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23-07-2020
अरुण वोरा को दुर्ग जिला बस/मिनी मालिक संघ ने समस्याओं से कराया अवगत

दुर्ग। जिला मिनी बस मालिक संघ ने अरुण वोरा से गुरुवार को मुलाकात की। संघ के सदस्यों ने अपनी समस्याओं से अवगत करते हुए अरुण वोरा को बताया कि बस मालिक की स्थिति बद से बदतर हो गई है। अरुण वोरा ने कहा कि वे जल्द ही बस मालिकों के संबंध में लॉक डाउन के पश्चात मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या से अवगत कराएंगे। शासन और प्रशासन की मदद बस मालिक संघ को दी जाएगी।

16-07-2020
वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल में जरूरतमंदों को मिल रही सहायता, अब तक 423 की समस्याओं का निराकरण

रायपुर/नारायणपुर। वैश्विक महा​मारी कोरोना वायरस (कोविड-19) को राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश के साथ-साथ सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जिससे एक ओर संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। वहीं प्रवासी मजदूर, छात्र, किसान और छत्तीसगढ़ सहित दूसरे राज्यों में रह रहे जरूरतमंद रहवासियों की मदद की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा जिला मुख्यालय पर जिला स्तरीय कोरोना नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने इस नियंत्रण कक्ष के सुचारू संचालन हेतु प्रभारी अधिकारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की नामजद ड्यूटी लगाई है। यह नियंत्रण कक्ष 24 घण्टे तीन पालियों में कार्य कर रहा है।

गौरतलब है कि प्रदेश स्तरीय नियंत्रण कक्ष के सम्पर्क नम्बर 104 पर आने वाले शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है। इसके अलावा जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 07781-252214 पर प्रवासी मजदूरों द्वारा अपनी जानकारी दी जा रही है। इन नम्बरों पर दी जा रही जानकारी पर त्वरित कार्यवाही कर प्रवासी एवं स्थानीय लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। जिले के अन्य राज्यों के विभिन्न जिलों में रह रहे श्रमिकों के भोजन, चिकित्सा, क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं के लिए निरंतर संबंधित राज्य एवं जिलों के अधिकारियों से विभिन्न संचार माध्यमों से सम्पर्क कर उनकी सहायता भी की जा रही है और उन्हें अपने जिले में सुरक्षित लाने में भी भूमिका निभा रही हैै।

कोरोना महामारी के संकट से निपटने के साथ ही जरूरतमंदों को राहत पहुँचाने के लिए सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने जो मुस्तैदी दिखाई है। उसने लोगों में कोरोना के विरूद्ध युद्ध में लड़ने की न केवल क्षमता विकसित की है बल्कि उनके हौसले भी बुलंद हुए हैं। जिला स्तरीय कोरोना नियंत्रण कक्ष में अब तक 423 लोगों ने फोन कर अपनी समस्या से अवगत कराया। इसका निराकरण नियंत्रण कक्ष के माध्यम से किया गया है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। जिला प्रशासन इस बात का विषेष ध्यान रख रहा है कि उन्हें किसी तरह की कठिनाई अथवा घर वापसी आने में कठिनाई का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन अपेक्षा करता है कि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर जिला कोरोना कन्ट्रोल रूम में दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क कर जानकारी दें। इससे श्रमिकों को हरसंभव सहयोग दिया जा सके। इस नियंत्रण कक्ष में काम करने वाले अधिकारी कर्मचारी द्वारा पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है।

01-07-2020
 डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आरंग में नए विधायक कार्यालय का किया उद्घाटन

रायपुर। श्रममंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने आरंग में 50 लाख रूपए की लागत से निर्मित भव्य नवीन विधायक कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इस नवीन विधायक भवन कार्यालय बन जाने से अब स्थानीय स्तर पर ही आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया क्षेत्रवासियों की समस्याओं के निराकरण और शासन की योजनाओं का क्षेत्र में बेहतर क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग के लिए समय-समय पर आरंग स्थित कार्यालय में लोगों से भेट मुलाकात करते रहे हैं। नवीन विधायक कार्यालय भवन में आम नागरिकों की समस्याओं के लिए हेल्प डेस्क भी बनाया गया है, ताकि कार्यालय आने वाले ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और आवेदक की छोटी-मोटी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके। इस मौके पर मंत्री डॉ. डहरिया की धर्मपत्नी शकुन डहरिया भी मौजूद थीं। आरंग स्थित नवीन विधायक कार्यालय भवन के प्रथम और भू-तल में बड़ा हॉल, दो कमरे तथा आम नागरिकों के लिए बैठने के लिए भी व्यवस्था की गई है। इस भव्य भवन के बनने से क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

 

29-06-2020
भूपेश बघेल से मिला छत्तीसगढ़ अपाक्स संगठन का प्रतिनिधिमंडल,समस्याओं से कराया अवगत

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ अपाक्स के मुख्य संरक्षक नंदकुमार बघेल के नेतृत्व में अपाक्स संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी ने भेंट की। इस दौरान अपाक्स संगठन से संबंधित विभिन्न समस्याओं से भी अवगत कराया गया। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि भेंट के दौरान शासन द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को जुलाई माह में देय वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने संबंधी आदेश वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री को पूर्व में दिए गए आश्वासन के संबंध में ध्यान आकर्षण कराया गया।  मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश के शासकीय सेवकों के हित में जल्द निर्णय लेने के लिए आश्वस्त किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ अपाक्स के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अशोक प्रधान, प्रांतीय महामंत्री सत्येन्द्र देवांगन एवं अजाक्स के प्रांताध्यक्ष डॉ.लक्ष्मण भारती, प्रदेश संगठन मंत्री  ललित बघेल, जितेंद्र सिंगरौल एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

26-05-2020
सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को स्वत: संज्ञान में लिया, 28 मई को होगी सुनवाई

नई दिल्ली। लॉक डाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों की समस्याओं और मुसीबतों का सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को 28 मई के लिए सूचीबद्ध किया है और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले में सहयोग करने को कहा है।जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट इस मामले पर 28 मई को सुनवाई करेगा।कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार, दोनों ओर से कमियां रही हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को आवास, भोजन और यात्रा की सुविधा देने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है। बता दें कि लॉक डाउन के चलते लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर उन राज्यों में फंस गए थे जहां वह काम करने गए थे। आय और भोजन का कोई साधन न होने के चलते कई श्रमिक घर जाने के लिए पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पर निकल गए थे। हालांकि, बाद में केंद्र सरकार ने इन मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन और बस सुविधा संचालित करने का फैसला किया था। मजदूरों के पलायन के बाद मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटनाएं सामने आई हैं। कहीं, गर्भवती महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया और उसके कुछ घंटे बाद फिर यात्रा शुरू कर दी। वहीं, कुछ मजदूरों की ट्रेन के नीचे आ जाने से हुई मौत ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। 

 

30-04-2020
दूसरे प्रदेशों में फंसे 1 लाख 8 हजार 315 श्रमिकों की समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान

रायपुर। लाॅक डाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण राज्य एवं राज्य से बाहर फंसे हुए 2 लाख 79 हजार से अधिक जरूरतमंद श्रमिकों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और श्रम मंत्री डाॅ. शिव कुमार डहरिया के निर्देश पर तत्काल राहत पहुंचाई गई है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव के लिए देश भर में किये गये लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री बघेल के निर्देशन पर श्रम विभाग द्वारा स्थापित हेल्पलाईन सहित अन्य स्त्रोतों से मिली सूचना के आधार पर राज्य में तथा राज्य के बाहर 28 अप्रैल की स्थिति में दोपहर 3 बजे तक की स्थिति में करीब 2 लाख 79 हजार 38 जरूरतमंद श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया है।

छत्तीसगढ़ के एक लाख 8 हजार 315 प्रवासी श्रमिक जो देश के 21 राज्यों और 4 केन्द्र शासित प्रदेशों में होने की सूचना मिली है, उनके द्वारा बताई गई समस्याओं का त्वरित निदान करते हुए उनके लिए भोजन, राशन, नगद, नियोजकों से वेतन तथा रहने एवं चिकित्सा आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही श्रम विभाग के अधिकारियों का दल गठित कर विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं, नियोजकों एवं प्रबंधकों से समन्वय कर (राशन एवं नगद) आदि की व्यवस्था भी की जा रही है। इनमें एक हजार 993 श्रमिकों को 3 करोड़ 28 लाख 9 हजार 997 रूपए बकाया वेतन का भुगतान कराया वहीं विभिन्न औद्योगिक संस्थानों-कारखानों के श्रमिकों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए परीक्षण पश्चात 1065 श्रमिकों को एक करोड़ 25 लाख 20 हजार 835 रूपए का भी बकाया वेतन भुगतान कराया गया है। इसके साथ ही रायपुर जिले में स्थित विभिन्न औद्योगिक संस्थानों-कारखानों के नियोजकों,प्रबंधकों से समन्वय कर 12 हजार 854 कर्मचारियों-श्रमिकों को 14 करोड़ 7 लाख 72 हजार 594 रूपए का वेतन भुगतान कराया गया है। लाॅकडाउन के द्वितीय चरण में 21 अप्रैल से शासन द्वारा छूट प्रदत्त गतिविधियों एवं

औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 67 हजार 157 श्रमिकों को पुनः रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वहीं छोटे-बड़े 693 कारखानों में पुनः कार्य प्रारंभ हो गया है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लाॅकडाउन के कारण छत्तीसगढ़ के श्रमिक जो देश के अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं, इनमें जम्मू में सबसे अधिक 25 हजार 207, महाराष्ट्र में 20 हजार 176, उत्तरप्रदेश में 13 हजार 837, तेलांगना में 15 हजार 94, गुजरात में 9 हजार 584, कर्नाटक में 3 हजार 459, तमिलनाडु में 3 हजार 214, मध्यप्रदेश में 3 हजार 70, आंध्रप्रदेश में 2 हजार 566, हरियाणा में 2 हजार 200, हिमाचल प्रदेश में एक हजार 687, ओडिशा में एक हजार 665, राजस्थान में एक हजार 205, पंजाब में एक हजार 127, झारखण्ड में 599, केरल में 518, बिहार में 242, उत्तराखण्ड में 241, पश्चिम बंगाल में 206 तथा दिल्ली में 2 हजार 208 श्रमिक है।

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के श्रमिक जो अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं, उनमें जांजगीर-चांपा जिले के सबसे अधिक 28 हजार 29, बलौदाबाजार जिले के 20 हजार 444 श्रमिक, राजनांदगांव के 9 हजार 567, मुंगेली के 9 हजार 81, कबीरधाम के 7 हजार 749, बिलासपुर के 7 हजार 928, बेमेतरा के 6 हजार 874, कोण्डागांव के 6 हजार 182, रायगढ़ के 2 हजार 254, बीजापुर के 2 हजार, रायपुर एक हजार 584, दुर्ग के एक हजार 187, जशपुर के एक हजार 10, गरियाबंद के एक हजार 15, बालोद के 718, महासमुंद के 626, बलरामपुर के 568, कोरबा में 510, सूरजपुर के 477, सरगुजा के 186 और धमतरी जिले के 162 श्रमिक अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं। श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ से बाहर रह रहे 13 हजार 613 श्रमिकों की आर्थिक दिक्कतों की सूचना प्राप्त होने पर तत्कालिक व्यवस्था स्वरूप उनके खातों में 50 लाख 37 हजार रूपए नगद राशि जमा कराए गए हैं। इनमें मुंगेली जिले के 6 हजार 441 श्रमिकों को तत्कालिक व्यवस्था के लिए उनके खातों में 9 लाख 67 हजार 6 सौ रूपए जमा कराए गए हैं। इसी प्रकार बेमेतरा के 4 हजार 886 श्रमिकों को 21 लाख 63 हजार एक सौ रूपए, दुर्ग जिले के 775 श्रमिकों को 8 लाख 2 हजार 5 सौ रूपए, कोरिया जिले के 632 श्रमिकों के खाते में 3 लाख 16 हजार सौ रूपए, कबीरधाम जिले के 482 श्रमिकों के खातों में 4 लाख 82 हजार रूपए और राजनांदगांव जिले के 194 श्रमिकों के खातों में 97 हजार रूपए जमा कराया गया है।

इसी तरह सूरजपुर जिले के 125 श्रमिकों के खातों में त्वरित सहायता के रूप में एक लाख 57 हजार रूपए, रायगढ़ जिले के 30 श्रमिकों के खातांे में 15 हजार रूपए, जाजंगीर-चांपा के 29 श्रमिकों के खातों में 19 हजार रूपए, गरियाबंद जिले के 14 श्रमिकों के खातों में 12 हजार एक सौ रूपए, कोरबा और सुकमा जिले के 2-2 श्रमिकों के खातों में क्रमशः 4 हजार और एक हजार रूपए तथा बलरामपुर जिले के एक श्रमिक के खाते में एक हजार रूपए जमा कराया गया है। श्रम विभाग के सचिव एवं नोडल अधिकारी सोनमणि बोरा के मार्गदर्शन में राज्य एवं राज्य के बाहर फंसे जरूरतमंद श्रमिकों को श्रम विभाग के अधिकारियों एवं जिला प्रशासन द्वारा अन्य राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों, नियोक्ताओं, प्रबंधकों एवं संबंधित श्रमिकों से समन्वय कर भोजन, रहने-खाने, चिकित्सा सहित अन्य आवश्यकताओं और समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। साथ ही कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) के माध्यम से अब तक प्रदेश में 42 क्लीनिक संचालित है। जिसमें 33 हजार 495 श्रमिकों का उपचार कर दवा आदि का वितरण किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तर पर 24ग्7 हेल्पलाईन (0771-2443809), (91098-49992), (75878-22800) स्थापित किया गया है। इसी प्रकार समस्त 27 जिलों में भी हेल्पलाइन नम्बर स्थापित किये गये है।

30-04-2020
लॉक डाउन में किसानों की समस्याओं का निदान फोन पर भी, हेल्पलाइन नम्बर जारी

रायपुर। लॉक डाउन में राज्य के कृषकों की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से हेल्पलाइन नम्बर जारी किया गया है। किसान हेल्पलाईन नम्बर और अपने जिले से संबंधित दूरभाष नम्बर पर खेती-किसानी से संबंधित समस्याओं के निदान के लिए संपर्क कर सकते हैं। आगामी खरीफ सीजन में खाद-बीज की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार किसानों को लॉकडाउन की स्थिति में किसी प्रकार परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए राज्य के सभी जिलों में हेल्प लाइन नम्बर जारी किया गया है। राजधानी रायपुर का हेल्प लाइन नम्बर 1800-233-1850 और टोल फ्री नम्बर 0771-2445785, बलौदाबाजार जिले का 07727-222054, गरियाबंद 07706-241288, महा…

01-04-2020
हेल्प लाइन नम्बर से 10 हजार से अधिक श्रमिकों की समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान

रायपुर। लाॅकडाउन के दौरान जरूरतमंद श्रमिकों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर अनेक उपाय किए जा रहे हैं। लाॅक डाउन के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में संकटग्रस्त एवं जरूरतमंद श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसके लिए श्रम विभाग द्वारा राज्य स्तर हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809, 91098-49992, 75878-22800 सहित जिला स्तर पर भी हेल्पलाइन नम्बर स्थापित किए गए हैं। हेल्पलाइन नम्बर के माध्यम से प्राप्त श्रमिकों के समस्याओं पंजीबद्व कर तत्काल यथासंभव समाधान किया जा रहा है। श्रम विभाग हेल्पलाइन नम्बर के माध्यम से अब तक 10 हजार 501 श्रमिकों की समस्याओं को तत्काल समाधान किया। वहीं 4 हजार 869 श्रमिकों को त्वरित राहत के तौर पर एक हजार 276 किलोग्राम चावल, 117 किलोग्राम दाल, 40 किलोग्राम भाटा, 34 किलोग्राम आटा, 25 किलोग्राम आलू, 8 किलोग्राम प्याज, 6 किलोग्राम शक्कर एवं 5 किलोग्राम तेल सहित अन्य राशन सामग्री पहुंचाएं गए हैं। प्रदेश के 9 हजार 380 श्रमिकों को श्रम विभाग, नगर निगम, ग्राम पंचायत, कारखानों एवं नियोजकों द्वारा भोजन कराया गया। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग द्वारा कारखानों, संस्थानों एवं श्रमिक सेक्टरों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं का जायजा लेने के लिए 45 अधिकारियों की टीम बनाई गई है। टीम द्वारा अब तक 193 कारखानों-श्रमिक सेक्टरों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान श्रमिकों को उनके नियोजकों के माध्यम से लगभग 58 लाख रूपए (नगद एवं राशन) उपलब्ध कराया गया। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर श्रमिकों को लगभग 21.5 लाख रूपए (नगद एवं राशन) इस तरह कुल 79.5 लाख रूपए की सहायता प्रदान की गई है।


अधिकारियों ने बताया कि जरूरतमंद श्रमिकों को 15 दिन के वेतन के बराबर एडवांस के तौर पर रायगढ़ के श्रमिकों को 21 लाख 39 हजार 550 रूपए, दुर्ग के श्रमिकों को 60 हजार रूपए और जांजगीर-चांपा के श्रमिकों को 35 हजार रूपए उनके नियोजकों से दिलवाया गया। इसी तरह कोरबा में श्रमिकों को 64 हजार रूपए, एडवांस सैलरी नियोजक द्वारा दिलाई गई। बिलासपुर रेल्वे स्टेशन में संकटग्रस्त एवं जरूरतमंद कुलियों को 1300 किलोग्राम चावल और 260 किलोग्राम दाल वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त विभाग को एक हजार 668 सूचनाएं प्राप्त हुई। इसमें से एक हजार 478 सूचना का तत्काल निराकरण किया गया। साथ ही हेल्पलाइन से प्राप्त होने वाली सूचनाओं के समस्याओं को जिला कलेक्टरों को भेजकर 24 घंटे के भीतर निराकरण करने के भी निर्देश श्रम सचिव द्वारा दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य एवं बीमा सेवाएं के माध्यम से प्रदेश 42 क्लिनिक संचालित है, जिसमें 8 हजार 864 श्रमिकों का सुचारू रूप से इलाज कर दवा वितरण किया गया।

 

14-10-2019
 मंत्री अकबर ने कहा- कुछ लोगों में समझ नहीं आवेदन लगाने की, ये बताया जाता है....

रायपुर। परिवहन, आवास एवं पर्यावरण, वन, विभाग मंत्री मोहम्मद अकबर आज सोमवार को राजीव भवन में मिलिए मंत्री से कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि कुछ लोगों को समझ रहती नहीं है, बस वो आवेदन लगाते रहते हैं-लगाते रहते हैं। देखने से ही साफ हो जाता है कि इसका निराकरण नहीं हो पाएगा तो उन्हें बता भी दिया जाता है। बाकी अन्य प्राप्त होने वाले आवेदनों को संबंधित विभाग में कार्यवाही के लिए दिया जाता है।

मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री मो. अकबर ने कहा कि नियमित रूप से सोमवार को कांग्रेस पार्टी के निर्देश पर राजीव भवन में आमजनों से मिलने के लिए आना हुआ है। बहुत से लोगों ने आज मुलाकात की।  प्राप्त आवेदनों के बारे में उन्होंने कहा कि स्थानांतरण के आवेदन नहीं के बराबर हैं। कुछ लोग आए थे लेकिन उन्हें समझाइश दी गई है। कुछ सीमांकन, कुछ  मुआवजा, इसी प्रकार के आवेदन प्राप्त हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के कुछ आवेदन थे। इस मामले में संबंधित जिले के एसपी से बात कर निराकरण करने कहा गया है। मंत्री मो. अकबर ने कहा कि कोशिश होती है कि जल्द से जल्द समस्याओं का निराकरण हो जाए। जो नहीं हो सकता उसके बारे में समझाइश दे देनी चाहिए, जो मैं बार-बार बोलता हूं ताकि लोग भटके मत। उन्होंने कहा कि इसी तरह देखने में आता है कि कई लोगों को समझ रहती नहीं है, लेकिन वे आवेदन पर आवेदन लगाते रहते हैं, तो उनको बता भी दिया जाता है।

 

19-09-2019
राष्ट्रीय राजमार्ग की समस्याओं को लेकर कांग्रेसियों ने किया चक्काजाम

कोण्डागांव। रायपुर-विजयनगरम नेशनल हाईवे 30 की बदहाल व्यवस्था से गुस्साए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को केशकाल घाटी के नीचे खाले मुरवेंड में आधे घंटे तक चक्काजाम कर धरना-प्रदर्शन किया। गुस्साए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बताया कि रायपुर से जगदलपुर पहुंच मार्ग नेशनल हाईवे 30 पर बेड़मा से लेकर कांकेर तक जगह-जगह गहरे गड्ढ़े हो चुके हैं। राहगीरों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में  स्थिति और भी भयावह हो गई है। गड्ढे में पानी भर जाने से वाहन चालक  दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। वाहन चालकों, मालिकों तथा स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन व सरकार से उक्त नेशनल हाईवे की हालत सुधारने के लिए कई बार कह चुके हैं लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है। बता देें कि नेशनल हाईवे 30 बेड़मा से लेकर कांकेर तक की स्थिति बहुत ही दयनीय है। यहां पर सड़क कम गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं।  बरसात का पानी भर जाने से कई वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। साथ ही  वाहन मालिकों को आर्थिक क्षति  भी उठानी पड़ रही है। चक्काजाम की सूचना मिलते ही जिले के पुलिस अधिकारी,  राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता और आरआई ने मौके पर पहुंचकर कांग्रेसियों से चर्चा की तथा सोमवार से काम आरंभ करने का आश्वासन दिया। कांग्रेस पार्टी कोंडागांव के जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मातलाम ने कहा है कि सड़क का निर्माण अगर जल्द से  जल्द पूरा नहीं हुआ तो कांग्रेस राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता के ऑफिस का घेराव कर चक्काजाम कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेगी। धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश सचिव सगीर अहमद कुरैशी, केशकाल ब्लॉक अध्यक्ष गिरधारी सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य लद्दूराम उईके, उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी प्रवीण अग्निहोत्री, जिला सचिव अमित दुबे सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

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