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14-11-2019
भूपेश बघेल ने प्रदेश के सांसदों को लिखा पत्र, राज्य हित का ध्यान रखने का किया आग्रह

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी सांसदों को पत्र लिखकर संसद के शीतकालीन सत्र में राज्य हित से जुड़े मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाने की अपेक्षा और आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के हित में समय-समय पर अनेक मांगों, समस्याओं, प्रकरणों और सहायता से संबंधित विषय केन्द्र शासन के संज्ञान में लाए गए है। संसद के शीतकालीन सत्र के अवसर पर आप राज्य हित के विषयों पर तथ्यों, आंकड़ों तथा तर्कों के साथ चर्चा करें। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी सांसदों को पत्र के साथ राज्य हित से संबंधित केन्द्र स्तर पर परिशीलन योग्य प्रकरणों की जानकारी के संकलन की पुस्तिका भी उपलब्ध करायी है।

उन्होंने उम्मीद प्रकट की कि इस जानकारी के उपयोग करते हुए सांसद राज्य हित के पक्षों को पुरजोर तरीके से यथासमय संसद में उठाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा प्रेषित जानकारी में प्रमुख रूप से राज्य सरकार द्वारा केन्द्रों को भेजे गए प्रकरण और जिन प्रकरणों में कार्यवाही लंबित है को शामिल किया गया है। इनसे विशेष रूप से धान खरीदी और कृषि से संबंधित, कोल ब्लाक से संबंधित, वन अधिकार पट्टे से संबंधित साथ ही ऐसे बहुत सारे विषय जिनमें मुख्यमंत्री या संबंधित विभागों द्वारा पत्र लिखा गया है और उन प्रकरणों में केन्द्र से कार्यवाही अपेक्षित है।

24-09-2019
सीएम बघेल ने केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान को  लिखा पत्र

 रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के मंत्री रामविलास पासवान को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में खरीफ वर्ष 2019-20 में राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा कानून के तहत भारतीय खाद्य निगम को सेंट्रल पूल के अंतर्गत छत्तीसगढ़ से 32 लाख मीट्रिक टन चावल के उपार्जन की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया है। पिछले वर्ष भारतीय खाद्य निगम को छत्तीसगढ़ से 24 लाख मीट्रिक टन चावल के उपार्जन की अनुमति दी गई थी।  मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि प्रदेश में खरीफ वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर 85 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन होना अनुमानित है, जिससे निर्मित होेने वाले कस्टम मिलिंग चावल 57.37 लाख मीट्रिक टन में से राज्य के द्वारा पीडीएस की आवश्यकता हेतु 25.40 लाख मीट्रिक टन चावल उपार्जन किया जाएगा (सेंट्रल 15.48 लाख मीट्रिक टन, स्टेट पूल 9.92 लाख मीट्रिक टन) एवं सरप्लस चावल लगभग 32 लाख मीट्रिक टन एफसीआई को सेंट्रल पूल अंतर्गत उपलब्ध कराया जा सकेगा। सीएम बघेल ने खाद्य मंत्री से एफसीआई में चावल उपार्जन की मात्रा गत वर्ष भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मात्रा 24 लाख मीट्रिक टन की उसना चावल को बढ़ाकर 28 लाख मीट्रिक टन उसना चावल करने और 4 लाख मीट्रिक टन अरवा चावल करने का (प्रदेश में दो तिहाई राईस मिल अरवा किस्म की होने के कारण) अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन करने के लिए आवश्यक तैयारी आंरभ की जा चुकी है। इसके लिए किसानों के पंजीयन का कार्य किया जा रहा हैै।
 मुख्यमंत्री ने भारत सरकार को 5 जुलाई 2019 को भेजे गए पत्र के माध्यम से खरीफ वर्ष 2019-20 में प्रदेश के किसानों के हित में समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 2500 रूपए प्रति क्विंटल किए जाने का निवेदन किया था एवं यदि किसी परिस्थिति के कारण भारत सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में इस अनुरूप वृद्धि किया जाना संभव नहीं हो तो राज्य सरकार को इस मूल्य पर धान उपार्जित करने की सहमति विकेन्द्रीकृत खाद्यान्न उपार्जन योजना के अंतर्गत दिए जाने का अनुरोध किया गया था। साथ ही राज्य के किसानों के व्यापक आर्थिक हित को देखते हुए एमओयू की कंडिका 1 की शर्त से शिथिलता प्रदान करते हुए राज्य के सार्वजनिक वितरण की आवश्यकता के अतिरिक्त उपार्जित होने वाले चावल (अरवा एवं उसना) को केन्द्रीय पूल में मान्य करने का निर्देश संबंधितों को प्रसारित का अनुरोध किया गया था।
  इसी परिपेक्ष्य में यह बात भी ध्यान में लाया गया कि छत्तीसगढ़ के द्वारा पूर्व वर्षों में भी प्रत्येक खरीफ सीजन में एफसीआई को सरप्लस चावल सेंट्रल पूल में अंतरित किया जाता रहा है। इससे जहां एक ओर प्रदेश के सभी क्षेत्रों विशेषकर दूरस्थ (रिमोट) क्षेत्रों में भी रहने वाले किसानों से धान का समर्थन मूल्य पर उपार्जन संभव हो सका है, वहीं दूसरी ओर उपार्जित धान का कस्टम मिलिंग के माध्यम से निराकरण कर चावल एफसीआई द्वारा उपार्जन किए जाने से एनएफएसए के लिए आवश्यक चावल की पूर्ति में राज्य की महत्वपूर्ण सहभागिता रही है। छत्तीसगढ़ गत खरीफ वर्षों की तरह खरीफ वर्ष 2019-20 में भी एनएफएसए के लिए एफसीआई को सेंट्रल पूल अंतर्गत चावल प्रदान करने का इच्छुक है। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से इस विषय को सहानुभूतिपूर्वक विशेष मामले के रूप में लेते हुए किसानों के हित और एनएफएसए के अंतर्गत चावल की आवश्यकता की पूर्ति हेतु खरीफ वर्ष 2019-20 में एफसीआई में 32 लाख मीट्रिक टन चावल उपार्जन किए जाने की अनुमति प्रदान करने और आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधितों को प्रसारित करने का आग्रह किया है

16-07-2019
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले क्लर्क को कलेक्टर ने किया निलंबित

रायगढ़। कलेक्टर यशवंत कुमार ने जिला कार्यालय रायगढ़ के सहायक ग्रेड-3 (परिवीक्षा) संदीप कुमार श्रृंगी को कई लोगों को नौकरी लगाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों रुपए की ठगी करने की शिकायत पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
उल्लेखनीय है कि पदम नारायण पटेल ग्राम व पोस्ट धनागर, जिला-रायगढ़ एवं अन्य 5 लोगों के द्वारा सहायक ग्रेड-3 संदीप कुमार श्रृंगी के द्वारा कई लोगों को नौकरी लगाने के पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों रुपए का ठगी करने के लिए शिकायत प्रस्तुत किया गया था। शिकायत को कलेक्टर ने गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुए छग सिविल सेवा आचरण नियम में निहित प्रावधानों के उल्लंघन होने के फलस्वरूप संदीप कुमार श्रृंगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
निलंबन अवधि में संदीप कुमार श्रृंगी का मुख्यालय तहसील कार्यालय रायगढ़ निर्धारित किया गया है तथा इस अवधि में उसे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

10-06-2019
शिक्षकों ने कहा-जनघोषणा पत्र के वादों को जल्द पूरा करे सरकार, कल सौंपेंगे ज्ञापन

नवापारा राजिम।  छग पंचायत ननि शिक्षक संघ के प्रांतीय आईटी सेल प्रभारी पूरन लाल साहू व गरियाबंद जिलाध्यक्ष आरिफ  मेमन ने बताया कि चुनाव पूर्व जनघोषणा पत्र में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का वादा किया गया है। उनमें से अब तक किसी का क्रियान्वयन नहीं हुआ है, जिससे प्रदेशभर के शिक्षक संवर्ग में नाराजगी है। शिक्षकों ने इस विषय को लेकर 22 व 23 मई को प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में सरकार व शासन को ज्ञापन देकर चर्चा की किन्तु आज तक शिक्षकों की मांगें लंबित हंै। संघ ने मांग की है कि 1 जुलाई 2019 को करीब 16 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन हो रहा है तो साथ में शेष करीब 19 हजार शिक्षाकर्मियों का भी संविलियन किया जाए। इसी प्रकार 1998 से नियुक्त जिन शिक्षाकर्मियों की पदोन्नति नहीं हो पाई है, उन्हें क्रमोन्नति आदेश जारी किया जाए। प्राचार्य, प्रधानपाठक के साथ सभी स्तर के पदों पर शिक्षक एलबी संवर्ग से  समयबद्ध पदोन्नति का शीघ्र आदेश जारी किया जाए। इसके अलावा अन्य सभी मांगे पूर्ण की जाए। इन मांगों को लेकर छग पंचायत ननि शिक्षक के पदाधिकारी 11 जून को दोपहर 1 बजे कमिश्नर, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा रायपुर को ज्ञापन सौंपेंगे। उक्त अवसर पर प्रान्त, जिला एवं ब्लॉक स्तर के सभी पदाधिकारियों से उपस्थिति की अपील प्रांतीय उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, संयोजक सुधीर प्रधान, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेंद पारीक, रायपुर संभाग के प्रांतीय पदाधिकारी आयुष पिल्ले, सुखनंदन साहू, योगेश सिंह ठाकुर, पूर्णानंद मिश्रा, विनोद सिन्हा, यशवंत बघेल, भुवन यदु, छन्नू सिन्हा, संजीव साहू, गिरीश शर्मा, परमेश्वर निर्मलकर, हुलस साहू, अवनीश पात्र, संतोष साहू, दयाराम मांझी, शिवकुमार साहू,  शोभा सिंह देव, अंजुम शेख ,गीता शरणागत एवम जिलाध्यक्ष धमतरी डॉ भूषण लाल चन्द्राकर, जिलाध्यक्ष महासमुंद नारायण चौधरी, जिलाध्यक्ष रायपुर ओमप्रकाश सोनकला आदि ने की है।

21-05-2019
 शिव सेना ने लिखा सीएम को पत्र, किसानों की जमीन का जल्द दर्ज हो ऑनलाईन रिकॉर्ड   

सूरजपुर। किसानों की मांग को लेकर शिव सेना की ओर से आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है और किसानों को शासकीय योजनाओं से वंचित रखने की साजिश रचने वाले पर ठोस से ठोस कार्यवाही की माँग की है। महिला सेना की जिला सचिव रिंकू विश्वकर्मा  ने कहा कि शासन द्वारा यह निर्देश जारी कर दिया गया कि जिन किसानों का जमीन ऑनलाईन हैं, उन्हीं किसानों को लाभ दिया जायेगा। शिव सेना ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा और कहा कि प्रदेश के अधिकांश किसानों का जमीन का रिकॉर्ड हल्का के पटवारी ने अब तक ऑनलाईन दर्ज नहीं किया है, जिसके कारण प्रदेश के अन्नदाता किसानों को शासकीय सेवा सहकारी समिति से खाद/बीज/नगद कर्ज नहीं मिल पा रहा है। सेवा सहकारी समिति के प्रबंधन द्वारा बी वन जमीन का नकल कापी मांग की जा रही। 15 जून से फसल बोनी कार्य शुरू हो जाती। किसान मई माह मे ही शासकीय सोसाइटी से खाद बीज का उठाव कर लेता है ताकि खाद बीच के लिए दर दर न भटकना पड़े।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि तत्काल कलेक्टर को आदेश दे की वे तहसीलदार/नायब तहसीलदार को निर्देश दे की हल्का के पटवारी तत्काल अपने मुख्यालय मे रहकर उन तमाम किसानों जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाईन दर्ज करें ताकि प्रदेश के हर किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। 
महिला सेना के रिंकू विश्वकर्मा ने कहा कि किसान हित की मांग को देखते हुए तत्काल यह मांग को पूरा किया जाए ताकि किसानों को सोसायटी बैंक व पटवारी का चक्कर न काटना पड़े।

21-05-2019
अब नहीं भटकना पड़ेगा आय,जाति,निवास प्रमाण पत्र के लिए, विशेष शिविरों का  होगा आयोजन

धमतरी। स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशानियों का सामना करना न पड़े, इसके लिए राज्य शासन की मंशानुरूप प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। रायपुर संभाग के आयुक्त जीआर चुरेन्द्र ने संभाग के सभी जिला कलेक्टरों को स्कूली बच्चों के आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के साथ ही स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। कई बच्चे साल भर इन प्रमाण पत्रों के लिए भटकते रहते है। यदि आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों को विशेष शिविरों का आयोजन कर बनाया जाए तो इससे न केवल बच्चों और उनके अभिभावकों को राहत मिलेगी बल्कि विभागीय अधिकारियों को भी इस काम में काफी सहुलियत के साथ ही शासन में पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में यह कदम कारगर कदम साबित होगा।
शिविरों के लिए समय-सीमा तय
संभागायुक्त ने निर्देशित किया है कि 1 से 15 जून तक स्कूलों में अवकाश के दौरान विशेष अभियान आयोजित कर सेक्टर मुख्यालयों और केन्द्रीय लोकेशनों के हायर सेकेण्डरी या हाई स्कूलों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए। सबसे पहले 25 से 29 मई के बीच जिला कलेक्टरों द्वारा राजस्व, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन के जिला और मैदानी अधिकारियों की समन्वय बैठक आयोजित कर कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। जिन विद्यार्थियों के पास आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र नही है उनका आकंलन कर लिया जाए। कक्षावार आकलित विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र के लिए लगने वाले आवेदन व अन्य प्रपत्र प्रिंट कराकर विद्यालय को उपलब्ध करा दिए जाए। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को गांवों में मुनादी कर सूचना दी जाए कि आय, जाति और निवास प्रमाण बनाने हेतु आवेदन भरने और अन्य औपचारिकताएं पूर्ण कराने विद्यालयों में कार्यवाही की जा रही है। श्री चुरेन्द्र ने कहा कि यह कार्यवाही स्कूलों में 2 से 3 दिनों में कर ली जाए। इस दौरान सभी शिक्षकों के साथ ही ग्राम के सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी और संबंधित नगरीय क्षेत्र में निकाय के कर्मचारी अभिलेखों सहित अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर औपचारिकताएं पूर्ण करने में अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे। 
शिविर का पहला चरण 4 जून से 25 जून तक’
 सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद 4 जून से 15 जून के बीच तहसील व जनपद क्षेत्र के सेक्टर मुख्यालय या केन्द्रीय लोकेशन के हायर सेकण्डरी या हाई स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित कर प्रमाण पत्र जारी करने की कार्यवाही की जाए। शिविरों में छूटे बच्चों का विवरण तैयार कर कामन सर्विस सेंटरों के माध्यम से उनका आय, जाति व निवास प्रमाण बनवाया जाए। इसी तरह इस अभियान का अगला चरण 25 जून से 7 जुलाई के मध्य आयोजित कर छूटे बच्चों का प्रमाण पत्र बनाने की कार्यवाही की जाए।  
संभागायुक्त ने कहा कि शिविरों में राजस्व, शिक्षा, पंचायत और ग्रामीण विकास तथा नगरीय निकाय के अधिकारी-कर्मचारी अपने सभी संबंधित अभिलेखों के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। शिविरों की तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि कोई छूटने न पाए। श्री चुरेन्द्र ने इन शिविरों के सफल आयोजन के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को जिम्मेवारी दी है वहीं प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी समन्वयक की भूमिका निभाएंगे।

14-05-2019
व्यापमं ने बढ़ाई पीईटी-पीपीएचटी प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की तिथि 

रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल ने पीईटी-पीपीएचटी की परीक्षाओं के प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की तिथि बढ़ा दी है। अब अभ्यर्थी 15 मई सुबह 9 बजे तक प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इससे पहले व्यापमं ने परीक्षा की नई तिथि जारी करते हुए कहा था कि पीईटी-पीपीएचटी की परीक्षा 16 मई को आयोजित की होगी। वहीं अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र 6 से 12 मई तक डाउनलोड कर सकते हैं। पर कुछ परीक्षा​र्थियों के प्रवेशपत्र डाउनलोड नहीं होने की स्थिति में व्यापमं ने तिथि 15 मई तक बढ़ाई है। 
बता दें कि पीईटी और पीपीएचटी परीक्षा 2 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन चिप्स के सर्वर में खराबी आने के चलते परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। 
 

15-04-2019
आडवाणी को लिखे पत्र को जोशी ने बताया फर्जी, जांच की मांग 

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के नेता मुरली मनोहर जोशी ने पार्टी के ही वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को लिखे पत्र को फर्जी बताते हुए उसकी जांच की मांग चुनाव आयोग से की है। बता दें कि यह पत्र पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को खत में लिखा है कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया है। उन्होंने बताया कि मीडिया के मेरे परिचितों ने मुझे फोन किया और बताया कि कल से ही मेरी तरफ से लालकृष्ण आडवाणी को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर चल रहा है। मैंने इसकी विषय वस्तु पढ़ी है और उन्हें मैं इस पत्र के साथ भेज रहा हूं। मैंने आडवाणी को इस तरह का कोई खत नहीं भेजा है। कृपया मामले पर तुरंत संज्ञान लें और चि_ी के सोर्स का पता लगाएं जिसके जरिए यह सोशल मीडिया पर आया है। ज्ञात हो कि मुरली मनोहर जोशी और लालकृष्ण आडवाणी दोनों को ही पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है। 

13-11-2018
National Highway : राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर टप्पासेवैया में बनेगा सर्विस रोड और ब्रेकर 
रूपानंद सोई के पत्र पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने लिया संज्ञान में
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