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13-05-2020
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की तमाम घोषणाएं सिर्फ और सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी : रमेश वल्यार्नी

रायपुर। कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ और कांग्रेस के वरिष्ठ  प्रवक्ता रमेश वल्यार्नी ने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को आर्थिक पैकेज की घोषणा की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी और यह कहा था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसे आज से घोषित करेंगी। इसी परिपेक्ष में आज पहली घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की जो बेहद निराशाजनक रही। वल्यार्नी ने कहा है कि देश का आम आदमी भूख प्यास और बेबसी के शिकार प्रवासी मजदूर और वित्तीय संकट का सामना कर रहे लघु उद्योग इकाइयों को बड़ी आशा थी कि आज वित्त मंत्री की घोषणा से उन्हें कोई राहत मिलेगी लेकिन दुर्भाग्य से घोषणा में ऐसा कुछ भी नहीं था। कोरोना और लॉक डाउन के कारण देश के जिन मजदूरों किसानों ठेले वालों खोमचे वालों छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी छिन गई और जो सड़क पर आ गए हैं, उनके लिए इस वित्तीय पैकेज में कुछ भी नहीं है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पूरा फोकस उद्योगों पर था और उद्योगों को भी केवल ऋण बढ़ाया गया है। किसी प्रकार की कोई राहत उद्योगों को भी नहीं पहुंचाई गई। भारत में 45 लाख लघु और अति लघु उद्योग इकाइयां हैं जिनसे लॉक डाउन के पहले 12 करोड़ लोगों को रोजगार मिलता था । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन इकाइयों के लिए तीन लाख करोड़ के लोन की घोषणा मात्र की है।  वल्यार्नी ने कहा है कि ऋण को राहत कहना गलत है। अनुभव यह बताता है कि सरकारी घोषणाओं के बावजूद बैंकों द्वारा लघु उद्योग इकाइयों को ऋण नहीं दिया जाता। वित्तमंत्री की  कोरी घोषणा से कुछ नहीं होगा। इसका जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन आवश्यक है जिसका दुर्भाग्य से मोदी सरकार में अभी तक अभाव है। वित्त मंत्री के पास इस सवाल का भी कोई जवाब नहीं था कि लघु उद्योग इकाइयां यह ऋण लेकर क्या करेंगे जब उनके पास काम करने वाले मजदूर और कच्चा माल ही नहीं है और इन ऋणों को यह लघु उद्योग इकाइयां पटायेंगी कैसे ? 

वल्यार्नी ने कहा है कि आज स्वयं वित्त मंत्री को पत्रकारवार्ता में यह स्वीकार करना पड़ा कि उद्योग इकाइयां कोरोना संकट के कारण कच्चे माल और मजदूरों की अनुपलब्धता के कारण ऋण नहीं उठा रही हैं । ऋण लघु उद्योग इकाइयां तभी उठाएंगी जब उनके माल की खपत सुनिश्चित हो। वर्तमान में खपत  सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने और वित्त मंत्री ने कोई कदम नहीं उठाए हैं। गृह निर्माण और कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में मजदूरों की कमी की स्थिति बनी हुई है और सबसे बड़ी बात इन क्षेत्रों में मांग ही नहीं है। इन इकाइयों के लिये अभी ऋण लेना और बाद में जब बैंक ऋण वापस मांगेंगे तो ऋण पटाने की स्थिति नहीं होना, इन इकाइयों के लिए आत्मघाती स्थिति होगी।वल्यार्नी ने कहा है कि जब तक मजदूर किसानों लघु उद्यमियों छोटे दुकानदारों के खातों में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर नहीं होगा तब तक अर्थव्यवस्था का उठाव और मांग बढ़ना संभव ही नहीं है। इस तथ्य को मोदी सरकार स्वीकार करना तो दूर समझ ही नहीं पा रही है। आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई घोषणाएं किसी भी प्रकार से राहत पैकेज नहीं है बल्कि अधिक से अधिक लोन पैकेज मात्र है,जिसमें बैंकों के माध्यम से लघु उद्योग इकाइयों के लिए ऋणों की घोषणा की गई है। लेकिन यह ऋण पटेंगें कैसे और इन लघु उद्योग इकाइयों की उत्पादों की मांग कैसे बढ़ेगी इस बारे में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कुछ भी नहीं कहा गया है। यही इस पैकेज की सबसे बड़ी विफलता है।
आर्थिक पैकेज में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा टीडीएस के दरों में कमी और इनकम टैक्स रिफंड में छूट का दावा करना बेहद हास्यास्पद है। यह तो आयकर दाताओं का ही पैसा है और इसमें किसी भी प्रकार की छूट वित्त मंत्रालय द्वारा नहीं दी गई है। लोगों के पैसों से करदाताओं के पैसों से उन्हीं को छूट देने का दावा करना पूरी तरीके से गलत है और यह तो सीधे-सीधे आंखों में धूल झोंकना है। कुल मिलाकर आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तमाम घोषणाएं सिर्फ और सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी है और इनसे मजदूरों को किसानों को फुटकर व्यापारियों को लघु उद्योगों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिल सकेगी।

29-02-2020
तीसरे दिन भी जारी है आयकर की कार्रवाई, नोट गिनने लगानी पड़ी मशीनें

रायपुर। राजधानी सहित प्रदेश के अन्य जिलों में जारी आयकर की कार्रवाई का शनिवार को तीसरा दिन है। अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। कारोबारी, नेताओं और अधिकारियों के यहां दबिश के बाद से इतने नोट मिल रहे हैं कि आयकर की टीम को सभी जगह नोट गिनने मशीन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। बता दें कि गुरुवार को प्रदेश के बड़े रसूखदारों के यहां आईटी की टीमों ने दबिश दी। यहां से करोड़ों में नगदी, प्रॉपर्टी सहित निवेश के दस्तावेज और अन्य सम्पत्ति की जानकारी सामने आ रही है। जगदलपुर, बिलासपुर और भिलाई में भी रसूखदारों के यहां कार्रवाई जारी है।

महापौर एजाज ढेबर के निवास पर आयकर की कार्रवाई के बाद टीम को कई इनपुट मिल रहे हैं। ढेबर के करीबी अफरोज के निवास और अन्य ठिकानों पर आयकर की टीम ने दबिश दी है। एजाज ढ़ेबर के ठिकानों पर कार्रवाई के दौरान करीबी अफरोज के अलावा अनवर के संबंध में भी इनपुट मिला है। ब्यूटी एक्सपर्ट और महिला चेम्बर की नेता मीनाक्षी टुटेजा के निवास सहित सेलून में आयकर की टीम मौजूद है। सीए जैन और संचेती के घर और कार्यालय में आयकर के अधिकारी मौजूद हैं।

 

22-01-2020
कर चोरी मामले में कार्ति चिदंबरम को मिली राहत, हाईकोर्ट ने कार्यवाही पर लगाई अंतरिम रोक

नई दिल्ली। मद्रास हाईकोर्ट ने कर चोरी मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने कांग्रेस सांसद कार्ति और उनकी पत्नी श्रीनिधि के खिलाफ कार्यवाही पर 27 जनवरी तक अंतरिम रोक लगा दी। कार्ति और श्रीनिधि के खिलाफ निचली कोर्ट में टैक्स चोरी का मामला लंबित है। दोनों ने सांसदों और विधायकों से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष कोर्ट की कार्यवाही पर रोक की मांग की थी। यह मामला कार्ति और श्रीनिधि को चेन्नई के पास मुत्तूकदू में जमीन की बिक्री से मिले 1.35 करोड़ रुपये की राशि का कथित तौर पर खुलासा न करने जाने से जुड़ा है। इन याचिकाओं में कहा गया कि यह सौदा पूरा हो गया था और इस बारे में 2015 में आयकर रिटर्न दाखिल किया गया था, जब कार्ति सांसद नहीं थे। चेन्नई में आयकर जांच के उपनिदेशक सितंबर, 2018 में कार्ति और उनकी पत्नी के खिलाफ आईटी अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में मामले को विशेष अदालत के पास भेज दिया गया था।

 

11-01-2020
36 घंटे चली आयकर टीम की छापे की कार्यवाही

गुना। आयकर टीम की छापे की कार्यवाही 36 घंटे चली। बता दें कि आयकर टीम ने 9 जनवरी को सुबह व्यवसायी प्रेमनारायण रौठार के ठिकानों पर छापा मारा था। आयकर टीम ने 10 जनवरी शाम 6 बजे तक 36 घंटे सर्चिंग की। गुना,अशोकनगर से आयकर की टीम क्या मिला इसकी अधिकृत जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन चर्चा है कि छापे में कुछ खास नहीं मिला। इसके अलावा यह भी पता चला है कि सर्च की कार्रवाई गुना, अशोकनगर जिले तक ही सीमित रही।


राकेश किरार की रिपोर्ट

 

 

 

 

16-04-2019
आयकर विभाग ने डीएमके नेता कनिमोझी के घर मारा छापा

चेन्नई। आयकर विभाग ने मंगलवार को डीएमके नेता कनिमोझी के घर पर  छापा मारा है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने पूरे घर को अपने कब्जे में ले रखा है और किसी को भी अंदर या बाहर जाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। आयकर विभाग के इस छापे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने कहा है कि भाजपा के तमिलनाडु इकाई अध्यक्ष तमिलिसाई सौंदर्यराजन के घर पर करोड़ों रुपए हैं, इसके बावजूद आयकर विभाग उनके यहां छापा क्यों नहीं मार रहा है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग से इस संबंध में शिकायत की गई है लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मैं भविष्य में चुनाव आयोग में सुधारों का आह्वान करता हूं। बता दें कि डीएमके के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद कनिमोझी दक्षिणी तमिलनाडु में तूतीकोरिन निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं। कनिमोझी पहली बार लोकसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। 

09-04-2019
Income Tax Raid: जेआर ट्रेडर्स में आयकर का छापा, जांच जारी

रायपुर। आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार को फाफाडीह लालगंगा मिडास स्थित जेआर ट्रेडर्स के दफ्तर में दबिश दी। आईटी विभाग के अधिकारी यहां दस्तावेजों की छानबीन कर रहे हैं। बता दें कि जेआर ट्रेडर्स तेंदूपत्ता का व्यापारी है। आईटी सेल को टैक्स चोरी की सूचना मिली थी। इसके बाद आयकर विभाग की दो टीमों में डेढ़ दर्जन से अधिक अधिकारी व कर्मचारी दबिश देकर छानबीन कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक कार्रवाई जारी है।

16-01-2019
Income Tax: कंस्ट्रक्शन कंपनी के 8 ठिकानों पर आयकर की दबिश

रायपुर। राजधानी रायपुर के यूबीवी इन्फ्रास्ट्रक्चर और हनुमंत कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के संचालक आरएस राणा के 8 ठिकानों पर आयकर विभाग बुधवार को छापामारा। आयकर अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।

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