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09-08-2020
Video: शहर के हॉट बाजार में कराया जा रहा आरटीपीसीआर से कोरोना टेस्ट

अम्बिकापुर। सरगुजा में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर की कई महीनों बाद जांच प्रक्रिया की शुरुआत की गई है। इसी को देखते हुए सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा ने निर्देश दिया है कि  अम्बिकापुर शहर के हॉट बाजार और छोटे सब्जी व्यापारियों का आरटीपीसीआर पद्धति से जांच किया जाए। शहर कला केंद्र मैदान में लगने वाले फल दुकान से लेकर सब्जी दुकानदारों का  कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। टेस्ट करने वाले स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कोरोना महामारी की चेन को तोड़ने के लिए बाजारों में टोकन दिया जा रहा है। सभी सब्जी विक्रेता के नाम और मोबाइल नंबर लिख कर उन लोगो से जांच कराने को कहा जा रहा है। एक दिन में 100 से अधिक लोगों का चेक करने का लक्ष्य रखा गया है।

06-08-2020
सरगुजा संभाग के सभी जिलों में कोरिया में सबसे कम एक्टिव केस, कलेक्टर ने कहा - सतर्कता और जागरूकता से होंगे कामयाब

कोरिया। सरगुजा संभाग के अंतर्गत कोरिया जिले में कोविड-19 केस अन्य की अपेक्षा कम हैं। वर्तमान में सबसे कम 22 एक्टिव केस हैं जबकि आज की स्थिति में अंबिकापुर में 25 एक्टिव केस, सूरजपुर में 34 केस, जशपुर 37 केस और बलरामपुर में 34 एक्टिव केस हैं। साथ ही आज जिले में एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है।सरगुजा संभाग के अंतर्गत अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज के बाद कोरिया जिले में ही दूसरा कोविड केअर हॉस्पिटल प्रारंभ किया गया गया। यहां जिले में ही कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सरगुजा संभाग में कोरिया पहला जिला है जहां ट्रू-नाट टेस्टिंग लैबोरेट्री प्रारंभ की गई।

इस विधि से एक से डेढ़ घण्टे में ही कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट प्राप्त हो जाती है। आम जनता को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्यवाही भी राजस्व व पुलिस टीम के साथ की जा रही है। कलेक्टर ने जिले की समस्त जनता से अपील करते हुए कहा है कि प्रशासन की सतर्कता और जनता की जागरूकता से ही कोरिया जिला जरूर ही यह जंग जीतने में कामयाब होगा। सभी बचाव नियमों का पालन अवश्य करें।

30-07-2020
Video : अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर जांच की जल्द होगी शुरुआत

सरगुजा। अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर जांच जल्द ही आरंभ होगी। इसके लिए सैंपल के गुणवत्ता परीक्षण में मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब की रिपोर्ट सही पाई गई है। आइसीएमआर नई दिल्ली से अनुमति मिलते ही अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना की आरटीपीसीआर जांच आरंभ हो जाएगी। इसके लिए आइसीएमआर से आइडी और पासवर्ड जरूरी है। कोरोना संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के लिए कोरोना की जांच सबसे अहम है। अब तक सरगुजा संभाग के कोरोना संदिग्धों का सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए एम्स रायपुर, मेकाहारा रायपुर और मेडिकल कॉलेज रायगढ़ भेजा जाता था। वहां से रिपोर्ट आने में ज्यादातर विलंब होता था। इधर कोरोना की टेस्टिंग बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पहल की थी।

उन्होंने अंबिकापुर के अलावा बिलासपुर और राजनांदगांव में वायरोलॉजी लैब स्थापित कर कोरोना संक्रमण की आरटीपीसीआर जांच आरंभ करने सभी जरूरी उपायों को पूरा करने का निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद मेडिकल कॉलेज में वायरोलॉजी लैब स्थापना के लिए अधोसंरचना विकास का काम तेजी से पूरा किया गया। इधर वायरोलॉजी के इंजार्ज ने बताया कि हमें जैसे ही आईडी पासवर्ड मिलेगा, वैसे ही एक शिफ्ट में 200 से अधिक लोगों का टेस्ट करने में सुविधा मिलेगी।

20-05-2020
विशेष कोविड-19 अस्पताल में घुसे दो युवकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अम्बिकापुर। बीती रात अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज के विशेष कोविड-19 अस्पताल में घुसे दोनों युवकों की पहचान हो गई है। जानकारी के अनुसार मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात दो युवक कोविड-19 अस्पताल में घुसे थे। इनमें से एक युवक वहां भर्ती कोरोना मरीज़ से मिला था। इस पूरे वाकया का दृश्य अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था।इसकी जांच करते हुए पुलिस ने सीसीटीवी खंगालकर संदिग्ध के रूप में अस्पताल के एम्बुलेंस के ड्राइवर को पकड़ा था। इसपर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं अब देर शाम होते तक दूसरे युवक का भी पता चल गया है, जो एम्बुलेंस ड्राइवर के साथ अस्पताल में घुसा था।ग़ौरतलब है कि पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए अस्पताल में घुसे पहले युवक को सुबह ही पकड़ लिया था। वहीं सीसीटीवी में अस्पताल के पिछले दरवाजे से घुस रहा दूसरे युवक का पता नहीं चल पाया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, सीसीटीवी में दिख रहा दूसरा युवक एम्बुलेंस के ड्राइवर को अस्पताल के जिस वार्ड में रखा गया था वहीं पहुंच गया। इससे इस बात की पुष्टि हो गई की रात में दोनों कोविड-19 अस्पताल में घुसे थे। जानकारी के मुताबिक़, अस्पताल में पिछले दरवाज़े से घुसा दूसरा युवक जीवनदीप समिति का मेस का कर्मचारी है, जो अस्पताल में खाना बांटने का काम करता है और आज सुबह से अस्पताल में रोज की तरह कई लोगों को नाश्ता और खाना बांटा है। बीती रात अस्पताल में हुए वाकया से पहले दोनों एक साथ थे। 

 

07-01-2020
नसबंदी कराने आई महिला पर चिकित्सक ने हमला कर तोड़ा दांत,  स्वास्थ मंत्री ने कहा जांच के बाद होगी करवाई

अम्बिकापुर। नसबंदी कराने आई महिला पर किसी बात से नाराज चिकित्सक ने महिला के मुंह पर वार कर दिया। हमले में चोट लगने से महिला मरीज का दांत टूट कर हाथ मे आ गया। ये दर्दनाक घटना प्रदेश के स्वास्थ मंत्री के निवास से चंद कदमो के दूर पर स्थित अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज मे हुई है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनो ने मामले की शिकायत थाने मे कर दी है। तो वहीं स्वास्थ मंत्री ने फिलहाल जांच के बाद कार्यवाही करने की बात कही है अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज केवल इसलिए चर्चित नहीं है कि ये छत्तीसगढ के स्वास्थ मंत्री के गृह शहर का मेडिकल कॉलेज है। ये मेडिकल कॉलेज बे लगाम  चिकित्सकों की कार्यस्थली के कारण ज्यादा मशहूर है। इस बार तो यहां मेडिकल कॉलेज मे नसबंदी कराने आई महिला के साथ चिकित्सकों ने किसी असमाजितक तत्व की तरह व्यवहार किया है। अम्बिकापुर के मेडिकल कॉलेज के बिस्तर मे खून से लथपथ पडी महिला औऱ उसके टूटे दांत को हाथ मे लिए खड़ी मितानिन इस दर्दनाक घटना को बताया कि महिला के साथ किस कदर व्यवहार हुआ है।

जानकारी के अनुसार अम्बिकापुर के घुटरापारा वार्ड क्रमांक 23 मे रहने वाली महिला संतोषी सिंह को वार्ड मे रहने वाली मितानिन टीटी आपरेशन यानी की नसबंदी के लिए लेकर आई थी। लेकिन जब संतोषी को आपरेशन के लिए अस्पताल के आपरेशन थियेटर मे लेकर आया गया, तो डाक्टर ने अपनी ऑपरेशन की फार्मेलिटी के लिए महिला को पेट दबाने के लिए कहा औऱ वो नही दबा पाई। लिहाजा उसकी बात से नाराज चिकित्सक ने उसके चेहरे पर मुक्के से वार कर दिया। इस वार से महिला का दांत जबडे से अलग हो गया। इस बात से नाराज महिला के पति राणा प्रताप सिंह ने क्षेत्र के मणिपुर चौकी मे डाक्टर के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज करा दी है।

ये पहली महिला नहीं है जिसके साथ मेडिकल कालेज अस्पताल के डाक्टरो ने इस तरह से व्यवहार किया है। इससे पहले भी महिला मरीजो से दुर्ववव्हार के मामले हमेशा सामने आते रहे हैं। इसी बात को लेकर मितानिन संघ की महिलाए भी नाराज हैं। क्योंकि कि उनके मुताबिक डाक्टर मरीज महिला और उनको लाने वाले मितानिनों से हमेशा ऐसा ही दुर्वव्यहार करते हैं। लिहाजा इस बार मितानिन एरिया कार्डिनेटर शशि राजवाडे भी अपनी साथी मितानिनो के साथ ऐसे डाक्टरो पर कार्यवाही को लेकर मरीज महिला के साथ खडी हैं। अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल मे किसी महिला की डाक्टर द्वारा पिटाई के बाद दांत टूटने की घटना शायद स्वस्थ चिकित्कसीय व्यवस्था के हिसाब से ठीक नहीं है। इस मामले मे बिना किंतु परंतु के आरोपी डाक्टर पर कार्यवाही होना चाहिए। लेकिन स्वास्थ मंत्री के गृह शहर के अस्पताल मे इस तरह महिला के साथ मारपीट की घटना बेहद अफशोसजनक है और जब खुद मितानिनो ने इसकी शिकायत स्वास्थ मंत्री से की हो तो कार्यवाही मे ज्यादा वक्त नहीं लगना चाहिए। लेकिन इसके अलग स्वास्थ मंत्री मामले की जांच के बाद कार्यवाही की बात कह रहे हैं। जो जांच और कार्यवाही सर्वविदित है।

पुलिस ने लिया पीडित महिला का बयान 

खुद स्वास्थ मंत्री ने इस मामले की जानकारी ली है। तो फिर दोषी डाक्टर पर कार्यवाही हो जाएगी।  इस बात की संभावना प्रबल है। पर हैरानी इस बात को लेकर है कि सरकार की नसबंदी जैसी प्रतोत्साहन योजनाओ मे जिन डाक्टरो को ईमानदारी से काम करना चाहिए उसी मे लगे डाक्टर मरीजों से मारपीट कर रहे हैं। बहरहाल पीडित महिला की नसंबदी तो हो चुकी। लेकिन डाक्टर की मार से टूटे दांत को लेकर अब महिला और उसके परिजन दोषी डाक्टर के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। ऐसे मे देखना है कि पुलिस औऱ स्वास्थ महकमा दोषी डाक्टर पर क्या कार्यवाही करते हैं।

 

06-11-2019
डॉ. रेणुका गहिने होंगी राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज की नई डीन

रायपुर। प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालय में बुधवार को डीन बदले गए है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव केके मोटवानी के जारी आदेश के अनुसार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज का नया डीन डॉ. रेणुका गहिने को बनाया गया है। फिलहाल डॉ. रेणुका रायपुर मेडिकल कॉलेज में पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष है। अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज का नया डीन आरके सिंह हो बनाया है। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विष्णु दत्त का प्रभार बदला गया है उन्हें चिकित्सा शिक्षा संचालनालय में पदस्थ किया गया है।  

 

06-01-2019
इलाज में लापरवाही बरतने वाले दो नर्स और डॉक्टर को स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने किया निलंबित

अम्बिकापुर। अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्टाफ  नर्स व डॉक्टर द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कड़े तेवर दिखाते हुए 2 स्टाफ  नर्स और एक डॉक्टर को निलंबित कर दिया है।  जानकारी के अनुसार 3 जनवरी की  रात करीब 1 बजे  मायापुर निवासी 52 वर्षीय हरीश कुमार गुप्ता की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। आपातकालीन चिकित्सक ने मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती कराने की सलाह दी थी, लेकिन वहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफनर्स ने जरूरी इलाज नहीं किया। इसके बाद परिजन खुद  मरीज को लेकर आईसीयू में चले गए और वहां नर्स से भर्ती करने कहा। लेकिन उसने भी डॉक्टर द्वारा लिखवाकर लाने की बात कही। इसके साथ ही आईसीयू में बिस्तर नहीं होने की बात कही।

इस दौरान इलाज शुरू होने में लगभग आधा घंटे से भी अधिक का समय लग गया। जब तक इलाज शुरू हो पाता, हरीश गुप्ता की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने आईसीयू में ड्यूटी के दौरान डॉक्टर के नदारद रहने का आरोप लगाते हुए स्टाफ  नर्स द्वारा इलाज नहीं किए जाने का आरोप लगाया था। परिजनों ने देर रात ही इसकी जानकारी स्वास्थ्य मंत्री व स्थानीय विधायक टीएस सिंहदेव को मोबाइल पर दी।  स्वास्थ्य मंत्री ने तत्काल मामले की जांच करने के लिए कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर को निर्देशित किया। कलेक्टर ने एसडीएम अंबिकापुर से पूरे मामले की जांच कराई। एसडीएम ने जांच प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष पेश कर दी। कलेक्टर ने उस प्रतिवेदन को चिकित्सा शिक्षा विभाग रायपुर को प्रेषित कर दिया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर शनिवार की देर रात चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव केके मोटवानी ने आदेश जारी करते हुए लापरवाही बरतने के आरोप में डॉ. ललित अग्रवाल जूनियर रेसीडेंट व स्टाफ नर्स प्रीति सिंह व गायत्री यादव को निलंबित कर दिया।  

 

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