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06-10-2019
फारूक अब्दुल्ला से मिला 15 सदस्यीय शिष्टमंडल, नजरबंदी के बाद पहली मुलाकात

नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पूर्व मुख्यमंत्री पिता-पुत्र (फारूक और उमर) नजरबंद हैं। पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से मिलने नेशनल कॉन्फ्रेंस का 15 सदस्यीय शिष्टमंडल रविवार को श्रीनगर पहुंचा। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शनिवार को इसकी इजाजत दे दी थी। बताया जा रहा है कि शिष्टमंडल उमर अब्दुल्ला से भी मुलाकात करेगा। पार्टी नेताओं का 15 सदस्यीय शिष्टमंडल जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में फारूक और उमर से मिलने के लिए श्रीनगर पहुंचा है। 81 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर स्थित अपने आवास पर नजरबंद हैं, जबकि उमर अब्दुल्ला को स्टेट गेस्ट हाउस में हिरासत में रखा गया है।

'कई पूर्व विधायक शामिल है शिष्टमंडल में'

इससे पहले पार्टी प्रवक्ता मदन मंटू ने बताया था, 'शिष्टमंडल में पार्टी के कई पूर्व विधायक हैं। शिष्टमंडल राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिला था और उनसे पार्टी के दोनों वरिष्ठ नेताओं से मिलने की अनुमति मांगी थी, राज्यपाल ने अनुमति दे दी थी।'

एनसी नेताओं की गतिविधियों से पाबंदियां हटीं

मंटू ने बताया था कि पार्टी के जम्मू संभाग के जिला अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ नेताओं की आकस्मिक बैठक में फारूक और उमर अब्दुल्ला से मिलने का फैसला लिया गया था। बता दें कि जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं की गतिविधियों पर से पाबंदियां हटा दी गई हैं।

इस कारण यह मुलाकात है अहम

दरअसल, जम्‍मू-कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 और 35A को हटाए जाने के बाद पहली बार स्थानीय निकायों के चुनाव होने जा रहे हैं। उधर, दोनों ही पार्टियों के आला नेता, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती नजरबंद हैं। चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। ऐसे में माना जा रहा है कि चुनाव को लेकर भी एनसी का प्रतिनिधि दल फारूक अब्दुल्ला और उमर से मिलकर चर्चा करेगा। ऐसा इसलिए भी है कि चुनाव में नैशनल कॉन्फ्रेंस की भागीदारी को लेकर अभी असमंजस की स्थिति है। पिछले दिनों ही खबर आई थी कि एनसी और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के स्थानीय प्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का समर्थन करने का मन बना रहे हैं।

16-09-2019
अनुच्छेद 370 हटाने और पाबंदियों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई आज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने, राष्ट्रपति शासन की वैधता और राज्य में लागू पाबंदियों को चुनौती देने वाली दायर याचिकाओं पर सुनवाई होगी। इनमें से एक जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद की याचिका भी है, जिसमें उन्होंने कश्मीर में अपने परिजनों से मिलने के लिए दौरा करने की इजाजत मांगी है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ इन याचिकाओं का निपटारा करेगी। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से आजाद दो बार कश्मीर का दौरा करने की कोशिश कर चुके थे, मगर उन्हें एयरपोर्ट से ही लौटा दिया गया था।

इन याचिकाओं में एक सज्जाद लोन की पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस की भी है, जिसमें उन्होेंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने को चुनौती दी है। बाल अधिकार कार्यकर्ता एनाक्षी गांगुली और प्रोफेसर शांता सिन्हा ने भी बच्चों को नजरबंद करने को लेकर एक याचिका दी है। राज्यसभा सांसद और एमडीएमके संस्थापक वाइको की याचिका भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है, जिसमें उन्होंने इस मामले में केंद्र को दिशानिर्देश देने की मांग की है और यह भी कहा है कि नजरबंदी में रह रहे जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए और उन्हें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक सालाना सम्मेलन में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाए। इनके अलावा माकपा नेता सीताराम येचुरी और कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन की भी याचिकाएं हैं।

06-08-2019
फारूक अब्दुल्ला बोले- हम ग्रेनेडबाज या पत्थरबाज नहीं, 370 को लेकर कोर्ट जाएंगे

श्रीनगर। अनुच्छेद-370 को हटाए जाने के फैसले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला मंगलवार को भड़क उठे। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 पर मोदी सरकार के फैसले के खिलाफ हम कोर्ट जाएंगे. हम पत्थरबाज या ग्रेनेड फेंकने वाले नहीं हैं। ये हमारी हत्या करना चाहते हैं. हम शांति में विश्वास रखते हैं और हम शांति से अपनी लड़ाई लड़ेंगे। फारूक अब्दुल्ला अपने आवास से पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि मैं अपनी मर्जी से घर में क्यों रहूंगा, जबकि मेरा राज्य जल रहा है. लोगों को जेल में डाला जा रहा है। यह वह भारत नहीं है, जिसमें मैं विश्वास करता हूं।

फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा कि मेरा बेटा उमर अब्दुल्ला बहुत पीड़ा में है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी हमला बोला। अब्दुल्ला ने कहा, मुझे बहुत दुख होता है जब गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं कि फारूक अब्दुल्ला हिरासत में नहीं हैं और वह अपनी मर्जी से अपने घर में हैं। यह सच नहीं है। अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाले आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35ए भारत सरकार की ओर से गारंटी थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे अपने घर में कैद कर दिया गया है। 70 साल से हम लड़ाई लड़ रहे हैं और आज हमें दोषी ठहरा दिया गया।

29-07-2019
धारा 35ए और 370 हमारी नींव, इन्हें नहीं हटाना चाहिए : फारूक अब्दुल्ला

नई दिल्ली। नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने संसद के बाहर कहा कि धारा 35 ए और 370 को हटाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि  यह हमारी नींव बनाता है। इसे हटाने की कोई जरूरत नहीं है। हम हिंदुस्तानी हैं लेकिन यह धारा हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। इससे एक दिन पहले सेंट्रल कश्मीर के गंदरबेल जिले में पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने घाटी में भेजे गए 10,000 अतिरिक्त सुरक्षाबलों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होने कहा था कि राज्य में एक लाख सुरक्षाबलों को भेजकर डर का माहौल बनाया जा रहा है। नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा था कि राज्य में तुरंत विधानसभा चुनाव होने चाहिए।

अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य में इस समय शांति का माहौल है। सुरक्षाबलों को यहां भेजने से शक पैदा हो गया है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि आवाम के बीच डर क्यों पैदा किया जा रहा है। यदि यह लोग धारा 35ए हटाते हैं तो उन्हें संविधान की हर धारा को हटाना पड़ेगा। उन्हें 1947 के दौर में वापस जाना होगा। राजनीतिक दल राज्य में भय का माहौल पैदा कर रहे हैं। बता दें कि अब्दुल्ला से पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि धारा 35ए के साथ छेड़छाड़ करना बारूद को हाथ लगाने के बराबर होगा।

16-04-2019
अब्दुल्ला परिवार देश को तोड़ृृना चाहता, तो भारत नहीं होता: फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अगर वह और उनका परिवार देश को तोडना चाहता तो आज भारत होता ही नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दरअसल रविवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला और मुफ़्ती परिवार पर देश को तोड़ने तथा जम्मू-कश्मीर की तीन पीढ़ियों को बर्बाद करने आरोप लगाया था जिसका जवाब देते हुए अब्दुला ने कहा, देश को तोड़ने का प्रयास मोदी कर रहे है न की हम। यह देश कभी नहीं टूटेगा। श्रीनगर लोकसभा सीट से उम्मीदवार श्री अब्दुल्ला ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, नेशनल कॉन्फ्रेंस सबके अधिकार के लिए लड़ती है चाहे उनका धर्म कोइ भी हो। हम आगे भी लड़ेगें। यदि मोदी देश को तोड़ने का प्रयास करते है तो भी वह सफल नहीं हो सकते। मैं यहां से उन्हें कहना चाहता हूं कि आप देश को तोड़ने की कोशिश करेंगे लेकिन यह देश नहीं टूटेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, मोदी ने अब्दुल्ला परिवार पर देश को तोड़ने का आरोप लगाया लेकिन अगर हम देश को तोडना चाहते तो आज भारत होता ही नहीं। अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला करते हुए कहा कि हमें भाजपा से देशभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की जरुरत नहीं है।

20-03-2019
जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस-एनसी में हुआ गठबंधन, श्रीनगर से चुनाव लड़ेंगे फारूक अब्दुल्ला

 

नई दिल्ली। हाल में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और राष्ट्रीय कांग्रेस में बुधवार को गठबंधन हो गया है। वहीं खबरें यह भी आ रही है कि श्रीनगर से फारुख अब्दुल्ला चुनाव लड़ सकते हैं। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजनीतिक दलों ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं।

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