GLIBS
05-01-2021
केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश बेरोजगारी के मामले में 45 साल पीछे : धनंजय ठाकुर

रायपुर। भाजपा प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि भाजपा प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी को बयान देने से पहले स्वविवेक का इस्तेमाल करना चाहिए। थोड़ा पढ़ लिख लेना चाहिए। छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं के भरोसे बयानबाजी कर डी. पुरंदेश्वरी अपनी फजीहत ही करा रही है । पूर्व के रमन भाजपा शासनकाल में सितंबर 2018 में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 22.2 प्रतिशत थी,जो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के रोजगार देने किए गए कारगर उपायों के बाद घटकर 3.5 प्रतिशत हुई। यह आंकड़ा बेरोजगारी के मामले में राष्ट्रीय आंकड़ा 6.51 प्रतिशत से 3.1 प्रतिशत कम है। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि भाजपा प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने रोजगार देने में असफलता का आरोप मोदी भाजपा की केंद्र सरकार पर लगाया है। मोदी सरकार ने युवाओं को प्रति वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। बीते 7 साल में 14 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलना था, वह अब तक नहीं मिल पाया है।

उसके विपरीत मोदी सरकार के मनमानी तरीके से लागू की गई नोटबंदी और जीएसटी, गलत नीतियों के कारण देश में जिनके हाथ में रोजगार था ऐसे 20करोड़ हाथों से रोजगार छीना गया है। व्यापार व्यवसाय चौपट है। केंद्र की सरकारी पदों पर भर्तियां नहीं हो रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ युवाओं को नहीं मिल पा रहा है। 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का अता-पता नहीं है। मोदी भाजपा की गलत नीतियों के कारण देश में बेरोजगारी 45 साल पुराने स्थिति में है। जिनके हाथ में रोजगार था वह भी बेरोजगार हो गया है। उद्योगपति देश छोड़कर जाने मजबूर हैं। सरकारी कंपनियों का निजीकरण मोदी सरकार कर रही है और निजी कंपनियां बंद हो रही है। इसके लिए कोई जिम्मेदार है तो मोदी भाजपा की सरकार जिम्मेदार है।

 

30-12-2020
भूपेश सरकार के आर्थिक उपायों से बेरोजगारी पर लगाम,नवंबर में बेरोजगारी दर मात्र 3.5 प्रतिशत रही

रायपुर। देशव्यापी मंदी के बीच छत्तीसगढ़ ने अपने आर्थिक उपायों से राज्य में बेरोजागरी दर को लगातार नियंत्रित रखने में सफलता पाई है। माह नवंबर में छत्तीसगढ़ में बेरोजारी दर 3.5 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय दर 6.51 प्रतिशत की तुलना में  3.01 प्रतिशत कम है। राज्य में सितंबर 2018 में बेरोजगारी दर 22.2 प्रतिशत थी। कोरोना संकट और लॉकडाउन के बावजूद छत्तीसगढ़ में इसमें लगातार कमी आई। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआई) ने आंकड़े जारी किए  हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ का आंकड़ा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, गोवा, झारखंड, केरल, मध्यप्रदेश,पंजाब, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की तुलना में बहुत कम है। जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक नवंबर माह में आंध्र प्रदेश में बेरोजगारी दर 6.0, असम में 4.0, बिहार में 10.0, दिल्ली में 6.6, गोवा में 15.9, गुजरात में 3.9, हरियाणा में 25.6, हिमाचल प्रदेश में 13.8, जम्मू-कश्मीर में 8.6, झारखंड में 9.6, केरल में 5.8, मध्यप्रदेश में 4.4, पंजाब में 7.6, राजस्थान में 18.6, त्रिपुरा में 13.1, उत्तरप्रदेश में 5.2 तथा पश्चिम बंगाल में 11.2 प्रतिशत रही। जबकि कर्नाटक में 1.9, महाराष्ट्र में 3.1, मेघालय में 1.1, ओडिशा में 1.7, पांडुचेरी में 2.2, सिक्किम में 1.9, तमिलनाडु में 1.1, तेलंगाना में 1.5 था उत्तराखंड में 1.5 प्रतिशत दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान देश में औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, जिसका देश की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा था। इसी दौरान राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए रणनीति तैयार कर काम शुरू किया। लॉकडाउन के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में छत्तीसगढ़ अव्वल रहा।

उस अवधि में कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। आरबीआई ने भी छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की थी। इसी दौरान वनोपज संग्राहकों को भी राज्य शासन ने राहत दी। लॉकडाउन के दौरान देश में कुल संग्रहित लघु-वनोपजों का 73 प्रतिशत छत्तीसगढ़ में संग्रहित किया गया। लघु-वनोपजों की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु-वनोपजों की संख्या 07 से बढ़ाकर 52 कर दी गई। जुलाई माह में जबकि दिल्ली, पांडुचेरी, राजस्थान, गोवा जैसे राज्यों में बेरोजगारी दर बढ़ रही थी, तब छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर जून माह के 14.4 प्रतिशत से घटकर 9 प्रतिशत के स्तर पर आ गई थी। छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ हो गई थीं। कोरोना की रोकथाम और बचाव के उपायों के साथ राज्य की औद्योगिक इकाईयों ने उत्पादन शुरू कर दिया था। राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित किसान हितैषी योजनाओं तथा जनकल्याणकारी फैसलों से भी उत्साहजनक वातावरण बना। गोधन न्याय योजना शुरू होने तथा गौठानों में आजीविका संबंधी गतिविधियों में तेजी आने से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। सितंबर माह में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर घटकर मात्र दो प्रतिशत रह गई थी, जोकि देश में असम के बाद सबसे कम बेरोजगारी दर थी। अनलॉक होते ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ ली थी, राज्य में जीएसटी कलेक्शन में अच्छी वृद्धि हुई। ऑटोमोबाइल, एग्रीकल्चर समेत सभी सेक्टरों में तेजी आती गई। सितंबर माह में देश में अव्वल रहने वाला असम नवंबर माह में फिसल कर छत्तीसगढ़ के बाद के क्रम में आ गया।

30-11-2020
कोरोना और बेरोजगारी झेल रहे देश पर महंगाई की मार बर्दाश्त से बाहर: मोहन मरकाम

रायपुर। पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के विरोध में मोदी सरकार की आर्थिक लूट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव तक पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ायें गये और अब पेट्रोल-डीजल के दामों में रोज मोदी सरकार वृद्धि कर रही है,जिससे महंगाई भी बढ़ रही है। बिहार चुनाव खत्म होते ही मोदी सरकार एक सप्ताह से रोज पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देशवासियों से मुनाफाखोरी व जबरन वसूली की हर रोज नई मिसाल पेश कर रही है। पहले तो मोदी सरकार ने कहा था कि पेट्रोल-डीजल के दाम अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ें जायेंगे लेकिन यह दावा भी मोदी सरकार के अन्य दावों की तरह झूठ निकला। पेट्रोल-डीजल के महंगे दामों की मार गरीब आदमी और मध्यम वर्ग झेल रहा है। डीजल महंगा होने के कारण खेती की लागत बढ़ गयी है। किसान के धान का दाम केन्द्र सरकार ठीक से बढ़ाती नहीं और महंगाई बढ़ाती जा रही है। डीजल महंगा होने से परिवहन की लागत बढ़ गयी है। अनाज सब्जी हर वस्तु के दाम बढ़े है। आम उपभोक्ता महंगाई से त्रस्त है। गृहणियों के घर का बजट बिगड़ गया है। रसोई गैस सिलेंडर भी लगातार महंगे होते जा रहे है।

मोहन मरकाम ने कहा है कि 130 करोड़ भारतीय कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। बेरोजगारी के समय में रोजी-रोटी की मार झेल रहे हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और संकट के इस समय में भी जनविरोधी केंद्र की भाजपा सरकार देशवासियों की खून पसीने की कमाई डीजल-पेट्रोल का दाम बढ़ाकर लूटने में लगी है। आज कच्चे तेल की कीमतें पूरी दुनिया में अपने न्यूनतम स्तर पर हैं। उनका लाभ 130 करोड़ देशवासियों को देने की बजाए मोदी सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर निर्दयी तरीके से टैक्स लगाकर मुनाफाखोरी कर रही है। विपदा के समय इस प्रकार पेट्रोल-डीज़ल पर टैक्स लगाकर देशवासियों की गाढ़ी कमाई को लूटना ‘आर्थिक अराजकता’ है। कोरोना महामारी व गंभीर संकट के इस काल में पूरी दुनिया की सरकारें जनता की जेब में पैसा डाल रही हैं, पर मोदी सरकार इसके ठीक विपरीत काम कर रही है। मोहन मरकाम ने मांग की है कि घटे हुए अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों का लाभ आम लोगों को मिलना चाहिए और पेट्रोल-डीजल-एलपीजी गैस की कीमतों को 2004 के स्तर पर लाना चाहिए। मोहन मरकाम ने कहा है कि आज देश का हर एक व्यक्ति कोरोना की महामारी से लड़ रहा है। साथ-साथ बेरोजगारी से लड़ रहा है। 

 

22-11-2020
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री सच्चे झूठे का स्पष्टीकरण दें और झूठ बोल कर जनता को धोखा देने वाले दें इस्तीफा: विष्णुदेव

रायपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सावधान रहने कहा हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल से पूछा कि एक तरफ आप बेरोजगारी के आंकड़े पेश करते हैं, अपनी पीठ स्वयं थपथपाते हैं वहीं आपके सरकार में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू बेरोजगारी बढ़ने का हवाला देते हुए प्रदेश में अपराध बढ़ने की बात कहते हैं। बेरोजगारी पर आंकड़े जारी कर मुख्यमंत्री अपनी पीठ थपथपाते हैं और गृहमंत्री बेरोजगारी को अपराध बढ़ने का कारण बताते हैं, यह कैसा विरोधाभास, कौन सच्चा, कौन झूठा? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को आपस में तय कर प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि कौन सच कह रहा हैं और कौन झूठ बोल रहा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के दो महत्वपूर्ण व्यक्तियों के बयान में इतना बड़ा विरोधाभास जनता के बीच अविश्वास को जन्म देता हैं यह पूर्ण बहुमत और 70 विधायकों का दम्भ भरने वाली काँग्रेस सरकार के लिए आत्म चिंतन का विषय हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया कि प्रदेश की जनता जानना चाहती हैं आप दोनों में कौन सच्चा हैं और कौन झूठ आपको सामने आकर बताना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे विधायकों से लेकर मंत्रियों तक और मुख्यमंत्री के बीच इस प्रकार के विरोधाभास का यह कोई पहला मामला नहीं हैं। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच की तल्खियां जनता के सामने आ चुकी हैं। कुछ दिन पूर्व बिलासपुर के विधायक शैलेश पांडेय ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की मौजूदगी में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए रेट लिस्ट जारी करने की बात करते हुए विरोध प्रकट किया था। उन्होंने सरकार में बैठे महत्वपूर्ण जिम्मेदारों के बीच विरोधाभास के सामने आने को प्रदेश की जनता के हित के विरुद्ध बताते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जनता को स्पष्टीकरण देने कहा हैं।विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार को आपसी विरोधाभास वाली सरकार की संज्ञा देते हुए कहा कि आपस में ही एक दूसरे के विरोध से घिरी प्रदेश सरकार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दबाव और विरोध की ज्वालामुखी से घिर चुके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराध पर नियंत्रण कर पाने में पूर्ण रूप से विफल हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि आपसी विरोधाभास के बोझ से दबी प्रदेश सरकार को समझ नहीं आ रहा हैं कि अपनी नाकामी छुपाने कब कोरोना का बहाना बनाना हैं और कब नहीं। बीते 23 महीनों से लगातार कानून व्यवस्था बिगड़ रही हैं। हत्या, लूट, अपहरण,फिरौती,शराब तस्करी,ड्रग्स के बढ़ते मामले,चोरी, छेड़छाड़,बलात्कार और सामूहिक बलात्कार जैसी घटना लगातार बढ़ रही हैं। छत्तीसगढ़ को इस विरोधाभास से घिरी सरकार ने अपराध का गढ़ बना दिया हैं।विष्णुदेव साय ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराध और रोजगार के नाम पर झूठे आंकड़े पेश करने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से सच्चे झूठे का स्पष्टीकरण देने और झूठ बोल कर जनता को धोखा देने वाले से इस्तीफा मांगा हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में झूठ बोल कर जनता को ठगने वालों के लिए कोई स्थान नहीं इसलिए काँग्रेस के नेता आपसे में सच झूठ का फैसला कर जनता से माफी मांगे और इस्तीफा दें।

18-10-2020
भूपेश सरकार के फैसलों का कमाल, अब इस मामले में देशभर में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर सितंबर 2020 में घटकर 2 प्रतिशत रह गई है। ये राष्ट्रीय स्तर पर देश में बेरोजगारी की दर 6.8 प्रतिशत से काफी कम है। देश में शहरी क्षेत्रों में यह दर 7.9 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 6.3 प्रतिशत रही। सेन्टर फाॅर माॅनिटरिंग इंडियन इकानामी (सीएमआईई) की ओर से 16 अक्टूबर को बेरोजगारी दर के आंकड़े जारी किए गए हैं।

आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी की दर असम में 1.2 प्रतिशत के बाद छत्तीसगढ़ में सबसे कम 2 प्रतिशत है। जो देश के बड़े और विकसित राज्यों से काफी कम है। राजस्थान में बेरोजगारी की दर 15.3 प्रतिशत, दिल्ली में 12.2 प्रतिशत, बिहार में 11.9 प्रतिशत, हरियाणा में 19.1 प्रतिशत, पंजाब में 9.6 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 4.5 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 9.3 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 4.2 प्रतिशत, झारखण्ड में 8.2 प्रतिशत, ओडिसा में 2.1 प्रतिशत है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से लिए गए निर्णयों और फैसलों से छत्तीसगढ़ में उद्योगों सहित कृषि क्षेत्र में गतिविधियां तेजी से संचालित हो रही हैं। इससे छत्तीसगढ़ में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं बेरोजगारी की दर में कमी दर्ज की जा रही है। इसके पहले छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर जून माह में 14.4 से घटकर जुलाई माह में 9 प्रतिशत के स्तर पर आ गई थी। राज्य सरकार की ओर से लिए गए फैसलों से कोरोना काल में भी राज्य में लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर रखा गया। छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह से ही औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ हो गई थी। वर्तमान में लगभग शत-प्रतिशत उद्योगों में कोरोना से रोकथाम और बचाव के साथ काम शुरू हो गया है। अच्छी बारिश से राज्य में कृषि की गतिविधियों में तेजी आई है। मनरेगा में अधिक से अधिक रोजगार मूलक कार्यों के संचालन और लघुवनोपज की खरीदी से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़े। राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित किसान हितैषी योजनाओं और जनकल्याणकारी फैसलों से उत्साहजनक वातावरण बना है। अनलॉक होते ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ी, जिसकी वहज से छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन बढ़ा, ऑटोमोबाइल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में तेजी आई।

 

14-08-2020
सब्जी उगाकर सुरेश को मिली बेरोजगारी से आजादी, अब दे रहा 10-15 लोगों को खुद रोजगार

कोरबा। बेरोजगारी से संघर्ष कर आजादी पाने वाले सुरेश कुमार निर्मलकर जिले और प्रदेश के युवाओं के बीच सामाजिक, आर्थिक स्वतंत्रता के लिए आइकाॅन बन गए हैं। आज सुरेश ने सब्जी उत्पादन कर जिले के सब्जी व्यापारियों के बीच विशेष पहचान बना ली है। साल में लगभग 15-16 लाख रूपए का टर्न ओवर रखकर सब्जी उत्पादन करने वाले सुरेश कुमार के पतरापाली के 10 एकड़ खेत में 10 से 15 लोग लगातार काम कर रहे हैं। सुरेश ने कोरबा के डिग्री काॅलेज से आर्ट्स संकाय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। खुद सुरेश बताते हैं कि डिग्री लेने के बाद रोजगार के लिए तीन साल आफिस चक्कर लगाए। व्यवसाय के लिए लोन प्राप्त करने बैंको में गए, परंतु सब जगह सक्षमता और अनुभवहीनता के कारण बात नहीं बनी।
सुरेश कुमार छत्तीसगढ़ सरकार के उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के सम्पर्क में आए और उनकी बेरोजगारी की रात रोजगार के लम्बे दिनों में तब्दील हो गई। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने सुरेश कुमार निर्मलकर को सब्जियों की खेती करने की सलाह दी और जरूरी तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया। विभाग के अधिकारियों ने इसके साथ ही उन्हें बीज-खाद, दवाई और अन्य जरूरी सामानों के रूप में भी सब्जी की खेती के लिए मदद की। शुरूआत में सुरेश कुमार निर्मलकर ने कोरबा विकासखण्ड के पतरापाली में लीज़ पर जमीन लेकर लगभग तीन एकड़ रकबे में खीरा, करेला और बरबट्टी की फसल लगाई थी। सब्जियों को कोरबा, कटघोरा, पाली सहित उपनगरीय क्षेत्र दीपका में भी बेचकर सुरेश को पूरे सीजन में इन तीनों फसलों से लगभग आठ लाख रूपए मिले थे। सुरेश स्वयं बताते हैं कि पहली बार मेहनत का फल चखा, मन खुश हो गया। खीरा लगभग एक लाख 82 हजार रूपए का, करेला लगभग तीन लाख रूपए का और बरबट्टी लगभग तीन लाख रूपए की बेची थी।
सब्जी उगाने से फायदे को देखते हुए सुरेश निर्मलकर ने इस काम को व्यवसाय के रूप में विकसित करने का फैसला किया और बेंदरकोना गांव में दस एकड़ जमीन लीज़ पर लेकर सब्जियों का व्यवसायिक उत्पादन शुरू किया। बीज-खाद, दवाई के साथ-साथ जमीन पर ट्यूबवेल खुदवाकर ड्रिप सिस्टम भी उद्यानिकी विभाग से सब्सिडी पर लेकर सुरेश ने बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती शुरू कर दी। इस काम में हाथ बंटाने के लिए सुरेश ने 10-15 स्थानीय लोगो को भी काम पर रख लिया। करेला, बरबट्टी, डोंड़का, लौकी जैसी बेलदार सब्जियों के लिए उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में नई-नई तकनीकों का प्रयोग भी सुरेश कुमार अपने खेत में कर रहे हैं। उन्होने अधिक फसल उत्पादन, सिंचाई की समन्वित तकनीक और खरपतवारों से फसल को बचाने के लिए मल्चिंग पद्धति भी सब्जी उत्पादन के लिए अपना ली है। आज सुरेश कुमार के खेत में लगभग 10 एकड़ रकबे में सब्जियां लगी है। समय-समय पर सब्जियों की तौड़ाई कर उन्हें कोरबा सहित कटघोरा और दीपका की मंडियों में बेचकर सुरेश कुमार हर साल 10 से 15 लाख रूपए का टर्न-ओवर रख कर रहे हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार देने के साथ-साथ सुरेश कुमार पूरे जिले में सब्जी उत्पादन के लिए दूसरे लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं। सुरेश कुमार अपने इस व्यवसाय को निरंतर आगे बढ़ाने के प्रयास में लगे रहते हैं। वे अब कोरबा विकासखण्ड के ही गौड़ी गांव में ही तीन एकड़ जमीन और बुंदेली गांव में पांच एकड़ जमीन लीज़ पर लेकर बड़े पैमाने पर अलग-अलग सीजन में अलग-अलग सब्जियां उगाने की तैयारी कर रहे हैं। सुरेश कुमार के सब्जी उत्पादन के बारे में वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी दिनकर ने बताया कि सुरेश कुमार ने सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में कोरबा जिले में बड़े इन्टरप्रेन्योर के रूप में अपनी पहचान बना ली है। सब्जियां उगाने के साथ-साथ उसकी मार्केटिंग और भण्डारण आदि के बारे में भी उनकी जानकारी अच्छी है। लोगो को ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय लोगो को रोजगार से जोड़ने की सुरेश की यह पहल निश्चित ही दूसरे लोगो के लिए प्रेरणादायी है।

 

06-08-2020
सरकार को जनता की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं : आम आदमी पार्टी

रायपुर। 14580 चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग और प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी से परेशान युवाओं की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी लगातार आंदोलन कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने कहा कि शायद सरकार को जनता की समस्याओं से अब कोई सरोकार ही नहीं रह गया है। उन्हें सिर्फ पार्टी के लोगों को मलाइदार पदों पर नियुक्ति करने व उसके लिये मीटिंग करते रहने की आदत सी हो गयी है। कुछ कुछ दिनों में फिर कोई लोकलुभावन घोषणा कर दी जाएगी और फिर मंडल, निगम आदि के पदों पर नेताओं की नियुक्तियां कर दी जायेगी और जनता मुँह देखती रह जायेगी।

 

05-08-2020
भगवान राम के ननिहाल प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिये अब और न तरसाए सरकार : कोमल हुपेंडी

रायपुर। 24 जून से 14580 चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों और प्रदेश में बढ़ते बेरोजगारी से परेशान युवाओं की पीड़ा को लेकर आम आदमी पार्टी का आंदोलन जारी है। प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने प्रदेशवासियों को राम मंदिर के शिलान्यास की बधाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान राम के ननिहाल प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिये अब और न तरसाए ये कांग्रेस सरकार, नहीं तो डिजिटल आन्दोलन को और धारदार बनाते हुए सरकार को विवश कर देंगे। युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों को न्याय दिलाने के लिए इतना ही नहीं अब घोषणाओं और जुमलों से काम नहीं चलेगा। प्रदेश युवा उपाध्यक्ष संत सलाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के युवाओं के रोजगार और 14580 चयनित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आम आदमी पार्टी अब आर पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। डिजिटल युवा आंदोलन 1 अगस्त से 10 अगस्त तक लगातार इस संकल्प को और मजबूत बनाएगा। हम सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर लगातार प्रकाश डाल रहे है और आम जन भी ट्वीटर और फेसबुक पर उत्साह से आंदोलन में शामिल हो कर सफल बना रहे है लेकिन सिर्फ मीठे बोल बोलने वाली कांग्रेस सरकार पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है।

 

04-08-2020
छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ आप का डिजिटल युवा आंदोलन,कहा-वादा खिलाफी अब नहीं चलेगी

रायपुर। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में 14580 चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों और प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी से परेशान युवाओं की पीड़ा को लेकर आंदोलनरत है। प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने कहा कि आप अब डिजिटल युवा आंदोलन से युवाओं और आमजनता को जागरूक करेगा कि जनता से वादाखिलाफी अब नहीं चलेगी। हुपेंडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के युवाओं को जल्द से जल्द रोजगार उपलब्ध कराए। सरकार इस भ्रम में न रहे के आंदोलन कुचलने से खत्म हो गया। प्रदेश सचिव उत्तम जायसवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की ओर से हैशटैग#आप का डिजिटल युवा आंदोलन चलाया गया है। प्रदेश प्रवक्ता देवलाल नरेटी ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के युवाओं के रोजगार एवं 14580 चयनित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आम आदमी पार्टी संकल्प रत है और डिजिटल युवा आंदोलन 1 अगस्त से 10 अगस्त तक लगातार इस संकल्प को और मजबूत बनाएगा। हम सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर लगातार जगाने की कोशिश करेंगे और न सिर्फ युवा जन बल्कि आम जन भी ट्वीटर और फेसबुक पर उत्साह से आंदोलन में शामिल हो कर सफल बना रहे है।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804