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23-11-2020
बिना अधिग्रहण, मुआवजा किसानों की जमीन पर सड़क निर्माण, माकपा ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

कोरबा। किसानों की बिना सहमति और उनकी जमीन के अधिग्रण और मुआवजे के बिना प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत रजकम्मा से तानाखार तक बनाई जा रही सड़क के खिलाफ ग्रामीणों के पक्ष में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और छत्तीसगढ़ किसान सभा ने मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन पोड़ी एसडीएम अरुण खलखो को सौंपकर सड़क निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। माकपा ने चेतावनी दी है कि प्रशासन द्वारा कार्यवाही न किये जाने पर ग्रामीण स्वयं ही सड़क निर्माण कार्य को रोकने का काम करेंगे।उल्लेखनीय है कि पोड़ी विकासखंड में शासन द्वारा राजकम्मा से तानाखार तक 25 किमी लंबी सड़क प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनाई जा रही है। यह सड़क दस से ज्यादा गांवों से गुजर रही है और सड़क के रास्ते सैकड़ों ग्रामीणों की निजी भूमि और भवन आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क निर्माण के लिए उनकी भूमि जबरन छीनी जा रही है, क्योंकि न तो उनकी भूमि का अधिग्रहण हुआ है और न ही कोई मुआवजा अभी तक मिला है। अभी तक कृषि भूमि पर खड़े सैकड़ों कीमती पेड़ काट दिए गए हैं। बहुत से ग्रामीणों को अपना मकान छीने जाने का खतरा भी सता रहा है।

लेकिन पूरी योजना के बारे में न तो कोई अधिकारी और न ही कोई जन प्रतिनिधि सही जानकारी देने के लिए तैयार है।माकपा जिला सचिव प्रशांत झा, छग किसान सभा के नेता प्रताप दास, जवाहर सिंह कंवर व एकता परिषद के मुरली संत के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पोड़ी एसडीएम से भेंट की, जिनमें नान दास, रामकुमार सिन्द्रम, धुरऊ दास, भूपेंद्र दास, जयंत सिंह पोर्ते, देवकुमार निर्मलकर, उमेंद्र सिंह, बुधराम दास, करम पाल चौहान, संतोष कुमार उइके आदि शामिल थे। ग्रामीणों ने बिना अधिग्रहण, बिना मुआवजा के हो रहे इस सड़क निर्माण को अवैध करार देते हुए इस पर तुरंत रोक लगाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस क्षेत्र में पांचवीं अनुसूची के प्रावधान व पेसा कानून लागू है। अतः बिना ग्रामीणों की सहमति के कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकता। उन्होंने सड़क निर्माण योजना को सार्वजनिक करने की भी मांग की है, ताकि सभी ग्रामीणों को पता चले कि उनकी कितनी भूमि सड़क निर्माण में जा रही है।  इस सड़क निर्माण के बारे में एसडीएम ने भी अपनी अनभिज्ञता जाहिर की है और संबंधित अधिकारियों को बुलाकर, उनसे जानकारी लेने के बाद सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन माकपा और किसान सभा को दिया है। एसडीएम खलखो को ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस अवैध निर्माण पर रोक नहीं लगाया तो इस क्षेत्र के ग्रामीण सड़क पर उतरकर इस निर्माण कार्य को रोकेंगे। उन्होंने मांग की है कि पहले भूमि का अधिग्रहण किया जाए, इस भूमि और इस पर खड़े मकान और पेड़ों के मुआवजे दिए जाएं, उसके बाद ही सड़क निर्माण की अनुमति दी जाएगी।

 

22-10-2020
कोरोना संक्रमण से मृत लोगों को दिया जाए मुआवजा : अनीता ध्रुव

धमतरी। जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव ने राज्य सरकार से मांग की है कि जिन परिवारों में किसी की कोरोना से मृत्यु हो रही है, उन्हें मुआवजा दिया जाए। इस मांग को लेकर उन्होंने कुकरेल के नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन भी सौंपा है। उनका कहना है कि विश्वव्यापी कोरोना महामारी का अंत कब होगा, यह किसी को पता नहीं है। जिस परिवार में मुखिया या कमाऊ सदस्य की मृत्यु कोरोना से हुई है, उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। राज्य सरकार इस बात को गंभीरता से लेकर प्रदान करें। उन्होंने बताया कि धमतरी जिले में अब तक कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों की संख्या चार हजार से भी अधिक है और 62 लोगों की मौत इससे हो गई है। अभी हर दिन एक दो लोगों की मौत हो रही है, लेकिन आज तक मृतक परिवार को राज्य सरकार की ओर से कोई भी सहयोग राशि प्रदान नहीं की गई है। कोरोना से मौत की रफ्तार जिले में बढ़ती जा रही है। जिसके चलते मृत परिवारों के घर उजड़ चुके है,जिनके तरफ़ सरकार को ध्यान देना चाहिए और मुआवजा दिया जाना चाहिए।

 

15-09-2020
सर्पदंश से हुई मौत के लिए चार-चार लाख मुआवजा मंज़ूर

 रायपुर। प्राकृतिक आपदा पीड़ित 2 परिवारों को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। बेमेतरा जिले की तहसील साजा के ग्राम सहसपुर निवासी रामरतन और ग्राम बीजागोड़ निवासी सोहागाबाई की सर्प के काटने सेे मृत्यु होने पर उनके परिजनों पुन्नीबाई और बलदाउ कोे 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। राजस्व पुस्तक परिपत्र आरबीसी 6-4 के तहत आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

 

29-08-2020
गौठान में अव्यवस्था पर अधिकारियों पर सख्त हुईं कलेक्टर, कहा-दो दिनों में व्यवस्था सुधारों

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल ने शनिवार को दूसरे चरण में कोरबा तहसील के ग्रामीण इलाकों में भारी बारिश से हुई क्षति आदि का मौका मुआयना किया। उन्होंने पसर खेत चौक से कुदमुरा जाने वाली सड़क पर लगभग दो किलोमीटर के अति क्षतिग्रस्त भाग को अगले तीन दिनों में मरम्मत करा कर सुधारने के निर्देश प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता को दिए। कलेक्टर ने इस इलाके में अतिवृष्टि के कारण खराब हुई फसल का मौका मुआयना भी किया और गांव में बारिश के कारण ढह गए कच्चे मकानों को भी देखा। उन्होने साथ उपस्थित एसडीएम सुनील नायक और तहसीलदार सुरेश साहू को भारी बारिश से हुई क्षति का आंकलन कर तीन दिन के भीतर सभी प्रभावितों के मुआवजा प्रकरण तैयार करने के निर्देश मौके पर ही दिए।

कुदमुरा गौठान की अव्यवस्था पर कलेक्टर हुईं तल्ख

आकस्मिक निरीक्षण के दौरान कौशल ने कुदमुरा के नवनिर्मित गौठान का भी अवलोकन किया। उन्होंने गौठान में फैली अव्यवस्था पर कोरबा के जनपद सीईओ के प्रति नाराजगी व्यक्त की। किरण कौशल ने अगले तीन दिनों में गौठान को व्यवस्थित कर पशुओं की आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने इस दौरान गौठान में गोबर खरीदी की व्यवस्था नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। गौठान समिति के सदस्यों ने कलेक्टर को बताया कि गांव में ही दो जगहों पर गोबर खरीदने की व्यवस्था की गई है। गांव में गोबर खरीदकर उसे गौठान में बने गड्ढे में डालकर तिरपाल से ढांक कर सुरक्षित रखा जा रहा है। कलेक्टर ने गौठान मेें ही गोबर खरीदी केन्द्र बनाने और खरीदी की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर कौशल ने गौठान के लिए चारागाह बनाने की भी जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने अभी तक चारागाह स्थापित नहीं होने पर भी नाराजगी जताई और अगले दो दिनों में गौठान से लगी शासकीय भूमि पर चारागाह विकसित करने तथा सामूहिक बाड़ी में सब्जी आदि उत्पादन की पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को दिए। कलेक्टर कौशल ने गौठान में आने वाले पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने और उन्हें बीमारियों से बचाने के लिए टीका लगाने तथा दवाईयां आदि देने स्वास्थ्य शिविर लगाने के भी निर्देश पशुपालन विभाग के अधिकारियों को दिए।

कोरकोमा नाले पर बनेगा नया पुल, जर्जर पुल से भारी वाहन गुजरने पर प्रतिबंध

कलेक्टर किरण कौशल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों के साथ कोरकोमा नाले के जर्जर पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की स्थिति को देखते हुए भारी वाहनों का पुल पर से आवागमन प्रतिबंधित करने के निर्देश अनुविभागीय राजस्व अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता कमल साहू को पुल की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण करने नीचे भी उतारा। साहू ने बताया कि पुल की स्थिति अत्यंत जर्जर है, मरम्मत से भी पुल आवागमन के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं बन पाएगा। कलेक्टर ने कोरकोमा सहित नाले के पार बसे ग्रामीणों को कोरबा तक आने-जाने के लिए छोटा और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नाले पर नया पुल बनाने की संभावनाओं पर भी अधिकारियों से मौके पर बात की। उन्होंने नया पुल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना, डिजाइन-ड्राइंग और प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए नया पुल बनाने खनिज न्यास मद से राशि स्वीकृति का आश्वासन भी अधिकारियों को दिया।

 

21-07-2020
Video: मृतक के परिजन और सहकर्मियों ने मुआवजा की मांग को लेकर किया हंगामा

कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा के कोल स्टॉक में आग बुझाने के कार्य करने वाले ठेका श्रमिक श्यामल उम्र 44 वर्ष की संदिग्ध मौत हो गई थी। मृतक के सहकर्मियों ने मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर हंगामा किया। मांग पर एसईसीएल प्रबंधन ने कोई लिखित अश्वासन देने को तैयार नहीं था, इससे विवाद की स्थिति बनी रही और 20 घंटे तक पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।एसईसीएल प्रबंधन के लिखित में मुआवजा और रोजगार संबंधी पत्र दिए जाने के बाद गतिरोध समाप्त हुआ। एसईसीएल कुसमुंडा खदान में कोल स्टॉक मे लगी आग बुझाने का कार्य ठेका कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी में कार्यरत श्यामल कि संदिग्ध अवस्था में लाश मिली। घटना के बारे में बताया जा रहा है कि सोमवार को कुसमुंडा एरिया में भारी बारिश हुई। बारिश से बचने के लिए आग बुझाने वाले ज्यादातर ठेका कर्मी कोल स्टॉक से नीचे उतर गए जबकि श्यामल अकेले ही कोल स्टॉक में मौजूद था। इसी दरमियान आकाशीय बिजली गिरी थी। उनके सहकर्मी बारिश थमने के बाद पुनः कोल स्टॉक पर पहुंचे तो श्यामल की शव पड़ा हुआ मिला। इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। वही दूसरी और मृतक के सहकर्मियों व परिजनों ने मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर काफी हंगामा मचाया साथ ही शव का पोस्ट मार्टम रोक दिया था। सहकर्मियों और परिजनों ने एसईसीएल से रोजगार और मुआवजा देने संबंधी के लिखित में अश्वासन माँगा था। एसईसीएल के लिखित में पत्र देने के बाद विवाद का निराकरण हुआ और परिजनों ने पीएम करने की सहमति दी।

13-07-2020
भू धसान प्रभावितों को मुआवजा देने माकपा ने सौंपा कलेक्टर, एसईसीएल महाप्रबंधक को ज्ञापन

कोरबा। एसईसीएल बल्गी सुराकछार खदान में डीपिलरिंग के कारण हुए सुराकछार बस्ती में भू धसान से प्रभावितों को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने उचित मुआवजा देने की मांग की है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि डीपिलरिंग के कारण सुराकछार बस्ती के 50 से अधिक किसानों का कृषि योग्य भूमि भू धसान के कारण बुरी तरीके से बर्बाद हो गया। अब इस जमीन में भूधारक कोई कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं। भूमि में दरारें इतनी गहरी है कि वह पूरी तरह तालाब,झील और खाई में तब्दील हो गया है। यह भू धसान का सिलसिला लगातार बढ़ते हुए अब गांव के नजदीक तक पहुंच गया है। इसके कारण गांव में कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से गांववासियों में भय का माहौल है।

माकपा प्रतिनिधि मंडल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया प्रतिनिधिमंडल में प्रशांत झा,सुरती कुलदीप, राजकुमारी कंवर शामिल थे। पार्टी नेता ने प्रभावित किसानों को ब्याज सहित लंबित मुआवजा राशि का तत्काल भुगतान करने, भू धसान को रोकने के लिए और प्रभवित किसानों की भूमि को कृषि योग्य बनाने के लिए भूमि समतलीकरण करने और प्रभावितों के जमीन कृषि योग्य नहीं बनने की स्थिति में पुनर्वास नीति के तहत किसानों की भूमि अधिग्रहण करने की मांग करते हुए जिलाधीश,एसईसीएल मुख्य महाप्रबंधक एवं उप क्षेत्रीय प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है।

 

15-06-2020
भूपेश सरकार ने किसानों को ठगा,ओलावृष्टि-बेमौसम बारिश का आज तक नहीं दिया मुआवजा : बृजमोहन

रायपुर। बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार को भाजपा के वर्चुवल रैली से धमतरी जिले के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का आव्हान किया है। पूर्व मंत्री बृजमोहन ने राज्य सरकार व कांग्रेस पार्टी पर तीखे आरोप लगाए हैं। अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने किसानों को ठगा है। 2500 रुपए में किसानों का धान खरीदा,किसानों को 6 माह बाद भी राशि नहीं मिली है। अब 4 किस्तों में राशि देने की बात कर रहे हैं। 6 माह में एक किस्त की राशि दी। किसानों की राशि सरकार दबा कर बैठ गई है। 6 माह से दबाकर बैठे राशि पर किसानों को ब्याज कौन देगा। भाजपा मांग करती है कि किसानों की पूरी राशि ब्याज सहित एक ही किस्त में दी  जाए। बृजमोहन ने कहा है कि कांग्रेस ने किसानों के हक में डाका डाला है। प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में घोषणा की थी कि किसानों को 10 हजार रुपए  प्रति एकड़ राशि देंगे, कहां हैं यह राशि ? कितने किसानों को दी गई यह राशि ? किसानों के हक की उनके फसल के बचत राशि को देकर न्याय योजना के नाम पर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है।

राज्य सरकार किसानों को ओला,अतिवृष्टि  व बेमौसम बारिश में खराब हुए फसल का आज तक मुआवजा नहीं दे पाई है। सब्जी-भाजी, फल-फूल, दलहन-तिलहन के किसान परेशान हैं, बेहाल हैं। केला, पपीता फलों के किसान खेत में फलों को ट्रेक्टर चलाकर नष्ट  कर रहे हैं। पर सरकार आंख बंद कर बैठी है। सरकार ने धान खरीदकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है। अग्रवाल ने अंसगठित क्षेत्र के मजदूरों का मामला उठाते हुए कहा कि देश भर के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के खाते में 1 से 5 हजार रुपए तक राशि सरकारों ने डाली है। पर छत्तीसगढ़ में 18 लाख के आस-पास असंगठित मजदूर है। सरकार के पास 350 करोड़ रुपए इन कार्यों के लिए जमा भी है। पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 रुपए भी मजदूरों को नहीं दिया। छत्तीसगढ़ सरकार मजदूरों को लेकर उदासीन रही। देश में सबसे कम मजदूर ट्रेन छत्तीसगढ़ में चली है।
अग्रवाल ने कोरोना को लेकर भी राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि कोरोना काल में हुए खर्चों को लेकर सरकार को एक श्वेत-पत्र जारी करना चाहिए। सरकार के पास कोरोना से निपटने के लिए पर्याप्त राशि है। डीएमएफ आपदा प्रबंधन, केम्पा, मुख्यमंत्री राहत कोष, सहित अनेक मदों में पर्याप्त फंड है, पर सरकार इन पैसों का कोरोना से निपटने में खर्च करने के बजाय ठेका टेण्डर कमीशन में उलझी हुई है। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि कोरोना काल में सरकार ने किस-किस काम के लिए क्या-क्या खर्च किया है। कोरोना से पीड़ित लोगों की जितनी मौत नहीं हुई है,उससे ज्यादा लोगों की मौत क्वारेंटाइन सेंटर में फांसी लगाने, सर्प काटने, बिच्छू काटने और अव्यवस्था से हो गई है।

अग्रवाल ने सरकारी जमीन ब्रिकी के मामले पर भी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में शासकीय जमीन की बिक्री का बड़ा खेल हो रहा है। प्रदेश भर में सरकारी जमीनों को बेचा जा रहा है। सरकारे विषम परिस्थिति में ही कंगाली की स्थिति में या दिवालिया होने पर सरकारी जमीनों को बेचती है? यह सरकार खजाना भरने नहीं कांग्रेसी नेताओं को उपकृत करने जमीन का खेल-खेल रही है। सरकारी जमीन औने-पौने में बिक जाएगी, तो सार्वजनिक व शासकीय प्रायोजन के लिए जमीन कहां से आएगी। अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार शराबबंदी के स्थान पर घर-घर शराब पहुंचा रही है। अवैध शराब की घर पहुंच सेवा चालू हो गई है। बेरोजगारों के बेरोजगारी भत्ता का कही पता नही है। महिला स्व सहायता समूहों के महिलाओं का ऋण अब तक माफ नहीं हुआ है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर छत्तीसगढ़ को विनाश की दिशा में ले जाने का आरोप लगाया है।
सभा में शिवतरन शर्मा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, सांसद चुन्नीलाल साहू, अजय चन्द्राकर, रंजना साहू ,इंदर चौपड़ा, रामू रोहरा, शशी पवार, निरंजन सिन्हा, अर्चना चौबे, प्रीतेश गांधी, डॉ.एनपी गुप्ता, कुंजलाल देवांगन, गजराज, नरेन्द्र रोहरा, शिव शर्मा सहित प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभा का संचालन शिवतरन शर्मा और आभार प्रदर्शन रामू रोहरा ने किया।
 

30-04-2020
भखारा क्षेत्र के किसानों के लिए नीलम चंद्राकर ने मांगा मुआवजा

धमतरी। बेमौसम बारिश का भखारा क्षेत्र में जमकर कहर बरपा,जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने इस समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान दिलाते हुए मुआवजा देने की मांग की है। नीलम चंद्राकर ने बताया कि कुछ दिनों पहले क्षेत्र में हुई आकस्मिक वर्षा और ओलावृष्टि से क्षेत्र के कृषकों को भारी क्षति हुई है। किसानों के धान, चना, लाखड़ी सहित सब्जी की खेती को नुकसान हुआ है। कुरुद विधानसभा मे भखारा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोर्रा, इर्रा,गातापार, बोरझरा, हंचलपुर, रामपुर, कोपेडीह, गाड़ाडीह, सिलघट, जुगदेही, तरागोंदी, भेण्डरा, लोहारपथरा, चरोटा, पचपेड़ी में भी प्रकृति का यह प्रकोप भारी मात्रा में हुआ है। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ है। इनकी 70 से 80 प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ है। इससे वर्तमान मे किसानों की आर्थिक स्थिति डगमगा गयी, साथ ही आगामी कृषि कार्य करने के लिए भी उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस आकस्मिक आपदा के कारण किसानों के बीज का भी लागत मूल्य नहीं मिल पा रहा है। वैसे भी कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉक डाऊन के कारण पहले ही किसानों एवं मजदूरों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। ऊपर से बारिश के कहर ने किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है, आसमानी आफत से किसान तभी उभर सकते है जब शासन से राहत मिले, इसलिए जल्द नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रदान किया जाना चाहिए। नीलम चंद्राकर की मांग पर कलेक्टर ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही सर्वे कार्य कराकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

 

20-04-2020
महानदी पार कर आरंग पहुंचे दोनों हाथी वापस लौटे, पीड़ित किसानों को मिलेगा मुआवजा

आरंग। बीती रात महानदी पार कर आरंग क्षेत्र में पहुंचे 2 हाथी वापस महानदी पार कर महासमुंद क्षेत्र के बड़गांव लौट गए है। वन विभाग के अनुसार 2 दोनों हाथी रात में महानदी को पार करके आरंग से 5 किलोमीटर दूर स्थित राटाकाट पहुँच गए थे। यहां दोनों हाथियों ने खेतों और बाड़ियों में घुसकर फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया था। हाथियों के वापस लौट जाने से ग्रामवासी और वन विभाग ने राहत की सांस ली है। इधर प्रशासन हाथियों द्वारा किये गए फसलों के नुकसान का आंकलन कर रही है। आरंग एसडीएम विनायक शर्मा ने बताया कि आरंग क्षेत्र में आए हाथियों के द्वारा किसानों के फसल की जो क्षति हुई है उसका सर्वे हल्का पटवारियों के माध्यम से कराया जा रहा है। सर्वे पूर्ण होते ही मुआवजा के लिए प्रकरण वन विभाग को प्रेषित किया जाएगा।

 

16-04-2020
अमेरिका में कोरोना से 24 घंटे में 2600 लोगों की गई जान...

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस से 20 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए हैं। अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश भी इस महामारी के आगे बेबस दिखाई दे रहा है। अमेरिका में भी कोरोना का कहर जारी है। अमेरिका में कोरोना के काऱण स्थिति और गंभीर होती जा रही है। अमेरिका में कोरोना वायरस से मौतों के मामले में बढ़ोतरी जारी है। यहां गुरुवार को संक्रमण से होने वाली मौतों का रिकॉर्ड एक बार फिर टूट गया। पिछले 24 घंटे में यहां 2600 लोगों की जान चली गई। अमेरिका में कोरोना वायरस से 24 घंटे के भीतर बुधवार को करीब 2,600 लोगों की मौत हो गई जो किसी भी देश में इस संक्रामक रोग से मरने वाले लोगों की सर्वाधिक संख्या है। इसके साथ ही अमेरिका में मरने वाले लोगों की कुल संख्या 28,326 पहुंच गई है जो किसी भी देश के मुकाबले मृतकों की सबसे अधिक संख्या है।

ट्रम्प से पीड़ित की गुहार :

कोरोना वायरस को वुहान की एक प्रयोगशाला में आनुवंशिक रूप से तैयार किए जाने का आरोप लगाते हुए इस जानलेवा विषाणु के संक्रमण से उबरे एक भारतीय-अमेरिकी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस वायरस के कारण हजारों लोगों की मौत और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान होने के एवज में चीन से मुआवजा मांगने का अनुरोध किया।

05-03-2020
फसल नुकसान देखने खेतों तक पहुंची जिपं सदस्य

गरियाबंद। लगातार हो रही बारिश के चलते इन दिनों किसान काफी परेशान हैं। बेमौसम बारिश ने किसानों की स्थिति बदतर कर दी है। खेतों मे स्थिति फसल बरबाद हो गई है। बीते दिनों सड़कड़ा खट्टी क्षेत्र के किसान इन समस्याओं को लेकर जिला पंचायत क्रमांक 5 के सदस्य लक्ष्मी साहू से भेंट कर उन्हें फसल क्षति मुआवजा की मांग की। इस पर लक्ष्मी साहू तत्काल किसानों के साथ उनके क्षेत्रों का भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया। लगातार बारिश के चलते किसानों का चना व अन्य फसल को काफी नुकसान हुआ है। इसे देखने के बाद उन्होंने तत्काल कृषि विस्तार अधिकारी एवं पटवारी को बुलवाया और उन्हें फसल नुकसान की स्थिति से अवगत करवाकर इस संबंध में प्रकरण बनवाने का निर्देश दिया। एडीओ ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे जल्द ही किसानों की हुई फसल क्षति का आकलन कर जिला कार्यालय तक अपनी रिपोर्ट देंगे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से तिजऊ दीवान, जीवन दिवान, ऐजाय निर्मलकर, चूड़ामणि साहू, तिजऊ निषाद व अन्य ग्रामीण खेतों की स्थिति बताने जुटे रहे।

इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य ने प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए कहा कि निश्चित रूप से पांडुका छुरा क्षेत्र में किसानों को काफी नुकसान हुआ है क्योंकि पांडुका छुरा और फिंगेश्वर क्षेत्र प्रमुख रूप से दो फसली जमीन है सिंचाई के संसाधनों के चलते किसान काफी उम्मीद और भरोसा से फसल उगाते हैं और जब फसल खड़ी हो तैयार हो ऐसी स्थिति में अगर बेमौसम बारिश हो जाए तो किसानों की खडी फसल को काफी नुकसान पहुंचता है। आज इन क्षेत्रों में घूमने से एहसास हो रहा है वे जल्द ही जिलाधीश से भेंट कर इसमें राहत की मांग करेंगे।

 

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