GLIBS
23-10-2020
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का अक्टूबर 31 को राज्य स्तरीय ई मेगा कैम्प, कांकेर में भी होगा आयोजन

रायपुर/कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 31 अक्टूबर को पूरे राज्य सहित कांकेर जिले में भी ई-मेगा कैम्प आयोजित किया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार ई-मेगा कैम्प के माध्यम से जिलेभर के विधिक सेवाओं तथा शासन की जनकल्याणकारी विभागीय योजनाओं से संबंधित आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। इस कैम्प का उद्घाटन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पीआर रामचन्द्र मेनन और न्यायाधीश और कार्यपालिक अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रशांत कुमार मिश्रा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया जाएगा। इसका सीधा प्रसारण जिला विधिक प्राधिकरण के यू-ट्यूब चैनल और फेसबुक में होगा। ई-मेगा कैम्प के सफल आयोजन हेतु जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएल कटकवार द्वारा गत दिवस राजस्व, पुलिस, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, श्रम विभाग तथा शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक तैयारी करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि ई-मेगा शिविर के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेेंशन, राशन कार्ड, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के तहत मातृत्व लाभ, श्रद्धांजली योजना, आर.बी.सी. 6-4 के प्रकरण, फसल क्षति मुआवजा, नए नामांतरण में ऋण पुस्तिका वितरण, अविवादित नामांतरण/बंटवारा, जाति प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र इत्यादि संबंधी आवेदन लिए जा सकते हैं। इसके अलावा नगरीय निकायों में कर से संबंधित प्रकरण, विद्युत विभाग के बिजली बिल संबंधी प्रकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग के सक्षम योजना, आदिवासी विकास विभाग में अत्याचार निवारण, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन के प्रकरण सहित विभिन्न विभागों में अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण तथा अन्य विधिक सेवाओं के प्रकरण को लेते हुए उनका निराकरण किया जा सकता है। कलेक्टर केएल चौहान ने जिले में ई-मेगा कैम्प के सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारी करने के निर्देश विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिये हैं। अपर कलेक्टर एसपी वैद्य ने बताया कि जिले के पांच तहसीलों कांकेर, नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, पखांजूर में जहां कनेक्टिविटी है, वहां क्लस्टर के रूप में लेकर इस शिविर के माध्यम से आम लोगों के विधिक सेवा संबंधी आवेदनों का निराकरण किया जाएगा तथा ये सभी पांच तहसील भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 31 अक्टूबर को ई-मेगा कैम्प से जुड़े रहेंगे। अपर कलेक्टर वैद्य ने बताया कि ई-मेगा कैम्प के अवसर पर ब्लॉक स्तर पर ऐसे हितग्राहियों को भी बुलाया जाएगा, जिन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में विधिक सेवा के तहत लाभ मिलने वाला है तथा प्रतीकात्मक रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्हें लाभान्वित भी किया जाएगा। कलेक्टर चौहान द्वारा जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया गया है कि वे ई-मेगा कैम्प संबंधी मुनादी गांवों में करायें, ताकि विधिक सेवा संबंधी अधिक से अधिक आवेदन लोगों से प्राप्त हो सके और इस शिविर के माध्यम से उनका निराकरण की कार्रवाई की जा सके। सभी ग्राम पंचायतों के सचिव, पटवारी और मैदानी अमले को भी सक्रिय होकर विधिक सेवा संबंधी आवेदन एकत्र करने के निर्देश दिए गये हैं तथा अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त कर 30 अक्टूबर तक उसकी सूची उपलब्ध कराने कहा गया है। कलेक्टर चौहान ने विभिन्न विभागीय अधिकारियों को भी विधिक सेवाओं से जुड़े प्रकरणों की सूची तैयार करनेे के निर्देश दिए हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने इस शिविर को सफल बनाने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करने भी कहा है

05-04-2020
कोरोना संक्रमण को देखते हुए 32 विचाराधीन कैदियों को किया रिहा

रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उच्च न्यायालय भवन बिलासपुर द्वारा कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण को देखते हुए जिला जेल रायगढ़ में परिरुद्ध 32 विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश प्राप्त हुआ। इनमें से 10 ऐसे विचारधीन बन्दी  जिनके परिजन बंदियों को लेने नहीं पहुंचे थे। उन्हें उनके निवास स्थान तक पहुंचाने की सुविधा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष के निर्देशानुसार की गई थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वाहन में स्टाफ एवं पुलिस स्टाफ की व्यवस्था की गई थी। सभी रिहा किए गए विचारधीन बन्दियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए पैरालीगल वैलेंटियर्स की ड्यूटी लगाई गई है। यह पीएलवी जेल से बन्दियों को रिहा कर सम्बन्धित थाने लेकर जाएंगे। जंहा से पुलिस की मदद से सभी को उनके घरों तक छोड़ा जाएगा। 22 बंदियों के परिजन को दूरभाष के माध्यम से सूचित किया गया था वह रविवार को सुबह 5 से 9 बजे के बीच जिला जेल में उपस्थित होकर उन्हें घर ले जा सकते हैं। इससे पहले भी अभी कुछ दिन पहले रायगढ़ जेल से करीब 17 बंदियों को और भी रिहा किया गया था। आज रिहा होने वाले सभी विचारधीन बन्दीयों को 1 मई को जिला एवं सत्र न्यायालय में अपनी उपस्थिति देने के लिए निर्देशित किया गया है।

28-03-2020
VIDEO: राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की बैठक में हुआ फैसला, 1500 कैदी किए जाएंगे रिहा

रायगढ़। कोरोना महामारी की आशंका को देखते हुए जेलों से 1500 कैदी रिहा किए जाएंगे। यह फैसला राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की टेली कांफ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लिया गया। तिहाड़ जेल दिल्ली के बाद छत्तीसगढ़ दूसरा राज्य है, जहां ऐसा फैसला लिया गया है। राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव सुब्रत साहू, जेल विभाग के प्रमुख सचिव एम के चंद्रवंशी और जेल विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक संजय पिल्ले इस टेली कांफ्रेंसिंग में शामिल हुए। प्रदेश की जेलों में बंद छत्तीसगढ़ राज्य के निवासी ऐसे कैदी जिनको किसी मामले में अधिकतम सात साल की सजा हो सकती है या दी गई है, उन्हें कुछ शर्तों के साथ जेलों से रिहा करने का निर्णय लिया गया। ऐसे बंदी जिनके मामले की सुनवाई चल रही हो उन्हें 30 अप्रैल तक की निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत दे दी जाएगी। ऐसे बंदी जिन्हें सात साल तक की सजा सुनाई जा चुकी है और जेल में तीन माह या उससे अधिक की अवधि व्यतीत कर चुके हों उन्हें 30 अप्रैल तक पैरोल पर छोड़ दिया जायेगा।

इन बंदियों को अपना आवेदन अपने जिलों के विधिक सेवा प्राधिकरण में जिला जज की ओर से नियुक्त किए गए विशेष जजों के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद रिहा करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में इस फैसले से लाभान्वित होने वाले बंदियों की संख्या लगभग 1500 बताई गई है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिला जेल से भी जिला विधिक सेवा प्रधिकरण के निर्देश पर लगभग 17 कैदी आज रायगढ़ से भी रिहा किए गए, जिसमें की कुछ कैदी रायगढ़ शहर के थे तो कुछ दूरदराज ग्रामीण इलाकों के। दूरदराज ग्रामीण इलाकों के कैदियों के सही सलामत घर पहुंचने की व्यवस्था भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की गई थी। इनके लिए विशेष वाहन की व्यवस्था कर इनको अपने घर तक छोड़ा गया और साथ ही सभी कैदियों को प्रमाण पत्र भी वितरण किया गया। जैसे ही आज 17 कैदी रिहा हुए जेल से सभी के चेहरे खिल उठे सभी ने दोबारा किसी प्रकार की गलती ना कर दोबारा जेल ना आने का भरोसा भी जेलर को दिलवाया साथ ही साथ कोरोना वायरस के मद्देनजर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग एवं लॉक डाउन का पालन करने का भी भरोसा जेलर को दिया, वहीं आसपास के कैदियों को लेने के लिए उनके परिवारजन भी पहुँचे थे।

28-06-2019
जिला न्यायाधीश राकेश बिहारी घोरे ने ली बीमा कंपनियों की बैठक 

 

कोरबा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2019 में चार नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। द्वितीय नेशनल लोक अदालत 13 जुलाई, तृतीय   14 सितम्बर एवं चतुर्थ नेशनल लोक अदालत 14 दिसम्बर को जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित की जाएगी। इसमें राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, वैवाहिक एवं श्रम विवाद, भू-अर्जन प्रकरण,  विद्युत एवं जल बिल एवं अन्य सर्विस मेटर एवं अन्य व्यवहारवाद प्रकरण एवं अन्य राजीनामा योग्य प्रकरण रखे जायेंगे। उक्त लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण के संबंध में 25 जून को समस्त बीमा कंपनी की बैठक जिला न्यायालय परिसर कोरबा एवं 27 जून को व्यवहार न्यायालय कटघोरा में समस्त बीमा कंपनियों के शाखा प्रबंधक एवं अधिवक्ताओं की बैठक राकेश बिहारी घोरे, जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा ने बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष जिला न्यायालय परिसर कोरबा में ली। उक्त बैठक में  सीमा जगदल्ला, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा, बीमा कंपनी के मंडल प्रबंधक सिन्हा, अमिरका तिवारी, न्यू इंडिया इंश्योरेन्स कंपनी कोरबा, जोसेफ  केरकेटट्टा, अभिषेक कुमार, नेशनल इंश्योरेन्स कंपनी, सुनील तिवारी बीमा कंपनी के अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता एएन मैठाणी, आरएन राठौर, संतोष कुमार मोदी, बीके शुक्ला, महेन्द्र अग्रवाल, श्रवण केंवट, सुनील यादव, सीबी राठौर, संतू साहू, शीतलेश शुक्ला, कमलेश उपाध्याय, राजकुमार यादव एवं अन्य  उपस्थित हुये। बैठक में बताया गया कि जो भी पक्षकार राजीनामा के माध्यम से अपने लंबित प्रकरणों को लोक अदालत के माध्यम से निराकरण कराना चाहते हंै वे पक्षकार अपने प्रकरण को संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर नेशनल लोक अदालत में रखे जाने हेतु निवेदन कर सकते हैं। 

20-05-2019
जेलबंदियों के परिवारवालों के लिए विशेष अभियान का शुभारंभ

 

कोरबा। जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा राकेश बिहारी घोरे के मार्गदर्शन में बंदियों के परिवारजनों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने संबंधी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रथम चरण में जिला जेल कोरबा में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा एवं  लीगल एड क्लीनिक के पैनल अधिवक्ता जनक राम देवांगन, विधि के छात्रों द्वारा बंदियों से मुलाकात कर निर्धारित प्रपत्र में उनके परिवार के सदस्यों की समस्या, विधि सेवा सहायता की आवश्यकता, विधवा पेंशन, बच्चों की छात्रवृत्ति, राजकीय कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, स्वास्थ्य सुविधाएं, बैंक खाता, आधार कार्ड, राशन कार्ड, बीपीएल कार्ड दिव्यांग, प्रमाण पत्र इत्यादि बनाने की आवश्यकता के संबंध में पूछताछ की गई। इस संबंध में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा बताया गया कि उक्त अभियान प्रथम चरण मई से व द्वितीय चरण 1 जून से प्रारंभ होगा। इसके तहत प्रत्येक बंदी से व्यक्तिगत संपर्क  करने का प्रयास पैरा लीगल वालंटियर पैनल अधिवकता के माध्यम से किया जाएगा। बंदी के जेल में निरुद्ध रहने के दौरान उसे स्वयं अथवा उसके परिवार को किसी प्रकार की विधिक सहायता की आवश्यकता तो नहीं है। इस संबंध में बंदियों के  परिजनों की आजीविका, बंदियों के बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य संबंधी समस्या, बंदी के परिवार में महिलाओं के उत्पीडऩ संबंधी समस्या, बंदी के परिवार में वृद्धावस्था पेंशन एवं शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु उनसे चर्चा कर प्रत्येक बंदी से जानकारी एकत्र की जाएगी। इस अवसर पर उप जेल कटघोरा रवी दत्ता एवं रामायण दास महंत, लीगल एड क्लीनिक के अधिवक्ता शामिल रहे। इसके अलावा ज्योति भूषण, प्रताप सिंह विधि महाविद्यालय के इंटर्नशिप करने वाले विधि के छात्र गीता दास, किरण, निशा पासवान, निवेदिता सिंह, रश्मि गनवानी, शिवकुमार साहू, अमित शर्मा, हर्षा साहू, पंकज शर्मा एवं  रश्मि पासवान शामिल रही।

06-05-2019
विधिक सेवा प्राधिकरण ने कराई पति और पत्नी के बीच सुलह

कोरबा। पति और पत्नी के बीच विवाद का आपसी सुलह और समझौता कराकर निराकरण सोमवार को तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण कटघोरा में किया गया। इसमें विवाहित जोड़े रामकुमार और साधना के बीच सुलह कराई गई। इसमें तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण कटघोरा के अध्यक्ष थॉमस एक्का व पैरा लीगल वॉलिंटियर विजयलक्ष्मी सोनी, रविशंकर,आरती मंगेशकर ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804