GLIBS
22-11-2020
अचानक आए मेहमानों को फटाफट सर्व करने के लिए बनाइए ब्रेड पनीर रोल टेस्टी टेस्टी हेल्दी हेल्दी

रायपुर। कम समय है तो कोई बात नहीं काम समय में ब्रेड पनीर रोल तैयार हो जाता है। यह हेल्दी रेसिपी भी है। आप इस रेसिपी की गुडनेस बढ़ाने के लिए ब्राउन ब्रेड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। साथ ही डीप फ्राई करने की बजाय रोस्ट करके भी ब्रेड रोल बना सकते हैं। इन टिप्स से रोल्स और भी ज्यादा टेस्टी बनेंगे।

सामग्री :
वाइट या ब्राउन ब्रेड
पनीर 
प्याज
टमाटर 
धनिया 
मिर्च 
नमक 
हल्दी 
काली मिर्च 
तेल/घी 

विधि :
सबसे पहले ब्रेड के किनारे काटकर अलग कर लें। इसके बाद पनीर को मैश कर लें। पैन में घी या तेल डालकर इसमें प्याज को भूनें। फिर टमाटर डालकर भूनें। फिर इसमें नमक, हल्दी, मिर्च मिलाएं। अब इसमें मैश किया हुआ पनीर डालकर मिला लें। ऊपर से हरा धनिया और काली मिर्च डालकर गैस ऑफ कर दें। आप भरावन मिक्सचर में अपनी पसंद के हिसाब से जीरा, अजवाइन, बीन्स, भी डाल सकते हैं। मिक्सचर तैयार होने के बाद ब्रेड के अंदर इस मिक्सचर को डालकर लम्बाई में रोल को शेप देकर फ्राई या रोस्ट कर लें। आपके हेल्दी पनीर रोल्स तैयार हैं। ब्रेकफास्ट या टी ब्रेक में इस रेसिपी का मजा लें।

19-09-2020
करी पत्ता का जूस बनाकर पीने से मोटापा होता है कम...

रायपुर। पालक, अजवाइन, धनिया या पुदिना मिलाकर बनाएं करी पत्ता का जूस। इसका स्वाद बढ़ाता है बल्कि इससे आपका बॉडी फैट भी कम होता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे की कैसे आप करी पत्ते के जूस का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि ये आपके शरीर को डिटॉक्स करता है। 

कैसे बनाएं करी पत्ते का जूस:

लगभग 10 से 11 करी पत्ते ले और उसे एक ब्लेंडर में एक ग्लास पानी के साथ डालें। हरा रस कुछ ही समय में तैयार हो जाएगा। जब जूस तैयार हो जाते हैं तो ऐसे में आप इसे हल्की आंच पर गर्म कर के रख ले और हेल्दी रहने के लिए रोजाना सुबह पिएं। ये आपके शरीर को महत्वपूर्ण विटामिन की एक अच्छी खुराक भी देगा। इसके साथ ही ये आपके पेट की चर्बी को बर्न करने का भी काम करेगा। हरे पत्ते आपके सिस्टम को डिटॉक्स करने के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। ऐसे में अगर आपके शरीर में गंदगी भर गई है तो ऐसे में आप इनका सेवन जरूर करें। करी पत्ते का रस बॉडी को डिटॉक्स कर शरीर की एक्स्ट्रा चर्बी को बहाने में मददगार हो सकता है। यह स्वाभाविक रूप से वजन कम करने में भी असरदार है। करी पत्ता का रस ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। आप भी फिट और हेल्दी रहने के लिए इस जूस को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

26-08-2020
वात से लेकर सर्दी को दूर करती है अजवाइन, आयुर्वेद में विशेष स्थान

रायपुर। अजवाइन एक ऐसी औषधि है जो सौ तरह के खाद्य पदार्थों को पचाने वाली होती है। अनेक औषधीय गुणों से भरपूर अजवाइन पाचक रूचि कारक, तीक्ष्ण, कढवी, अग्नि प्रदीप्त करने वाली, पित्तकारक तथा शूल, वात, कफ, उदर आनाह, प्लीहा, तथा कृमिका नाश करने वाली होती है। अजवाइन आयुर्वेद के अनुसार गुणों का भंडार है। एंटी बैक्टीरियल अजवाइन की ताजा पत्ती में प्रचुर पोषक तत्व और विटामिन होता है। विटामिन सी, विटामिन ए, लोहा, मैग्निज और कैल्शियम युक्त ओमेगा -3 फैटी एसिड का एक अच्छा स्रोत है। अजवाइन में कैलशियम, फास्फोरस, लोहा सोडियम व पोटेशियम जैसे तत्व मिलते हैं। इसे घर में छुपा हुआ डॉक्टर भी कहा सकते हैं। अजवाइन वात और कफ दोष को नाश करता है। इसलिए नजला और श्वास कष्ट में इसकी भाप लेने से आराम मिलता है। पेट दर्द में इसे गरम पानी के साथ सेवन करने तथा इसकी लेप लगाने से भी लाभ मिलता है।

शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय रायपुर के पंचकर्म विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीप दास ने बताया अजवाइन को आयुर्वेद में रामबाण माना गया है। सर्दी से बचने के लिए यह एक बेहतर औषधि है। अजवाइन में एंटीऑक्सिडेंट है, अजवाइन मोटापे को कम करता है। जंगली अजवाइन की पत्ती का तेल उत्तम माना है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को दृढ़ बनाता है, श्वसन क्रिया को मजबूत करता है। जोड़ों और मांसपेशियों में लचीलापन को बढ़ाता है और त्वचा को भी बहरी और अंदरुनी संक्रमण से बचाता है। पाचन क्रिया में लाभदायक है। अपच को दूर करता है। उन्होंने कहा खीरे के रस में अजवाइन पीसकर चेहरे पर लगाने से झाइयों में लाभ होता है। अजवाइन, काला नमक, सौंठ तीनों को पीसकर चूर्ण बनाकर भोजन के बाद सेवन करने से पेट में अशुद्ध वायु का बनना और ऊपर चढ़ना बंद होता है। गर्भकाल में अजवाइन जरुर खानी चाहिए इससे ना सिर्फ खून साफ होता है बल्कि शरीर में रक्त प्रवाह भी अच्छे से संचालित होता है। 

डॉ.दास कहते हैं घरेलू औषधि से लेकर मसाले और आयुर्वेदिक दवाओं तक में इसका इस्तेमाल होता है। मासिक धर्म में पीड़ा होती है तो 15 से 30 दिनों तक खाना खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ अजवाइन के सेवन से दर्द में राहत मिलती है। सुबह खाली पेट 2-4 गिलास पानी पीने से अनियमित मासिक स्राव में काफी लाभकारी होता है। तेल की कुछ बूंदें गुनगुने पानी में मिलाकर कुल्ला करने से मसूड़ों की सूजन में आराम होता है। चोट लगने पर अजवाइन हल्दी बाँधने से चोट की सूजन और दर्द में आराम आता है। अजवाइन चूर्ण बनाकर दो-दो ग्राम की मात्रा दिनभर में तीन चार बार लेने से ठंड का बुखार कम होता है। पेट का दर्द, दाँत का दर्द, वात व्याधि, कृमि रोग, चर्म रोग, रजो दोष, में लाभ होता है। कोविड-19 के दौर में अजवाइन को गर्म करके पतले कपड़े में पोटली बाँधकर सूँघने से लाभ मिल सकता है। जुकाम और सर्दी में पोटली बाँधकर सूँघना इसके अलावा अजवाइन को चबाना उसका धुआँ तथा बफारा लेने से भी लाभ होता है। शरीर का दर्द , माथे का भारीपन भी दूर होता है। किसी भी प्रकार की औषधि या आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग करने से पूर्व विशेषज्ञ की राय जरूर लें क्योंकि कई लोगों को बहुत सारी औषधि अनुकूल नहीं होती है ।

वचनों का पालन कर कोरोना संक्रमण की करें रोकथाम :

सतर्कता कोरोना से बचाव का बेहतर उपाय है। इसके लिए विशेष सावधानी एवं सतर्कता जरुरी है जैसे- मास्क लगाने व 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें, सार्वजनिक स्थल हो, किसी ऑफिस के कमरे में अन्य व्यक्तियों के साथ हो या फिर सर्दी, जुकाम हो तो बाहर निकलने से पहले मास्क जरूर लगाएं, छींकते या खांसने समय रूमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, बहुत अधिक इस्तेमाल होने वाली सतहों दरवाजे के हैंडल, या ऐसी जगहों का नियमित सफाई जरूरी है, सार्वजनिक या खुले स्थानों पर नहीं थूकें, ऐसा करना दंडनीय अपराध है, बहुत जरूरी हो तभी यात्रा करें, कोवि़ड- 19 संक्रमित या उसके परिवार वालों से भेदभाव नहीं करें सहानुभूति से पेश आएं, अपने स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करें, कोविड-19 को लेकर होने वाली चिंताएं या मानसिक दबाव के लिए 08046110007 फ्री हेल्पलाइन नंबर पर बात कर मनोचिकित्सक से सलाह आवश्यक लें।

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