GLIBS
18-09-2020
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा-मरवाही के विकास पर भाजपा और छजका को पीड़ा क्यों ?

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित भाजपा और छजका नेताओं की ओर से मरवाही में किए जा रहे विकास कार्यों को लेकर की जा रही आपत्ति पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि, मरवाही पेंड्रा के विकास पर भाजपा और छजका को पीड़ा क्यों हो रही है? मरवाही के विकास का अवसर भाजपा और छजका दोनों को मिला था। राज्य में पिछले पंद्रह सालों से भाजपा की सरकार थी। मरवाही की जनता विकास तो दूर सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी अछूती थी। मरवाही पेंड्रा गौरेला की जनता ने जिला बनाने के लिए बार-बार आवाज उठाई। जब राज्य में 9 जिलों का गठन किया गया, उस समय भी जिला बनने की सारी योग्यताओं को पूरा करने के बाद मरवाही पेंड्रा को जिला नहीं बनाया गया। मरवाही से राज्य की राजनीति के बड़ा नाम स्व. अजीत जोगी लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उसके बावजूद मरवाही से विकास कोसो दूर था।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि,अदूरदर्शी विकास की सोच में सिर्फ नए राजधानी में 8000 करोड़ खर्च करने के बजाए पूरे प्रदेश के विकास का मैप बनाया होता, तो आज राज्य के दूरस्थ कुछ इलाके पिछड़े नहीं होते। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में विकास से अछूते मरवाही जैसे इलाकों को विकसित करने का बीड़ा उठाया है। एक वर्ष पहले ही मरवाही पेंड्रा गौरेला को जिला बनाया गया।  नए जिले के लिए जिलाधीश न्यायालय भवन सहित तमाम सरकारी दफ्तर बनाए जा रहे। क्षेत्र में सड़क पुल पुलियों पहुंच मार्ग बनाए जा रहे हैं। राजनैतिक दुर्भावना से ग्रसित भाजपा के नेता इन विकास कार्यों का विरोध कर रहे। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि, भाजपा के नेता खिसियानी बिल्ली के समान खंभा नोच रहे। प्रदेश की जनता भाजपा और छजका की विकास विरोधी सोच को देख रही और समझ भी रही,आने वाले चुनाव में जनता इसका हिसाब करेगी।

17-09-2020
 सेवा सप्ताह में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष कौशिक,कहा- स्वच्छता के विचार को आत्मसात करने की जरूरत

रायपुर। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन  पर आयोजित स्वच्छता अभियान की शुरूआत की। प्रधानमंत्री मोदी ने हमें जीवन में मन,विचार और शरीर से स्वस्थ्य व स्वच्छ रहने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक जीवन में हमें त्याग के साथ कार्य करने को प्रेरित किया है। हमें जीवन मे स्वच्छता के विचार को आत्मसात करने की जरूरत है। बिल्हा के सिरगिट्टी वार्ड संख्या 10 के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वच्छता कार्यक्रम व स्वास्थ्य परीक्षण का आयोजन किया गया। जिला भाजपा सदस्य मनोज दुबे,मंडल अध्यक्ष बलराम देवांगन, महामंत्री सीनू राव,हरिश्चन्द्र साहू,तिफरा के पार्षद श्यामलाल बंजारे,संजू सिंह,जिला भाजपा मंत्री रामु साहू, राजकुमार यादव,अजय कश्यप,रामगोपाल यादव,शिवा धुरी,राजाराम प्रजापति,रितेश अग्रवाल,पवन तिवारी ,विजय मरावी,दीनू कौशिक,प्रसाद राव,लोमस कश्यप,रंजन सिंह, राशिद उल्लाह खान,हर्ष ताम्रकार,संजू गुप्ता,मोनू रजक,पवन छाबडा सहित मंडल के कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

11-09-2020
छत्तीसगढ़ की जनता को कोरोना महामारी से बचाने 6 महीनों में भाजपा के 11 सांसदों ने क्या किया: राजेंद्र साहू    

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी, लॉक डाउन और नरवा, गरूवा, घुरवा अउ बारी योजना को लेकर भाजपा नेताओं की लगातार बयानबाजी पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री राजेंद्र साहू ने निशाना साधा है। राजेंद्र ने कहा कि पिछले 6 महीने से वैश्विक महामारी से जूझ रहे छत्तीसगढ़ की जनता के हित में केंद्र सरकार से एक बार भी चर्चा तक न करने वाले भाजपा नेताओं को कोरोना महामारी पर बयानबाजी करने का नैतिक अधिकार नहीं है।  राजेंद्र ने कहा कि लॉक डाउन की बात करने वाले विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, सांवलाराम डाहरे सहित सभी भाजपा नेताओं को इतना सामान्य ज्ञान होना चाहिए कि लॉक डाउन की गाइडलाइन केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बनाई जाती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ही इसे जारी करता है। ऐसी स्थिति में भाजपा नेताओं का राज्य सरकार पर आरोप लगाना हास्यास्पद है।
राजेंद्र ने कहा कि प्रदेश में भाजपा के 2 राज्यसभा सांसद व 9 लोकसभा सांसदों ने केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ में महामारी से निपटने एक बार भी चिकित्सा सहयोग या फंड जारी करने की मांग नहीं की। भाजपा नेता बताएं कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज का कितना लाभ छत्तीसगढ़ की जनता को मिला? भाजपा नेता इस पैकेज का लाभ छत्तीसगढ़ की जनता को क्यों नहीं दिला पाए? कहीं ऐसा तो नहीं कि यह पैकेज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। अगर भाजपा को छत्तीसगढ़ की इतनी ही चिंता है तो भाजपा सांसदों और प्रदेश भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार से पीएम केयर फंड से राज्य के लिए राशि की मांग करे। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता कभी गोबर खरीदी का विरोध करते हैं तो कभी गौठान योजना का विरोध शुरू कर देते हैं। वास्तव में भाजपा नेता आज तक नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना को समझ ही नहीं पाए हैं। इसका मूल कारण यह है कि वे छत्तीसगढ़ की संस्कृति को ही नहीं समझते। भूपेश सरकार की सभी योजनाएं गांव, गरीब, किसान की योजनाएं है, जिसे भाजपा के नेता पचा नहीं पा रहे हैं। राजेंद्र ने कहा कि पिछले 15 साल तक छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने जितनी योजनाएं लागू की, उसमें जमकर भ्रष्टाचार हुआ। रतनजोत बीज घोटाला, जर्सी गाय घोटाला, मोबाइल वितरण घोटाला, धान घोटाला सहित अन्य योजनाएं घोटालों के लिए ही बनाई गई। आम जनता को इन योजनाओं से कोई फायदा नहीं मिला। इन योजनाओं में जनता के पैसों का खुलेआम दुरुपयोग किया गया।

 

 

09-09-2020
धरमलाल कौशिक ने कहा, प्रदर्शनकारी व्याख्याताओं पर एफआईआर दर्ज होना निंदनीय

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने चयनित व्याख्याताओं पर दर्ज किये गए अपराध पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चयनित व्याख्याताओं की मांग जायज़ है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने इस सम्बंध में पत्र लिखकर चयनित व्याख्याताओं के हित में शीघ्र कदम उठाए जाने की मांग की थी। विपक्ष की ओर से भर्ती प्रक्रिया में देरी के विषय मे विधानसभा में भी मुद्दा उठाया गया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा अधिकारियों के समक्ष 1 सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की बात कही थी। लेकिन ने आंदोलनकारियों से चर्चा की वजह उनपर एफआईआर दर्ज कर दी ,जो निंदनीय कृत्य है। कौशिक ने कहा कि सरकार अगर सही समय पर भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण कर लेती तो युवाओं को इस प्रकार प्रदर्शन न करना पड़ता। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों पर भीड़ जुटाने की वजह से मामला दर्ज किया गया तो सीबीआई दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने वाले एवं कई अन्य मौकों पर लगातार भीड़ जुटाने वाले कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओ पर भी मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया  कि कांग्रेस के नेता प्रदर्शन करते है तो उन्हें सिर्फ इसलिए छूट दी जा रही है क्योंकि प्रदेश में उनकी पार्टी सत्ता पर काबिज है और अन्य लोगों के साथ दोहरे मापदंड अपनाकर अलोकतांत्रिक लगातार कदम उठा रही है,जो निंदनीय है।

 

09-09-2020
प्रदेश में हो रहे हादसों पर अंकुश लगाने कारगर कदम जरूरी : कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने एनसीआरबी के रिपोर्ट पर चिंता व्यक्त करते कहा कि प्रदेश मे हो रहे सड़क हादसों व अन्य हादसों को रोकने की दिशा में प्रदेश सरकार कोई कारगर कदम नही उठा रही है। इसके साथ ही अन्य हादसों में मौतों के आकंडों ने सवाल खड़ा कर दिया है कि तत्काल मेडिकल सुविधा नहीं मिलने से मरने वालों की संख्या बढ़ी है। हाल में जारी रिपोर्ट  से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में जो दुर्घटनाओं में मृत्यु की दर है वह राष्ट्रीय औसत से दोगुनी है। वर्ष 2019 में राष्ट्रीय औसत 31.5 प्रति लाख की जनसंख्या में था। जबकि छत्तीसगढ़ में यह 68.6 है,आज देश में यह दूसरे स्थान पर आ गया है। वहीं महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश और अन्य जो बड़े राज्य हैं वह भी दुर्घटनाओं में मृत्युदर के मामले में छत्तीसगढ़ से पीछे हैं। उन्होंने कहा कि   यह बताता है कि छत्तीसगढ़ में जो दुर्घटनाएं होती हैं उसमें तत्काल उपचार और आवश्यक मेडिकल सुविधा नहीं मिल पाने से मृत्युदर बढ़ती जा रही है और इसे रोकने में प्रदेश सरकार पूरी तरह विफल है। उन्होंने कहा कि समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाती है। कहीं कानूनी अड़चने भी बनी रहती है। दुर्घटनाजन्य स्थानों का चिन्हांकन भी नहीं किया जा रहा हैं।

प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का नारा  दिया गया था, लेकिन 2019 में दुर्घटना में मृत्यु दर में छत्तीसगढ़ जो देश में दूसरे स्थान पर है। यह बेहद ही शर्मनाक है। प्रदेश सरकार को इस पर सोचना चाहिए। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष जहां 18839 लोगों की मृत्यु दुर्घटना में हुई थी। वर्ष 2019 में 19789  मृत्यु दुर्घटनाओं में हुई,जो पिछले वर्ष के मुकाबले 5 प्रतिशत ज्यादा है। जबकि राष्ट्रीय औसत देखें तो सिर्फ 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय औसत से 5 गुना ज्यादा वृद्धि छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रही है। देश में छत्तीसगढ़ का इसमें सातवां स्थान है। गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, तमिलनाडु, त्रिपुरा यहां पर जो दर है,वह  ऋणात्मक है।  गुजरात जहां पर वाहनों की संख्या हमारे यहां से काफी ज्यादा है वहां पर भी  कम दर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को कार्य योजना बनाकर कार्य करना चाहिए और सिर्फ कहने के लिए गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की बात करने की बजाए वास्तव में इस दिशा में कार्य करने की जरूरत है। आत्महत्या मामले में प्रदेश में दर अन्य राज्यों से दुगनी है। बेरोजगारी भी बढ़ती जा रही है,युवाओं को छला जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि किसानों को उनकी अगली किस्त दिए जाने के संबंध में कोई निर्णय नही लिया गया है।

 

06-09-2020
कोरोना को लेकर प्रदेश सरकार फेल,अब तैयारी का समय नहीःकौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने एक बार फिर से प्रदेश सरकार के कोरोना उन्मूलन को लेकर हमला बोलते हुए कहा कि कोरोना के प्रभावी रोकथाम को लेकर प्रदेश की सरकार पूरी तरह से नाकाम है। प्रदेश में जब स्थिति चिंताजनक हो चली है। तब केवल बैठकों का दौर चल रहा है, परिणाम सिफर है। कोरोना की रोकथाम के लिए तैयारी के लिए राज्य सरकार के पास पर्याप्त समय था, इस दिशा में कोई प्रयास नही किया गया, अब पानी सिर से ऊपर निकल चुका है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बिस्तरों की कमी है। अब जब परिस्थितियां विषम हो रही है तब प्रदेश की सरकार कोरोना को लेकर की तैयारी की बात कह रही है। पूरे प्रदेश में परिस्थितियां एक जैसी है और प्रदेश की सरकार अनिर्णय की स्थिति में है। इसके चलते कोरोना की रोकथाम की दिशा में कोई भी बेहतर कदम नहीं उठाया जा रहा है।

04-09-2020
हिंदुस्तान में केंद्र सरकार को सबसे ज्यादा पत्र लिखने वाली छत्तीसगढ़ सरकार : धरमलाल कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा है कि कांग्रेस सरकार वादाखिलाफी कर रही है। जब भी वादा निभाने का वक्त आता है। उस समय केंद्र सरकार को एक पत्र लिख देते हैं। उन्होंने कहा है कि आत्महत्या और कोरोना पर ध्यान देने की जगह पत्र लिखकर केंद्र पर अपनी निर्भरता दिखाते है। हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा केंद्र सरकार को पत्र लिखने वाली छत्तीसगढ़ की कांग्रेस की सरकार है।

04-09-2020
आत्महत्या के मामले में नौवें नंबर पर प्रदेश, 7629 लोगों ने की आत्महत्या, 233 किसान व खेतीहर शामिल : कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने वर्ष 2019 की नेशनल क्राइम ब्यूरो के जारी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में आत्महत्या के बढ़ते मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं।आत्महत्या के मामले छत्तीसगढ़ में बढ़े हैं। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि 2019 में प्रदेश में आत्महत्या करने वालों की दर में 8.3% की वृद्धि हुई है, जो कि पूरे प्रदेश के लिए अफसोस जनक है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में 7629 लोगों ने आत्महत्या की है जो पूरे देश में नौवें नंबर पर है, अर्थात सिर्फ आठ प्रदेश आत्महत्या करने वालों की संख्या में छत्तीसगढ़ से ज्यादा है।देश में कई प्रदेशों में आत्महत्या की दर पिछले वर्ष के मुकाबले ऋणात्मक है, जिसमें गुजरात हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, अरुणाचल, प्रदेश कर्नाटक आदि राज्य हैं। जहां पिछले वर्ष के मुकाबले कम लोगों ने आत्महत्या की है। वही हमारे छोटे से प्रदेश में कई बड़े प्रदेशों के मुकाबले आत्महत्या करने वालों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले व प्रतिशत काफी अधिक है, जो कांग्रेस शासन से बढ़ते निराशा के कारण हैं।

उन्होंने कहा कि पूरे देश के राष्ट्रीय औसत 3.4 प्रतिशत है। जबकि छत्तीसगढ़ में 8.3% की वृद्धि बहुत अफसोस जनक है। वहीं कृषक व खेतिहर के द्वारा की गई। आत्महत्या के मामले में पूरे देश में छत्तीसगढ़ का छठवां पर स्थान हैं। प्रदेश में 233 कृषक व खेतिहर ने आत्महत्या की है। विडंबना यह है कि 12 राज्य ऐसे हैं जहां पर एक भी कृषक या खेतिहर ने आत्महत्या नहीं की है यह रिपोर्ट क्राइम ब्यूरो के द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट है, जबकि प्रदेश में सरकार यह कहती है कि किसान खुशहाल है। रिपोर्ट में बताया है कि दैनिक मजदूरों में 1679 मजदूरों ने आत्महत्या की है जो पूरे देश में आठवें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी का दंश झेल रहे प्रदेश के ऐसे कई युवाओं ने अपने जीवन की इहलीला को ही समाप्त कर दी। इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार है। बेरोजगारी भत्ता का वादा करने के बाद बेरोजगारी भत्ता ना देकर बेरोजगारों को छला है। इसके कारण कई युवाओं ने आत्महत्या का रास्ता अख्तियार किया है। पिछले वर्ष 329 बेरोजगारों ने आत्महत्या की है और पूरे देश में प्रदेश बेरोजगारों की आत्महत्या के मामले में 13 वे नंबर पर था।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की निरंकुशता और तानाशाही के कारण प्रदेश में शासकीय कर्मचारी अधिकारियों पर कितना दबाव है वह भी इस रिपोर्ट से स्पष्ट दिखता है कि 66 शासकीय कर्मचारी व अधिकारियों के द्वारा पिछले वर्ष आत्महत्या की गई है और इससे स्पष्ट होता है कि कितना दबाव कर्मचारियों पर है। उन्होने कहा कि पिछले वर्ष 503 विद्यार्थियों ने आत्महत्या की है। विद्यार्थियों के मामले में भी जो आत्महत्या हुई है, उसमें भी देश में प्रदेश आठवें नंबर पर है। देश के 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एक ही किसानों ने आत्महत्या नहीं की है।जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है हर वर्ग असंतुष्ट है। युवा, बेरोजगार, विद्यार्थी, किसान शासकीय कर्मचारी व अधिकारी महिला, पुरुष हर वर्ग असंतुष्ट है और जबकि देश में कई बड़े राज्यों में आत्महत्या की दर ऋणात्मक हुई है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में राष्ट्रीय औसत से दुगने से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की है जो यह बताता है कि सरकार ने हर वर्ग को दुखी किया है। किसानों की हितैषी बनने वाली प्रदेश सरकार के गलत नीतियों के कारण 233 किसानों व खेतिहरों ने आत्महत्या की है जो बहुत ही दुख का विषय है। देखिए टेबल...

 

03-09-2020
भगवान भरोसे हैं भगवानपुर के लोग : कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि बलरामपुर जिले के भगवानपुर गांव के लोग भगवान भरोसे ही हैं। एक विशेष संरक्षित जनजाति के 2 वर्षीय बच्चे की मौत ने प्रदेश सरकार के कुपोषण अभियान पर कई प्रश्न खड़ा कर दिया है। इस पूरे मामले की पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा के अध्यक्षता में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष व वर्तमान जिला अध्यक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट सौपेंगे। एक विशेष जनजाति समुदाय के बच्चे की असमय मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार केवल कुपोषण के खिलाफ वाह वाही लूटने में लगी है, लेकिन प्रदेश में हालात कुछ और ही है। वक्त रहते विशेष जनजाति के बच्चे को सुपोषित आहार दिया जाता तो शायद इसकी मृत्यु नहीं होती और परिवार के अन्य सदस्यों को भी भोजन की व्यवस्था नहीं होने से वह भीख मांगने को विवश है। राशन कार्ड नहीं होने से परिवार को अनाज भी नहीं मिल पा रहा था लेकिन नियम के मुताबिक प्रशासन को मदद के लिए आगे आना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मामला चिंतनीय है। प्रदेश में मुख्यमंत्री कुपोषण के खिलाफ एक योजना की बात कहते हैं, लेकिन जमीनी धरातल पर कुछ और है। उन्होंने कहा कि उस गांव में पंचायत द्वारा पीड़ित परिवार को कोई मदद नहीं दी जा रही है। योजनाओं के नाम पर मनमानी की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक कहा कि इस पूरे मामले की सरकार को तत्काल उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए ताकि दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कुपोषण को लेकर कमोबेश यही हालात हैं। प्रदेश सरकार केवल दावे और झूठी वादे पर चल रही है।

02-09-2020
शोभा सोनी के निधन पर कौशिक ने जताया शोक, कहा अपूर्णीय क्षति

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पूर्व महापौर व वरिष्ठ भाजपा नेत्री शोभा सोनी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सोनी ने हमेशा मातृशक्ति को मजबूत करने के लिए अनुकरणीय कार्य किया है। उनका निधन हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है।

31-08-2020
विपक्ष के दबाव पर प्रदेश सरकार ने लिया फैसला : कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने जेईई एवं नीट परीक्षा के लिये छात्रों को नि:शुल्क बस सुविधा मुहैया कराने के बात को लेकर ट्वीट किया था। इसके बाद से ही प्रदेश की सरकार ने छात्रों के लिए बस सुविधा देने की बात पर फैसला लिया है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि सबकी हितों के मुद्दों पर प्रतिपक्ष हमेशा प्रदेश सरकार पर दबाव बनाती रहेगी चाहे मसला छात्रों का हो , युवाओं का हो या किसानों का हो। हर वर्ग की चिंता भाजपा सदैव करती रहेगी। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि इस फैसले का छात्रों को लाभ मिलेगा।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804