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22-02-2020
घाटी की तस्वीर बदल रहा ‘ऑपरेशन मां’, आतंकी बने युवा लौट रहे मुख्यधारा में

नई दिल्ली। आतंकवाद के रास्ते पर जाने वाले युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए जम्मू-कश्मीर में सेना की ओर से शुरू किया गया ‘ऑपरेशन मां’ सफल हो रहा है। इस ऑपरेशन को शुरू करने वाले 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने बताया कि कई युवा आतंकियों और कट्टरपंथियों के बहकावे में आकर आतंक का रास्ता अपना लेते हैं। ऐसे युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए ‘ऑपरेशन मां‘’को काफी सफलता मिली है। इसके तहत आतंकी बन चुके युवाओं को समझाने-बुझाने के लिए उनकी मां या परिवार के सदस्यों को मौका दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान जब स्थानीय आतंकवादी पूरी तरह घिर जाते हैं तो उनकी मां या परिवार के अन्य बड़े सदस्यों या समुदाय के प्रभावी लोगों को उनसे बात करने का अवसर दिया जाता है। इस दौरान वे युवकों को आतंक का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन में लौटने के लिए समझाते हैं। मुठभेड़ को आधे में रोक दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हाल ही में तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पिछले छह महीने में हर माह औसतन पांच युवा ही आतंकवादी समूहों में शामिल हुए हैं। जबकि 5 अगस्त से पहले हर महीने करीब 14 युवा आतंकवादी समूहों का हाथ थाम लेते थे। उन्होंने बताया कि आतंकियों के खिलाफ अभियान में भी तेजी लाई गई है। 64 प्रतिशत आतंकियों को उनके संगठन में शामिल होने के एक साल के भीतर खत्म कर दिया गया। स्थानीय युवकों की भर्ती आधी से भी कम रह गई है। आतंकवादियों के जनाजे में भारी भीड़ जुटना भी अब बीते दिनों की बात हो गई है। कई बार तो 10 हजार तक लोग जुटते थे। अब जनाजे में मुट्ठी भर करीबी रिश्तेदार ही नजर आते हैं।

 

21-02-2020
अपने विचार दूसरों पर थोपना भी आतंकवाद का एक रूप : आरिफ मोहम्मद खान

नई दिल्ली। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शाहीन बाग प्रदर्शकारियों पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि लोग सड़कों पर बैठे हैं और अपने विचार दूसरों पर थोपने के लिए आम जन-जीवन को बाधित कर रहे हैं जो कि आतंकवाद का एक रूप है। राज्यपाल ने 'भारतीय छात्र संसद' में कहा कि उग्रता केवल हिंसा के रूप में सामने नहीं आती। यह कई रूपों में सामने आती है। अगर आप मेरी बात नहीं सुनेंगे, तो मैं आम जनजीवन को प्रभावित करूंगा। खान ने अपने भाषण में कहा कि असहमति लोकतंत्र का सार है। इससे कोई परेशानी नहीं है। लेकिन पांच लोग विज्ञान भवन के बाहर बैठ जाएं और कहें कि हमें यहां से तब तक न हटाया जाए जब तक कि यह छात्र संसद एक प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर लेती, जिसे हम स्वीकार करते हैं। यह आतंकवाद का एक और रूप है। उन्होंने कहा कि चीजों को उलझाइए मत। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर दूसरों पर अपने विचार मत थोपिए। अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 में कुछ नहीं बचा है। बस इसके बारे में थोड़ा पढ़ लें। 

 

12-02-2020
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के केस की सुनवाई टली

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट, 1978 के तहत नजरबंद रखा गया है। इस मामले में उमर अब्दुल्ला की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब शुक्रवार को सुनवाई करेगा। इस मामले की सुनवाई आज 12 फरवरी को होनी थी, लेकिन आज मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस शांतनागौदर ने खुद को सुनवाई से अलग किया। अब शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की एक अलग बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी। उमर अब्दुल्ला पिछले कई महीनों से हिरासत में हैं।
बता दें कि उमर अब्दुल्ला की बहन सारा पायलट ने सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। अनुच्छेद 370 हटने के बाद 5 अगस्त से उमर अब्दुल्ला को हिरासत में रखा गया था। बीते दिनों ही उन्हें अपने आवास पर नजरबंद किया गया था। सारा पायलट ने उमर अब्दुल्ला को पांच फरवरी को पीएसए के अंतर्गत रखने के आदेश को असंवैधानिक बताया और कहा कि यह मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन करता है।

05-02-2020
फारूक अब्दुल्ला की रिहाई की मांग को लेकर विपक्ष ने किया लोकसभा से बर्हिगमन

नई दिल्ली। कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष ने बुधवार को केंद्र से नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला की उम्र व स्वास्थ्य पर विचार करते हुए हिरासत से रिहाई की मांग को लेकर लोकसभा से बर्हिगमन किया। कांग्रेस के सदन के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया, जिसके बाद नेशनल कांफ्रेंस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) सहित अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर विचार नहीं किए जाने पर नारेबाजी की और फिर सदन से वॉकआउट कर गए। अब्दुल्ला बीते पांच अगस्त से हिरासत में है। केंद्र ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया। यह अनुच्छेद पूर्व राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करता था। केंद्र ने पूर्व राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया। अब्दुल्ला व जम्मू-कश्मीर के कई अन्य नेता अनुच्छेद 370 को रद्द करने के बाद से हिरासत में हैं।

 

05-02-2020
आतंकी हमला : एक जवान शहीद, सुरक्षाबलों ने किया तीन आतंकी ढेर

नई दिल्ली। श्रीनगर में अनुच्छेद 370 हटने के छह महीने पूरे होने कि वजह से पूरी घाटी में शांति का माहौल बना हुआ है। इसी दौरान लावेपोरा इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। इस मुठभेड़ में एक सीआरपीएफ का जवान शहीद हो गया है। वहीं तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। आपको बता दें कि श्रीनगर में नाका पार्टी चेकिंग अभियान चला रही थी तभी एक कार में मौजूद तीन आतंकियों ने खुद को फंसता देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में एक सीआरपीएफ जवान शहीद हो गया। वहीं जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए हैं, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

घाटी में एक बार फिर माहौल को खराब करने की साजिश के तहत सौरा इलाके में पोस्टर लगा दिए हैं। इसके तहत पांच फरवरी को पूरी घाटी में दुकानें बंद रखने को कहा गया है। पोस्टर में कहा गया है कि पाकिस्तान समेत कई मुल्कों की ओर से पांच फरवरी को कश्मीर के समर्थन में प्रदर्शन किया जाएगा। यदि किसी ने दुकान खोलीं तो उसे नुकसान भुगतना पड़ सकता है

27-01-2020
गण्तंत्र दिवस के मौके पर इस बार भी भारत और पाक के बीच साफ नज़र आया तनाव 

नई दिल्ली। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ दिनों से लगातार चल रहे तनाव के कारण इस 71 गणतंत्र दिवस वर्ष में दोनों देशो क बीच मिठाईयों का अदन प्रदान नहीं हुआ। जम्मू-कश्मीर से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान रेंजर्स की ओर से हो रहे लगातार सीजफायर उल्लंघन और अनुच्छेद 370 के अंत से पाकिस्तान द्वारा लगातार भारत के खिलाफ दिए जा रहे बयानों के कारण दोनों देशों के बीच काफी तनाव और दूरी बढ़ती जा रही है। रविवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर पाकिस्तान से लगने वाली सभी सरहदों पर दोनों मुल्कों के बीच तनाव साफ दिखाई दिया। ठीक बीते कुछ सालों की तरह इस बार भी भारत और पाकिस्तान के बीच गणतंत्र दिवस के दिन मिठाइयों का आदान-प्रदान नहीं हुआ।

23-01-2020
यूएन-अमेरिका करें भारत-पाक के बीच तनाव कम करने में मदद : इमरान खान

नई दिल्ली। भारत और पकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय मंच से भारत के खिलाफ मोर्चा खोला। दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के इतर उसने संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका समेत सभी अंतरराष्ट्रीय ताकतों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें भारत के साथ बढ़ते तनाव को रोकने को कम करने में मदद करनी चाहिए। दोनों ही परमाणु हथियार संपन्न देशों को ऐसे बिंदु जहां से वापस आना असंभव हो वाली स्थिति पर पहुंचने से पहले ही रोकने के  लिए जरूरी कार्रवाई की जानी चाहिए। डब्ल्यूईएफ में शिरकत करने पहुंचे इमरान खान ने दावा किया कि भारत सरकार घरेलू मोर्चे पर असफलता (सीएए के खिलाफ प्रदर्शन, कश्मीर मुद्दे) से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सीमा पर तनाव को और बढ़ावा दे सकता है।

इमरान ने अंतरराष्ट्रीय ताकतों से कहा कि आप दो परमाणु संपन्न देशों के बीच तनाव को बढ़ता नहीं देख सकतेे। इसलिए संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका को कदम उठाना चाहिए।  इमरान ने यह भी मांग की कि नियंत्रण रेखा के साथ भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह को अनुमति दी जाए। मालूम हो कि एक दिन पहले ही इमरान की मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई थी। इसमें ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर एक बार फिर से मध्यस्थता की पेशकश की थी।

अनुच्छेद 370 खत्म करने से स्थिति हुई बद से बदतर

इमरान खान ने कहा कि साल 2018 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने अपने समकक्ष भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर गतिरोध खत्म करने की कोशिश की। लेकिन पुलवामा हमले जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे के जवाब में भारत ने बालाकोट में हवाई हमले कर जैश ए मोहम्मद को निशाना बनाया। इसके बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया, स्थिति और खराब हो गई। लेकिन जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने और उसके पुनर्गठन के बाद स्थिति बद से बदतर हो गई। इमरान ने कहा,‘मुझे लगता है कि भारत ने जो रास्ता अख्तियार किया है वह उसे विनाश की तरफ ले जाएगा।’ भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों के सवाल पर इमरान ने कहा कि यह स्पष्ट है कि भारत अमेरिका के लिए बहुत बड़ा बाजार है।

20-01-2020
अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर के भले के लिए हटाया गया : अनुराग ठाकुर

नई दिल्ली। जन पहुंच कार्यक्रम के दूसरे दिन जम्मू जिले के नगरोटा में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने अनुच्छेद 370 हटाने और केंद्र शासित प्रदेश बनाने से होने वाले लाभों को गिनाया। हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में ठाकुर ने कहा कि अनुच्छेद 370 को बेवजह पूर्ववर्ती सरकारों ने लटकाया हुआ था। मोदी सरकार ने यहां के लोगों के भले के लिए इसे तोड़कर जम्मू कश्मीर का पूरी तरह से देश के साथ एकीकरण किया। उन्होंने कहा इससे बड़ा लाभ यह हुआ कि वह केंद्र प्रायोजित योजनाओं का लाभ यहां के लोगों को सरलता से मिलेगा। उन्होंने मोदी सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना का खासतौर से जिक्र किया। उन्होंने कहा कल्पना से ज्यादा विकास होने वाला है। इस अवसर पर उन्होंने लोगों की समस्याएं भी सुनी।

हाईवे किनारे 24 घंटे खुले अस्पताल

नगरोटा पंचायत के सरपंच किशोर शर्मा ने इस अवसर पर मांग की कि नगरोटा नेशनल हाईवे के किनारे बसा है। ऐसे में यहां पर 24 घंटे अस्पताल को खुला रखा जाए और एंबुलेंस की सुविधा भी हर वक्त उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने नगरोटा में सामुदायिक भवन और श्री माता वैष्णो देवी के पहले दर्शन कोल कंडोली मंदिर के दर्शन श्रद्धालु कर सकें इसके लिए मंदिर मार्ग से वाहनों को गुजारने पर भी जोर दिया।

नगरोटा में कोल कंडोली माता के दरबार में दी हाजिरी

इससे पूर्व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने माता कोल कंडोली माता के दर्शन किए। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बाबा पैड़ देव स्थान को जाने वाली सड़क का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर सरकारी अधिकारियों के अलावा भाजपा नेता नंद किशोर शर्मा भी मौजूद रहे।

19-01-2020
इंटरनेट पर वैसी भी देखी जाती है गंदी फिल्मे, पाबंदी से नहीं पड़ता कोई फर्क : वीके सारस्वत

नई दिल्ली। कश्मीर में इंटरनेट पर लगी पाबंदी पर नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने एक विवादस्पद बयान दिया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर में इंटरनेट पर पाबंदी है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता वैसे भी उस पर गंदी फिल्में ही देखी जाती है। उन्होंने कहा, 'अगर कश्मीर में इंटरनेट न हो तो क्या फर्क पड़ता है? आप इंटरनेट पर क्या देखते हैं? वहां क्या ई-टेलिंग हो रही है? गंदी फिल्में देखने के अलावा आप उस पर (इंटरनेट) कुछ भी नहीं करते हैं। सारस्वत ने आगे कहा कि नेता दिल्ली की तरह कश्मीर में आंदोलन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'ये जो नेता वहां जाना चाहते हैं वह इसलिए जाना चाहते हैं ताकि जो आंदोलन दिल्ली की सड़कों पर हो रहा है वह उसे वहां करना चाहते हैं। सारस्वत ने कहा, 'एक तरीका होता है। कश्मीर में इंटरनेट बंद है क्योंकि उसकी एक वजह है। कश्मीर में अगर अनुच्छेद 370 को हमें प्रख्यात करना है और कश्मीर को एक राज्य के तौर पर आगे लाना है तो हमें मालूम है कि वहां कुछ ऐसे लोग हैं, कुछ ऐसे तत्व हैं जो इस तरह की सूचना का दुरुपयोग करेंगे। हम वहां जो कानून व्यवस्था लाना चाहते हैं वह उसे खराब करेंगे।' बता दें कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पूरे प्रदेश में बंद प्रीपेड मोबाइल सेवा पांच महीने बाद बहाल कर दी गई है। इस पर एसएमएस सुविधा भी मिलेगी। जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों तथा कश्मीर संभाग के दो जिलों कुपवाड़ा व बांदीपोरा में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू कर दी गई है। मोबाइल इंटरनेट का लाभ केवल पोस्टपेड मोबाइल उपभोक्ता ही उठा सकेंगे। सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने बताया कि 153 वेबसाइट की सूची (व्हाइट लिस्ट) जारी की गई है, जिनका उपभोक्ता लाभ उठा सकेंगे। सभी मोबाइल कंपनियों को जरूरी हिदायत दे दी गई है।  

 

18-01-2020
केंद्रीय मंत्रियों का जम्मू दौरा शनिवार से, आम जनता से करेंगे मुलाकात

नई दिल्ली। मोदी सरकार के मंत्रियों का जम्मू दौरा शनिवार से शुरू हो रहा है। इस दौरान वे शहरों व गांवो का भ्रमण करेंगे और उनकी समस्याओं से अवगत होंगे। केंद्र सरकार के लगभग तीन दर्जन मंत्री दौरे पर रहेंगे। अनुच्छेद 370 खत्म होने व जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद मोदी सरकार की यह पहली पहल है। कश्मीर में श्रीनगर, बारामुला और सोपोर में मंत्रियों के कार्यक्रम होंगे। दौरे का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही विकास कार्यों में तेजी लाना और पीएम विकास पैकेज के कार्यों को गति देना है। 

कार्यक्रम के तहत 18 जनवरी को अर्जुन राम मेघवाल- सांबा जिले के खड़ामड़ाना परमंडल, डॉ. जितेंद्र सिंह- जम्मू कन्वेंशन सेंटर व अश्विनी चौबे- सांबा के छजवाल में रहेंगे। 19 जनवरी को स्मृति ईरानी- कटड़ा, डॉ. महेंद्र नाथ पांडे- जम्मू के शाइनिंग स्टार सभागार झज्जर कोटली, अर्जुन राम मेघवाल- कठुआ के बसोहली म्युनिसिपल कम्यूनिटी हाल, वी मुरलीधरन-कठुआ के बिलावर डाक बंगला, अनुराग सिंह ठाकुर- जम्मू के नगरोटा गर्ल्स एचएसएस, डॉ. जितेंद्र सिंह-उधमपुर के सुभाष स्टेडियम, पीयूष गोयल-जम्मू के अखनूर एचएसएस और अश्विनी चौबे का सांबा के घग्वाल में कार्यक्रम होगा।  20 जनवरी को आरके सिंह-डोडा के घाट, प्रताप सारंगी-कठुआ के एचएसएस रामकोट, देवाश्री चौधरी- जम्मू के एचएसएस मढ़, किरण रिजिजू- जम्मू के सुचेतगढ़ में रहेंगे। इसके साथ ही जनरल वी के सिंह, कैलाश चौधरी, गजेंद्र सिंह शेखावत, किशन पाल सिंह, अर्जुन मुंडा, हरदीप सिंह पुरी, रेणुका सिंह, अंगदी सुरेश, सोम प्रकाश, रवि शंकर प्रसाद का जम्मू संभाग में कार्यक्रम है। कश्मीर में प्रहलाद जोशी, श्रीपद नायक, साध्वी निरंजन ज्योति, फग्गन सिंह, रामेश्वर तेली, गिरिराज सिंह, रवि शंकर प्रसाद, प्रहलाद जोशी, रमेश पोखरियाल निशंक का कार्यक्रम 23 और 24 जनवरी को प्रस्तावित है। 

06-01-2020
छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट खुलेगा आज, इन अहम् मुद्दों पर हो सकती है सुनवाई

नई दिल्ली। सर्दियों की छुट्टियों के बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट खुलने के साथ कई अहम मामलों पर सभी की निगाहें होंगी, जिनमें  विवादस्पद नागरिकता संशोधन कानून और अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई भी शामिल है। साथ ही सात सदस्यीय संविधान पीठ सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े मामले का परीक्षण करेगी। नए साल के पहले कार्यदिवस पर टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई होने की उम्मीद है। टाटा संस ने साइरस मिस्त्री को फिर से समूह का चेयरमैन बनाने के एनसीएलएटी के 18 दिसंबर के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट अनुसूचित जाति व जनजाति को प्रमोशन में आरक्षण देते समय क्रीमीलेयर की अवधारणा लागू होनी चाहिए या नहीं, इस पर भी सुनवाई कर सकता है। वहीं, प्रदूषण के मुद्दे पर भी शीर्ष अदालत की नजर होगी, जिसको लेकर समय समय पर वह निर्देश देती आई है। 

 

30-12-2019
जम्मू-कश्मीर: 5 नेताओं की रिहाई, फारूख अब्दुल्ला,महबूबा मुफ्ती अब भी नजरबंद

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पिछले चार महीनों में हिरासत में रखे गए पांच राजनीतिक नेताओं को रिहा कर दिया है। सोमवार को जिनकी रिहाई हुई, उनमें दो पीडीपी के, दो नेशनल काफ्रेंस और एक निर्दलीय पूर्व विधायक शामिल हैं। इन पांचों को जम्मू-कश्मीर में विशेष राज्य का दर्जा छीनने वाले अनुच्छेद 370 के अगस्त में लागू होने के बाद सुरक्षा कारणों से हिरासत में ले लिया गया था, जबकि सोमवार को इन्हें रिहा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक रिहा किए गए नेताओं में इशफाक जब्बार,गुलाम नबी भट, बशीर मीर,जहूर मीर और यासिर रेशी हैं। इन नेताओं को तो रिहा कर दिया गया,मगर नेशनल कॉफ्रेंस अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला और पीडीपी चीफ व जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अभी भी नजरबंद हैं।

 

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