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14-01-2021
रोजी रोटी के लिए जूझने वाले श्रमविरों को अब नहीं सताती स्वस्थ्य की चिंता, मोबाइल अस्पताल है न, भूपेश सरकार है न

रायपुर। भूपेश सरकार है तो सब संभव है ,सबकी सुनने वाली भूपेश सरकार है। छत्तीसगढ़ शासन की  मुख्यमंत्री  शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना से अब अपनी रोजी-रोटी के लिए दिनभर जूझने वाले श्रमिकों को अपनी सेहत की भी चिंता नहीं रहती।  योजना के तहत अपने घर के आस-पास ही मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा उन्हें किसी वरदान से कम नहीं लगती। मजदूर आमतौर पर बीमार पड़ने पर भी अस्पताल में लगने वाली लंबी लाईनों से कतराने के कारण बीमारी के साथ जीने को बाध्य होते हैं।  परन्तु अब  लोगों को शासन उनके घर पर ही इलाज  मुहैया कराने के लिए शुरु की गई मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना उनके लिए वरदान साबित हो रही है। जगदलपुर नगर निगम में भी इस योजना के तहत चार चलित इकाईयां संचालित की जा रही हैं। मजदूर पृष्ठभूमि के इन नागरिकों को श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए उपचार के लिए पहुंचने पर श्रम पंजीयन भी किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चलित इकाइयों के माध्यम से अब तक 158 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिसमें 7 हजार से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया जा चुका है। यहां विभिन्न रोगों के जांच की सुविधा भी दी जा रही है। निगम के द्वारा वार्डों में लॉउस्पीकर के माध्यम से मुनादि भी कराई जा रही है। मोबाईल यूनिट के निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

 

09-01-2021
भूपेश सरकार ने राज्य में बनाया बेहतर औद्योगिक वातावरण, दो सालों में उद्योग लगाने हुए 104 एमओयू

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों में 104 एमओयू हुए हैं। इनके माध्यम से प्रदेश में 42 हजार 714 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए 64 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति और कोरोना-काल में उद्योगों के हित में शासन की ओर से उठाए गए कदमों से राज्य में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हुआ है। राज्य सरकार की नई उद्योग नीति में कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है। खनिज आधारित उद्योगों को हर तरह का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति के तहत अब इस्पात (स्पंज आयरन एण्ड स्टील) क्षेत्र के मेगा अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट में निवेश के लिए विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज की व्यवस्था की गई है। मेगा निवेशकों के लिए इस पैकेज में अधिकतम 500 करोड़ रुपए तक निवेश प्रोत्साहन दिया जा रहा है। बस्तर संभाग के लिए 1000 करोड़ का निवेश प्रोत्साहन दिया जा रहा है। निवेशकों को सिर्फ छूट और सुविधा ही नहीं दी जा रही, बल्कि इस बात का भी खयाल रखा गया है कि वे प्रदेश में आसानी के साथ उद्योग स्थापित कर सकें। इसके लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन के लिए भू-प्रब्याजी में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। भू-भाटक में एक प्रतिशत की कमी की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में 10 एकड़ तक आवंटित भूमि को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने के लिए नियम बनाए गए हैं। औद्योगिक भूमि और भवन प्रबंधन नियमों का सरलीकरण किया गया है। असामान्य परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ में 464 स्टार्टअप शुरू करने में सफलता पाई है। 1 जनवरी 2019 से लेकर अब तक 104 एमओयू किए जा चुके हैं। इनमें 42 हजार 714 करोड़ रुपए से अधिक का पूंजी निवेश होगा। स्टील सेक्टर में 78 एमओयू हुए हैं, इसमें 37306.39 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। सीमेंट सेक्टर में एक एमओयू हुआ, इसमें 2000 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। एथेनॉल सेक्टर में 7 एमओयू हुए, इनमें 1082.82 करोड़ का पूंजी निवेश होगा। फूड सेक्टर में 5 एमओयू के माध्यम से 283.61 करोड़, फार्मास्युटिकल सेक्टर में 3 एमओयू के माध्यम से 56.41 करोड़ रुपए, डिफेंस सेक्टर में 3 एमओयू के माध्यम से 529.50 करोड़ रुपए, इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर में 2 एमओयू के माध्यम से 30.76 करोड़ रूपए, सोलर सेक्टर में एक एमओयू के माध्यम से 245 करोड़ रुपए और अन्य सेक्टरों में 4 एमओयू के माध्यम से 1179.99 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इससे स्टील सेक्टर में 53,694, सीमेंट सेक्टर में 450, एथेनॉल सेक्टर में 986, फूड सेक्टर में 2,434, फार्मास्युटिकल सेक्टर में 393, डिफेंस सेक्टर में 4494, इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर में 258, सोलर सेक्टर में 280 व अन्य सेक्टरों में 1,105 रोजगार के अवसर निर्मित होंगे।

08-01-2021
नक्सल क्षेत्र दन्तेवाड़ा के तीन छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना पूरा होगा भूपेश सरकार की पहल से, सीएम हो तो ऐसा

रायपुर।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनशील पहल से प्रदेश के सुदूर अंचल दंतेवाड़ा के तीन प्रतिभावान विद्यार्थियों का डॉक्टर बनने का सपना अब साकार हो सकेगा। पीईटी तथा पीएमटी की कोचिंगके लिए संचालित बालक आवासीय विद्यालय बालूद एवं कन्या आवासीय विद्यालय कारली, दन्तेवाड़ा के इन तीनों छात्र-छात्राओं को जयपुर केे निजी मेडिकल कॉलेज जेएनयू इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एण्ड रिचर्स सेंटर में सरकारी खर्चे पर प्रवेश दिलाया गया है। इन तीनों छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए एक करोड़ 36 लाख 74 हजार रूपए फीस जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा जमा करा दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में यह पहली बार है कि कोई सरकार सुदूर अंचलों के छात्र-छात्राओं को निजी कॉलेज में सरकारी खर्चे पर डठठै की पढ़ाई पूरी कराने जा रही है। ज्ञातव्य है कि जिला प्रशासन द्वारा पीईटी तथा पीएमटी की कोचिंग के लिए संचालित बालक आवासीय विद्यालय बालूद एवं कन्या आवासीय विद्यालय कारली, दन्तेवाड़ा से छम्म्ज् 2020 क्वालिफाई कर चुके इन छात्र-छात्राओं का तकनीकी त्रुटि के कारण एमबीबीएस कोर्स के लिए स्टेट काउंसिलिंग में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाने के कारण ये छात्र-छात्राएं मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने से वंचित रह गये थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संज्ञान में जैसे ही यह जानकारी आई, तो उन्होंने संवेदनशील पहल करते हुए छात्र-छात्राओं को निजी मेडिकल कॉलेजों में सरकारी खर्चे पर प्रवेश दिलाने के निर्देश जिला प्रशासन दंतेवाड़ा को दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही करते हुए तीन विद्यार्थियों सुधीर कुमार रजक, जयंत कुमार और कुमारी ऐश्वर्या नाग को निजी कॉलेजों में प्रवेश दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित की गयी। इन तीनों छात्र-छात्राओं के निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स की फीस 3 करोड़ 32 लाख 25 हजार रूपए में से कुल 1 करोड़ 36 लाख 74 हजार रुपए की राशि जमा करा दी गई है।

05-01-2021
जांजगीर को भूपेश बघेल ने दी 1083 करोड़ रुपए के विकास कार्यो की सौगात, भूपेश है तो संभव है

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांजगीर के हाईस्कूल मैदान में आयोजित किसान सम्मेलन में 1083 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यो का लोकार्पण व शिलान्यास किया। उन्होंने इनमें से 292ण्10 करोड़ रूपए के 419 कार्यो का लोकार्पण एवं 820ण्93 करोड़ रूपए के 836 कार्यो का भूमि पूजन किया।  बघेल ने कृषि, उद्यानिकी, मछली पालन, श्रम विभाग, पशुधन विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1051 हितग्रहियों को सामग्री एवं अनुदान राशि के चेक का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने किसान सम्मेलन में जिन कार्यों का लोकार्पण किया उनमें ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 13.855 करोड़ रूपये के 18 कार्य, आदिवासी विकास विभाग द्वारा 1.62 करोड़ रूपए की लागत एक कार्य, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना  12.431 करोड़ रूपयें के 26 कार्य,  स्कूल शिक्षा विभाग के 2.9 करोड़ रूपए के 2 कार्य,  आयुर्वेद विभाग 27 लाख रूपए की लागत के कार्य, गृह निर्माण मंडल के 5.15 करोड़ रूपए के चार कार्य  लोक निर्माण विभाग के 200 करोड रूपए के 24 कार्य,  स्वास्थ्य विभाग के 3.26 करोड़ रूपए के 8 कार्य और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22.51 करोड़ रूपए के 334 कार्यों शामिल है।

इसी प्रकार आज जिन निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया गया उनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 31 करोड़ 49 लाख रुपए के 228 कार्य, लोक निर्माण विभाग के 514.15 करोड रुपए की 68 कार्य, जल संसाधन विभाग के 19.235 करोड़ रूपए के 4 कार्य,  स्कूल शिक्षा विभाग के 1.21 करोड़ रूपए के 3 कार्य,  मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के 15.56 करोड़ रूपए के 12 कार्य शामिल है। इसी प्रकार क्रेडा के 7.125 करोड़ रूपए के 132 कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 139.420 करोड़ रूपयें की लागत के 370 कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 89.045 करोड़ रूपए के 16 कार्य और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के 3.710 करोड़ रूपए की लागत के 3 कार्यों शामिल हैं।

 

17-12-2020
भूपेश बोले,कुछ लोग कालनेमि के जैसे भगवान राम के नाम का उपयोग करते हैं, हमने सदा जन.जन में बसे राम को पूजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कुछ  लोग भगवान राम के नाम का उपयोग वैसे ही करते हैं, जैसे कालनेमि ने किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग केवल स्वार्थवश राम का नाम लेते हैं, जबकि हम लोगों ने सदा से जन-जन में बसे राम को पूजा है। मुख्यमंत्री बघेल ने चंदखुरी के समारोह में यह बातें कही। उन्होंने कहा कि जब महात्मा गांधी को गोली मारी गई थी, तब भी गांधीजी के मुंह से राम का ही नाम निकला था। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि माता कौशल्या ने ही राम के चरित्र को गढ़ा था। जो चरित्र माता कौशल्या का थाए वही छत्तीसगढ़िया लोगों का है। उन्होंने ही राम को दुख.सुख में सम भाव से रहना सिखाया। राम ने सहनशीलता और कर्तव्यों का पालन करना माता कौशल्या से ही सीखा। उन्होंने कहा कि राम वन गमन पथ को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करके राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को नई वैश्विक पहचान दे रही है। कुछ  वर्षों पहले तक अन्य राज्यों के लोग छत्तीसगढ़ को या तो भिलाई के नाम से जानते थे या फिर नक्सल समस्या के कारणए लेकिन अब यह छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक संपन्नता के कारण जाना जाता है। इसकी पहचान इसके समृद्ध किसानों से होती है।

रथ यात्रा और बाइक रैली के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल सहित मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने चंदखुरी के कौशल्या माता मंदिर में पूजा अर्चना की और रुद्राक्ष पौधे रोपे। समारोह में मुख्यमंत्री के साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, निगम मंडलों के अध्यक्ष, क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम को गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत राजेश्री रामसुंदर दास, पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया, कृषि और जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने भी संबोधित किया। संस्कृति विभाग के सचिव पी. अंबलगन ने स्वागत भाषण दिया। गुरुवार को माता कौशल्या की जन्मस्थली चंदखुरी में तीन दिनों से जारी राम वन गमन पथ रथ यात्रा और बाइक रैली का समापन भी हुआ। यह रैली उत्तर छत्तीसगढ़ के कोरिया और दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा से 14 दिसंबर को एक साथ शुरू हुई थी। वनवासकाल में राम ने कोरिया से ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। सुकमा से गुजरते हुए दक्षिण भारत की ओर बढ़ गए थे। राज्य सरकार ने राम के इस पूरे वन.पथ में पर्यटन विकास के लिए 137 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस योजना के तहत राम से संबंधित 75 चिन्हित स्थानों में से पहले चरण में 9 स्थानों में पर्यटन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। माता कौशल्या का मायका कहा जाने वाला चंदखुरी भी इन्हीं में से एक है।

 

13-12-2020
भूपेश बोले-किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाना सरकार की पहली प्राथमिकता

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी में कहा कि किसानों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय दिलाना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। आज भी अगर कहीं से अन्याय की एक चिंगारी भी हमारे छत्तीसगढ़ का रूख करती है तो हम किसानों के साथ खड़े हो जाते हैं। विगत माह किसान हित में छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित होना और उसमें मंडी कानून संशोधन विधेयक पारित होना छत्तीसगढ़ की इसी चेतना का परिणाम है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कर्ज माफी हो या समर्थन मूल्य पर धान का भुगतान हो, नरवा-गरवा-घुरवा-बारी को बचाने की बात हो, सुराजी गांव योजना से हमारे गांवों को निरंतर मिल रही शक्ति की बात हो, राजीव गांधी किसान न्याय योजना हो, सस्ती या निशुल्क बिजली देने का विषय हो, रोका-छेका की बात हो, हमने उन सारे पहलुओं पर ध्यान दिया है, जो तत्काल किसान और ग्रामीण हित में आवश्यक थे।

गोधन न्याय योजना में पशुपालकों को चार माह में मिली 60 करोड़ रुपए की राशि :
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना तो प्रतीक है कि किस तरह हमने सर्वहारा के हक में एक साहसिक कदम उठाया है। गोबर बेचकर भी अगर कहीं धन कमाया जा सकता है, तो वह आज सिर्फ छत्तीसगढ़ में हो रहा है। हर माह औसतन लगभग 15 करोड़ रुपए की सरकारी खरीद हो रही है, जिसके कारण 4 माह में लगभग 60 करोड़ रूपए पशुपालकों के जेब में गए हैं।

कृषि और वानिकी उपजों का वेल्यू-एडीशन से खुलेंगे समृद्धि के नए द्वार :
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विकासखंड में फूडपार्क, धान से एथेनॉल बनाने, लाख पालन को कृषि का दर्जा, वनांचल उद्योगों को विशेष पैकेज, लघु वनोपज की खरीदी 7 से बढ़ाकर 52 उपजों तक बढ़ाना जैसी दूरगामी प्रभाव वाली योजनाएं हैं, जिनका असर आगे चलकर दिखेगा। राज्य में कृषि और वानिकी उपजों का वेल्यू-एडीशन रोजगार, खुशहाली और समृद्धि के नए द्वार खोलेगा।

 

 

12-12-2020
सीएम हो तो भूपेश जैसा जो गरीब परिवार के बच्चों की पढ़ाई के लिए भी सोचे,अगले साल सौ अंग्रेजी मीडियम स्कूल और खुलेंगे

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिरमिरी के गोदरीपारा में नवनिर्मित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के बच्चों की पढ़ाई के लिए अगले एक साल में एक सौ नये इंग्लिश मीडियम स्कूल और शुरू किए जाएंगे। बघेल ने कहा कि गरीब परिवार के बच्चों के भी अंग्रेजी मीडियम के अच्छे स्कूलों में पढ़ने और आगे बढ़ने के सपने को साकार करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर चिरमिरी में डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए नए मेडिकल कालेज खोलने का प्रस्ताव तैयार कराकर केंद्र सरकार को भेजने की भी बात कही।बघेल ने चिरमिरी के गोदरीपारा में बने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के भव्य भवन का भी अवलोकन किया और स्कूल की छत से अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ चिरमिरी की पहाड़ियों घाटियों के प्राकृतिक सौंदर्य का दर्शन भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्कूल के नवनियुक्त शिक्षकों और प्रवेशित बच्चों से भी मुलाकात की। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री डॉ.शिव डहरिया,स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव एवं विधायक बैकुण्ठपुर अंबिका सिंहदेव, विधायक मनेन्द्रगढ़ डॉ.विनय जायसवाल, सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व विधायक गुलाब कमरो, नगर निगम चिरमिरी की महापौर कंचन जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी उपस्तिथ थे।

 

12-12-2020
यूँही नहीं कहते भूपेश जैसा कोई नहीं, बैंकुठपुर रेस्ट हाउस में अफसरों से दिल खोलकर मिले, घर परिवार का हाल भी जाना

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरिया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के विश्राम गृह में अधिकारियों-कर्मचारियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से उनका परिचय प्राप्त किया और कोरिया जिले की विकास योजनाओं पर अधिकारियों से चर्चा की। बड़ी ही आत्मीयता और सरल, सहज रूप में अधिकारियों कर्मचारियों के बीच बैठकर उनका पारिवारिक हाल-चाल जाना। परिचय के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता से जिले में भू-जल संवर्धन के लिए वाटर रिचार्जिंग की योजनाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि नरवा योजना जलस्तर संवर्धन की दिशा में शासन का प्रयास है। इसी तरह उन्होंने गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के संचालक से वन्य जीव संरक्षण के लिए कार्ययोजना बनाने पर चर्चा की। अपने बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री को पाकर अधिकारी-कर्मचारी बेहद खुश हुए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री बघेल के साथ अपनी परेशानियां साझा की। मुख्यमंत्री बघेल ने सभी को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए जिले में बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

01-11-2020
कृषि कानून : राहुल ने कहा- प्रधानमंत्री जरूर पुनर्विचार करेंगे,भूपेश बोले- हमने कर दिया पुख्ता उपाय

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह में ऑनलाइन शामिल हुए सांसद राहुल गांधी ने देश में किसानों की वर्तमान स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज किसान परेशान है,उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। राहुल गांधी ने केन्द्र सरकार के कृषि के क्षेत्र में पारित तीन नए कृषि कानूनों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडियों और न्यूनतम समर्थन मूल्य का महत्वपूर्ण रोल है। इससे किसानों के हितों की रक्षा होती है।  किसी भी सिस्टम में कमियां हो सकती है। इसका ये मतलब नहीं है कि उसको खत्म कर दिया जाए। सिस्टम में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में 2006 में मंडियों को खत्म करने के बाद से लगातार किसानों की स्थिति कमजोर हुई है। केन्द्र सरकार के इन तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ हम लड़ाई लड़ रहे हैं। पंजाब और छत्तीसगढ़ में इसका विरोध हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री से इन तीनों कृषि कानूनों पर फिर से विचार करने और मंडी सिस्टम को मजबूत बनाने का आग्रह किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री इस पर पुनर्विचार जरूर करेंगे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमने केन्द्र सरकार के किसान विरोधी कानून से अपने राज्य के किसानों के साथ होने वाले अन्याय को रोकने का पुख्ता उपाय कर दिया हैं। मंडी एक्ट में संशोधन किया है। अब हमारे राज्य के किसानों को कोई हानि नहीं होगी। राज्य के अधोसंरचना और औद्योगिक विकास की दिशा में भी हमने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमने उद्योगों की स्थापना के लिए 25 एमओयू किए हैं और 22 नवीन एमओयू प्रस्तावित है। इससे राज्य में लगभग 20 हजार करोड़ का पूंजी निवेश होगा।  लगभग 36 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। हमारे अथक प्रयासों के बाद केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को धान से इथेनाल बनाने की योजना को अनुमति प्रदान की है। इससे हमारे किसानों की आय में अतिरिक्त इजाफा होगा। राज्य में इथेनाल बनाने के उद्योग लगने पर लगभग 10 हजार करोड़ का निवेश आने की संभावना है।

 

22-09-2020
भूपेश इस बार

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोकवाणी में इस बार "नवा छत्तीसगढ़, हमर विकास, मोर कहानी "विषय पर प्रदेशवासियों से बात करेंगे। इस संबंध में कोई भी व्यक्ति आकाशवाणी रायपुर के दूरभाष नंबर 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर 23, 24 और 25 सितंबर को अपरान्ह 3 से 4 बजे के बीच फोन करके अपने सवाल रिकाॅर्ड करा सकते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 11वीं कड़ी का प्रसारण 11 अक्टूबर को होगा। लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्रों, एफएम रेडियो और क्षेत्रीय समाचार चैनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक होगा।

27-08-2020
विधानसभा में भूपेश ने कहा-कर्ज लेना पड़े तो ले लेंगे, पर किसानों को तकलीफ नहीं होने देंगे

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरूवार को विधानसभा में राज्य सरकार के वित्तीय वर्ष 2020-21 की प्रथम अनुपूरक अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हमने विपरीत परिस्थितियों में भी किसानों की अर्थव्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया। यदि हमें कर्ज लेना पड़ेगा तो कर्ज लेंगे, लेकिन किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने देंगे। सीएम बघेल ने कहा कि आपकी नजर में विकास का पैमाना सड़कें और बिल्डिंग हो सकती हैं लेकिन हमारी नजर में विकास का पैमाना किसान, आदिवासियों और महिलाओं का उत्थान है। हमारी वचनबद्धता किसानों के प्रति है।     विधानसभा में चर्चा के बाद 3807 करोड़ 46 लाख रुपए की प्रथम अनुपूरक मांग पारित कर दी गई। वर्ष 2020-21 के वार्षिक बजट 01 लाख 02 हजार 907 करोड़ 43 लाख रुपए को मिलाकर बजट का कुल आकार 01 लाख 06 हजार 714 करोड़ 89 लाख रुपए हो गया है। मुख्यमंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि किसानों को धान का 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिलाने के लिए ही हम राजीव गांधी किसान न्याय योजना लेकर आए। इसमें दो किस्तों का भुगतान किसानों को कर दिया गया है, और शेष किस्तों का भुगतान भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में जब नई सरकार आई तब राज्य सरकार के खजाने में 400 करोड़ रुपए की राशि थी, लेकिन 15 साल बाद जब हमें शासन की जिम्मेदारी मिली, तब राज्य पर 41 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था। वर्ष 2003 में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या 18 से 19 प्रतिशत थी, जो 15 साल बाद बढ़कर 39 प्रतिशत हो गई। इसी तरह छत्तीसगढ़ में 37.5 प्रतिशत बच्चे कुपोषण और 41 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित थीं, हमारी सरकार द्वारा चलाए गए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से 6 से 8 माह में ही कुपोषित बच्चों की संख्या में 13 प्रतिशत की कमी आई है।

 भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन प्रदेश के 2.80 करोड़ लोगों के लिए हुआ है। हम उनके लिए कर्ज ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान हमने गरीबों, आदिवासियों और जरूरतमंद लोगों को रोजगार देने का काम किया। मनरेगा में 26 लाख लोगों को काम दिया गया। राजीव गांधी किसान योजना का लाभ प्रदेश के 19 लाख किसानों को दिया जा रहा है। लघु वनोपजों के संग्रहण के माध्यम से 12 से 13 लाख वनवासी परिवारों को रोजगार और आय के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। यही कारण है कि लॉकडाउन में भी छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योग के पहिए चलते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान जनधन खातों में 500 रुपए और किसान निधि योजना में 500 रुपए की राशि दी गई, जबकि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई गोबर खरीदी की गोधन योजना में पहला भुगतान 01 करोड़ 65 लाख रुपए और दूसरा भुगतान 4 करोड़ 50 लाख रुपए का किया गया। इसमें गोबर बेचने वाले हर व्यक्ति को औसतन 800 रुपए मिले। इस योजना के लाभान्वित लोगों में 71 प्रतिशत लोग भूमिहीन हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। राज्य सरकार के भी राजस्व में कमी आई है। केंद्र सरकार से जीएसटी का 2828 करोड़ रुपए अभी तक नहीं मिले हैं। यदि यह राशि मिल जाती तो छत्तीसगढ़ को कर्ज लेने की जरूरत ही नहीं पड़ती। इसी तरह राज्य में स्थित केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों से सीएसआर की राशि भी नहीं मिली। भूपेश बघेल ने कहा कि लॉकडाउन की कठिन परिस्थितियों में हमने पीड़ित मानवता की सेवा को अपना एकमात्र लक्ष्य बनाया। ऐसे समय में हमने महात्मा गांधी, कबीर, गुरुनानक, विवेकानंद, नेहरू और अंबेडकर, आजाद के सेवाभाव को अपनाया। राज्य सरकार के मंत्रियों-विधायकों, अधिकारियों-कर्मचारियों, जिला प्रशासन के लोगों के साथ सभी समाजों के संगठनों ने मानवता की सेवा का काम कर पूरे देश में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। प्रदेश के 56 लाख परिवारों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया गया। छात्र-छात्राओं और महिलाओं को घर पहुंचा कर सूखा राशन दिया गया। बाड़ियों से सब्जियां शहरों में पहुंचाने का प्रबंध किया गया। लॉकडाउन में भी मनरेगा के काम बड़े पैमाने पर प्रारंभ किए गए। लघु वनोपजों की खरीदी जारी रखी गई। लॉकडाउन पीरियड में देशभर में हुई लघु वनोपजों की खरीदी में 99 प्रतिशत खरीदी छत्तीसगढ़ में हुई। हमने समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 31 कर दी। छत्तीसगढ़ में कोयला खदानों में उत्पादन जारी रहा। पूरे देश को कोयले की आपूर्ति की जाती रही। 23 अप्रैल से प्रदेश में उद्योगों में भी काम शुरू हो गए। लॉकडाउन के दौरान स्टील का रिकार्ड उत्पादन छत्तीसगढ़ में हुआ। छत्तीसगढ़ में बाहर से लगभग 07 लाख मजदूर आए, जिनके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गईं। दूसरे राज्यों में मात्र 28 हजार मजदूर छत्तीसगढ़ से गए। अन्य प्रदेशों से आए श्रमिकों ने छत्तीसगढ़ पहुंचकर खुद को सुरक्षित समझा। छत्तीसगढ़ पहुंचने वाले अन्य राज्यों के मजदूरों को समाजसेवियों की मदद से चप्पलें, भोजन-पानी उपलब्ध कराया गया साथ ही उन्हें उनके राज्य की सीमा तक भेजने के प्रबंध किए गए। उन्होंने कहा कि बस्तर की बोधघाट बहुद्देशीय सिंचाई परियोजना के लिए जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से चर्चा कर सर्वसहमति से बहुत अच्छी पुनर्वास नीति बनाई जाएगी, जिन लोगों की भूमि डूबान में आएगी उन्हें उतनी ही जमीन, मकान के साथ रोजगार देने की व्यवस्था की जाएगी। यदि वे नौकरी के लिए पात्रता रखते हैं तो उन्हें नौकरी भी दी जाएगी।

    राज्य सरकार के प्रथम अनुपूरक बजट में कोरोना की आपदा से निपटने के लिए 978 करोड़ रुपए, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आपदा राहत और पेयजल के लिए 01 हजार 900 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए 30 डेडिकेटेड कोविड अस्पताल स्थापित किए गए हैं, जिनमें 3384 बिस्तर उपलब्ध हैं। इसी तरह 178 डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में 21 हजार 107 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। शासकीय अस्पतालों में कोरोना मरीजों का मुफ्त में इलाज किया जा रहा है। प्राइवेट अस्पतालों में भी व्यवस्था की गई है। आइसोलेशन के लिए 06 होटल निश्चित किए गए हैं। प्रदेश में बिस्तरों और वेंटिलेटरों की पर्याप्त व्यवस्था है। इनमें लगातार विस्तार भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम अनुपूरक में कांकेर, महासमुंद और कोरबा में मेडिकल कालेजों के लिए 53.29 करोड़ रुपए का भी प्रावधान किया गया है। इनमें से प्रत्येक महाविद्यालय की स्थापना के लिए 325 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजधानी के निकट स्थित माता कौशल्या मंदिर का निर्माण और रामवन गमन पथ विकसित किया जाएगा। पूर्व की सरकार ने 15 साल इनकी सुध तक नहीं ली। इन स्थलों के मूल स्वरूप को यथावत रखते हुए पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट की घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता चट्टान की तरह खड़ी रही, उन्हें मैं शत-शत नमन करता हूं। मुख्यमंत्री ने चर्चा में शामिल सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि अनुपूरक मांगों पर चर्चा के दौरान बहुत से सुझाव आए हैं, उपयोगी सुझावों को हम कार्ययोजना में शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव में ही सुरक्षा है, सभी लोगों को फिजिकल डिस्टेंस, सेनेटाइजर और मास्क का उपयोग सुरक्षा के लिए करना चाहिए।

 

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