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08-09-2019
निगम सभापति विजय जैन की याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज कहा-एमआईसी सदस्य बनाना अनिवार्य नहीं

दुर्ग। चरौदा भिलाई निगम के सभापति विजय जैन के महापौर परिषद गठन की विधि मान्यता से संबंधित याचिका को उच्च न्यायालय बिलासपुर ने खारिज कर दिया। उन्होंने निगम सभापति को महापौर परिषद के सदस्य के रूप में शामिल नहीं करने पर महापौर चंद्रकांता मांडले और निगम आयुक्त के खिलाफ याचिका दायर कर महापौर मांडले के निर्णय को उच्च न्यायालय बिलासपुर में चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि नगर निगम अधिनियम के मुताबिक सभापति को भी महापौर परिषद के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। महापौर चंद्रकांता मांडले द्वारा गठित महापौर परिषद को याचिका में अवैध बताया गया था। साथ ही उनके द्वारा किए गए सभी निर्णय को न्याय संगत नहीं होने की चुनौती विजय जैन ने याचिका में दी थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नगरीय प्रशासन से भी निगम अधिनियम के संबंध में जवाब तलब किया था। जवाब में नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक ने निगम अधिनियम का हवाला देते हुए याचिका को तर्कसंगत नहीं होना बताया। इसके बाद उच्च न्यायालय ने सभापति को एमआईसी सदस्य के रूप में शामिल किए जाने की मांग को अनुचित बताते हुए याचिका खारिज कर दी।

 

20-08-2019
पूर्व वित्तमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता चिदंबरम को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धनशोधन मामलों में कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति सुनील गौर ने मामले पर अपना फैसला सुनाया। उन्होंने 25 जनवरी को इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। चिदंबरम ने हाईकोर्ट से तीन दिनों की मोहलत मांगी है। इससे पहले जिरह के दौरान सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय दोनों ने ही चिदंबरम की अर्जी का इस आधार पर विरोध किया था कि उनसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है क्योंकि वह सवालों से बच रहे हैं। दोनों जांच एजेंसियों ने दलील दी थी कि चिदंबरम के वित्तमंत्री के तौर पर कार्यकाल के दौरान मीडिया समूह को 2007 में विदेश से 305 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त करने के लिए एफआईपीबी मंजूरी प्रदान की गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने दलील दी कि जिन कंपनियों में धनराशि हस्तांतरित की गई वे सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर चिदंबरम के पुत्र कार्ति द्वारा नियंत्रित हैं और उनके पास यह मानने का एक कारण है कि आईएनक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) मंजूरी उनके पुत्र के हस्तक्षेप पर प्रदान की गई। उच्च न्यायालय ने 25 जुलाई 2018 को चिदंबरम को दोनों ही मामलों में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था जिसे समय समय पर बढ़ाया गया।

 

02-05-2019
बिलासपुर हाईकोर्ट ने खारिज की अजीत जोगी की याचिका, कारण जानने पढ़ें पूरी खबर

बिलासपुर। प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी द्वारा जाति छानबीन समिति की जांच पर रोक लगाने के लिए पेश की गई उनकी याचिका को बिलासपुर हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। बता दें कि सरकार ने हाईकोर्ट के निर्देश पर उच्चस्तरीय जाति छानबीन समिति का गठन किया है। इस याचिका की सुनवाई जस्टिस गौतम भादुड़ी की कोर्ट में हुई। इस मामले में हाईपावर कमेटी ने अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय के आवेदन पर नोटिस भेजा था, जिसे अजीत जोगी ने चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। गौरतलब है कि इससे पहले भी हाईपावर कमेटी ने अजीत जोगी की जाति के खिलाफ  फैसला सुनाया था, इस संबंध में भी जोगी ने उच्च न्यायालय में दरकार लगाई थी। तब हाईकोर्ट ने अजीत के पक्ष फैसला सुनाया था कि हाईपावर कमेटी का गठन वैधानिक तरीके से नहीं किया गया था। 

 

16-04-2019
Supreme Court : सुप्रीमकोर्ट ने की मायावती की याचिका खारिज, बैन के खिलाफ जल्द सुनवाई से किया इनकार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती की दायर याचि​का को खारिज कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार याचिका पर जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के प्रचार पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती दी थी। इस मामले को ऐडवोकेट दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया था, लेकिन अदालत ने मायावती को फौरी तौर पर राहत देने से इनकार कर दिया। मायावती के चुनाव प्रचार करने पर आयोग ने 48 घंटे की रोक लगाई हुई है।
चुनाव आयोग ने अलग-अलग आदेश जारी कर कहा था कि दोनों को चुनाव प्रचार करने से ‘रोका गया है।’ मायावती ने देवबंद में मुस्लिमों से अपील की थी कि एक पार्टी विशेष को वोट नहीं दें। इसे लेकर उन्हें नोटिस जारी किया गया था। चुनाव आयोग ने कहा कि बसपा प्रमुख ने प्रथमदृष्ट्या आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
आदित्यनाथ ने मेरठ में एक रैली को संबोधित करते हुए ‘अली’ और ‘‘बजरंग बली’ की टिप्पणी की थी जिसपर उन्हें नोटिस जारी किया गया था। 

18-02-2019
पूर्व मंत्री राजेश मूणत की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

रायपुर। अंतागढ़ टेपकांड मामले में सोमवार को पूर्व मंत्री राजेश मूणत की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है। इसके पहले कोर्ट में इसी मामले में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह के दामाद पुनीत गुपता और मंतूराम की भी अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी थी। बता दे कि पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। मामले में आज मजिस्ट्रेट विवेक कुमार वर्मा की न्यायालय में सुनवाई हुई। राजेश मूणत की ओर से पूर्व उप महाअधिवक्ता रमाकांत मिश्रा ने पैरवी की, उन्होंने मामले में दलील दी कि राजेश मूणत पर कोई अपराध नहीं बनता है। यह 2014 का मामला है और इसमें देर से एफआईआर की गई है, जिससे इसमें भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 9, 13 के तहत अपराध नहीं बनता है। राजेश मूणत के वकील ने कहा कि आॅडियो टेप में राजेश मूणत की कोई आवाज नहीं है, उन्हें राजनीतिक दुर्भावना के तहत फंसाया जा रहा है। वहीं शासन की ओर से पैरवी कर रहे सतीश चंद्र वर्मा ने अपनी दलील में कहा कि पूरे मामले के साजिशकर्ता राजेश मूणत ही थे। कोर्ट में डेढ़ घंटा के बहस चलने के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए पूर्वमंत्री की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि अग्रिम जमानत दिए जाने की असमान्य स्थिति अभी नहीं दिखती है, प्रकरण विचाराधीन है।

20-01-2019
Lease: खारिज किए गए वनाधिकार पट्टे का निरीक्षण करने के निर्देश

महासमुंद। कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों के पूर्व में निरस्त प्रकरणों का एक बार पुनरीक्षण सुनवाई करने के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद, वनमंडलाधिकारी, सभी राजस्व अधिकारी, उप संचालक कृषि, जिला खाद्य अधिकारी व जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता को पत्र प्रेषित कर पूर्व में खारिज किए गए वनाधिकार पट्टे का मौके पर निरीक्षण कर यथासंभव कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा है। इनमें पूर्व में निरस्त दावों की खोजबीन, सूचीकरण व क्रमबद्ध रूप में सुनियोजित करने का कार्य 15 से 19 जनवरी तक किया गया। इसी प्रकार निरस्त दावों का मौके में जाकर जांच, सर्वेक्षण एवं सीमांकन का कार्य 20 जनवरी से 3 फरवरी तक किया जाएगा। ग्राम वनाधिकार समिति की ओर से जांच प्रतिवेदन प्रत्येक दावावार तैयार करने का कार्य 4  से 6 फरवरी तक होगा। ग्रामसभा में अनुमोदन की कार्रवाई 7  से 9 फरवरी तक किया जाएगा। वहीं ग्राम पंचायत, ग्राम सभा के निर्णय, अनुमोदन किए गए दावों से संबंधित सूची प्रकरण क्रमबद्ध रूप में तैयार करना एवं अनुविभागीय अधिकारी/तहसील कार्यालय को प्रस्तुत करने का कार्य 11 एवं 12 फरवरी तक, अनुविभागीय अधिकारी, तहसील कार्यालय स्तर पर समस्त दावे कार्य का परीक्षण कर अंतिम सूचीकरण करना व संक्षिप्त प्रतिवेदन तैयार कर अनुभाग स्तरीय समिति का अनुमोदन के कार्य 12 फरवरी तक, जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक व दावों का विचारण, निर्णय एवं अनुमोदन 16 से 18 फरवरी तक, जिला वन समिति की ओर से वन अधिकार प्रमाण पत्र तैयार करना 19 एवं 20 फरवरी तक तथा वन अधिकार पट्टा वितरण की कार्रवाई 20 फरवरी से 24 फरवरी तक सुनिश्चित करने कहा है।

07-09-2018
Supreme Court : बेलतरा विधायक की स्टे याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

बिलासपुर। साल 2015 में बेलतरा विधानसभा प्रत्याशी भुवनेश्वर यादव ने याचिका दायर कर वर्तमान विधायक बद्रीधर दीवान पर दोहरा लाभ लेने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट से निर्णय के बाद बद्रीधर दीवान ने सुप्रीम कोर्ट में स्टे याचिका दायर किया। सुप्रीम कोर्ट ने बद्रीधर दीवान की स्टे याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के निर्णय को सही बताया।

बेलतरा विधानसभा के कांग्रेसियों ने वर्तमान विधायक बद्रीधर दीवान के स्टे याचिका को सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने पर खुशी जाहिर की है। भुवनेश्वर यादव ने कहा कि पूरा विश्वास है कि हाईकोर्ट से न्याय जरूर मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट से विधायक बद्रीधर दीवान की स्टे याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रेस नोट जारी कर खुशी जाहिर की है। कांग्रेसियों ने बताया कि न्याय में देर हो सकती है लेकिन अंधेर नहीं।

बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है। झगर राम सूर्यवंशी, भुवनेश्वर यादव,जिला पंचायत सदस्य रमेश कौशिक, जिला कांग्रेस महामंत्री राजेन्द्र साहू ऊर्फ डब्बू, सचिव जिला कांग्रेस अनिल यादव,जिला पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ ,झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ,किसान मोर्चा,युवा मोर्चा.पंच,सरपंचो ने भी निर्णय पर खुशी जाहिर की है।

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