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18-11-2019
राज्यसभा में प्रधानमंत्री का संबोधन, कहा- राज्य और केंद्र मिल कर देश को आगे बढ़ा सकते हैं

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने अपना भाषण शुरू करते हुए कहा, 250 सत्र का समय एक विचार यात्रा रही है। उच्च सदन ने बदली हुई परिस्थितियों को आत्मसात करते हुए अपने को ढालने का प्रयास किया। भारत की विकास यात्रा में निचले सदन से जमीन से जुड़ी चीजों का प्रतिबिंब झलकता है, तो उच्च सदन से दूर दृष्टि का अनुभव होता है। नरेंद्र मोदी कहा कि लोकसभा में कमजोर विपक्ष होने पर राज्यसभा ने निरंकुशता नहीं आने दी। मोदी ने कहा, अनुभव कहता है संविधान निर्माताओं ने जो व्यवस्था दी वो कितनी उपयुक्त रही है। कितना अच्छा योगदान इसने दिया है। जहां निचला सदन जमीन से जुड़ा है, तो उच्च सदन दूर तक देख सकता है। इस सदन के दो पहलू खास हैं- स्थायित्व और विविधता। स्थायित्व इसलिए महत्वपूर्ण है कि लोकसभा तो भंग होती रहती है लेकिन राज्यसभा कभी भंग नहीं होती और विविधता इसलिए महत्वपूर्ण है कि क्योंकि यहां राज्यों का प्रतिनिधित्व प्राथमिकता है। पीएम ने कहा, पिछले 5 साल का समय देखें तो यही सदन है,जिसने तीन तलाक का बिल पास करके महिला सशक्तिकरण का बहुत बड़ा काम किया। इसी सदन ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया, लेकिन कहीं विरोधभाव पैदा नहीं हुआ। सब जगह सहयोग का भाव बना। इसी सदन ने जीएसटी के रूप में वन नेशन-वन टैक्स की ओर सहमति बनाकर देश को दिशा देने का काम किया है। देश की एकता और अखंडता के लिए अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने की शुरुआत पहले इसी सदन में हुई, उसके बाद लोकसभा में ये हुआ। पीएम मोदी ने कहा, राज्यसभा का एक और लाभ भी है कि हर किसी के लिए चुनावी अखाड़ा पार करना बहुत सरल नहीं होता है, लेकिन देशहित में उनकी उपयोगिता कम नहीं होती है, उनका अनुभव, उनका सामर्थय मूल्यवान होता है। हमारे संविधान निर्माताओं ने हम लोगों को जो दायित्व दिया है, हमारी प्राथमिकता है कल्याणकारी राज्य लेकिन उसके साथ हमारी जिम्मेदारी है राज्यों का भी कल्याण। राज्य और केंद्र मिल करके देश को आगे बढ़ा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में एक लंबा कालखंड ऐसा था जब विपक्ष जैसा कुछ खास नहीं था। उस समय शासन में बैठे लोगों को इसका बड़ा लाभ भी मिला। उस समय भी सदन में ऐसे अनुभवी लोग थे जिन्होंने शासन व्यवस्था में निरंकुशता नहीं आने दी। ये हम सबके लिए स्मरणीय है। 

12-11-2019
जम्मू-कश्मीर: रेल सेवाएं फिर शुरू, सड़कों पर नजर आईं मिनी बसें

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म किए जाने के करीब तीन महीने बाद कश्मीर में रेल सेवाएं मंगलवार को बहाल कर दी गई। बतवारा-बटमालू मार्ग के बीच कई मार्गों पर मिनी बसें भी चलती नजर आईं जबकि अंतरजिला कैब और ऑटो रिक्शा भी घाटी में अन्य स्थानों पर सड़कों पर नजर आए। निजी वाहन भी बिना रुकावट सड़कों पर चल रहे हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि बारामूला और श्रीनगर के बीच आज सुबह रेल सेवा बहाल कर दी गई। उन्होंने कहा कि बारामूला और श्रीनगर के बीच केवल दो ही बार चलेगी क्योंकि सुरक्षा कारणों के चलते रेलवे ने केवल सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे के बीच ही चलाने की अनुमति दी है। रेलवे ने सोमवार को इस मार्ग पर 'ट्रायल रन किया था। अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर-बनिहाल के बीच ट्रेन सेवाएं कुछ दिन बाद सुरक्षा जांच और ट्रायल रन करके शुरू की जाएंगी। केन्द्र सरकार के पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म करने के बाद से ही ट्रेन सेवाएं निलंबित थीं। 

11-11-2019
सुरक्षाबल ने घाटी में दो आतंकियों को किया ढेर, की गई पुरे इलाके की घेराबंदी

नई दिल्ली। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में रविवार शाम से शुरू हुई मुठभेड़ में अब तक दो आतंकी ढेर कर दिए गए हैं। कुछ अन्य आतंकियों के भी घिरे होने की सूचना है। फिलहाल मुठभेड़ जारी है। मारे गए आतंकियों की फिलहाल शिनाख्त नहीं हो सकी है। जिले के लाडूरा गांव में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सुरक्षा बलों ने गांव की घेराबंदी की। घेरा सख्त होता देख एक मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक शुरू हुई फायरिंग पर सुरक्षा बलों ने पहले तो आतंकियों को समर्पण के लिए कहा। इसके बाद भी फायरिंग नहीं रुकी तो जवाबी कार्रवाई की। इससे मुठभेड़ शुरू हो गई। रविवार शाम को सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। मुठभेड़ जारी रहने की वजह से प्रकाश की व्यवस्था कर पूरे इलाके को घेर रखा गया है ताकि आतंकी मौके का फायदा उठाकर भाग न निकलें।
 
370 हटने के बाद दो आतंकी ढेर, तीन गिरफ्तार, चार ओजीडब्ल्यू भी हत्थे चढ़े

अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद अब तक उत्तरी कश्मीर में दो आतंकियों को मार गिराया गया है। लश्कर के आतंकी दानिश चन्ना समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि छह ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। 21 अगस्त को बारामुला ओल्ड टाउन में एक आतंकी मारा गया था। इसके साथ ही 10 नवंबर को बांदीपोरा में एक आतंकी को ढेर करने में सफलता मिली। उत्तरी कश्मीर के सोपोर में लोगों को धमकाने और भयभीत करने के मामले में पुलिस ने सात नवंबर को हिजबुल मुजाहिदीन के चार ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया था। इनके पास से एक पिस्टल व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। इससे पहले हंदवाड़ा में लश्कर के दो ओजीडब्ल्यू पकड़े गए थे।
 
दक्षिणी कश्मीर में तीन ढेर, तीन ओजीडब्ल्यू गिरफ्तार

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में पिछले महीने सेना ने आतंकियों से हुई एक बड़ी मुठभेड़ में जैश ए मोहम्मद के तीन दहशतगर्दों को ढेर कर दिया था। पुलवामा के अवंतिपोरा इलाके के राजपोरा गांव में हुई इस मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए थे। इससे पहले छह नवंबर को दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा में लोगों को धमकी देने और भयभीत करने में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से लश्कर-ए-ताइबा तथा हिजबुल मुजाहिदीन के पोस्टर बरामद किए गए थे।

10-11-2019
हिमाचल प्रदेश में अब शहीदों के परिजनों को नहीं देना होगा टोल टैक्स

शिमला। हिमाचल में प्रवेश करने पर पूरे देश के शहीदों के परिवार वालों को टोल टैक्स से छूट दी जाएगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जालंधर में हुए शहीद परिवार निधि समारोह में की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी का कत्र्तव्य है कि शहीदों के परिवार सम्मानजनक जीवन व्यतीत करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम और करिश्माई नेतृत्व में हमारा देश आज प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिसमें अनुच्छेद 370 और 35 ए, तीन तलाक को समाप्त करना शामिल है। करतारपुर कॉरिडोर भी पाकिस्तान ने सिख भक्तों के लिए खोल दिया है। जयराम ने कहा कि नशे का खतरा आतंकवाद से भी खतरनाक है। उन्होंने नागरिकों से समाज में व्याप्त इस बुराई को समाप्त करने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने शहीद परिवार फंड के लिए पांच लाख रुपये देने की भी घोषणा की। कार्यक्रम में हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता, पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश आदि मौजूद रहे।

 

02-11-2019
जनगणना 2021 के बाद देश में लागू होगा एनआरसी

नई दिल्ली। वर्ष 2021 में राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना के बाद देश भर में चरणबद्घ तरीके से असम की तर्ज पर देश भर में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनआरसी) लागू किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अपने अनुषांगिक संगठनों, सरकार के प्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं की मैराथन बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया। राजधानी के छतरपुर में हुई इस बैठक में भविष्य में नई जनसंख्या नीति, अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद की स्थिति और अयोध्या विवाद के संदर्भ में आने वाले सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर भी लंबी चर्चा हुई। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महासचिव बीएल संतोष ने भी हिस्सा लिया।

बैठक में उपस्थित संघ के अनुषांगिक संगठन के एक प्रतिनिधि के मुताबिक एनआरसी पर एक सत्र में विशेष चर्चा हुई। इस दौरान संघ के एक वरिष्ठ नेता ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बताते हुए कहा कि नागरिकों की पहचान और घुसपैठियों को चिन्हित करने के लिए देश के सभी राज्यों में एनआरसी लागू करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जानी चाहिए।

लंबे विमर्श के बाद वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना के बाद एनआरसी को चरणबद्ध् तरीके से राज्यों में लागू किए जाने पर सहमति बनी। तय किया गया कि इसके लिए सबसे पहले उन राज्यों का चयन किया जाए जहां घुसपैठ की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। यह भी तय किया गया कि एनआरसी के समर्थन में माहौल तैयार किया जाना चाहिए। लोगों को बताया जाना चाहिए कि यह प्रक्रिया देश की सुरक्षा के लिए जरूरी है और इसका किसी विशेष धर्म से कोई लेना देना नहीं है।

उन्माद थामने संघ कसेगा कमर

बैठक में सबसे अधिक चर्चा अयोध्या विवाद पर इसी महीने आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हुई। संघ चाहता है कि पक्ष में फैसला आने के बाद इसका असर सामाजिक सद्भाव पर नहीं पड़े। इससे बचने के लिए संघ ने अपने अनुषांगिक संगठनों के जरिये फैसले के बाद समर्थकों को उन्माद में आने से रोकने की व्यूह रचना की है। संघ चाहता है कि निर्णय पर प्रतिक्रिया जताने के दौरान समर्थन संयमित और शालीन रहें।

नई जनसंख्या नीति के समर्थन में भी बनाएगा माहौल

बैठक के एक सत्र में नई जनसंख्या नीति की जरूरत पर बल दिया गया। संघ का मानना है कि जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए जल्द ही नई जनसंख्या नीति लागू किये जाने की जरूरत है। इस दौरान असम सरकार द्वारा दो बच्चों से अधिक बच्चों वाले माता-पिता को सरकारी नौकरी से वंचित किए जाने के फैसले का स्वागत किया गया। जनसंख्या नियंत्रण के लिए संघ ने भाजपा शासित अन्य राज्यों से भी ऐसी ही नीति बनाने की उम्मीद जताई है। संघ चाहता है कि दो बच्चों से अधिक बच्चों वाले माता-पिता को सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित किया जाना चाहिए।

अनुच्छेद 370 पर चर्चा

बैठक के एक सत्र में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के मोदी सरकार के फैसले पर भी चर्चा हुई। इस आशय के फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी बातचीत हुई। संघ ने इस फैसले केलिए सरकार की पीठ थपथपाई और इसके समर्थन के लिए लोगों को जागरूक करने का फैसला लिया है।

31-10-2019
स्मृति ईरानी का कटाक्ष- सरदार पटेल के प्रति आस्था होती तो रन फॉर यूनिटी में आते

अमेठी। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी  के ट्वीट पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पलटवार किया है। अमेठी में बीजेपी सांसद स्मृति ईरानी ने कहा कि गांधी जी के चश्मे से देखें तो अगर वो वाकई में सरदार बल्लभ भाई पटेल के प्रति आस्था रखते तो आज देश भर में रन फॉर यूनिटी के कार्यक्रम में उनकी भी भागीदारी सुनिश्चित होती। उन्होंने कहा कि अपने ट्विटर एकाउंट पर बैठकर सरदार पटेल पर और देश की जनता पर कटाक्ष करना आसान है, लेकिन उनके पद चिन्हों पर चलकर अखंड भारत की कल्पना का समर्थन करना ऐसी कांग्रेस पार्टी के लिए मुश्किल है, जिन्होंने संसद में अनुच्छेद 370 के हटाने का भी विरोध किया था। स्मृति ईरानी ने कहा कि मैं इतना ही कहना चाहती हूं कि अगर वाकई में सरदार पटेल ने उनकी निष्ठा होती तो जो आह्वान प्रधानमंत्री ने किया कि हर नागरिक रन फॉर यूनिटी में जुड़े। और आज वह यहां पर मौजूद नहीं हैं तो यह अपने-आप में संकेत है कि पटेल जी के प्रति उनके मन में कितनी भावना है? बता दें प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है,  सरदार पटेल कांग्रेस के निष्ठावान नेता थे, जो कांग्रेस की विचारधारा के प्रति समर्पित थे। वह जवाहरलाल नेहरू के करीबी साथी थे और आरएसएस के सख्त खिलाफ थे। आज भाजपा द्वारा उन्हें अपनाने की कोशिशें करते हुए और उन्हें श्रद्धांजलि देते देख के बहुत ख़ुशी होती है।

31-10-2019
जो हमारे खिलाफ जंग नहीं जीत सकते, वो हमारी एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं : प्रधानमंत्री

अहमदाबाद। जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने का फैसला देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल को समर्पित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि देश ने उस अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला किया, जिसने जम्मू कश्मीर को सिर्फ अलगाववाद और आतंकवाद दिया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर कहा‘ मैं अनुच्छेद 370 को रद्द करने का फैसला सरदार पटेल को समर्पित करता हूं।’ उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पर हमारा फैसला जमीन पर लकीर खींचने के लिए नहीं बल्कि विश्वास की श्रृंखला बनाने के लिए है। उन्होंने कहा कि देश ने उस अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला किया, जिसने जम्मू कश्मीर को सिर्फ अलगाववाद और आतंकवाद दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल से प्रेरित हो कर हम भावनात्मक, आर्थिक और संवैधानिक एकीकरण की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा‘ जब सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण शुरू किया तो कई शासकों को एकता की भावना ने भारत में विलय के लिये प्रेरित किया।’

उन्होंने कहा ‘सदियों पहले चाणक्य ने भारत को एकजुट किया था और बाद में सरदार पटेल ने यह किया।’ मोदी ने कहा कि जो लोग हमारे खिलाफ जंग नहीं जीत सकते, वो हमारी एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पूर्वोत्तर का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर अलगाववाद से जुड़ाव की ओर बढ़ रहा है क्योंकि दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान करीब है। इससे पहले गुजरात के केवड़िया में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर सरदार वल्लभ भाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर मौजूद लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलवाई।

31-10-2019
370 और 35A देश में आतंकवाद की एंट्री का गेटवे बनी हुई थी : अमित शाह

नई दिल्ली। देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अमित शाह ने दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अमित शाह ने लोगों को स्टेडियम में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश को एक धागे में पिरोने का काम किया था।

जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि 70 साल हो गए लेकिन किसी ने अनुच्छेद 370 को छूना भी मुनासिब नहीं समझा।'आर्टिकल 370 और 35ए आतंकवाद की एंट्री का गेटवे बनी हुई थी। 2019 में देश की जनता ने फिर से एक बार नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाया और 5 अगस्त को देश की पार्लियामेंट ने 370 और 35ए को हटाकर सरदार साहब का अधूरा स्वप्न पूरा करने का काम किया। अमित शाह ने कहा, देश आजाद होने के बाद 550 से ज्यादा रियासतों में देश को बांटने का काम अंग्रेजों ने किया था, पूरा देश और दुनिया मानती थी कि भारत को आजादी तो मिली लेकिन भारत बिखर जाएगा। लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल ने एक के बाद एक रियासत को देश के साथ जोड़ने का काम किया।

सरदार पटेल ने 550 से ज्यादा रियासतों को एक करके देश को अखंड बनाया परन्तु एक कसक छूट गई थी जम्मू और कश्मीर का भारत के साथ विलय तो हुआ मगर अनुच्छेद 370 और 35ए के कारण जम्मू और कश्मीर हमारे लिए जैसे एक समस्या बनकर रह गया, वहां विकास नहीं हो पाया। अमित शाह लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और आज से वो हमारे साथ अधिकारिक तौर पर जुड़ गया है, वो देश का मस्तक है और वहां भी बहुत जल्द विकास का सवेरा दिखेगा। मालूम हो कि आज से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं, जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी।

30-10-2019
'विपक्षी दल को भी देनी चाहिए कश्मीर का दौरा करने की मंजूरी'

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आए यूरोपीय संघ के सांसदों ने बुधवार को कहा कि भारत सरकार को विपक्षी दलों के नेताओं को भी कश्मीर घाटी का दौरा करने की अनुमति देनी चाहिए। अगर आप यूरोपीय संघ के सांसदों को यहां आने की अनुमति दे सकते हैं तो भारत के विपक्षी नेताओं को भी मंजूरी दे देनी चाहिए। यूरोपीय संघ ने कहा कि अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला है और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह देश के साथ खड़े हैं। घाटी के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन यूरोपीय संघ के 23 सांसदों के शिष्टमंडल ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने आतंकवादियों द्वारा पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों की हत्या किए जाने की घटना की निंदा भी की। फ्रांस के हेनरी मेलोसे ने कहा कि अनुच्छेद 370 की बात करें, तो यह भारत का आंतरिक मामला है। हमारी चिंता का विषय आतंकवाद है जो दुनियाभर में परेशानी का सबब है और इस लड़ाई में हमें भारत के साथ खड़ा होना चाहिए। कश्मीर के हालात को देखते हुए यूरोपीय संघ के कई सांसदों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। ब्रिटेन के न्यूटन डन ने इस दौरे को आंखे खोलने वाला दौरा बताया। डन ने कहा कि हम यूरोप से आते हैं, जो वर्षों के संघर्ष के बाद अब शांतिपूर्ण स्थान है। हम भारत को दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश बनता देखना चाहते हैं। पोलैंड के सांसद रेजार्ड जारनेकी ने कहा, ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने जो दिखाया वह पक्षपातपूर्ण था। हमने जो देखा है, अपने देश लौटकर हम उसकी जानकारी देंगे। आतंकवादी एक देश को बरबाद कर सकते हैं। आतंकवाद के खिलाफ  लड़ाई में हम भारत के साथ खड़े हैं। बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाया गया था, तब शांति-व्यवस्था के लिए ऐहतियातन कुछ कदम उठाए गए थे। हालात सामान्य होते ही सब पाबंदियां हटा ली गई हैं। अब हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं है, सिर्फ  दिखाने को है। कांग्रेस के नेता गुलमर्ग जाएं, अनंतनाग जाएं, सैर करें, घूमें-टहलें। उन्हें किसने रोका है? अब तो आम पर्यटकों के लिए भी कश्मीर खोल दिया गया है।

30-10-2019
आतंकवाद के खिलाफ हम भारत के साथ, अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला : यूरोपीय सांसद

श्रीनगर। यूरोपीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर घाटी के दौरे पर है। वहीं 23 यूरोपीय सांसदों की टीम ने कई क्षेत्रों का दौरा किया। यूरोपीय सांसदों ने बुधवार को मीडिया को संबोधित किया। यूरोपीय संघ के सांसद निकोलस फेस्ट ने कहा कि मुझे लगता है कि अगर आप यूरोपीय संघ के सांसदों को जाने देते हैं तो आपको भारत के विपक्षी राजनेताओं को भी जाने देना चाहिए। इसलिए किसी प्रकार का असंतुलन है, सरकार को किसी तरह से इसका समाधान करना चाहिए।

सांसद ने कहा कि अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मसला है, अगर भारत-पाकिस्तान को शांति स्थापित करनी है तो दोनों देशों को आपस में बात करनी होगी। यूराेपीय सांसद ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हम भारत के साथ हैं। ईयू की संसद का हम पाकिस्तान की हकीकत बताएंगे। कश्मीर के लोग विकास और शांति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में मंगलवार को आतंकवादी घटना में पांच लोग मारे जाने का हम बहुत दुख हैं।

 

22-10-2019
अमित शाह का आज जन्मदिन, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाए...

नई दिल्ली। 22 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने उनके बारे में लिखा कि, अमित शाह देश को सशक्त और सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। पीएम ने अपने ट्वीट में लिखा कि, कर्मठ, अनुभवी, कुशल संगठनकर्ता एवं मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी अमित शाह जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं। सरकार में बहुमूल्य भूमिका निभाने के साथ ही वे भारत को सशक्त और सुरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ईश्वर उन्हें दीर्घायु करे और सदा स्वस्थ रखे।

आधुनिक राजनीति के चाणक्य, कामयाबी का इतिहास गढ़ चुके हैं 


आधुनिक राजनीति के चाणक्य, गृहमंत्री अमित शाह 55 साल के हो गए हैं। अमित शाह को साल 2014 में भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया और साथ ही उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी बनाया गया। यहां से अमित शाह की मौजूदगी राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हुई। भाजपा ने उनकी अगुवाई में 71 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की। साल 2014 में बीजेपी की जीत में यूपी का योगदान सरकार गठन का सबसे मजबूत पक्ष रहा। 2014 में ही अमित शाह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया। 2019 में दूसरी बार भी जब पीएम मोदी की सरकार आई तो उन्हें गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी गई। गृहमंत्री की शपथ लेते वक्त अमित शाह के जेहन में कुछ ऐतिहासिक करने का संकल्प चल रहा था उन्होंने गृहमंत्री बनते ही इस संकल्प को साकार कर दिया। अमित शाह ने कई बड़े फैसले लेकर इतिहास रच दिया। इनमें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना और तीन तलाक पर कानून भी शामिल है। मुंबई में जन्में अमित शाह ने राजनीति में आगे बढ़ने के लिए कदम कदम पर संघर्ष किया। पढ़ाई के बाद उन्होंने अपने स्टिक के पाइप का कारोबार शुरू किया। इसके बाद स्टॉक मार्केट में शेयर ब्रोकर के तौर पर भी काम किया। वह 16 साल की आयु में ही आरएसएस से जुड़ गए और अखिल विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ता बन गए। पार्टी और संगठन के प्रति निष्ठा व काम करने की अथक लगन ने आज उन्हें भारतीय सियासत की उन बुलंदियों तक तक पहुंचा दिया है जो किसी भी राजनेता का सबसे खूबसूरत सपना होती है।

20-10-2019
इस वजह से कश्मीर घाटी में प्रभावित हो रहा सेब और अखरोट का निर्यात

श्रीनगर। कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटाने के बाद लगी पाबंदियों के चलते वहां से सेब और अन्य सूखे मेवे जैसे अखरोट और केसर की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। कश्मीर घाटी से यह सारी वस्तुएं जम्मू की थोक मंडी में आती हैं, जहां से पूरे देश में इनकी आपूर्ति की जाती है। आतंकियों द्वारा कश्मीर से निर्यात किए जाने वाले सेब पर भारत विरोधी नारे लिखकर लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही है। शुक्रवार को आतंकवादियों ने सेब की पेटियों में आग भी लगा दी थी। सूचना मिलते ही सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे और आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम करने में सफलता पाई। लेकिन इस दौरान पांच से छह पेटियों में रखे सेब जलकर राख हो गए। इस साल नौ अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर के किसानों ने 4.5 लाख टन सेब का निर्यात किया है। 4.5 लाख टन सेब का निर्यात पिछले साल 2018 की समान अवधि से करीब सवा लाख टन कम है। बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सेब का उत्पादक देश है। सेब भारत में सर्वाधिक खपत होने वाले आयातित फल में शुमार है। भारत में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में सेब का उत्पादन होता है। एक आंकड़े के अनुसार, भारत में होने वाले सेब के कुल उत्पादन का 24 गुना ज्यादा तक आयात बाहरी देशों से किया जाता है। सेब के अतिरिक्त कश्मीर में अखरोट का भी उत्पादन होता है। देश में करीब 90 फीसदी अखरोट और गिरी का उत्पादन कश्मीर में ही होता है। व्यापारियों के अनुसार इसका हर वर्ष करीब 100 करोड़ का कारोबार होता है। श्रीनगर से करीब 110 किलोमीटर दूर स्थित सीमावर्ती बारामुला सेक्टर का उड़ी कस्बा सीजफायर उल्लंघन के दौरान गोलीबारी की मार झेलता है और लगातार सुर्खियों में रहता है। मुख्य बात यह है कि इस क्षेत्र का देश और विदेश के लिए अखरोट और गिरी में 60 फीसदी योगदान है। हर वर्ष 100 मीट्रिक टन अखरोट का कारोबार यहीं से होता है। इसकी मांग भी बढ़ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए किसान भी उत्पादन को बढ़ा रहे हैं। बता दें कि उड़ी के लगामा इलाके में अखरोट की सबसे बड़ी मंडी है। जहां उड़ी के अलावा सारे कश्मीर का अखरोट पहुंचता है। 

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