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10-06-2021
प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में उन्नयन का काम इस साल पूरा करने का लक्ष्य

रायपुर। प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री टीएस सिंहदेव ने गुरुवार को वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित बैठक में प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति को नियंत्रण में देखते हुए अस्पतालों में पूर्ण सतर्कता बरतते हुए नॉन-कोविड सेवाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में ब्लड-बैंकों की संख्या बढ़ाने कहा। उन्होंने नवगठित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के जिला अस्पताल में जल्द से जल्द ब्लड-बैंक की स्थापना के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला और सचिव शहला निगार भी समीक्षा बैठक में मौजूद थीं।


स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने समीक्षा बैठक में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए विभागीय अमले द्वारा युद्ध स्तर पर किए कार्यों की सराहना की। उन्होंने इस दौरान प्रदेश में चार नए वायरोलॉजी लैबों और ऑक्सीजन प्लांट्स की स्थापना के लिए सीजीएमएससी द्वारा किए गए त्वरित कार्यों की भी प्रशंसा की। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के ऐसे सभी अस्पतालों जहां शिशु रोग विशेषज्ञ पदस्थ हैं, वहां एसएनसीयू (Special Neonatal Care Unit) स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश भर में कुष्ठ रोग उन्मूलन के लिए किए जा रहे कार्यों में तेजी लाने कहा। सिंहदेव ने बरसात के दिनों में पीलिया और डेंगू के खतरों को देखते हुए इनसे बचने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और स्थानीय नगर निगमों व नगर पालिकाओं के साथ समन्वय कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।


स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर अत्यावश्यक दवाईयों की नियमित खरीदी सुनिश्चित करने के लिए ईडीएल (Essential Drug List) को संशोधित करने कहा। उन्होंने उचित दामों पर दवाईयों की आपूर्ति के लिए सीजीएमएससी द्वारा दवा निर्माता कंपनियों के साथ किए जाने वाले दर अनुबंध (Rate Contract) का भी नवीनीकरण करने कहा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बैठक में बताया कि प्रदेश के स्वास्थ्य सूचकांकों में लगातार सुधार हो रहा है। प्रदेश में संस्थागत प्रसवों की संख्या बढ़कर 75 प्रतिशत से अधिक हो गई है। टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 94 प्रतिशत बच्चों को नियमित टीके लगाए जा रहे हैं। राज्य में अभी 3100 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंत तक सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उन्नयन का कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारत सरकार द्वारा प्रदेश के छह जिला अस्पतालों, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और दस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।


सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक कार्तिकेय गोयल ने बताया कि कॉर्पोरेशन द्वारा दवा कंपनियों को नए ऑनलाइन सिस्टम से भुगतान किया जा रहा है। इससे भुगतान त्वरित गति से हो रहा है। सीजीएमएससी द्वारा स्वास्थ्य विभाग के लिए निर्माणाधीन विभिन्न भवनों के काम गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. सीआर प्रसन्ना, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. आरके सिंह, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक केडी कुंजाम और संचालक महामारी डॉ.सुभाष मिश्रा भी बैठक में उपस्थित थे।

 

19-11-2019
107 बैगा युवक-युवती बने शाला संगवारी 

रायपुर।  प्रदेश के कबीरधाम जिले में निवासरत बैगा समाज (अति पिछड़ी जनजाति) को एक बार फिर बड़ी सौगात देते हुए इस वर्ग के 50 शिक्षित युवक-युवतियों के लिए शाला संगवारी के रूप में चयन कर रोजगार के द्वार खोल दी है। इन 50 बैगा युवक-युवतियों को मिलाकर अब तक 107 शाला संगवारी हो गए है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर निश्चित आय के साथ रोजगार मिल रहा हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के वन,परिवहन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री तथा कवर्धा विधायक मो. अकबर ने आज उन सभी 50 शाला संगवारियों को चयन का प्रमाण पत्र प्रदान किया। वनमंत्री मो.अकबर ने कबीरधाम जिले के आज 50 और बैगा (अति पिछड़ी जनजाति) के युवक-युवतियों को शाला संगवारी का प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए कहा कि प्रदेश में निवासरत अति पिछड़ी जनजाति वर्ग के शिक्षित युवक-युवतियों को शिक्षा और विकास के मुख्य धारा में लाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ग के युवक-युवतियां को रोजगार देकर उन्हे मुख्यधारा में लाने की शुरूआत कबीरधाम जिले से कर दी गई हैं। हमारी सरकार ने जिले के अब तक 107 बैगा युवक-युवतियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार दे रही है।

मंत्री अकबर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 में संशोधन की मंजूरी दी गई है। नए संशोधन के बाद अब डीएमएफ की राशि से शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन और उन्हें प्रभावी बनाने के लिए संसाधनों की उपलब्धता बनाने स्कूलों के शिक्षकों की कमी दूर करने तथा खनन और संबंध गतिविधियों में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष प्रभावित इलाकों के परिवार के सदस्यों को नर्सिग, चिकित्सा शिक्षा, इंजीनियरिंग, निधि प्रबंधन,उच्च शिक्षा,व्यवसायिक,तकनीकी शिक्षा,शासकीय संस्थाओं, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक शुल्क और छात्रावास शुल्क में भुगतान के साथ ही सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग और आवासीय प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था करने का फैसला लिया गया है। जिले में राज्य सरकार की इस फैसले का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।

19-11-2019
अच्छी सड़कें आर्थिक विकास का पैमाना : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को राजधानी रायपुर में एक हजार 983 करोड़ रूपए की सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी। लोक निर्माण विभाग द्वारा एडीबी सहायता से प्रत्येक विभिन्न जिलों में 13 सड़कों का उन्नयन एवं पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा। इनकी कुल लंबाई 479 किलोमीटर है। इस अवसर पर समारोह की अध्यक्षता लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी राज्य के तीव्र आर्थिक विकास में सड़कों की महत्वूपर्ण भूमिका होती है। इसलिए अच्छी सड़कों को विकास का पैमाना माना जाता है। इन सड़कों के बनने से जिला मुख्यालयों सहित गांव-कस्बे अच्छी सड़कों से जुड़ेंगे वहीं आवागमन की बेहतर सुविधा भी लोगों को मिलेगी। छत्तीसगढ़ के समन्वित विकास के लिए हमारी सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार आदि के क्षेत्र में अनेक योजनाओं को लागू कर इसका बेहतर ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में अनेक नई-नई योजनाएं भी बनाई गई है। इनके साथ कई सड़कों के उन्नयन तथा निर्माण कार्य को काफी तादात में लिया गया है। मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि कोरबा से बिलासपुर मार्ग के सुधार और मरम्मत कार्य के लिए 30 करोड़ रूपए की स्वीकृति भी दी गई है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए केन्द्रीय भू-तल परिवहन मंत्री से चर्चा हुई है और उसे गति देने के लिए आवश्यक पहल की जा रही है। उन्होंने सड़कों का निर्माण गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण किए जाने के लिए विशेष जोर दिया। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के विकास के लिए अधोसंरचना को मजबूती प्रदान करना जरूरी है। इसके तहत क्षेत्र में जरूरत के मुताबिक सड़क, भवन तथा पुल-पुलिया आदि निर्माण कार्यों को तेजी से स्वीकृत कराए जा रहे है। उन्होंने बताया कि एडीबी लोन-3 के अंतर्गत प्रदेश में लगभग तीन हजार 500 करोड़ रूपए की राशि के 25 सड़कों के उन्नयन तथा पुनर्निर्माण कार्य स्वीकृत है। जिसके तहत 870 किलोमीटर लंबाई के सड़कों का पुनर्निर्माण तथा उन्नयन कार्य किया जाएगा। इसके प्रथम चरण में आज 13 सड़कों के पुनर्निर्माण तथा उन्नयन के लिए भूमिपूजन किया गया। 


मुख्यमंत्री ने जिन सड़क परियोजनाओं के उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया, इनमें 287.44 करोड़ रूपए की लागत से रायपुर के टिकरापारा-सेजबहार-सेमरा-भखारा-धमतरी मार्ग, 148.76 करोड़ रूपए की लागत से गरियाबंद जिले में पाण्डुका-जतमई-घटारानी-गायडबरी-मड़ेली-मुड़ागांव मार्ग, 149.47 करोड़ रूपए की लागत से बलौदाबाजार, रायपुर एवं महासमुंद जिले के घोटिया-पलारी-वटगन-गिधपुरी-चिखली-समोदा-अछोला-तुमगांव मार्ग, 157.35 करोड़ रूपए की लागत से राजनांदगांव जिले में बिहरीकला-दनगढ़-सोमाटोला-गोटाटोला-खड़गांव मार्ग शामिल हैं। इसी प्रकार 88.09 करोड़ रूपए की लागत से राजनांदगांव एवं बालोद जिले के डोंगरगांव-खुज्जी-पिनकापार-जेवरतला मार्ग, 154.35 करोड़ रूपए की लागत से महासमुंद जिले के लम्बर-बोड़ेसरा-बिरकोल-सिंघोरा मार्ग, 102.55 करोड़ रूपए की लागत से दुर्ग एवं बालोद जिले के अण्डा-रनचिरई-जामगांव मार्ग, 142.57 करोड़ रूपए की लागत से बालोद एवं दुर्ग जिले के करहीभदर- निपानी-मोखा-बटरेल-जामगांव मार्ग, 126.95 करोड़ रूपए की लागत से धमतरी एवं गरियाबंद जिले के कुरूद-मेघा-मगरलोड-अमलीडीह-धौंराभाटा-खिसोरा-पाण्डुका मार्ग और 111.96 करोड़ रूपए की लागत से बिलासपुर जिले के मंगला से भैसाझार मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा 93.53 करोड़ रूपए की लागत से मुंगेली जिले के लोरमी-पैजनिया-मसना-मसनी- जरहागांव मार्ग, 282.39 करोड़ रूपए की लागत से रायपुर एवं धमतरी जिले के बुढ़ेनी-नयापारा- परसवानी-मगरलोड-मोंहदी-बोरसी-भोयना मार्ग और 137.40 करोड़ रूपए की लागत से जांजगीर-चांपा एवं रायगढ़ जिले के सक्ती-टुण्ड्री मार्ग शामिल हैं। इस अवसर पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया और विधायक सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, लक्ष्मी ध्रुव, विनोद चन्द्रकार,धरमजीत सिंह, रामकुमार यादव, विकास उपाध्याय, अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

17-08-2019
गांव के विद्यार्थियों को मिली सौगात हाईस्कूल का हुआ उन्नयन

रायगढ़। जिले के ग्राम बंगुरसिया स्थित सरकारी हाईस्कूल का उन्नयन हायर सेकेंड्री स्कूल के रूप में किया गया। लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बंगुरसिया में काफी समय से हायर सेकेंड्री विद्यालय की मांग की जा रही थी। इस उन्नयन के साथ ही शासकीय हायर सेकेंडरी  विद्यालय बंगुरसिया जिले का पहला ऐसा स्कूल बन गया है, जिसे उन्नयन कर 12वीं क्लास तक की पढ़ाई होगी। लैलूंगा विधायक चक्रधर सिंह सिदार के द्वारा ग्राम बंगुरसिया में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल का उद्घाटन किया गया। उद्धघाटन  समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी मनिन्द्र श्रीवास्तव, बंगुरसिया सरपंच,पंच सहित गांव के नागरिक उपस्थित थे। हायर सेकेंडरी स्कूल के शुभारम्भ के ही दिन 11 छात्रों ने कक्षा 11 वीं में प्रवेश लिया।लैलूंगा विधायक चक्रधर सिंग सिदार ने विधानसभा क्षेत्र में जनता की हर मांग पूरी करने की बात कही,स्थानीय निवासियों द्वारा क्षेत्र में कॉलेज की मांग की गई, जिसे जल्द पूरा करने की बात लैलूंगा विधायक द्वारा कही गई।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी छात्रों को शाला उन्नयन के लिए बधाई दी व 12वीं की परीक्षा में अच्छे परिणाम लाने की शुभकामनाए दी। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं में जिले के बच्चो का उत्कृष्ट प्रदर्शन होता है मैं आशा करता हु कि आने वाले दिनों में शासकीय हायर सेकेंड्री स्कूल बंगुरसिया के छात्र भी टॉप 10 की सूची में आएंगे। शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय हायर सेकेंड्री स्कूल में उन्नयन के पश्चात 11 वीं की कक्षा नियमित रूप से चलने के लिए निर्देशित किया जा चुका है।

 

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