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17-12-2019
सोच,समझ व सहानुभूति व्यक्तित्व विकास के आरंभिक तत्व: भोजराम पटेल

कांकेर। भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कांकेर के राष्ट्रीय सेवा योजना की पुरुष व महिला दोनों इकाइयों की संयुक्त सात दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस स्वयंसेवकों ने प्रभात फेरी के पश्चात् परियोजना कार्य के अंतर्गत शिविर स्थल बागोड़ ग्राम के सरार तालाब व विद्यालय के आस-पास विस्तृत सफाई अभियान चलाया। भोजन के पश्चात् बौद्धिक चर्चा में कांकेर जिले के एसपी भोजराम पटेल विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने व्यक्तित्व विकास व कैरियर निर्माण विषय पर अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि मैंने पुलिस सेवा के पहले लगभग 6 वर्ष अध्यापन किया है। लेकिन मैं शिक्षक नहीं विद्यार्थी हूँ और जीवन भर विद्यार्थी रहूँगा। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यदि आप को पहले से अपने कार्य योजना के बारे में पता होगा तो कार्य आसानी से और तय समय में संपन्न होगा। साथ ही उन्होंने ‘मै’ के बजाय ‘हम’ को व्यक्तित्व विकास का मूल बताया,इसके लिए स्वामी विवेकानंद के कथन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की अवधारणा को आत्मसात करने पर जोर दिया।

उन्होंने कैरियर निर्माण के लिए समय को सबसे महत्त्वपूर्ण व मूल्यवान पूंजी बताते हुए इसे संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया और सोच,समझ व सहानुभूति को व्यक्तित्व विकास का आरंभिक तत्व बताया। कांकेर के सहायक उपनिरीक्षक केजूराम रावत भी इस सत्र के वक्ता रहे। उन्होंने यातायात जागरूकता पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। रावत ने सड़क दुर्घटना के विभिन्न पहलुओं की चर्चा करते हुए आंकड़ों के साथ बताया कि हमारी लापरवाही वास्तव में बेहद खतरनाक है। अतः हमें सावधानी, संयम व समझ से गाड़ी चलाना चाहिए। बस्तर विवि के रा.से.यो. कार्यक्रम समन्वयक डॉ.डीएल पटेल ने सत्र का अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए विद्यार्थियों को ईमानदारी व मेहनत से शिविर में सीखने व कार्य करने हेतु प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने सायंकाल खेल सत्र में विभिन्न खेलों में शामिल होकर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ.मनोज राव व संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ.जय सिंह ने किया। शिविर संचालन में ग्राम सरपंच, उपसरपंच, वरिष्ठ ग्रामीणजनों के साथ प्रो.विजय साहू, महादलनायक गुरुदास बिस्वास, तिलेश्वर साहू, महादलनायिका, शिल्पा साहू, आदुरी मिस्त्री, तनूजा यादव व सभी स्वयंसेवक छात्र-छात्राएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

21-10-2019
  मुख्यमंत्री ने किया पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को नमन  

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों का नमन करते पुलिस सेवा के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उनके परिवारजनों का अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि देश की एकता और अखण्डता, प्रदेश एवं देशवासियों की सुरक्षा के कर्तव्य पालन में अपने जीवन का बलिदान करने की मिसालें दुर्लभ ही होती है। पुलिस की नौकरी सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि एक जज्बा है। पुलिस बल में शामिल लोग असाधारण तथा असामान्य जीवन जीते हुए 24 घण्टे जनता की सुरक्षा में डटे रहते हैं। पुलिस सेवा के लोग जब अपनी जान-जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं, तभी हम अपने घरों में सुरक्षित रह पाते हैं। छत्तीसगढ़ जैसे नक्सल प्रभावित राज्य में यह जोखिम और भी बढ़ जाता है। सशक्त बलों के कंधे से कंधा मिलाकर छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने नक्सली गतिविधियों का मुकाबला किया है और शहादत दी है। उनकी शहादत खाली न जाये, यह सुनिश्चित करना हम प्रदेशवासियों की जिम्मेदारी है।   इस अवसर पर मैं शहीदों को नमन करता हूं तथा पुलिस सेवा के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उनके परिवारजनों का भी सादर अभिनंदन करता हूं, जो अपना जीवन दांव पर लगाकर कर्तव्य निर्वहन कर रहे हैं।

03-09-2019
36 की सेवा अवधि पूरा कर सेवानिवृत्त हुए प्रेमलाल साहू, पुलिस विभाग ने किया सम्मान

बीजापुर। 36 की अपनी सेवा अवधि पूरा करने बाद सहायक उप निरीक्षक प्रेमलाल साहू का 3 सितंबर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सम्मानित किया गया। 1983 में पुलिस सेवा में आरक्षक के पद पर प्रेमलाल साहू जिला बस्तर में नियुक्त हुए थे। 16 वर्ष तक जिला बस्तर में अपनी सेवा देने के बाद जिला कांकेर स्थानांतरण हुआ। जिला कांकेर में 7 वर्ष की सेवा के बाद जिला कांकेर में प्रधान आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति होकर जिला बीजापुर आए। जिला बीजापुर में धुर नक्सली प्रभावित थाना पामेड़ एवं कुटरू में पदस्थ रहे। रक्षित केन्द्र बीजापुर में केस शाखा का कार्य सम्पादित किए। 31 अगस्त 2019 को अपनी सेवा अवधि पूर्ण करने उपरान्त सेवानिवृत्त हुए। प्रेमलाल साहू का 3 सितंबर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस फरसेगढ़ खोमन सिन्हा द्वारा श्रीफल एवं साल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एसडीओपी फरसेगढ़ खोमन सिन्हा, रक्षित निरीक्षक सतीश ध्रुर्वे, निरीक्षक उमेश मिश्रा, प्रभारी मुख्य लिपिक, स्टेनो एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समस्त शाखा प्रभारी एवं स्टॉप मौजूद रहे।

 

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