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16-09-2020
कलेक्टर ने कहा-कोरोना मरीज के घर में स्टीकर चिपकाना अनिवार्य, निकालने और छेड़छाड़ करने पर होगी कार्रवाई

रायपुर। कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने कोरोना संक्रमण के रोकथाम और नियंत्रण के लिए शहर में किए जा रहे जोनवार कार्यों की मंगवार को समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि, जिस घर में कोरोना मरीज हैं, वहां पर अनिवार्य रूप से स्टीकर चिपकाना है। स्टीकर को निकालने या छेड़छाड़ करने पर एपेडिमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि, ऐसे क्षेत्र जहां पर ज्यादा कोरोना मरीज की पहचान होती है,वहां पर टेस्टिंग, काढ़ा, कांटेक्ट ट्रेसिंग आदि कार्य तत्काल प्रारंभ किया जाएगा। कलेक्टर ने जोन में परीक्षण अधिक से अधिक करने और जोनवार सैंपलिंग के लिए लक्ष्य बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मरीजों के परिवहन के लिए तत्काल वाहन उपलब्ध कराने और सक्रिय मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए आवश्यक समस्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घर में बुजुर्ग,गर्भवती महिला और गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों के संदर्भ में सम्पूर्ण जानकारी रखने कहा है। गंभीर कोरोना मरीज को यथाशीघ्र चिकित्सा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सर्विलांस दल को व्यक्तियों के ऑक्सीजन लेवल और पल्स रेट का परीक्षण करने में लापरवाही ना करने के सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने जनता से अपील की है कि, कोरोना से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।

14-08-2020
एसडीएम ने अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे 3 वाहनों पर की कार्रवाई

अंबिकापुर। लखनपुर विकासखंड के ग्राम तराजू जमगला चैनपुर पतरापारा के रेणुका नदी से अवैध रेत उत्खनन का परिवहन कर रहे 3 मिनी ट्रकों पर एसडीएम ने कार्यवाही करते हुए वाहनों को जब्त किया है। गौरतलब है कि सरगुजा कलेक्टर संजीव झा के निर्देश पर लगातार राजस्व अमला के द्वारा अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे वाहनों पर जब्त कार्रवाई की जा रही है। इस तारतम्य  एसडीएम प्रदीप साहू के नेतृत्व में राजस्व अमला के द्वारा 13 व 14 अगस्त को रेणुका नदी से अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे 3 मिनी ट्रक पर कार्रवाई करते हुए वाहनों को जब्त किया है। कार्यवाही के दौरान नायब तहसीलदार श्रुति धुर्वे सहित राजस्व अमला की टीम मौजूद रही।

 

07-08-2020
रेत से भरे 4 हाइवा जब्त, चारों वाहन के चालक गए जेल

कांकेर। जिले में आधी रात धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन कर जिले के बाहर परिवहन करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। चारामा में अवैध रेत का परिवहन करते चार हाइवा को पुलिस ने पकड़ा है। इनके पास से रेत की रायल्टी व अन्य दस्तावेज भी नहीं थे। चारामा पुलिस ने पकड़े गए वाहन को अपने कब्जे में लिया और सभी वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए वाहन चालकों को जेल भेज दिया है। चारामा थाना प्रभारी डीएस देहारी ने बताया कि लगातार रात में रेत चोरी को लेकर शिकायतें मिल रही थी। शिकायत के बाद पुलिस टीम गश्त में निकली थी। यहां गिरहोला मार्ग में रेत से भरी 4 हाइवा क्रमांक सीजी 17 केएल 9476 और सीजी 08 एएन 6980 रेत भरकर आवरी मार्ग की तरफ जा रहे थे। दोनों वाहनों के पास रेत के संबंधित रालटी एवं अन्य दस्तावेज न होने पर दोनों हाइवा को जब्त कर पुलिस थाने लाई। वही भिरौद मार्ग में 2 हाइवा सीजी 08 एसी 6966 और सीजी 07 बीआर 2606,जो रेत भरकर चारामा मार्ग की तरफ आ रहे थे।  दोनों हाइवा को जब्त कर चारामा थाने लाया गया। चारों हाइवा चालकों के पास रेत से संबंधित रालटी एवं अन्य दस्तावेज न होने पर हाइवा को जब्त किया गया। वही चोरी की संदेह पर चारों वाहनों को तथा वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

 

03-08-2020
अवैध रेत खनन पर पुलिस की कार्रवाई

बालोद। गुंडरदेही के रंगकठेरा तांदुला घाट से अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायत पर रात्रि में गुंडरदेही थाने के पेट्रोलियम टीम ने दबिश दी। इस दौरान एक आरोपी अवैध रेत परिवहन करते मिला। धारा 102 के अंतर्गत ट्रैक्टर जप्त कर आगे की कार्रवाई के लिए खनिज विभाग बालोद को भेजा जा रहा है।

शब्बीर रिजवी की रिपोर्ट

31-07-2020
नायब तहसीलदारों ने जब्त किया अवैध रेत से भरा ट्रैक्टर

 कोरबा। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व अमले ने भी रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई तेज कर दी है। नायब तहसीलदार पवन कोसमा और सोनू अग्रवाल ने रेत का अवैध परिवहन करते एक ट्रैक्टर जब्त किया है। टैक्टर चालक ने बताया कि ट्राली में भरी रेत बालको के ढेंगुरनाला से निकाली गई है।  वह उसे लेकर रिस्दी जा रहा था। अवैध रूप से खोदी गई रेत भरकर ढेंगुरनाला से निकलते ही मेन रोड पर टैक्टर को दोनों नायब तहसीलदारों ने रोका और रेत संबंधी दस्तावेजो की मांग की। चालक द्वारा किसी भी प्रकार दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर रेत सहित ट्रैक्टर ट्राली को जब्त कर बालको थाने के सुपुर्द किया गया है। 

 

10-07-2020
लॉक डाऊन के दौरान अन्य प्रदेशों से आए लोगों के परिवहन और क्वारेंटाइन सेंटर पर हुए खर्च के लिए 13 करोड़ आवंटित

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से कोविड-19 के दौरान लॉक डाउन की अवधि में प्रदेश के बाहर से आए मजदूरों पर क्वारेंटाइन सेंटर और उनके परिवहन पर हुए व्यय के लिए प्रदेश के सभी जिलों के लिए राशि आवंटित की गई है। इसमें 13 करोड़ 31 लाख 40 हजार 940 रूपए की राशि आवंटित की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने सभी जिलों के कलेक्टरों को आवंटित राशि राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के दिशा निर्देशो के अनुसार व्यय करने के निर्देश दिए है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह राशि पीएम केयर फंड के तहत राज्य को आवंटित की है।राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से  रायपुर जिले को 20 लाख 76 हजार 767 रूपए, धमतरी जिले को छह लाख तीन हजार 622 रूपए, बलौदाबाजार जिले को 87 लाख 75 हजार 872 रूपए तथा गरियाबंद जिले को 21 लाख 56 हजार 174 रूपए की राशि आवंटित की गई है।

दुर्ग जिले को 32 लाख 31 हजार 230 रूपए, राजनांदगांव जिले को 55 लाख 67 हजार 884 रूपए, कबीरधाम जिले को दो लाख 62 हजार 320 रूपए, बालोद जिले को 66 लाख 17 हजार 97 रूपए और बेमेतरा जिले को एक करोड़ 16 लाख 61 हजार 760 रूपए की राशि आवंटित की गई है।बिलासपुर जिले को 64 लाख 75 हजार रूपए, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले को 54 लाख 80 हजार 829 रूपए, मुंगेली जिले को 47 लाख 45 हजार 370 रूपए, जांजगीर-चांपा जिले को चार करोड़ 46 लाख 28 हजार 600 रूपए, कोरबा जिले को 22 लाख 89 हजार 134 रूपए और रायगढ़ जिले को पांच लाख 52 हजार रूपए 798 रूपए की राशि आवंटित की गई है।बस्तर जिले को 17 लाख 73 हजार रूपए, दंतेवाड़ा जिले को दस लाख रूपए, बीजापुर जिले को तीन लाख 55 हजार 398 रूपए, सुकमा जिले को 96 लाख 94 हजार 260 रूपए, कोण्डागांव जिले को 36 लाख 15 हजार 360 रूपए, कांकेर जिले को 11 लाख तीन हजार 52 रूपए और नारायणपुर जिले को 14 लाख आठ हजार 960 रूपए की राशि आवंटित की गई है। सरगुजा जिले को 16 लाख 13 हजार 463 रूपए, सूरजपुर जिले को आठ लाख 71 हजार 250 रूपए, बलरामपुर जिले को 20 लाख 60 हजार 136 रूपए, जशपुर जिले को 36 लाख 43 हजार 810 रूपए और कोरिया जिले को आठ लाख 77 हजार 637 रूपए की राशि आवंटित की गई है।

 

25-06-2020
अवैध उत्खनन व परिवहन के खिलाफ टीम बनाकर करें कार्रवाई : कलेक्टर

दुर्ग। कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर भूरे ने अवैध उत्खनन व परिवहन पर लगातार नजर रखने तथा ऐसी स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गुरुवार को खनिज,राजस्व पुलिस, वन और पर्यावरण विभाग की बैठक लेकर ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस व आरटीओ का सहयोग लें तथा वन चौकियों पर भी वाहनों की जांच हो। उन्होंने कहा कि अभी रेत खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध है केवल लाइसेंसधारी,जिन्होंने रेत का पूर्व में भंडारण किया है रेत का परिवहन और विक्रय कर सकते हैं। इसके लिए पृथक से पास जारी होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी इस विषय को लेकर काफी गंभीर हैं। अतः सभी संबंधित विभागों के अधिकारी टीम बनाकर कार्य करें। उन्होंने ईंट निर्माण के लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी ईंट निर्माण कार्य करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में खनिज अधिकारी ने बताया कि 2019-20 में अवैध उत्खनन के 9 प्रकरणों पर कार्रवाई कर 2 लाख 60 हजार व अवैध परिवहन के 292 मामलों पर कार्रवाई कर 50 लाख 90 हजार का जुर्माना वसूला गया। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अब तक अवैध उत्खनन के 2 मामलों में 92 हजार व परिवहन के 81 मामलों में 15 लाख 33 हजार का जुर्माना वसूला गया।
बैठक में डीएफओ केआर बढ़ाई,एसडीएम दुर्ग  खेमलाल वर्मा, डीएसपी शौकत अली,आरटीओ से अतुल विश्वकर्मा तथा सीईसीबी से डॉ.अनिता सावंत व केमिस्ट शिवप्रसाद मौजूद थे। बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पाटन और धमधा में अनुविभागीय अधिकारी भी शामिल हुए।

 

19-06-2020
अवैध परिवहन कर रहे 5 हाइवा जब्त, राजस्व विभाग ने की कार्रवाई 

आरंग। क्षेत्र के पारागांव में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 5 हाइवा को आरंग एसडीएम विनायक शर्मा और तहसीलदार नरेन्द्र बंजारा ने संयुक्त करवाई करते हुए पकड़ा। आरंग एसडीएम के अनुसार पारागांव रेतघाट से बिना रॉयल्टी पर्ची के रेत का परिवहन कर रहे 5 हाइवा वाहन को जब्त किया गया है। रेत से भरे सभी वाहनों को जब्त कर खनिज विभाग रायपुर को आगे की कार्यवाही के लिए निर्देश कर दिया गया है। बता दें कि आरंग क्षेत्र में महानदी से अवैध रेत खनन और परिवहन जोरो पर है। रेत माफिया धड़ल्ले से महानदी से 24 घंटे रेत निकाल रहे हैं। प्रशासन के कार्यवाही करने के बाद भी रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। वही दूसरी तरफ रेत माफिया बरसात के मौसम के पहले ही मुनाफा कमाने के लिए अवैध रूप से रेत का भंडारण शुरू कर दिए है।

आरंग क्षेत्र में कुरूद, चिखली, हल्दीडीह, कागदेही, करमंदी, समोदा, चपरीद, गुदगुदा, बेनीडीह, राटाकाट, पारागांव, गौरभाट, कुम्हारी में रेत माफिया खाली पड़ी सरकारी जमीन या निजी खाली प्लाट का उपयोग कर लाखों रुपए की कमाई करते हैं। इसके बदले ये सरकार को किसी प्रकार का राजस्व नहीं देते हैं। बता दें कि बारिश आते ही नदियों का जल स्तर बढ़ जाता है, जिससे नदी से रेत निकालना मुश्किल हो जाता है। इस दौरान रेत माफिया भंडार किए हुए रेत को ज्यादा दामों में बेच कर ज्यादा मुनाफा कमाते हैं। बरसात के दिनों में रेत के दामों में बाकी दिनों के अपेछा काफी बढ़ोतरी होती है। इसका फायदा रेत माफिया जम कर उठाते हैं और उपभोक्ता को रेत ज्यादा दामों पर बेच कर ज्यादा मुनाफा कमाते हैं। इसलिए रेत माफियाओं ने अभी से ही रेत का अवैध भंडारण शुरू कर दिया है। आरंग एसडीएम विनायक शर्मा ने स्पष्ट किया कि आरंग क्षेत्र में रेत के अवैध भंडारण के बारे जानकारी इकट्ठा किया जा रहा है। जैसे ही अवैध भंडारण के जगहों के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी, राजस्व विभाग अलग—अलग टीम बनाकर इन जगहों पर कार्यवाही करेगी।

17-06-2020
छत्तीसगढ़ में लघु वनोपजों के परिवहन के लिए टीपी पास की अनिवार्यता होगी खत्म

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बुधवार को उनके निवास कार्यालय में आयोजित वन विभाग की बैठक में राज्य के ग्रामीण वनवासियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीकृत वनोपजों को छोड़कर अन्य लघु वनोपजों के लिए परिवहन अनुज्ञा पत्र (टीपी पास) लेने की अनिवार्यता खत्म कर करने का अहम निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही वन्य प्राणियों के उपचार के लिए दो अत्याधुनिक और सर्व सुविधा युक्त अस्पताल विकसित करने, मैदानी अमलों पर नियंत्रण के लिए वन विभाग के द्वारा मोबाइल एप तैयार करने सहित अनेक मुद्दों पर निर्णय लिया गया। राज्य में लघु वनोपजों के लिए परिवहन अनुज्ञा पत्र समाप्त होने से इसके परिवहन से जुड़े व्यापारियों को विक्रय के लिए लघु वनोपज एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने में सुविधा होगी। इस अवसर पर वन मंत्री मो.अकबर, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री बघेल ने बैठक में राज्य में हाथियों सहित अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण पर भी विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में वन्य प्राणियों के संरक्षण के उपायोें को बेहतर बनाने सहित इनकी निगरानी के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राज्य में विगत 10 वर्षाें के दौरान हाथियों सहित अन्य वन्य प्राणियों की संख्या में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में पिछले 10 वर्षाें में हाथियों की संख्या 225 से बढ़कर आज 290 तक हो गई है। इसके अलावा वन तथा राजस्व क्षेत्रों में विशेषकर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में वन्यप्राणियों के बचाव के लिए खुली विद्युत तारों को ऊर्जा और वन विभाग के द्वारा केबल लगाने के संबंध में भी विचार किया गया।बैठक में वन विभाग के मैदानी अमले पर नियंत्रण और फिल्ड में उनकी उपस्थिति सुुनिश्चित करने के लिए मोबाइल एप विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

इस एप के माध्यम से वन विभाग के फोरेस्ट गार्ड से लेकर उच्च स्तर के सभी अधिकारियों की मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे वन प्रबंधन और वन्य प्राणियों के संरक्षण में तत्काल जरूरी कदम उठाए जा सके। इसी तरह मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य में वन्य प्राणियों तथा हाथियों के दल की सतत निगरानी के लिए सभी प्रभावित वन मण्डलों में 10-10 लोगों को चयन कर टीम बनाने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में उन्हें वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से राशि भुगतान करने का निर्णय लिया गया। राज्य में वर्तमान में महासमुन्द वन मण्डल के अंतर्गत मानव-हाथी द्वंद में नियंत्रण के लिए संचालित मोबाईल बेस्ड एलर्ट सिस्टम की सराहना करते हुए इसे धरमजयगढ़ और सूरजपुर वन मण्डल के 10-10 गांवों में लागू करने का निर्णय लिया गया।मुख्यमंत्री ने बैठक में वन्य प्राणियों के त्वरित उपचार दिलाने के मद्देनजर राजधानी रायपुर के जंगल सफारी स्थित पशु चिकित्सालय और बिलासपुर के कानन पेंडारी स्थित पशु चिकित्सालय को अत्याधुनिक और सर्व सुविधा युक्त अस्पताल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इस दौरान चर्चा करते हुए वन मंत्री मो. अकबर ने बताया कि वन विभाग में वर्तमान में कार्यरत पशु चिकित्सक संविदा नियुक्ति पर है, वन्य प्राणियों के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के पहले ही कई चिकित्सक अन्य सेवाओं में चले जाते हैं। जिसके कारण वन्यप्राणियों के उपचार में कई बार कठिनाईयां आती है।

मुख्यमंत्री ने वन मंत्री अकबर के अनुरोध पर पशु चिकित्सा विभाग में कार्यरत चिकित्सकों को वन विभाग में प्रतिनियुक्ति पर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी 20 वन मण्डलों में जहां वन्य प्राणियों की संख्या ज्यादा है, वहां इन चिकित्सकों को प्राथमिकता से तैनात करने कहा।बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी अतुल शुक्ला, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पाण्डेय, कैम्पा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व्ही. श्रीनिवास राव, मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

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