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16-09-2020
भाजपा नेता गलत बयानी कर कोरोना का भय फैला रहे : सुशील आानंद शुक्ला

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कोरोना मामलों पर दिए गए बयान को कांग्रेस ने गैर जिम्मेदाराना और लोगों में भय पैदा करने वाला बताया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि, पिछले कुछ दिनों से भारतीय जनता पार्टी के नेता झूठे बयानों से राज्य की जनता में कोरोना के भय को और बढ़ाने का काम कर रहे हैं। भाजपा के नेता प्रायोजित ढंग से प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए बेड नहीं होने और राज्य में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं होने का झूठा प्रोपगेंडा कर रहे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि, प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह जैसे नेता भी इस प्रकार के गलत बयानों को जारी कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता शर्मनाक ढंग से राज्य में उपलब्ध ऑक्सीजन क्षमता के एक चौथाई के आंकड़ों को बयानों में जारी कर लोगों को भयभीत करने में जुटे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं की राज्य में कोरोना का संक्रमण बढ़ा है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के आधार पर सरकार ने इलाज की व्यवस्था और संसाधनों को भी बढ़ाया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि, राज्य के हर नागरिक को बेहतर से बेहतर इलाज देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। घबराने की आवश्कता नहीं, थोड़ा भी लक्षण दिखे तो टेस्ट कराएं। नजदीकी अस्पताल में कोविड सेंटर में सम्पर्क करें, सबके इलाज की समुचित व्यवस्था है। रमन सिंह सहित भाजपा के तमाम नेता झूठे बनावटी आरोपों से प्रदेश की जनता में भय पैदा करने के बजाए सकारत्मक विपक्ष की भूमिका में आएं। रमन सिंह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, राज्य में भाजपा के और दो राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं। 9 सांसद, एक केंद्रीय मंत्री है। यह सब केंद्र से बोलकर छत्तीसगढ़ को कोरोना से लड़ने में मदद दिलवाने की पहल क्यों नहीं करते? मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से एम्स में 150 आईसीयू बेड बढ़ाने की मांग की है। इस मांग का समर्थन करने का साहस ये क्यों नही दिखाते। रमन सिंह, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र से बोलकर कोरोना के इलाज को यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम और स्मार्ट कार्ड में क्यो नही शामिल करवाते। केंद्र पूरे देश मे कोरोना का इलाज मुफ्त करवाने में मदद क्यों नहीं कर रही।

01-08-2020
विभिन्न गांवों के प्रवेश द्वारों पर अब भी लगी है पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्रियों की फोटो

गुंडरदेही। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के चलते पूर्व में सत्ता में रहे नेताओं तथा मंत्रियों की फोटो गुंडरदेही ब्लॉक के विभिन्न गांवों के प्रवेश द्वारों पर आज भी लगी दिखाई देती है। गौरतलब है कि सिकोसा के समीप ग्राम खुटेरी से अर्जुंदा की तरफ जाने वाले मार्ग पर प्रवेश द्वार पर तत्कालीन सरपंच सारिका मेहर द्वारा लगवाई गई पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह तथा पूर्व महिला बाल विकास मंत्री रमशिला साहू की फोटो लगी हुई थी किंतु प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता को लगभग डेढ़ वर्ष का समय हो जाने तथा पंचायत के एक कार्यकाल लगभग 5 वर्ष का समय बीत जाने के बावजूद भी पूर्ववर्ती सरकार के मंत्रियों तथा पूर्व मुख्यमंत्री की फोटो आज तक प्रवेश द्वार में चस्पा है। बता दें कि ग्राम पंचायत के एक सरपंच का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है जबकि इस प्रवेश द्वार को बनाएं लगभग 8 वर्ष होने को हैं बावजूद ग्राम पंचायत खुटेरी की लापरवाही कहें पूर्व सरपंच द्वारा उक्त प्रवेश द्वार पर लगे तत्कालीन सरपंच सारिका मेहर की फोटो आज भी लगी हुई है। वही ग्राम सरपंच रुपेश गोरे से पूछे जाने पर उन्होंने कहा, प्रवेश द्वार पर लगी फोटो की तरफ ध्यान ही नहीं गया क्योंकि फोटो पुरानी होने की वजह से साफ दिखाई नहीं पड़ रही है। उपरोक्त मुद्दे पर चर्चा करने के लिए गुंडरदेही विधायक तथा संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद से मोबाइल से बात करने का प्रयास किया गया किंतु उन्होंने मोबाइल रिसीव ही नहीं किया।

शब्बीर रिजवी की रिपोर्ट

23-06-2020
झीरम षडयंत्र की जांच की मांग पर रमन सिंह तिलमिला क्यों जाते हैं : कांग्रेस

रायपुर। झीरम में हुए राजनीतिक नरसंहार के पीछे हुए षडयंत्र की जांच की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह एक बार फिर तिलमिला गए हैं। उनकी इस तिलमिलाहट पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि अपने शासन काल में तो रमन सिंह ने षडयंत्र की जांच करवाई नहीं और अब जब राज्य सरकार इसकी जांच करना चाहती है, तो वे तिलमिला रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इस तिलमिलाहट के पीछे कुछ तो वजह होगी। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि रमन सिंह जब यह पूछ रहे हैं कि राज्य द्वारा गठित एसआईटी क्या एनआईए और न्यायिक आयोग से बड़ी है, तो वे कांग्रेस के उस आरोप को अंदेखा कर रहे हैं।

एनआईए ने षडयंत्र की जांच की नहीं और न्यायिक आयोग की कार्यसूची में षडयंत्र की जांच है ही नहीं। शुक्ला ने पूछा है कि क्या वजह है कि केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद एनआईए की जांच की दिशा बदल गई और षडयंत्र की जांच को छोड़ दिया गया और क्यों रमन सिंह सरकार ने न्यायिक आयोग को षडयंत्र की जांच करने का जिम्मा नहीं दिया? रमन सिंह के बयान पर सवाल खड़ा करते हुए शुक्ला ने पूछा है कि यदि रमन सिंह एनआईए की तरफ़दारी कर रहे हैं तो वे बताएं कि अदालत और अपनी वेबसाइट पर जांच पूरी होने की बात कहने के बाद एनआईए अब किस बात की जांच कर रहा है? एनआईए को फिर से जांच शुरु करने की बात क्यों सूझी? सबूत पेश करने के सवाल पर उन्होंने कहा है कि जांच करने वाली एजेंसी जब मुख्य षडयंत्रकारियों का ही नाम हटा देगी, किसी से बयान ही नहीं लेगी, किसी को गिरफ़्तार ही नहीं करेगी तो सबूत किसके सामने पेश करेगी कांग्रेस? उन्होंने कहा कि रमन सिंह 15 साल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं और वे समझते होंगे कि संवेदनशील मामलों पर सबूत सार्वजनिक तो नहीं किए जा सकते।

अगर उन्होंने केंद्र पर दबाव बनाकर सीबीआई जांच शुरु करवा दी होती तो कई षडयंत्रकारी इस समय जेल की सलाखों के पीछे होते। लेकिन वे तो दो साल जानकारी छिपाकर बैठे रहे। शुक्ला ने कहा है कि अगर रमन सिंह का दामन बेदाग है, उनका मन साफ़ है और वे सच में चाहते हैं कि सच सामने आए तो वे केंद्र सरकार से कहें कि सीबीआई जांच हो ही जाए या फिर राज्य की एसआईटी को जांच करने दिया जाए और एनआईए दस्तावेज़ एसआईटी को सौंप दे। ये सब उनसे न हो सके तो कम से कम रमन सिंह इतना तो करें कि राज्य की जांच में एनआईए के अडंगे बंद करवा दें।

31-05-2020
रमन के बयान पर कांग्रेस का जवाब:केन्द्र की नाकामियों को छिपाने राज्यों पर दोष मढ़ने की कोशिश

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा केंद्र सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए राज्यों पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रही है। जनता सब जान और समझ रही है। सच तो यह है कि 24 मार्च को लॉक डाउन की घोषणा होते ही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आपदा प्रबंधन कानून के तहत सारे अधिकार अपने पास रख लिए थे और राज्य सरकार तो सिर्फ़ आदेशों का पालन करते रहे। अगर केंद्र की भाजपा सरकार इस संकट से निपटने में सक्षम होती तो लॉक डाउन की घोषणा होते ही दिल्ली की सीमा पर इकट्ठा हुए लाखों मजदूरों को रोक लेती या कोई इंतजाम कर लेती। लाखों लोग पहले दिन से सड़कों पर,जो निकले आज तक यह सिलसिला रूका नहीं है। सड़कों और रेलवे ट्रैक पर हुई अनगिनत मौतों के लिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही जिम्मेदार हैं।त्रिवेदी ने पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर अफसोस जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि डॉ.रमन को इस राज्य से इतना भी लगाव नहीं बचा है कि वे अपनी पार्टी के सांसदों से कोरोना संकट से निपटने सांसद निधि का पैसा राज्य में खर्च करवा पाते। आर्थिक संकट का सवाल है तो इसे तो प्रदेश की सरकार ने स्वीकार किया है। केंद्र से 30 हजार करोड़ का आर्थिक पैकेज मांगा है। अच्छा होता यदि रमन सिंह राजनीतिक रोटी सेंकने वाले बयान की जगह इस पैकेज के समर्थन में प्रधानमंत्री को पत्र लिखते।त्रिवेदी ने कहा है कि मजदूरों से ट्रेनों का किराया वसूलने वाली भाजपा सरकार का बचाव करने से पहले रमन सिंह को जानना चाहिए। छत्तीसगढ़ सरकार ने मजदूरों को लाने के लिए 50 से अधिक ट्रेन की अनुमति दी और किराया भी खुद भरा। 7 राज्यों से घिरे होने के कारण हर राज्य के मजदूर छत्तीसगढ़ से गुजरते रहे और छत्तीसगढ़ सरकार ने सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से ऐसा इंतजाम किया ना तो राज्य में कोई भूखा रहा और न कोई पैदल घर गया। रमन सिंह इंतजार करें और देखें कि भूपेश बघेल की सरकार किस तरह इस संकट से निपटती है। किस तरह से तय करती है कि विकास के कार्य ना रूकें। सेंट्रल विस्टा और स्काई वॉक की तरह अनावश्यक निर्माण नहीं होंगे लेकिन विकास का कोई कार्य नहीं रुकेगा।

26-05-2020
किसको बचाने मोदी सरकार झीरम की फाइल वापस नहीं कर रही: कांग्रेस

 

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और अन्य भाजपा नेताओं के झीरम नरसंहार को लेकर दिए बयानों का कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य व वरिष्ठ प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि डॉ.रमन सिंह के नीयत में खोट नहीं है तो मोदी सरकार को कहे झीरम की फाइल राज्य सरकार को वापस करें। इससे झीरम की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी अपना काम कर सके। झीरम रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते तत्कालीन भाजपा सरकार के माथे पर बेगुनाहों के खून का लगा वह दाग है,जो कोरी बयानबाजी से नहीं मिट सकेगा। क्या कारण है झीरम की जांच नहीं होने दी जा रही ? जब बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे एनआईए ने झीरम की जांच बंद कर दी,तब भाजपा की केंद्र सरकार मामले की फाइल क्यों वापस नहीं कर रही है ? आखिर किसको बचाने या कौन सा तथ्य छुपाने झीरम की जांच फिर से शुरू करने में भाजपा की केंद्र सरकार अड़ंगेबाजी लगा रही है ? कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा किसके आदेश पर हटाई गई थी? हत्यारों ने शहीद नंदकुमार पटेल,शहीद दिनेश पटेल की शिनाख्त कर के हत्या क्यों की ? ऐसे अनगिनत सवाल है, जिनका जबाब प्रदेश की जनता जनना चाहती है। इन सवालों के जबाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आएंगे।

02-03-2020
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मोदी,शाह,रमन का पुतला दहन कर जताया विरोध

कोंडागांव। केशकाल के बस स्टैंड में सोमवार को एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं के द्वारा छत्तीसगढ़ में  आयकर के छापे के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह व पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का पुतला जलाकर विरोध जताया गया। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ में इनकम टैक्स विभाग के द्वारा प्रदेश के नामी व्यवसायी,ठेकेदार, व अधिकारियों के ठिकानों पर जमकर छापेमारी की जा रही है। कांग्रेस इसे बदले की राजनीति का नाम दे रही है। कांग्रेस के अनुसार यह छापेमारी प्रदेश सरकार को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार की एक साजिश है। इसलिए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के आदेशानुसार कोंडागांव एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष पिताम्बर नाग,वसीम मेमन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केशकाल बस स्टैंड में पुतला जलाकर विरोध जताया। 

 

11-02-2020
रमन सिंह धैर्य न खोए, पहले हावर्ड विवि में मुख्यमंत्री का वक्तव्य तो हो जाने दें : मोहन मरकाम

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि रमन सिंह धैर्य न खोए,ज्यादा बेचैन होने की जरूरत नहीं है। पहले हार्वर्ड विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री का वक्तव्य तो हो जाने दे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की पीड़ा स्वाभाविक है,जो 15 साल में नहीं कर पाए, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक साल में हासिल कर दिए। 15 साल के रमन सरकार का विकास सिर्फ भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों को दिखता था। छत्तीसगढ़ की जनता विकास से महरूम थी। अब एक साल का विकास जनता देख रही है और भाजपा और आरएसएस को विकास नहीं दिख रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की योजना नरवा, गरूवा, घुरवा बाड़ी भी राज्य के बाहर देश में सराहा गया। अब विदेशों में चर्चा हो रही है तो रमन भाजपा को पीड़ा हो रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि विश्व जाने माने हावर्ड विश्वविद्यालय में इंडिया कान्क्लेव आयोजित की गई है,जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आमंत्रित किया गया है। यह हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है, खुशी की बात है। छत्तीसगढ़ सरकार की उपलब्धियों ने विश्व के इतने नामचीन विश्व विद्यालय का ध्यान आकर्षित किया है और छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान के प्रतीक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वहां जाकर छत्तीसगढ़ के बात कहेंगे छत्तीसगढ़ के लोगों की बात कहेंगे इससे ज्यादा खुशी की बात हम सबके लिये क्या हो सकती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हार्वर्ड विश्वविद्यालय में इंडिया कान्क्लेव में भाग लेने के लिए गए हैं, जिसमें भाजपा के भी अनेक केंद्रीय मंत्री और नेता और अनेक मुख्यमंत्री भाग ले रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी को इससे बौखलाहट नहीं चाहिये। रमन सिंह और भाजपा की इस पर टीका टिप्पणी कदापि उचित नहीं है।  

 

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