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24-02-2021
ग्रेट-पे का अतिथि व्याख्याता संघ ने किया विरोध

रायपुर। अतिथि व्याख्याता संघ ने ग्रेट-पे का विरोध किया है। संघ ने कहा कि 2011-12 वाले भर्ती नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है,जो बिलकुल गलत है, जिसकी हम निंदा करते हैं। पिछले 9 वर्षों से अतिथि व्याख्याता 200 प्रति क्लास की दर से अध्यापन कार्य कर रहे हैं। इन 9 वर्षों के बीच लगभग हर एक विभाग में वेतनमान बढ़ाया गया है। स्कूली अतिथि शिक्षक के लिए एकमुश्त 18,000 और अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों के लिए 38,000 एकमुश्त वेतनमान निर्धारित किया गया है। वहीं महाविद्यालयों में पढ़ाने वाले अतिथि व्याख्याताओं के वेतनमान में कोई वृद्धि नहीं हुई है। भानु आहिरे ने कहा कि अतिथि व्याख्याता संघ पिछले 4 वर्षों से एकमुश्त वेतनमान की मांग कर रहे हैं। बढ़ती मंहगाई के दौर में प्रतिकाल खंड 200 महज महीने में प्राप्त 16-17 रूपये में जीवनयापन और परिवार को चला पाना संभव नहीं है।

अतिथि व्याख्याताओं के लिए 20,800 वेतनमान तो निर्धारित है लेकिन शासकीय अवकाशों का वेतन काट लिया जाता है,जिससे 16-17 हजार हाथ लग पाता है। हमारे मातृ राज्य मध्यप्रदेश में अतिथि विद्वानों को 1500 प्रतिदिन और महीने का 45,000 हजार तथा न्यूनतम 30,000 वेतनमान दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में एक ओर महाविद्यालयों में पदस्थ सहायक प्राध्यापकों को 57,000 से 2 लाख तक वेतन दे रहे हैं और वहीं सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर कार्य करने वाले अतिथि व्याख्याताओं को 200 प्रति कालखंड  20,800 जो कि सहायक प्राध्यापकों की अपेक्षा बहुत कम है। जबकि अतिथि व्याख्याता नियमित प्राध्यापकों जितनी ही मेहनत और कार्य करते हैं। समान कार्य के लिए समान वेतन दी जानी चाहिए। अधिकांश राज्य जैसे दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, बिहार में अतिथि विद्वानों को 50,000 से अधिक वेतन दिया जा रहा है। हम मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से मांग करते हैं कि अतिथि व्याख्याताओं को अन्य राज्यों की तरह एकमुश्त वेतनमान दिया जाए। गौरतलब है कि विश्व विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा गेस्ट फैकल्टी के लिए 57,000 प्रतिमाह निर्धारित किया इसका पालन छत्तीसगढ़ सरकार को करनी चाहिए।

18-02-2021
व्याख्याताओं की नियुक्ति करने के लिए अपर संचालक को सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर। आजाद सेवा संघ सरगुजा के जिलाध्यक्ष रचित मिश्रा के नेतृत्व में  कार्यकर्ताओं ने अपर संचालक डॉ एसके त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया कि कई ऐसे महाविद्यालय हैं जहां बहुत से विषयों के शिक्षक नहीं है। इसके कारण छात्रों को अध्ययन में परेशानी होती हैं। ऐसे में उस महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति किया जाए। रचित मिश्रा ने बताया कि कोविड—19 और कॉलेज बंद होने की वजह पिछले 11 महीनों से बेरोजगार बैठे महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं हुई, जिससे अतिथि व्याख्याताओं में गहरी निराशा व्याप्त है। पहले ऑनलाइन क्लास के लिए अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं की गई और वहीं अब ग्राउंड लेवल पर कॉलेज खोला गया तब भी अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया है।

 ज्ञात हो कि पिछले 10-12 वर्षों से सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर अंतिथि व्याख्याताओं से सेवा ली जाती रही है। लेकिन वहीं 10-12 वर्षों से सेवा दे रहे व्याख्याताओं को शिक्षा विभाग 11 महीनों से बेरोजगार कर दिया है। व्याख्याताओं को भरोसा था कि कॉलेज खुलने पर नियुक्ति मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक बार फिर अतिथि व्याख्याताओं को निराशा हाथ लगी है। सिवाय यह है कि आखिर कहां जाये प्रदेश के 2500 से अधिक अतिथि व्याख्याता। विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले 2500 अतिथि व्याख्याता को कार्य से निकाल दिया है। आखिर कार कैसे पढ़ाई को मेनटेन कर रही उच्च शिक्षा विभाग। ऑनलाइन शिक्षा पूरी तरफ ठप है। उसके बावजूद भी उच्च शिक्षा विभाग ऑनलाइन शिक्षा पर इतनी जोर क्यों दे रही कॉलेज खुलने पर अतिथि व्याख्याताओं की ‌नियुक्ति पर रोक क्यों लगी हुई है। आजाद सेवा संघ के अपर संचालक जी माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग से मांग करते हुए कहा कि अतिथि व्याख्याताओं की जल्द से जल्द नियुक्ति किया जाए जिससे छात्रों की समस्या और बेरोजगार अतिथि व्याख्याताओं की परेशानियां भी खत्म हो सके। इस दौरान रणवीर सिंह, हर्ष गुप्ता, अतुल गुप्ता, प्रतीक गुप्ता, सोहेब अली, आशुतोष यादव आदि उपस्थित थे।

16-10-2020
व्याख्याता और भृत्य पद की चयन सूची जारी, देखें लिस्ट...

रायपुर/कांकेर। नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कांकेर के लिए चयनित प्रतीक्षा सूची से आवेदकों का चयन किया है। सूची देखिए- वोगेन्द्र कुमार/बाबूलाल कमल, व्याख्याता भूगोल हिन्दी माध्यम, टीकाराम साहू/शंकर राम साहू व्याख्याता रसायन विज्ञान हिन्दी माध्यम, छबिराम पटेल/लालसिंग पटेल व्याख्याता हिन्दी, हिन्दी माध्यम, विकास तिवारी/दीनानाथ तिवारी सहायक शिक्षक अंग्रेजी माध्यम, धनंजय ठाकुर/ पतिराम ठाकुर भृत्य, अजय/नरोत्तम भृत्य और हेमलता यादव/दिलीप कुमार यादव भृत्य का चयन किया है। अभ्यर्थियों को उनके पते पर डाक से नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। नियुक्ति की सूचना एनआईसी के वेबसाइट पर उपलब्ध है। चयनित अभ्यर्थी अपने समस्त मूल दस्तावेजों, प्रमाण पत्रों तथा नोटरी द्वारा निर्मित 50 रुपए के स्टॉप पेपर पर मुद्रित शपथ पत्र के साथ 28 अक्टूबर तक प्राचार्य शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कांकेर में उपस्थित होना सुनिश्चित करें।

08-02-2020
राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्र निर्माण में सहायक : आलोक सिंह

कोरिया। प्राथमिक शाला नमना में कन्या उमा विद्यालय और बालक विद्यालय प्रेमनगर में राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर हुआ। इसमें 'राष्ट्र निर्माण में एनएसएस की भूमिका' पर बौद्धिक चर्चा हुई। शिविर में मुख्यअतिथि विकासखंड शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का ध्येय वाक्य है'मैं नहीं आप' जिसके माध्यम से स्वयंसेवक प्रजातांत्रिक ढंग से निःस्वार्थ सेवा की आवश्यकता का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि हमें सभी मनुष्यों के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए ताकि मानवता की सेवा की जा सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्र निर्माण में सहायक है। बौद्धिक चर्चा में व्याख्याता विपिन पाण्डेय ने स्वयंसेवकों को जीवन कौशल प्रविधियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक योगदान देने के तरीकों से बताया। बौद्धिक चर्चा को आगे व्याख्याता कृष्ण कुमार ध्रुव ने एनएसएस में अपना अनुभव को संबोधित करते हुए कहा की राष्ट्रीय सेवा योजना देश का एकमात्र ऐसा संगठन है, जो सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से समाज कल्याण कार्यों को प्रोत्साहित करता है।

यह संगठन विद्यार्थियों के लिए महात्मा गाँधी व स्वामी विवेकानंद के विचारों से अनुप्रमाणित हो सामाजिक कल्याण की भावना को विकसित करता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी आरबी सिंह और ललित रात्रे ने कहा की 24 सितम्बर 1969 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्मशताब्दी से राष्ट्रीय सेवा योजना का कारवां प्रारंभ हुआ है। वर्तमान में पूरे देश में 40 लाख से ज्यादा स्वयंसेवक सामुदायिक विकास के कार्यों में लगे हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को एनएसएस के अखिल भारतीय स्वरुप,स्थापना के इतिहास, स्वयंसेवकों के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों,पुरस्कार सहित उनके दायित्वों और कर्तव्यों आदि के विषय में भी विस्तार से अवगत कराया साथ ही उनसे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। बौद्धिक चर्चा की अध्यक्षता करते हुए आई.अंसारी ने स्वयंसेवकों ने आह्वान किया की समाज की भलाई के लिए उनके द्वारा उठाया गया एक भी सकारात्मक कदम देश का रचनात्मक निर्माण करेगा। प्रेमनगर विकास खण्ड परियोजना अधिकारी रमेश जायसवाल ने स्वच्छता के लिए युवाओं को संदेश दिया। इस कार्यक्रम में शिविर प्रभारी रामबरन सिंह, ललित रात्रे,रमेश प्रसाद साहू,कार्यक्रम सहायक विनोद कुमार रावत,धर्मेन्द्र सिंह सिंगरौल, कुंती सिंह,एनएसएस के सभी छात्र छात्राएं एवं नमना ग्रामवासी उपस्थित थे।

 

02-02-2020
शिक्षकों और व्याख्याताओं की रिकवरी आदेश पर रोक

रायपुर। प्रदेश के कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड में कार्यरत 6 शिक्षकों और व्याख्याताओं की रेट पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने बीते दिन जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी रिकवरी आदेश पर रोक लगा दी है। ब्लॉक के कई स्कूलों में कार्यरत किशोरी टोप्पो दशरू राम मंडावी, आनन्द राम नाग एवं अन्य शिक्षकों ने एडव्होकेट अनिल तावड़कर के माध्यम से  रिट लगाकर कर कहा है कि सभी कोंडागांव शिक्षा जिला विभाग के अंतर्गत आने वाले केशकाल विकासखंड के भिन्न-भिन्न गांवों के स्कूलों में कार्यरत हैं। रिट के मुताबिक जिला पंचायत के माध्यम से पंचायत विभाग में शिक्षाकर्मी के पदों पर हुई थी। सरकार ने निर्देश जारी कर बाद में शिक्षा विभाग में संविलियन कर दिया है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र में इस बात की जानकारी नहीं दी है कि व्याख्याताओं और शिक्षकों को अधिक भुगतान करने का आधार क्या है।

11-12-2019
पदोन्नति के लिए न्यायालयीन बाधा को दूर करे शासन : संजय शर्मा

रायपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कहा कि प्रधान पाठक प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक, व्याख्याता, शिक्षक, प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति के लिए राजपत्र में प्रावधान/नियम प्रकाशित हो चुका है। पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारंभ हों चुकी है, ठीक इसी बीच उच्च न्यायालय से पदोन्नति सम्बंधी शासन द्वारा बनाये गए नियम को रोक लगाने के कारण पदोन्नति में विलंब होना स्वभाविक है। प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने गौरव द्विवेदी प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि न्यायालयीन बाधाओं को दूर करने शासन का आवश्यक पक्ष न्यायालय में प्रस्तुत करके पदोन्नति के लिए रास्ता बनाया जाए।

शिक्षा मंत्री व प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची जारी कर प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षा मंत्री व प्रमुख सचिव शिक्षा के निर्देश का छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने स्वागत किया था और प्रमुख सचिव के ऊपर विश्वास व्यक्त करते हुए उनसे मांग की है कि शासन स्तर से शीघ्र ही न्यायालय में युक्तियुक्त पक्ष रखकर पदोन्नति के लिए लगे रोक को हटवाते हुए शीघ्र पदोन्नति का रास्ता निकले। प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजीद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, प्रांतीय सचिव मनोज सनाढ्य, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि प्रदेश के प्राथमिक व माध्यमिक शाला में प्रधान पाठक के हजारों पद रिक्त है, प्राचार्य के भी पद पर पदोन्नति किये जाने का प्रावधान है, साथ ही व्याख्याता, शिक्षक के पदों पर पदोन्नति का नियम है, अतः न्यायालयीन बाधा को दूर कर एल बी संवर्ग के प्रथम कार्यभार ग्रहण तिथि को आधार मानकर शीघ्र पदोन्नति किया जाए।

05-11-2019
व्याख्याता की सीधी भर्ती के लिए अभ्यार्थियों के दस्तावेजों का परीक्षण 5 से 11 नवम्बर तक

रायपुर । लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा व्याख्याता की सीधी भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल के माध्यम से चयन परीक्षा ली गई थी। व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर ओवरऑल मेरिट सूची में अर्ह पाए गए अभ्यार्थियों के दस्तावेजों का परीक्षण 5 नवम्बर से 11 नवम्बर किया जाएगा। दस्तावेजों का परीक्षण शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय शंकर नगर रायपुर में होगा। दस्तावेजों के परीक्षण के लिए 5 नवम्बर को रसायन शास्त्र विषय के 516 अभ्यार्थियों को सत्यापन के लिए बुलाया गया है। सत्यापन दो पालियों में प्रातः 10 बजे और दोपहर 12.30 बजे से आयोजित किया गया है। सत्यापन के लिए सभी संवर्ग के अभ्यार्थियों को मेरिट सूची में ओवरऑल रैंक के आधार पर बुलाया गया है। रसायन शास्त्र में संवर्गवार बुलाए गए अभ्यार्थियों का अनंतिम रैंक इस प्रकार हैं - अनारक्षित ई संवर्ग के लिए 186 टी संवर्ग के लिए 173, अन्य पिछड़ा वर्ग ई संवर्ग के लिए 268 टी संवर्ग के लिए 272, अनुसूचित जाति ई संवर्ग के लिए 742 टी संवर्ग के लिए 706, अनुसूचित जनजाति ई संवर्ग के लिए 2694 टी सवंर्ग के लिए 2580, इसी प्रकार दिव्यांगजनों के लिए ई संवर्ग हेतु 5240 टी संवर्ग हेतु 5055, इससे कम रैंक वालों को आमंत्रित नहीं किया गया है। दस्तावेज सत्यापन के लिए संचालनालय और जिला स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनात किया गया है। अभ्यार्थियों की सुविधा की दृष्टि से दस टेबल काउंटर लगाए गए हैं।

17-10-2019
नगरीय निकायों के 23 व्याख्याता, शिक्षक को भेजा गया इधर से उधर, देखिए सूची...

रायपुर। भूपेश सरकार ने नगरीय निकायों के 23 व्याख्याता व सहायक शिक्षकों का प्रशासनिक दृष्टि से समान सामर्थ्य सेवा शर्तों एवं निबंधनों के अधीन अस्थायी रुप से नवीन स्थान में तबादला किया है। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव एचआर दुबे ने आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार स्थानांतरित व्याख्याता, सहायक शिक्षक को 7 दिनों के भीतर नवीन पदस्थापना स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने कहा गया है। कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर वर्तमान स्थान से वेतन आहरित नहीं होगा। यदि वेतन आहरित किया जाता है तो नियंत्रण अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। देखिए सूची......

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