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07-06-2020
75 डिग्री होगा खाने का तापमान तभी होटल में परोस सकेंगे उपभोक्ता को खाना 

रायपुर। अनलॉक-1.0 में कल से होटल शुरू होने वाले हैं। लगभग होटलों में इसकी तैयारी भी पूरी हो चुकी है। कोरोना के कारण होटल संचालकों ने शासन के नियमों के साथ ही सुरक्षा को देखते हुए नियम बनाएं है। होटलों में खाना-खाने के पहले खाने का तापमान मापा जाएगा। उसके बाद ही लोगों को गरम व ताजा खाना ही खिलाया जाएगा। खाने का तापमान 75 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। इसके अलावा ज्यादा स्टार्च वाली सामग्री को मैन्यू में शामिल नहीं किया जाएगा। होटलों में कोई बफे नहीं होगा और दो टेबलों के बीच में छह फीट की दूरी रहेगी। होटल के स्टाफ मास्क और ग्लब्स पहने रहेंगे। खाना बनाने वाले शेफ के लिए तो यह भी नियम रहेगा कि हर 20 मिनट के बाद उन्हें हाथ धोना होगा। किचन को भी हर दो घंटे में सैनिटाइज करना होगा। उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार उन्हें डिस्पोजेबल में सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

11-05-2020
नमक का पर्याप्त स्टॉक, भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें उपभोक्ता

दुर्ग। खाद्य नियंत्रक द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि जिले में नमक की कमी के संबंध में हो रही अफवाहों पर ध्यान न दें। शहर में पर्याप्त मात्रा में नमक उपलब्ध है। किसी भी व्यापारी द्वारा अधिक मात्रा में नमक विक्रय करते पाये जाने पर संबंधित उपभोक्ता नगर निगम के साथ-साथ खाद्य विभाग के दूरभाष नं.- 0788-2210100 एवं एसी मिश्रा सहायक खाद्य अधिकारी के मोबाइल नम्बर-93295-09510 में भी सूचना दी जा सकती है। खाद्य नियंत्रक ने बताया कि जिले में नमक का भंडार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। आज भी रेल मार्ग द्वारा नमक की रेक रायपुर में पहुंची है तथा रेक से नमक खाली किया जा रहा है। खाद्य नियंत्रक ने जिलेवासियों से नमक की कमी की अफवाहों पर ध्यान न देकर अपनी आवश्यकतानुसार नमक क्रय करने की समझाईश दी है कि खुले बाजार में नमक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। नमक व्यवसाय के संबंध में स्थिति सामान्य है।

 

04-04-2020
भूपेश बघेल ने रामविलास पासवान को लिखा पत्र, कहीं यह बात... 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान को पत्र लिखकर कहा है कि वर्तमान में फैली महामारी नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संदर्भ में देश के अन्य राज्यों में पीडीएस के लिए चावल की आवश्यकता की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ शासन सहयोग के लिए इच्छुक है। उन्होंने इसके लिए खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में भारतीय खाद्य निगम चावल उपार्जन की मात्रा 24 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 31.11 लाख मीट्रिक टन की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष  2019-20 में 18.20 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर कुल 83.67 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। प्रदेश में धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग चावल जमा करने का कार्य राज्य शासन एवं भारत सरकार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के मध्य हुए एमओयू के अनुसार किया जाता है। राज्य शासन एवं भारत सरकार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के एमओयू की कंडिका 18 में समस्त सरप्लस चावल भारतीय खाद्य निगम द्वारा उपार्जन किए जाने का प्रावधान है। 

  खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग भारत सरकार द्वारा 19 दिसम्बर 2019 को भेजे पत्र में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत 24 लाख टन उसना चावल उपार्जन की अनुमति प्रदान की गई है। प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में कुल खरीदी 83.67 लाख मीट्रिक टन धान से निर्मित होने वाले चावल 56.51 लाख मीट्रिक टन में से राज्य के द्वारा पीडीएस की आवश्यकता के लिए 25.40 लाख मीट्रिक टन चावल उपार्जन किया जाएगा। (सेंट्रल पूल 15.48 लाख मीट्रिक टनए स्टेट पूल 9.92 लाख मीट्रिक टन) एवं शेष 31.11 लाख मीट्रिक टन चावल सरप्लस होगा। इसमें से भारत सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम में 24 लाख मीट्रिक टन चावल उपार्जन की अनुमति दिए जाने से कुल उपार्जित धान में से 73.20 लाख मीट्रिक टन धान का ही निराकरण संभव हो सकेगा एवं लगभग 10.47 लाख मीट्रिक टन धान (अनुपातिक चावल 7.11 लाख मीट्रिक टन ) अनिराकृत स्थिति में रहेगा। राज्य शासन द्वारा पूर्व में भी 25 फरवरी 2020 को भेजे गए अर्द्ध शासकीय पत्र के माध्यम से भारतीय खाद्य निगम में चावल की उपार्जन की मात्रा बढ़ाकर 31 लाख टन किए जाने का अनुरोध किया गया था। वर्तमान में फैली महामारी नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संदर्भ में देश में अन्य राज्यों में पीडीएस के लिए चावल की आवश्यकता की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ शासन सहयोग के लिए इच्छुक है, इसके लिए खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में भारतीय खाद्य निगम में चावल उपार्जन की मात्रा 24 लाख टन से बढ़ाकर 31.11 लाख टन किए जाने की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध है।

31-03-2020
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले सब्जी विक्रेताओं को निगम ने खदेड़ा

रायपुर। रायपुर नगर निगम अंतर्गत बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले सब्जी दुकानदारों को निगम ने वहां से हटा दिया है। उन्हें दो टूक कहा दिया गया है कि ठेला लगाकर मोहल्लों में घूम-घूमकर सब्जी बेचें। जोन क्रमांक 2 के जोन कमिश्नर विनोद देवांगन ने बताया कि देवेन्द्र नगर में नारायणा हॉस्पिटल के पास उपभोक्ता सब्जी बाजार लगता है। यहां 40-50 सब्जी वाले सब्जी बेचते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर सब्जी विक्रेताओं को दूर-दूर बैठकर व्यवसाय करने के लिए लगातार कहा जा रहा था। किन्तु वे बात नहीं मान रहे थे।

इसी वजह से उन्हें आज बाजार से हटा दिया गया। इधर निगम आयुक्त सौरभ कुमार ने बताया कि बड़े और छोटे सब्जी बाजार जो कि भीड़ भरे रहते थे। वहां संक्रमण के खतरे के मद्देनजर शहर भर के ज्यादातर बाजारों को बंद करा दिया गया है। उनके बदले साइंस कालेज मैदान, आउटडोर स्टेडियम, सुभाष स्टेडियम और रावणभाठा बस स्टैंड में अस्थायी सब्जी बाजार बनाये गए हैं। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करवाया जा रहा है। वहीं ठेलों में रखकर मोहल्लों में घूम घूमकर सब्जी बेचने वालों से भी कहा गया है कि वे मास्क आदि लगाकर रहे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

07-03-2020
सहारा इंडिया की सोसायटी पर उपभोक्ता फोरम ने लगाया 3.70 लाख हर्जाना

दुर्ग। उपभोक्ता को परिपक्वता राशि का भुगतान समय पर नहीं करने के कृत्य को व्यवसायिक कदाचरण और सेवा में निम्नता मानते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के लखनऊ स्थित मुख्य कार्यालय के प्रबंधक और पद्मनाभपुर दुर्ग स्थित शाखा कार्यालय के प्रबंधक के खिलाफ आदेश पारित किया और 3 लाख 69 हजार 09 सौ रुपये हर्जाना लगाया।

क्या है मामला
डिपरापारा दुर्ग निवासी कमला बाई साहू ने एजेंट के माध्यम से सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड की जमा योजना में दिनांक 26.12.2016 को 3 लाख रुपये 18 माह के लिये जमा किया था। परिपक्वता पर उसे 348900 रुपये प्राप्त होने थे। परिपक्वता अवधि पश्चात उसने अनावेदकगण के कार्यालय में संपर्क किया लेकिन परिपक्वता राशि का भुगतान नहीं किया गया। परिवादिनी ने परेशान होकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से रजिस्टर्ड नोटिस भी भिजवाई, इसके बाद भी उसे उसकी परिपक्वता राशि नहीं मिली।

अनावेदकगण का जवाब
अनावेदकगण ने जवाब दिया कि आर्थिक संकट एवं वित्तीय बाधा के कारण संपूर्ण मैच्योरिटी राशि का भुगतान एक साथ करने में सोसाइटी असमर्थ थी इसलिए परिवादिनी से अनुरोध किया गया था कि वह किस्तों में अपनी राशि प्राप्त कर ले किंतु परिवादिनी ने किस्तों में राशि लेने से मना कर दिया और भुगतान के लिए मूल प्रमाण पत्र सरेंडर नहीं किया। सोसाइटी ने भुगतान करने से मना नहीं किया है।

फोरम का फैसला
प्रकरण में पेश दस्तावेजों के आधार पर जिला उपभोक्ता फोरम ने यह प्रमाणित पाया कि परिपक्वता के बाद भी अनावेदकगण ने परिवादिनी को उसकी परिपक्वता राशि का मय ब्याज भुगतान नहीं किया गया जो कि व्यवसायिक कदाचरण एवं सेवा में निम्नता की श्रेणी में आने वाला कृत्य है।

जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने  कंपनी पर 3 लाख 69 हजार 09 सौ रुपये हर्जाना लगाया, जिसमें परिपक्वता राशि 369900 रुपये, मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 20000 रुपये तथा वाद व्यय रु. 1000 अदा करने का आदेश दिया, परिपक्वता राशि पर 6% वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा।

 

06-03-2020
मर्सिडीज़ से लेकर स्कार्पियों में भारी छूट, बीएस-4 वाहनों की खरीदी का अंतिम माह

रायपुर। उपभोक्ताओं के लिए सस्ते में कार और बाइक खरीदने का आखिरी महीना चल रहा है। कारोबारियों की माने तो बीएस-4 मॉडल की गाड़ियों की बिक्री का अंतिम माह होने के कारण चारपहिया और दुपहिया दोनों वाहनों में भारी छूट दी जा रही है। वहीं अप्रैल में कार-बाइक के दाम बढ़ेंगे। आटोमोबाईल कंपनियां बाइक में 10 हजार रुपए की छूट और एक लाख रूपए से तीन लाख रुपए तक की छूट दे रहे है। बता दें कि जनवरी 2020 से ही बीएस-4 वाहनों की बिलिंग बंद हो जाने के कारण कंपनियों ने बीएस-6 वाहनों की बिलिंग शुरू कर दी है। इसके कारण संस्थानों में बीएस-4 वाहनों का स्टॉक काफी कम हो गई है। कुछ दोपहिया कंपनियां बीएस-4 वाहनों में डील टू डील ऑफर दे रहे हैं। यानी जो वाहन नहीं निकल रहे हैं, उनमें ज्यादा छूट दी जा रही है। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बीएस-4 वाहनों का स्टॉक खाली करने की रणनीति तैयार कर ली है। इसके तहत महिन्द्रा स्कॉर्पियो से लेकर मर्सिडीज़ तक छूट की बारिश हो रही है। कंपनियां बीएस-4 वाहनों पर जबरदस्त छूट दे रही हैं।

02-03-2020
रकम लेकर बिल्डर नहीं बनाया मकान, उपभोक्ता फोरम ने लगाया 4.58 लाख हर्जाना 

दुर्ग। बिल्डर ने जमीन सहित मकान के लिए उपभोक्ता से इकरारनामा किया और जमीन की कीमत पूरी प्राप्त कर ली लेकिन ना तो जमीन की रजिस्ट्री की और ना ही मकान का निर्माण शुरू किया। इसे उपभोक्ता के प्रति व्यावसायिक कदाचरण और सेवा में निम्नतापूर्ण आचरण मानते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने बहुत भोंसलेस प्रॉपर्टीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड रायपुर के डायरेक्टर राजीव भोंसले एवं राहुल भोंसले पर 4.58 लाख रुपये  हर्जाना लगाया। 

ग्राहक की शिकायत
अंबिकापुर जिला सरगुजा निवासी परिवादिनी रंजना सिंह ठाकुर ने कुम्हारी स्थित लोटस साईं सिटी ड्रीम्स कैवल्यधाम के पास जमीन सहित मकान के लिए 21 लाख रुपये में भोंसलेस प्रॉपर्टीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड रायपुर के डायरेक्टर राजीव भोंसले एवं राहुल भोंसले के साथ इकरारनामा करके 432100 रुपये भुगतान किया, जिसके तहत भूमि की रजिस्ट्री 60 दिन में करने के बाद मकान का निर्माण शुरू किया जाना था परंतु बिल्डर ने ना तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और ना ही मकान का निर्माण शुरू करवाया और परिवादी से बकाया रकम की मांग भी नहीं की। परिवादिनी ने मकान के लिए ऋण लिया था जिस पर उसके द्वारा प्रतिमाह ब्याज भी दिया जा रहा था। प्रकरण में अनावेदक बिल्डर कंपनी के डायरेक्टर बचाव के लिए उपस्थित नहीं हुए।

फोरम का फैसला
जिला उपभोक्ता फोरम ने प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्य एवं दस्तावेजों आधार पर विचारण पश्चात यह सिद्ध पाया कि अनावेदक बिल्डर कंपनी ने परिवादिनी से रकम लेने के बाद भी तय शर्त के अनुसार भूमि की रजिस्ट्री नहीं कराई ना ही मकान का निर्माण कार्य शुरू किया। अधिवक्ता नोटिस के माध्यम से राशि की मांग किए जाने पर राशि भी नहीं लौटाई। यह व्यवसायिक दुराचरण और सेवा में निम्नता की श्रेणी में आने वाला कृत्य है। 

जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व  लता चंद्राकर ने बिल्डर पर 4लाख 58 हजार 100 रुपये हर्जाना लगाया, जिसके तहत अनावेदक कंपनी के डायरेक्टर राजीव भोंसले एवं राहुल भोंसले को जमा राशि 4 लाख 32 हजार 100 रुपये, मानसिक व आर्थिक कष्ट की क्षतिपूर्ति स्वरूप 25000 रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 1000 रुपये देना होगा। इसके साथ ही जमा राशि पर दिनांक 14 जुलाई 2015 से 6 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा।

02-03-2020
घरेलू गैस सिलिंडर के दाम हुए कम, उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

नई दिल्ली। घरेलू गैस सिलिंडर के दाम से हर कोई परेशान थे। लेकिन अब उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई है। आठ महीने में पहली बार सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलिंडर पर दाम गिरे हैं। अब सिलिंडर 816.50 रुपये का मिलेगा, खाते में सब्सिडी अलग पहुंचेगी। इससे पहले पिछले साल अगस्त में कीमत कम हुई थी। पिछले साल जुलाई में 649 रुपये घरेलू सिलिंडर की कीमत थी। इसमें 157.41 रुपये बतौर सब्सिडी ग्राहक के खाते में पहुंचते थे। अगस्त में 62.50 रुपये कम करते हुए सिलिंडर के दाम 586.50 रुपये कर दिए। इसके बाद हर महीने सिलिंडर के दाम बढ़ाए गए।  

 

25-02-2020
मोबाइल दुकानदार के खिलाफ फर्जीवाड़े का मामला दर्ज

रायपुर। मोबाइल शॉप पर नंबर पोर्ट कराने गए उपभोक्ता के आधार कार्ड और थंब निशान लेकर दुकानदार ने दो लोगों के खाते से हजारों रुपए निकाल पार कर दिए। मामले की रिपोर्ट पुरानी बस्ती थाने में दर्ज की गई है। मिली जानकारी के अनुसार सोनकरपारा निवासी रमेश कुमार आहूजा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि प्रार्थी 2 दिसंबर से 30 दिसंबर के मध्य अपना मोबाइल फोन बनवाने पुरानी बस्ती स्थित एक मोबाइल दुकान में दिया था। फार्मेल्टी के रूप में आधार कार्ड, थम इंप्रेशन लेकर प्रार्थी के खाते से रुपये निकाल लिया। वहीं सोनारपारा निवासी नंदकिशोर अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि प्रार्थी 25 जनवरी को उक्त मोबाइल शॉप में अपना मोबाइल पोर्ट कराने दिया था। दुकान संचालक ने फार्मेल्टी के रूप में आधार कार्ड व थंम इंप्रेशन लिया। इसके बाद प्रार्थी के बैंक के खाते से 10 हजार पार कर दिए। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने दुकानदार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर धारा 420 के तहत अपराध कायम कर जांच में लिया है। 

 

19-01-2020
इंटरनेट पर वैसी भी देखी जाती है गंदी फिल्मे, पाबंदी से नहीं पड़ता कोई फर्क : वीके सारस्वत

नई दिल्ली। कश्मीर में इंटरनेट पर लगी पाबंदी पर नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने एक विवादस्पद बयान दिया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर में इंटरनेट पर पाबंदी है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता वैसे भी उस पर गंदी फिल्में ही देखी जाती है। उन्होंने कहा, 'अगर कश्मीर में इंटरनेट न हो तो क्या फर्क पड़ता है? आप इंटरनेट पर क्या देखते हैं? वहां क्या ई-टेलिंग हो रही है? गंदी फिल्में देखने के अलावा आप उस पर (इंटरनेट) कुछ भी नहीं करते हैं। सारस्वत ने आगे कहा कि नेता दिल्ली की तरह कश्मीर में आंदोलन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'ये जो नेता वहां जाना चाहते हैं वह इसलिए जाना चाहते हैं ताकि जो आंदोलन दिल्ली की सड़कों पर हो रहा है वह उसे वहां करना चाहते हैं। सारस्वत ने कहा, 'एक तरीका होता है। कश्मीर में इंटरनेट बंद है क्योंकि उसकी एक वजह है। कश्मीर में अगर अनुच्छेद 370 को हमें प्रख्यात करना है और कश्मीर को एक राज्य के तौर पर आगे लाना है तो हमें मालूम है कि वहां कुछ ऐसे लोग हैं, कुछ ऐसे तत्व हैं जो इस तरह की सूचना का दुरुपयोग करेंगे। हम वहां जो कानून व्यवस्था लाना चाहते हैं वह उसे खराब करेंगे।' बता दें कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पूरे प्रदेश में बंद प्रीपेड मोबाइल सेवा पांच महीने बाद बहाल कर दी गई है। इस पर एसएमएस सुविधा भी मिलेगी। जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों तथा कश्मीर संभाग के दो जिलों कुपवाड़ा व बांदीपोरा में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू कर दी गई है। मोबाइल इंटरनेट का लाभ केवल पोस्टपेड मोबाइल उपभोक्ता ही उठा सकेंगे। सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने बताया कि 153 वेबसाइट की सूची (व्हाइट लिस्ट) जारी की गई है, जिनका उपभोक्ता लाभ उठा सकेंगे। सभी मोबाइल कंपनियों को जरूरी हिदायत दे दी गई है।  

 

04-01-2020
अगले हफ्ते से लोगों को मिलेगी प्याज की कीमत से राहत, तेजी से घट रहे दाम

नई दिल्ली। कीमतों में तेज गिरावट से अगले सप्ताह से लोगों को प्याज के आसमान छूते दाम से राहत मिलने की उम्मीद है। देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में इसकी कीमत गिरकर 35 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। एक महीने पहले वहां इसकी कीमत 86 रुपये प्रति किलो थी। दिल्ली की आजादपुर मंडी में भी इसकी कीमत कम होकर 57 रुपये प्रति किलो तक आ गई है। कारोबारियों का कहना है कि अगले सप्ताह यह 50 रुपये से नीचे आ जाएगी। केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में नासिक के पास स्थित लासलगांव मंडी में बृहस्पतिवार को प्याज की औसत कीमत 3,500 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई, जो एक महीने पहले 8,600 रुपये प्रति क्विंटल थी। आजादपुर थोक मंडी में भी शुक्रवार सुबह नासिक वाले प्याज की कीमत 2,100 से 2,200 रुपये प्रति मन थी। अच्छे किस्म के अलवर वाले प्याज की कीमत 2,300 रुपये प्रति मन और आयातित प्याज 2,000 रुपये प्रति मन था।

खपत से ज्यादा पहुंच रहा है प्याज

आजादपुर मंडी में प्याज के थोक कारोबारी राजकुमार ने बताया कि प्याज महंगा होने के बाद से दिल्ली में इसकी खपत तेजी से घटी है। अब इसकी दैनिक खपत घटकर करीब 50 ट्रक रह गई है। दूसरी ओर, नासिक और अलवर से रोजाना 40 से 50 ट्रक और आयातित प्याज के 15 से 20 ट्रक आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय स्वाद नहीं होने, आसानी से नहीं गलने और बड़े आकार की वजह से आयातित प्याज के खरीदार मुश्किल से मिल रहे हैं। ऐसे में सिर्फ होटल से ही इसकी मांग निकल रही है।

तेजी से तैयार हो रही है नई फसल

अधिकारी का कहना है कि खरीफ सीजन में बोयी गई प्याज की फसल अब तेजी से तैयार होने लगी है। इसलिए आने वाले दिनों में इसकी उपलब्धता तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, अभी करीब 50,000 टन प्याज के आयात का ऑर्डर या तो दे दिया गया है या फिर उसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विदेशी प्याज तेजी से भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने भी लगा है।

 

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