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08-12-2019
ताम्रध्वज साहू ने दुर्ग के ग्रामीण क्षेत्रों का किया सघन दौरा

दुर्ग। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने रविवार को दुर्ग ब्लॉक के अनेक गांवों का दौरा किया तथा यहां भूमिपूजन और लोकार्पण के अनेक विकास कार्यों का शुभारंभ किया। गृहमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि जिले के विभिन्न गांवों के भ्रमण का उद्देश्य लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी तो देना है। योजनाओं की जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति भी जानना है। ताम्रध्वज साहू  हनोदा, भानपुरी, कुथरेल, अंडा, रिसामा बोरीगारका आदि गांव में गए। मंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा में कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने पदभार ग्रहण करते ही सबसे पहला निर्णय कर्जमाफी और 2500 रूपए में धान खरीदी का लिया। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से कृषकों में खुशी की लहर आई है। खेती किसानी जो बरसों से पिछड़ रही थी, अब अरसे बाद किसानों के लिए आर्थिक लाभ का जरिया बनी है। खरीफ का रकबा बढ़ा है, जो लोग खेती किसानी छोड़ चुके थे अब खेती की ओर वापस आ रहे हैं। कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ के लिए शुभ संकेत है कि सरकार कृषकों के कल्याण के लिए लगातार योजनाएं बना रही है और उन्हें क्रियान्वित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। गृहमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौठान के लिए पैरा दान का भी आह्वान ग्रामीणों से किया है। मैं भी सभी किसान भाइयों से अपील करता हूं कि बड़ी संख्या में पैरा दान करें ताकि गौ माता के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध हो सके। हम पशुधन के लिए पर्याप्त चारा और पानी रखने की व्यवस्था करेंगे तो गौठान का बेहतर संचालन होगा। यहां से प्राप्त गोबर जैसे उत्पादों से कंपोस्ट खाद का निर्माण कर पाएंगे। इससे जैविक खेती के लिए रास्ता बढ़ेगा। सरकार नरवा योजना पर भी काम कर रही है। नरवा योजना के माध्यम से नालों का जीर्णाेद्धार किया जा रहा है, इसके माध्यम से जल की एक-एक बूंद को बचाने पहल की जा रही है। जल संरक्षण आज के समय की सबसे अहम आवश्यकता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आगामी पीढ़ी के विकास के लिए काम कर रही है। सरकार ऐसी ठोस योजनाएं बना रही है जिसका आगामी कई पीढ़ियों को लाभ होगा। यह सतत् विकास का रास्ता है। भूमि के संरक्षण का रास्ता है यह भूमि के विकास का रास्ता है और यह परंपरागत साधनों से खुशहाल जीवन का रास्ता है। गृहमंत्री ने इस अवसर पर ग्रामीणों से चर्चा की ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और ग्रामीण विकास की योजनाओं की जमीनी स्तर पर यिान्वयन की स्थिति देखी। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ग्रामीणों से फीडबैक लेती है और इसके आधार पर नीतियां तैयार करती है। ग्रामीणों को हर बुनियादी सुविधा उपलब्ध की जाएगी और ऐसी योजनाओं पर काम किया जाएगा जिससे ग्रामीण विकास का एक ठोस रास्ता तैयार हो सके। 

 

08-12-2019
अन्नदाता किसानों के साथ नहीं होगा अन्याय: भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश के किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हम अन्नदाता किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। अभी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रहे हैं, लेकिन हम अपना वादा पूरा करेंगे। किसानों की जेब में धान का प्रति क्विंटल 2500 सौ रूपया जाएगा। धान के मूल्य की अंतर की राशि नई योजना बनाकर दी जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल रविवार को राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इन्डोर स्टेडियम में किसान संघ बिलासपुर द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर किसान संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री बघेल को हल भेंटकर और खुमरी पहनाकर अभिनंदन किया। भूपेश बघेल ने किसान सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों की जिंदगी को खुशहाल बनाने के लिए निरन्तर कार्य हो रहे हैं। हमने किसानों की तकलीफ को नजदीक से जाना और समझा है। इन्हें किसी तरह से नुकसान न हो, यह हमारी सरकार का मुख्य ध्येय है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य में हमारी सरकार के बनते ही धान की 2500 रूपए प्रति क्विंटल में खरीदी और 1248 करोड़ रूपए की कर्जमाफी की गई। उन्होंने कहा कि किसानों को हम पर पूरा भरोसा है। पिछले साल नवंबर से धान खरीदी शुरू होने के बाद भी नई सरकार के गठन के बाद किसानों ने 25 सौ रूपए में धान बेचने के लिए अपने खलिहानों में रखा। ऐसे किसान जो पहले धान बेच चुके थे उन्हें भी हमने अंतर की राशि का भुगतान किया।

मुख्यमंत्री ने धान खरीदी प्रक्रिया की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि  धान का प्रति क्विंटल 2500 रूपए देने के लिए हमारी सरकार वचनबद्ध है। पूर्व वर्षों की भांति बोनस राशि में छूट इस वर्ष भी देने का अनुरोध केन्द्र सरकार से किया। बोनस देने पर केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल में चावल नहीं खरीदने के निर्णय को भी हमने पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हमने किसानों के व्यापक हित में यह फैसला लिया है कि धान की खरीदी केन्द्र द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य में करेंगे तथा प्रति क्विंटल 2500 रूपए में अंतर की राशि अन्य योजना बनाकर किसानों को देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने धान से एथनाल बनाने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को अच्छी कीमत मिलेगी। वहीं एथनाल प्लांट लगने से स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। इसके अलावा विदेशी मुद्रा की बचत होगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में धान से एथनाल बनाने के लिए प्लांट के लिए टेण्डर भी निकाला जा चुका है। एक बार एथनाल का उत्पादन शुरू होने के बाद हमें किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि जितने रकबे में धान बोया गया है उतना ही धान बेचें। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रति एकड़ 15 क्विंटल के मान से की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की धनराशि का सदुपयोग करने के लिए किसानों के द्वारा बोए गए रकबे के अनुसार धान की खरीदी की जा रही है। हमारी जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ के किसानों के धान खरीदने की है। अन्य राज्यों के किसानों के धान खरीदने की नहीं है। मुख्यमंत्री ने सुराजी गांव योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि गौमाता की सेवा के लिए 2000 गौठान बनाए जा चुके हैं तथा इस वर्ष 4000 और गौठान बनाए जाएंगे। गौठानों के लिए 5 एकड़ तथा चारागाह के लिए 10 एकड़ भूमि की व्यवस्था की जा रही है। इन गौठानों के संचालन के लिए दस हजार रूपए गौठान समितियों को दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गौठानों में किसानों और युवाओं को कम्पोस्ट और वर्मी खाद बनाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यहां पशु नस्ल सुधार के इंतजाम भी होंगे। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि दीपावली त्योहार के समय गोबर और मिट्टी के दीए की बिक्री हुई। इससे महिला स्वसहायता समूहों को रोजगार मिला। इस अवसर पर कार्यक्रम को नरोत्तम कश्यप तथा सुरेश सिंह चौहान ने भी सम्बोधित किया। किसान संघ द्वारा आज राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज ऑडिटोरियम से बुढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम तक पदयात्रा भी की गई। कार्यक्रम में प्रेमलाल पोर्ते, रामकुमार, शिवप्रसाद कौशिक, अमित साहू, भोलानाथ तिवारी, संजय सूर्यवंशी, प्रभाकर गौतम, तुलसी केंवट, योगेन्द्र नाथ जोगी तथा राजेश तिवारी और जिला किसान संघ बिलासपुर के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। 

 

08-12-2019
बृजमोहन के बयान पर धनंजय का पलटवार, भाजपा का किसान विरोधी चेहरा उजागर

रायपुर। पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के आरोप पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सीधा हमला बोला है। धनंजय ने कहा कि पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और भाजपा का किसान विरोधी चेहरा और चरित्र जनता के बीच उजागर हो चुका है। पूंजीपतियों के समर्थन में खड़ी पूरी भाजपा किसानों के हित की बात आती है तब मौन धारण कर लेती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने वादा अनुसार पहले भी किसानो के धान 2500 रुपया क्विंटल के दर से ही खरीदी की और आज भी किसानों को उनके धान की कीमत 2500 रुपए क्विंटल ही मिलेगा। ऐसे में किसानों का विश्वास खो चुके भाजपा के नेता किसानों को बरगलाने के लिए तथ्यहीन बेबुनियाद मनगढ़ंत आरोप लगाकर खुद को किसान हितैषी बताने में लगे हैं। पूर्ववर्ती रमन सरकार के दौरान धान बेचने वाले किसानों से प्रति बोरा वसूली होती थी। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को व्यापक समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नेतृत्व वाली सरकार के 11 महीने के जनकल्याणकारी निर्णयों के सामने भाजपा खुद को बौना महसूस कर रही है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और भाजपा के नेता छत्तीसगढ़ के किसानों को बताएं जब मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के किसानों के चावल को खरीदने से इंकार किया गया तब पूरे प्रदेश के किसानों व्यापारियों आमजनता ने आग्रह पत्र लिखकर मोदी सरकार से सेंट्रल पुल के नियम को शिथिल करने की मांग की। क्या भाजपा के नेताओं ने छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में सेंट्रल पुल के नियम को शिथिल रखने की मांग करते हुए कोई पत्र लिखा है तो वे सार्वजनिक करें?

08-12-2019
राहुल गांधी की खुशामद से समय मिले तो छत्तीसगढ़ भी देखें भूपेश : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर एक बार फिर निशाना साधा है। भाजपा ने फेसबुक पर पोस्ट किया कि मुख्यमंत्री जी राहुल गांधी की खुशामद से समय मिले तो जरा अपने प्रदेश के बारे में भी सोच लीजिए। बेचारे किसानों को ना तो 2500 रुपए मिल रहा है, न ही बेचारे धान बेच पा रहे हैं। हर दिन आपके तुगलकी फरमानों से किसान परेशान हैं और आपको दिल्ली वालों को खुश करने से फुरसत नहीं है।

08-12-2019
आदिवासियों की संस्कृति और परंपरा से है छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान: भूपेश बघेल

 रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को मासिक रेडियो वार्ता ‘लोकवाणी’ की 5वीं कड़ी की शुरूआत ‘जय जोहार’ के सहज अभिवादन के साथ की। उन्होंने लोकवाणी के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों, वनांचल तथा आदिवासी अंचलों की जनता से सीधे संवाद पर अपनी प्रसन्नता भी जाहिर की। सीएम बघेल ने रेडियो वार्ता के दौरान अमर शहीद वीर नारायण सिंह को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान दिवस 10 दिसम्बर को है। इसी प्रकार 18 दिसम्बर को गुरू बाबा घासीदास की जयंती और 25 दिसम्बर को प्रभु यीशु का जन्म दिवस क्रिसमस है। मुख्यमंत्री ने अमर शहीद वीर नारायण सिंह, गुरू बाबा घासीदास और प्रभु यीशु को नमन करते हुए उनसे प्रदेश की खुशहाली के लिए आशीर्वाद की कामना की।
 मुख्यमंत्री बघेल ने लोकवाणी में चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग एक तिहाई आबादी अनुसूचित जनजातियों की है। इन्होंनेे अपनी सोच, अपनी परंपरा, अपनी संस्कृति तथा अपने योगदान से छत्तीसगढ़ को एक विशेष पहचान दी है। अनुसूचित जनजाति के लोग अपनी जिन्दगी में रमे होते हैं। अपनी आकांक्षाएं मुखर करने में भी संकोच करते हैं। इसलिए आज के लोकवाणी का विषय ‘आदिवासी विकास-हमारी आस’ अत्यंत महत्वपूर्ण है। बघेल ने नारायणपुर के फरश कुमार तथा रामजी धु्रव के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में तेन्दूपत्ता संग्रहण मजदूरी को 2500 से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा कर दिया है, ताकि संग्राहकों की आमदनी में तुरंत और सीधी बढोत्तरी हो जाए। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वर्ष 2019 में 15 लाख मानक बोरा से अधिक तेन्दूपत्ता संग्रहण हुआ, जिसके एवज में 602 करोड़ रूपए मजदूरी का भुगतान किया गया। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में 226 करोड़ रूपए अधिक है।


वनोपजों के कारोबार से जुडे़ंगी 50 हजार महिलाएं
 मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में इसके साथ ही हमने लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य पर खरीदी का दायरा भी बढ़ा दिया है। पहले सिर्फ 7 वनोपजों की खरीदी करते थे, जबकि अब हमारी सरकार द्वारा 15 वनोपजों की खरीदी की जा रही है। इसके अलावा 3 लघु वनोपजों, रंगीनी लाख पर 20 रूपए किलो, कुल्लू गोंद पर 20 रूपए किलो तथा कुसमी लाख पर 22 रूपए किलो अतिरिक्त बोनस देने का इंतजाम भी किया गया है। यह जानकार आश्चर्य होगा कि प्रदेश में वनोपज का कारोबार लगभग 18 सौ करोड़ रूपए का होता है, जिसमें हमारे आदिवासी समाज को समुचित भागीदारी नहीं मिली थी। अब हमारी सरकार ने ऐसे नये रास्ते तलाशे हैं, जिससे आप सभी लोगों की आय बढ़ सकेगी। हम आदिवासी समाज में मातृ-शक्ति को और सशक्त बनाना चाहते हैं, इस दिशा में एक नया कदम उठाते हुए यह निर्णय लिया है कि वनोपजों के कारोबार से महिला समूहों की 50 हजार से अधिक सदस्याओं को जोड़ा जाएगा। परंपरागत वैद्यकीय ज्ञान भी छत्तीसगढ़ के वनांचलों की विशेषता है। इस कौशल को लम्बे अरसे में न तो मान्यता मिली और न सुविधा, जबकि जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों को लेकर कोई संदेह नही है। हमने परंपरागत वैद्यों के कौशल और ज्ञान को सहेजने तथा इसे उपयोग में लाने के लिए 1200 परंपरागत वैद्यों का एक सम्मेलन आयोजित किया। अब इस दिशा में कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।

अबूझमाड़ में पहुंचेगी विकास की रौशनी
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी रेडियोवार्ता में कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार अबूझमाड़ का राजस्व सर्वे करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार प्राथमिकता से यहां सड़क, बिजली, पानी, अस्पताल और शिक्षा जैसी सारी सुविधाएं पहुंचाएगी। इस समय नारायणपुर-ओरछा, नारायणपुर-धौड़ाई-कन्हार गांव-बारसूर,  नारायणपुर-सोनपुर-कोंगे जैसी अनेक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिनकी लंबाई लगभग 250 किलोमीटर तथा लागत लगभग 300 करोड़ रूपए है। इसके अलावा भी एक दर्जन से अधिक सड़कों का निर्माण 150 करोड़ रूपए की लागत से किया जा रहा है, जिसमें ओरछा-गुदाड़ी-कोडोली-गारपा-आकाबेड़ा-किहकाड़ आदि स्थानोें पर पहुंचाना आसान हो जाएगा और करीब 20 करोड़ रूपए की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कन्या छात्रावास, शाला भवन के कार्य चल रहे है।

बस्तर की जीवनदायिनी इन्द्रावती को बचाने प्राधिकरण का गठन
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में ‘नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी‘ महाभियान की चर्चा करते हुए कहा कि नरवा योजना में नालों के साथ हर तरह के जलाशयों को हमें बचाना है। नदी, नाले, झील, तालाब, कुएं और ऐसी हर संरचना जिससे बारिश का पानी बहने से रूके, भू-जल की रिचार्जिंग हो, नए जल स्त्रोत मिलें, ऐसे सारे उपाय किए जा रहे हैं। बस्तर की जीवनदायिनी नदी इन्द्रावती को बचाने के लिए प्राधिकरण का गठन किया गया है। नदी तट कटाव में कमी लाने के लिए इन्द्रावती, खारून और अरपा नदियों के 462 हेक्टेयर क्षेत्र में छह लाख पौधों का रोपण किया जा रहा है। बालका नदी पर करीब पौने 3 करोड़ रूपए की लागत से रावन सिंधी एनीकट बनाने के लिए कार्य योजना बनाई गई है।
 

आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के बड़े फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की बागडोर सम्हालते ही सबसे बड़ा फैसला लोहण्डीगुड़ा में आदिवासियों की जमीन वापस करने का था। अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी से गैर-आदिवासी को भूमि क्रय करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पूर्व में इस प्रकार के जो अंतरण हुए हैं, उनमें भी न्याय दिलाने की पहल की गई है और आदिवासी भूमिस्वामी को पुनः अधिकार दिए गए हैं। अधिसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज के सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक अधिकारों का पूर्णतः संरक्षण किया जा रहा है। पेसा कानून के अंतर्गत ग्राम सभा की महती भूमिका है। ग्राम सभा की अनुमति के बाद ही सभी शासकीय, अशासकीय भू-अर्जनों की कार्यवाही की जा रही है। शासकीय योजनाओं में सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से ब्यौरा ग्राम सभा में रखा जाता है। सामुदायिक वन आधिकार दिया जाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। कोण्डागांव जिले के 9 गांवों में 9 हजार 220 एकड़ जमीन के पट्टे, धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के जबर्रागांव में लगभग साढ़े 12 हजार एकड़ भूमि के सामुदायिक वन अधिकार पट्टे दिए गए। वन अधिकारी कानून के अंतर्गत व्यक्तिगत दावों पर पुनर्विचार किया जा रहा है। दूर-दूर फैले गांवों का नए सिरे से परिसीमन कराकर उन्हें पंचायतों का दर्जा दिया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों के निर्वाचन में 5वीं और 8वीं कक्षा की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।


जाति प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया
 बघेल ने रेडियोवार्ता में कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानूनों को प्रभावी बनाने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जाति प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल करते हुए पिता की जाति के आधार पर नवजात को जाति प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं। जिन निर्दोष लोगों को झूठे मामलों, मुकदमों में फसाया गया था उन्हें न्याय दिलाने के लिए जस्टिस पटनायक अयोग काम कर रहा है। सारकेगुड़ा में न्यायिक जांच आयोग का प्रतिवेदन प्राप्त हो गया है, जिसके आधार पर दोषियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। बस्तर, सरगुजा आदिवासी प्राधिकरण में विधायकों को प्राधिकरणों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है।
राज्य सरकार महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, बाबा साहेब अम्बेडकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जैसे महान नेताओं के पद चिन्हों पर चलते हुए आदिवासी समाज को सबसे पहले और सबसे तेजी से विकास की सुविधाएं देने की पहल कर रही है। 

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 27, 28 और 29 दिसंबर को
मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में कहा कि आदिवासी लोक कलाओं की देश दुनिया में पहचान स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन रायपुर में 27, 28 और 29 दिसंबर को किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कृति और परम्पराएं हमारी माँ के सामान है। आदिवासी समाज के प्रकृति  और संस्कृति से जुड़ाव पर हमें गर्व है। धरती के संसाधनों हवा, पानी, पर्यावरण को बचाने आदिवासी समाज के योगदान पर हमें गर्व है। नृत्य दलों के गठन के लिए ब्लॉक, जिला और संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में आदिवासी समाज का उत्साह और जुड़ाव देखने को मिला। 

नई औद्योगिक नीति ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘ की मूल भावना पर आधारित
मुख्यमंत्री ने रेडियो वार्ता में कहा कि राज्य सरकार की नई औाद्योगिक नीति ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' की मूल भावना पर आधारित है। इस नीति के माध्यम से आदिवासी अंचलों के विकास में तेजी आएगी और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। उद्योग नीति में पिछड़े क्षेत्रों या विकासखंडों को सबसे अधिक रियायत और संसाधन देने का फैसला किया गया है। नए उद्योगों में स्थानीय लोगों को अनिवार्य रूप से रोजगार देने का प्राधान है। अकुशल श्रेणी में 100 प्रतिशत, कुशल श्रेणी में कम से कम 70 प्रतिशत और प्रशासकीय और प्रबंधकीय श्रेणी में कम से कम 40 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को मिलेगा। खेती, उद्यानिकी, हस्तशिल्प आदि को उच्च प्राथमिकता दी गई है। खाद्य और वनोपज प्रसंस्करण की अधिक से अधिक इकाईयां लगे इस पर हमारा जोर होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2024 तक अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के कम से कम 300 उद्यमी उद्योग लगाएं। मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में 3500 से अधिक नये उद्योग लगाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने रेडियो वार्ता में पूछे गए प्रश्न के जावाब में कहा कि नगरनार प्लांट का संचालन एनएमडीसी के माध्यम से हो इससे राज्य सरकार सिद्धांतः सहमत है। बघेल ने कहा कि हमारे महान नेता पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पंचवर्षीय योजनाओं और अनेक सार्वजनिक उपक्रमों की सौगात दी, जिनमें भिलाई स्टील प्लांट भी है। एन एम डी सी , एनटीपीसी और एसईसीएल जैसे अनेक उपक्रमों का स्थानीय जनता, स्थानीय विकास प्रदेश और देश के विकास में अद्भुत योगदान रहा है।     

बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर संभाग के लिए होगा कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेडियोवार्ता में कहा कि वनांचलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों आदिवासी युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार देने के लिए राज्य सरकार ने अनेक बड़े कदम उठाएं है। बस्तर, सरगुजा तथा बिलासपुर संभाग के लिए कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया है। बस्तर, सरगुजा संभाग की तरह कोरबा जिले में जिला संवर्ग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की पूर्ति स्थानीय लोगों से करने की समय-सीमा बढ़ा दी गई है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर नौकरी देने के लिए नियमों को शिथिल किया गया है। प्री-मैटिक छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों, आश्रमों के बच्चों की शिष्यवृत्ति बढ़ाकर 1000 रूपए प्रतिमाह की गई है। प्रदेश में 16 नवीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शुरू किए गए है। मैट्रिकोत्तर छात्रावास के विद्यार्थियों की छात्र भोजन सहाय राशि 500 रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 700 रूपए प्रतिमाह की गई है। 

किसानों को धान की कीमत 2500 रूपए प्रति क्विंटल मिलेगी
बघेल ने रेडियोवार्ता में कहा कि प्रदेश में धान की खरीदी एक दिसम्बर से प्रारंभ हो चुकी है। राज्य सरकार ने पूरी व्यवस्था कर रखी है कि किसानों की जेब में 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से पूरी राशि जाए। किसानों को धान का मूल्य 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से मिलेगा। केन्द्र के नियमों के तहत फिलहाल केन्द्र द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है।

08-12-2019
प्रदेश की बेटियों से रेप पर भूपेश बघेल मौन : भाजपा 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में लगातार रेप की घटनाएं हो रही हैं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कुछ नहीं बोल रहे हैं। भाजपा ने ट्वीट कर कोरबा में महिला पर हुुए हमले का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही से जमानत पर छूटे आरोपी ने पीड़ित महिला पर हंसिए से हमला कर दिया। क्या राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस असंवेदनशील सरकार पर कुछ बोलेंगे?

 

08-12-2019
भूपेश बघेल ने दिल्ली में हुई आगजनी की घटना पर दुख व्यक्त किया

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार सुबह दिल्ली के रानी झांसी रोड पर स्थित अनाज मंडी में हुई आगजनी की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। गौरलतलब है कि इस घटना में अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है।

08-12-2019
भूपेश बघेल ने दिल्ली में हुई आगजनी की घटना पर दुख व्यक्त किया

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रविवार सुबह दिल्ली के रानी झांसी रोड पर स्थित अनाज मंडी में हुई आगजनी की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। गौरलतलब है कि इस घटना में अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है। 

07-12-2019
अब डॉयल 112 की मदद से सुरक्षित जगह पर जा सकती हैं भयभीत महिलाएं

रायपुर। बहुद्देशीय वाहन डॉयल 112 की अब एक और जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब तक इस सेवा का उपयोग पुलिस, एंबुलेंस और फायर संबंधी आपातकालीन स्थितियों में किया जाता था लेकिन अब डॉयल 112 की टीम विशेष परिस्थितियों में महिलाओं-युवतियों को उनके घर तक भी पहुंचाएगी। अब कोई भी महिला या युवती विषम परिस्थितियों में फंसने पर या घर जाने में देरी होने पर या ऐसी जगह पर जहां उनको खतरा नजर आ रहा हो तो वे डॉयल 112 से मदद मांग सकती है। मदद मांगने पर डॉयल 112 की टीम मौके पर पहुंचेगी और महिला या युवती को उनको बताए अनुसार सुरक्षित स्थान पर ले जाएगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की पुलिस ने सभी जिलों में आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि  हैदराबाद में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बयान में कहा था कि विषम परिस्थितियों महिलाओं व युवतियों को उनके घर छोड़ा जाएगा। सीएम के बयान पर अमल करते हुए शनिवार को एडीजी आरके विज ने आदेश जारी कर सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि जरूरतमंद महिलाओं व युवतियों के लिए डॉयल 112 की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। ज्ञात हो कि अभी 11 जिलों में सुविधा पुलिस की डॉयल 112 आपातकालीन सेवाएं दे रही हैं। लोग इनसे पुलिस, फायर और एंबुलेंस की सहायता ले रहे हैं। रायपुर डॉयल 112 के एसपी धमेंद्र गर्ग के अनुसार सभी जिलों के प्रभारियों को जरूरतमंद महिलाओं व युवतियों की मदद के निर्देश दिए गए हैं। अगर महिला किसी सुरक्षित स्थान पर जाना चाहेगी तो उसे वहां तक डॉयल 112 की गाड़ी नि:शुल्क पहुंचाएगी।

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