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29-08-2020
57 राहत शिविरों में 5,316 लोगों को ठहराया गया, मकान क्षति के 4,865 और पशु हानि के 71 प्रकरण दर्ज

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर यशवंत कुमार ने लगातार हो रही बारिश को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को आपदा प्रबंधन के लिए अलर्ट कर दिया है। उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। फसल क्षति, जनहानि, मकान क्षति आदि के प्रकरणों में राज्य सरकार के निर्देशानुसार आबीसी 6-4 के तहत मदद की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 57 राहत शिविरों में 5,316 लोगों को ठहराया गया है। राहत शिविर में भोजन, राशन, आवश्यकता अनुसार चिकित्सा एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। मकान क्षति के 4,865 प्रकरण और पशुहानि के 71 प्रकरण दर्ज किए गए।

 

 

13-05-2020
छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में प्रकरणों की सुनवाई जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई की जा रही है। अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी/प्रथम अपीलीय अधिकारी प्रकरण से संबंधित तर्क/जवाब लिखित रूप से आयोग को ई-मेल या व्हाट्सअप और फैक्स से भेज सकते हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों के द्वारा की जा रही है। राज्य के ग्रीन जोन जिले के अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी अपने जिले के कलेक्टोरेट स्थित एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र) के वीडियोकक्ष में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं और आयोग को अपना जवाब ई-मेल, व्हाट्सअप और फैक्स से भेज सकते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग को अपना जवाब ई-मेल sic.cg@nic.in फैक्स नम्बर 0771-2512102 व्हाट्सअप नम्बर 9425502363 पर भेज सकते हैं।बताया गया कि कोविड-19 लॉकडाउन की अवधि में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई के लिए राज्य सूचना आयोग में अपीलार्थी/शिकायतकर्ता और प्रथम अपीलीय अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है।

 

11-05-2020
रेरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शुरु की प्रकरणों की सुनवाई, दिशा निर्देश जारी

रायपुर। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई शुरु कर दी है। सोमवार से भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा 31 के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई शुरु की गई है। रेरा के अध्यक्ष विवेक ढांड और सदस्य आरके टम्टा ने आज सुनवाई की। बताया गया कि आज आवेदक हरिद्वार से और अनावेदक प्रमोटर और अधिवक्ता रायपुर में अपने निवास से सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।रेरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके अनुसार पक्षकार और अधिवक्तागण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रकरणों की सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। अध्यक्ष विवेक ढांड ने बताया कि रेरा की ओर से 11 मई से सुनवाई के लिए नियत प्रकरणों की केस लिस्ट प्राधिकरण के वेब पोर्टल https ://rera.cgstate.gov.in पर उपलब्ध है। वर्तमान परिदृश्य में प्राधिकरण के समक्ष पक्षकारों की उपस्थिति के स्थान पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपस्थिति दर्ज की जा सकेगी। केस लिस्ट में उल्लेखित निर्धारित तिथि पर सुनवाई के लिए नियत  प्रकरणों से संबंधित पक्षकारों और अधिवक्तागणों को सुनवाई के एक दिन पूर्व और सुनवाई के एक घंटे पूर्व पुन: उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर सूचित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के लिए सभी पक्षकारों को अपने मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी की जानकारी रेरा की शासकीय मेलडी office.rera.cg@gov.in पर एक सप्ताह के भीतर निर्धारित प्रारूप में भेजने को कहा गया है। इसमें प्रकरण क्रमांक, पक्षकार तथा अधिवक्ता (यदि कोई हो) का नाम, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखा हो। प्राधिकरण की ओर से तीन कार्य दिवसों में ई-मेल प्राप्त होने की पुष्टि की जाएगी। इसमें किसी प्रकार की त्रुटि होने पर पक्षकार या अधिवक्ता प्रकरण की पेशी तिथि के तीन कार्य दिवस पूर्व तक नवीन मेल से सुधरी हुई जानकारी भेज कर प्राधिकरण के टेलीफोन नंबर 0771-4918927 पर सूचित कर सकेंगे।

01-05-2020
कोर्ट में वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए हुई न्यायालयीन प्रकरणों की सुनवाई 

दुर्ग। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के दिशा निर्देश के अनुसार और जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग जीके मिश्रा के मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देश में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामजीवन देवांगन, शुभ्रा पचौरी, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम फास्ट ट्रेक स्पेशल कोर्ट दुर्ग, गरिमा शर्मा, चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग के द्वारा न्यायालयीन प्रकरण की सुनवाईं वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से की गई। विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से की गई जमानत प्रकरण की सुनवाई में पैरवी किये जाने वाले अधिवक्ता अपने आफिस से मोबाईल के माध्यम से जुड़े हुए थे तथा शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता भी अपने मोबाइल के माध्यम से जुड़े हुए थे। दोनों पक्षों के तर्क सुना गया और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जमानत आवेदन की सुनवाई पूर्ण कर निराकरण किया गया।

24-04-2020
बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को दी जा रही राशि, अतिक्रमण प्रकरणों में कार्यवाही होगी : जय सिंह अग्रवाल

रायपुर। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने शुक्रवार को वीडियो क्राफ्रेंसिंग से मीडिया से चर्चा की। आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि राज्य में किसानों को पिछले दिनों बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जो नुकसान हुआ है। ऐसे सभी किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जा रही है। इसी तरह से प्रदेश में अतिक्रमण के प्रकरणों में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। राजस्व मंत्री ने बताया कि राज्य के पंजीयन कार्यालय लॉक डाउन के तहत केन्द्र शासन की गाइड लाइन के अनुसार शुरू किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि कोरबा जिले के कटघोरा में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का त्वरित इलाज किया गया। ज्यादातर मरीज स्वस्थ्य हो गए हैं। मंत्री अग्रवाल ने शीघ्र ही इलाजरत मरीजों के स्वस्थ्य होने की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर कटघोरा में डॉक्टरों की टीम भेजी गई। मरीजों का टेस्ट कर उनका शीघ्र इलाज चालू किया गया।मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आपदा प्रबंधन के तहत विभाग ने नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के बचाव और राहत कार्य के लिए भारत सरकार गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार राज्य आपदा मोचन निधि के मद एवं मापदंडों में सम्मिलित करते हुए सैंपल कलेक्ट करने एवं प्रभावित व्यक्तियों को आईसोेलेशन किए जाने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि की प्रावधान राशि का 25 प्रतिशत और उपकरण व प्रयोगशाला स्थापित करने 10 प्रतिशत व्यय किए जाने की स्वीकृति स्वास्थ्य विभाग को प्रदान की है।विभाग की ओर से मार्च 2020 में 15 करोड़ रुपए स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराया गया है।

वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत 321.20 करोड़ का बजट प्रावधान है। इसका 25 प्रतिशत और 10 प्रतिशत कुल 35 प्रतिशत 112.42 करोड़ होता है, जिसके विरुद्ध स्वीकृत बजट से 60 करोड़ रुपए स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि साउथ ईस्टर्न कोलफीड्स लिमिटेड बिलासपुर द्वारा नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 की रोकथाम के लिए सीएसआर मद से राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को 10 करोड़ रुपए की सहायता देने की सहमति व्यक्त की गई है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग ने राज्य के सभी जिलों में कोरोना नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए देशव्यापी लॉक डाउन के तहत प्रभावित गरीबों, मजदूरों सहित अन्य प्रभावित जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने, राहत कैंप लगाए हैं। प्रभावितों को भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधा सहित उनके जरुरत की अन्य चीजें उपलब्ध कराई जा रही है।उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण संकट के काल में राज्य सरकार  की सर्वाेच्च प्राथमिकता लोगों को राहत पहुंचाना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कोरोना महामारी को नियंत्रित करने में छत्तीसगढ़ सफल रहा है। छत्तीसगढ़ के कोरोना प्रबंधन को रिजर्व बैंक के गवर्नर सहित पूरे देश में सराहना मिल रही है।

 

15-04-2020
लंबित प्रकरणों की पेशी तारीख 21 अप्रैल या उसके बाद की तिथि निर्धारित करने के निर्देश 

रायपुर। लाॅक डाउन की अवधि में वृद्धि के कारण राज्य सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की पेशी की तारीख 21 अप्रैल या उसके आगे की तिथि निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव को ध्यान में रखते हुए पूर्व में राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की पेशी की तारीख 15 अप्रैल या उसके आगे की तिथि निर्धारित करने के निर्देश दिए गए थे, जिसे अब बढ़ा कर 21 अप्रैल या उसके बाद की तिथि निर्धारित करने को कहा गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने इस संबंध में सभी संभागायुक्त, जिला कलेक्टरों, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा राजस्व न्यायालय के समस्त पीठासीन अधिकारियों को इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन से निर्देश जारी कर दिए हैं।

21-03-2020
राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों की पेशी एक अप्रैल या उसके पश्चात रखने के निर्देश

रायपुर। राज्य शासन द्वारा नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण से बचाव की दृष्टि से राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों की पेशी एक अप्रैल या उसके पश्चात रखने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी कमिश्नरों,जिला कलेक्टरों, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा राजस्व न्यायालय के पीठासीन अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए राजस्व न्यायालयों में लंबित जिन प्रकरणों में आगामी पेशी 31 मार्च तक निर्धारित है, उन प्रकरणों में पेशी तारीख को आगे बढ़ाते हुए एक अप्रैल 2020 या उसके आगे की तिथि निर्धारित की जाए। इसके साथ ही साथ राजस्व न्यायालय में प्राप्त होने वाले नए आवेदनों में पेशी तारीख एक अप्रैल 2020 या उसके आगे रखी जाए।

 

16-07-2019
 पुलिस अधीक्षक ने ली थाना,चौकी प्रभारियों, विवेचकों की बैठक

धमतरी। पुलिस अधीक्षक धमतरी बालाजी राव ने समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं समस्त थाना, चौकी प्रभारियों एवं विवेचकों की मिटिंग ली गई। इसमें वरिष्ठ कार्यालय द्वारा दिए गए महवपूर्ण निर्देशों के पालन किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही थाने में लंबित गंभीर अपराध, लंबित अपराध, चिटफंड से संबंधित अपराध के मामले शीघ्र पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए। थाने में लंबित प्रकरणों की जानकारी ली जाकर समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर इनका शीघ्रता से निराकरण के लिए निर्देश दिए गए। लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा कर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। मिटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय धमतरी एवं थाना, चौकी प्रभारी एवं विवेचक उपस्थित थे।

13-05-2019
जनजातियों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों की न्यायमूर्ति पटनायक ने की समीक्षा

रायपुर। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के रहवासियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एके पटनायक की अध्यक्षता में समिति द्वारा की गई। समिति द्वारा बस्तर-रेंज के 7 जिलों तथा जिला राजनांदगांव को मिलाकर कुल 8 नक्सल प्रभावित जिलों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के रहवासियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की गई। साथ ही प्रकरणों में न्यायालयीन कार्यवाही की स्थिति संबंधी जानकारी का भी आवलोकन किया गया। समिति द्वारा प्रत्येक प्रकरण की उसके गुणदोषों के आधार पर समीक्षा कर संबंधित अनुसूचित जनजाति वर्ग के हित में न्यायोचित कार्यवाही समयबद्ध कार्ययोजना के तहत करने का निर्णय लिया गया। साथ ही नक्सल घटना से संबंधित प्रकरणों में कार्यवाही हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक सुंदरराज पी. भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं एवं स्थानीय विशेष अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों में कार्यवाही हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक संजीव शुक्ला, आबकारी अधिनियम से संबंधित प्रकरणों में कार्यवाही हेतु सचिव-आयुक्त, आबकारी विभाग तथा आवश्यक समन्वय हेतु सचिव आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर महाधिवक्ता कनक तिवारी, पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

18-01-2019
CM Bhupesh Baghel: नियमितकरण के प्रकरणों को एक माह में पूरा करें कलेक्टर: सीएम भूपेश बघेल

रायपुर। नियमितकरण के लंबित प्रकरणों का निराकरण के लिए ​कलेेक्टरों को शिविर के लगाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा ​है। उन्होंने कहा कि इससे अनाधिकृत निर्माण के नियमतिकरण के लंबित प्रकरणों का जल्द निपटारा होगा। उन्होंने लंबित प्रकरण का एक माह के अंदर निराकरण के लिए आदेश दिया है। राजधानी में नियमितकरण के 5 हजार से अधिक मामले पेंडिंग है, बिलासपुर, कोेरबा में भी मामले लंबित हैै। सीएम भूपेश बघेल ने नियमितीकरण के लंबित प्रकरणों को एक माह के अंदर निराकरण करने के आदेश प्रदेश के सभी कलेक्टरों को दिए है।

16-01-2019
MLA Santram Netam: जनहित से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता देें अधिकारी : विधायक संतराम नेताम

कोण्डागांव। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को जनसामान्य के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों को निर्वहन करना होगा, क्योंकि दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। इस क्षेत्र की सर्वोच्च आवश्यकता शिक्षा, स्वास्थ्य, आवागमन, विद्युत, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को हर ग्राम पंचायतों तक पहुंचाना शासन की प्राथमिकता में है। उक्त बातें केशकाल विधायक संतराम नेताम ने केशकाल के तहसील कार्यालय के सभाकक्ष में जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक में कहीं। बैठक में सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, तहसीलदार, सीईओ जनपद पंचायत और नगरीय निकायों के सीएमओ मौजूद थे। 

विधायक ने बैठक में विभिन्न विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता को मूलभूत सुविधाओं की सुलभता सहित लोक सेवाओं की उपलब्धता हेतु सार्थक पहल की जाए। इसके साथ ही उन्होंने उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न एवं सामग्री की उपलब्धता, आंगनबाड़ी केन्द्रों में लक्षित बच्चों एवं माताओं को समेकित बाल विकास सेवाओं की सुलभता, स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं, आश्रम-छात्रावासों सहित आवासीय विद्यालयों की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने, नामातंरण-बंटवारा, सीमाकंन इत्यादि राजस्व प्रकरणों को समय-सीमा में  निराकृत करने अधिकारियों को निर्देश दिया।  

31-12-2018
Chitfund: चिटफंड कंपनी पर लगाया 84 लाख रुपए हर्जाना
उपभोक्ता फोरम ने साल के आखिरी दिन 39 प्रकरणों पर दिया निर्णय
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