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20-07-2021
कैट ने दलहन पर स्टॉक लिमिट में वृद्धि के लिए पीयूष गोयल का आभार व्यक्त किया

दुर्ग। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन बड़जात्या, मीड़िया प्रभारी संजय चौंबे, एमएसएमई प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी, दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष प्रहलाद रुंगटा,रवि केवलतानी,अमर कोटवानी, आशीष निमजे, सुशील बाकलीवाल, सुधीर खंडेलवाल, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) हमारे केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल को तत्काल कार्रवाई करने और दालों की स्टॉक सीमा को 200 मिलियन टन से 500 मिलियन टन तक बढ़ाने के लिए आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। कैट के पदाधिकारियों ने  कहा कि उनका ये त्वरित निर्णय देश के लाखों दाल विक्रेताओं को होने वाली दिक्कतों से बचा लिया है। कैट के प्रदेश मीडिया प्रभारी संजय चौबे ने बताया कि कैट ने गोयल से एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में अनुरोध किया था कि देश के दाल व्यापारियों को उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की 2 जुलाई की अधिसूचना  के बाद काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसके तहत दालों की स्टॉक सीमा को थोक विक्रताओं के लिए 200 मिलियन टन कर दिया गया था और खुदरा विक्रेताओं के लिए 5 टन । संजय चौबे ने बताया की पारवानी एवं दोशी ने कल ही आयोजित वीडियो कांफ्रेंस में कैट ने इस मामले को गोयल के समक्ष रखा था और इस अधिसूचना को वापस लेने का अनुरोध किया था और कुछ ही घंटों में गोयल ने यह त्वरित निर्णय लिया है। इससे लाखों दाल व्यापारियों को राहत मिलेगी। देश भर के दाल व्यापारी संघ पीयूष गोयल के साथ पूरी तरह से खड़े हैं और आशा करते हैं कि गोयल दाल उद्योग के जुड़ी अन्य मुद्दों पर भी जल्द संज्ञान लेंगे ।

 

07-07-2021
चैंबर और कैट ने रमेश बैस को झारखंड के राज्यपाल नियुक्त होने पर मुलाकात कर दी शुभकामनाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और कैट पदाधिकारियों ने रमेश बैस को झारखंड राज्य का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर शुभकामनाएं दी। प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा, कैट के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव ने बताया कि चैंबर पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को छत्तीसगढ़ के गौरव रमेश बैस को झारखंड राज्य का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर उनके निज निवास में मुलाकात कर पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर चैंबर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कैट छत्तीसगढ़ चेप्टर के अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, चैंबर उपाध्यक्ष हीरानंद माखीजा, नरेंद्र हरचंदानी, चैंबर मंत्री राजेन्द्र खटवानी, वरिष्ठ सदस्य वली मोहम्मद (कांकेर) प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

 

07-07-2021
चैंबर और कैट ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलने अरुण वोरा की दी शुभकामनाएं

दुर्ग। चैंबर और कैट ने इंदिरा मार्केट में पार्किंग की समस्या को लेकर अरुण वोरा से की चर्चा की। चैंबर आफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी एवं कैट के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी के भेजे गए बधाई सन्देश को लेकर दुर्ग के वेयर हाउसिंग के चेयरमैन अरुण वोरा को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलने पर प्रदेश उपाध्यक्ष पवन बड़जात्या, प्रदेश मीडिया प्रभारी संजय चौबे, प्रदेश एमएसएमई प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी, दुर्ग इकाई अध्यछ प्रहलाद रुंगटा, दर्शनलाल ठाकवानी ने बधाई  दी। अरुण वोरा को चैंबर एवं कैट के प्रतिनिधियों ने शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मान किया।

 

14-06-2021
चैंबर ऑफ कॉमर्स व कैट ने चलाया अभियान, सभी दुकानों में लगाया स्टीकर

राजनांदगांव। चैंबर ऑफ कॉमर्स व कैट ने कोरोना की रोकथाम के लिए सभी दुकानों में स्टीकर लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ की। सभी दुकानों में अनिवार्य रूप से मास्क नही तो सामान नही स्टीकर लगाया गया। दुकानदारों से आग्रह किया गया कि वे इसका अक्षरशः पालन भी करें। आयोजन में महापौर हेमा देशमुख,आयुक्त डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी, एसडीएम मुकेश रावटे, तहसीलदार मोर, चैम्बर सदस्य उपस्थित हुए। महापौर देशमुख ने आम नागरिकों से अपील की कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें तथा कभी यह न सोचें कि कोरोना खत्म हो गया है। अगर तीसरी लहर आती भी है तो हमेंउसका सामना करने के लिए अभी से तैयार रहना है। 

 

05-06-2021
कैट ने की ऑक्सी भारत अभियान की शुरुआत, 'सांसे हो रही हैं कम-आओ वृक्ष लगाएं हम' का दिया नारा

रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 'सांसे हो रही हैं कम-आओ वृक्ष लगाएं हम' के स्लोगन के साथ ऑक्सी भारत अभियान की शुरुआत की है। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मंगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल और मीडिया प्रभारी संजय चैबे ने बताया कि ‘साँसे हो रही हैं कम-आओ वृक्ष लगाएं हम’ के स्लोगन के साथ देश में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए कनफेडेरशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने विश्व पर्यावरण दिवस को देश भर में बड़े पैमाने पर मनाते हुए आज से देश भर के व्यापारियों को साथ लेते हुए एक बहुआयामी ऑक्सी भारत राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। इसमें 31 मई 2022 तक देश भर में 1 करोड़ वृक्ष लगाए जाने का संकल्प लिया गया है। वहीं इस एक वर्ष की अवधि के दौरान देश भर में 2 करोड़ व्यापारियों, उनके कर्मचारियों और ग्राहकों से एक संकल्प पत्र भरवाया जाएगा,जिसमें पर्यावरण की रक्षा और वर्ष भर में वृक्षारोपण अभियान को लगातार चलाने का संकल्प लिया जाएगा। इसी कड़ी में कैट सीजी चैप्टर ने कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ चैंबर ऑफ काॅमर्स के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी के द्वारा आज कैट सीजी चैप्टर के प्रदेश कार्यालय में पौधरोपण करके एक व्यापारी एक पेड़ अभियान की शुरूवात की गई और विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। कैट सीजी चैप्टर ने रायपुर, बिलासपुर, अम्बिकापुर, रायगढ़, कोरिया, दुर्ग, भाटापारा, राजनांदगांव, धमतरी, कांकेर, कवर्धा, तिल्दा, कोरबा, महासमुंद सहित प्रदेश सभी इकाइयों में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। एक व्यापारी एक पेड़ अभियान की शुरूआत अपने-अपने इकाइयों में किया। कैट सीजी चैप्टर ने मोहन वल्र्यानी को एक व्यापारी एक पेड़ अभियान का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है।

27-05-2021
मीटिंग से पहले कैट ने प्रावधानों के पालन के लिए मांगा समय, वित्तीय पैकेज की मांग की

रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने जीएसटी कॉउंसिल की मीटिंग से पहले जीएसटी प्रावधानों के पालन के लिए समय मांगा है। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमैन अमर गिदवानी, मंगेलाल मालू, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वासु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल और मीडिया प्रभारी संजय चौबे ने बताया कि शुक्रवार होने वाली बहुप्रतीक्षित जीएसटी कॉउंसिल की बैठक से पूर्व आज कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सभी राज्यों के वित्तमंत्रियों को एक पत्र भेजकर उनसे विभिन्न जीएसटीआर रिटर्न दाखिल करने की तारीख को 31 अगस्त तक आगे बढ़ाने करते हुए यह भी मांग की है की जीएसटी अधिनियम और नियमों के तहत लगने वाले विलंब शुल्क और ब्याज को इस अवधि के लिए समाप्त किया जाए। कैट ने यह भी आग्रह किया है कि कोविड महामारी और ब्लैक फंगस के इलाज के लिए आवश्यक सभी चिकित्सा और शल्य चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी की दर को भी काफी कम किया जाए।

कैट ने व्यापारियों के लिए वित्तीय पैकेज और बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण पर छह महीने की मोहलत की भी मांग की है। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने मंत्री सीतारमण को भेजे पत्र में कहा कि वर्तमान कोरोना वायरस महामारी जिसने पूरे देश में व्यवसायिक गतिविधियों को अत्यधिक बाधित कर दिया है, देश के घरेलू व्यापार को काफी हद तक तबाह कर दिया है। ऐसे समय में जब व्यापारी पिछले वर्ष के लॉकडाउन के कारण कठिनाइयों में आए व्यापार को संकट से उबार ही रहे थे कि ऐसे में कोरोना की दूसरी लहर के कारण एक बार फिर व्यापारियों को लॉकडाउन का सामना करना पड़ा है। इसके कारण व्यापारियों को लॉकडाउन खुलने के बाद एक बड़े वित्तीय संकट का सामना करना पड़ेगा। पारवानी ने कहा कि कैट ने मंत्री सीतारमण को 22 मई 2021 को भेजे एक विस्तृत ज्ञापन में जीएसटी से सम्बंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर उनका ध्यान आकृष्ट करते हुए व्यापारियों से बातचीत कर जटिल जीएसटी कर प्रणाली को आसान बनाने का आग्रह किया था। लेकिन कल जीएसटी कॉउंसिल की होने वाली बैठक के मद्देनजर कैट ने कुछ बेहद जरूरी विषय उठाएं हैं,जिन पर कॉउन्सिल हो निर्णय कर फिलहाल व्यापारियों पर से कर प्रावधानों की पालना को टाला जाना जरूरी है। उन्होंने कहा की रिटर्न दाखिल करने के लिए विलंब शुल्क देर से कर जमा करने पर ब्याज आदि को माफ किया जाना चाहिए। जीएसटी रिटर्न के स्थान पर चालान को कर के भुगतान का आधार बनाया जाना चाहिए। पारवानी ने यह भी कहा कि इस समय किसी भी व्यापारी का पंजीकरण तब तक रद्द न किया जाए जब तक कि ऐसा करने के लिए आवश्यक कारण न हों। इससे व्यापार पूरी तरह से पटरी से उतर जाएगा। एक वर्ष में 20 करोड़ से कम टर्नओवर वाले सभी व्यापारियों के लिए, 17-18 और 18-19 के वर्षों के लिए कोई सर्वेक्षण या ऑडिट या विशेष मूल्यांकन का आदेश नहीं दिया जाना चाहिए।

वर्तमान में व्यापारी इसे वहन नहीं कर सकते। जहां तक संभव हो, अधिकारियों को व्यापारियों को गिरफ्तार करने या उनके बैंक खाते संलग्न करने या उन्हें बयान के लिए बुलाने से पहले बहुत सतर्क रहने का निर्देश दिया जाना चाहिए। व्यापार में दहशत का माहौल है और ये कार्रवाइयां आगे संकट पैदा करेंगी जब तक कि ऐसा करने के लिए बहुत जरूरी कारण और औचित्य न हों। पारवानी ने आगे मांग की है कि देश के सभी प्राधिकरणों को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे तकनीकी आधार पर वाहनों को न रोकें या ई-वे बिल में मामूली त्रुटियां होने के कारण कोई वहां जब्त न किया जाए। ये निर्देश कम से कम दिसंबर 2021 तक लागू रहने चाहिए। निर्यात संबंधी रिफंड के लिए राज्य जीएसटी स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे यह सुनिश्चित करें कि वित्तीय संकट से उबरने के लिए रिफंड तुरंत जारी किया जाए और आईजीएसटी रिफंड को भी तुरंत जारी किया जाए। वैसे भी ऑडिट करते वक्त यदि कोई त्रुटि सामने आती है तो उसके अनुरूप उस समय कार्रवाई की जा सकती है । इस समय व्यापार को बचाने और पटरी पर लाने की जरूरत है। व्यापारियों के लिए वित्तीय पैकेज की आवश्यकता पर बल देते हुए पारवानी ने कहा कि हालांकि इस मुद्दे का जीएसटी से कोई संबंध नहीं है, लेकिन इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि सभी राज्यों के वित्त मंत्री जीएसटी परिषद के सदस्य हैं और चूंकि यह केंद्र और राज्य सरकार दोनों का एकमात्र संयुक्त मंच है और व्यापारियों का भला करना केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की संयुक्त जिम्मेदारी है। इस दृष्टि से दोनों सरकारें मिलकर व्यापारियों को वित्तीय सहायता देने का प्रारूप तैयार कर उसकी घोषणा करें। ऐसे पैकेज की तत्काल आवश्यकता हैं क्योंकि व्यापारियों की दुकानें और बाजार पिछले एक महीने से अधिक समय से बंद हैं और पैसे की कोई आमद नहीं है। जबकि परिवार और स्थापना खर्चों जैसे कर्मचारियों के वेतन, बिजली बिल, पानी के बिल, संपत्ति कर और विभिन्न अन्य आकस्मिक खर्चों को पूरा करने के लिए पैसे का खर्च होना जारी है। कैट ने वित्तमंत्री सीतारमन से अनुरोध किया है वो जीएसटी कॉउंसिल के अन्य सदस्यों के साथ बातचीत कर व्यापारियों को उनके अपने व्यवसाय को दोबारा ठीक तरह से चलाने के लिए एक व्यापक वित्तीय पैकेज प्रदान करने की घोषणा करें।

25-05-2021
राइट-लेफ्ट फार्मूला से 11 बाजारों को किया मुक्त, कैट ने माना सीएम का आभार

रायपुर। राजधानी में राज्य सरकार ने ऑड-इवन फॉर्मूले को बंद करते हुए 11 बाजारों को शाम 5 बजे तक पूर्ण रूप से खुला रहने का आदेश दे दिया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) सीजी चैप्टर ने इस उठाए गए कदम के लिए सीएम बघेल का आभार व्यक्त किया है। कैट के चेयरमैन अमर गिदवानी, मंगेलाल मालू, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वासु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह और कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा व्यापारी समुदाय को बड़ी राहत दी गई है। इसी कड़ी में आज टीम कैट टीम ने खाद्य मंत्री अमरजीत भगत से भेंट की और शासन के द्वारा कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करने की दिशा में उठाए गए शासन के कदम की प्रशंसा की और आगे भी शासन-प्रशासन को व्यापारी वर्ग की तरफ से हरसंभव सहयोग करने का टीम कैट सीजी चैप्टर ने मंत्री को आश्वासन दिया। दोशी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा 11 बाजारों/काम्पलेक्स को सम-विषम (ऑड-ईवन) या लेफ्ट-राइट नियम से मुक्त किए जाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत और जिला प्रशासन को कैट सीजी चैप्टर की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करती है। मंत्री अमरजीत से मुलाकात के दौरान कैट सीजी चैप्टर के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनमें अमर गिदवानी, जितेन्द्र दोशी, वासु मखीजा, सुरिन्द्रर सिंह, अजय अग्रवाल शामिल थे।

25-05-2021
जीएसटी में सरलीकरण और विसंगतियों को दूर करने कैट ने वित्तमंत्री सीतारमण को दिए सुझाव

रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने जीएसटी काउंसिल की आगामी 28 मई को होने जा रही 43वीं बैठक में सरलीकरण और विसंगतियों को दूर करने वित्तमंत्री सीतारमण को सुझाव दिए है। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमैन अमर गिदवानी, मंगेलाल मालू, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी,कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव,परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह और कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल बताया कि कैट सीजी चेप्टर ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को जीएसटी काउंसिल की आगामी 28 मई 2021 को होने जा रहे 43वीं बैठक के लिए जीएसटी के सरलीकरण और विसंगतियों को दूर करने सुझाव दिए है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने वित्तमंत्री सीतारमण को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि विगत दिनों कैट सीजी चैप्टर और व्यापारिक संगठनों की एक मिटिंग हुई थी। इसमें जीएसटी सरलीकरण और विसंगतियों को दूर करने के लिए औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा सुझाव दिए गए थे। प्राप्त सुझावों का बिन्दुवार विश्लेषण करते हुए पत्र में इन सुझावों को बैठक में रखे जाने के लिए वित्तमंत्री से अनुशंसा किए जाने का आग्रह किया गया है।

कैट सीजी चैप्टर ने अपने सुझाव दिए जो निम्नानुसार है
ऽ इनपुट क्रेडिट का 105 प्रतिशत सम्बधित प्रावधान।
ऽ नियम 21 जीएसटी पंजीकरण का निलंबन,निरस्तीकरण
ऽ ई-वे बिल की वैधता अवधि में 50 प्रतिशत की कटौती
ऽ ई-इनवॉइसिंग के 1 अप्रेल 2021 से रुपए 50 करोड़ तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों पर लागू किए गए प्रावधान वापस लेने बाबत ।
ऽ छूटे हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और वार्षिक विवरण पत्र में संशोधन किए जाने के लिए अवसर प्रदान करने बाबत् ।
ऽ जीएसटी वार्षिक विवरण के सम्बंध में सुझाव।
ऽ जीएसटी प्रणाली में ब्याज की गणना के प्रावधान को बदलने बाबत।
ऽ ब्याज, पेनाल्टी और विलंब शुल्क से छुट प्रदान करने के लिए।
ऽ माल के परिवहन और ई-वे बिल सम्बंधित समस्याएं।
ऽ जीएसटी का रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने बाबत ।
ऽ स्पॉट ऑडिट संबधित प्रावधान ।
ऽ रिटर्न सम्बंधित अन्य समस्याए ।
ऽ जीएसटी के प्रावधानों में सुधार के लिए अन्य सुझाव ।
ऽ व्यवसाय को राहत देने सुझाव ।
ऽ जीएसटी की दर में कमी करने के लिए सुझाव ।
ऽ एक व्यवसाय एक कर।
अमर पारवानी ने वित्तमंत्री से कहा की वर्तमान में व्यापारी वर्ग जीएसटी की दरों से जितना परेशान नहीं है उससे अधिक परेशान जीएसटी में परिवर्तन की दरों (जीएसटी के प्रावधानों में निरंतर हो रहे संशोधनों) से है । अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि जीएसटी के प्रावधानों में संशोधन कम हो और संशोधन वित्तीय वर्ष के प्रारंभ से ही लागू हो। पारवानी ने वित्तमंत्री से निवेदन किया कि व्यापार और उद्योग के हित में और जीएसटी के सरलीकरण के दिशा में उपरोक्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए कानून बनाया जाना न्यायोचित होगा।

 

24-05-2021
चैंबर और कैट ने कहा, स्ट्रीट वेंडर्स,फ़ास्ट फ़ूड वालों को भी दुकान खोलने मिले अनुमति

भिलाई। छतीसगढ़ चैंबर आफ कॉमर्स के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन के नेतृत्व में चेैंबर एवं कैट तथा सेन समाज के प्रतिनिधि, स्ट्रीट वेंडर, रेहड़ी लगाने वालों का दल दुर्ग जिलाधीश से मिला। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश सांखला, कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन बड़जात्या, प्रदेश एम्एसएम्इ प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी, प्रदेश मीडिया प्रभारी संजय चौबे, दुर्ग इकाई अध्यक्ष प्रहलाद रुंगटा शामिल थे। सांखला एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी संजय चौबे ने जिलाधीश से आग्रह करते हुए कहा की इस कोरोना महामारी में स्ट्रीट वेंडर, फ़ास्ट फ़ूड, गुपचुप, चाट, भेल, खारीगरम,पापकार्न,समोसा,जलेबी, चाय, इटली, डोसा,पान-ठेला, गुमटी (रेहड़ी वाले) जो सड़क के किनारे अपनी दुकान लगाकर अपना जीवन यापन करते है। मार्किग कर दुकान खोलने की अनुमति दी जाए। साथ ही सैलून वालों को भी दुकान खोलने की अनुमति प्रदान की जाए।

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