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17-06-2021
योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज

रायपुर। पूरी दुनिया में योग का लोहा मनवा चुके बाबा रामदेव की मुश्किले कम नहीं होती दिख रही है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का है। यहां बाबा रामदेव का पूरा नाम योग गुरु राम कृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव के खिलाफ मइंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की शिकायत पर एफआईआर दर्ज किया गया है। सिविल लाइन थाना में बाबा रामदेव के खिलाफ धारा विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। 26 मई को आईएमए पदाधिकारियों की ओर से दिए गए आवेदन में कहा था कि रामकृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव वल्द रामनिवास यादव स्थाई पता सैय्यद अलीपुर कस्बा नांगल चौधरी जिला महेन्द्रगढ हरियाणा अस्थायी पता पतंजलि योगपीठ, महर्षि दयानंद ग्राम, दिल्ली- हरिद्वार नेशनल हाइवे नियर बहदरबाद हरिद्वार (उत्तराखंड) की ओर सेचिकित्सक समुदाय और कोरोना संक्रमण काल के दौरान दवाइयों के बारे मे दुष्प्रचार, केंद्रीय महामारी एक्ट का उल्लघंन, विद्वेष की भावना से भ्रम फैलाने, आम जनता और स्वास्थय सेवाओं से जुड़े लोगों की जानमाल को खतरे में डालने के संबंध में बयान दिया था। इसके बाद पुलिस ने शिकायत पत्र जांच पर पाया गया कि छग शासन के आदेश पर विभिन्न धाराओं तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और महामारी अधिनियम का स्पष्ट उल्लघंन पाए जाने से धारा सदर का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

17-06-2021
आज है विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस 

रायपुर। हर साल आज ही के दिन विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इस समय दुनिया भर में पर्यावरण को लेकर जब भी बात होती है तो ग्लोबल वार्मिंग, वायुप्रदूषण का प्रमुख तौर पर जिक्र होता है। जलवायु परिवर्तन के नाम पर भी दुनिया के मौसम, महासागरों के बढ़ते जलस्तर, बर्फ का पिघलना जैसे मुद्दे छाए रहते हैं। लेकिन ये सब पर्यवारण की समस्याओं का केवल कुछ हिस्सा मात्र है। इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र हर साल 17 जून को मरुस्थलीकरण और सूखे से लड़ने के लिए विश्व दिवस मनाया जाता है। 

क्या है इसका महत्व
इस दिन का महत्व ये है कि लोगों को ये समझाने की कोशिश की जाती है कि जमीन के दुरुपयोग, रेगिस्तान और सूखे के कारण दुनियाभर में कितनी समस्याएं आ रही हैं और इन सबसे कैसे निपटा जा सकता है। इसके जरिए लोगों में ये जागरुकता फैलाई जाती है कि वे किस तरह एक दूसरे के साथ मिलकर इस समस्या से निपटने का रास्ता खोजें। इस साल इस कैंपेन को कोरियन फॉरेस्ट सर्विस के द्वारा होस्ट किया जा रहा है।

14-06-2021
भूमि क्षरण दुनिया के दो तिहाई हिस्से को कर रहा प्रभावित, अनियंत्रित होने पर होगी समस्या : नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के वर्चुअली उच्च स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत में हमने हमेशा भूमि को महत्व दिया है और पवित्र पृथ्वी को अपनी मां के रूप में मानते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में पिछले 10 साल में लगभग 30 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र जोड़ा गया है। इसने संयुक्त वन क्षेत्र को देश के कुल क्षेत्रफल के लगभग 1/4 भाग तक बढ़ा दिया है। हम भूमि क्षरण तटस्थता की अपनी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को प्राप्त करने की राह पर हैं। पीएम मोदी ने कहा कि दुख की बात है कि भूमि क्षरण आज दुनिया के दो तिहाई हिस्से को प्रभावित करता है। अगर इसे अनियंत्रित छोड़ दिया गया तो यह हमारे समाजों, अर्थव्यवस्थाओं, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता की नींव को ही नष्ट कर देगा। उन्होंने कहा कि हम 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर खराब भूमि को बहाल करने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।. यह 2.5-3 बिलियन टन CO2 के बराबर अतिरिक्त कार्बन सिंक को प्राप्त करने की भारत की प्रतिबद्धता में योगदान देगा। पीएम ने कहा कि जमीन सभी के जीवन और आजीविका के लिए जरूरी है। हम सभी समझते हैं कि जीवन का जाल एक दूसरे से जुड़े हुए तंत्र के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि लेकिन दुख की बात है कि भूमि क्षरण आज दुनिया के दो तिहाई हिस्से को प्रभावित कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा,‘वैश्विक रूप से पृथ्वी के भूमि क्षेत्र का दो अरब हेक्टेयर से ज्यादा के क्षेत्र का क्षरण हो गया है, जिसमें कृषि भूमि का आधे से ज्यादा हिस्सा शामिल है। अगर हमने मृदा का प्रबंधन नहीं किया तो 2050 तक 90 प्रतिशत से अधिक भूमि का अवक्रमण हो सकता है।’

 

13-06-2021
नहीं रहे दुनिया के सबसे बड़े परिवार के मुखिया जिओना चाना, 38 पत्नियों और 89 बच्चे के थे पिता

नई द‍िल्‍ली। दुनिया के सबसे बड़े परिवार के मुखिया मिजोरम के जिओना चाना का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनकी 38 पत्नियों और 89 बच्चे हैं। सीएम जोरमथांगा ने यह जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, 'मिजोरम और बकटावंग तलंगनुम में उनका गांव उनके परिवार के कारण राज्य में एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण बन गया है।' जानकारी के मुताब‍िक, जिओना चाना का परिवार 100 कमरों वाले चार मंजिला मकान में रहता है। यह आत्मनिर्भर है। अधिकांश सदस्य किसी ना किसी व्यापार में लगे हुए हैं। उन्होंने आधिकारिक रिकॉर्ड में राज्य में कांग्रेस सरकार की गरीब-समर्थक नई भूमि उपयोग नीति के तहत योजनाओं का सबसे अच्छा उपयोग किया है। इसके अलावा पर‍िवार में 33 पोते-पोतियां और कई परपोते पोतियां भी मौजूद हैं।

09-06-2021
डॉलर हुआ मजबूत, रुपया नौ पैसे टूटा 

मुंबई/रायपुर। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में आ रही मजबूती से अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया मंगलवार को नौ पैसे कमजोर हुआ और कारोबार की समाप्ति पर एक डॉलर 72.89 रुपए का बिका। पिछले कारोबारी दिवस भारतीय मुद्रा 19 पैसे की मजबूती के साथ 72.80 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। रुपए में बुधवार को शुरू में तेजी रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी से रुपया मजबूत हुआ। यह दो पैसे चढ़कर 72.78 रुपए प्रति डॉलर पर खुला और 72.77 रुपए प्रति डॉलर तक चढ़ा। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में तेजी से रुपया बाद में गिरावट में चला गया।

21-05-2021
गौतम अडानी बने एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति,दुनिया के रइसों की लिस्ट में 14वें नंबर पर

नई दिल्ली। उद्योगपति गौतम अडानी एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। वहीं दुनिया में वो 14वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। ब्लूमबर्ग बिलिनियर्स इंडेक्स के मुताबिक भारत के उद्योगपति गौतम चीन के झोंग शनशैन को पीछे छोड़ एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बने हैं। एशिया के दो सबसे अमीर व्यक्ति अब भारत के हैं। पहले नंबर पर मुकेश अंबानी हैं, वहीं दूसरे स्थान पर अब गौतम अडानी आ गए हैं। एशिया में गौतम दूसरे सबसे अमीर ब्लूमबर्ग बिलिनियर्स इंडेक्स के मुताबिक अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की नेटवर्थ इस साल 33.8 अरब डॉलर बढ़ी है। अब उनकी कुल सपंत्ति 67.6 अरब डॉलर हो गई है। इसके बाद वो एशिया के दूसरे सबसे बड़े अमीर बन गए हैं। एशिया में उनसे ज्यादा दौलत रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के पास है, जो एशिया के सबसे अमीर कारोबारी हैं। मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 76.3 अरब डॉलर है।
गौतम अडानी 67.6 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की सूची में 14वें नंबर पर आ गए हैं। दुनियाभर के अमीरों की ब्लूमबर्ग की लिस्ट में भी गौतम अडानी मुकेश अंबानी के ठीक पीछे हैं। अडानी जहां दुनिया के 14वें सबसे अमीर हैं तो 13वें स्थान पर मुकेश अंबानी हैं।

 

14-05-2021
इस देश में कोरोना वैक्सीन ले चुके लोगों को अब मास्क पहनने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। दुनिया के कई देश कोरोना की मार अभी भी झेल रहे हैं। इस बीच अमेरिकी लोगों के लिए राहत की खबर आई है। अमेरिका में कोरोना वैक्सीन की पूरी डोज ले चुके लोगों को अब मास्क पहनने की जरूरत नहीं है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) की ओर से ये गाइडलाइन आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी सीडीसी के पूरी तरह से वैक्सीनेट लोगों के लिए मास्क की आवश्यकता हटाने के  नए दिशानिर्देशों की तारीफ की। हालांकि सीडीसी की ओर से टीकाकरण नहीं कराने वालों को चेतावनी भी दी गई है कि जब तक वे वैक्सीन नहीं ले लेते, तब तक खुद को सुरक्षित रखें। व्हाइट हाउस में बोलते हुए बाइडन ने कह,'कुछ ही घंटों पहले सीडीसी ने अपनी नई गाइडलाइंस में घोषणा की है कि अब पूरी तरह टीकाकरण करवा चुके लोगों को मास्क पहनने की जरूरत नहीं है,चाहे वे घर के बाहर हो या अंदर।

मुझे लगता है कि ये एक बड़ा दिन है और इतने सारे अमेरिकियों को इतनी जल्दी टीका लगाने में हमें जो असाधारण सफलता मिली है,यह उससे ही संभव हुआ है।'बाइडन ने कहा,'पिछले 114 दिनों में हमारे टीकाकरण अभियान ने पूरी दुनिया का नेतृत्व किया है और यह सारे लोगों की कड़ी मेहनत के कारण संभव हो पाया है। वैज्ञानिक,शोधकर्ता,दवा कंपनियां,नेशनल गार्ड,अमेरिकी सेना,फेमा,देश के राज्यपाल, डॉक्टर,नर्स, फार्मासिस्ट। सभी ने मिलकर अमेरिकियों के जीवन को अच्छा बनाने के लिए अधिक से अधिक शॉट मिल सकें उसके लिए अथक प्रयास किया।'  बाइडन ने कहा, 'एक दिन आएगा जब अपने खोए हुए परिजनों को याद करते हुए आपकी आंखों में आंसू से पहले होठों पर मुस्कान आएगी।' साथ ही बाइडेन ने टीका न लेने वाले लोगों को मास्क लगाने की सलाह दी।
उन्होंने आगे कहा, 'देखो हम कितना आगे निकल आए है लेकिन कृपया अपनी सुरक्षा करें । जब तक हम अंत तक नहीं पहुंच जाते है क्योंकि इस घोषणा के बाद हम इसे हल्के में नहीं ले सकते हैं । हम सभी जानते हैं कि यह वायरस कितना खतरनाक है। देश के लिए सबसे जरूरी है कि सभी नागरिकों को टीका लगाया जाए।

 

 

18-04-2021
राष्ट्रीय हीमोफिलिया प्रबंधन सम्मेलनः ‘परिवर्तन के लिए अनुकूलन,बदलती दुनिया में अयोग्यता से योग्यता’

रायपुर।  हीमोफिलिया को लेकर जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से हीमोफिलिया फेडरेशन इंडिया ने हाल ही में ‘नेशनल हीमोफिलिया मैनेजमेंट समिट का आयोजन किया। कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए रोश के सहयोग से हीमोफिलिया के मरीजों, डॉक्टर्स और नीति निर्माताओं के लिए यह सम्मेलन वर्चुअली आयोजित किया गया। समिट ने लोक स्वास्थ्य और देश के हीमोफिलिया समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच अहम जानकारियों का आदान-प्रदान के लिए एक बड़ा अवसर पेश किया और इस सम्मेलन को इसे यूट्यूब और फेसबुक पर स्ट्रीम भी किया गया। इस साल लोगों को जो संदेश इसके जरिए दिया गया है, वह था परिवर्तन के लिए अनुकूलन-अयोग्यता से योग्यता तक।
वैश्विक समुदाय के साथ इस दिन को मनाते हुए सम्मेलन को संसद सदस्य, भुवनेश्वर अपराजिता सारंगी ने संबोधित किया। इस अवसर पर इन अतिथियों ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में डॉ. संजय कांत प्रसाद (उप-मुख्य आयुक्त, विकलांगता, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय, भारत सरकार),
विनीता श्रीवास्तव (राष्ट्रीय सीनियर कंसल्टेंट और कोऑर्डिनेटर, ब्लड सेल- एनएचएम, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय),
डॉ. तुलिका सेठ (प्रोफेसर, एम्स-नई दिल्ली)
दीपा मलिक (पैरालम्पियन और अर्जुन अवार्डी), और
अरमान अली (कार्यकारी निदेशक, एनसीपीईडीपी) शामिल हुए। सम्मेलन की शुरुआत एचएफआई के अध्यक्ष मुकेश गरोडिया के संक्षिप्त संबोधन के साथ हुई। उन्होंने कहा, भले ही हीमोफिलिया को आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 में विकलांगता के तौर पर इंगित किया गया है, इसे एक मानक विकलांगता की श्रेणी में नहीं रखा गया है। इसकी वजह से कई समस्याएं पैदा हो गई हैं, जैसे रोजगार में आरक्षण प्राप्त करने में असमर्थता। इसकी वजह से इससे जूझ रहे मरीजों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक अन्य मोर्चे पर हीमोफिलिया के खिलाफ लड़ाई में हीमोफिलिया को डायग्नोज करना बेहद मुश्किल है और 80ः से अधिक आबादी बिना डायग्नोज के ही रह जाती है। भारत में संभावित 1.3 लाख हीमोफिलिया मरीजों में से केवल 25 हजार ही हीमोफीलिएक्स के तौर पर प्रमाणित है। इन दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने के लिए एचएफआई समय-समय पर विभिन्न प्लेटफार्मों पर इस आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित करती है।” वर्तमान में, प्रभावी और उच्च गुणवत्ता वाली एएचएफ को विदेशी दवा कंपनियों से महंगी लागत और मुश्किल प्रक्रिया से गुजरकर खरीदना पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में एएचएफ की उपलब्धता सीमित है, कई संस्थानों में तो एएचएफ की एक साल की आपूर्ति का इस्तेमाल एक महीने में ही हो जाता है। एचएफआई, वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफिलिया से डोनेशन के जरिए कुछ हद तक कमी को पूरा कर रही है और देशभर के सरकारी अस्पतालों में स्थापित 78 हीमोफिलिया उपचार केंद्रों में स्वतंत्र रूप से वितरित करती है। हालांकि, एचएफआई-डब्ल्यूएफएच एसोसिएशन की यह सहायता पूरी तरह से समस्या का समाधान नहीं करती, जिससे एचएफआई के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह उपचार सुविधाओं में सुधार के लिए रोगी समुदाय के साथ खड़ा रहे और देश में स्थानीय स्तर पर इन दवाओं के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहें।
इस सम्मेलन का आयोजन भारत की प्रमुख दवा कंपनियों में से एक रोश इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग किया गया। इस अवसर पर रोश फार्मा के प्रबंध निदेशक सिम्पसन इमैनुएल ने कहा, ष्हीमोफिलिया के बारे में जागरुकता फैलाते हुए इससे पीड़ित लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। अगर शुरुआत में ही डायग्नोज हो जाता है तो काफी हद तक मरीज की सेहत में सुधार भी हो सकता है। हीमोफिलिया को लेकर लोगों की जागरुकता और डायग्नोज करने के लिए संसाधन की तत्काल आवश्यकता है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी डायग्नोज नहीं हुए हैं। अगर इस रोग का पता जल्दी लगा लिया जाए तो इससे कम नुकसान होता है। मैनेजमेंट की बात करें तो हीमोफीलिया पेशेंट्स में ब्लीडिंग रोकने और रोकने के लिए प्रोफिलैक्सिस स्टैंडर्ड केयर बना हुआ है। ग्लोबली, प्रोफिलैक्सिस ब्लीडिंग, लॉन्ग टर्म कॉम्प्लिकेशंस, और डिसेबिलिटी को कम करने में अत्यधिक प्रभावी साबित हुआ है। यह आर्थाेपेडिक सर्जरी की आवश्यकता को भी कम करता है। इस प्रकार हीमोफीलिया पेशेंट्स की लाइफ क्वालिटी में काफी सुधार हुआ है।

हीमोफीलिया फेडरेशन (इंडिया) के बारे में
1983 में स्थापित, हीमोफीलिया फेडरेशन (इंडिया, एचएफआई) एकमात्र संगठन है, जिसने आज तक हीमोफीलिया समुदाय को व्यापक देखभाल प्रदान करना जारी रखा है। मेडिकल समुदाय से समर्थन के साथ, हीमोफीलिया पीड़ितो के द्वारा स्थापित और संचालित, एचएफआई पूरे भारत में 87 चौप्टर के अपने नेटवर्क के माध्यम से कई प्रकार की सेवाएं प्रदान करता है। कनाड़ा स्थित वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया में एचएफआई इंडिया को बतौर नेशनल मेंबर ऑर्गनाइजेशन रिप्रेजेंट करता है। इसने रोगियों में जागरूकता पैदा करने और पूरे देश में उपचार सुविधाओं को व्यवस्थित करने में बहुत योगदान दिया है।

 

07-04-2021
कोविड-19 मामलों की संख्या दुनिया में 13.22 करोड़ के पार

वाशिंगटन। दुनिया में कोविड-19 मामलों की संख्या 13.22 करोड़ से अधिक हो गई है। वहीं मरने वालों का आंकड़ा 28.7 लाख के पार हो गया है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में अब मामलों की संख्या 13,22,93,566 और मरने वालों की संख्या 28,71,642 हो गई है। वहीं दुनिया में कोरोना वायरस महामारी का सबसे बुरा प्रकोप अब भी अमेरिका झेल रहा है। यहां अब तक सबसे ज्यादा 3,08,45,915 मामले और 5,56,509 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। वहीं 1,31,00,580 मामलों और 3,36,947 मौतों के साथ ब्राजील दूसरे स्थान पर है।
ऐसे देश, जिनमें कोरोना वायरस के 20 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं, उनमें भारत (1,26,86,049), फ्रांस (49,02,025), रूस (45,46,307), यूके (43,79,033), इटली (35,86,707), तुर्की (35,79,185), स्पेन (33,17,948), जर्मनी (33,17,948), जर्मनी, (29,09,902), कोलम्बिया (24,68,236), पोलैंड (24,56,709), अर्जेंटीना (24,28,029) और मैक्सिको (22,56,509) हैं. वहीं मौतों के मामले में मेक्सिको 2,04,985 आंकड़ों के साथ तीसरे नंबर पर है।

25-03-2021
ऑटो रिक्शा में मिला अभिनेता का शव, जूझ रहे थे पैसों की तंगी से

चैन्नई। जाने-माने तमिल अभिनेता विरुत्छगाकांत कौशल का शव चैन्नई में एक ऑटो से बरामद हुआ। एक्टर ने नींद में ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया, अभी मौत का कारण नहीं पता चल पाया है। लेकिन अभिनेता काफी समय से पैसे की तंगी से जूझ रहे थे। खबरों की माने तो अभिनेता अपने माता पिता के निधन के बाद से ही परेशान थे, उनकी परेशानी और बढ़ गई जब उन्हें फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया। पैसों की तंगी के वजह से कई बार उन्हें सड़क के किनारे ऑटो में ही रात गुजारनी पड़ती थी। स्थिति इतनी बिगड़ती चली गई अभिनेता आर्थिक के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक रूप से भी कमजोर पड़ने लगे।

बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले डायरेक्टर साईं धीना ने विरुत्छगाकांत की मदद करने की कोशिश की थी। सोशल मीडिया पर उनके साथ वीडियो शेयर कर अभिनेता को इंडस्ट्री में काम देने की गुहार लगाई थी। उसके बाद भी इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया और अभिनेता को काम नहीं मिला। आखरी बार अभिनेता को 2004 में रिलीज हुई फिल्म "काधल" मे देखा गया था। फिल्म में उन्होंने एक स्ट्रगलिंग एक्टर का रोल प्ले किया था, उनका किरदार छोटा सा था पर उनका एक डायलॉग लोगों के मन में घर कर गया था। इसके बाद जैसे एक्टर के कैरियर पर ब्रेक लग गया हो, वह काम पाने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। अब जब एक्टर का निधन हो गया है, ऐसे में सभी एक्टर्स उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

21-03-2021
अध्ययन में हुआ खुुलासा, दुनिया में चीन की सेना सबसे ताकतवर,भारत चौथे स्थान पर

नई दिल्ली। रक्षा मामलों की वेबसाइट ‘मिलिट्री डायरेक्ट’ रविवार को जारी एक अध्ययन के अनुसार दुनिया में सबसे ताकतवर सेना चीन की है जबकि भारत चौथे स्थान पर है। अध्ययन में कहा गया है, ‘सेना पर भारी भरकम पैसा खर्च करने वाला अमेरिका 74 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद 69 अंकों के साथ रूस तीसरे और 61 अंकों के साथ भारत चौथे तथा 58 अंकों के साथ फ्रांस पांचवें नंबर पर है। ब्रिटेन 43 अंकों के साथ नौवें स्थान पर है।‘
अध्ययन में कहा गया है कि बजट, सक्रिय एवं असक्रिय सैन्य कर्मियों की संख्या, वायु, समुद्री, जमीनी तथा परमाणु संसाधन, औसत वेतन और उपकरणों की संख्या समेत विभिन्न तथ्यों पर विचार करने के बाद ‘सेना की ताकत सूचकांक’ तैयार किया गया। चीन के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है। उसे सूचकांक में 100 में से 82 अंक मिले हैं। बजट, सैनिकों और वायु एवं नौसैन्य क्षमता जैसी चीजों पर आधारित इन अंकों से पता चलता है कि किसी काल्पनिक संघर्ष में विजेता के तौर पर चीन शीर्ष पर आएगा। वेबसाइट में कहा गया है कि अमेरिका दुनिया में सेना पर सबसे अधिक 732 अरब डॉलर खर्च करता है। इसके बाद चीन दूसरे नंबर पर है और वह 261 अरब डॉलर तथा भारत 71 अरब डॉलर खर्च करता है। अध्ययन में कहा गया है कि अगर कोई लड़ाई होती है तो समुद्री लड़ाई में चीन जीतेगा, वायु क्षेत्र में लड़ाई में अमेरिका और जमीनी लड़ाई में रूस जीतेगा।

21-03-2021
वंदे भारत मिशन के जरिए दुनिया के देशों में फंसे 6.7 करोड़ भारतीय को लाया गया वापस

नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी के चलते विभिन्न देशों में फंसे भारतीयों की देश वापसी के लिए चलाए गए 'वंदे भारत मिशन' के जरिए 6.7 करोड़ भारतीयों को वापस लाया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर कहा, "यह सिर्फ दुनिया भर में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने का मिशन नहीं है, बल्कि यह मिशन आशाओं और खुशी का मिशन रहा, जिसने लोगों को बताया कि इस संकट के समय में भी वे अकेले नहीं है। 6.75 करोड़ लोगों की वापसी के बाद भी यह जारी है। भारत ने अपने फंसे हुए नागरिकों को विदेश से वापस लाने के लिए 7 मई 2020 से दुनिया का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया था। इस योजना के तहत 1.9 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिकों को वापस लाने की योजना बनाई गई थी। इस मिशन में पहले एयर इंडिया और उसकी सब्सिडियरी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अहम भूमिका निभाई। बाद में अन्य एयरलाइन कंपनियां भी इसमें शामिल हुईं।

 

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