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18-09-2020
भूपेश सरकार ने अब सीटी स्कैन की दरें की निर्धारित,स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। राज्य शासन ने कोविड मरीजों के उपचार के दौरान हाई रिजाल्यूशन एचआरसीटी इन्वेस्टिगेशन की आवश्यकता होने पर निजी चिकित्सालयों और डायग्नोस्टिक केन्द्रों के लिए दरें निर्धारित की हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार सीटी चेस्ट विदाउट कान्ट्रास्ट फार लंग्स के लिए 1870 रुपए, सीटी चेस्ट विद कान्ट्रास्ट फार लंग्स के लिए 2354 रुपए निर्धारित शुल्क रखा गया है। आदेश में कहा गया है कि, प्रदेश के सभी निजी चिकित्सालयों को कोविड -19 मरीजों के इलाज के लिए छत्तीसगढ़ शासन की ओर से  निर्धारित शुल्क ही लिया जाए। आईसीएमआर और राज्य शासन की ओर से तय किए गए ट्रीटमेंट प्रोटोकाल का पालन करते हुए केवल आवश्यक जांच ही कराई जाए। कोविड 19 मरीजों का आरटीपीसीआर/ट्रूनाट/एंटीजेन टेस्ट केवल आईसीएमआर और राज्य शासन की ओर से अधिकृत पैथालॉजी केन्द्रों/अस्पतालों में ही किया जाए। उपरोक्त आदेश का उल्लंघन एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1897,छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट1949 और  छत्तीसगढ़़ एपिडेमिक डिसीज कोविड 19 रेगुलेशन एक्ट 2020 के तहत दंडनीय होगा।

 

18-09-2020
भूपेश सरकार ने ना केवल एल्डरमैन नियुक्त किए, 22 लोगों को बदला भी, देखिए सूची 

रायपुर। कांग्रेस पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं का लंबे समय का इंतजार आखिरकार गुरुवार को समाप्त हुआ। देर शाम भूपेश सरकार की ओर से एल्डरमैनों की नियुक्तियों की घोषणा की गई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से 200 से अधिक एल्डरमैनों की नियुक्तियों के संबंध में आदेश जारी किए गए। आदेश की कॉपी में राज्य सरकार की ओर से मनोनीत पार्षदों के नाम जारी किए गए। तीन में एक सूची ऐसी भी थी, जिसमें 22 पूर्व मनोनीत एल्डरमैनों के स्थान पर 22 नए लोगों को मनोनीत किया गया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि, इन 22 लोगों के नाम पार्टी ने पूर्व में ही तय कर लिए थे। निकाय चुनाव में इन्हें टिकट भी दी गई। चुनाव जीतकर जब ये पार्षद बन गए तो फिर इन्हें मनोनीत पार्षद (एल्डरमैन) रखने का मतलब ही नहीं। इसलिए इनकी जगह पर दूसरों का मनोनयन किया गया है।

17-09-2020
Breaking:भूपेश सरकार ने नियुक्त किए एल्डरमेन,नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। भूपेश सरकार ने गुरुवार देर शाम प्रदेश भर में एल्डरमेनों की नियुक्ति की है। राज्य शासन ने प्रदेश के तमाम नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में कांग्रेस पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं को नामांकित पार्षद मनोनीत किया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आदेश जारी किया है। प्रदेशभर के नगरीय निकायों के लिए नियुक्त किए गए एल्डरमेनों की सूची जारी कर दी गई है। सूची देखने के लिए यहां क्लिक करें    

 

16-09-2020
अब तक बिजली से वंचित रहे बेमेतरा इलाके के 53 गांवों को भूपेश सरकार देगी बिजली की सौगात

रायपुर/बेमेतरा। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयास से जल्द ही 53 गांवों में बिजली आएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए विभिन्न योजनाओं पर तेजी से कार्य कर रही है। इसी तारतम्य में 53 लाख 43 हजार रुपए की लागत से दुर्ग क्षेत्र के संचारण-संधारण संभाग बेमेतरा के अंतर्गत 33/11 के.व्ही. सबस्टेशन खंडसरा में 10 लाख 98 हजार रुपए की लागत से 1089 के.व्ही.ए.आर., दाढ़ी में 14 लाख 15 हजार रुपए, बालसमुंद में 14 लाख 15 हजार रुपए तथा बाबा मोहतरा में 14 लाख 15 हजार रुपए की लागत से 1815 के.व्ही.ए.आर. का कैपेसिटर बैंक टेस्ट चार्ज किया गया। उपकेंद्रों में कैपेसिटर बैंक चार्ज होने से बेमेतरा के 53 गांवों के लगभग 9400 उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। अधिकारियों ने बताया कि पंपों के इंडक्टिव (मोटर) लोड से प्रणाली पर अनावश्यक एम्पियर भार बढ़ता है और वोल्टेज कम(ड्राप) हो जाता है।

कैपेसिटर बैंक के चालू होने से वोल्टेज एवं पाॅवर फैक्टर में सुधार होगा और इससे लाईन लाॅस में भी कमी आएगी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी दुर्ग क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक  संजय पटेल ने उक्त कार्य कोे सफलतापूर्वक संपादित करने पर अधीक्षण अभियंता व्हीआर मौर्या,  कार्यपालन अभियंता प्रोजेक्ट संभाग हेमंत ठाकुर एवं उनकी पूरी टीम को बधाई पे्रषित की है। उन्होंने बताया कि सबस्टेशन खंडसरा के अंतर्गत ग्राम पथरिया, चमारी, जालम, सेवाची, करचुआ, लावातरा, मरतरा, मोहतरा, रायचरा, सेमरिया, बंतापुर एवं घनाडीह तथा सबस्टेशन दाढ़ी के अंतर्गत ग्राम बटार, चिल्फी, कोदवा, गिधवा, सनकपाट, सुरंगबहेरा, मरजातपुर, बहरपोर, अगरी, देवगांव, मुरकी, कुरदा, हरबंधा एवं सबस्टेशन बालसमुंद के अंतर्गत ग्राम रौजपुर, खैरी, जोगीपुर, गुनरबोड़, मोहरेंगा, औसरी, धनेरी, बोरिया, बगौद, नयापारा, बाबाघटोली, आंडू, घटोली, पुरान, सोनपुरी, बिरमपुर, बिटकुल, झिरिया, तुमा, उसलापुर और सबस्टेशन बाबा मोहतरा के अंतर्गत ग्राम ओइनाभाट, पीपरभट्ठा, तेंदुभाठा, धारा, नवलपुर, पेंड्री, नवागांव एवं खुड़मुड़ी के लगभग 9400 उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।

 

16-09-2020
Breaking:  भूपेश सरकार ने 5 आईएएस अधिकारियों का किया ट्रांसफर, दी नई जिम्मेदारी,आदेश जारी

रायपुर। भूपेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 5 अधिकारियों का तबादला किया हैं। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने पांचों आईएएस अधिकारियों की नवीन पदस्थापना का आदेश जारी किया है।

16-09-2020
भूपेश सरकार के निर्णय से शिक्षक अभ्यर्थियों के चेहरों पर लौटी रौनक, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। भूपेश सरकार ने शिक्षक अभ्यर्थियों के मुरझाए चेहरों पर  रौनक लौटा दी है। वित्त विभाग से प्राप्त सहमति के आधार पर व्यापम की ओर से आयोजित परीक्षा के लिए विज्ञापित 14580 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति की अनुमति दे दी है। 8 बिंदुओं पर निर्धारित शर्तों के साथ शिक्षा विभाग ने नियुक्ति के संबंध में आदेश जारी किया है।  बता दें कि लोक शिक्षण संचनालय से विभिन्न संवर्गों के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए व्यापम की ओर से परीक्षा ली गई थी। विभिन्न संवर्ग के कुल 14580 शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की जानी थी। व्यापम की ओर से परीक्षा के परिणाम 30 सितंबर 2019 और 22 नवंबर 2019 को घोषित किए गए थे।

व्यापम की ओर से जारी की गई प्रावीण्य सूची के आधार पर नियुक्तियां की जानी थी। मार्च में कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन होने के बाद वित्त विभाग की ओर से यह निर्देश जारी किए गए थे कि, विभागों में प्रचलित नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी रहेगी, परंतु नियुक्ति आदेश जारी करने के पूर्व वित्त विभाग से सहमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। भर्ती प्रक्रिया अटकने से अभ्यर्थी खासे नाराज हो गए थे। लगातार प्रक्रिया पूरी कर भर्ती करने की मांग कर रहे थे।  अभ्यर्थियों ने हरसंभव प्रयास जारी रखा। ज्ञापन से लेकर प्रदर्शम किए गए। विगक्त दिनों अभ्यर्थियों ने राजधानी में सांकेतिक प्रदर्शन किया था। इसके बाद हालही में बड़ी संख्या में एकजूट होकर अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया था। मंगलवार को जारी आदेश के बाद के बाद जरूर अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली होगी।

 

15-09-2020
Breaking : भूपेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग में किए तबादले, आदेश जारी

रायपुर। भूपेश सरकार ने मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के तबादले किए हैं। इस संबंध में विभाग के अवर सचिव केके भूआर्य ने आदेश जारी किया है। विभाग के मुख्य अभियंता अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय कार्यपालन अभियंता व उप अभियंता को नए स्थानों पर भेजा गया है। तबादले दो कैटेगरी प्रशासनिक और स्वयं के व्यय पर के आधार पर किए गए हैं। 1. आदेश की कॉपी देखने के लिए क्लिक करें...2. आदेश की कॉपी देखने के लिए क्लिक करें...

 

 

12-09-2020
भूपेश सरकार ने आईपीएस अधिकारियों का किया प्रमोशन,तीन वरिष्ठ अफसर एडीजी से डीजी सहित अन्य हुए पदोन्नत

 

रायपुर। भूपेश सरकार ने शनिवार को आईपीएस अधिकारियों की लंबे समय से अटकी डीपीसी को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हस्ताक्षर होते ही गृह विभाग ने आईपीएस अफसरों के प्रमोशन का आदेश जारी कर दिया है। छत्तीसगढ़ शासन गृह (पुलिस) विभाग के उप सचिव मुकुंद गजभिये की ओर से जारी आदेश के मुताबिक राज्य सरकार ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं संजय पिल्ले, आरके विज अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक योजना प्रबंध एवं तकनीकी सेवाएं पुलिस मुख्यालय रायपुर और अशोक जुनेजा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसआईबी व नक्सल आपरेशन पुलिस मुख्यालय रायपुर को डीजी पद पर प्रमोट किया है।

इसी तरह राज्य सरकार ने आईजी प्रदीप गुप्ता को एडीजी, डीआईजी टीसी पैकरा को आईजी और आरएन दास, पीएस ध्रुव, टी एक्का को डीआईजी पद पर प्रमोट किया है। सलेक्शन ग्रेड में दीपक झा, जीतेद्र सिंह मीणा, डीके गर्ग और बालाजी सोमावार को सलेक्शन ग्रेड में शामिल किया गया है। अभिषेक शांडिल्य और रामगोपाल गर्ग को प्रतिनियुक्ति पर प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। साथ ही सेंट्रल डेपुटेशन में दिल्ली में पोस्टेड आईपीएस रवि सिनहा को सरकार ने प्रोफार्मा प्रमोशन दिया है। डीपीसी की बैठक में निलंबित आईपीएस अधिकारी मुकेश गुप्ता का नाम भी प्रस्तावित किया गया था,फिलहाल उनका नाम अभी शामिल नहीं किया गया है।

12-09-2020
भूपेश सरकार के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि,आईएचएम के डिग्रीधारियों को मिलेगी देश-विदेश में मान्यता

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ जैसी महत्वाकांक्षी योजना शुरू करके राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित करने वाली मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) को राष्ट्रीय होटल प्रबंध एवं कैटरिंग टेक्नॉलॉजी परिषद (एनसीएचएमसीटी) ने मान्यता प्रदान कर दी है। इस मान्यता के बाद अब स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) के डिग्रीधारियों को देश-विदेश के विभिन्न संस्थानों में मान्यता मिल सकेगी। गौरतलब है कि स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) का गठन 2006 में किया गया था।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ को देश के पर्यटन नक्शे में शामिल कराने के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए पर्यटन के क्षेत्र में अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं, ताकि पर्यटक छत्तीसगढ़ की तरफ आकर्षित हो सकें।

इसी परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राम वन गमन पथ के लिए बहुत तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बघेल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ यहां के नौजवानों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास भी कर रहे हैं।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू के निर्देश पर पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी. और टूरिज्म बोर्ड की प्रबंध संचालक इफ्फत आरा ने स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) को मान्यता दिलाने की पहल की, जिसका सुखद परिणाम सामने आया है। राष्ट्रीय होटल प्रबंध एवं कैटरिंग टेक्नॉलॉजी परिषद (एनसीएचएमसीटी) की स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) को दी गई मान्यता शैक्षणिक सत्र 2020-21 से ही लागू हो जाएगी। इसके तहत अध्यापन कार्य एवं अन्य समस्त प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं।


राष्ट्रीय होटल प्रबंध एवं कैटरिंग टेक्नॉलॉजी परिषद (एनसीएचएमसीटी) ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 से इन कार्यक्रमों, पाठ्यक्रमों को संचालित करने की अनुमति स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) को प्रदान की है। इसमें बीएससी, हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन, डिप्लोमा इन फूड प्रॉडक्शन, डिप्लोमा इन फूड एंड बेवरेज सर्विस, डिप्लोमा इन हाउस कीपिंग ऑपरेशन्स, बीएससी पास, स्नातक विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा जेईई में उत्तीर्ण होने के पश्चात, हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन में प्रवेश के लिए एनसीएचएम की ओर से सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग प्रारंभ कर दी गई है। स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, उपरवारा, नवा रायपुर को (एनसीएचएमसीटी) काउंसलिंग लिस्ट में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डिप्लोमा कोर्स के लिए सीधे प्रवेश की  सुविधा भी उपलब्ध है।टूरिज्म बोर्ड की प्रबंध संचालक और स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, उपरवारा की प्रिंसिपल इफ्फत आरा ने कहा कि, आईएचएम में अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से क्लासेस शुरू हो जाएंगी। संस्थान के संचालन के लिए गवर्निंग बॉडी का गठन हो चुका है। इस गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन पर्यटन सचिव अन्बलगन पी. ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में होटल एवं हॉस्पिटिलिटी सेक्टर में मानव संसाधनों की कमी को पूरा करने के लिए रायपुर के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) को मान्यता मिलना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के अन्य राज्यों के हॉस्पिटिलिटी सेक्टर में रुचि रखने वाले विद्यार्थी भी लाभान्वित होंगे।

 

10-09-2020
भू-राजस्व संहिता की आड़ में कहीं 5वीं अनुसूची की आत्मा का खात्मा तो नहीं चाहती सरकार : विष्णुदेव साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने आदिवासियों की जमीन को गैर-आदिवासियों को सौंपने के लिए भू-राजस्व संहिता में बदलाव लाने राज्य सरकार की ओर से उपसमिति गठित करने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि, आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन और आदिवासी हित की बात करने वाली प्रदेश सरकार का असली चेहरा उजागर हो गया है। आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को हस्तांतरित करने को प्रतिबंधित करने वाले भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव प्रदेश में बैठी कांग्रेस सरकार की आदिवासी विरोधी मानसिकता का प्रमाण हैं। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री को चेतावनी दी है कि, भू-राजस्व संहिता में यदि किसी भी प्रकार के संसोधन से आदिवासी वनवासी भाइयों बहनों का अहित हुआ, उनके जनजीवन को अस्तव्यस्त करने का प्रयास किया गया या किसी भी दृष्टि से संसोधन आदिवासी भाईयों बहनों के लिए अहितकारी घातक नजर आया तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने सरकार से संसोधन के विषय में स्तिथि स्पष्ट करने की मांग की हैं।
साय ने कहा है कि, भूपेश सरकार से 'भू ' का बड़ा गहरा संबंध नजर आ रहा हैं। भूपेश सरकार में 'भू ' अर्थात भूमि का खेल चल रहा हैं। कभी 'भू '-माफिया, कभी  सरकारी 'भूमि', कभी 'भू '-राजस्व संहिता के नाम पर प्रदेश की भूमि को माफिया के हाथ सौंपने का खेल खेला जा रहा हैं। क्या 'भू ' का खेल खेलने सत्ता में आई हैं भूपेश सरकार?
साय ने सवाल खड़े किए हैं कि, कहीं भू-राजस्व संहिता प्रस्ताव की आड़ में प्रदेश सरकार 5वीं अनुसूची की आत्मा का खात्मा करना तो नहीं चाह रही हैं? सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए। कहीं बदलाव करवा कर आदिवासियों के पास बची जमीन की लूट शुरू करवा कर माफिया को लाभ पहुंचाने का इरादा तो नहीं हैं? आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को हस्तांतरित करने पर प्रतिबंध करने वाले भू- राजस्व संहिता के प्रावधानों में बदलाव के प्रस्ताव की आवश्यकता आखिर क्यों और किस मंशा के चलते पड़ी? यह प्रदेश सरकार को प्रदेश की जनता और आदिवासी समाज को बताना चाहिए और आदिवासी वनवासी समाज के लिए भविष्य की क्या योजना सरकार के पास है विशेष रूप से आदिवासी समाज व उनकी भूमि के संरक्षण के लिए सरकार को अपनी स्तिथि स्पष्ट करनी चाहिए।

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