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27-10-2020
विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र में संसदीय सचिवों के अधिकारों का मुद्दा गूंजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र में संसदीय सचिवों के अधिकारों का मुद्दा गूंजा। विपक्षी दल के विधायक अजय चंद्राकर ने मामला उठाते हुए सवाल किया कि संसदीय सचिव अपना दौरा कार्यक्रम जारी कर रहे हैं। इसके बाद विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा सदन जानना चाहते हैं कि संसदीय सचिव का स्टेटस है क्या? हम चाहते हैं सदस्यों को उनका अधिकार मिले। वहीं जोगी कांग्रेस विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि बिहार दौरे के लिए संसदीय सचिव ने दौरा कार्यक्रम जारी किया है। अब लोग पूछ रहे हैं कि ये फर्जी तो नहीं है? लोग खुद ही बेइज्जती कर रहे हैं।

विपक्षी दलो के सवालों के जवाब में मंत्री मोहम्म्द अकबर ने कहा कि पूरी जानकारी विपक्ष मांग रहा है तो इस मामले में यथासंभव जानकारी दी जाएगी। इस बयान पर विपक्ष के सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशों के बाद भी शासन ने आदेश जारी नहीं किया। यह विशेषाधिकार भंग करने का मामला है।

06-10-2020
किसानों को सब्जबाग दिखाकर सारी सुविधाएं बंद कर रखी है भूपेश सरकार : बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। पूर्व कृषि मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने नकली कीटनाशक दवाओं से फसल नहीं बचा पाने पर किसान दुर्गेश निषाद के आत्महत्या मामले में प्रदेश सरकार पर फिर तीखा हमला बोला है। बृजमोहन ने कहा है कि नकली कीटनाशक दवाओं के प्रदेश में चल रहे गोरखधंधे पर भाजपा के ध्यानाकर्षण के बावजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कृषि मंत्री रवींद्र चौबे आंखों पर पट्टी बांधे, कानों में रुई ठूसे और मुंह में दही जमाए बैठे रहे। आज मृतक किसान के परिजनों के सामने घड़ियाली आंसू बहाकर किसानों का मखौल उड़ा रहे हैं।

पूर्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि किसानों के साथ छलावा, दगाबाजी और वादाखिलाफी करने वाली यह सरकार प्राकृतिक आपदाओं के साथ ही एक राजनीतिक आपदा से कम नहीं है। कर्ज माफी, बोनस भुगतान और पिछले वर्ष के धान की कीमत के भुगतान के नाम पर कपटपूर्ण राजनीति चरित्र ने कांग्रेस को बेनकाब कर दिया है। चालू खरीफ सत्र की शुरुआत से ही किसानों के साथ खुलेआम धोखाधड़ी का जो दौर चला है, वह अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश सरकार और उसकी प्रशासनिक मशीनरी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस सत्र की शुरुआत में किसानों को घटिया बीज दिया गया, जो अंकुरित ही नहीं हुआ। फिर जरूरत के समय किसान रासायनिक खाद की जमाखोरी-कालाबाजारी के कारण दर-दर की ठोकरें खाने विवश हुआ। साथ ही तभी से किसान नकली कीटनाशक दवाओं के नाम पर लूटा जाता रहा।

अग्रवाल ने कहा है कि प्रदेश के सभी इलाकों में नकली कीटनाशक दवा का छिड़काव करने वाले किसान तबाह हो गए हैं। हताश-निराश किसान अब आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं। इस बात पर भी हैरत जताते हुए बृजमोहन ने कहा है कि प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू अब नकली कीटनाशक मामले में जांच कराने की बात कह रहे हैं, लेकिन पिछले खरीफ सत्र की फसल के खाद-बीज और कीटनाशक के नमूनों की जांच रिपोर्ट तक अब तक नहीं आई है। जबकि किसानों ने फसल काटकर बेच भी दी। इससे साफ है कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ अमानवीयता की सारी हदें लांघने पर आमादा है। यह महज एक किसान की आत्महत्या का ही मामला नहीं है, वरन किसान को आत्महत्या के बाध्य करने का आपराधिक मामला है। इसके लिए प्रदेश सरकार न केवल कीटनाशक सप्लाई करने वाली दवा कंपनी पर कारगर कार्रवाई करे, अपितु कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज कर मामले की जांच कराए।

27-08-2020
सदन में अनुपूरक बजट पर चर्चा आज, गूंज सकती है गौठान में गायों के मौत का मामला

रायपुर। विधानसभा की कार्यवाही के तीसरे दिन आज अनुपूरक बजट पर चर्चा की जानी है। बीते दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुपूरक बजट पेश किया। सरकार द्वारा 3807 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किए जाने के बाद अनुपूरक बजट पर आज चर्चा होगी। सदन में आज गौठान में मवेशियों की मौत के मामले में हंगामा हो सकता है। वहीं ध्यानाकर्षण में सूरजपुर शक्कर कारख़ाना और हथकरघा बुनकर समितियों का मुद्दा भी उठेगा। भूपेश बघेल आज शासकीय संकल्प भी प्रस्तुत करेंगे।

इसके पहले हाथियों की मौत पर विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने ध्यानाकर्षण किया, जिसमें उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में 10 हाथियों की मौत हुई, आख़िर सीमित क्षेत्रों में ही हाथियों की मौत क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि मुझे संदेह है यहां अंतरराष्ट्रीय रैकेट सक्रिय है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में हाथियों के अंगों की क़ीमत काफ़ी है। इसमें वन मंत्री मो अक़बर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोई भी अंतरराष्ट्रीय रैकेट सक्रिय नहीं है, हाथियों की मौत विभिन्न वजहों से हुई है। कोरोना पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव भी लाया है जिस पर चर्चा शुरू है।

22-08-2020
Video: उत्सवधर्मिता छोड़ कोरोना के संक्रमण से निपटने युद्ध स्तर पर कार्रवाई करे छत्तीसगढ़ सरकार : बृजमोहन

रायपुर। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। सरकार को लापरवाह बताते हुए कांग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व को भी निशाने पर लिया है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बड़े दुख और दुर्भाग्य की बात है पूरा देश जब कोरोना की लड़ाई लड़ रहा है। ऐसे समय पर छत्तीसगढ़ की सरकार सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रमों में लगी है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंकड़े जारी किए हैं उसमें सबसे कम यदि प्रति 10 लाख टेस्ट हो रहे हैं तो छत्तीसगढ़ में हो रहे हैं। 225 टेस्ट प्रतिदिन प्रति 10 लाख पर हो रहे हैं जबकि यही गोवा जिसकी आबादी हमसे 10 गुना कम है वहां 1800 से अधिक टेस्ट हो रहे हैं। पूरे देश का जो औसत है वह 580 टेस्ट प्रति 10 लाख है उसके आधे से भी कम टेस्ट छत्तीसगढ़ में हो रहे हैं। बृजमोहन ने कहा कि राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के कांग्रेस कार्यालयों का उद्घाटन किया, राहुल गांधी पूरे देश में कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए अन्य राज्य सरकार क्या कर रही है और छत्तीसगढ़ सरकार क्या कर रही है इस पर मीटिंग लें। कोरोना से निपटने में छत्तीसगढ़ सरकार की लापरवाही के लिए राहुल गांधी सरकार को लताड़े इस बात का आग्रह कांग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व से करना चाहुंगा। बृजमोहन ने कहा कि सरकार कह रही है कि हम तेजी से काम करने वाली सरकार हैं। कोरोना संक्रमण के कारण छत्तीसगढ़ में एक भय का वातावरण और लोगों में डर पैदा हो रहा है। लोगों को इलाज नहीं मिल रहा है व्यवस्थाएं अच्छी नहीं है। इस पर तुरंत सरकार को ध्यान देना चाहिए। यह उत्सवधर्मिता को बंद करना चाहिए। सरकार को कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए तुरंत पुरे युद्ध स्तर पर कार्रवाई करनी चाहिए।

26-07-2020
बृजमोहन ने कहा, गायों की मौत नहीं यह गौ हत्या है, गौठान रोका छेका से लेकर गोधन योजना को बताया सुपर फ्लॉप

रायपुर। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लाक में मेडापार गांव में गायों की दम घुटने से हुई दर्दनाक मौत को सीधा सीधा गौ हत्या करार दिया है। बृजमोहन ने कहा कि सरकार के रोका छेका के निर्देश के बाद बिना किसी तैयारी के इनके धरातल पर लाने प्रशासनिक आतंक के चलते रोका छेका के नाम पर गांव गांव में यही हाल है। ये तो एक गांव है हाल सामने आया है,पूरे प्रदेश के गांवों का यही हाल है। जिस गांव में गौठान नहीं है, जहां कांजी हाउस नहीं है, वहां रोका छेका का निर्देश किसका था।  चारे की कहीं व्यवस्था नहीं है पानी की कहीं व्यवस्था नहीं है बरसात में गायों को रखने की व्यवस्था नहीं है वहां पर सैकड़ों गायों को कमरे में ठूंसकर रखा गया। भोजन, पानी, हवा न होने के कारण, गायों की मौत दम घुटने से तड़प तड़प कर हुई है। यह मौत नहीं सीधा सीधा गौ हत्या है।

सरकार स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर एफआरआई कराकर गौ हत्या के इस पाप से बच नहीं सकती।अग्रवाल ने कहा कि सरकार की सभी योजनाएं एक एक कर सुपर फ्लॉप रही है। गोधन न्याय योजना गोधन अन्याय योजना में परिवर्तित हो गई है। सरकार ने रोका छेका के तहत रखने वाले गायों के चारे की व्यवस्था ही नहीं की,गांव में गायों को रोका छेका कर रखने की उचित जगह ही नहीं है, गांव गांव में जो आदर्श गौठान बनाये गए हैं,उसमें ज्यादातर तो कागजों में बने हैं।अग्रवाल ने मांग की है कि सरकार को गौठान से लेकर रोका छेका व गोधन न्याय योजना की एक बार हर स्तर पर समीक्षा होनी चाहिए। जब तक गायों की रखने की व्यवस्था, चारे की समुचित व्यवस्था,पानी की समुचित व्यवस्था न हो इस योजना को तब तक के लिए स्थगित कर देना चाहिए।

 

24-07-2020
बृजमोहन ने कहा- कांग्रेस सरकार, वन विभाग अपनी-अपनी नाकामी को छुपाने के लिए रोज नई-नई कहानी गढ़ रहे है

रायपुर। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के वनमंत्री मो.अकबर के बयान पर पलटवार किया है। बृजमोहन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, सरकार, विभाग अपनी-अपनी नाकामी को छुपाने के लिए रोज नई-नई कहानी गढ़ रहे है। उन्होंने वन मंत्री को इस मुद्दे पर कहा कि अगर सरकार आदिवासियों के बीमा, बोनस, लाभांश, छात्रवृत्ति के मामले में सही है तो मीडिया व जनता के सामने श्वेतपत्र जारी कर दस्तावेज क्यों प्रस्तुत नहीं करती। बृजमोहन ने वन मंत्री से प्रश्न किया कि बीमा की नवीनीकरण की अंतिम तिथि क्या 31 मई 2019 थी। क्या 31 मई 2019 अंतिम तिथि को राज्य सरकार ने बीमा का नवीनीकरण करा लिया था। क्या दो सत्र का आदिवासियों का बोनस व लाभांश का पैसा बैंक में जमा कर ब्याज कमाया जा रहा है। क्या तेंदूपत्ता संग्राहक आदिवासी परिवार को दो सीजन का बोनस 597 करोड़ दे दिया है, नही तो क्यों? क्या आदिवासियों की सहकारी समितियों को लाभांश का 432 करोड़ वितरित कर दिया है, नहीं तो क्यों? क्या तेंदूपत्ता संग्राहक आदिवासियों के बच्चों को 2 सत्र की छात्रवृत्ति दे दी गई है, नहीं तो क्यों? बीमा योजना बंद करने से पहले दूसरी योजना लाई गई थी। बीमा योजना के बंद होने से व दूसरी योजना चालू नहीं कर पाने के कारण इस बीच जो हजारों संग्राहक प्रभावित परिवार हैं उसे कैसे व किस मद से सहायता करेंगे?
बृजमोहन ने कहा कि आखिर इन सब विषयों पर वन मंत्री चुप क्यों हैं? क्यों नहीं इस सब विषयों पर दस्तावेज सामने रखते। सिर्फ बयानबाजी कर अपनी गलतियों पर पर्दा नहीं डाल सकते। अगर सरकार आज ही तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीमा, बोनस, लाभांश छात्रवृत्ति के मामले व पूर्व बीमा व योजना व ये जो श्रम विभाग की योजना की बात कर रहे हैं। उनकी राशि सहित सभी अंतर को बताते हुए तत्काल श्वेत पत्र जनता के सामने जारी करे। दूध का दूध व पानी का पानी प्रदेश की जनता के सामने आ जायेगा। सरकार की लापरवाही से ही बीमा बंद हुआ है। सरकार को तो इस लापरवाही की जांच करवाकर दोषी सभी लोगो को दंडित करना चाहिए, जिन्होंने आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय किया है।

21-07-2020
बृजमोहन का मंत्रियों से सवाल :आदिवासियों को बोनस, लाभांश, छात्रवृत्ति का पैसा क्यों नहीं मिला, इसका जवाब दें?

रायपुर। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाकर पूछा कि प्रदेश सरकार और उनके मंत्रीगण पहले यह जवाब दें कि पिछले 2 साल का तेंदूपत्ता संग्राहको का बोनस 597 करोड़ व लाभांश 432 करोड़ का वितरण क्यों नही किया गया। बृजमोहन ने कहा कि सरकार बताए छात्रवृत्ति क्यों नहीं दी गई। प्रदेश के आदिवासी परिवारों के हक के पैसे जमाकर व उसे आदिवासी, लाभार्थियों को नहीं बांटकर ये सीधे-सीधे उनके हक के पैसे पर अमानत में खयानत की गई है। बृजमोहन अग्रवाल ने मंत्रियों की पत्रकारवार्ता पर कहा कि तीनो मंत्रियों ने प्रदेश की जनता के सामने यह नहीं बताया कि दो सीजन का तेंदूपत्ता का बोनस जो 597 करोड़ है, उसे आदिवासियों बंधुओं को वितरित क्यों नहीं किया गया है? उन्होंने यह क्यों नहीं बताया कि समितियों को लाभांश, आदिवासियों बाहुल्य समितियों को 432 करोड़ क्यों नहीं दिया जा रहा है। तेंदुपत्ता संग्रहक परिवारों के आदिवासियों बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब तक क्यों नहीं दी गई। इन सब पर इन मंत्रियों की चुप्पी अनेक संदेहों को जन्म देती है।

अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ये क्यों नहीं बता रही है कि 1 जून 2019 को बीमा नवीनीकरण के अंतिम तिथि तक नवीनीकरण क्यों नहीं करवा पाए। बजट में पैसे का प्रावधान करने के बाद राज्य सरकार से अपनी अंश राशि जारी क्यों नहीं की। राज्य सरकार ने बीमा का नवीनीकरण की अंतिम तिथि तक नवीनीकरण नहीं करवाया क्योंकि सरकार के पास बीमा धारियों को लेकर डाटा ही नहीं था। अग्रवाल ने आज अपर प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ नया रायपुर के पत्र क्र./वनो/संघ/बीमा/2019/9645 दिनांक 10/10/2019 को जारी करते हुए कहा कि मंत्रीगण पहले इस पत्र का अध्ययन कर ले जिसमें उसके अधिकारी ने यह स्वीकार किया है कि 10 वें माह तक वे डाटा इकट्ठा नहीं कर पाए हैं और जिले-जिले से डाटा मंगा रहे हंै। जब डाटा ही नहीं और बीमा निगम को पैसा ही नहीं दिया तो कैसा बीमा होगा। पुरानी योजना में समय पर राशि जमा कर दी है तो बीमा योजना जारी है। राज्य सरकार ने समय पर नवीनीकरण नहीं कराया इसलिए बीमा योजना बंद हो गई। अग्रवाल ने कहा कि राज्य के मंत्रीगण केन्द्र सरकार के उपर मिथ्या दोषारोपण कर अपनी अक्षम्यता को छुपा रहे है।

 

16-07-2020
वनवासी सामाज के सम्पूर्ण विकास की दिशा में जगदेव राम उरांव का योगदान अभूतपर्व था : बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदेव राम उरांव के निधन पर विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने दुख व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। बृजमोहन ने कहा कि जगदेव राम उरांव ने वनवासी सामाज के उत्थान के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था। उन्होंने अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के माध्यम से देशभर के सुदूर आदिवासी अंचलो में शिक्षा और संस्कार की अलख जगाई थी। वनवासी सामाज के सम्पूर्ण विकास और स्वाभिमान जागरण की दिशा में उनका योगदान अभूतपूर्व था। पूर्वोत्तर के राज्यों से लेकर देश के कोने-कोने तक कल्याण आश्रम को कार्यों को सर्वव्यापी बनाने में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। उनके प्रयासों से ही वनवासियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम तेजी से किया गया। उग्रवाद और आतंकवाद से प्रभावित पूर्वोत्तर के राज्यों के युवा और छात्रों को देश की मुख्य धारा से जोड़ने का जो दायित्व उन्होंने लिया था उसे उन युवाओं को शिक्षा और देशभक्ति से जोड़कर बखूबी निभाया। प्रभु उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।

05-07-2020
रायपुर की सुंदरता और जनउपयोग के निर्माण को किया जा रहा नष्ट, प्रशासन व अधिकारी हुए बेलगाम : बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने रात के अंधेरे में तीरथगढ़ जलप्रपात की प्रतिकृति व गौरव वाटिका को तोड़े जाने की निंदा की है। बृजमोहन ने कहा कि यह सरकार कोई काम तो नहीं कर पा रही है पर शहर के विकास व जनता के उपयोग के लिए हुए निर्माण को क्रमश: बर्बाद कर रही है। उन्होंने शहर के मध्य स्थित शांतिनगर सिंचाई कॉलोनी को तोड़कर उसके व्यावसायिक उपयोग के निर्णय पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि जिस हाउसिंग बोर्ड को यह जमीन देकर बेचने का प्रयास हो रहा है वही हाऊसिंग बोर्ड रायपुर शहर में अपनी बनाई हुई 10 हजार से अधिक मकान को नहीं बेच पायी है।

अग्रवाल ने कहा कि शांतिनगर योजना के व्यावसायिक उपयोग का अभी लेआउट नहीं बना है, कार्य योजना सामने नहीं आई है, कोई बजट, टेंडर नहीं, वहाँ पर रह रहे 383 परिवार (शासकीय कर्मचारियों) को कहीं व्यवस्थापन के तहत रहने आवास नहीं, उनकी कोई योजना नहीं परन्तु प्रशासन बलपूर्वक रात के अंधेरे में तोड़फोड़ कर रहा है। गौरव पथ पर बनाए गए तीरगढ़ जलप्रपात की प्रतिकृति (झरने) और गार्डन गौरव वाटिका को आनन फानन मे तोड़कर वहाँ पर रह रहे लोगों के मन में तोड़ फोड़ की दहशत पैदा की जा रही है। जरा बताएं कि तीरथगढ़ जल प्रपात या गौरव-गार्डन शहर की सुंदरता व नए कॉलोनी के निर्माण में कहां पर बाधा पैदा कर रहा था।

अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन व अधिकारी बेलगाम हो गए है। शहर की सुंदरता व जनउपयोग के लिए बनाई गई एक-एक चीज को क्रमश: नष्ट किया जा रहा है। सप्रेशाला मैदान में बनाए गए हेल्दी हार्ट  ट्रैक व गार्डन जो करोड़ों खर्च कर बने थे को पहले तोड़ा, फिर दानी स्कूल के प्रयोगशाला कक्ष और कमरो में तोड़फोड़, बूढ़ातालाब का सोलर हाउस जो सुंदरलाल पटवा के शासन काल में बना था, सुरक्षित जहाँ पर प्रदेशभर की कामकाजी महिलाएं निवास करती थी। फिर कलेक्टोरेट के अंदर बने शासकीय कामकाजी महिला हॉस्टल व महिला बाल विकास विभाग के कार्यालय सहित अनेक कार्यालयों में तोड़फोड़ कर शासकीय धन का जो खुला दुरूपयोग किया जा रहा है वह चिंतनीय है। अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि रायपुर शहर में अधिकारियों द्वारा की जा रही मनमानी व एक-एक कर शासकीय सम्पत्तियों को तोड़फोड़ की कार्यवाही को रोका जाना चाहिए। शहर में विकास के लिए जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा कर नए सिरे से विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाना चाहिए।

27-06-2020
बृजमोहन ने कहा, छत्तीसगढ़ आर्थिक संकट से गुजर रहा है, सरकार ने विकास को अवरूद्ध किया

रायपुर। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य सरकार पर रायपुर के विकास को अवरूद्ध करने का आरोप लगाया है। बृजमोहन ने कहा कि प्रदेश अभूतपूर्व आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, सरकार दिवालिया हो रही है। इसलिए सरकारी जमीन को बेचने जा रही है। यह सरकार भूमि बेचने के नाम पर जमीन का खेल, खेल रही है। सरकारी जमीन बेचकर पैसा कमाने में लगी है, सरकार। बृजमोहन ने कहा कि दक्षिण विधानसभा में पिछले 15 वर्षों में जो काम हुए थे वह सबके सामने हैं। चुनाव से पूर्व भी लगभग 100 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत या प्रारंभ हुए थे। किन्तु कांग्रेस ने सरकार में आते ही सबसे पहले विकास कार्यों का पैसा वापस लेकर सभी कार्य बंद करवा दिए। शहर के विकास कार्यों का पैसा वापस ले लिया। सत्ता में आने के बाद इस सरकार ने रायपुर शहर में कोई काम नहीं किया है,जिसको गिनाया जा सके। बृजमोहन ने पूछा कि घोषणा पत्र में बेरोजगारी भत्ते की बात थी इसका क्या हुआ? महिला स्व सहायता समूहों के ऋण मुक्ति का क्या हुआ? 2 साल के धान के बोनस का क्या हुआ? छत्तीसगढ़ ने 15 साल जीरो पावर कट राज देखा है 24 घंटे 7 दिन पर आज क्या है? बिजली बिल हाफ करने के स्थान पर बिजली ही हाफ कर दी है? प्रदेश अब हमेशा हमेशा के लिए पावर कट राज्य हो गया है। गांव-गांव में शहरों में भी बिजली कटौती हो रही है। हवा चली, बरसात हुई बिजली बंद। अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 2500 रुपए क्विंटल में धान खरीदी का पूरा पैसा न देकर किसानों से छल किया है। किसानों के हक के उनके फसल के बचत राशि को देकर राजीव गांधी न्याय योजना के नाम पर किसानो के साथ अन्याय कर रही है। इस योजना का नाम राजीव अन्याय योजना करना चाहिए। अब गोधन अन्याय योजना ला रही है कांग्रेस। नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना पूरी तरह फ्लॉप रही है। गोठानों में गरवा नहीं है गाय के लिए चारा नहीं है, गोठानों की हालत बद से बदतर है। योजना पूरी तरह फेल हुई तो सरकार किसानों को भरमाने फिर रोका-छेका ले आई यह तो वर्षों पुरानी हमारे प्रदेश के गांव-गांव की परम्परा है। आप चारा की व्यवस्था ही नहीं करोगे तो कैसा ह्यरोका-छेकाह्ण। और अब नई योजना गोबर खरीदने का ले आए यह गोधन अन्याय योजना भी पूरी तरह फेल होगी। क्योंकि सरकार की नीयत ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना से ज्यादा क्वारेंटाइन सेंटर में लोग मर रहे हैं। आत्महत्या का केन्द्र बन गए हैं। सर्प-बिच्छू काटने के केन्द्र बन गए है। पूरे प्रदेश में क्वारेंटाइन सेंटर अव्यवस्था के अड्डा बन गए है। सरकार के लिए भ्रष्टाचार केन्द्र बन गए है। सरकार क्वारेंटाइन सेंटर की व्यवस्था में पैसा ही नही खर्च कर अन्य कार्यो में खर्च कर रही है।

13-06-2020
हजारों की संख्या में सैम्पल की जांच पेंडिंग, कोरोना की रोकथाम में राज्य सरकार पूरी तरह असफल : बृजमोहन

रायपुर। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम में राज्य सरकार को पूरी तरह असफल बताया है। बृजमोहन ने कहा कि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रदेश में 3 माह बाद भी न तो टेस्टिंग क्षमता बढ़ी है और न ही बेड की क्षमता। हजारों की संख्या में सैम्पल की जांच पेंडिंग है।बृजमोहन ने कहा कि बगैर जांच के 50 हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों और लोगों को संस्थागत क्वारेंटाइन से मुक्त कर दिया गया है। वहीं सरकार बढ़ रहे मरीजों को देखकर भविष्य के लिए न तो नए लैब सेंटर की व्यवस्था कर पा रही है और न ही बिस्तरों की। अग्रवाल ने राज्य सरकार से मांग की है कि मेडिकल कालेजों और जिला अस्पतालों में भी कोविड-19 की जांच के लिए लैब बनाई जानी चाहिए। प्रतिदिन बढ़ते एक्टिव मरीज और भारी संख्या में पेंडिग टेस्ट को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक है।उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में क्वारेंटाइन सेंटर भगवान भरोसे हैं। सरकार इन सेंटरों में न तो कोई व्यवस्था की और ना ही ध्यान दिया, गांव में सरपंचों के भरोसे, ब्लॉक लेवल पर जनपद पंचायत/नगर पंचायत के भरोसे इन सेंटर को छोड़ दिया गया है।

 

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