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07-03-2021
Breaking : भाजपा में शामिल हुए मिथुन दा, बंगाल में ममता को देंगे टक्कर

कोलकाता/रायपुर। पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए काफी अहम है। अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। कुछ ही देर में कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेगा रैली संबोधित करेंगे। सुपर स्टार मिथुन चक्रवर्ती भाजपा के मंच पर पहुंच चुके हैं। मिथुन ने मंच से लोगों का अभिवादन किया। मिथुन के साथ मंच पर कैलाश विजयवर्गीय, शिव प्रकाश, मुकुल रॉय सहित बीजेपी के वरिष्ठ नेता उपस्थित हैं। इससे पहले बॉलीवुड अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की बंगाल भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात हुई थी। कैलाश विजयवर्गीय ने इस बाबत ट्वीट कर जानकारी दी थी। इस मुलाकात के बाद ही मिथुन की राजनीतिक पारी को लेकर हो रही चर्चाओं को और बल मिला।

22-01-2021
मुस्लिम वोटों पर नजर ममता की मुसीबतें बढ़ी, फुरफुरा शरीफ के पीरजादा ने नई पार्टी का ऐलान किया

कोलकाता/रायपुर। बंगाल में चुनाव जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है वहां के राजनीतिक समीकरण तेजी से बनते बिगड़ते जा रहे हैं। मुस्लिम मतदाता वहां हमेशा से की फैक्टर रहे हैं। इस बार भी वे किंग मेकर की अपनी भूमिका निभाने पर ही खुले हुए हैं। मुस्लिम मतदाता ममता के साथ था और ममता के इस वोट बैंक में सेंध लगाने एआईएमएम के ओवैसी वहां पहुंचे थे। और अब मशहूर फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्धकी ने नई पार्टी  का ऐलान कर ममता की चिंता और बढ़ा दी है। उनका मुस्लिमों में बड़ा प्रभाव है और वे भी ममता के वोट बैंक में सेंध मार सकते हैं। अब देखना यह है कि ममता ओवैसी के साथ-साथ पीरजादा के भी मैदान में आने से डैमेज कैसे कंट्रोल करती है। हालांकि पीरजादा ने साफ कर दिया है कि अभी वह कोई तालमेल किसी से नहीं कर रहे हैं लेकिन वे यह कहने से भी नहीं चूके कि जब फ्रंट बनेगा तब देखा जाएगा। एक तरफ बीजेपी का लगातार आक्रमक होना। दूसरी तरफ पार्टी के अंदर में ही संतोष और चुनौतियों का सामने आना और तीसरी तरफ मुस्लिम वोट बैंक पर विरोधियों की नजर कुल मिलाकर देखा जाए तो ममता की मुसीबत बढ़ती ही नजर आ रही है।

20-01-2021
नेताजी पर सियासत तेज, 23 को नरेंद्र मोदी का बंगाल दौरा तो ममता ने कहा- नेताजी का जन्म दिवस राष्ट्रीय अवकाश घोषित हो

दिल्ली/रायपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर राजनीति तेज होती जा रही है। बंगाल में ज्यों ज्यों चुनाव करीब आ रहे हैं त्यों त्यों वहां की सियासत गर्म होती जा रही है। शुभेंदु के ममता के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद ममता भी पूरी तरह आक्रमक रवैया अपना चुकी है। उन्होंने भाजपा को नक्सलियों से भी बुरा कह दिया है। उधर शुभेंदु भी कोई मौका नहीं चूक रहे हैं और उन्होंने ममता की पार्टी को एआईएमएम जैसा बता दिया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन को ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को बंगाल का दौरा करने जा रहे हैं। शुभेंदु की रैली के पहले वहां भाजपा कार्यकर्ताआंे पर हमला होने का आरोप टीएमसी पर लगाया जा रहा है। आरोप प्रत्यारोप का दौर वहां तेज होता जा रहा है, जिससे राजनीतिक गर्मी बढ़ती ही जा रही है।

18-01-2021
शुभेंदु के गढ़ में रैली कर ममता ने दिखाई ताकत, नंदीग्राम से लड़ेंगी चुनाव

रायपुर/कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुखिया ममता बनर्जी ने बड़ा दांव खेला है।पार्टी से बगावत करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में कुछ महीने पहले शामिल होने वाले बागी नेता शुभेंदु अधिकारी के गढ़ माने जाने वाले नंदीग्राम से चुनावी ताल ठोकने का ऐलान कर दिया है। 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से हीं शुभेंदु अधिकारी ने जीत दर्ज की थी। शुभेंदी अधिकारी को टीएमसी में पावरफुल नेताओं में से माना जाता रहा है।  नंदीग्राम टीएमसी के लिए कई मायनों में खास है। करीब एक दशक पहले सिंगूर और नंदीग्राम में हुए आंदोलन ने पश्चिम बंगाल की सियासत से वामपंथ को उखाड़ फेंका था और राज्य की सत्ता में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को मौका मिला। ममता ने नंदीग्राम से रैली को संबोधित करते हुए कहा, मैंने हमेशा विधानसभा चुनाव के लिए अपना अभियान नंदीग्राम से शुरू किया है। ये मेरे लिए भाग्यशाली जगह है। मुझे लगता है कि यहां से मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए। मैं राज्य के पार्टी अध्यक्ष सुब्रत बख्शी से अनुरोध करूंगी कि वो इस सीट से मेरा नाम मंजूर करें। साथ हीं ममता ने ये भी कहा कि वो अपने परंपरागत सीट भवानीपुर से भी चुनाव लड़ेंगी। 

 

 

03-01-2021
ओवैसी पहुंचे बंगाल, फुरफरा शरीफ में मांगी दुआएं, ममता की बढ़ी चिंता  

कोलकाता। हाल में असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल से आए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की थी और चुनाव पर तैयारियों पर चर्चा की थी। बिहार चुनाव के नतीजों के बाद ही ओवैसी ने ऐलान कर दिया था कि उनका अगला लक्ष्य पश्चिम बंगाल है। अब एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी की नजरें अब बंगाल विधानसभा चुनाव पर हैं और ओवैसी रविवार की सुबह बंगाल पहुंच भी गए हैं। कोलकाता पहुंचने के साथ ही वह सीधे हुगली में फुरफुरा शरीफ में पीर की दरगाह पर पहुंच गए। वहां दुआएं मांगीं और वहां अब्बास सिद्दिकी के साथ मुलाकात की। अब्बास सिद्दिकी भी बंगाल में चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं। उनका मुस्लिम समाज में काफी प्रभाव माना जाता है। ओवैसी के बंगाल आने से ममता बनर्जी की चिंता बढ़ी है। ममता की पार्टी को बड़ी संख्या में वोट मिलते हैं। इस के बाद कांग्रेस का नंबर आता है। बिहार में मुस्लिम मतदाताओं के बीच एआईएमआईएम का उभार ममता बनर्जी के चिंता का सबब है। बंगाल में तीन जिले ऐसे हैं, जहां मुस्लिम वोटर 50 फीसदी से भी अधिक है, जबकि कई जिलों में 25 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी है।

19-06-2019
ममता के बाद केजरीवाल ने पीएम मोदी की बैठक में नहीं जाने का लिया निर्णय 

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बुलाई गई सभी दलों के प्रमुखों की बैठक में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, आम आदमी पार्टी की ओर से राघव चढ्ढा इस बैठक में शामिल होंगे। इससे पहले ममता बनर्जी ने इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी को मंगलवार को पत्र लिखकर सरकार को सलाह दी थी कि वह एक राष्ट्र, एक चुनाव पर जल्दबाजी में फैसला करने के बजाए इस पर एक श्वेत पत्र तैयार करें।

बनर्जी ने पत्र में लिखा कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव के मामले पर विशेषज्ञों से विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, '' 'एक राष्ट्र, एक चुनाव जैसे संवेदनशील एवं गंभीर विषय पर इतने कम समय में जवाब देने से इस विषय के साथ न्याय नहीं होगा। इस विषय को संवैधानिक विशेषज्ञों, चुनावी विशेषज्ञों और पार्टी सदस्यों के साथ विचार-विमर्श की आवश्यकता है।

पीएम मोदी ने उन सभी दलों के प्रमुखों को 19 जून को बैठक के लिए आमंत्रित किया है जिनका लोकसभा या राज्यसभा में कम से कम एक सदस्य है। इस बैठक में एक राष्ट्र, एक चुनाव के विचार, 2022 में आजादी के 75वें वर्ष के जश्न, महात्मा गांधी के इस साल 150वें जयंती वर्ष को मनाने समेत कई मामलों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 20 जून को सभी सांसद रात्रिभोज के समय बैठक करेंगे।

तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में 22 सदस्य हैं। यह संसद के निचले सदन में वाईएसआर कांग्रेस के साथ चौथी सबसे बड़ी पार्टी है। वाईएसआर कांग्रेस के भी लोकसभा में 22 सदस्य हैं। सत्तारूढ भाजपा के लोकसभा में सर्वाधिक 303 सांसद हैं। इसके बाद कांग्रेस (52) और द्रमुक (23) आते हैं।

 

20-04-2019
हार के डर से मोदी का चेहरा पीला पड़ गया है : ममता 

पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव हारने के डर ‘हारातांक' से पीड़ित हैं और साम्प्रदायिकता के आधार पर लोगों को बांटकर राज्य में जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।ममता ने कृष्णानगर लोकसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार मोहुआ मोइत्रा के समर्थन में यहां एक रैली में कहा कि वह (मोदी) जानते हैं कि वह चुनाव हार जाएंगे। यही वजह है कि उनका चेहरा पीला पड़ गया है। वह अब ‘हारातांक’ से पीड़ित हैं और उत्तर प्रदेश, राजस्थान, नयी दिल्ली, पंजाब, आंध्र प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और अन्य राज्यों में हार के बारे में सोचकर हर रोज बकवास कर रहे हैं। 
उन्होंने कहा कि भाजपा अगर त्रिपुरा में जीत भी जाती है तो मुझे बुरा नहीं लगेगा, क्योंकि वहां उन्हें 543 सीटें नहीं मिलेंगी। यही वजह है कि मोदी लोगों को हिन्दू-मुस्लिम के आधार पर बांट कर वोट हासिल करने के लिये बंगाल के आसपास घूम रहे हैं। भाजपा के उस बयान पर कि उन्होंने बंगाल के लिये कुछ नहीं किया। बनर्जी ने कहा अगर ऐसा है तो लोग मुझसे जवाब मांगेंगे। ममता ने देश बचाने के लिये लोगों से भाजपा को वोट नहीं देने का आग्रह किया। ममता बनर्जी ने कहा कि अगर आप देश को बचाना चाहते हैं तो भाजपा को वोट न दें। क्या आप नोटबंदी के दौरान हुई पीड़ा को भूल गए हैं? करोड़ों लोग पीड़ित हुए थे। अब जब चुनाव आ गए हैं तो क्या आप उन्हें (मोदी को) जवाब नहीं देंगे?  उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ मतदान करके उन्हें (भाजपा) को नोटबंदी के लिये जोरदार तमाचा मारें।

29-03-2019
ममता ने बंगाल की संस्कृति-सभ्यता तबाह की: शाह

अलीपुरद्वार (पश्चिम बंगाल)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उनकी सरकार ने बंगाल की संस्कृति और सभ्यता को तबाह करने का काम किया है और अब समय आ गया है राज्य की जनता उन्हें उखाड़ फेंके। सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव का प्रचार करने आये श्री शाह ने गुरुवार को यहां परेड ग्राउंड में आम सभा को संबोधित करते हुए कहा, “आज मैं आप सबसे 2019 के चुनाव के लिए आशीर्वाद मांगने आया हूं। यह 2019 का चुनाव देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह चुनाव तय करने वाला है कि देश किस दिशा में जायेगा। इसके साथ ही बंगाल के लिए यह चुनाव अपने अस्तित्व को बचाने का चुनाव है।” तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया है। श्री शाह ने कहा कि बंगाल में सुश्री बनर्जी ने जिस तरह से सरकार चलाई है, उसने राज्य की संस्कृति और सभ्यता को तबाह करने का काम किया है। लोकसभा के चुनाव में तृणमूल की हार निश्चित है। उन्होंने कहा, “ ममता दीदी आपका समय अब खत्म हो चुका है। बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान किसी को पूजा करने से कोई रोकने वाला नहीं होगा।” भाजपा अध्यक्ष ने तेज.तर्रार भाषण में तृणमूल प्रमुख पर जमकर हमले करते हुए कहा कि पार्टी ने राज्य में लोकतंत्र, राज्य की अस्मिता और संस्कृति को खत्म करने का काम किया है। अब तृणमूल को जमीन से उखाड़ फेंकने का मौका आ गया है। उन्होंने कहा कि टाेल टैक्स प्रथा से राज्य की जनता त्राहिमाम कर रही है। विधवा पेंशन चाहिए हो या किसान क्रेटिड कार्ड अथवा धान

 

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