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16-07-2020
तालाब में डूब कर व सर्पदंश से मरने वालों के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि मंज़ूर

रायपुर/बेमेतरा। राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के तहत कलेक्टर शिव अनंत तायल की ओर से 2 जरूरतमंद परिवारों को 4-4 लाख रूपए के मान से 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। संयुक्त जिला कार्यालय के राजस्व शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 प्रकरणों मे तहसील नवागढ़ के ग्राम कामता निवासी जितेन्द्र वर्मा की सर्प के काटने से मृत्यु होने पर परिजन रामकुमारी वर्मा एवं तहसील नवागढ़ के ग्राम तेन्दुआ निवासी गोदावरी बाई की तालाब मे डुबने से मृत्यु होने पर परिजन विशाल राजपूत को 4-4 लाख रुपए (कुल 8 लाख रुपए) की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई।

23-06-2020
बलौदाबाजार जिले के प्राकृतिक आपदा पीड़ित 6 परिवारों के लिए भूपेश सरकार ने की 24 लाख  की आर्थिक सहायता मंज़ूर

रायपुर/बलौदाबाजार। प्राकृतिक आपदा से पीड़ित जिलों के 6 परिवारों के लिए 24 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। इसमें सभी पीड़ित परिवार के लिए 4-4 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने राजस्व पुस्तक परिपत्र की धारा 6-4 के अंतर्गत ये स्वीकृतियां प्रदान की है। पानी में डूबने,बिजली गिरने,सांप अथवा बिच्छू काटने के कारण हुई मौत के कारण उनके निकट परिजनों के लिये यह आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदारों को आरटीजीएस के माध्यम से हितग्राहियों के बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। जिला कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार लाभान्वित हितग्राहियों में अदालत ग्राम कोयदा तहसील बलौदाबाजार निवासी प्रमिला साहू, ग्राम डोटोपार तहसील बलौदाबाजार  निवासी गुणेशु बंजारे ग्राम गातापार तहसील पलारी निवासी संतोष कुमार धृतलहरे,ग्राम भानपुर तहसील कसडोल निवासी संतराम, ग्राम छुहिया तहसील बिलाईगढ़  निवासी भीषम लाल, ग्राम सकरी (स) तहसील पलारी निवासी रेशमा साहू इनमें से प्रत्येक हितग्राही के लिये जिला कलेक्टर ने 4-4 लाख रूपए  की आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है।

 

28-08-2018
CM Raman : मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सतर्कतामूलक कदम उठाने के निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में भारी वर्षा और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला कलेक्टरों को सभी सतर्कतामूलक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। डॉ. सिंह इस सिलसिले में वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार सम्पर्क में है और उनसे प्रतिदिन की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे खुला रखें।

जल संसाधन विभाग के अधिकारी नदी-नालों और सिंचाई जलाशयों के जल स्तर की सतत निगरानी करें। अगर कहीं जन-धन की हानि की कोई सूचना मिले तो प्रभावितों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत हरसंभव मदद पहुंचायी जाए। मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से भी कहा है कि शहरों में स्थानीय निकायों से समन्वय बनाकर जल-जमाव को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जलमग्न पुल-पुलियों और एनीकटों में कोई यातायात न हो। पानी उतरने पर ही यातायात की अनुमति दी जाए। इस बीच राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री  प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने भी विभागीय अधिकारियों से राज्य में बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली है और उन्हें आपदा प्रबंधन की दृष्टि से सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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