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11-07-2021
बढ़ती आबादी से चिंतित होकर दुनिया मनाने लगी विश्व जनसंख्या दिवस 1989 में आज के ही दिन से

रायपुर। आज ही के दिन हर साल विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। लगातार अनकंट्रोल हो रही जनसंख्या देश के लिए परेशानी का एक बड़ा कराण बन सकती है। अशिक्षा, बेरोजगारी, भुखमरी और गरीबी अनियंत्रित होती आबादी का ही रिजल्ट है। बढ़ती पॉपुलेशन की इस बड़ी समस्या से निपटने के लिए परिवार नियोजन जैसे समाधान मौजूद है, लेकिन लोगों में जागरुकता की कमी के कारण इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है और यह लगातार बढ़ती ही जा रही है। बेवजह और लगातार बढ़ती पॉपुलेशन पर ब्रेक लगाने के लिए ही दुनियाभर में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस (वर्ल्ड पॉपुलेशन डे )मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की शासी परिषद ने पहली बार 1989 में तब हुई जब आबादी का आंकड़ा करीब 500 करोड़ के आस-पास पहुंच गया था। संयुक्त राष्ट्र की गवर्निंग काउंसिल के फैसले के अनुसार वर्ष 1989 में विकास कार्यक्रम में विश्व स्तर पर समुदाय की सिफारिश के द्वारा यह तय किया गया कि हर साल 11 जुलाई विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

21-06-2021
पढ़ाई के बाद बेरोजगारी ने सताया,शुरू की खेती किसानी,अब लोगों को दे रहे रोजगार,सुरेश निर्मलकर बने युवाओं के रोल माॅडल

कोरबा। सुरेश निर्मलकर खेती करके आर्थिक लाभ कमाने के कारण युवाओं के रोल माॅडल के रूप में उभर कर सामने आ रहे हैं। शहर के तुलसी नगर निवासी सुरेश युवाओं को खुद खेती करने और दूसरों को भी खेती में शामिल करके आर्थिक लाभ कमाने का प्रेरणा दे रहे हैं। काॅलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद बेरोजगारी से परेशान सुरेश ने खेती शुरू करके आर्थिक लाभ कमा रहे हैं साथ ही गांव के 40 लोगों को भी अपने खेती से जोड़कर रोजगार प्रदान कर रहे हैं। 18 जून को राजीव गांधी आडिटोरियम में विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन के वर्चुअल समारोह में प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने सुरेश निर्मलकर से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री बघेल ने सुरेश की मेहनत, लगन और खेती के प्रति सकारात्मक सोच के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन किसानों को हरसंभव मदद करने के लिए हमेशा तत्पर है। शासन की किसान हितैषी योजनाएं किसानों को आर्थिक लाभ प्रदान करने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती देने के लिए संचालित किए जा रहे हैं।


सुरेश ने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि काॅलेज में बीए की पढ़ाई पूरा करने के बाद रोजगार का कोई साधन नहीं मिलने से परेशान रहता था। उन्होंने खेती करने का निश्चय करते हुए राज्य शासन की उद्यानिकी विभाग की मदद सेे खेती करने की तकनीक सीखी। उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजना एवं सहयोग से उनके खेती करने के फैसले में काफी सकारात्मक बदलाव आया। सुरेश ने बताया कि उद्यानिकी विभाग से प्राप्त ड्रिप, मल्चिंग, सीड, सोलर पंप तथा अन्य तकनीकी सहयोग से खेती करने के लिए प्रोत्साहन मिला। सुरेश ने बताया कि शुरूआत में उन्होंने पतरापाली में लीज़ पऱ जमीन लेकर खेती शुरू की। एक एकड़ में खीरा का फसल उगाकर छह लाख रूपए का लाभ कमाया। बरबट्टी की फसल लेकर दो लाख 82 हजार रूपए का लाभ कमाया। उन्होंने बताया कि ग्राम गोढ़ी में 10 एकड़ जमीन लीज़ पर लेकर सब्जी उत्पादन का व्यवसाय निरंतर चालू रखा। सुरेश वर्तमान में ग्राम कोरकोमा में 20 एकड़ जमीन पर सब्जी उत्पादन कर रहे हैं तथा लगभग 40 लोगों को खेती से रोजगार प्रदान भी कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरणा स्रोत के रूप में खेती ही करने और खेती से जोड़कर लोगों को संबल बनाने में योगदान देने की बात कही।

 

09-06-2021
आम आदमी पार्टी ने बढ़ती महँगाई और बेरोजगारी के विरोध में किया प्रदर्शन

जगदलपुर। आम आदमी पार्टी ने जगदलपुर के गोल बाजार चौक में बढ़ती महँगाई और बेरोजगारी को लेकर प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रदर्शन किया गया। आम आदमी पार्टी के समीर खान ने कहा महँगाई से आमजन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। साथ ही साथ बेरोजगारी से त्रस्त जनता के लिए  राज्य सरकार ने अब तक राहत के नाम पर सिर्फ झूठे वादे ही किये है। महंगाई इस वक्त चरम पर है। अति आवश्यक चीजों के दामों में  वृद्धि हो गई है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पूरे जिला में पोस्टर बैनर के साथ जनता के बीच इस आंदोलन को लगातार प्रचारित कर रहे हैं। प्रदर्शन में समीर खान,संजना कश्यप, गीतेश सिंघाड़े, खीरपति, ईश्वर, ललित देवानंद, आसमान बघेल, शुभम सिंह उपस्थित थे।

 

05-06-2021
एक तरफ देश की जनता गरीबी से लड़ रही है और दूसरी तरफ महंगाई व बेरोजगारी बढ़ रही है : रेखचन्द जैन

जगदलपुर। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के अध्यक्ष राजीव शर्मा के नेतृत्व में केंद्र की मोदी सरकार के महंगाई के विरोध में वर्चुअल माध्यम से एक दिवसीय धरना- प्रदर्शन किया गया। शहर अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण बेहताहशा महंगाई बढ़ रही है और हर वर्ग का इससे बुरा हाल है महगांई की मार से आमजन बुरी तरह पीस रहा है लोगों का जीना मुहाल हो गया है। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने महंगाई बढ़ने के लिए मोदी सरकार की तानाशाही रवैया को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि केंद्र में जब से मोदी सरकार आई है दिन-दुनी रात-चौगुनी महंगाई बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश की जनता गरीबी से लड़ रही है और दूसरी तरफ महंगाई व बेरोजगारी बढ़ रही है। महापौर सफीरा साहू व निगम अध्यक्ष  कविता साहू ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार को महिलाओं का विरोधी बताया। इस दौरान जिला महामंत्री अनवर खान, हेमु उपाध्याय,जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष जीशान कुरैशी, आईटी सेल प्रदेश महासचिव योगेश पानीग्राही,खेल प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष जावेद खान व दंतेश्वर राव ने विधायक कार्यालय के सामने तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वर्चुअल माध्यम से कांग्रेसी नेताओं ने अपने-अपने घरों में भी धरना-प्रदर्शन किया।

 

01-06-2021
मोदी सरकार ने 7 साल के कार्यकाल में देश की जनता को महंगाई और बेरोजगारी के अलावा कुछ नहीं दिया :क्रांति बंजारे

राजनांदगांव। क्रांति बंजारे सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने इस 7 साल के कार्यकाल में देश की जनता को महंगाई और बेरोजगारी के अलावा कुछ नहीं दिया है और जिसे दिया है वो हैं सिर्फ हम दो हमारे दो, मोदी सरकार बस उन्ही के लिए कार्य किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निजीकरण को बढ़ावा देने से सरकारी संस्थान नीलाम हो रहे हैं। नौकरी का अवसर समाप्त हो रहे है,बेरोजगारी बढ़ रही है। कांति बंजारे ने कहा कि केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट,रेल्वे,बैंक को निजी हाथों में देकर देश की संपत्ति को बेचने का काम किया और सीधी तौर पर सरकारी नियंत्रण समाप्त कर दिया। इन 7 वर्षो में सभी आवश्यक वस्तुओ के दामों में बेतहाशा वृ़द्धि हुई दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुओ से लेकर डीजल- पेट्रोल ,खाद्य सामग्री के दाम उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके अनुपात में आम आदमी की आय नहीं बढी,जिससे गरीबी बढ़ी है।

05-01-2021
केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश बेरोजगारी के मामले में 45 साल पीछे : धनंजय ठाकुर

रायपुर। भाजपा प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि भाजपा प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी को बयान देने से पहले स्वविवेक का इस्तेमाल करना चाहिए। थोड़ा पढ़ लिख लेना चाहिए। छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं के भरोसे बयानबाजी कर डी. पुरंदेश्वरी अपनी फजीहत ही करा रही है । पूर्व के रमन भाजपा शासनकाल में सितंबर 2018 में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 22.2 प्रतिशत थी,जो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के रोजगार देने किए गए कारगर उपायों के बाद घटकर 3.5 प्रतिशत हुई। यह आंकड़ा बेरोजगारी के मामले में राष्ट्रीय आंकड़ा 6.51 प्रतिशत से 3.1 प्रतिशत कम है। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि भाजपा प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने रोजगार देने में असफलता का आरोप मोदी भाजपा की केंद्र सरकार पर लगाया है। मोदी सरकार ने युवाओं को प्रति वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। बीते 7 साल में 14 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलना था, वह अब तक नहीं मिल पाया है।

उसके विपरीत मोदी सरकार के मनमानी तरीके से लागू की गई नोटबंदी और जीएसटी, गलत नीतियों के कारण देश में जिनके हाथ में रोजगार था ऐसे 20करोड़ हाथों से रोजगार छीना गया है। व्यापार व्यवसाय चौपट है। केंद्र की सरकारी पदों पर भर्तियां नहीं हो रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ युवाओं को नहीं मिल पा रहा है। 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का अता-पता नहीं है। मोदी भाजपा की गलत नीतियों के कारण देश में बेरोजगारी 45 साल पुराने स्थिति में है। जिनके हाथ में रोजगार था वह भी बेरोजगार हो गया है। उद्योगपति देश छोड़कर जाने मजबूर हैं। सरकारी कंपनियों का निजीकरण मोदी सरकार कर रही है और निजी कंपनियां बंद हो रही है। इसके लिए कोई जिम्मेदार है तो मोदी भाजपा की सरकार जिम्मेदार है।

 

30-12-2020
भूपेश सरकार के आर्थिक उपायों से बेरोजगारी पर लगाम,नवंबर में बेरोजगारी दर मात्र 3.5 प्रतिशत रही

रायपुर। देशव्यापी मंदी के बीच छत्तीसगढ़ ने अपने आर्थिक उपायों से राज्य में बेरोजागरी दर को लगातार नियंत्रित रखने में सफलता पाई है। माह नवंबर में छत्तीसगढ़ में बेरोजारी दर 3.5 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय दर 6.51 प्रतिशत की तुलना में  3.01 प्रतिशत कम है। राज्य में सितंबर 2018 में बेरोजगारी दर 22.2 प्रतिशत थी। कोरोना संकट और लॉकडाउन के बावजूद छत्तीसगढ़ में इसमें लगातार कमी आई। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआई) ने आंकड़े जारी किए  हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ का आंकड़ा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, गोवा, झारखंड, केरल, मध्यप्रदेश,पंजाब, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की तुलना में बहुत कम है। जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक नवंबर माह में आंध्र प्रदेश में बेरोजगारी दर 6.0, असम में 4.0, बिहार में 10.0, दिल्ली में 6.6, गोवा में 15.9, गुजरात में 3.9, हरियाणा में 25.6, हिमाचल प्रदेश में 13.8, जम्मू-कश्मीर में 8.6, झारखंड में 9.6, केरल में 5.8, मध्यप्रदेश में 4.4, पंजाब में 7.6, राजस्थान में 18.6, त्रिपुरा में 13.1, उत्तरप्रदेश में 5.2 तथा पश्चिम बंगाल में 11.2 प्रतिशत रही। जबकि कर्नाटक में 1.9, महाराष्ट्र में 3.1, मेघालय में 1.1, ओडिशा में 1.7, पांडुचेरी में 2.2, सिक्किम में 1.9, तमिलनाडु में 1.1, तेलंगाना में 1.5 था उत्तराखंड में 1.5 प्रतिशत दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान देश में औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, जिसका देश की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा था। इसी दौरान राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए रणनीति तैयार कर काम शुरू किया। लॉकडाउन के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में छत्तीसगढ़ अव्वल रहा।

उस अवधि में कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। आरबीआई ने भी छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की थी। इसी दौरान वनोपज संग्राहकों को भी राज्य शासन ने राहत दी। लॉकडाउन के दौरान देश में कुल संग्रहित लघु-वनोपजों का 73 प्रतिशत छत्तीसगढ़ में संग्रहित किया गया। लघु-वनोपजों की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु-वनोपजों की संख्या 07 से बढ़ाकर 52 कर दी गई। जुलाई माह में जबकि दिल्ली, पांडुचेरी, राजस्थान, गोवा जैसे राज्यों में बेरोजगारी दर बढ़ रही थी, तब छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर जून माह के 14.4 प्रतिशत से घटकर 9 प्रतिशत के स्तर पर आ गई थी। छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ हो गई थीं। कोरोना की रोकथाम और बचाव के उपायों के साथ राज्य की औद्योगिक इकाईयों ने उत्पादन शुरू कर दिया था। राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित किसान हितैषी योजनाओं तथा जनकल्याणकारी फैसलों से भी उत्साहजनक वातावरण बना। गोधन न्याय योजना शुरू होने तथा गौठानों में आजीविका संबंधी गतिविधियों में तेजी आने से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। सितंबर माह में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर घटकर मात्र दो प्रतिशत रह गई थी, जोकि देश में असम के बाद सबसे कम बेरोजगारी दर थी। अनलॉक होते ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ ली थी, राज्य में जीएसटी कलेक्शन में अच्छी वृद्धि हुई। ऑटोमोबाइल, एग्रीकल्चर समेत सभी सेक्टरों में तेजी आती गई। सितंबर माह में देश में अव्वल रहने वाला असम नवंबर माह में फिसल कर छत्तीसगढ़ के बाद के क्रम में आ गया।

30-11-2020
कोरोना और बेरोजगारी झेल रहे देश पर महंगाई की मार बर्दाश्त से बाहर: मोहन मरकाम

रायपुर। पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के विरोध में मोदी सरकार की आर्थिक लूट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव तक पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ायें गये और अब पेट्रोल-डीजल के दामों में रोज मोदी सरकार वृद्धि कर रही है,जिससे महंगाई भी बढ़ रही है। बिहार चुनाव खत्म होते ही मोदी सरकार एक सप्ताह से रोज पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देशवासियों से मुनाफाखोरी व जबरन वसूली की हर रोज नई मिसाल पेश कर रही है। पहले तो मोदी सरकार ने कहा था कि पेट्रोल-डीजल के दाम अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ें जायेंगे लेकिन यह दावा भी मोदी सरकार के अन्य दावों की तरह झूठ निकला। पेट्रोल-डीजल के महंगे दामों की मार गरीब आदमी और मध्यम वर्ग झेल रहा है। डीजल महंगा होने के कारण खेती की लागत बढ़ गयी है। किसान के धान का दाम केन्द्र सरकार ठीक से बढ़ाती नहीं और महंगाई बढ़ाती जा रही है। डीजल महंगा होने से परिवहन की लागत बढ़ गयी है। अनाज सब्जी हर वस्तु के दाम बढ़े है। आम उपभोक्ता महंगाई से त्रस्त है। गृहणियों के घर का बजट बिगड़ गया है। रसोई गैस सिलेंडर भी लगातार महंगे होते जा रहे है।

मोहन मरकाम ने कहा है कि 130 करोड़ भारतीय कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। बेरोजगारी के समय में रोजी-रोटी की मार झेल रहे हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और संकट के इस समय में भी जनविरोधी केंद्र की भाजपा सरकार देशवासियों की खून पसीने की कमाई डीजल-पेट्रोल का दाम बढ़ाकर लूटने में लगी है। आज कच्चे तेल की कीमतें पूरी दुनिया में अपने न्यूनतम स्तर पर हैं। उनका लाभ 130 करोड़ देशवासियों को देने की बजाए मोदी सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर निर्दयी तरीके से टैक्स लगाकर मुनाफाखोरी कर रही है। विपदा के समय इस प्रकार पेट्रोल-डीज़ल पर टैक्स लगाकर देशवासियों की गाढ़ी कमाई को लूटना ‘आर्थिक अराजकता’ है। कोरोना महामारी व गंभीर संकट के इस काल में पूरी दुनिया की सरकारें जनता की जेब में पैसा डाल रही हैं, पर मोदी सरकार इसके ठीक विपरीत काम कर रही है। मोहन मरकाम ने मांग की है कि घटे हुए अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों का लाभ आम लोगों को मिलना चाहिए और पेट्रोल-डीजल-एलपीजी गैस की कीमतों को 2004 के स्तर पर लाना चाहिए। मोहन मरकाम ने कहा है कि आज देश का हर एक व्यक्ति कोरोना की महामारी से लड़ रहा है। साथ-साथ बेरोजगारी से लड़ रहा है। 

 

22-11-2020
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री सच्चे झूठे का स्पष्टीकरण दें और झूठ बोल कर जनता को धोखा देने वाले दें इस्तीफा: विष्णुदेव

रायपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सावधान रहने कहा हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल से पूछा कि एक तरफ आप बेरोजगारी के आंकड़े पेश करते हैं, अपनी पीठ स्वयं थपथपाते हैं वहीं आपके सरकार में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू बेरोजगारी बढ़ने का हवाला देते हुए प्रदेश में अपराध बढ़ने की बात कहते हैं। बेरोजगारी पर आंकड़े जारी कर मुख्यमंत्री अपनी पीठ थपथपाते हैं और गृहमंत्री बेरोजगारी को अपराध बढ़ने का कारण बताते हैं, यह कैसा विरोधाभास, कौन सच्चा, कौन झूठा? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को आपस में तय कर प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि कौन सच कह रहा हैं और कौन झूठ बोल रहा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के दो महत्वपूर्ण व्यक्तियों के बयान में इतना बड़ा विरोधाभास जनता के बीच अविश्वास को जन्म देता हैं यह पूर्ण बहुमत और 70 विधायकों का दम्भ भरने वाली काँग्रेस सरकार के लिए आत्म चिंतन का विषय हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया कि प्रदेश की जनता जानना चाहती हैं आप दोनों में कौन सच्चा हैं और कौन झूठ आपको सामने आकर बताना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे विधायकों से लेकर मंत्रियों तक और मुख्यमंत्री के बीच इस प्रकार के विरोधाभास का यह कोई पहला मामला नहीं हैं। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच की तल्खियां जनता के सामने आ चुकी हैं। कुछ दिन पूर्व बिलासपुर के विधायक शैलेश पांडेय ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की मौजूदगी में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए रेट लिस्ट जारी करने की बात करते हुए विरोध प्रकट किया था। उन्होंने सरकार में बैठे महत्वपूर्ण जिम्मेदारों के बीच विरोधाभास के सामने आने को प्रदेश की जनता के हित के विरुद्ध बताते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जनता को स्पष्टीकरण देने कहा हैं।विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार को आपसी विरोधाभास वाली सरकार की संज्ञा देते हुए कहा कि आपस में ही एक दूसरे के विरोध से घिरी प्रदेश सरकार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दबाव और विरोध की ज्वालामुखी से घिर चुके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराध पर नियंत्रण कर पाने में पूर्ण रूप से विफल हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि आपसी विरोधाभास के बोझ से दबी प्रदेश सरकार को समझ नहीं आ रहा हैं कि अपनी नाकामी छुपाने कब कोरोना का बहाना बनाना हैं और कब नहीं। बीते 23 महीनों से लगातार कानून व्यवस्था बिगड़ रही हैं। हत्या, लूट, अपहरण,फिरौती,शराब तस्करी,ड्रग्स के बढ़ते मामले,चोरी, छेड़छाड़,बलात्कार और सामूहिक बलात्कार जैसी घटना लगातार बढ़ रही हैं। छत्तीसगढ़ को इस विरोधाभास से घिरी सरकार ने अपराध का गढ़ बना दिया हैं।विष्णुदेव साय ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराध और रोजगार के नाम पर झूठे आंकड़े पेश करने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से सच्चे झूठे का स्पष्टीकरण देने और झूठ बोल कर जनता को धोखा देने वाले से इस्तीफा मांगा हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में झूठ बोल कर जनता को ठगने वालों के लिए कोई स्थान नहीं इसलिए काँग्रेस के नेता आपसे में सच झूठ का फैसला कर जनता से माफी मांगे और इस्तीफा दें।

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