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19-09-2020
मंत्री सिंहदेव ने वीडियो संदेश जारी कर कहा 'यह सेवा का समय है न कि हड़ताल का'

रायपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने हड़ताल पर जाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों के फैसले को गलत बताया है। एक वीडियो संदेश जारी कर मंत्री सिंहदेव ने हड़ताल वापसी की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सरकार नियमितिकरण का वादा पूरा करेगी। हड़ताल पर जाने में गंभीर रोगी परेशान होंगे। यह सेवा का समय है न कि हड़ताल का है। गौरतलब है कि प्रदेश के 13 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर कोरोना संकट के बीच शनिवार से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इन कर्मचारियों में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। मंत्री सिंहदेव ने वीडियो अपलोड कर स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि मैं छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के सभी संविदाकर्मियों से निवेदन करना चाहता हूं, मैंने सुना है कि आप लोगों का निर्णय है अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का। अब देखना यह होगा कि क्या स्वास्थ्य मंत्री की अपील का स्वास्थ्य कर्मचारियों का निर्णय क्या होगा।

17-09-2020
एमसीआई में पंजीयन के लिए इस साल नहीं लगेगा विलंब शुल्क, गाइडलाइन जारी...

रायपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद में पंजीयन के लिए मार्च-2020 में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मेडिकल छात्र-छात्राओं से इस साल दिसम्बर तक विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कोविड-19 की परिस्थितियों को देखते हुए एमसीआई को इस वर्ष छात्रों से विलंब शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए थे। एमसीआई ने इस संबंध में सूचना जारी कर दी है।

एमसीआई द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण प्रदेश में 22 मार्च से 31 मई तक लॉक-डाउन लागू किया गया था। इसकी वजह से इस साल मार्च में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले डॉक्टरों को पंजीयन में देर हुई। पंजीयन के लिए विलंब शुल्क से राहत देते हुए उन्हें दो महीने का अतिरिक्त समय दिया गया था। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद अब एमसीआई ने विलंब शुल्क नहीं लेने का फैसला दिसम्बर-2020 तक बढ़ा दिया है।

16-09-2020
अंबिकापुर में अब कैंसर पेशेंट के लिए कीमोथेरैपी की सुविधा उपलब्ध,स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का क्षेत्र को तोहफा

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के प्रयास से अम्बिकापुर के स्वास्थ्य केंद्र में कैंसर जैसी घातक बीमारी के ईलाज के लिए कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ऑनलाइन दो बिस्तरीय दीर्घायु वार्ड में कीमोथेरेपी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सिंहदेव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर कैंसर के इलाज के लिए नवापारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कीमोथेरेपी की व्यवस्था की गई है। कीमोथेरेपी प्रारम्भ होने से मरीजों को अब बड़े शहर का रूख नही करना पड़ेगा। कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी के साथ ही रेडियोथेरेपी की भी अत्यंत आवश्यकता होती है। इस केंद्र में रेडियोथेरेपी की सुविधा भी जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों का बेहतर इलाज सेवा भावना के साथ किया जाए। कोरोना महामारी के संकट काल में कोरोना योद्धाओ की सेवा समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कैंसर का इलाज सर्जरी, कीमोथेरेपी तथा रेडियोथेरेपी के द्वारा किया जाता है। इस केंद्र में वर्तमान में 2 बेड के वार्ड से कीमोथेरेपी की शुरुआत की गई है। भविष्य में इसे 30 बेड के वार्ड में विस्तारित किया जाएगा। इस मौके पर दो मरीजों का कीमोथेरेपी भी किया गया। ऑनलाइन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य वनाओषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, महापौर डॉ. अजय तिर्की, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष राकेश गुप्ता, पर्षद  द्वितेंद्र मिश्र गीता रजक, मेडिकल कालेज के डीन डॉ.आरके सिंह, सीएमएचओ डॉ.पीएस सिसोदिया, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नावापारा के प्रभारी डॉ.आयुष जायसवाल, डॉ. आमिन फिरदौशी उपस्थित थे।

 

 

11-09-2020
सिफारिश और दबाव में आए बगैर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार मरीजों की कोविड अस्पताल में लें भर्ती : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कोरोना की रोकथाम के लिए सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी और स्वंयसेवी संस्थाओं की भी सहायता लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न समाजों की ओर से संचालित धर्मशालाओं और आश्रम संस्थाओं के साथ ही उनके संचालन से जुड़े लोगों को भी कोरोना नियंत्रण से जोड़ने कहा है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि, किसी भी प्रकार के सिफारिश और दबाव में आए बिना डॉक्टरों की सलाह और मरीज की स्थिति के अनुसार उन्हें बेहतर इलाज मुहैय्या कराएं। मुख्यमंत्री ने कोरोना से ज्यादा प्रभावित 7 जिलों रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ के कलेक्टरों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आवश्यक निर्देश दिए।

 ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश : 
मुख्यमंत्री ने कोविड अस्पतालों और कोरोना केयर सेंटर्स में ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के साथ ही कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच में तेजी लाने और जांच का दायरा बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कोविड अस्पतालों और आइसोलेशन सेंटर्स में ज्यादा से ज्यादा डॉक्टरों और नर्सों की मौजूदगी तय करने के निर्देश दिए हैं, जिससे उनकी बेहतर तरीके से देखभाल हो सके। उन्होंने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टॉफ का अस्पताल के वार्डों में नियमित राउंड के साथ ही वहां भर्ती मरीजों से सतत् संवाद बनाए रखने कहा। इसके लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज के पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों और नर्सिंग कॉलेजों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की सेवाएं लेने का भी सुझाव दिया। 

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकना बड़ी चुनौती :
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकना बड़ी चुनौती है। इसके लिए आगे भी युद्ध स्तर पर काम करना जरूरी है। हमें शासन-प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी से इस पर नियंत्रण की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने कोविड अस्पतालों में भर्ती के लिए किसी भी तरह की सिफारिश और दबाव में आए बिना डॉक्टरों की ओर से निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ही मरीजों की भर्ती तय करने कहा। मरीज के कोविड केयर सेंटर्स में पहुंचने के बाद डॉक्टर ही तय करेंगे कि, उसे किस अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जाना है। मुख्यमंत्री ने वेबपोर्टल और एप के माध्यम से कोविड केयर सेंटर्स की जानकारी लोगों को उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने एप में नजदीकी कोविड केयर सेंटर्स का लोकेशन और मरीज के क्षेत्र से उसकी दूरी भी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। 

जागरूक करने और सावधानियों व नियमों का पालन करने पर जोर : 
मुख्यमंत्री बघेल ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने और संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों और नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मरीजों को आवश्यक दवाईयों के साथ-साथ वन विभाग की ओर से तैयार सर्वज्वरहर चूर्ण काढ़ा के सेवन को बढ़ावा देने कहा। मुख्यमंत्री बघेल ने लोगों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सार्वजनिक स्थलों और चौक-चौराहों में इस काढ़ा के वितरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। 

जांच की तीनों विधियों का उपयोग कर जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश : 
मुख्यमंत्री ने जांच की तीनों विधियों आरटीपीसीआर, ट्रू-नाट और रैपिड एंटीजन का उपयोग कर जांच की संख्या बढ़ाने कहा। उन्होंने सर्दी, खांसी, बुखार और श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि, सैम्पल देने के बाद लोग रिपोर्ट आने तक खुद से आइसोलेशन में रहे। इससे कोरोना के संभावित प्रसार से बचा जा सकता है। उन्होंने जांच केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के साथ ही वहां मानव संसाधन की कमी दूर करने माइक्रोबायोलॉजी के पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों की सेवाएं लेने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कोरोना से मृत व्यक्तियों के प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए सामाजिक संस्थाओं से चर्चा कर उनका सहयोग लेने का भी सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कोरोना के ज्यादा मरीजों वाले जिलों में स्थानीय उद्योगों के सीएसआर मद का भी उपयोग कोरोना नियंत्रण में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से मोबाइल टेस्टिंग वेन, एम्बुलेंस, टेस्टिंग किट, कोविड-19 जांच शिविर और आॅक्सीजन सिलेण्डरों की व्यवस्था की जा सकती है। 

बैठक में ये रहे मौजूद : 
उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, प्रदीप शर्मा, राजेश तिवारी और रूचिर गर्ग, मुख्य सचिव आरपी मंडल, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्ले और मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू भी मौजूद थे। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी., संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला और हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता भी शामिल हुए।

06-09-2020
कोरोना के संक्रमण की पल पल की जानकारी ले रहे है भूपेश बघेल, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश भर का पूछा हाल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश में कोरोना संक्रमण की जानकारी लगातार अपने निवास से ले रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश में कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की समीक्षा कर रहे हैं। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मो.अकबर, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े।

मुख्यमंत्री बघेल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कमिश्नर, कलेक्टर, आईजी, जिला पंचायतों के सीईओ, नगर निगम के आयुक्तों और मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारियों से बैठक में जिलेवार अस्पतालों, कोविड सेंटर और आइसोलेशन केंद्रों में उपलब्ध और ओक्यूपाइड बिस्तरों की संख्या, सिंप्टोमेटिक और एसिंप्टोमेटिक मरीजों की संख्या, जिलेवार प्रतिदिन औसत टेस्ट क्षमता, जांच रिपोर्ट में लगने वाले समय, रैपिड टेस्ट। आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या, पिछले 7 दिनों का दैनिक विवरण, दोनों प्रकार के टेस्टों के परिणामों, ऑक्सीमीटर की उपलब्धता, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, आईसीयू और वेंटिलेटर की उपलब्धता, कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री निवास से मुख्य सचिव आरपी मंडल,मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्लई, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सौम्या चौरसिया शामिल हुई। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक बैठक जारी थी।

05-09-2020
अरुण वोरा ने कहा,आरटी पीसीआर टेस्ट लैब की स्थापना की करेंगे स्वास्थ्य मंत्री से मांग

दुर्ग। स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमैन व विधायक अरुण वोरा ने कोरोना के केस की संख्या लगातार बढ़ने पर चिंता जताई है। उन्होंने नागरिकों से एहतियात बरतने मास्क पहनने और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की है। वोरा ने कहा है कि अस्पतालों में कोविड पेशेंट को बेहतर इलाज की सुविधा मिलना चाहिए। वोरा ने कहा कि कोविड निगेटिव मरीजों को भी निजी अस्पतालों में भर्ती न करने की शिकायतें मिल रही है। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए वोरा स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से चर्चा करेंगे। वोरा ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री को जिले की स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री से जरूरी इलाज सुविधाएं बढ़ाने के लिए भी आग्रह किया जाएगा।वोरा ने कहा कि कोविड टेस्ट के लिए आरटी पीसीआर टेस्ट लैब की स्थापना करने की मांग की जाएगी।

इसके अलावा घर-घर जाकर सीरो सर्विलांस टेस्ट कर पॉजिटिव केस मिलने पर तत्काल आइसोलेट करने की व्यवस्था करना जरूरी है। वोरा ने कहा कि कोविड डेडिकेटे़ड आईसीयू वेंटीलेटर की स्थापना करना भी जरूरी है। वोरा ने कहा कि शुक्रवार को समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने भी  जिले के अस्पतालों में वेंटीलेटर की अतिरिक्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे।विधायक अरुण वोरा को जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं। कोरोना केस बढ़ने के साथ ही निजी अस्पतालों में बने कोविड सेंटरों में सफाई न होने, भोजन की गुणवत्ता ठीक न होने और पर्याप्त सुविधाएं न होने की शिकायतें मिल रही है।

 

04-09-2020
मंत्री सिंहदेव का आवास मित्रों को बड़ा तोहफा, सभापति अंकित गौरहा की पहल रंग लाई

रायपुर/बिलासपुर। प्रदेश के पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बिलासपुर जिले के आवास मित्रों के लंबित भुगतान को दो सप्ताह के भीतर जमा का आदेश दिया है। पंचायत मंत्री सिंहदेव ने बताया कि आवास मित्रों का भुगतान लंबित होने की जानकारी मिली थी। मामले में जिला पंचायत को सारी प्रक्रिया पूरी करने के साथ आवास मित्रों को दो सप्ताह के अन्दर भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। दरअसल, करीब दो सप्ताह पहले सैकड़ों की संख्या में आवास मित्रों ने जिला पंचायत के सामने, अपने लंबित भुगतान को लेकर ज्ञापन सौंपा था। आवास मित्रों ने जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा को बताया कि पिछले दो साल से भुगतान नहीं होने के कारण आवास मित्रों के लिए कोरोना संकट काल में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। यदि अब भी उन्हें राशि का भुगतान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान आवास मित्रों ने बताया कि दो साल में वे कई बार आवेदन दे चुके हैं इसके बावजूद आज तक हमें बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है। 

मौके पर मौजूद सभापति अंकित गौरहा ने मामले की जानकारी मंत्री सिंहदेव को दी। मंत्री ने मामले को लेकर जल्द से जल्द निराकरण का आश्वासन भी दिया। अंकित गौरहा ने बताया कि गुरूवार को पंचायत मंत्री के प्रयास से सभी आवास मित्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना निर्माण के दौरान किए गए कार्यों की लंबित राशि भुगतान किए जाने का आदेश दिया है। जिला पंचायत से भेजे गए प्रतिवेदन को हरी झण्डी दिखायी है।

दो सप्ताह में होगा भुगतान : जिला पंचायत सभा पति अंकित गौरहा ने बताया कि पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव के प्रयास से आवास मित्रों की दो साल से लंबित राशि का भुगतान किया जाएगा। भुगतान कार्य सारी प्रक्रिया के साथ दो सप्ताह के अन्दर पूर्ण हो जाएगा। शासन के पत्र का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

निर्देशों का होगा पालन : प्रक्रिया के साथ राशि का भुगतान प्रधानमंत्री आवास योजना के जिला पंचायत स्तर पर नोडल अधिकारी आनन्द पाण्डेय ने बताया कि शासन से आवास मित्रों को राशि भुगतान का आदेश पत्र मिल गया है। लम्बित भुगतान को लेकर फाइल भेजी गयी थी। मंत्रालय से आवास मित्रों को जल्द से जल्द लम्बित भुगतान करने को कहा गया है। भुगतान से पहले प्रक्रियाओं को पालन करना होगा।

27-08-2020
कोरोना से लड़ाई हम सबकी लड़ाई है, केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुसार संकट से निपटने किए गए सभी जरूरी इंतजाम: भूपेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदन में आज प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति, रोकथाम और बचाव तथा प्रबंधन पर विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर सदन में 4 घंटा 40 मिनट तक चर्चा की गई। सदन में समवेत स्वर में कोरोना वारियर्स की कर्त्तव्य निष्ठा की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि सदन में हुई चर्चा में आए महत्वपूर्ण सुझावों से प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मैं अपनी ओर से और सदन की ओर से सभी कोरोना वारियर्स की कर्त्तव्य निष्ठा की सराहना करता हूं और उन्हें सम्मानित करना चाहता हूं। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना से लड़ाई हम सबकी लड़ाई है। हम सभी इसे लेकर चिंतित हैं। पक्ष-विपक्ष के सदस्य कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम तथा प्रबंधन के संबंध में जो सुझाव देंगे, उन्हें केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा। उन सुझाव को मानना या न मानना केन्द्र सरकार पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नेशनल डिजास्टर एक्ट प्रभावी है। राज्य सरकार केन्द्र सरकार द्वारा तय दिशा-निर्देशों के अनुसार कोविड-19 संक्रमण से निपटने के लिए कार्य कर रही है। हम केन्द्र सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा क्वारेंटाइन सेंटरों की व्यवस्था, आइसोलशन सेंटर और अस्पतालों की व्यवस्था तथा प्रवासी मजदूरों के संबंध में जो निर्देश जारी किए थे, राज्य सरकार उसका पालन कर रही है। सैम्पलों की टेस्टिंग भी केन्द्र की गाइडलाइन के अनुसार की जा रही है।

बघेल ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रबंधन के लिए सभी मंत्रियों की जिम्मेदारी तय की गई कि कौन किस राज्य और किन कलेक्टरों से बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों से आने से प्रदेश में संक्रमण नहीं बढ़ा है, बल्कि हवाई अड्डे और सड़क मार्ग खोलने से संक्रमण बढ़ रहा है। अधिकतर मजदूर गांवों में हैं। ग्रामीणों ने संक्रमण रोकने की बड़ी अच्छी व्यवस्था की है। बाहर से आने वालों को क्वारेंटाईन सेंटरों में रखा जा रहा है। इससे हमारे गांव बचे हुए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने चर्चा के जवाब में कहा कि प्रदेश में एक सितम्बर से प्रतिदिन 20 हजार सैम्पलों की टेस्टिंग का लक्ष्य है। वर्तमान में 10 से 12 हजार सैम्पलों की टेस्टिंग की जा रही है। अधिक संक्रमण वाले क्षेत्रों में सिंगल सैम्पल की टेस्टिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रतिदिन प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। अभी कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा संक्रमित लोगों के इलाज की सभी व्यवस्थाएं की जा रही है। भविष्य में सुविधाएं बढ़ने के साथ-साथ सैम्पलों की टेस्टिंग की संख्या भी बढ़ायी जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों की तुलना में छत्तीसगढ़ बेहतर स्थिति में है, जल्द ही बेहतर परिणाम आएंगे। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए गाईडलाइन का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पक्ष-विपक्ष से इस विश्वव्यापी संकट से निपटने के लिए सुझाव देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में बिस्तरों और वेंटिलेटर की व्यवस्था है, जरूरत के अनुसार इसमें इजाफा किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ने कहा कि राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 80 बिस्तरों का आईसीयू जल्द ही तैयार हो जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 22 हजार 375 क्वारेंटाईन सेंटर बनाए गए, जिनमें 778 शहरी क्षेत्रों में हैं। क्वारेंटाइन सेंटरों में 7 लाख 7 हजार 286 लोगों को रखा गया और उनके लिए सभी के सहयोग से दिन-रात मेहनत कर सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई। वर्तमान में क्वारेंटाइन सेंटर में 2422 लोग हैं। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सहित पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने कोरोना वारियर्स, स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, शहरी विकास विभागों सहित सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों, समाजसेवी संस्थाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और कोरोना संकट के दौर में कार्य करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया।

26-08-2020
कोरोना संक्रमण पर स्थगन प्रस्ताव, विधानसभा में हुई चर्चा, 1 सितंबर से रोज होगी 20 हजार सैंपलों की टेस्टिंग

रायपुर। विधानसभा के सदन में बुधवारक को प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति, रोकथाम और बचाव तथा प्रबंधन पर विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर सदन में 4 घंटा 40 मिनट तक चर्चा की गई। सदन में समवेत स्वर में कोरोना वारियर्स की कर्त्तव्य निष्ठा की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने कहा कि सदन में हुई चर्चा में आए महत्वपूर्ण सुझावों से प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मैं अपनी ओर से और सदन की ओर से सभी कोरोना वारियर्स की कर्त्तव्य निष्ठा की सराहना करता हूं और उन्हें सम्मानित करना चाहता हूं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना से लड़ाई हम सबकी लड़ाई है। हम सभी इसे लेकर चिंतित हैं। पक्ष-विपक्ष के सदस्य कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम तथा प्रबंधन के संबंध में जो सुझाव देंगे, उन्हें केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा। उन सुझाव को मानना या न मानना केन्द्र सरकार पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नेशनल डिजास्टर एक्ट प्रभावी है। राज्य सरकार केन्द्र सरकार द्वारा तय दिशा-निर्देशों के अनुसार कोविड-19 संक्रमण से निपटने के लिए कार्य कर रही है। हम केन्द्र सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा क्वारेंटाईन सेंटरों की व्यवस्था, आइसोलशन सेंटर और अस्पतालों की व्यवस्था तथा प्रवासी मजदूरों के संबंध में जो निर्देश जारी किए थे, राज्य सरकार उसका पालन कर रही है। सैम्पलों की टेस्टिंग भी केन्द्र की गाइडलाइन के अनुसार की जा रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रबंधन के लिए सभी मंत्रियों की जिम्मेदारी तय की गई कि कौन किस राज्य और किन कलेक्टरों से बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों से आने से प्रदेश में संक्रमण नहीं बढ़ा है, बल्कि हवाई अड्डे और सड़क मार्ग खोलने से संक्रमण बढ़ रहा है। अधिकतर मजदूर गांवों में हैं। ग्रामीणों ने संक्रमण रोकने की बड़ी अच्छी व्यवस्था की है। बाहर से आने वालों को क्वारेंटाईन सेंटरों में रखा जा रहा है। इससे हमारे गांव बचे हुए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने चर्चा के जवाब में कहा कि प्रदेश में एक सितम्बर से प्रतिदिन 20 हजार सैम्पलों की टेस्टिंग का लक्ष्य है। वर्तमान में 10 से 12 हजार सैम्पलों की टेस्टिंग की जा रही है। अधिक संक्रमण वाले क्षेत्रों में सिंगल सैम्पल की टेस्टिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रतिदिन प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। अभी कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा संक्रमित लोगों के इलाज की सभी व्यवस्थाएं की जा रही है। भविष्य में सुविधाएं बढ़ने के साथ-साथ सैम्पलों की टेस्टिंग की संख्या भी बढ़ायी जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों की तुलना में छत्तीसगढ़ बेहतर स्थिति में है, जल्द ही बेहतर परिणाम आएंगे। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पक्ष-विपक्ष से इस विश्वव्यापी संकट से निपटने के लिए सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में बिस्तरों और वेंटिलेटर की व्यवस्था है, जरूरत के अनुसार इसमें इजाफा किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ने कहा कि राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 80 बिस्तरों का आईसीयू जल्द ही तैयार हो जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 22 हजार 375 क्वारेंटाईन सेंटर बनाए गए, जिनमें 778 शहरी क्षेत्रों में हैं। क्वारेंटाईन सेंटरों में 7 लाख 7 हजार 286 लोगों को रखा गया और उनके लिए सभी के सहयोग से दिन-रात मेहनत कर सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई। वर्तमान में क्वारेंटाईन सेंटर में 2422 लोग हैं। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सहित पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने कोरोना वारियर्स, स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, शहरी विकास विभागों सहित सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों, समाजसेवी संस्थाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और कोरोना संकट के दौर में कार्य करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया।    

 

24-08-2020
होम क्वारेंटीन,आइसोलेशन और कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज लोगों की सेहत के फॉलोअप के लिए आईवीआरएस

रायपुर। कोविड-19 के ज्यादा मरीजों वाले रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर जिले में आईवीआरएस के माध्यम से होम क्वारेंटीन, होम आइसोलेशन और कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज लोगों के स्वास्थ्य का फॉलोअप किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने नवीन विश्राम भवन में चार जिलों में एक्टिव सर्विलेंस की इस अतिरिक्त व्यवस्था का शुभारंभ किया। ‘निष्ठा कोविड संचार’ नाम से स्वास्थ्य विभाग द्वारा यूएसएड-निष्ठा संस्था के सहयोग से इस आईवीआर सिस्टम का संचालन किया जा रहा है।स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से होम क्वारेंटीन व होम आइसोलेशन में रह रहे तथा कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी में बड़ी मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सकेंगी। उन्होंने इस एक्टिव सर्विलेंस में तकनीकी सहयोग के लिए यूएसएड-निष्ठा संस्था को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमें ज्यादा कोरोना संक्रमण वाले इलाकों में लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस इंटरएक्टिव सिस्टम के माध्यम से जाने वाले फोन पर समुचित प्रतिक्रिया दें और अपने सेहत की सही जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएं। सिंहदेव ने स्वास्थ्य की जानकारी लेने लोगों से बातचीत के दौरान मानसिक मजबूती के लिए जरूरी परामर्श भी देने कहा।आईवीआरएस के द्वारा होम क्वारेंटीन में रह रहे लोगों की 14 दिनों तक मॉनिटरिंग की जाएगी। इस दौरान संबंधित व्यक्ति में कोरोना संक्रमण के लक्षण का पता चलने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें आवश्यक सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी। कोरोना संक्रमित पाए गए बिना लक्षण वाले व्यक्ति के होम आइसोलेशन के दौरान दस दिनों तक तथा कोविड-19 के इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हुए लोगों के स्वास्थ्य पर एक सप्ताह तक आईवीआर सिस्टम से नजर रखी जाएगी। सिस्टम द्वारा किए जा रहे कॉल पर प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर स्टॉफ द्वारा फोन कर संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया जाएगा।निष्ठा कोविड संचार’ के उद्घाटन के मौके पर स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह, आयुक्त डॉ. सीआर प्रसन्ना, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक नीरज बंसोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ.प्रियंका शुक्ला भी मौजूद थीं। यूएसएड-इंडिया के स्वास्थ्य कार्यालय की निदेशक संगीता पटेल और निष्ठा संस्था की चीफ ऑफ पार्टी डॉ.स्वाति महाजन वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यक्रम से जुड़ीं।

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