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30-11-2020
भूपेश सरकार का फैसला: बेरोजगार इंजीनियरों को मिलेगा रोजगार, मिलेंगे हर माह 15 से 25 हजार रूपए

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज एक बड़ा फैसला लिया है।  राज्य सरकार द्वारा लोक निर्माण विभाग में लागू की गई ''ई'' श्रेणी पंजीयन प्रणाली को अब राज्य शासन के सभी निर्माण विभागों, निकायों, मण्डलों और बोर्ड आदि में भी लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य में एकीकृत  'ई' श्रेणी पंजीयन प्रणाली लागू की गई है।  'ई' श्रेणी पंजीयन के माध्यम से स्थानीय बेरोजगार युवकों को स्वरोजगार उपलब्ध कराये जाने के लिए 20 लाख रूपए तक की लागत के एकल कार्य ब्लाक स्तर पर सीमित निविदा के माध्यम से प्रदाय किए जाने का प्रावधान किया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों के अनुबंध में 20 लाख रूपए से अधिक लागत के कार्यों में डिप्लोमा इंजीनियर तथा एक करोड़ से अधिक के कार्यों में स्नातक इंजीनियर नियुक्ति किए जाने का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। डिप्लोमा इंजीनियर को 15 हजार रूपए प्रति माह तथा स्नातक इंजीनियर को 25 हजार न्यूनतम प्रति माह भुगतान का भी प्रावधान किया गया है। निविदा अनुबंध में इंजीनियरों की नियुक्ति की अनिवार्यता किए जाने से बड़ी संख्या में बेरोजगार इंजीनियरों को रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि लोक निर्माण विभाग के उक्त दो निर्णयों का सभी निर्माण विभागों, निकायों, मण्डलों, बोर्ड इत्यादि में भी पालन अनिवार्यतः करने के निर्देश जारी किए जाएं ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल सके।


 

28-11-2020
दो जल प्रदाय योजना के लिए भूपेश सरकार ने किए 40.78 करोड़ मंजूर

रायपुर। राज्य शासन ने दो आवर्धन जल प्रदाय योजनाओं के लिए 40 करोड़ 78 लाख 8 हजार रुपए की पुनर्रीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्रालय महानदी भवन से दुर्ग जिले के विकासखण्ड दुर्ग के अंतर्गत नगर पंचायत उतई की जल आवर्धन प्रदाय योजना के लिए 18 करोड़ 94 लाख 10 हजार रुपए और जिला रायपुर के विकासखण्ड अभनपुर के गोबरा नवापारा आवर्धन जल प्रदाय योजना के लिए 21 करोड़ 83 लाख 98 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

28-11-2020
गांव-गांव खुशहाली ला रही है भूपेश सरकार की गोधन न्याय योजना, गोबर बेचकर पशुधन खरीद रहे हैं लोग

रायपुर/कांकेर। भूपेश सरकार की ‘गोधन न्याय योजना’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मददगार साबित हो रही है। गोबर बेचने से मिले रुपए को कोई अपनी खेती-किसानी में लगा रहा है, तो कोई उससे पशुधन खरीद कर दुग्ध व्यवसाय को मजबूती प्रदान करने में लगा हुआ है। चारामा विकासखण्ड के ग्राम आंवरी के भूमिहीन किसान रामनाथ ठेठवार ने भी गोबर बेचने से मिले 27 हजार रुपए से 2 उन्नत नस्ल की गाय व बछिया खरीदी है। इससे वे दुग्ध व्यवसाय को आगे बढ़ाएंगे। रामनाथ ने बताया कि उनके पास देशी नस्ल की गाय थी, जिसे कृत्रिम गर्भधान कराया गया और उससे उन्नत नस्ल के बछड़े पैदा हुए जो बड़ी होकर गाय बनी, जिससे उन्होंने दुग्ध व्यवसाय शुरू किया जो उनके परिवार के जीवन-यापन का एकमात्र साधन है। रामनाथ ठेठवार को दूध के विक्रय से महीने में लगभग 4 से 5 हजार रुपए की शुद्ध आमदनी हो जाती है। उन्होंने बताया कि उनके पास वर्तमान में उन्नत नस्ल के 19 पशुधन है, जिसके गोबर को आंवरी के गौठान में बेचने से 27 हजार रुपए की आमदनी प्राप्त हुई जिससे उन्होंने शाहीवाल नस्ल के एक गाय और बछिया खरीदा है। गौरतलब है कि कांकेर जिले में 4 हजार 497 पशुपालकों के द्वारा गोबर बेचकर 1 करोड़ 30 लाख 66 हजार रुपए की आमदनी प्राप्त की गई है, जिसे वे अपने जीवन को संवारने में लगे हुए हैं।

27-11-2020
ये भूपेश सरकार ही है, जिसने इस वित्तीय वर्ष में एक लाख 21740 परिवारों को 100 दिनों से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया

रायपुर। भूपेश सरकार के प्रयास से लोगों को लगातार रोजगार  उपलब्ध हो रहा है। मनरेगा के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2020.21 में अब तक एक लाख 21 हजार 740 परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार मुहैया कराने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर है। प्रदेश में वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों को भी मनरेगा के तहत बड़ी संख्या में काम दिया जा रहा है। इस साल अब तक ऐसे 19 हजार 799 परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। इस मामले में छत्तीसगढ़ देश में ओड़िशा के बाद दूसरे स्थान पर है। देश में मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार हासिल करने वाले कुल वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों में अकेले छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत से अधिक है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  टीएस सिंहदेव ने कोविड.19 के चलते लागू देशव्यापी लॉक.डाउन के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाए रखने व्यापक स्तर पर मनरेगा कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे।

इससे गांवों और वनांचलों में लगातार लोगों को काम मिलते रहा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही। चालू वित्तीय वर्ष के शुरूआती सात.आठ महीनों में ही मनरेगा श्रमिकों को 100 दिनों से ज्यादा का रोजगार मिलने से उन्हें बड़ा आर्थिक संबल मिला। इस दौरान कार्यस्थलों पर कोरोना संक्रमण से बचने के उपायों के साथ ही सभी सावधानियां अपनाई गई थीं।  प्रदेश में मनरेगा श्रमिकों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार देने में कबीरधाम जिला सबसे आगे है। वहां इस वर्ष अब तक 8971 परिवारों को 100 दिनों से ज्यादा का काम उपलब्ध कराया जा चुका है। राजनांदगांव में 7780, बिलासपुर में 7088, धमतरी में 5802, रायपुर में 5506, बलौदाबाजार.भाटापारा में 5348, मुंगेली में 5142, सुकमा में 5012, जशपुर में 4918, सूरजपुर में 4754, कोरिया में 4729, बस्तर में 4345, रायगढ़ में 4172, महासमुंद में 4168 और बलरामपुर.रामानुजगंज में 4158 परिवारों ने योजना के तहत 100 दिनों से अधिक काम किया है। वहीं गरियाबंद जिले में इस साल 3917, कोंडागांव में 3805, बीजापुर में 3791, कांकेर में 3697, दंतेवाड़ा में 3621, गौरेला.पेंड्रा.मरवाही में 3492, जांजगीर.चांपा में 3268, कोरबा में 3026, बालोद में 3000, बेमेतरा में 2449, सरगुजा में 2260, दुर्ग में 2181 तथा नारायणपुर में 1340 परिवारों को 100 दिनों से ज्यादा का रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

मनरेगा के अंतर्गत वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों को भी बड़ी संख्या में काम दिया जा रहा है। प्रदेश के ऐसे 19 हजार 799 परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार मुहैया कराया जा चुका है। कोंडागांव जिले में 2286, बस्तर में 1417, सुकमा में 1371, धमतरी में 1359, दंतेवाड़ा में 1308, कोरबा में 1176, सूरजपुर में 1026, बीजापुर में 1008, राजनांदगांव में 959, गरियाबंद में 931, कांकेर में 912, गौरेला.पेंड्रा.मरवाही और कबीरधाम में 878.878, बलरामपुर.रामानुजगंज में 822, कोरिया में 705, जशपुर में 569, सरगुजा में 558, नारायणपुर में 400, बिलासपुर में 327, रायगढ़ में 237, मुंगेली में 222, महासमुंद में 207, बालोद में 123 एवं बलौदाबाजार.भाटापारा में 105 वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार दिया गया है।

 

 

20-11-2020
राजधानी में ही गृहमंत्री की स्मार्ट पुलिसिंग फेल तो बाकी इलाकों का हाल क्या होगा : संजय श्रीवास्तव 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने भूपेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। श्रीवास्तव ने कहा है कि अभनपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की हृदयविदारक घटना ने समूचे प्रदेश को हिला दिया था। अब 24 घंटे के भीतर राजधानी में दो लोगों की निर्मम हत्या से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहा है। श्रीवास्तव ने प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू से पूछा है कि जब राजधानी में ही उनकी स्मार्ट पुलिसिंग फेल हो गई है, तो प्रदेश के बाकी इलाकों का क्या हाल होगा? इधर प्रदेश के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे के विधानसभा क्षेत्र में एक किसान ने आत्महत्या की है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है, अपराधियों का दुस्साहस बढ़ा है। अब तो यह साफ जाहिर हो रहा है कि प्रदेश में ये अपराध अब उद्योग की शक़्ल अख़्तियार करते जा रहे हैं।  प्रदेश सरकार की उदासीनता के कारण राजनीतिक संरक्षण पाकर तमाम आपराधिक तत्व प्रदेश में दहशतगर्दी का माहौल कायम करने में लगे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृह मंत्री साहू और कृषि मंत्री चौबे के अपने गृह जिलों में किसान लगातार आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं। कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू के अपने गांव में एक किसान ने आत्महत्या कर ली। किसानों की आत्महत्या के ये मामले प्रदेश सरकार के किसान विरोधी होने पर मुहर लगाते हैं। प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। एक सजग विपक्ष के नाते जब भाजपा प्रदेश सरकार को आईना दिखाती है तो कांग्रेस के नेता बिफरकर मयार्दाहीन व निम्नस्तर की बयानबाजी करके झूठ और नफरत की सियासत पर उतर जाते हैं।

19-11-2020
अब पैसों की कमी नहीं आएगी तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों के आड़े, भूपेश सरकार ने दी प्रोत्साहन राशि

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरूवार को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न इंदिरा गांधी की जयंती पर अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों के प्रतिभाशाली बच्चों को शिक्षा प्रोत्साहन राशि का ऑनलाइन वितरण किया। मुख्यमंत्री बघेल ने शिक्षा प्रोत्साहन योजना और मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार योजना के तहत कुल 4 हजार मेधावी विद्यार्थियों के खाते में 8 करोड़ 53 लाख 2 हजार रूपए की राशि अंतरित की। उन्होंने इस अवसर पर सुकमा, कांकेर, नारायणपुर, कोरिया, कवर्धा सहित विभिन्न वन मंडलों के लाभान्वित मेधावी छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें इंदिरा गांधी के जीवन से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में वनवासी, आदिवासी सहित तेन्दूपत्ता तथा लघु वनोपजों के संग्राहकों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। तेन्दूपत्ता आदिवासी और वन आश्रित परिवारों की आय का बहुत बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बेहतर आय दिलाने के लिए एक ओर हमने संग्रहण पारिश्रमिक दर 2500 रूपए प्रतिमानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा किया। वहीं दूसरी ओर राज्य में 12 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए भी ठोस कदम उठाये गए है। केन्द्र सरकार ने जब इनकी बीमा योजना बंद कर दी तो हमने राज्य सरकार की ओर से शहीद महेन्द्र कर्मा के नाम पर तेन्दूपत्ता संग्राहक समाजिक सुरक्षा योजना शुरू की। जिसमें बीमा प्रीमियम की राशि की छूट भी मिल गई और उन्हें शीघ्र दावा भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है।  ।

    इस अवसर पर वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि राज्य में वनवासियों को रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध कराये जा रहे है। साथ ही उनके हित में सामाजिक सुरक्षा योजना, शिक्षा प्रोत्साहन योजना आदि अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। कार्यक्रम को संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय ने भी संबोधित किया। उल्लेखनीय है कि शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत शैक्षणिक वर्ष 2019-20 में कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों के प्रतिभाशाली बच्चों के खाते में 8 करोड़ 4 लाख 10 हजार रूपए की राशि अंतरित की गई। इस योजना में कक्षा 10वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को 15 हजार रूपए तथा कक्षा 12वीं में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को 25 हजार रूपए शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दिया जाता है। इसी तरह मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार योजना के तहत शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के छात्र-छात्राओं के खाते में 75 लाख 4 हजार 500 रूपए की राशि अंतरित की गई। इस योजना में प्रत्येक प्राथमिक वनोपज समिति क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष कक्षा 8वीं में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार के तहत 2000 रूपए, कक्षा 10वीं में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 2500 रूपए तथा कक्षा 12वीं में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 3000 रूपए की पुरस्कार राशि दी जाती है। यह पुरस्कार प्राथमिक वनोपज समिति क्षेत्र के अंतर्गत एक छात्र तथा एक छात्रा को प्रदान किया जाता है। इस अवसर पर विधायक अनिता शर्मा, विधायक अनूप नाग, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव   सिद्धार्थ कोमल परदेशी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, प्रबंध संचालक  संजय शुक्ला, प्रबंध संचालक एसएस बजाज, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरूण पाण्डेय, मुख्य वन संरक्षक जेआर नायक तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


 

 

19-11-2020
Breaking:  भूपेश सरकार ने 6 अधिकारियों का प्रमोशन कर नए स्थानों में किया पदस्थ, आदेश जारी

रायपुर। भूपेश सरकार ने 6 अधिकारियों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नत किया है। इन अधिकारियों को नए स्थानों पर पदस्थ किया गया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर याचिका में पारित अंतिम आदेश के अध्याधीन होगा। यह पदोन्नति 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि की होगी।

 

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