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15-09-2020
सावधान! संक्रमित व्यक्ति की खांसी और छींक आपको कर सकती है संक्रमित, फिलहाल सावधानी ही इलाज है

रायपुर। दुनियाभर में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संक्रमित व्यक्ति से कोरोना का संक्रमण आसानी से फैलता है। अगर संक्रमित व्यक्ति को खांसी या छींक आती है तो पास में खड़े स्वस्थ्य व्यक्ति को भी संक्रमण हो सकता है। ज्यादातर देशों में कोरोना का इलाज ढूढ़ा जा रहा है, फिलहाल सावधानी ही इस बीमारी का इलाज है।

कोरोना वायरस से बचने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखना है :-
आरोग्य सेतु एप रखें-
आरोग्य सेतु एप यात्रा के पूर्व रखना आवश्यक है। भारत के हर राज्य में कोरोना वायरस की गाइडलाइन अलग-अलग है। भारत के हर राज्य ने इस गाइड लाइन को वहां के कोरोना वायरस मरीजों की संख्या देखकर निर्मित किया गया है। यात्रा करते समय यह एप आपको कोरोन वायरस के सही मामलों की जानकारी देगा और आपको महत्वपूर्ण सावधानी लेने में सहायता करता है।है।

कोविड 19 को लेकर सतर्कता बरतें -
कोरोना नाम की इस महामारी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी रखे। अगर आप बीमार हैं तो इलाज शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले। महामारी से जुड़ी खबरों से अपडेट रहें। इसके लक्षण और इलाज पर नजर रखें, पूरा दिन केवल इससे जुड़े समाचार ना देखें।

ज्यादा सोचे नहीं -
कोरोना वायरस के इस दौर में लोग मानसिक रूप से ज्यादा परेशान हुए है। मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यह इंसानों के सोचने, महसूस करने और काम करने की ताकत को प्रभावित करती है। इसके साथ ही इसका सीधा असर तनाव, रिश्ते और फैसले लेने पर भी पड़ता है। दिन भर कोरोना वायरस से जुड़ी खबर ना देखते रहे।  

अगर जरुरी है तभी बहार जाये -
घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाएं। अदुकान में पहुंचने पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें। अगर भीड़ ज्यादा है, तो वहां जाने से बचें। हाथों को अच्छी तरह से धो लें। अगर आप सब्जियां लाएं हैं तो उसे धुलने के बाद ही फ्रिज में रखें। जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें। अगर ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं तो भी बाहर से आए सामान को सैनिटाइज जरूर करें। अगर सैनिटाइजर का उपोग करें।

02-08-2020
ऑनलाइन शॉपिंग करने से पहले सतर्कता जरूरी, थाना प्रभारी ने बताए ठगी से बचने के उपाय

गुंडरदेही। ऑनलाइन ठगी से किस प्रकार बचा जाए इसकी जानकारी गुंडरदेही थाना प्रभारी रोहित मालेकर ने दी। रोहित ने कहा कि आजकल सोशल साइट्स पर ऑनलाइन विज्ञापन प्लेटफार्म की बाढ़ आई हुई है। इसमें प्रमुख ऑनलाइन विज्ञापन प्लेटफॉर्म है, जिसमें इस्तेमाल किए गए उत्पादों का लेनदेन किया जाता है। इस प्लेटफार्म का उपयोग करके खरीदार सीधे विक्रेता से संपर्क कर सकता है, जहां इस वेबसाइट ने उत्पादों की खरीद और बिक्री को आसान बनाया है वहीं इसका उपयोग कर साइबर अपराधी ठगी की घटना को अंजाम भी दे रहे हैं। आर्मी की आईडी का मिस यूज करते हैं और ग्राहक को आत्मविश्वास में ले लेते हैं। सामान्य कार या बुलेट की आकर्षक फोटो वेबसाइट में डालकर उसे बेचने का प्रयास किया जाता है। एडवांस पेमेंट देने को कहते हैं। एडवांस पेमेंट मिलने के बाद प्रोडक्ट को कोरियर से डिलीवरी की बात की जाती है रकम लेने के बाद प्रोडक्ट कभी भी डेलीवर्ड नहीं होता है। ऐसे अपराधों से बचने के लिए क्या करें, किसी भी व्यक्ति पर ऑनलाइन डील करते समय विश्वास नहीं करना चाहिए। विक्रेता से मिलकर ही सामान को फिजिकली चेक करना चाहिए। विजेता से मिलकर ही पेमेंट करने का प्रयास करें किसी भी प्रकार के मनी रिक्वेस्ट लिंक को क्लिक न करें, अगर विक्रेता कोई कोरियर स्लिप भेजता है तो पहले उस लिंक को वेरीफाई जरूर कर ले। सावधान रहें सुरक्षित रहें।

शब्बीर रिजवी की रिपोर्ट

16-07-2020
मोदी सरकार दे रही ग्राहकों को और ज्यादा ताकत, ऑनलाइन शॉपिंग में नहीं होगी धोखाधड़ी

नई दिल्ली। ग्राहकों के साथ नए- नए तरीकों से होने वाले धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार एक नया कानून लागू करने वाली है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 को 20 जुलाई से लागू कर दिया जाएगा। नया कानून उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 का नया स्वरूप होगा। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव निधि खरे ने बताया कि मोदी सरकार 20 जुलाई को नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 को लागू करने जा रही है। नए कानून के लागू होते ही ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए कई नए नियम लागू हो जाएंगे, जो पुराने एक्ट में नहीं थे।

नए कानून की विशेषताएं

-नए कानून में उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापन जारी करने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-उपभोक्ता देश के किसी भी कंज्यूमर कोर्ट में मामला दर्ज करा सकेगा।
-नए कानून में ऑनलाइन और टेलीशॉपिग कंपनियों को पहली बार शामिल किया गया है।
-खाने-पीने की चीजों में मिलावट होने पर कंपनियों पर जुर्माना और जेल का प्रावधान।
-कंज्यूमर मीडिएशन सेल का गठन। दोनों पक्ष आपसी सहमति से मीडिएशन सेल जा सकेंगे।
- जनहित याचिका अब कंज्यूमर फोरम में फाइल की जा सकेगी। पहले के कानून में ऐसा नहीं था।
-कंज्यूमर फोरम में एक करोड़ रुपये तक के केस दाखिल हो पाएंगे।
-स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन में एक करोड़ से दस करोड़ रुपये तक के केसों की सुनवाई होगी।
-नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन में दस करोड़ रुपये से ऊपर केसों की सुनवाई।

 

08-07-2020
Video: ऑनलाइन ठगी करने वाला शातिर ठग गिरफ्तार,ग्राहकों को असली सामान के जगह देता था नकली सामान

कोरबा। ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से नकली सामानों का सप्लाई करने वाला शातिर ठग को गिरफ्तार करने में सीएसईबी, थाना कोतवाली कोरबा पुलिस को सफलता मिली है। दिनेश यादव द्वारा रामपुर चौकी में शिकायत की गई कि करीब एक डेढ़ वर्ष पूर्व बुधवारी बाजार में उसका मोबाइल व सिमकार्ड चोरी हो गया था। पुलिस को जानकारी मिला है कि रामपुर बस्ती का ही आकिब अली नाम के लड़का चोरी में शामिल है। दिनेश यादव के मोबाइल के सिमकार्ड का उपयोग ऑनलाइन ठगी करने के उद्देश्य के लिए shopping shing नाम से प्रोफाइल बनाया है।मोबाइल में लगे सिमकार्ड का उपयोग कर धोखाधड़ी कर पैसा ठग रहा है। इस दौरान आकीब अली को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अकीब अली ने स्वीकार करते हुए बताया कि  इंस्टाग्राम में आनलाइन ठगी के लिए असली मोबाइल, कैमरा एवं अन्य सामान का फोटो, वीडियो अपने प्रोफाइल पर शेयर कर देता है। ग्राहकों को अपनी बातों में फंसाकर सौदा फिक्स कर सौदा फिक्स किये ग्राहक को क्लोन वेबसाइट से नकली परन्तु हुबहू दिखने वाली सामान कम कीमत में प्राप्त कर असली सामान की कीमत वसूल कर ठगी करता था। ग्राहकों को ठगे जाने का जानकारी होने पर उनको ब्लाक कर देता है। आनलाइन ठगी के लिए फर्जी प्रोफाइल, एकाउंट एवं फर्जी सिम नम्बरों का प्रयोग किया करता था। आरोपी के पास से 3 सिमकार्ड, 2 मोबाइल , 3 एटीएम कार्ड, 1 पेटीएम कार्ड जब्त किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। उल्लेखनीय हैं कि आरोपी सिविल इंजीनियरिंग का छात्र रहा है, जो जल्द पैसा कमाने के लालच में पढाई छोड़कर आँनलाइन ठगी करने के अपराध में संलिप्त हो गया। मामले में ठगी के शिकार हुए पीडितों से संपर्क किया जा रहा है। जिनसे संपर्क होने पर प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई कर गिरोह मे शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध कार्यवाई किया जावेगा।

 

11-06-2020
ऑनलाइन शॉपिंग से खरीदा नया मोबाइल वारंटी अवधि में हुआ खराब,जिला उपभोक्ता फोरम ने लगाया हर्जाना


दुर्ग। ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से खरीदा गया मोबाइल वारंटी अवधि में खराब हुआ तो उसे सुधारा नहीं गया। समस्याग्रस्त मोबाइल बेचने और उसमें सुधार नहीं करने के लिये निर्माता कंपनी पैनासोनिक इंडिया, ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट एवं सुपेला भिलाई स्थित सर्विस सेंटर आरवी सोलुशन को जिला उपभोक्ता फोरम दुर्ग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने व्यवसायिक कदाचरण एवं सेवा में निम्नता का जिम्मेदार माना और 15 हजार रुपये हर्जाना लगाया।

ग्राहक की शिकायत

परिवाद के मुताबिक कैंप 1 भिलाई निवासी ओमप्रकाश साहू ने पैनासोनिक इंडिया कंपनी का मोबाइल ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से  23 अप्रैल 2017 को 8999 रुपये में खरीदा था, जिसमें कंपनी द्वारा 1 वर्ष की वारंटी प्रदान की गई थी लेकिन मोबाइल में खरीदने के बाद ही समस्या आनी शुरू हो गई। मोबाइल हैंग हो जाता था और अपने आप बंद हो जाता था, जिससे परेशान होकर परिवादी ने उसे भिलाई स्थित सर्विस सेंटर आरवी सोलुशन के पास दिखाया तब सर्विस सेंटर द्वारा मोबाइल का सॉफ्टवेयर अपडेट कर परिवादी को वापस कर दिया गया। मोबाइल में बार-बार खराबी आने लगी मोबाइल की समस्या लेकर परिवादी 12 जून 2017, 22 जून 2017, 09 जुलाई 2017 तथा 28 जुलाई 2017 को सर्विस सेंटर गया लेकिन कुछ दिन चलने के बाद मोबाइल पुनः खराब हो जाता था। अंत में दिनांक 20 सितंबर 2017 को मोबाइल के टच पैनल ने काम करना बंद कर दिया और मोबाइल हैंग होने लगा, जिसके बाद सर्विस सेंटर ने मोबाइल को सुधारने के लिए अपने पास रखा लेकिन कोई समाधान नहीं किया। जिसके बाद परिवादी ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली।

अनावेदकगण का जवाब

प्रकरण में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट ने कहा कि उसका काम विक्रेताओं से सामान लेकर क्रेता तक पहुंचाने का है। मोबाइल में यदि कोई त्रुटि थी तो उसके लिए निर्माता कंपनी के सर्विस सेंटर से संपर्क किया जाना था। सर्विस सेंटर ने लिखित जवाब दिया कि परिवादी जितनी बार मोबाइल लेकर सर्विस सेंटर आया उसे उतनी बार भली-भांति सुधार कर दिया गया था। ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से क्रय किए गए मोबाइल की जवाबदारी ऑनलाइन विक्रेता कंपनी तथा निर्माता कंपनी की होती है।

फोरम का फैसला

जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये एवं लता चंद्राकर ने प्रकरण में पेश दस्तावेजों और तर्कों के आधार पर यह पाया कि मोबाइल सुधार के समय जारी किए गए कस्टमर डिटेल से मोबाइल के सर्विस सेंटर में बनने के लिए बार-बार दिए जाने की पुष्टि होती है। मोबाइल में हैंग होने और बार-बार बंद होने जैसी समस्याएं थी। कंपनी द्वारा परिवादी को नया मोबाइल प्रदान करने की पेशकश से भी इस बात की पुष्टि होती है कि परिवादी द्वारा खरीदे गए मोबाइल में निर्माणगत त्रुटि थी। जिसका निदान करने में अनावेदकगण असफल रहे थे। मोबाइल खरीदने के 3 महीने में वारंटी अवधि में ही हैंग होने लगा था,जिसे सुधार कर देने में अनावेदकगण असफल रहे। कंपनी द्वारा किए गए दावे के अनुसार मोबाइल नहीं था, परिवादी के साथ व्यवसायिक कदाचरण किया गया है।
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये एवं लता चंद्राकर ने मोबाइल की कीमत 8999 रुपये, मानसिक क्षतिपूर्ति स्वरूप 5000 रुपये, तथा वाद व्यय के रूप में 1000 रुपये कुल मिलाकर 14999 रुपये निर्माता कंपनी पैनासोनिक इंडिया, ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट एवं सुपेला भिलाई स्थित सर्विस सेंटर आरवी सोलुशन पर हर्जाना लगाते हुए एक माह के भीतर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित परिवादी को अदा करने का आदेश दिया।

 

21-05-2020
अब फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी की जा सकती है ऑनलाइन शॉपिंग, व्यापारी मुफ्त में खोल सकेंगे दुकानें

नई दिल्ली। फेसबुक दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। फेसबुक सोशल नेटवर्किंग साइड से करीब अरबों लोगों जुड़े हुए है। इस सामाजिक नेटवर्किंग साइड से लोगों के बीच परस्पर संवाद होता रहता है। लेकिन फेसबुक ने अब एक कदम आगे बढ़ने की सोची है। दरअसल इंटरनेट पर शॉपिंग करने के लिए फेसबुक एक नया प्लेटफॉर्म शुरू कर रहा है। इसकी मदद से व्यापारी ऑनलाइन दुकानें खोल सकेंगे। फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए इन दुकानों तक पहुंचा जा सकेगा। इस प्लेटफॉर्म पर दुकानों के प्रोडक्ट दिखाए जा सकेंगे और यहीं से उनकी लाइव बिक्री भी हो सकेगी। फेसबुक ने प्रेस नोट जारी करके यह जानकारी दी है। कोरोना वायरस की वजह से बहुत सारी दुकानें बंद पड़ी हैं, जिससे बिजनस ऑनलाइन शिफ्ट हो रहे हैं। खुद फेसबुक ने कहा है कि छोटे-बड़े कारोबारी कोविड-19 की वजह से नुकसान झेल रहे हैं, जिन्हें फेसबुक शॉप के जरिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मुहैया कराया जाएगा। इन सब को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि अब फेसबुक अपनी फेसबुक शॉप के जरिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ऐमजॉन को टक्कर देने की सोच रहा है।

फेसबुक के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट के दौरान छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है और उनके व्यापार डूब रहे हैं। इनकी मदद के लिए फेसबुक नया प्लेटफॉर्म लांच कर रहा है। यहां व्यापारी मुफ्त में ऑनलाइन दुकानें खोल सकेंगे लेकिन लेन-देन पर शुल्क लिया जाएगा। वैसे भी फेसबुक विज्ञापन के जरिए ही कमाई करता है। चूंकि सारी गतिविधियां फेसबुक सेवाओं के बीच ही होंगी इसलिए कंपनी देख सकेगी कि लोग किस तरह की दुकानों से इंटरैक्ट करते हैं। किस किस्म के प्रोडक्ट्स में उनकी दिलचस्पी है और आखिर में वे किस तरह की चीजें खरीदते हैं। इसी के तहत फेसबुक ने पिछले महीने मुकेश अंबानी की जियो में भी भारी-भरकम निवेश किया था। अब फेसबुक पर ऑनलाइन मार्केट का प्लेटफॉर्म लांच करना भी उसी रणनीति का अगला हिस्सा है।

07-03-2020
पुलवामा आतंकी हमले में बड़ा खुलासा, बम बनाने के लिए ऑनलाइन मंगाया था केमिकल 

नई दिल्ली। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। पुलवामा आतंकी हमले में एनआईए ने एक बड़ा खुलासा किया है। दरअसल पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दो और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक ने आईईडी बनाने के लिए रसायनों की ऑनलाइन खरीद की थी। बता दें कि पुलवामा आत्मघाती बम हमलावर ने विस्फोटकों से भरी एक कार सीआरपीएफ के काफिले में घुसाकर विस्फोट करा दिया था। 
एनआईए ने श्रीनगर के बाग-ए-मेहताब इलाके के वजीर-उल-इस्लाम (19) और पुलवामा के हकरीपुरा गांव के मोहम्मद अब्बास राठेर (32) को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की संख्या अब पांच हो गई है।

इससे पहले एक पिता-पुत्री और आत्मघाती बम हमलावर के करीबी को दो अन्य अभियानों में गिरफ्तार किया गया था। एक अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ में इस्लाम ने खुलासा किया कि जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकवादियों के निर्देश पर उसने आईईडी बनाने के लिए रसायन, बैटरियां और अन्य सामग्री खरीदने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग एकाउंट का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि पुलवामा हमले की साजिश के तहत इस्लाम ने ये चीजें ऑनलाइन मंगाकर उन्हें स्वयं जैश आतंकवादियों तक पहुंचाया। अधिकारी ने कहा कि राठेर भी जैश के लिए काम करता है। उसने खुलासा किया है कि जब जैश आतंकवादी एवं आईईडी विशेषज्ञ मोहम्मद उमर अप्रैल-मई, 2018 में कश्मीर पहुंचा तब उसने ही उसे अपने घर में ठहराया था। उन्होंने बताया कि राठेर ने पुलवामा हमले से पहले कई बार जैश के आतंकवादियों आत्मघाती बम हमलावर आदिल अहमद डार, समीर अहमद डार और पाकिस्तानी कामरान को भी अपने घर में ठहराया था। 
 

12-11-2019
लंगूर के हाथ लगा मोबाइल तो लाखों की कर डाली ऑनलाइन खरीदी

बीजिंग। एक चिड़ियाघर में लंगूर के हाथ मोबाइल फोन लग गया। इसका फायदा उठाते हुए लंगूर ने उससे ऑनलाइन शॉपिंग कर डाली। ये हैरान कर देने वाला वाकया चीन के एक चिड़ियाघर का है जो 6 नवंबर को सामने आया। चिड़ियाघर  में एलवी मेंगमेंग के मोबाइल से चीन की मशहूर ऑनलाइन शॉपिंग साइट ताओबाओ से कई सारी चीजों की शॉपिंग की गई। जानकारी के मुताबिक मेंगमेंग पूर्वी चीन के जिंगसू प्रांत में येनचेंग में एक चिड़ियाघर में जूकीपर हैं। वह यहां पर इन लंगूरों की देखभाल करती हैं। उनके अनुसार पिछले बुधवार को उन्होंने देखा कि लंगूर काफी भूखा है, इसलिए वह पास से उसके लिए खाना लाने चली गईं। इस दौरान वह अपना फोन उस लंगूर के पास भूल गईं। फोन हाथ लगते ही उस लंगूर ने ये कारनामा कर दिया। मेंगमेंग जब वापस आईं तो उन्होंने देखा कि उनके फोन में कई सारे नोटिफिकेशन आए हुए हैं। ये सभी ऑनलाइन शॉपिंग साइट की ओर से आए हुए थे। इसमें कहा था कि उनके सभी ऑर्डर प्लेस कर दिए गए हैं। ऐसे में मेंगमेंग ने सोचा कि उनके साथ किसी ने मजाक किया है। लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि हुआ क्या है। इसके बाद उन्होंने सीसीटीवी फुटेज चेक किया। इसमें लंगूर उनका फोन इस्तेमाल करता हुए दिखा। इतना ही नहीं वह बार बार स्क्रीन को टच कर रहा था। इसके बाद उन्हें पूरा मामला समझ आ गया। मेंगमेंग ने बताया कि इस लंगूर ने घर की कई महंगी चीजों का ऑर्डर दे दिया है। लेकिन उन्हें इस बात का अफसोस है कि उन्हें ये शॉपिंग सिंगल्स डे प्राइस से पहले ही करनी पड़ रही है। अगर ऑफर वाले दिन वह ये शॉपिंग करती तो उन्हें ढेर सारा डिस्काउंट मिलता। इस लंगूर को संभालने वाले कहते हैं कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मेंगमेंग के फोन में पासवर्ड नहीं है। ऐसे में जब इसने शॉपिंग की तो इसके लिए किसी अथॉन्टिकेशन की जरूरत नहीं पड़ी। मेंगमेंग कहती हैं कि उन्होंने इस शॉपिंग को कैंसल नहीं किया। बता दें कि चीन में ताओबाओ शॉपिंग साइट काफी पापुलर है। 

15-09-2019
चोरी के आरोपी को पुलिस ने धरदबोचा, जब्त किया सामान,  भेजा जेल

बलौदाबाजार। चोरी के आरोपी को पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 12 जुलाई को आरोपी फैज मोहम्मद उम्र 26 साल निवासी वार्ड क्रमांक 9 गीदम थाना गीदम प्रार्थी से जान पहचान बनाया तथा घर आना जाना शुरू कर दिया। प्रार्थी के विश्वास जीतकर समय पाकर उक्त तिथि को आरोपी द्वारा प्रार्थी के घर में रखें एक लैपटॉप, दो एप्पल मोबाइल फोन, एक एयरपोड, चांदी के दो चेन, एक सोने की अंगूठी, महंगी कलाई घड़ी को चोरी कर ले गया। प्रार्थी खिलेश्वर साहू पिता तिलक साहू की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर माल मुल्जीम का पता तलाश किया गया। विवेचना में थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम बनाकर आरोपी की संभावित स्थानों पर पतासाजी की गई। फैज मोहम्मद से बारीकी से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा चोरी किए गए एक सेंसर मोबाइल को ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से रायपुर में बेच देना बताएं। आरोपी की निशानदेही पर चोरी के माल खरीदने वाले को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से मोबाइल को जब्त किया गया। प्रकरण में धारा 411 भारतीय दंड विधान जोड़ा गया। आरोपी द्वारा चोरी किए गए अन्य समान की पतासाजी में आरोपी बताया कि चोरी के सामान को जगदलपुर के अपने निवास स्थान पर छुपा कर रखा है। आरोपी को ले जाकर चोरी किए गए माल एप्पल मोबाइल XS कीमत 92000, एप्पल मोबाइल 6S कीमत 48100, एक एयरपोड कीमत 2100, एक लैपटॉप कीमत 25000, एक कलाई घड़ी कीमत 17000, एक चांदी का चैन कीमत 2000 कुल कीमत 196700 को आरोपी के कब्जे से जब्त किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। आरोपी अमीर लोगों को अपना दोस्त बनाकर उसका विश्वास जीतकर शिकार बनाता था।

02-09-2019
छात्रा ने ऑनलाइन मंगाया मौत का सामान और कर ली खुदकुशी 

भोपाल। भोपाल में कॉलेज की एक छात्रा ने खुदकुशी कर ली। छात्रा ने ऑनलाइन शॉपिंग  के जरिए मौत का सामान बुलवाया और फिर मौत की नींद सो गयी। सुसाइड नोट  में लिखा कि जिंदगी से थक गयी थी इसलिए जा रही हूं। मेरे ऑर्गन डोनेट कर देना। राजधानी भोपाल में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की फाइनल ईयर की छात्रा प्रियाली डे असम की रहने वाली थी। भोपाल में कॉलेज कैंपस में बने गल्र्स हॉस्टल में रहती थी। वहीं उसने मौत को गले लगाया।  प्रियाली के पड़ोस के कमरे में रहने वाली छात्राएं मार्केट गई हुई थीं।रात दस बजे जब वो सब लौटीं तो कमरा अंदर से बंद मिला। स्टूडेंट्स ने कई बार आवाज दी। जब अंदर से कोई जवाब नहीं आया तो छात्राओं ने बगल के कमरे की बालकनी से प्रियाली के कमरे में झांका। प्रियाली बिस्तर पर बेसुध पड़ी हुई थी। छात्राओं ने तुरंत वॉर्डन को खबर दी और फिर कमरे दरवाजा तोड़कर हॉस्टल की एंबुलेंस से उसे अस्पताल पहुंचाया।

लेकिन तब तक तो देर हो चुकी थी। प्रियाली की मौत हो गयी थी। बताया जा रहा है कि प्रियाली ने 23 अगस्त को ऑनलाइन शॉपिंग कर ऑर्गन गैस सिलेंडर हॉस्टल के अपने पते पर बुलाया था। उसने मार्केट से उसका नोजल और पाइप खरीदा था। ऑर्गन गैस का इस्तेमाल वेल्डिंग और आयरन कटिंग में किया जाता है। प्रियाली ने मुंह में नोजल लगाकर गैस शरीर में डाल ली। जहरीली गैस शरीर में जाने की वजह से उसकी लंग्स ने काम करना बंद कर दिया और फिर मौत हो गयी। प्रियाली के कमरे से एक नोट मिला है। उस पर लिखा है-मेरी सोचने, समझने की क्षमता नहीं बची है। मैं लाइफ से थक चुकी हूं। मैं आगे जीना नहीं चाहती हूं...मैं जो कर रही हूं सोच समझकर कर रही हूं...मेरे ऑर्गन डोनेट कर दिए जाएं... 

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