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30-01-2020
Breaking: कैबिनेट की बैठक खत्म, सीएए को वापस लेने पीएम को लिखा भूपेश ने पत्र

रायपुर। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्री परिषद की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में हुई। बैठक के बाद कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि बैठक में विधानसभा के बजट सत्र में प्रस्तावित कुछ विधायकों के शुरुआती मसौदे पर चर्चा हुई। वहीं धान खरीदी की समीक्षा हुई। इसके साथ ही नागरिकता संशोधन बिल को वापस लेने के लिए सीएम भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख है। संविधान की मूल अवधारणा को सुरक्षित रखने के लिए सीएम बघेल ने पत्र लिखा है।

 

27-12-2019
28 दिसंबर को प्रदेश में मनाया जाएगा कांग्रेस स्थापना दिवस  

रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 28 दिसंबर को अपना 135वां स्थापना दिवस मनाएंगी। संचार विभाग अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बताया कि कांग्रेस स्थापना दिवस प्रदेश के समस्त जिला, शहर, नगर और ब्लाक मुख्यालयों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। सुबह 10 बजे प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन में ध्वजारोहण करेंगे। कांग्रेस पार्टी के स्थापना दिवस के कार्यक्रम में सभी मोर्चा संगठनों, सेवादल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस एवं एनएसयुआई, प्रकोष्ठों विभागों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश सभी जिला नगर और ब्लाक कांग्रेस इकाइयों को दिए गए है। त्रिवेदी ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी की नरेन्द्र मोदी सरकार के जन-विरोधी नीतियों के कारण बढ़ती बेरोजगारी, आर्थिक मंदी, महंगाई तथा महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार को उजागर किया जाएगा। कांग्रेसजन नागरिकता संशोधन बिल जैसी विभाजनकारी नीतियों का उद्देश्य एवं क्रूरतापूर्वक छात्रों और नागरिकों पर की जा रही कार्रवाई का भी विरोधी करेगी। त्रिवेदी ने बताया कि राजधानी रायपुर में कांग्रेस स्थापना दिवस पर “भारत बचाओं-संविधान बचाओ” को लेकर फ्लैग मार्च किया जाएगा। कांग्रेस कमेटी द्वारा सुबह 9 बजे नगर घड़ी चौक से गांधी चौक पुराना कांग्रेस भवन तक “भारत बचाओं-संविधान बचाओ” के नारे के साथ फ्लैग मार्च होगा।

19-12-2019
सीएबी पर होगा देश व्यापी जागरूकता अभियान : प्रकाशपुंज पाण्डेय 

रायपुर। राजधानी में राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में आयोजित एक संगोष्ठी में भाग लिया। यह संगोष्ठी नागरिकता संशोधन बिल पर आहूत हुई थी, जिसका आयोजन नागपुर के नवाब खानदान से ताल्लुक रखने वाले असद खान और उनके सहयोग राजीव यंगड़ व उनकी टीम द्वारा सदर नागपुर में किया गया था। पाण्डेय ने बताया कि वे स्वयं और असद खान कॉलेज के शुरुआती दिनों से ही सामाजिक मुद्दों पर बेहद संजीदगी से सजग रहते थे। नागरिकता संशोधन बिल पर आहूत इस संगोष्ठी में भाग लेने के रायपुर से मजदूर नेता अजय शर्मा ने भी शिरकत की थी। इस अवसर पर पाण्डेय ने कहा कि देश की मौजूदा सरकार जनता के मुख्य मुद्दों को छोड़कर जनता को उलझाए रखने के लिए हर 6 महीनों में कुछ न कुछ नए बिल लाकर या नए शगूफे छोड़ती रहती है। पाण्डेय ने बताया कि इस आयोजन के बाद यह फैसला लिया गया है कि नागरिकता संशोधन बिल पर देश में हो रहे दंगों के खिलाफ़ उनकी पूरी टीम असद खान, अजय शर्मा और राजीव यंगड़ के साथ देश में जागरूकता पैदा करने और आपसी सौहार्द पूर्ण वातावरण बनाने के लिए सतत प्रयास करते रहेंगे और देश के हर हिस्से में मौजूद लोगों के साथ जन जागरुकता अभियान चलाएंगे। इसके लिए वे जल्द ही महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। 

27-12-2019
कौन है जो पत्थर दे रहा है उन हाथों में जिन्हें भारत की तकदीर तराशना है

रायपुर। जामिया में हुए हिंसक प्रदर्शन में एक बात नोटिस करने वाली थी के छात्रों ने कश्मीर की तर्ज़ पर पत्थरबाजी की।पता नहीं कौन लोग थे?कहां से आए थे? और किसने उनके हाथों में पत्थर थमा दिए थे? उन्होंने पुलिस पर जमकर पत्थर बरसाए। ठीक उसी तरह जिस तरह कश्मीर के नौजवान सेना के जवानों पर पत्थर बरसाते हैं। और उस पर तुर्रा ये के पुलिस ने हम पर लाठी क्यो चलाई? आप पत्थर बरसाइए और पुलिस से उम्मीद करिए कि आप पर फूल बरसाए। बेहद शर्मनाक प्रदर्शन नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ जामिया में कल का। अदालत ने भी छात्रों की दलील को नहीं माना और सिर्फ छात्र होने के नाते उन्हें हिंसा करने की इजाजत नहीं दी। अब सवाल यह उठता है कि कौन है जो उनके हाथों में पत्थर थमा रहा है? क्या यह वही लोग हैं जो कश्मीर के नौजवानों को बहकाकर उनके हाथों में पत्थर थमा रहे थे? क्या ये वही लोग हैं जो नहीं चाहते कि भारत में सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे? क्या ये वही लोग हैं जिन्हें केंद्र में स्थिर सरकार नहीं चाहिए? क्या ये लोग वही हैं जिन्हें भारत की तरक्की पसंद नहीं है? क्या ये वही लोग हैं जिन्हें आज़ाद भारत में रहकर भी अजीबोगरीब आजादी चाहिए? क्या ये वही लोग हैं जिन्हें हिंदुओं की कब्र अपने विश्वविद्यालय की जमीन पर चाहिए? क्या ये वही लोग हैं जो विदेशी चंदों,सरकारी सबसिडी के भरोसे पढ़ रहे हैं? क्या ये वही लोग हैं जो अल्पसंख्यक होने का फायदा उठाकर बहुसंख्यको का हक मारना चाहते हैं? क्या ये वही लोग हैं जिन्हें यह नजर नहीं आता कि पड़ोसी मुल्क में अल्पसंख्यकों की हालत क्या हो गई है? सवाल ढेर सारे हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आखिर जब इस देश के लोगों की नागरिकता पर कोई सवाल नहीं खड़ा हो रहा है जब पड़ोसी मुल्कों से आने वाले लोगों को नागरिकता दिए जाने की बात की जा रही है,छिनने कि नहीं,तब इस बात का विरोध हो रहा है? क्यों भारत की भावी पीढ़ी के हाथ में पत्थर दिए जा रहे हैं? क्यों भारत के भविष्य तराशने वालों के हाथों में पेट्रोल और माचिस दी जा रही है? क्यों देश में अमन और चैन को आग लगाई जा रही है? क्यों इस देश में अशांति फैलाई जा रही है? सबका सवाल एक ही है किसी तरह कोई मुद्दा ना होने पर छात्रों को क्यो हथियार बनाया जा रहा है? बहरहाल भारत की जनता ऐसी साजिश को पहचान गई है। और जहां इस बिल का विरोध होना चाहिए वहां शांति है और जहां शांति होना चाहिए वहां कुछ लोग साजिश करके विरोध कर रहे हैं।उम्मीद है जल्द ही वे लोग बेनकाब हो जाएंगे। 

16-12-2019
अलीगढ और सहारनपुर में इंटरनेट सेवाएं बंद, यूपी के 6 जिलों में लागू हुई धरा 144

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध रविवार को राजधानी की जामिया यूनिवर्सिटी में हिंसक हो गया। पुलिस ने इन्हें हटाने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर दिया और भीड़ ने करीब आधा दर्जन बसों में आग लगा दी। आठ से अधिक बसों में तोड़फोड़ के अलावा कई कारों व दुपहिया वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। आग पर काबू पाने पहुंची दमकल की एक गाड़ी को भीड़ ने तोड़ डाला। हमले में एक दमकलकर्मी के अलावा छह पुलिसकर्मी और 42 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है। इनमें दो गंभीर हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

हिंसक विरोध के चलते उत्तर प्रदेश के छह जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। जबकि अलीगढ़ और सहारनपुर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। इसके अलावा अलीगढ़, बनारस और यूपी की राजधानी लखनऊ में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। दिल्ली के जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय में प्रदर्शन के दौरान छात्र की मौत की अफवाह पर रविवार रात नौ बजे नदवा कॉलेज के छात्र भी सड़क पर आए गए। छात्रों ने कॉलेज के गेट पर इकट्ठे होकर नारेबाजी की। वहीं, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में रविवार शाम को छात्रों ने एडमिशन ब्लॉक के बाहर निकलकर पुलिस पर पथराव करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।  एएमयू में पथराव फायरिंग के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होता देख जिला प्रशासन ने 15 दिसंबर की रात साढ़े दस बजे से 16 दिसंबर की रात दस बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। इस दौरान लीज लाइन और लूप लाइन की इंटरनेट की सेवाएं भी नहीं चलेंगी। इसके अलावा नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सहारनपुर में रविवार रात 12 बजे से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में एहतियातन धारा 144 लागू कर दी गई है। इनमें मेरठ, बुलंदशहर, कासगंज, बागपत, सहारनपुर और बरेली शामिल हैं। 

16-12-2019
दिल्ली का जामिया अब भी तनावग्रस्त, कैम्पस, स्कूलों व एएमयू में 5 तक छुट्टी, 50 छात्र रिहा, घेराव खत्म

रायपुर। दिल्ली का जामिया इलाका अभी भी तनावग्रस्त है। हिरासत में लिए 50 छात्रों को रिहा करने के बाद छात्र व प्रदर्शनकारी धरने से हट गए हैं। घेराव खत्म हो गया है। लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है। एहतियातन कैंपस, स्कूलों व एएमयू में 5 जनवरी तक छुट्टी घोषित कर दी गई है। इस मामले में राजनीति घुस गई है। आधी रात को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस व भाजपा पर छात्रों पर लाठी बरसाने का आरोप लगाया। आम आदमी पार्टी अपने विधायक अमानुल्लाह खान के कारण इस मामले में पहले से ही शामिल मानी जा रही है। असम में लगभग शांत हो चुके आंदोलन की आग को दिल्ली तक लाना और वँहा भड़काना, इस इस पर पुलिस की पहले से नजर थी। और उस इलाके में एहतियातन भारी बल पहले से ही तैनात था। अब भी पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जामिया के साथ-साथ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी 5 तारीख तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। अलीगढ़ के साथ-साथ कानपुर मेरठ में भी इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी गई है।

नागरिकता संशोधन बिल का असम और पूर्वोत्तर में विरोध समझ में आता है लेकिन उस आंदोलन का सीधे दिल्ली पहुंच जाना और उसमें घोषित सरकार विरोधी छात्रों का शामिल हो जाना कहीं न कहीं इस मामले के राजनीतिक होने का सबूत दे रहा है। आम आदमी पार्टी के विधायक अमानुल्लाह खान की अगुवाई भी इस मामले में राजनीति की घुसपैठ होने की चुगली कर रही है। कांग्रेस भी मौका देख कर छात्रों के साथ खड़ी हो गई है और अपने एजेंडे के तहत नागरिकता संशोधन बिल का विरोध उसने दिल्ली में भी शुरू कर दिया है। ऐसा लगता है की नागरिकता संशोधन बिल का असम में उम्मीद के मुताबिक विरोध होता ना दे अब इस आंदोलन को देश के अन्य हिस्सों में फैलाया जा रहा है। बहरहाल पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। और एहतियाती कदम उठाकर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश में लगी हुई हैं।

15-12-2019
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने दिया नागरिकता संशोधन कानून और सावरकर को लेकर बयान

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। लोग इस एक्ट के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस एक्ट का कांग्रेस सहित तमाम दल विरोध कर रहे हैं। लेकिन महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चला रही शिवसेना अभी तक इस पूरे मसले पर अपना रुख साफ नहीं कर सकी है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह मसला सुप्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हम इसपर अपना रुख साफ करेंगे। हालांकि उद्धव ठाकरे ने इस एक्ट को सावरकर की विचारधारा के खिलाफ बताया है। लेकिन जिस तरह से राहुल गांधी ने सावरकर को लेकर बयान दिया उसपर ठाकरे ने साफ किया है कि हम प्रदेश में सरकार कॉमन मिनिमम एजेंडा पर चला रहे हैं ना कि विचारधारा के आधार पर। उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की सरकार कॉमन मिनिमम एजेंडा पर चल रही है, हमारा सावरकर पर रुख अब भी वही है जो सरकार के गठन से पहले थे।

 

27-12-2019
असम में बुझ रही आग को दिल्ली में जलाए रखने की कोशिश, 3 बस जलाई और फायर ब्रिगेड पर भी हमला

रायपुर। दिल्ली में नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ जामिया के छात्रों ने अपने आंदोलन को हिंसक रूप दे दिया है। छात्रों ने दिल्ली की फ्रेंड्स कालोनी में तीन बसों में आग लगा दी हैं। और आग बुझाने गई फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियों पर भी हमला कर दिया है। जामिया के छात्र नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करते आ रहे हैं। आम आदमी पार्टी के विधायक अमानुल्लाह खान की अगुवाई में भी आज जामिया में नागरिकता संशोधन बिल का विरोध जारी रहा। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने इन बसों को आग लगा दी एक और जहां असम में इस बिल के विरोध में आगजनी और हिंसक प्रदर्शन शुरू हुए थे वहां अब यह विरोध ठंडा पड़ता जा रहा है तो उस हिंसक विरोध को बंगाल और दिल्ली में भड़काए रखने का काम जारी है। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में प्रदर्शनकारियों ने 3 बसों को आग लगाई है। इस मामले में जामिया विश्वविद्यालय का कहना है कि हमारा कोई छात्र उस आगजनी में शामिल नहीं हैं। बहरहाल असम की आग को दिल्ली ले जाने की कोशिश सफल होती नजर आ रही है।

 

15-12-2019
नरेंद्र मोदी ने झारखंड में चुनावी रैली को किया संबोधित, कही ये बात...

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुमका की चुनावी रैली में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर कहा,'हमारी संसद ने नागरिकता से जुड़ा एक बदलाव किया, ताकि पड़ोसी देश में रहने वाले हिन्दुओं, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध, जैन को नागरिकता मिल सके। इसके लिए भारत की दोनों सदनों की बहुमत से बिल पास किया। कांग्रेस और उसके सहयोगी तूफान खड़ा कर रहे हैं। ये आग लगाने वाले कौन हैं, ये उनके कपड़ों से पता चल जाता है। कांग्रेस इनको मूक समर्थन दे रही है। मोदी ने कहा, पूर्वोत्तर के लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन को अस्वीकार कर दिया है और अब वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस और उसके साथियों ने नागरिकता संशोधन कानून पर बवाल खड़ा कर दिया है और अब अशांति और आगजनी के पीछे उनका ही हाथ है।

प्रधानमंत्री ने कहा,'झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के पास झारखंड को विकसित करने का कोई रोडमैप या इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा, मैं सेवक हूं और झारखंड के लोगों के सामने भाजपा की उपलब्धियों का लेखा-जोखा देने आया हूं। प्रधानमंत्री ने कहा,विपक्षी जब सत्ता में थे तो स्वयं और परिवार के लिए महलों का निर्माण किया, उन्हें लोगों की परेशानी की चिंता नहीं थी।

27-12-2019
सिर्फ बंगलादेशियों का ही डर क्यों? क्या पाकी अफगानी नहीं आएंगे भारत? क्या सीएबी का विरोध प्रायोजित है?

रायपुर। नागरिकता संशोधन बिल का जिस तरह पूर्व व पूर्वोत्तर में विरोध हो रहा है वैसा विरोध पश्चिम में नहीं दिखता है। पश्चिम यानी पाकिस्तान और अफगानिस्तान। असम त्रिपुरा अरुणाचल के साथ-साथ अब बंगाल में जैसी बिल विरोधी हिंसा भड़क रही है वैसा विरोध भारत की पश्चिमी सीमा पर कहीं नजर नहीं आता है। नागरिकता संशोधन बिल का दोनों सीमाओं पर अलग अलग तरह का प्रभाव तरह तरह के सवाल खड़े करता है। पहला सवाल तो यह उठता है कि क्या नागरिकता संशोधन बिल का फायदा सिर्फ बांग्लादेशी हिंदू ही उठाएंगे? या फिर बांग्ला देश से ही शरणार्थियों की बाढ़ आने का डर है? दूसरा सवाल यह उठता है कि क्या नागरिकता संशोधन बिल का फायदा पश्चिम के देश में रहने वाले हिंदू सिख इसाई जैन पारसी नहीं उठाएंगे? कायदे से देखा जाए तो बांग्लादेश से ज्यादा हालत खराब पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं सिखों की है। तो वहां से हिंदू और सिखों का भारत मे शरण लेना स्वाभाविक रूप से ज्यादा नजर आता है बनिस्बत के बांग्लादेशियों के।

वैसे भी बांग्लादेशी पहले से ही अवैध घुसपैठ में रिकॉर्ड बना चुके हैं। खासकर बर्मा और बांग्ला बांग्लादेश के रोहिंग्या तो हिंदुस्तान भर में फैल चुके हैं। तो क्या डर सिर्फ रोहिंग्या ओं का है? तो क्या डर सिर्फ असम और पूर्वोत्तर के नागरिकों को है? अगर इस आशंका को मान भी लिया जाए तो फिर यह नया सवाल आता है कि जब असम में शांति हो रही है? तो विरोध की आग बंगाल में क्यों भड़क रही है? ऐसा नहीं लगता कि असम की शांत होती आग को हवा देकर बंगाल में भड़काया जा रहा है? जिस तरह कश्मीर में धारा 370 हटाने का शुरुआती विरोध हुआ था और बाद में शांत हो गया। उसी तरह उसी तरह नागरिकता संशोधन बिल का भी विरोध असम में शुरू हुआ और धीरे-धीरे शांत पड़ता जा रहा है। कश्मीर की आग तो दूसरे प्रदेशों में नहीं गई लेकिन असम की आग अगर बंगाल में भड़कती है तो फिर सवाल उठने लगते हैं। बहरहाल असम में लौट रही शांति इस बात का संकेत है कि नागरिकता संशोधन बिल के प्रायोजित विरोध को बहुत ज्यादा समर्थन मिलने वाला नहीं है। और यह विरोध धीरे-धीरे अपने आप आग से हर हाल में राख बनता चला जाएगा।

14-12-2019
नागरिकता संशोधन बिल: प. बंगाल में प्रदर्शनकारियों ने किया कई ट्रेनों को आग के हवाले

नई दिल्ली। नागरिकता कानून को लेकर आसाम समेत पूर्वोत्तर के राज्यों हिंसा के बाद इसकी आग अब पश्चिम बंगाल पहुंच गई है। बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने लालगोला रेलवे स्‍टेशन पर 5 खाली ट्रेनों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने राज्‍य के विभिन्‍न हिस्‍सों में सड़क मार्ग अवरुद्ध किए। पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद और उत्तरी 24 परगना जिलों तथा हावड़ा (ग्रामीण) से हिंसा की खबरें मिली हैं। हावड़ा जिले में एक रेलवे स्टेशन परिसर का हिस्सा शनिवार को भीड़ ने जला दिया और वहां तैनात सुरक्षार्किमयों की पिटाई की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हजारों लोगों ने संकरेल रेलवे स्टेशन के पास सड़कों को जाम कर दिया और कुछ दुकानों में आग लगा दी। रेलवे सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, भीड़ स्टेशन परिसर में घुसी और टिकट काउंटर में आग लगा दी। जब आरपीएफ और रेलवे र्किमयों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उनकी पिटाई की गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ करने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने करीब 15 बसों को आग के हवाले कर दिया, जिनमें सार्वजनिक के साथ-साथ निजी बसें भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 और जिले की कई अन्य सड़कों को बाधित कर दिया गया। यह राजमार्ग उत्तरी और दक्षिणी बंगाल को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है। वहां बसों को भी आग के हवाले कर दिया गया। जिले में अन्य सड़कों को भी बाधित कर दिया गया।

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