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20-03-2020
फ्लोर टेस्ट से पहले ही हार मान ली दिग्विजय सिंह ने,यानी कमलनाथ सरकार का जाना तय

भोपाल/रायपुर। कमलनाथ सरकार का जाना अब लगभग तय हो गया है। दिग्विजय सिंह ने फ्लोर टेस्ट के पहले ही हार मान ली है। उन्होंने भाजपा पर धनबल के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। और यह भी माना है कि उनके पास पर्याप्त आंकडा नहीं है। उनका यह कहना है कि बागी विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसलिए उनकी सरकार का बचना मुश्किल लग रहा है। यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो कमलनाथ सरकार का जाना तय हो गया है। उनकी हार तय है। संभवत वे फ्लोर टेस्ट से पहले ही इस्तीफा दे दें। कुल मिलाकर देखा जाए तो फायदे में शिवराज सिंह है। उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया  क्या संतोष की नैया पर सवार होकर सिंहासन तक पहुंचने का मौका मिल गया है।

17-03-2020
ज्योतिरादित्य के समर्थक विधायकों ने कहा हमें बीजेपी ने बंधक नहीं बनाया​, विकास कार्य केवल छिंदवाड़ा में

रायपुर/बेंगलोर। कमलनाथ सरकार से हटकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के 22 समर्थक विधायकों ने बेंगलोर में पत्रकारवार्ता में कहा कि वचन पत्र के वादों को नहीं निभाया इसके कारण हम सभी ने इस्तीफा दिया है। ज्योतिरादित्य समर्थक विधायकों का दावा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमे 5 मिनट भी अच्छे से समय नहीं दिया न ही सुना तो हम अपनी समस्या किसको बताएं। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 1 रुपये का भी काम नहीं हुआ। ज्योतिरादित्य समर्थक विधायकों का दावा है कि केवल संपूर्ण विकास कार्य छिंदवाड़ा में हुए है। उनके विधानसभा क्षेत्र में एक रुपये का काम न हुआ न ही प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यहीं कारण है कि हम सभी ने विधायक पद से इस्तीफा दिया है। उनके समर्थक विधायकों का दावा है कि उनके बारे में झूठी बाते कांग्रेस द्वारा कहीं जा रही है कि हमे किसी दल ने बंधक नहीं बनाया है। हम फिर कहते हैं कि हमे किसी ने बंधक नहीं बनाया। भाजपा पर अनर्गल आरोप लगाना बंद किया जाए। विधायकों का दावा हमारे साथ अभी 20 और विधायक आएंगे क्योंकि जो कांग्रेस सरकार के साथ विधायक है वो भी हमारे साथ आएंगे।

17-03-2020
कांग्रेस के बागी विधायकों ने बंगलुरु में की प्रेस कांफ्रेंस, कहा - हमारे नेता है सिंधिया

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में चल रही राजनीतिक हेरफेर के बीच बंगलूरू में मौजूद कांग्रेसी विधायकों ने मीडिया से बातचीत की। विधायकों ने कहा कि वह कमलनाथ सरकार की कार्यशैली से खुश नहीं है। उनका कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे नेता है। हम भोपाल लौटने के लिए तैयार हैं लेकिन हमें केंद्रीय सुरक्षा दी जाए। वहीं भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम इस पर अभी विचार कर रहे हैं। विधायकों ने अपने ऊपर भाजपा द्वारा बंधक बनाए जाने पर कहा कि वह अपनी मर्जी से आए हैं। बागी विधायकों ने कहा, 'हमें मजबूरी में साथ छोड़ना पड़ा। हम बंधक नहीं हैं, अपनी इच्छा से यहां आए है। सिंधिया पर हमला तो हम सुरक्षित कैसे है। हम सभी को केंद्रीय सुरक्षा मिलनी चाहिए। हम सभी ने मिलकर मध्यप्रदेश में सरकार बनाई थी। मुख्यमंत्री के पास हमारी बात सुनने का समय नहीं है। हम भाजपा में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। एमपी में मंत्रियों, विधायकों से शक्तिशाली अधिकारी हैं। हम लोगों को न्याय नहीं मिला है। राज्य को सबसे बड़ा माफिया चला रहे हैं।'
 
बागी कांग्रेस विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, राज्य में मुख्यमंत्री के लिए कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया दो चेहरे थे। ये पूरा प्रदेश जानता है कि मध्य प्रदेश की सरकार बनने में सिंधिया की अहम भूमिका थी। सिंधिया को मुख्यमंत्री न बनाकर कमलनाथ को बनाया हमें लगा था कि सब ठीक ठाक रहेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।' आगे कहा कि 'जो व्यवहार कमलनाथ का हमने देखा मैं मंत्री रहते कह सकता हूं कि उन्होंने कभी भी हमें 15 मिनट भी शांतिपूर्वक नहीं सुना। हम अपनी मर्जी से यहां आए हैं। मीडिया में जो कहा जा रहा कि हम लोग यहां बंधक हैं, ऐसा कुछ भी नहीं है। जब सिंधिया जी जैसे बड़े नेता पर हमला हो सकता है, तो हम लोग कैसे मध्यप्रदेश में सुरक्षित रह सकते हैं। इसलिए हम विधायक यहां बंगलूरू में हैं।'
बागी कांग्रेसी विधायक इमरती देवी ने कहा, 'ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे नेता हैं। उन्होंने हमें बहुत कुछ सीखाया है। मैं हमेशा उनके साथ रहूंगी फिर चाहे मुझे कुएं में हीं क्यों न कूदना पड़े।'

16-03-2020
Breaking : मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित, आज नहीं होगा फ्लोर टेस्ट

रायपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है। कोरोना के मद्देनजर विधानसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है। इस अनुसार आज कमलनाथ सरकार का फ्लोर टेस्ट आज नहीं होगा। बता दें कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान से ही मध्यप्रदेश विधानसभा में हंगामा शुरु हो चुका था। राज्यपाल 1 मिनट में अपना अभिभाषण समाप्त कर चले गए। विधानसभा के बजट सत्र को 26 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है।

15-03-2020
मध्यप्रदेश में फ्लोर टेस्ट पर हरीश रावत का बयान, कहा-कांग्रेस तैयार, भाजपा नर्वस

भोपाल। मध्‍यप्रदेश में राज्यपाल ने सोमवार को कमलनाथ सरकार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का निर्देश दिया। मध्यरात्रि को जारी पत्र में राज्यपाल ने निर्देश दिया कि अभिभाषण के ठीक बाद सरकार बहुमत साबित करे। विश्वास मत पर वोटिंग बटन दबाकर होगी। राज्यपाल के इस फरमान के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा है कि कांग्रेस मध्यप्रदेश में फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है। हरीश रावत ने कहा है, 'हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं और हम इसे जीतने के लिए आश्वस्त हैं।

हम नहीं, बीजेपी नर्वस है। वे (बागी) विधायक हमारे संपर्क में हैं।' इसके साथ ही हरीश रावत ने सवाल किया कि अगर बीजेपी फ्लोर टेस्ट जीतने के लिए आश्वस्त है तो वो अपने विधायकों को दूसरे शहरों में क्यों भेज रही है। बता दें कि राजभवन से सीएम को जारी किए गए पत्र के मुताबिक राज्यपाल ने सीएम को कहा कि मध्यप्रदेश की हाल की घटनाओं से उन्हें प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि उनकी सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है और ये सरकार अब अल्पमत में है। राज्यपाल ने कहा है कि ये स्थिति अत्यंत गंभीर है और सीएम कमलनाथ 16 मार्च को सदन में बहुमत साबित करें। 

 

12-03-2020
मध्यप्रदेश सियासी हलचल : यह मंत्री मिलने पहुंचे बागी विधायकों से, हुए हाथापाई का शिकार...

बंगलूरू। मध्यप्रदेश में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच बंगलूरू में कमलनाथ सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी को गुरुवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पटवारी यहां एक होटल में ठहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान पुलिसकर्मी से हाथापाई होने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हालांकि ताजा जानकारी के मुताबिक जीतू पटवारी को हिरासत में लिए जाने के थोड़ी देर बाद छोड़ दिया गया। इसके बाद पटवारी ने कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार के घर जाकर मुलाकात की। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता जीतू पटवारी गुरुवार को बंगलूरू के एक होटल में ठहरे बागी विधायकों से मिलने पहुंचे थे। उनके साथ कांग्रेस नेता लाखन सिंह भी थे। इस दौरान वहां मौजूद बंगलूरू पुलिस के कर्मचारी ने पटवारी को रोकने का प्रयास किया।

इससे पटवारी नाराज हो गए और इसके साथ ही दोनों के बीच हल्की हाथापाई भी हो गई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पुलिसकर्मी जीतू पटवारी को रोकता नजर आ रहा है, इसके बाद पटवारी पुलिसकर्मी को पीछे धकेलते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने बंगलूरू पुलिस पर अपनी पार्टी के नेता के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि उनकी सरकार के दो मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह बंगलूरू गए थे। इस दौरान उनका उत्पीड़न किया गया। हमारे पास जानकारी है कि हमारे मंत्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यदि पुलिस इस पर कार्रवाई नहीं करती है और हमारे मंत्रियों को नहीं छोड़ती है तो हम कोर्ट जाएंगे।

 

11-03-2020
तो क्या मध्यप्रदेश सरकार का गिरना तय था? क्या शपथ ग्रहण समारोह अशुभ मुहूर्त पर हुआ था? जानिए क्या है पतन का कारण?

रायपुर। अगर ज्योतिषियों की माने तो कमलनाथ सरकार का बनते ही जाना तय हो गया था। उसके लिए समय भी घोषित कर दिया गया था। 15 नवंबर  2019 से 15 मार्च 2020 तक का समय है सरकार के लिए अस्थिरता का बताया गया था। व पतन का समय भी 15 मार्च 2020 तक घोषित कर दिया गया था। बकायदा इस तरह की खबर भी प्रकाशित हुई थी अखबारों में पर शायद ज्योतिष को राजनीति से ज्यादा महत्व नहीं दिया गया। एक पुरानी कटिंग के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह चर लग्न में हुआ था। उस समय राज्येश शनि सूर्य के साथ गुरु की राशि में बैठे थे। राज्य स्थान पर अस्थिरता का कारक केतु बैठा हुआ था जिस पर राहु की पूर्ण दृष्टि पढ़ रही थी। इसके अलावा लग्नेश मंगल भी शत्रु क्षेत्री था।

तब के  ग्रहों के अनुसार सत्ता पक्ष के ही लोगों से असंतोष और विरोध की आशंका थी। 15 मार्च 2019 से 2020 तक का समय सरकार के लिए बेहद अस्थिरता भरा बताया गया था और इसी समय पतन भी होना बताया गया था। पूजा पाठ के उपाय भी बताए गए थे लेकिन उस पर संभवत किसी ने ध्यान ही नहीं दिया था। तब अखबारों में छपी उस भविष्यवाणी की कटिंग आज निकलकर वायरल हो रही है। संभवत इसीलिए शपथ ग्रहण से लेकर ग्रह प्रवेश तक नेता शुभ मुहूर्त देखकर करते हैं। पता नहीं मध्यप्रदेश में कैसे उनसे चूक हो गई। बहरहाल अभी सरकार गिरी नहीं है लेकिन उस का गिरना तय माना जा रहा है।

11-03-2020
दिग्विजय ने सिंधिया के इस्तीफे पर कहा- उन्हें नहीं किया गया था दरकिनार

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में सियासी संग्राम दिलचस्प मोड़ पर है। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के कई विधायकों ने इस्तीफा दिया है। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेजा। कांग्रेस छोड़ने के बाद चर्चाएं शुरू हो गईं कि पार्टी सिंधिया को दरकिनार कर रही थी। इस तरह की कयासबाजी का जवाब दिग्विजय सिंह ने दिया है। 

दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा कि दरकिनार किए जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि कृपया ग्वालियर चंबल संभाग से विशेष रूप से मध्यप्रदेश के किसी भी कांग्रेस नेता से पूछें तो आपको पता चलेगा कि पिछले 16 महीनों में उनकी सहमति के बिना इस क्षेत्र में कुछ भी नहीं हुआ। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।

11-03-2020
16 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराना चाहती है भाजपा, कांग्रेस को सरकार के साथ राज्यसभा की सीट का भी हो सकता है नुकसान

रायपुर। मध्यप्रदेश में बदलते घटनाचक्र को देखते हुए कमलनाथ सरकार का बचना अब मुश्किल नजर आ रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा 16 तारीख को  फ्लोर टेस्ट कराना चाहेगी। दरअसल भाजपा हर कदम फूंक-फूंक कर रखना चाहती है। वह कर्नाटक जैसी गलती दोहराना नहीं चाहती और इसीलिए 6 दिन का समय ले रही है ताकि सारी स्थिति साफ हो जाए। इन 6 दिनों में कांग्रेस को भी उसकी स्थिति पता चल जाएगी। सबसे बड़ी बात तो यह है कि कांग्रेस को सरकार खोने के साथ-साथ राज्यसभा की सीट का भी नुकसान हो सकता है। कांग्रेस के सारे दिग्गज नेता एक एकजुट हो गए हैं लेकिन वे अकेले सिंधिया के झटके का काट नहीं निकाल पा रहे हैं। कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले विधायकों की संख्या बढ़ती जा रही है और इस पर रोक लगाने में कांग्रेस अभी तक नाकाम रही है।

11-03-2020
सिंधिया छोड़ सकते हैं कांग्रेस, कांग्रेस को करारा झटका कमलनाथ सरकार का रंग उड़ा

रायपुर। ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी से हाथ मिला सकते हैं। ताजा घटनाक्रम में इसी तरह के संकेत उभर कर आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार संकट से उबरने की बजाए और मुश्किल में फंसती नजर आ रही है। हालांकि कल शाम ही कमलनाथ ने अपनी सरकार बचाने के लिए मास्टर स्ट्रोक खेला था। उन्होंने सभी मंत्रियों से इस्तीफा लेकर नए चेहरों को तवज्जो देने का इशारा किया था। लेकिन उनका यह मास्टरस्ट्रोक बेकार जाता नजर आ रहा है। क्योंकि मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया अब अपनी उपेक्षा का हिसाब किताब करने पर उतारू नजर आ रहे हैं। संकेत मिल रहे हैं कि वह ना केवल कांग्रेस छोड़ेंगे बल्कि सीधे सीधे भाजपा से हाथ भी मिला लेंगे। कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी उनकी मुलाकात भी यही इशारा कर रही है। बहरहाल  कांग्रेसी विधायकों का बेंगलुरु चला जाना और ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाराज हो जाना कमलनाथ सरकार के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। लगता नहीं खून की होली रंगीन रहेगी।

05-03-2020
मध्यप्रदेश सियासी हलचल: विधायक रामबाई का अजब बयान, जानिए क्या कहा...

भोपाल। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की निलंबित चल रहीं विधायक रामबाई का अजीब बयान सामने आया है। उनका कहना है कि वे झूठ बोलेंगी नहीं और सच बताएंगी नहीं। साथ ही इशारों ही इशारों में कहा कि वे समय आने पर सच बताएंगी। कांग्रेस ने जिन विधायकों की खरीद-फरोख्त किए जाने का आरोप लगाया था, उनमें दमोह जिले के पथरिया विधानसभा क्षेत्र से बसपा की निलंबित चल रही विधायक रामबाई भी शामिल हैं। रामबाई ने दमोह में संवाददाताओं से चर्चा के दौरान स्पष्ट कहा कि वे झूठ बोलना नहीं चाहतीं और सच बताना नहीं चाहतीं।

इतना ही नहीं रामबाई ने कांग्रेस द्वारा भाजपा पर चार्टर प्लेन से विधायकों को दिल्ली ले जाने के सभी आरोपों को भी नकारा। उनका कहना है कि उनकी बेटी की तबियत खराब थी और उन्होंने एक सप्ताह पहले ही दिल्ली जाने के लिए विमान का टिकट कराया था, उस विमान में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक भी गए थे, मगर उनसे किसी तरह की बात नहीं हुई, आम तौर पर जो अभिवादन होता है, वही हुआ था, यह बात पूरी तरह झूठ है कि मैं उनके साथ गई थी।

 

04-03-2020
मध्यप्रदेश में सियासी सरगर्मी: इस निर्दलीय विधायक ने कहा, मेरे सामने खुले हैं और भी विकल्प

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। कांग्रेस ने मंगलवार की रात भाजपा पर सरकार गिराने की साजिश करने का बड़ा आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी दल ने उनके 10 विधायकों को मानेसर के एक होटल में बंधक बनाकर रखा हुआ है। कांग्रेस के इस आरोप के बाद से मध्य प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस बीच कमलनाथ सरकार में मंत्री और निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल ने बागी तेवर दिखाए हैं। प्रदीप जायसवाल ने हालिया सियासी उठापटक के बीच बयान देते हुए कहा कि मैं तब तक कमलनाथ की सरकार के साथ हूं जब तक यह है। यदि भविष्य में सरकार गिरती है तो मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की इच्छा और उनके विकास को देखते हुए मेरे विकल्प खुले रहेंगे। बता दें कि निर्दलीय चुनाव जीतने वाले प्रदीप जायसवाल ने कमलनाथ सरकार को समर्थन दिया है। उधर, कांग्रेस द्वारा सरकार गिराने की साजिश के आरोपों को भाजपा ने खारिज किया है। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा,'दिग्‍विजय सिंह झूठ बोलकर सनसनी फैलाने के लिए जाने जाते रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कि कांग्रेस में इतने गुट हैं कि आपस में ही मारा-मारी मची हुई है। आरोप हम पर लगाते हैं इसका अर्थ क्या है? हमने पहले भी कहा है कि भाजपा ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं है। 

 

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