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08-05-2021
Breaking: एमबीबीएस अंतिम वर्ष के परिणाम घोषित,छत्तीसगढ़ को मिले 900 से अधिक इंटर्न चिकित्सक

रायपुर। राज्य के पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति आयुष विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को एमबीबीएस अंतिम वर्ष के परिणाम घोषित किए हैं। इसमें 911 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। एमबीबीएस उत्तीर्ण विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के लिए मेडिकल कॉलेजों सहित विभिन्न शासकीय अस्पतालों में भेजा जाएगा। कोविड महामारी के इस दौर में राज्य को अतिरिक्त मानव संसाधन प्राप्त हुए हैं। इससे कोविड प्रबंधन में और सहायता मिलेगी।

 

02-05-2021
पीएम ने की समीक्षा बैठक,अस्पतालों में लगाई जा सकती है एमबीबीएस और नर्सिंग छात्रों की ड्यूटी, नीट परीक्षा होगी लेट

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ऑक्सीजन और दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा करने के लिए विशेषज्ञों से मुलाकात की। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये मीटिंग में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई अहम फैसलों पर चर्चा हुई। इसमें सबसे बड़ा फैसला यह सामने आया है कि सरकार एमबीबीएस छात्रों को अस्पताल में तैनात करके मरीजों के इलाज में लगा सकती है। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने बैठक में कई अहम फैसले लिए। इसमें अंतिम वर्ष में पढ़ रहे एमबीबीएस और नर्सिंग छात्रों की सेवाएं अस्पताल में लेने पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही कोविड ड्यूटी करने वाले चिकित्सा कर्मियों को सरकारी भर्ती में प्रायोरिटी के साथ वित्तीय प्रोत्साहन देने पर भी फैसला हुआ। बैठक में नीट परीक्षा में देरी का फैसला जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

 

21-04-2021
90 प्रतिशत लोग होम आइसोलेशन से स्वस्थ हो रहे : डॉ. फिरोज मेमन

रायपुर। चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. फिरोज मेमन (एमबीबीएस, एमडी) ने बताया कि आपको कभी भी कोरोना बीमारी की आशंका होती है, तो आप इसकी जांच के लिए तीन किस्म के टेस्ट करा सकते हैं। इसमें एंटीजन टेस्ट, आरटीपीसीआर टेस्ट और ट्रू नॉट टेस्ट है। इसके अलावा कोई और टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर मेमन ने कहा है कि कोरोना महामारी की अभी कोई निश्चित दवा नहीं है। लक्षणों के आधार पर कोरोना का इलाज हो रहा है। पचासों किस्म की दवाइयां आई हैं और उसमें से कुछ गिनती की ही दवाइयां फायदेमंद साबित हुई है। इनका उपयोग आपको चिकित्सक की सलाह से ही करना है। डॉक्टर मेनन ने बताया कि अगर आपको आशंका है या लक्षण है तो कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट आते तक आप अपने को पॉजिटिव मानकर ही चलिए। इसके लिए आप अपने आप को आइसोलेट रखें, अपने परिवार को संक्रमित होने से बचाइए, जब तक की आप की जांच की रिपोर्ट नहीं आ जाती है। आपसे जितने लोगों का संपर्क हुआ है, उन्हें भी यह टेस्ट कराने की सलाह दीजिए।

सिटी स्कैन कराने की दौड़ से बचना है 

टेस्ट करने में अभी भ्रांति फैली हुई है। एचआरसीटीसी या सिटी स्कैन कराने की दौड़ लगी है, इससे बचना है। उससे कोई बहुत ज्यादा ट्रीटमेंट में बदलाव नहीं होता है। डॉक्टर को जब भर्ती पेशेंट में यह टेस्ट की जरूरत हो तो वे ये टेस्ट कराते हैं। टेस्ट स्वयं से कराने की जरूरत नहीं है।
स्वस्थ व्यक्ति जिनको सर्दी, खांसी , बुखार है और जिनको लग रहा है कि उन्हें कोरोना हो गया है या हो सकता है तो उनको टेस्ट कराना है।

90 प्रतिशत लोग होम आइसोलेशन से स्वस्थ हो रहे हैं 

टेस्ट के पॉजिटिव आने के बाद आपको होम आइसोलेशन में रहना है। अभी 90 प्रतिशत लोग होम आइसोलेशन से स्वस्थ हो रहे हैं। आपको होम आइसोलेशन में अपना आक्सीजन सेचुरेशन 93 के ऊपर बनाए रखना है।

6 मिनट का वाकिंग टेस्ट करें 

इसी तरह आपको 6 मिनट का वाकिंग टेस्ट करना है। 6 मिनट वॉकिंग ( पैदल घूमने ) करने के बाद अगर आपका आक्सीजन सैचुरेशन 4 प्रतिशत के भीतर कम हो रहा है तो आप सेफ है, सुरक्षित है। यह बदलाव अगर 4 प्रतिशत से ज्यादा  है तो आपको डॉक्टर की सलाह से अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है ।

14-12-2020
रायपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू, 6 समूहों में बांटा गया छात्रों को 

रायपुर। पं. जवाहर लाल नेहरु स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में एमबीबीएस की कक्षाएं सोमवार से प्रारंभ हो गई हैं। पं. जवाहर लाल नेहरु स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विष्णु दत्त ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कक्षाएं आज से प्रारंभ की गई हैं। सभी छात्र-छात्राओं को कक्षाओं और परिसर में शारीरिक दूरी का पूरी तरह से पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है। विशेष व्यवस्था के तहत अध्ययन के लिए छात्र-छात्राओं को ए, बी, सी, डी, ई और एफ यानि छह समूहों में बांटा गया है। प्रत्येक समूह में केवल 30 छात्र-छात्राएं ही हैं।  वे सभी कक्षा में अध्ययन के दौरान कोविड-19 के मानक प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। अध्ययन के लिए चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों को अभिभावक का सहमति-शपथ पत्र लाना अनिवार्य है। साथ ही सभी विद्यार्थियों को कोविड-19 की आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट जो कि रायपुर पहुंचने के अधिकतम पांच दिन पहले की न हो, लाना अनिवार्य है। चिकित्सा महाविद्यालय में पढ़ाई शुरू होने के पहले दिन आज लेक्चर हॉल-1 में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की कक्षा के पहले सत्र में एनाटॉमी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मानिक चटर्जी ने पेल्विस बोन की संरचना, हिस्टोलॉजी लेबोरेट्री-1 में प्राध्यापक डॉ. चटर्जी ने गाल ब्लेडर के हिस्टोलॉजिकल स्ट्रक्चर, थ्योरी की क्लास में सहायक प्राध्यापक डॉ. दिवाकर धुरंधर ने पेरिटोनियम एवं डॉ. प्रवीण बंजारे ने मेल जेनिटल आर्गन के बारे में और डॉ. जागृति अग्रवाल ने स्टमक के बारे में पढ़ाया। डॉ. प्रारब्ध अग्रवाल ने लंग्स एवं ट्रेकिया की हिस्टोलॉजी के बारे में और डॉ. रजनी ठाकुर ने स्प्लीन पर लेक्चर दिया। हिस्टोलॉजी लेक्चरर हाल में सहायक प्राध्यापक डॉ. कुशाल चक्रवर्ती ने छोटी आंत की आंतरिक संरचना के बारे में छात्रों को जानकारी दी। डिसेक्शन हाल में एब्डॉमन डिसेक्शन के बारे में आज विद्यार्थियों को बताया गया।

02-12-2020
मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल : सुदुर अंचल के छात्रों को निजी मेडिकल काॅलेजों में सरकार कराएगी प्रवेश

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक ओर संवेदनशील पहल करते हुए प्रदेश के सुदुर अंचल जहां नेटवर्क और अन्य तकनीकी कारणों से नीट क्वालिफाई होनहार छात्र-छात्राएं जो काउंसलिंग के लिए निर्धारित समय पर अपना पंजीयन नहीं करा सके थे। अब उन्हें प्रदेश के निजी काॅलेजों में पेमेंट सीट पर प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए हैं। इन होनहार बच्चों का भविष्य अब सरकार संवारेगी। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद यह पहली बार है कि एमबीबीएस के लिए निजी काॅलेजों के पेमेंट सीट में बच्चों को राज्य सरकार के खर्च पर दाखिला दिलाया जाएगा।मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दूरस्थ आदिवासी अंचलों के ऐसे सभी होनहार बच्चों के एमबीबीएस मेें दाखिला के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संज्ञान में जैसे ही यह बात आयी कि दंतेवाड़ा जिले के 27 होनहार छात्र-छात्राएं जिन्होंने नीट क्वालिफाई किया है लेकिन नेटवर्क प्राब्लम के कारण प्रथम काउंसलिंग में उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका था।

इस संबंध में जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन की ओर से अपने स्तर पर पंजीयन कराने का प्रयास किया गया और राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय काउंसलिंग पूर्व इनका रजिस्ट्रेशन कराया गया लेकिन ये छात्र चयन से वंचित रह गए। राज्य में पंजीयन के लिए द्वितीय अवसर नहीं होने से उनका पंजीयन नहीं कराया जा सका। प्रथम काउंसलिंग के पश्चात इसमें दो छात्रा कुमारी पदमा मडे और पीयूषा बेक एमबीबीएस में प्रवेश की पात्रता रखती हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कलेक्टर दंतेवाड़ा द्वारा इन छात्राओं का प्रदेश के निजी काॅलेजों में दाखिला की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी यदि इनमें से कोई छात्र कटअप के बाद प्रवेश के लिए पात्र पाया जाता है तो उन्हें भी निजी काॅलेजों की पेमेंट सीट पर दाखिला दिलाया जाएगा और इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

12-11-2020
एमबीबीएस और बीडीएस में ​ए​डमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 15 तक, सर्वर स्लो है तो ईमेल करें दस्तावेज

रायपुर। एमबीबीएस और बीडीएस में ए​डमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अब छात्र 15 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक आवेदन कर सकेंगे। पहले 12 नवंबर तक आवेदन करने की अंतिम तारीख निर्धारित की गई थी। सर्वर स्लो होने के कारण आवेदन जमा नहीं हो पाने से आवेदक और उनके परिजन डीएमई कार्यालय भी पहुंचे थे। इसके बाद यह आदेश जारी किया गया। जारी आदेश के मुताबिक अगर ऑनलाइन आवेदन करते समय सर्वर स्लो है तो दस्तावेज अपलोड न करें। दस्तावेजों का एक पीडीएफ फाइल बनाकर अपने नीट रोल नंबर और नाम के साथ ईमेल कर दें। इसके लिए संचानालय का अपना इमेल आईडी ‘सीजीडीएमई डॉट डॉक्यूमेंट एट द रेट जीमेल डॉट कॉम‘ जारी किया गया हैं।

11-11-2020
एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश की तिथि बढ़ी,सर्वर प्रोब्लम के कारण ई मेल पर मंगाए गए दस्तावेज

रायपुर। एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अब छात्र 15 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक आवेदन कर सकेंगे। पहले 12 नवंबर तक आवेदन करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। इस संबंध में संचालक चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ ने कहा है कि ऑनलाइन आवेदन करते समय सर्वर स्लो होने के दौरान आवेदन के समय अब दस्तावेजों को अपलोड नहीं करें। दस्तावेजों का एक पीडीएफ फाइल बनाकर अपने नीट रोल नंबर और नाम के साथ संचानालय के ईमेल सीजीडीएमई डॉट डॉक्यूमेंट एट द रेट जीमेल डॉट कॉम पर मेल करें। बता दें कि सर्वर प्रोब्लम के कारण वेबसाइट बंद होने से आवेदकों को ऑनलाइन करने में परेशानी हो रही थी। इस संबंध में आवेदक और उनके परिजन डीएमई कार्यालय भी पहुंचे थे। डीएमई ने जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।

07-11-2020
मेडिकल-डेंटल कॉलेजों में प्रवेश पंजीयन आज से शुरू, 12 नवंबर तक जारी रहेगा

रायपुर। प्रदेश के मेडिकल-डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पंजीयन की प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया 12 नवंबर तक जारी रहेगी। नीट की रैकिंग के आधार पर कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा। 8 मेडिकल और 6 डेंटल कॉलेजों में इसके लिए प्रवेश मिलेगा। गौरतलब है कि प्रदेश में एमबीबीएस की 1045 सीटें हैं। यह रजिस्ट्रेशन कोटे के लिए है।

09-09-2020
एमबीबीएस परीक्षाओं के टाइम टेबल की घोषणा,आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने जारी की अधिसूचना 

रायपुर। एमबीबीएस द्वितीय वर्ष और एमबीबी एस अंतिम भाग एक और भाग 2 की परीक्षा 2020-21 का टाइम टेबल आयुष विश्वविद्यालय ने जारी किया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। उन्होंने कहा है कि, जिन विद्यार्थियों ने पूर्व में आवेदन पत्र जमा किए हैं, उन्हें पुन: परीक्षा आवेदन प्रेषित करने की आवश्यकता नहीं है। कोविड-19 के कारण परीक्षा केन्द्र और विद्यार्थियों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, जिसका कड़ाई से पालन करना होगा। विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा फार्म भरने का विवरण, परीक्षा आवेदन शुल्क, समय सारिणी, परीक्षा केन्द्रों के नाम र कोविड-19 से बचाव के संबंध दिशानिर्देश की विस्तृत जानकारी दी गई है। एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का टाइम टेबल देखने क्लिक करें  एमबी बी एस अंतिम भाग एक और भाग 2 का टाइम टेबल देखने क्लिक करें  

08-09-2020
प्रदेश में अक्टूबर के पहले सप्ताह में शुरू होगी एमबीबीएस की पूरक परीक्षाएं, आदेश जारी

रायपुर। प्रदेश में अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की पूरक परीक्षाएं शुरू करने का अहम निर्णय लिया गया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग ने संचालक चिकित्सा शिक्षा को प्रदेश में एमबीबीएस द्वितीय और एमबीबीएस अंतिम पूरक भाग 1 भाग 2 की परीक्षाएं अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में प्रारंभ करने की अनुमति दी है। साथ ही इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए संबंधित महाविद्यालय के छात्रावास खोलने की अनुमति दी गई है। परीक्षाओं के आयोजन में शासन की ओर से जारी कोविड-19 गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन तय किए जाने का निर्देश मंगलवार को दिया गया है। संचालक चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ ने पत्र के माध्यम से पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष महाविद्यालय रायपुर के कुल सचिव, अधिष्ठाता शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़,राजनांदगांव व अंबिकापुर और अधिष्ठाता निजी चिकित्सा महाविद्यालय चंदूलाल चंद्राकर दुर्ग, शंकराचार्य भिलाई व रिम्स रायपुर को सूचित किया है।  डॉ.राकेश गुप्ता कन्वीनर छात्र शाखा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने कहा है कि, पिछले 3 माह से पूरे प्रदेश में एमबीबीएस की परीक्षाओं के लिए 8 मेडिकल कॉलेज के छात्र प्रयासरत थे। परीक्षाएं संपन्न हो जाने से प्रदेश को अतिरिक्त 200 से अधिक इंटर्न डॉक्टर मिल जाएंगे। सभी छात्रों के परिवारों ने कोरोना संक्रमण काल में विशेष अनुमति के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को धन्यवाद दिया है ।

 

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