलॉजी से 90 प्रश्न होंगे, जो 360 अंकों के होंगे। फिजिक्स और केमिस्ट्री के 45-45 प्रश्न 180-180 अंकों के होंगे। नीट 2020 प्रवेश परीक्षा आयोजन 11 भाषाओं में होगा, जो अंग्रेजी,असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़,मराठी,उड़िया,तमिल,तेलुगु,उर्दू में होगी।

16-03-2020
कोरोना वायरस से बचाव, जांच एवं प्रबंधन पर परिचर्चा

मुंगेली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सुखनंदन अस्पताल मुंगेली के सभाकक्ष में जिला मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों तथा निजी चिकित्सकों का कोरोना वायरस के विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। परिचर्चा में कहा गया कि ऐसे व्यक्ति जो कि कोरोना प्रभावित देशों की 15 फरवरी के बाद यात्रा किये हैं तथा बुखार, खांसी एवं सांस में तकलीफ की शिकायत हो, को संभावित मरीज की श्रेणी में मानकर उसे जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज या नजदीकी एमबीबीएस या मेडिकल विशेषज्ञ से सलाह ले। सैम्पल लेने की सुविधा जिला अस्पताल में उपलब्ध है। राज्य में भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर जांच की सुविधा उपलब्ध है। सभी चिकित्सकों को अपने स्टाफ से बार-बार हाथ धोने, सर्दी, खाँसी वाले मरीजों को काउंसलिंग, ओपीडी क्षेत्र में भीड़ का प्रबंधन की जानकारी से अवगत कराने बताया गया। संभावित व्यक्ति जिन्हें कोई तकलीफ नहीं है, को घर पर ही रहने की हिदायत दिए जाने चाहिए। भीड़ वाले स्थानों में जाने से बचा जावे तथा खाँसी आने पर रुमाल, सर्जिकल मास्क का उपयोग किया जावे। परिचर्चा के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.कमलेश खैरवार, डॉ. रविशंकर प्रसाद देवांगन, डाॅ.व्हीके साॅलोमन, डाॅ.राजन सुखनंदन, डाॅ.सजय अग्रवाल, डाॅ.एके जाॅन, डाॅ.सेलिन कुजूर, डाॅ.अल्का मिंज सहित निजी चिकित्सक उपस्थित थे।

 

11-01-2020
चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज को एमसीआई की मान्यता

रायपुर। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के छात्रों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने कोर्ट में अपना जवाब पेश कर बताया है कि वर्ष 2013—14 व 2014—15 की बैच की एमबीबीएस डिग्री को मान्यता दे दी गई है। केंद्र सरकार से इस संबंध में निवेदन कर जल्द ही अधिसूचना जारी करने की मांग की गई है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं करने पर चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग की मान्यता  17 जुलाई 2019 को समाप्त कर दी थी। मान्यता समाप्त होने पर कॉलेज की एमबीबीएस की छात्राओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एमसीआई के आदेश को चुनौती दी थी। उक्त मामले में अधिवक्ता नवीन निराला ने एक और याचिका लगाई थी। उक्त याचिका पर एमसीआई ने हाईकोर्ट में अपना जवाब पेश किया। कोर्ट को जानकारी दी गई कि 4 दिसंबर 2019 को चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के बाद एमसीआई ने अपने पूर्व के आदेश जो 17 जुलाई 2019 को जारी किया था उसे संशोधित किया है। केंद्र सरकार से सिफारिश कर कॉलेज की 2013—14 एवं 2014—15 के एमबीबीएस कोर्स को मान्यता देने का अनुरोध किया गया। केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी। 

12-11-2019
अमित जोगी अस्पताल से डिस्चार्ज, पूर्ण रूप से हैं स्वस्थ : नायक

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी को 6 नवंबर  को सीएमसी वेल्लूर चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। विभिन्न चिकित्सीय विभागों के विशेषज्ञों के दल द्वारा उनकी गहन जांच की गई और समुचित उपचार के बाद उन्हें 12 नवंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। पुदुच्चेरी में सुप्रसिद्ध औरोविल आश्रम में दो दिन प्रवास के पश्चात वे छत्तीसगढ़ लौटेंगे। यह जानकारी भगवानु नायक, प्रवक्ता जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने दी है। नायक ने कहा कि अमित जोगी को न्यूरो (मस्तिष्क) संबंधित कोई भी बीमारी नहीं है। उनके शरीर में कम ग्लूकोस की मात्रा के कारण ही उन्हें सितंबर 2019 में हायपर्टेन्शन, कंपकंपी, कमजोरी और बेहोशी हुई थी, जिसके इलाज के लिए उनको राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया गया था। अब सही दवाइयों एवं उपचार से वे पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके हैं। अमित जोगी ने कहा है कि सीएमसी वेल्लूर आकर उन्हें पता चला कि छत्तीसगढ़ से हजारों किलोमीटर दूर, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे दक्षिण भारतीय प्रान्तों में भी 1967 में वेल्लूर से उत्तीर्ण उनकी मां डॉक्टर (प्रोफेसर) रेणु जोगी द्वारा 1999 में लिखित नेत्र-चिकित्सा की पाठ्यपुस्तक ‘Basic Ophthalmology’  का 14वां संस्करण आज भी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हजारों छात्र-छात्राओं को सिखाई जा रही है। यह न केवल जोगी परिवार बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। अमित जोगी ने उनका उपचार करने वाले सीएमसी वेल्लूर के सभी डॉक्टरों, नर्सिंग और पैरा मेडिकल स्टाफ  की टीम को विशेष रूप से धन्यवाद दिया है। साथ ही उन्होंने संकल्प लिया कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) सड़क से लेकर सदन तक हरसंभव प्रयास करेगी कि बहुत जल्द ही सीएमसी  वेल्लूर जैसे नि:स्वार्थ सेवाभाव से चलाए जा रहे आम नागरिकों के लिए बेहद विश्वसनीय और सस्ते उच्च-स्तरीय बहुविषयक उपचार केंद्रों का लाभ सभी प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ की धरती में मिल सके।

 

 

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