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14-10-2020
आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारी,राजभवन से बोरा की छुट्टी,खलखो व कुंजाम को किया गया अटैच

रायपुर। भूपेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया है। तीन आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारी देने के साथ ही अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक सोनवानी बोरा भारतीय प्रशासनिक सेवा (1999) सचिव संसदीय कार्य विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार सचिव राज्यपाल को केवल सचिव राज्यपाल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। शेष प्रभार यथावत रहेगा। अमृत कुमार खलखो भारतीय प्रशासनिक सेवा (2002) आयुक्त बस्तर संभाग जगदलपुर को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक सचिव कृषि विभाग के पद पर पदस्थ किया गया है। सचिव राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसी तरह केडी कुंजाम भारतीय प्रशासनिक सेवा (2009) संयुक्त सचिव सामान्य प्रशासन विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार संयुक्त सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ संयुक्त सचिव राजभवन सचिवालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

 

 

 

27-09-2020
एनसीबी से पूछताछ में तीन बार दीपिका का हुआ ब्रेक डाउन, अफसरों ने जोड़े हाथ, कहा-सवालों का दे जवाब

मुंबई। सुशांत सिंह मौत मामला अब ड्रग्स कनेक्शन पर आकर अटका गया है। इस मामले में बॉलीवुड की हस्तियों की नींद उड़ा दी है। एनसीबी ने ड्रग्स कनेक्शन को लेकर शनिवार को अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से ने पूछताछ की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिका, सारा और रकुल के एनसीबी ने मोबाइल जब्त कर लिए हैं। वहीं रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा रहा है कि एनसीबी के अधिकारी पूछताछ के दौरान दीपिका के सामने हाथ जोड़ लिए। एक रिपोर्ट के अनुसार, जब एनसीबी की टीम दीपिका पादुकोण से ड्रग्स कनेक्शन को लेकर सवाल-जवाब कर रही थी। उस दौरान दीपिका का तीन बार ब्रेक डाउन हुआ।

वे रोने लगी थीं। यह सब देखकर एनसीबी के अधिकारियों ने उन्हें इमोशनल कार्ड न खेलने की नसीहत दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीबी ऑफिसर ने हाथ जोड़कर दीपिका पादुकोण से रोने की बजाए सवालों के जवाब का सही उत्तर देने के लिए कहा था। एनसीबी ने दीपिका को बताया कि अगर वह सब सच बताएंगी तो उनके लिए बेहतर होगा। रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका ने एनसीबी के सामने यह कबूल किया कि करिश्मा से उनकी ड्रग्स को लेकर चैट हुई थी। हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने ड्रग्स लिया है। दरअसल, ड्रग्स चैट जो सामने आई थी उसमें D, K से 'माल' यानी ड्रग्स की मांग कर रही हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि D दीपिका हैं  और K करिश्मा हैं, जो क्वॉन टैलेंट मैनजमेंट एजेंसी की कर्मचारी है। 

 

16-09-2020
स्पंदन कार्यक्रम के जरिये पुलिस के सीनियर अफसर जवानों से कर रहे है संपर्क

रायपुर। आम जानो के साथ-साथ जवानों का भी पूरा ध्यान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार रख रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर जवानों में तनाव खत्म करने स्पंदन कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। स्पंदन कार्यक्रम के तहत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जवानों से लगातार संवाद स्थापित कर रहे हैं। इसी क्रम में डीजीपी डीएम अवस्थी ने 19 अगस्त को वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिसकर्मियों की समस्याओं को सुना और तत्काल निराकरण भी किया। इसी दौरान दंतेवाड़ा के पोटली कैम्प में पदस्थ छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवान केशव कुमार ने बताया कि उनकी दोनों किडनी खराब हैं, गठियावात और मोतियाबिंद भी है। मेरा परिवार दुर्ग में रहता है। घर से दूर रहकर स्वास्थ्य लगातार खराब होता जा रहा है। डीजीपी  अवस्थी ने केशव कुमार के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए तत्काल पोटली से कैंप से दुर्ग पुलिस लाईन स्थानांतरित करने का आदेश जारी करने के निर्देश दिये थे।

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवान केशव कुमार ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा मैं जीवनभर ऋणी रहूंगा। मुख्यमंत्री के शुरू किये गये स्पंदन कार्यक्रम की वजह से मेरी जान बच पायी है।  जिनकी दोनों किडनी खराब हैं और उन्हें इलाज की सख्त जरूरत थी। लेकिन दंतेवाड़ा के पोटली कैंप में पदस्थ  होने की वजह से इलाज नहीं करा पा रहे थे। वीडियो जारी करते हुये उन्होंने कहा कि वे डीजीपी डीएम अवस्थी का भी आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने मुझे वीडियो कॉल किया, पूरी संवेदनशीलता के साथ मेरी समस्या सुनी और तत्काल स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया।   मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर शुरू किये गये स्पंदन कार्यक्रम से पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों में खुशी की लहर है। स्पंदन कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों की परेशानियों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जा रहा है।

 

08-09-2020
जगदलपुर कलेक्टर रजत बंसल के निर्देश पर उद्यानिकी विभाग के अफसरों ने सब्जी बीज दुकानों का निरीक्षण किया

रायपुर/जगदलपुर। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने सब्जी बीज दुकानों का निरीक्षण किया। कलेक्टर रजत बंसल के निर्देशानुसार बस्तर जिले में उद्यानिकी बीज विक्रेताओं की दुकानों में बिक्री किए जा रहे सब्जी बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने द्यानिकी बीज निरीक्षक करन सोनकर व मीना मण्डावी ने जगदलपुर शहर के तीन दुकानों का निरीक्षण कर बीजों के 10 सैंपल लिए गये। निरीक्षण का उद्देश्य सब्जी के गुणवत्ता युक्त बीज विक्रय के साथ ही अवैध रूप से विक्रय कर रहे विक्रेताओं पर नकेल कसने के लिए किया गया।

06-09-2020
नारायणपुर कलेक्टर ने गिरदावरी के बारे में पूछा राजस्व अफसर और पटवारियों से,कहा- इस काम को गम्भीरता से ले

रायपुर/नारायणपुर। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने राजस्व अधिकारियों सहित पटवारियों के कार्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पूरे प्रदेश सहित जिले में गिरदावरी का कार्य चल रहा है, जो कि बहुत ही महत्वपूर्ण है। गिरदावरी के इस कार्य को सभी पटवारी पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ करें, इस कार्य में किसी भी प्रकार की त्रृटि, लापरवाही या असावधानी की कहीं कोई गुंजाईश नहीं है। कलेक्टर ने सभी पटवारियों से कड़े शब्दों में कहा कि अगर किसी पटवारी की ओर से किये गये गिरदावरी के काम में एक त्रुटि मिलती है, तो उनकी वेतन वृद्धि रोकी जायेगी। वहीं अगर पांच त्रुटियां होती हैं, तो उनके निलंबन की कार्यवाही की जायेगी। बैठक में एसडीएम दिनेश कुमार नाग, डिप्टी कलेक्टर द्वय गौरीशंकर नाग, वैभव क्षेत्रज्ञ, निधि साहू के अलावा उपसंचालक कृषि बघेल, अधीक्षक भू-अभिलेख आकाश भारद्वाज के अलावा राजस्व निरीक्षण एवं पटवारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि बीते दिनों नारायणपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों का निरीक्षण किया गया। जिसमें पाया गया कि कुछ पटवारियों की ओर से गिरदावरी का वास्तविक आंकलन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पटवारियों से कहा कि वे मौके पर जाकर किसानों से लगायी गयी वास्तविक रकबे का ही सर्वे करें। इस कार्य में गांव के लोगों को भी शामिल करें, और ऐसी फोटोग्राफ लेवें, जिससे उस जगह की पहचान की जा सके। गिरदावरी कार्य में तालाब, मेड़, नाला, डबरी, बाड़ी, कुआ आदि हो तो उन्हें शामिल नहीं करें। उन्होंने पटवारियों से कहा कि वे मौके पर जाकर गिरदावरी का कार्य करें। वास्तविक लगायी गयी फसल का ही आंकलन करें और दर्ज करें। उल्लेखनीय है कि जिले में गिरदावरी के अंतर्गत 82 प्रतिशत ऑफलाइन गिरदावरी का कार्य किया जा चुका है। वहीं 63 प्रतिशत से ऑनलाइन एंट्री की जा चुकी है। बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि जिले के अनेक स्थानों पर शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा किया गया है। ऐसे बेजा कब्जे वाले स्थानों की सूची बनाकर पटवारी तत्काल संबंधित तहसीलदार के पास रिपोर्ट दर्ज करायें और अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में कलेक्टर ने पटवारियों से उनके द्वारा किय जा रहे कार्यों की बारी-बारी से जानकारी ली।

04-09-2020
कोरोना वायरस के संक्रमण और उससे बचाव के लिये राजभवन में अफसर कर्मचारियों के लिए कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर। राजभवन में आज कोरोना वायरस के संक्रमण और उसके बचाव के संबंध में  अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक डब्लयूएचओ के प्रतिनिधि के रूप में डॉ.प्रणीत फटाले, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण संस्थान के संचालक, डॉ.अमर सिंह ठाकुर ने कोरोना वायरस के संक्रमण के बारे में जानकारी दी और शंकाओं का समाधान किया। डॉ.अमर सिंह और डॉ.प्रणीत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण का फैलाव हो रहा है। नागरिकों को अब विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि आत्मबल बनाएं रखने और जागरूक होने की आवश्यकता है। इससे संक्रमित होने वाले अधिकतर मरीज स्वस्थ हो रहे है। डॉ.प्रणीत ने कहा कि भीड़-भाड़ वाले स्थान पर कम जाए। यदि बाहर जाने की जरूरत पड़ती है तो आपस में न्यूनतम एक मीटर की दूरी रखें, हमेशा मास्क का उपयोग करें और बार-बार साबुन से हाथ धोयें। उन्होंने बताया कि जब हम खांसते, छीकतें है तो वायरस निकलता है और प्रकृति में भारी होने पर यह नीचे गिर जाता है। यदि हम दूरी बनाए रखेंगे तो यह हमें प्रभावित नहीं करेगा।

वायरस के संपर्क में आने पर बीमारी का फैलाव होगा। अतः हम जिस सतह या वस्तु का उपयोग करते है उसे बार-बार सेनेटाइज करते रहे और उपयोग करने के बाद अपने हाथों को जरूर धोयें। उन्होंने बताया कि घर के फर्श को साफ करने के लिए ब्लीचिंग पावडर या एल्कोहल युक्त सॉल्यूशन का उपयोग कर सकते है। डॉ.अमर ने बताया कि शासन द्वारा कोविड-19 के इलाज के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। विशेष रूप से कोविड-19 अस्पताल बनाए जा रहे हैं,जिसमें बिना लक्षण वाले और लक्षण वाले मरीजों को अलग-अलग रखकर उपचार की व्यवस्था है। इस समय आम जनता को भी सहयोग करने की आवश्यकता है। कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना मिलने पर सबसे पहले अपने आप को आइसोलेट करे और परिवार की सुरक्षा करें। उन्होंने सुझाव दिया कि समुदाय भी इस बीमारी से बचाव के लिए सहयोग करें। हम अपने मोहल्ले, कालोनी या ग्राम पंचायत में आपसी सहयोग से पृथक आवास की व्यवस्था कर कोविड-19 के बिना लक्षण वाले मरीजों को रख सकते हैं और चिकित्सक के मार्गदर्शन में अपना इलाज भी करा सकते हैं। उन्होंने कहा आम जनता अधिकृत समाचारों पर भरोसा करें। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि सर्दी, बुखार या कोरोना से जुड़े अन्य लक्षण होने पर अपना परीक्षण अवश्य कराएं। परीक्षण करवाने से बीमारी के बारे में जानकारी मिलेगी और सही समय में इलाज कराया जा सकेगा। कार्यक्रम में राजभवन के नियंत्रक हरवंश मिरी, राजभवन के चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपल पुरोहित,डॉ. सुनीति मंगुलकर, डॉ.शिशिर साहू और अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 

02-09-2020
जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं अफसर और कर्मचारी, जवाब देने के लिए 3 दिन का नोटिस, नहीं दिया तो होगी कार्यवाही

रायपुर। शासन की ओर से कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से बचाव एवं रोकथाम के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर कांटेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलॉस, कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल ले जाने, कंटेनमेंट जोन बनाने और अन्य दायित्व सौंपे गए हैं। कई अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी इन कार्यों के लिए लगाई गई है। कुछ अधिकारी- कर्मचारी उन्हें सौपे गए दायित्वों के निर्वहन में रूचि नहीं ले रहे हैं। इस लापरवाही के साथ-साथ इंसिडेंट कमांडर के निर्देशों की अवहेलना करते हुए अनुशासनहीनता और आपदा प्रबंधन कार्य में बाधा कारित कर रहे हैं। कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने निर्देश दिए हैं कि, आपदा प्रबंधन कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले लापरवाह,अनुशासनहीन अधिकारियों-कर्मचारी को तत्काल 3 दिन का समय देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।

 नोटिस अनिवार्यत: तामिल कराने के निर्देश दिए कलेक्टर ने दिए हैं। संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के जवाब प्रस्तुत नहीं करने या उनके प्रस्तुत जवाब संतोषप्रद नहीं प्रतीत होने पर उनके विरुद्ध लघु दीर्घ शास्ति अधिरोपित करने के लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए स्पष्ट प्रस्ताव वित्त शाखा को प्रेषित करने कहा गया है। कलेक्टर ने कहा है कि, यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी की गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के कारण आपदा प्रबंधन कार्य में गंभीर वाधा उत्पन्न हुई हो तो ऐसे प्रकरणों में संबंधित अधिकारी कर्मचारी को उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने विषयक तथ्यों का उल्लेख करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। संबंधित की ओर से प्रस्तुत जवाब समाधनकारक नहीं होने या समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर, ऐसे अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध संबंधित पुलिस थाना में भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51-60, एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट 1897 यथासंशोधित 2020 की सुसंगत धाराओं एवं राज्य शासन की ओर सेजारी रेगुलेशन 2020 के अधीन एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसी प्रकार आपदा प्रबंधन कार्य में बाधा पहुंचाने, वांछित जानकारी देने से इंकार करने, गलत जानकारी देने या आपदा प्रबंधन कार्य में संलग्न अधिकारी-कर्मचारी से दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी उपरोक्तानुसार कार्यवाही तय की जाए।

 

13-08-2020
समाज कल्याण विभाग के 8 अफसरों का अस्थाई पदस्थापना आदेश जारी

रायपुर। समाज कल्याण विभाग के आठ अधिकारियों का आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थापना आदेश जारी किया है राज्य शासन ने। मंत्रालय महानदी भवन से समाज कल्याण विभाग की ओर से इस आशय का आदेश जारी कर दिया गया है। अधीक्षक सुचिता मिंज प्रभारी उप संचालक और  अधीक्षक शासकीय श्रवण बाधितार्थ विद्यालय जशपुर को प्रभारी उप संचालक जिला जशपुर के पद पर पदस्थ किया गया हैै। सहायक संचालक नदीम काजी प्रभारी उप संचालक कोण्डागांव को प्रभारी उप संचालक बालोद, सहायक संचालक धर्मेंद्र साहू प्रभारी उप संचालक महासमुंद को संचालक कार्यालय, समाज कल्याण रायपुर में उप संचालक पद पर नवीन पदस्थापना दी गई है।

इसी तरह अधीक्षक संगीता सिंह शासकीय श्रवण व दृष्टि बाधित विद्यालय मठपुरैना, रायपुर को प्रभारी उप संचालक, महासमुंद, अधीक्षक वैशाली मरड़वार श्रवण बाधित विद्यालय, धमतरी को प्रभारी उप संचालक जिला बस्तर, अधीक्षक  अरविंद गेडाम, शासकीय बौद्धिक मंदता विद्यालय बीजापुर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, बेनेदिक्ता तिर्की, अधीक्षक बौद्धिक मंदता विद्यालय, नारायणपुर को प्रभारी उप संचालक, सूरजपुर और उपसंचालक आर.एन.बोस उप संचालक, राज्य संसाधन व पुनर्वास केन्द्र रायपुर को संचालक कार्यालय, समाज कल्याण रायपुर में उप संचालक के पद पर नवीन पदस्थापना दी गई है।

 

29-07-2020
वर्मी कम्पोस्ट की खरीदी गौठान समितियों से ही की जाए,कोंडागांव में अफसरों की बैठक में कृषि सचिव का निर्देश

रायपुर/कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ शासन के कृषि सचिव धनंजय देवांगन की अध्यक्षता में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की मंगलवार को बैठक  हुई। कलेक्टर केएल चौहान, पुलिस अधीक्षक एमआर अहिरे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति थे। बैठक में प्रभारी सचिव देवांगन की ओर से निर्देशित किया गया कि वर्मी कम्पोस्ट की खरीदी गौठान समितियों से ही किया जाये। किसान भी वर्मी कम्पोस्ट खरीदना चाहें तो उन्हें गौठान समिति से प्रदाय किया जावे, विक्रय के लिए गौठान में वर्मी कम्पोस्ट उपलब्ध होने की जानकारी किसानों को हो सके, इसके लिए प्रचार-प्रसार किया जाये। गोबर खरीदी के प्रतिदिन के मॉनिटरिंग  के लिए गौठानवार नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बचाव एवं ऐहतियात बरतते हुए अधिकारी-कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। प्रभारी सचिव देवांगन ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गोबर की आवक को ध्यान में रखते हुए वर्मी कम्पोस्ट बनाने केंचुआ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करायें। कार्ययोजना बनाकर कोदो, कुटकी, दलहन, तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिये। वन अधिकार पट्टाधारियों को भूमि समतलीकरण से लाभान्वित करने और किसान सम्मान निधि में शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश भी दिये गये। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक उचित मूल्य की दुकानों में खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करायें और समय पर किसानों को वितरण कराना सुनिश्चित करें। जिले में जहां पर गौठान की आवश्यकता है और जगह की कमी है, उस स्थान पर सामुदायिक वन अधिकार पट्टा के माध्यम से भूमि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

प्रभारी सचिव देवांगन ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार की मंशानुरूप नरवा के स्वीकृत कार्य को शीघ्र पूर्ण करायें व सिंचाई पानी से किसानों को लाभान्वित भी करें।  उन्होंने ग्राम लखनपुरी में बनाई गई घुरवा का प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बरसात के पश्चात जिले के सभी विकासखण्डों में इसी प्रकार की घुरवा बनाई जाये। कलेक्टर केएल चौहान ने वन अधिकार पट्टा की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में पिछले वर्ष 23 हजार 819 व्यक्तिगत, 989 सामुदायिक और 18 वन संसाधन के पट्टा वितरण किया गया है। इस वर्ष 4507 सामुदायिक और 3038 व्यक्तिगत प्रकरण का जिला स्तरीय वन अधिकार समितियों के माध्यम से अनुमोदित किया गया है। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना में 32 शिविर के माध्यम से 38,891 मरीजों का उपचार कराया गया है। जिस पर प्रभारी सचिव ने औसत से कम मरीजों का ईलाज करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हाट-बाजार क्लिनिक योजना को प्राथमिकता के साथ प्रभावी बनायें। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को सूखा राशन घर-घर जाकर वितरण करायें और बच्चों के वजन का सत्यापन कराया जाये, कुपोषण में कमी लाने के लिए प्रत्येक घरों में मुनगा के पौधे लगाने के निर्देश भी दिये गये।

 

26-07-2020
 नई पानी टंकियों के काम में तेजी लाएं, लेटलतीफी न करें अफसर: वोरा

दुर्ग। विधायक अरूण वोरा के प्रयासों से दुर्ग नगर निगम में अमृत मिशन योजना के तहत 12 स्थानों पर 19 करोड़ 60 लाख 22 हजार 150 रुपए की लागत से 12 स्थानों पर ओवरहेड टंकियों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इन टंकियों का निर्माण पूरा होने पर नई टंकियों से पानी सप्लाई शुरू होगी। विधायक वोरा ने कहा कि इन टंकियों के निर्माण के साथ वार्डों में पाइपलाइन बिछाने का काम भी चल रहा है। ये काम होने पर जलसंकट और गंदे पानी की सप्लाई जैसी समस्याएं खत्म होगी। अमृत मिशन योजना के तहत गिरधारी नगर, ट्रासपोर्ट नगर, हनुमान नगर,पुलगांव,पुरानी गंजमण्डी, पद्मनाभपुर,शक्ति नगर,शनिचरी बाजार, 11 एमएलडी और 24 एमएलडी,शंकरनगर में ओव्हरहेड टैंकों का निर्माण किया जा रहा है। वोरा ने कहा कि शहर को टैंकर मुक्त बनाने और शुद्ध पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।

निगम अफसरों ने वोरा को बताया कि अमृत मिशन प्रोजेक्ट का काम कर रही लक्ष्मी इंजीनियरिंग सर्विस लिमिटेड को 2 वर्षो में प्रोजेक्ट पूरा करना था। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में 6 माह का अतिरिक्त समय शासन द्वारा दिया गया है। वोरा ने निगम अफसरों से ओव्हरहेड टैंकों का निर्माण तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। ताकि आम जनता को भरपूर पानी मिल सके। मल्टीलेवल पार्किंग, मुक्तिधाम, पुलगांव नाला डायवर्शन सहित अन्य कार्य भी कराएं
वोरा ने निगम अफसरों से दुर्ग शहर का चहुमुंखी विकास करने सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का काम पूरा करने कहा है। शंकर नाला सुदृढ़ीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग, पुलगांव नाला डायवर्सन, शिवनाथ नदी को प्रदूषण से बचाने और ठगड़ा बांध का संरक्षण व सौंदर्यीकरण करने के साथ मुक्तिधाम के संधारण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

 

15-07-2020
कलेक्टर ने अफसरों से कहा, ब्लाक मुख्यालय में करें निवास,शिफ्ट होने के लिए एक महीने का दिया समय

दुर्ग। कलेक्टर डाॅ.सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने समय-सीमा की पहली बैठक में अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों को समयसीमा के भीतर प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत निराकरण करें। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गांरटी अधिनियम शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल योजना है। अधिनियम अंतर्गत जो भी आवेदन प्राप्त होते है उसका गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाना अधिनियम का मूल उद्देश्य है। अधिनियम अंतर्गत लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि मई 2020 तक जितने भी आवेदन प्राप्त हुए हैं, उनका निराकरण अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर अगले समय-सीमा की बैठक के पूर्व हो जानी चाहिए। जिन विभागों में अधिक आवेदन लंबित है, ऐसे अधिकारी से उन्होंने आवेदनों के लंबित होने के वजहों की जानकारी लेते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि बेवजह कोई भी आवेदन लंबित न रहे, यह सभी अधिकारी सुनिश्चित कर लें। कलेक्टर ने विभागीय कार्यों को स्थानीय स्तर पर गति देने और योजनाओं का क्रियान्वयन को मूर्तरूप देने के लिए ब्लाक लेबल के अधिकारियों को ब्लाक मुख्यालय में अनिवार्य रूप से निवास करने कहा है। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर ऐसे सभी अधिकारियों को मुख्यालय में शिफ्ट होने निर्देशित किया है। ब्लाक लेवल पर मुख्यालय नहीं बनाने की दशा में सख्त कार्रवाई होने की चेतावनी दी है।

छत्तीसगढ़ शासन की अति महत्वकांक्षी योजना गौ-धन न्याय योजना प्रारंभ होने जा रही है। योजना अंतर्गत पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुर्नजीवित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही योजना अंतर्गत पशुपालकों के आमदनी में इजाफा करना है। योजना का शुभारंभ 20 जुलाई को विकासखण्ड पाटन के गौठानों से किया जाना संभावित है। जिले के गौठानों में संचालित गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि शुभारंभ अवसर पर पाटन के साथ ही धमधा एवं दुर्ग विकासखण्ड के साथ-साथ नगरीय निकाय क्षेत्रों में गौठानों में भी इसकी विधिवत शुरूवात होगी। गौठान संचालन से संबंधित विभागीय अधिकारियों से कहा है कि योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसका क्रियान्वयन किया जाना है। योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो यह सुनिश्चित किया जाना है। गौ-धन न्याय योजना अंतर्गत पशुपालकों से 2 रुपए प्रतिकिलो की दर से गोबर की खरीदी गौठान समिति द्वारा की जाएगी। गौठान समिति के द्वारा वर्मी खाद बनाकर 8 रुपए प्रतिकिलो की दर से विक्रय किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी की भी नियुक्ति की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जिले में 216 गौठान बनाए गए है जहां से योजना का क्रियान्यवन किया जाएगा। उन्होंने पशुपालन विभाग से कहा है कि वर्मी कम्पोस्ट के लिए सभी तैयारी कर लेवें। समिति को प्रशिक्षण एवं अन्य गतिविधियों से रूबरू करा लें। गौठान में गोबर संग्रहण के आधार पर उपलब्ध कम्पोस्ट किट की जानकारी लेते हुए कहा है कि पर्याप्त संख्या में कम्पोस्ट किट की उपलब्धता सुनिश्चित कर लेवें।

 

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