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24-03-2021
पहली से आठवीं तक के बच्चों को नहीं दिया जाएगा जनरल प्रमोशन, जाने कैसे होगा मूल्यांकन 

भोपाल। प्रदेश में कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों को जनरल प्रमोशन नहीं दिया जाएगा, बल्कि उनको प्रोजेक्ट के बेस पर मार्क्स दिए जाएंगे। वहीं कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं की परीक्षा 12 अप्रैल से शुरू होने के संभावना है। इसकी जानकारी स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार ने दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले वर्ष की तरह इस बार किसी भी कक्षा में जनरल प्रमोशन देने से संबंधित कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं और बताया कि सत्र 2020-21 में पहली से आठवीं तक के छात्रों को हर विषय में 40 अंकों का प्रोजेक्ट वर्क दिया गया है। वहीं 60 अंक ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान कराई गई पढ़ाई के आधार पर दिए जाएंगे। इस तरह प्रोजेक्ट और ऑनलाइन कक्षा के अंकों के आधार पर अंतिम परिणाम तैयार किया जाएगा। राज्य शिक्षा केन्द्र की ओर से 30 दिसम्बर 2020 को जारी निर्देशानुसार, प्रोजेक्ट के मूल्यांकन के उपरांत 31 मार्च तक अंतिम परिणामों की घोषणा कर कक्षोन्नति दे दी जाएगी।

20-03-2021
एक्ट्रेस मौनी रॉय ने बच्चों को पढ़ाया भगवत गीता का पाठ

रायपुर/मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री मौनी रॉय ने लॉकडाउन के बीच स्कूली बच्चों को भगवत गीता का पाठ पढ़ाया है। बता दें कि एक इंटरव्यू में मौनी रॉय ने अपने धार्मिक पहलू के बारे में बात की। मौनी ने कहा, लॉकडाउन के दौरान मैं काफी धार्मिक हो गई थी, मैं तो मानती हूं कि भगवत गीता को स्कूल स्लेबस का हिस्सा बना देना चाहिए। मेरे मुताबिक ये सिर्फ एक धार्मिक किताब नहीं है, बल्कि ये जिंदगी का सार है असल ज्ञान है।

19-03-2021
एकलव्य विद्यालयों में ग्रामीण परिवेश के बच्चों का हो रहा बेहतर भविष्य निर्माण : शम्मी आबिदी

रायपुर। प्रदेश में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्रचार्यों और विशेष शिक्षकों के उन्मुखीकरण और क्षमता विकास प्रशिक्षण सत्र को संचालक आदिम जाति विकास विभाग शम्मी आबिदी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान अर्जन एक सतत प्रक्रिया है। व्यक्ति जीवन भर कुछ  न कुछ सीखता रहता है और अपने ज्ञान में वृद्धि करता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को पढ़ाना और उनका बेहतर भविष्य बननाना एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के प्राचार्य और विषय शिक्षक बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण सत्र का पूरा लाभ उठाएं और अपनी शंकाओं से विषय विशेषज्ञों को अवगत कराएं, ताकि वे उसका बेहतर समाधान बता सकें।
उल्लेखनीय है कि ठाकुर प्यारेलाल राज्य ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्यों और विषय शिक्षकों का उन्मुखीकरण और क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 मार्च से जारी है। इसका समापन 25 मार्च को होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना, उनमें पेशेवर क्षमतावर्धन करना है। इससे विषय की बेहतर समझ का विकास होगा। इससे वे विद्यार्थियों को बहुत ही सरल माध्यम से विषय संबंधी ज्ञान दे सके। गौरतलब है कि सीबीएसई पैटर्न के आधार शिक्षण संबंधी अभी तक कोई भी प्रशिक्षण शिक्षकों को नहीं दिया गया है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें सीबीएसई बोर्ड के आधार पर शिक्षक तकनीक की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा हैं।

15-03-2021
महिला जागृति शिविर में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का कराया गया अन्नप्राशन

कुरूद। महिला बाल विकास परियोजना कुरुद के द्वारा सोमवार को बाजार चौक मड़ेली में महिला जागृति शिविर का आयोजन किया गया। इसमें गर्भवती महिलाओं की गोद भराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि कांति सोनवानी अध्यक्ष जिला पंचायत धमतरी थीं। अध्यक्षता शारदा साहू जनपद पंचायत अध्यक्ष कुरुद ने की। विशेष अतिथि के रूप लक्ष्मीनारायण साहू सरपंच मडेली,पंच सुनेश्वरी साहू, भोजबाई जांगड़े, मीना आमदे, भुनेश्वरी साहू, पुष्पा साहू उपस्थित थीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शारदा साहू ने कहा कि आज की महिला हर मामले में आत्मनिर्भर और स्वतंत्र हैं और पुरुषों के बराबर सब कुछ करने में सक्षम भी हैं। हमें महिलाओं का सम्मान जेंडर के कारण नहीं, बल्कि स्वयं की पहचान के लिए करना होगा। हमें यह स्वीकार करना होगा कि घर और समाज की बेहतरीन के लिए पुरुष और महिला दोनों समान रूप से योगदान करते हैं। कांति सोनवानी ने अपने उद्बोधन में कहा महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं। वह जमाना चला गया जब महिलाओं को सिर्फ घरेलू कामकाज तक ही सीमित रहना पड़ता था। उन्होंने महिलाओं को आगे आकर सामाजिक उत्थान में सहयोग करने की बात कहीं। अतिथियों ने गर्भवती महिलाओं को गोदभराई सामग्री भेंट कर बधाई दी। 6 माह के बच्चों को मीठा खीर खिलाकर मुंह जूठा कराया। कार्यक्रम में महिलाओं के मनोरंजन के लिए मोमबत्ती जलाओ, बिंदी लगाओ, प्रतियोगिता एवम अन्य खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास  पर्यवेक्षक अरुणा मिश्रा, रेणुका साहू, जयश्री साहू, नीता साहू एवं मितानिन सहित बड़ी संख्या में माताएं, महिलाएं और बच्चे उपस्थित थे।

दीपक साहू की रिपोर्ट

 

09-03-2021
बाल भिक्षावृत्ति, कचरा संग्रहण करने वाले बच्चों को दिया जाएगा स्कूल में प्रवेश

धमतरी। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत जिला बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक मंगलवार को सीईओ मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई। इसमें किशोरवय बालकों को नशा से दूर रखने के लिए विभागीय स्तर पर कवायद करने पर जोर दिया गया। सीईओ ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ नशे के नकारात्मक तथ्यों को सामने लाना भर नहीं है, बच्चों में इस प्रवृत्ति को मात्र प्रचार-प्रसार से रोका नहीं जा सकता बल्कि उनकी मानसिकता को बदलने से संभव हो सकता है। बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बताया गया कि बाल भिक्षावृत्ति, कचरा संग्रहण करने तथा बाल श्रम में लिप्त कुल 48 बच्चों को शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों एवं छात्रावासों में प्रवेश कराने के निर्देश सीईओ ने दिए। इसके अलावा किराना, पान ठेला आदि में नशीली चीजें बेचने वालों के विरूद्ध संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाने के लिए कहा,जिसमें थानों में पदस्थ बाल कल्याण पुलिस अधिकारी एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई शामिल रहेंगे। इस दौरान पुलिस विभाग की ओर से बताया गया कि अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के बीच 68 गुमशुदा बच्चों में से 62 की पतासाजी कर परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। सीईओ ने बाल विवाह प्रथा को रोकने ग्राम पंचायतों में विवाह पंजीयन की अनिवार्यता पर फोकस करने के लिए कहा तथा विवाह पंजीयन रजिस्टर व पलायन पंजी का आवश्यक रूप से संधारण करने के निर्देश जनपद पंचायतों के सीईओ को दिए।

इकाई द्वारा नशे की चपेट में आए 184 बच्चों की लत छुड़ाने के लिए आवासीय गतिविधियां एवं खेल प्रतियोगिता आयोजित कर तथा उनकी काउंसिलिंग करके कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से भी जोड़ने की बात सीईओ चतुर्वेदी ने कही। उन्होंने बैठक में बाल संरक्षण समिति के कार्यों की जानकारी ली तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतिमाह संस्थान में जाकर किशोरों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए। इसी तरह सखी वन स्टाॅप सेंटर में पैरालीगल वाॅलिंटियर तथा महिला स्वास्थ्य कर्मी (एएनएम) नियुक्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा बैठक में विभिन्न एजेण्डों पर चर्चा कर संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सतीश कुमार खाखा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर सहित डीपीओ एमडी नायक, सीएमएचओ डाॅ. डीके तुरे के अलावा बाल संरक्षण समिति एवं सखी वन स्टाॅप सेंटर के कर्मचारी उपस्थित रहे।  

 

07-03-2021
अक्षय कुमार पहुंचे स्कूल में, बच्चों के साथ खेला वॉलीबॉल 

मुंबई/रायपुर। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार 6 मार्च को कांदिवली स्थित चतुर्भुज नर्सी स्कूल में पहुंचे थे। अक्षय विश्व स्तर की खेल सुविधाओं का जायजा लेने यहां आए थे। इन खेल सुविधाओं में 25 मीटर स्विमिंग पूल, 10 मीटर ओलंपिक मानक शूटिंग रेंज, इनडोर और आउटडोर बहुउद्देश्यीय खेल क्षेत्र, 22 फीट रॉक क्लाइंबिंग वॉल शामिल हैं। जायजा लेने के बाद अक्षय ने बच्चों के साथ कई तरह के खेलों का आनंद भी उठाया। उन्होंने वॉलीबॉल भी खेला। साथ ही हाथ में बंदूक थामकर निशाना भी लगाया। अक्षय से बच्चों को पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ खेलों में रुचि दिखानी की भी प्रेरणा मिली।

25-02-2021
बच्चों को उचित शिक्षा और संस्कार देना अनिवार्य: अक्षर फाउंडेशन

धमतरी। बच्चे ही समाज का भविष्य हैं, ये तो हम सभी समझते हैं। परंतु इस भविष्य की निधि को सही दिशा देने के लिए उचित शिक्षा और संस्कार अत्यंत अनिवार्य हैं। हम सब आज जो भी हैं, समाज के ही आधार से हैं। इसलिए अपनी क्षमता का एक हिस्सा समाज के निर्माण में वापस देना हममें से हर नागरिक का कर्तव्य है। और बच्चों के विकास में महिलाओं से बेहतर भूमिका भला कौन निभा सकता है? हमारी भावी पीढ़ी के निर्माण से ही देश का और एक बेहतर विश्व का निर्माण संभव है। ये विचार अक्षर फाउंडेशन की स्वयं सेविकाओ और विहंगम योग संस्थान की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा व्यक्त किये। महिलाएं अक्षर फाउंडेशन की ओर से 25 फरवरी को विहंगम योग संत समाज जिला धमतरी के मानसिक (मंदता) दिव्यांग सार्थक सेवा केन्द्र धमतरी एवं एक्जेक्ट फाउंडेशन रूद्री में स्थित स्कूल में लगभग 70 बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री एवं अन्य उपहार के वितरण कार्य का संचालन कर रही थीं।
अक्षर फाउंडेशन, सद्गुरु सदाफलदेव विहंगम योग संस्थान की मातृ-शक्ति द्वारा संचालित सेवा संगठन है,जो कि बाल कल्याण की दिशा में कार्यरत है। 25 फरवरी को हर वर्ष देश भर में हजारों जरूरतमंद बच्चों को पाठ्य सामग्री आदि उपहार वितरित किये जाते हैं। विहंगम योग संस्थान द्वारा देश के विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क आवासीय विद्यालय भी संचालित हैं जो कि हर वर्ष अनेकानेक जरूरतमंद बच्चों को संस्कार और शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। ये बच्चे आगे चलकर समाज के अग्रणी जनों के रूप में एक बेहतर भारत की नींव रख रहे हैं।
इस पाठ्य सामग्री वितरण कार्यक्रम के बाद मानसिक (मंदाता) दिव्यांग सार्थक सेवा केन्द्र के अध्यक्ष सरिता दोशी एवं एक्जेक्ट फाउण्डेशन के अध्यक्ष लक्ष्मी सोनी ने इस आयोजन के लिए अक्षर फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस आयोजन की प्रशंसा की एवं मानव कल्याण के लिए आवश्यक बताया कहां कि इस प्रकार के कार्यक्रम न सिर्फ बच्चों के लिए बहुत मददगार हैं, बल्कि इससे उनका मनोबल भी बढ़ता है और उनके अंदर समाज के प्रति आदर की भावना का विकास होता है। कार्यक्रम के आयोजन में महालक्ष्मी बघेल (उपदेष्टा) सुमन साहू, सकुन साहू , सरिता साहू, लिलेश्वरी रजक, कल्याणी बघेल, मोनिका बघेल, अर्चना बघेल, शशि निर्मलकर, रूबी कुर्रे, देवश्री जोशी, देवमनी मानिकपुरी, सुधा पुरी गोस्वामी, मैथिली गोड़े, देविका दीवान, सुनैना गोड़े, आरती रणसिंह,जूली निर्मलकर,मनीषा निर्मल कर, एच एल चक्रधारी (प्रांतीय समन्वयक), बेदराम साहू (जिला संयोजक), नामदेव साहू (जिला कोष प्रभारी) टीकम साहू, मुकेश चौधरी, मान राहुल दुग्गड आदि का विशेष सहयोग रहा।

 

25-02-2021
बच्चों का कराया गया स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार

कोरबा। बुधवार को बुध पुष्य नक्षत्र में एवं गुरुवार को गुरु पुष्य नक्षत्र में स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार किया गया। इसमें अंचल के सैकड़ों बच्चे लाभान्वित होकर इसके अप्रत्याशित चमत्कारिक परिणाम का लाभ ले रहे हैं। स्वर्ण प्राशन ले रहे बच्चों एवं अभिभावकों ने अपने बच्चों में हो रहे परिवर्तन के बारे में बताया। बच्चों को सर्दी,बुखार,सिर दर्द,किसी काम में मन नहीं लगना, याददाश्त की कमी, खून की कमी,कमजोरी आदि बहुत सारी चीजों पर अप्रत्याशित लाभ हुआ है।बच्चों की कार्यक्षमता, स्मरणशक्ति एवं क्रियाशीलता भी बढ़ गई है। इसके लिए उन्होंने संस्थान एवम संस्थान के चिकित्सक डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा का आभार प्रकट किया। संस्थान के चिकित्सक डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा ने बताया कि स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार बच्चों में किये जाने वाले 16 मुख्य संस्कारों में से स्वास्थ्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संस्कार है।

जो हजारों वर्ष पुरानी आयुर्वेदिक टीकाकरण पद्धति है। संस्थान के चिकित्सक वैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में जिस प्रकार बच्चों की सामान्य बीमारियों से बचाव के लिए तथा रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ाने के लिये  वैक्सीन्स का उपयोग  किया जाता है । उसी प्रकार आयुर्वेद में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये स्वर्ण प्राशन संस्कार किया जाता है,जो कि एक प्रकार का आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन है। इसका उल्लेख हमारे आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ कश्यप संहिता एवं सुश्रुत संहिता में प्रमुखता से है।

यह प्राचीन समय से चला आ रहा है लेकिन अब यह संस्कार विलुप्त हो गया है,जिसे पुनर्जीवित करने का प्रयास संस्थान द्वारा स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार के माध्यम से किया जा रहा है। इससे स्वस्थ निरोगी समाज का निर्माण हो सके। स्वर्ण बिन्दु प्राशन बच्चो के सम्पूर्ण शारीरिक एवं बौद्धिक विकास के लिये, लिये अमृततुल्य वरदान है। इसे पुष्य नक्षत्र में देने से बच्चों की रोगप्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ने के साथ साथ उनकी स्मरण शक्ति तीव्र होकर उनकी रचनात्मक एवं क्रियात्मक विकृतियां दूर होती हैं। इससे बच्चे न केवल रोगमुक्त होकर स्वस्थ होते हैं अपितु  विलक्षण प्रतिभाशाली बनते हैं। स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार में डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा के अलावा प्रतिभा शर्मा, चक्रपाणि पांडेय, नेत्रनन्दन साहू, कमल धारिया, अश्विनी बुनकर, लखन चंद्रा, धीरज तम्बोली, सिद्धराम सारथी, रोशन कुंजल एवं राकेश इस्पात ने विशेष रूप से उपस्थित होकर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

23-02-2021
 24 और 25 फरवरी को बच्चों का कराया जाएगा स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार

 कोरबा। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए "बच्चे रहे स्वस्थ" योजनान्तर्गत पतंजलि चिकित्सालय निहारिका में 24 फरवरी को बुध पुष्य नक्षत्र में एवं 25 फरवरी को गुरु पुष्य नक्षत्र में आयुर्वेदिक इम्यूनाईजेशन प्रोग्राम के तहत स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार किया जाएगा। इसमें 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को स्वर्ण बिन्दु प्राशन ड्रॉप्स पिलाकर आयुर्वेद पद्धति से टीकाकरण किया जाएगा। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य का निशुल्क चिकित्सकीय परीक्षण करने के साथ बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बच्चों को एवं उनके अभिभावकों को बच्चों की आयु अनुसार उनके लिए उपयोगी आहार विहार के विषय मे विस्तार से जानकारी देने के साथ उनके लिए उपयोगी योग प्राणायाम का भी निशुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा।

 

21-02-2021
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से बच्चों के स्वास्थ्य में हो रहा सुधार : धनेन्द्र साहू 

रायपुर। अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू शनिवार को सामुदायिक भवन बस्ती, नगर पंचायत अभनपुर प्रांगण में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना स्तरीय महिला जागृति शिविर सह गैस वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए जिला खनिज न्यास निधि से उपलब्ध गैस कनेक्शन का वितरण किया। साथ ही छग. महिला कोष योजना अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों को चेक वितरण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुपोषण मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान से रायपुर जिले के हजारों बच्चो को सुपोषण स्तर पर लाया जा चुका है। महिला बाल विकास की ओर से महिलाओ और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। शिविर में महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़, मटका फोड़,धागा पिरोना, मोमबत्ती जलाना आदि प्रतियोगिताएं हुई। महिला स्व-सहायता समूह व आंगनबाड़ी कार्यकतार्ओं ने पोषण मेला सह व्यंजन प्रदर्शनी का स्टॉल लगाया। उन्होंने पौष्टिक आहार एवं राज्य के भाजियों के गुणों के बारे में बताया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रतिभागियों को पुरस्कार दिया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संतोषी ध्रुव, ओमेश्वरी साहू, गीता मांडले और सहायिका धनेश्वरी यादव, ललिता यादव, लक्ष्मी यादव को प्रशस्ति पत्र दिया गया। बाल संदर्भ शिविर अंतर्गत डॉ. कविता लाल शिशु रोग विशेषज्ञ ने143 गंभीर कुपोषित बच्चों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की। जांच के बाद 92 कुपोषित बच्चों को जन औषधी केन्द्र से निशुल्क दवाई दी गई।

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