GLIBS
28-08-2020
बारिश से नदी-नाले उफान पर, बालोद गुंडरदेही मुख्य मार्ग पर डेढ़ फीट ऊपर बह रहा पानी

गुंडरदेही। पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार बारिश की वजह से क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। नदी नाले उफान पर हैं वही गांव के तालाब भी ओवरफ्लो होने लगे हैं। कहीं-कहीं पर बारिश के पानी के निकासी का इंतजाम नहीं होने के कारण पानी लोगों के घरों में घुस गया है। बालोद गुंडरदेही मुख्य मार्ग पर पड़ने वाले छोटे रपटे के ऊपर पानी का बहाव लगभग डेढ़ फीट बह रहा है। ग्राम साकरी के पास नाले का पानी सड़क के ऊपर बह रहा है। बारिश के पूर्व ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा नालियों और नालों की सफाई तथा पानी निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाने से लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस रहा है। बस स्टैंड क्षेत्र में भी पानी निकासी के इंतजाम नहीं होने से मुख्य मार्ग पर स्थित घरों में बारिश का पानी भर गया है।

शब्बीर रिजवी की रिपोर्ट

27-08-2020
उफनती नदी पार करते समय बाइक सवार बहे, तैरकर बचाई जान

कांकेर। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते कई नदी नाले उफान पर है। वही कोयलीबेड़ा मेढकी नदी का भी जल स्तर बढ़ जाने से आवागमन में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी नालों को पार करने से गुरेज नहीं कर रहे है। जिसके चलते मेढ़की नदी में बाइक से नदी को पार करते हुए तीन ग्रामीण नदी के तेज बहाव में बह गये। तीनो अपनी जान बचाने के लिए तैरने लगे जिसमें एक कि जान बचाने के लिए ग्रामीणों ने मदद की और दो ने तैर कर अपनी जान बचाने में सफल हुए। जिससे एक बड़ा हादसा होते होते टल गया।

 

23-08-2020
महेश गागड़ा पहुंचे बाढ़ पीड़ितों के बीच, बांटी राहत सामग्री, मदद का दिया आश्वासन

बीजापुर। जिले में पिछले 10 दिनों में हुई भारी बरसात के चलते कई क्षेत्रो में नदी नाले उफान पर है। भारी बारिश के चलते गांवों का सम्पर्क नेशनल हाइवे से कट गया ओर कई मकान गिर गए। पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र मोदकपाल ,गोरला ,मिनुर के राहत केंद्रों में एवं कोटेर नदी के तट पर पंहुचे ओर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र एवं ग्रामीणों के हालात का जायजा लेने के साथ साथ बाढ़ पीड़ितों को रसद सामग्री के पैकेट के अलावा लुंगी,कम्बल,साड़ी, मच्छरदानी,बिस्किट,चॉकलेट सहित अन्य सामानों का वितरण किया।
उन्होंने बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। पूर्व वनमंत्री ने कहा कि आपकी बातों को राज्य सरकार व प्रशासन के सामने रखूंगा। गागड़ा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आप लोगों की मदद के लिए में हमेशा तत्पर था और रहूंगा। आप कभी भी किसी भी समस्या के लिए मुझसे संपर्क कर सकते हैं। बाढ़ पीड़ितों से मिलने के दौरान पूर्व मंत्री महेश गागड़ा,भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार,संजय लुंकड़,घासीराम नाग,अरविंद पुजारी,बिलाल खान सहित भाजपा कार्यकर्ता साथ थे।

22-08-2020
पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने बाढ़ पीड़ित परिवारों को बांटी राहत सामग्री

बीजापुर। जिले में लगातार बारिश के चलते नदी नाले उफान पर है, वंही भारी बारिश के चलते अंदरूनी क्षेत्रो में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं।  बाढ़ से प्रभाभित हुए ग्रामीणों को मदद पहुंचाने के कार्य मे पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा लगातार प्रयास में है। बाढ़ के पहले दिन से ही जिले के बाढ़ प्रभाभित क्षेत्र कोमला, तुमला, झाडीगुट्टा, मिनगाचल, मद्देड, भोपालपटनम का दौरा कर रहे है। ग्रामीणों का हाल चाल जानने के साथ जरूरत का समान भी वितरण कर रहे हैं।

कल बीजापुर के भैरमगढ़ विकासखंड के छोटे पोटेनार,जैगुर में बाढ़ से प्रभावित लोगों के मौजूद होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने भैरमगढ़ विकासखंड के छोटे पोटेनार में 92 परिवार व जैगुर में 100 तथा कोमपल्ली में 5 परिवारों को राहत सामग्री बांटी। महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों को शर्ट, पेंट, फ्रॉक, शाल, कम्बल, साड़ी और मच्छरदानी का वितरण किया। वहीं चेरपाल कोटेर में भी कम्बल साड़ी का वितरण किया गया। छोटे पोटेनार में मूड़ा राम मण्डल अध्यक्ष कुटरू ,लालूराम पोडियामी, जितेंद्र लेकाम, सुदराम पोयम,आयतु माड़वी, बुधराम कवासी, चिन्नाराम तेलम, जैगुर में गुट्टाराम मण्डल अध्यक्ष भैरमगढ़, हरीश निषाद, बलदेव उरसा, चैतराम लेकाम उपस्थित रहे।

16-08-2020
Video: बीजापुर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त, घरों में घुसा पानी

बीजापुर। जिले में लगातार 8 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से आम जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिले के नदी नाले उफान पर हैं, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है। मंझिगुड़ा से इटपाल जाने वाले रास्ते का पुल टूट गया, जिससे आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। वहीं कोकड़ापारा और जेलबाड़ा में सड़क जलमग्न हो गई। तुमला, कोड़ेपाल, मिनगाचल के घरों में पानी घुस गया, मकान के छत पर फंसे चार ग्रामीण को बचाने मौके पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम। रेस्क्यू का किया जा रहा प्रयास। नैमेड के एक मोहल्ले में बाढ़ की चपेट में आकर फंसे 10 ग्रामीण। नैमेड तालाब फूटने से जाम रहा राष्ट्रीय राजमार्ग 6 घंटे बाद बहाल।

बिजापुर जिले से भोपालपटनम के बीच मोदकपाल पुल पर पानी भर जाने से आवागमन हुआ बंद। मोदकपाल थाना व मिनगाचल कैम्प  में पानी भर गया, जिले में बारिश से मची तबाही का हाल देखने विधायक विक्रम मंडावी लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। विधायक विक्रम भैरमगढ़ के पातरपारा, मिनगाचल पहुंचे और पातरपारा के ग्रामीणों व मिनगाचल  जवानों का हौसला बढ़ाने के साथ हर संभव मदद करने का भरोसा भी दिया।

29-08-2019
खुद जान जोखिम में डालो और फिर चिल्लाओ बचाओ बचाओ

रायपुर। वर्षा देश के अधिकांश हिस्सों में कहर बरपा रही है, जिससे नदी नाले उफान पर है। ऐसे में उफनती नदी, नाले, झरनों में आए दिन लोगों के फंसने/बचने और डूब जाने की खबरे भी आम है। हैरानी की बात है दुर्घटनाओं की सारी खबरों के पीछे सिर्फ और सिर्फ एक ही कारण सामने आता है वो है दुस्साहस। खतरे के संकेतकों की परवाह न करते हुए खुद अपनी जान जोखिम में डालना और फिर चिल्लाना बचाओ बचाओ, ये कही से पढ़े लिखे अक्लमंदों की निशानी नहीं हो सकती लेकिन दुर्भाग्य से पढ़े लिखे लोग ही रिस्क उठाते है और बाद में सारा ठीकरा शासन/प्रशासन पर फोड़ दिया जाता है। अपने शहर की खारुन नदी पीछे पांच साल में 40 लोगो की जान ले चुकी है मगर लोग है कि मानते ही नही। आज भी एनीकट पर नहाने का जान जोखिम में डालने का सिलसिला जारी है।प्रशासन द्वारा लगाई गई खतरे की चेतावनी को नज़रंदाज़ करना फैशन हो गया है और ऐसा करने वाला खुद को बहादुर साबित कर जान जोख़िम में डाल रहा है। खतरनाक हो चले झरनों,बांध पर बरसात में पिकनिक मनाने जाना कौन सी अक्लमंदी का काम है।फिर वही होता है। अचानक पानी का बढ़ जाना,लोगो का फंस जाना,राहत कर्मियों का जूझना और घटना का अखबार न्यूज़ चैनलों में सुर्खियां बन जाना। कमोबेश यही हाल देश के अलग अलग हिस्सों से कार/ट्रक/मोटरसाइकिल के डूबने/बह जाने का है। पल पर बहते पानी के वेग की प्रचंडता की परवाह न कर वाहन से नदी की धारा पर विजय का अरमान लिए लोग जब फंसते है तो फिर वही शोर उठता है बचाओ बचाओ। सौभग्यशाली बच जाते है नहीं तो नदी के शिकार का आंकड़ा बढ़ जाता है। हैरानी की बात है कि पढ़े लिखे जानकार लोग ये अज्ञानता कर रहे है,जिसका दोष अंत मे आकर प्रशासन और शासन पर मढ़ दिया जाता है। क्या जान जोखिम में डालने वालो की कोई गलती नही होती?

01-08-2019
पुल को पार करते समय बाइक सहित नदी में बहे तीन युवक

भोपाल। लगातार बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। यहां सिवनी मालवा तहसील में भाजी नदी को मोटरसाइकिल से पार करते समय तीन युवक तेज बहाव में बह गए। इनमें एक युवक तो किनारे लग गया लेकिन दो युवकों और मोटरसाइकिल का अभी पता नहीं चला है। पुलिस सर्च अभियान चला रही है| 

जानकारी के मुताबिक हाेशंगाबाद के सिवनीमालवा और बैतूल के बीच लही गांव के पास भाजी नदी के रपटे से रात में तीन युवक बाइक सहित बह गए। यह तीनों युवक बैतूल जिले के बिजादेही थाना क्षेत्र के आदिवासी ग्राम पंछी के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि पुल के ऊपर से तेजी पानी बह रहा था, इसके बाद भी तीनों युवकों ने पानी में से गाड़ी निकालने की कोशिश की, पानी का बहाव तेज होने के चलते तीनों युवक गाड़ी सहित बह गए। हालांकि एक युवक ने खुद को बचा लिया और बाहर निकल आया। लेकिन उसके दो साथ बह गए। सुरक्षित निकले युवक की सूचना पर प्रशासन हरकत में आया और सर्च अभियान चलाया गया पर अभी तक किसी का कुछ पता नहीं चला है। 

28-07-2019
बस्तर में बारिश से नदी नाले उफान पर

जगदलपुर। बस्तर संभाग में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। इन्द्रावती नदी, सबरी नदी, संकनी-डंकनी तथा मिंगाचल नदी पर जल स्तर बढ़ रहा है। हालांकि इसी दौरान कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बीजापुर जिले में अतिभारी बारिश हो रही है। बताया जाता है कि उसूर ब्लॉक में प्रदेश में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। इधर बीजापुर जिले में झमाझम बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ जाने से लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। किरंदुल में हो रही बारिश के चलते बंगाली कैंप में एक मकान ढह गया। इसके साथ ही तेज हवा से कुछ जगहों पर पेड़ की डालियां भी टूट गयी हैं।

बस्तर जिले में बारिश हल्की से मध्यम रही, लेकिन बास्तानार ब्लॉक में 93.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। हालांकि अब तक इंद्रावती नदी का जलस्तर सामान्य बना हुआ है। बस्तर संभाग में हो रही बारिश में जहां बीजापुर जिले के बीजापुर ब्लॉक में 122.0 मिमी बारिश हुई, जबकि भैरमगढ़ में भी 104.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है। दो दिनों से लगातार हो रही है झमाझम बारिश से शबरी नदी उफान पर है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि ऐसी ही बारिश अगर आज भी जारी रही तो बाढ़ की स्थिति बन जाएगी। इधर नदी का जलस्तर बढ़े से इजरम और एरार्बोर नाले भी लबालब चल रहे हैं। फिलहाल इंजरम पुल डूबने के कगार पर है। भोपालपटनम में इंद्रावती नदी का जलस्तर 3.370 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 17 मीटर पर है। ऐसे में अब भी इंद्रावती नदी खतरे के निशान से 13.360 मीटर नीचे बह रही है।

28-08-2018
High Alert: गंगरेल बांध से पानी छोड़ने के बाद उफान पर महानदी, जिला प्रशासन ने किया हाई अलर्ट जारी

जांजगीर-चांपा। जिले में गंगरेल डैम से पानी छोड़े जाने के बाद जांजगीर जिले की नदी नाले उफान पर हैं। ऐसे में महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और महानदी के किनारे बसे हुए इलाकों को खाली कराया जा रहा है।

शिवरीनारायण से बलौदा बाजार जाने वाली महानदी पुल को जिला प्रशासन ने आवागमन बंद करा कर पुलिस बल तैनात कर दिया है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गोताखोरों की मोटर बोट की तैयारी कर ली गई है। नदी किनारे लोगों को ऊपर चढ़ने के लिए क्षेत्र के लोगों को ऊपर बुलाया जा रहा है। इसके साथ ही साथ ही शिवरीनारायण में दो जगहों पर राहत शिविर की तैयारियां की गई है जिससे कोई भी होने वाली घटना में लोगों को राहत शिविर में ठहराया जा सके।

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