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11-01-2020
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ संचालनालयीन शासकीय कर्मचारी संघ के कैलेण्डर का किया विमोचन

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने शनिवार को यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ संचालनालयीन शासकीय कर्मचारी संघ रायपुर के कैलेण्डर का विमोचन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संचालनालयीन शासकीय कर्मचारी संघ रायपुर के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र सिंह ठाकुर और कर्मचारी संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

01-01-2020
मुख्यमंत्री ने किया नए वर्ष के कैलेण्डर का विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बुधवार को यहां अपने निवास कार्यालय में सतपुड़ा वन्यजीव फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित वर्ष 2020 के कैलेंडर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित सतपुड़ा वन्यजीव फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप पौराणिक को कैलेंडर के विमोचन पर बधाई और शुभकामनाएं दी। कैलेंडर में छत्तीसगढ़ के जंगलों में पाए जाने वाले वन्य जीवों को भी प्राकृतिक परिवेश में सुंदर चित्रों के माध्यम से प्रकाशित किया गया है। 

27-12-2019
आदिवासी नृत्य महोत्सव पर नए साल के कैलेण्डर का हुआ विमोचन

रायपुर। साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि सांसद राहुल गांधी एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित विशिष्ठ अतिथियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के वर्ष 2020 के नए कैलेण्डर का विमोचन किया। 

 

27-12-2019
उमेश पटेल ने किया विभागीय स्टालों का अवलोकन

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अवसर पर उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल ने विभागीय स्टालों का अवलोकन किया। जनसंपर्क विभाग के स्टाल में मंत्री पटेल ने डॉ. आरती सिंह के किताब ‘’बिरहोर महिलाएं और बदलता परिवेश’’ का विमोचन भी किया। मंत्री पटेल ने जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी की सराहना की। इस अवसर पर उच्च शिक्षा सचिव अलरमगाई डी सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। 

05-12-2019
राज्यपाल से मैट्स विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने की  मुलकात

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके से बुधवार को राजभवन में मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति गजराज पगारिया ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने मैट्स विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित वार्षिक कैलेण्डर-2020 का विमोचन किया।

30-11-2019
 मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज के वैवाहिक पत्रिका ‘मंगल माधुरी’ का किया विमोचन 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शनिवार को उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज रायपुर के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। बघेल ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के मुख पत्र संगठन युग का वार्षिकांक ‘मंगल माधुरी’ वैवाहिक पत्रिका का विमोचन किया। प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष अजय दानी, सचिव जयप्रकाश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष प्रकाशानंद अग्रवाल, व्ही.के. अग्रवाल, उमेश अग्रवाल तथा धरम अग्रवाल उपस्थित थे। 


   

17-11-2019
 रविन्द्र चौबे ने किया डॉ.संजय दानी के उपन्यास पंछीवाला का विमोचन

रायपुर। संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे ने रविवार को आई.एम.ए. भवन दुर्ग में हिंदी साहित्य अकादमी दुर्ग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में डॉ संजय दानी द्वारा रचित उपन्यास पंछीवाला का विमोचन किया। संसदीय कार्य मंत्री चौबे ने कहा कि इस उपन्यास में छत्तीसगढ़ी का पुट है। हमारी सरकार राज्य की पहचान संस्कृति बोली भाषा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। ऐसे समय इस उपन्यास में छत्तीसगढ़ी भाषा का समावेश किया जाना सचमुच अच्छी पहल है। उन्होंने पंछी वाला उपन्यास की रचना के लिए डॉक्टर संजय दानी को शुभकामनाएं दी।

15-11-2019
डॉ संजय दानी लिखित उपन्यास 'पंछीवाला' का 17 नवंबर को  रविन्द्र चौबे करेंगे विमोचन

दुर्ग। नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ संजय दानी के नवरचित उपन्यास 'पंछीवाला' का 17 नवंबर को कैबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे विमोचन करेंगे। इस अवसर को यादगार बनाने आईएमए भवन में शाम 4 बजे कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बिलासपुर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट संजय अलंग शिरकत करेंगे। अध्यक्षता साहित्यकार रवि श्रीवास्तव करेंगे। इसके अलावा समालोचक सुभद्रा चौहान अतिथि के रूप में शमिल होंगी। यह उपन्यास बेहतर कार्य करने वालों को समाज में सम्मान मिलने पर आधारित है। दुर्ग जिला हिन्दी साहित्य समिति के बैनरतले आयोजित विमोचन कार्यक्रम में दुर्ग- भिलाई के साहित्यकारों,  शिक्षाविदों, चिकित्सकों के अलावा गणमान्य नागरिक जुटेंगे। पुस्तक के रचनाकार डॉ. संजय दानी ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा में उपन्यास की खूबियों से अवगत कराया। प्रेसवार्ता में लायंस क्लब के पूर्व अध्यक्ष विजय गुप्ता व रमाकांत बराडिय़ा भी मौजूद थे। चचाज़् में प्रसिद्ध डॉक्टर संजय दानी ने बताया कि यह उपन्यास 'पंछीवाला' एक सामाजिक समस्या पर आधारित है। इस उपन्यास के दो मुख्य पात्र पृथ्वी व सूरज है। 

 

05-11-2019
राज्यपाल ने 'नक्सल प्रभावित जिलों में महिलाओं की स्थिति' पर प्रतिवेदन का किया विमोचन

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने मंगलवार को दृष्टि स्त्री अध्ययन प्रबोधन केन्द्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ‘नक्सल प्रभावित जिलों में महिलाओं की स्थिति’ विषय पर प्रतिवेदन का विमोचन किया। उन्होंने मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए कहा कि समाज के लिए वही काम करता है, जिनके मन में दीनदुखियों के लिए संवेदना होती है। यही भावना उन्हें समाज सेवा करने के लिए प्रेरित करती है। राज्यपाल ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट शासन के लिए बड़े उपयोगी होते हैं और साथ ही जनकल्याणकारी नीतियां बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं। इस रिपोर्ट को भी मैं राष्ट्रपति और राज्य शासन के समक्ष रखुंगी। यह रिपोर्ट महिलाओं की स्थिति पर तैयार की गई है। इससे महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिति की जानकारी मिलेगी। राज्यपाल ने कहा कि जब वह राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य थीं तो उन्होंने आदिवासी महिलाओं की स्थिति पर एक सर्वे कराया था। उस रिपोर्ट को मैंने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सौंपी तब उसके बाद आदिवासी महिलाओं की सशक्तिकरण संबंधी नीति बनाई गई। कार्यक्रम में अखिल भारतीय महिला समन्वय की समन्वयक गीता ताई ने कहा कि इस रिपोर्ट में एक-एक तथ्य जुटाने में काफी मेहनत की गई है। जब सर्वे के लिए महिलाओं से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि वे अपने स्वयं के बारे में कुछ कह रही हैं। जिन महिलाओं के संबंध में यह सर्वे किया गया उन्हें तो अच्छा लगा ही, साथ ही जिनके ऊपर इस सर्वे को करने की जिम्मेदारी थी, उनके लिए भी एक अच्छा अनुभव था। इस अवसर पर डॉ. मिताली मित्रा ने दृष्टि स्त्री अध्ययन प्रबोधन केन्द्र द्वारा तैयार की गई ‘नक्सल प्रभावित जिलों में महिलाओं की स्थिति’ विषय पर प्रतिवेदन और डॉ. शिल्पा पौराणिक ने भारत में महिलाओं की स्थिति संबंधित प्रतिवेदन की जानकारी दी। कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. केशरीलाल वर्मा, राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार सदस्य हर्षिता पाण्डेय, छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे, अखिल भारतीय महिला समन्वय छत्तीसगढ़ प्रांत की महिला सहसमन्वयक शताब्दी पाण्डेय एवं बिसराराम यादव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

01-11-2019
 मुख्यमंत्री ने राज्य योजना आयोग के न्यूज लेटर 'दिशा' का किया विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अपने निवास कार्यालय में राज्य योजना आयोग द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक न्यूज लेटर 'दिशा' के प्रथम अंक माह अक्टूबर 2019 के अंक का विमोचन किया। राज्य योजना आयोग द्वारा आयोग की गतिविधियों, विभिन्न विभागों की हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी, विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी विभागों और संबंधितों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस न्यूज लेटर का प्रकाशन प्रारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य योजना आयोग की यह एक अच्छी पहल है। इससे आयोग और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय हो सकेगा। इस अवसर पर राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह, राज्य योजना आयोग के सदस्य के. सुब्रमणियम, मुख्यमंत्री के योजना सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी और राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव डॉ. जेएस विरदी उपस्थित थे।

 

30-10-2019
मुसीबतों का सामना कर आगे बढ़ेंगे तो मंजिल तक जरूर पहुंचेंगे : सुनील माथुर

रायपुर। सत्यनिष्ठा जीवन का अपरिहार्य अंग है, इस रास्ते पर चलने से मुश्किलें जरूर आती हैं, अगर हम उन मुसीबतों का सामना करके आगे बढ़ेंगे तो हम अपनी मंजिल तक जरूर पहुंचेंगे। ये विचार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जोनल कान्फ्रेंस हॉल में बुधवार को आयोजित सेमीनार सत्यनिष्ठा एक जीवन शैली में मुख्य अतिथि रेलवे बोर्ड के अति. सदस्य (टूरिस्म एंड कैटरिंग) सुनील माथुर ने व्यक्त किए। इससे पहले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी अमित कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वारेन बफेट को उद्घृत किया कि किसी भी व्यक्ति में तीन गुण देखने चाहिए -बुद्धिमता, ऊर्जा एवं सत्यनिष्ठा, लेकिन यदि उसमें सत्यनिष्ठा नहीं है तो प्रथम दोनों की परवाह नहीं करनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि एवं अपर महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, प्रमोद कुमार ने अपने अभिभाषण में स्वयं का हीरो बनने की अपील की। उन्होंने बताया कि व्यक्ति अपने बारे में सर्वाधिक जानकारी रखता है, अत: ऐसा कार्य करे कि खुद की नजरों में गिरे नहीं। सचिव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे  हिमांशु जैन ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की कार्यशैली, लक्ष्य प्राप्त करने की चुनौती, भविष्य की संभावनाएं आदि को सारगर्भित एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि सुनील माथुर, अति. सदस्य (टूरिस्म एंड कैटरिंग), रेलवे बोर्ड, विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार अपर महाप्रबंधक  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे एवं  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य सतर्कता अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सतर्कता बुलेटिन 2019 के ई-संस्करण का विमोचन भी किया। इस दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय के सभी विभागों के अधिकारियों सहित वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीनों मंडलों बिलासपुर, रायपुर एवं नागपुर के मंडल रेल प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित हुए।

22-10-2019
महात्मा गांधी के विचार हमारे जीवन के संस्कार: अमरजीत भगत

रायपुर। संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने मंगलवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में हिन्दी साहित्य और गांधीवाद पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ मित्र पत्रिका के गांधी विशेषांक का विमोचन किया। राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन विश्वविद्यालय के साहित्य एवं भाषा अध्ययन शाला द्वारा 22 से 24 अक्टूबर तक किया जा रहा है। प्रेक्षागृह परिसर में गांधी जी के छायाचित्रों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है। संगोष्ठी में महात्मा गांधी के विचारों पर आधारित शोध पत्र एवं लेखों का वाचन किया जाएगा। संगोष्ठी में भारत के विभिन्न स्थानों से आए शिक्षाविदों और विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिया जाएगा।

इस मौके पर संस्कृति मंत्री भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गांधी जी की 150वीं जयंती पर 2 अक्टूबर को विधानसभा में विशेष सत्र का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचार हमारे जीवन का संस्कार है। गांधी जी ने हमें सत्य, अहिंसा की सीख दी है। गांधी जी के विचार आज भी हमारे आसपास है। गांधी जी के विचार पहले भी प्रासंगिक थे, आज भी है और कल भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि गांधी जी समाज सुधारक, लेखक और विचारक थे। गांधी विचारधारा को भारत सहित विश्व के कई देशों ने आत्मसात किया है। गांधी जी ने अहिंसा परमो धर्म का उपदेश दिया है। गांधी जी ने राष्ट्रीय आंदोलन को एक सूत्र में बांधने के लिए एक भाषा का प्रयोग किया और वह भाषा हिन्दी है। वे देश के काने-कोने में गए और वहां के खान-पान, रीती-रिवाज, वेश-भूषा, धर्म, कुरीतियों आदि का सूक्ष्म रूप से अवलोकन किया।  भगत ने हिन्दी साहित्य और गांधीवाद पर संगोष्ठी आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

संगोष्ठी में पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति केसी वर्मा ने कहा कि गांधी जी के विचार सत्य, अहिंसा और सहिष्णुता को बढ़ावा देते है। हिन्दी भाषा ही लोगों को एक-दूसरे से जोड़ सकती है। हमारे विश्वविद्यालय द्वारा गांधी जी के विचारों पर आधारित कई कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके है। उन्होंने बताया कि पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय द्वारा गांधी जी पर आधारित 17 पीएचडी प्रदान की गई है। आलोचक राजेन्द्र मिश्र ने कहा कि गांधी के जीवन में तुलसीदास जी की रचना का प्रभाव रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय के पी. मोहन ने कहा कि गांधी जीे ने ग्राम सुराज की बात कही थी। हमारी परम्परा लगभग 10 हजार साल पुरानी है और इस परम्परा के रक्षक यहां के आदिवासी है। संगोष्ठी में हिन्दी साहित्य एवं भाषा अध्ययन शाला के प्रोफेसर शैल वर्मा, प्रोफेसर मधुलता, प्रोफेसर गिरीश पाण्डेय, इतिहासविद रमेन्द्रनाथ मिश्र, साहित्यकार सुधीर शर्मा सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, साहित्य के प्रेमी, प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं मौजूद थीं।

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