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01-04-2020
मोतीलाल वोरा ने सीएम रिलिफ फंड में दिया मानदेय, कहा- देश हित में घर पर रहे

रायपुर। राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा ने अपने मानदेय से एक लाख रुपये की राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में दी। वहीं सांसद विकास निधि से पांच लाख रुपये जिला अस्पताल में जरूरी उपकरण खरीदने के लिए दिए है। प्रदेश समेत देश में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रदेश में वायरस के संक्रमण के रोकथाम और बचाव एवं नागरिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए पहल करते हुए मानदेय व सांसद विकास निधि की राशि का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व कलेक्टर दुर्ग अंकित आनंद को पत्र लिखकर राशि की स्वीकृति दी है। सांसद वोरा ने आह्वान किया है कि सरकार के आदेश का पालन करें और सभी अपने परिवार के साथ देशहित के लिए घर पर ही रहे।

 

01-04-2020
भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की दी बधाई

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की बधाई और शुभकामनाएं दी है। सीएम  बघेल ने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम राजा राम का जन्मदिन पूरे देश में उत्साह से मनाया जाता है। यह हम सबके लिए गर्व और हर्ष की बात है कि छत्तीसगढ़ राम भगवान का ननिहाल रहा है और उन्होंने अपने वनवास का अधिकांश समय यहां बिताया। वनवास काल के दौरान श्रीराम छत्तीसगढ़ में जिस मार्ग से गुजरे थे, उसे राज्य सरकार ‘राम वन गमन पर्यटन परिपथ‘ के रूप में विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिस तरह श्रीराम ने संयम और सहनशीलता से 14 वर्षों का वनवास पूरा किया और संसाधनों और सेना के कम होते हुए भी लंका नरेश रावण पर विजय प्राप्त की। विश्वव्यापी कोरोना महामारी को हारने के लिए हमें उनके आदर्शों का पालन करते हुए उतने ही संयम से लॉक डाउन का पालन करना है। मुख्यमंत्री बघेल ने रामनवमी के अवसर पर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है।                                               
 
 

 

01-04-2020
लॉक डाउन में फीस नहीं वसूलेगी स्कूल, एनएसयूआई की पहल पर आदेश, सीएम ने भी किया ट्वीट...

रायपुर। लॉक डाउन के दौरान स्कूली बच्चों के अभिभावकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। एनएसयूआई ने की थी मांग, अब लॉक डाउन के दौरान निजी स्कूल फीस के लिए दबाव नहीं बना सकते। लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी ट्वीट कर जानकारी साझा की। एनएसयूआई प्रदेश सचिव हनी बग्गा ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री को बुधवार सुबह ही पत्र लिखकर मांग की थी। आकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था कि लॉक डाउन की स्थिति में निजी स्कूल अब फीस देने के लिए परिजनों पर दबाव बना रहे हैं। लॉकडाउन के चलते समस्त व्यवसाय बंद हैं, जिससे लोगों को आर्थिक परेशानियों से परिजन स्कूल फीस देने में सक्षम नहीं है। इन सब कारणों के चलते यदि फीस में राहत मिलती है तो जनता को आर्थिक मदद होगी। हनी बग्गा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने संगठन की मांगों को महत्वपूर्ण समझते हुए छात्रहित-जनहित के लिए लॉकडाउन के दौरान स्कूलों में फीस वसूली स्थगित करने का आदेश दिया है। इस कदम से लाखों परिवार को राहत मिली है।
 

01-04-2020
मुख्यमंत्री की पहल पर दूसरे राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के 6 हजार 937 श्रमिकों को मिली राहत

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोरोना वायरस महामारी के कारण पूरे देश में लागू लॉक डाउन की स्थिति में देश के विभिन्न राज्यों और राज्य के अनेक स्थानों तथा संस्थानों में फंसे श्रमिकों के समस्याओं का समाधान कर प्रशंसनीय कार्य किया है। उल्लेखनीय है कि 31 मार्च की स्थिति में लगभग 6 हजार 937 श्रमिक कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम के लिए घोषित लॉक डाउन के कारण विभिन्न राज्यों में फंसे हुए थे। भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में अनेक राज्यों में फंसे श्रमिकों को भूखे रहने की स्थिति उत्पन्न ना हो तथा उनके रहने-खाने की उचित व्यवस्था हो इसके लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। संकटग्रस्त श्रमिकों के लिए कारखाना प्रबंधकों, ठेकेदारों से सम्पर्क कर तथा कारखानों में निमित निरिक्षण कर रहने-खाने की सुविधाएं जुटाई जा रही है। ऐसी चुनौतिपूर्ण और संकट की घड़ी में राज्य सरकार द्वारा की जा रही प्रयास प्रशंसनीय है। पूरे विश्व में जहां कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों में त्राहीमाम की स्थिति है, वहीं भूपेश बघेल ने विषम परिस्थिति में प्रदेश के नागरिकों के हित में सही निर्णय लेकर एक ओर जहां कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

इससे छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस का संक्रमण कमतर है। भूपेश बघेल की अपील पर लॉक डाउन की स्थिति में आम नागरिकों द्वारा राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों का स्वर्स्फूत पालन तारीफ के काबिल भी है।देश के विभिन्न राज्यों में फंसे श्रमिकों के ठहरने, खाने-पीने तथा अन्य जरूरी सामानों की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए राज्य स्तर और जिला स्तर पर हेल्प लाइन नम्बर जारी किया। इनमें राज्य हेल्पलाईन नम्बर 9109849992 और 07712443809 है। साथ ही विभिन्न राज्यों में फंसे हुए श्रमिकों के समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर विभिन्न राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों तथा केन्द्र सरकार के नोडल अधिकारियों से सतत् समन्वय कर जहां श्रमिक फंसे हुए थे वहां श्रमिकों को त्वरित सहायता प्रदान करते हुए उनके ठहरने, भोजन आदि की व्यवस्था की गई। कहीं-कहीं पर जहां श्रमिक पहले से ही ठहरे हुए थे, श्रमिकों द्वारा चांवल, दाल, सब्जी-भाजी की कमी बताए जाने पर स्थानीय अधिकारियों से सम्पर्क कर तत्काल श्रमिकों के लिए चांवल, दाल, सब्जी, मास्क, सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई।राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के श्रमिक जो देश के विभिन्न राज्यों में फंसे लगभग 6 हजार 934 श्रमिकों का विभिन्न माध्यमों से पहचान कर उनके लिए भोजन, ठहरने आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के 19 जिलों के श्रमिक 21 अन्य राज्यों में फंसे होने की जानकारी मिली है, इनमें महाराष्ट्र में एक हजार 667, उत्तरप्रदेश में एक हजार 348, जम्मू में एक हजार 125, तेलंगाना में 878, गुजरात में 381, कर्नाटक में 295, आंध्रप्रदेश में 193 श्रमिकों की पहचान कर भोजन, ठहरने तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार तमिलनाडु में 160, केरल में 155 और पंजाब में 154 श्रमिक जो लॉकडाउन के कारण फंसे हुए थे उनके लिए भी स्थानीय अधिकारियों से समन्वय कर सभी आवश्यक व्यवस्था की गई।राज्य सरकार प्रदेश के संकटग्रस्त एवं जरूरतमंद श्रमिकों-क्रमकारों को आवश्यकता के अनुसार तत्कालिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों के सहायक आयुक्त एवं श्रम पदाधिकारियों को 3 करोड़ 80 लाख रूपये का आवंटन भी जारी किया गया जो कोरोना वायरस से संक्रमण के रोकथाम के लिए लॉकडाउन की स्थिति के कारण उत्पन्न इस दुःखद घड़ी में संकटग्रस्त श्रमिकों-क्रमकारों के भोजन, अस्थाई रूप से ठहरने की व्यवस्था, चिकित्सा, परिवहन और दुर्घटना आदि में आवश्यकता अनुसार सुविधा एवं सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा इस संकट घड़ी में चुनौतिपूर्ण कार्य के लिए राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्थानों तथा संस्थानों में कार्यरत फंसे हुए श्रमिकों की पहचान एवं उनके रहन-खाने सहित अन्य जरूरी व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जो निरंतर विभिन्न राज्यों के अधिकारियों, कारखना प्रबंधकों, ठेकेदारों से समन्वय कर श्रमिकों की समस्याओं को दूर किया जा रहा है।

 

01-04-2020
Breaking : भूपेश बघेल ने गुजरात में फंसे लोगों का ध्यान रखने का किया आग्रह, विजय रूपाणी ने दिलाया भरोसा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से टेलीफोन पर बात की। उन्होंने वहां लॉकडाउन में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और लोगों के लिए सभी जरुरी व्यवस्था करने का आग्रह किया। गुजरात के मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बघेल को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ के लोगों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उनके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही है।

 

01-04-2020
भूपेश बघेल ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र, सहायता के लिए जताया आभार...

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है। भूपेश बघेल ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजे गए पत्र में कहा है कि मेरी जानकारी में लाया गया है कि आपके राज्य में फंसे हुए छत्तीसगढ़ के मजदूरों और अन्य नागरिकों के लिए संबंधित जिला प्रशासन की ओर से तत्परता से सहायता उपलब्ध कराई गई है। आपकी सरकार के उक्त सराहनीय कार्य के लिए आपको धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। मैं आशा करता हूं कि आपके कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य के श्रमिकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी।

भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी अन्य राज्य के मुख्यमंत्रियों को दी। छत्तीसगढ़ में प्रदेश के नागरिकों सहित अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, निवास और भोजन की व्यवस्था की जानकारी दी गई। श्रमिकों की सहायता के लिए जारी नम्बर की भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में रह रहे अन्य प्रदेशों के प्रवासी श्रमिकों सहित सभी नागरिकों और अन्य प्रदेशों में फंसे हुए प्रदेश के श्रमिकों और नागरिकों के लिए हर संभव सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि पूरा विश्वास है कि हम सभी अपने समन्वित प्रयासों से निश्चित ही सभी नागरिकों को हर संभव सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए सफलता हासिल करेंगे।

01-04-2020
Breaking : भूपेश बघेल ने लाभांडी इलाके में मजदूरों से की मुलाकात, व्यवस्थाओं का लिया जायजा  

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को शहर के लाभांडी इलाके में पहुंचे। उन्होंने प्रशासन और एनजीओ की देखरेख में आश्रय प्राप्त जरुरतमंदों और बेसहारा और मजदूरों से मुलाकात की। उनके भोजन और रुकने की व्यवस्थाओं की  जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी का अच्छे से ध्यान रखा जा रहा है। कई प्रदेशों के लोग, मजदूर यहां रुके हुए हैं। भारत सरकार के दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। और भी बेहतर व्यवस्थाओं के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं।

01-04-2020
एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा का सीएम को खत, कहा-3 माह की स्कूल फीस हो माफ

रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर स्कूल की 3 माह की फीस माफ करने की मांग की है। जनता की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से मांग की गई है। आकाश शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में बात लाई गई कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव में आपके प्रयास सराहनीय है। लॉक डाउन की स्थिति में निजी स्कूल अब फीस देने के लिए परिजनों पर दबाव बना रहे हैं। लॉकडाउन के चलते समस्त व्यवसाय बंद हैं, जिससे लोगों को आर्थिक परेशानियों से परिजन स्कूल फीस देने में सक्षम नहीं है। इन सब कारणों के चलते यदि फीस में राहत मिलती है तो जनता को आर्थिक मदद होगी।

 

31-03-2020
Video : भूपेश बघेल ने कहा- सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना वायरस महामारी से बचने का गुरूमंत्र 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को प्रदेश की जनता को संबोधित कर कहा था कि तीन हफ्ते के लॉकडाउन का पहला हफ्ता पूरा हुआ। सात दिनों में जनता ने जो संयम, आत्मविश्वास और जागरुकता दिखाई, इन सबके लिए मैं आपका आभारी हूं। यह लड़ाई जनता के सहयोग से ही लड़ी जा रही है। जनता के संयम, अनुशासन और आत्मबल के सहारे ही हम कोरोना वायरस महामारी को परास्त करेंगे। कोरोनो वायरस के रोकथाम की लड़ाई लड़ रहे विश्वभर के एक्सपर्ट्स का यह कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात एक दूसरे से एक मीटर की दूरी बनाए रखना और लॉकडाउन ही कोरोना वायरस महामारी से बचने का गुरू मंत्र है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में क्या कहा सुनिए वीडियो में....

31-03-2020
बैंगलुरु में फंसे पाटन के 13 मजदूरों की गई मदद, राशन खरीदने दी गई राशि

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह क्षेत्र पाटन के विभिन्न ग्रामों से मजदूर कर्नाटक राज्य की राजधानी बैंगलुरु पहुंचे हुए थे,जो  लॉक डाउन के कारण वहां पर फंस गए थे। इनमें दो मासूम बच्चियां,तीन महिलाओ सहित कुल 11 लोग शामिल थे। वहां पर इनके ठेकेदार ने लॉग डाउन के कारण उनके अपने हाल पर छोड़ कर चले गए थे। इन मजदूरों के पास खाने-पीने की कोई भी सामान और पीने तक के लिये पानी नहीं था। इसके कारण एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी।
प्रवक्ता विकास तिवारी ने बताया कि पाटन क्षेत्र के सुमन साहू,भुनेश्वरी साहू,घनश्याम साहू,विद्या साहू उनकी 2 वर्ष की पुत्री कुसुम साहू,जवाहर साहू,शैल साहू,लालिमा साहू,कमलेश्वर साहू,नेम पटेल और हेमंत लाल देवांगन शामिल है। पीड़ितों ने बताया कि उनके पास खाने पीने के सामान के लिए पैसा नहीं था यह खबर रायपुर के वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ.सदानंद मिश्रा ने समाचार पत्र में पढ़ी तो उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी को बुलाकर तत्कालीन के मदद के लिए कहा और बेंगलुरु में इनका पता करके इनसे संपर्क साधा। इनके खाते ग्यारह हजार रुपया राशन,पानी एवं बच्चों के जरूरत के सामग्री के खरीदने के लिए इनके बैंक एकाउंट में ट्रांसफर करवाया। ग्रामीणों ने डॉ.सतानंद मिश्रा और भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस संकट के समय में जब उन्हें खाने के लाले पड़ गए थे। तब प्रदेश के मुखिया और उनके क्षेत्र के किसान एवं वरिष्ठ चिकित्सक उनकी सुध ली और उन्हें राशन पानी एवं अन्य जरूरी सामान की खरीदी के लिए ग्यारह हजार रुपया प्रदान किया।

 

31-03-2020
छत्तीसगढ़ लौटे तबलीगी जमात के लोगों को क्वारंटाइन-आइसोलेशन में रखा गया है : भूपेश बघेल

रायपुर। दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात का विगत दिनों बड़ा कार्यक्रम हुआ,जिसमें सैकड़ों की संख्या में जमात के लोग शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में शामिल होकर छत्तीसगढ़ लौटे सदस्यों को क्वारंटाइन और आइसोलेशन में रखा गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में ट्वीट कर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लौटे तबलीगी जमात के 32 सदस्यों को क्वारंटाइन और 69 सदस्यों को आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग इन सभी सदस्यों पर कड़ी नजर बनाये हुए हैं। बता दें कि दिल्ली में हुए तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल लोगों के कोरोना संक्रमण की बात सामने आने से देशभर में हड़कम्प मच गया है। वहीं एक खबर यह भी बताई जा रही है कि दिल्ली पुलिस आयुक्त के अनुसार मौलाना साद और तबलीगी जमात के अन्य के खिलाफ महामारी रोग अधिनियम 1897 और आईपीसी की अन्य धाराओं के अंतर्गत सरकारी निदेर्शों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।

 

 

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