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04-01-2020
अगले हफ्ते से लोगों को मिलेगी प्याज की कीमत से राहत, तेजी से घट रहे दाम

नई दिल्ली। कीमतों में तेज गिरावट से अगले सप्ताह से लोगों को प्याज के आसमान छूते दाम से राहत मिलने की उम्मीद है। देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में इसकी कीमत गिरकर 35 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। एक महीने पहले वहां इसकी कीमत 86 रुपये प्रति किलो थी। दिल्ली की आजादपुर मंडी में भी इसकी कीमत कम होकर 57 रुपये प्रति किलो तक आ गई है। कारोबारियों का कहना है कि अगले सप्ताह यह 50 रुपये से नीचे आ जाएगी। केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में नासिक के पास स्थित लासलगांव मंडी में बृहस्पतिवार को प्याज की औसत कीमत 3,500 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई, जो एक महीने पहले 8,600 रुपये प्रति क्विंटल थी। आजादपुर थोक मंडी में भी शुक्रवार सुबह नासिक वाले प्याज की कीमत 2,100 से 2,200 रुपये प्रति मन थी। अच्छे किस्म के अलवर वाले प्याज की कीमत 2,300 रुपये प्रति मन और आयातित प्याज 2,000 रुपये प्रति मन था।

खपत से ज्यादा पहुंच रहा है प्याज

आजादपुर मंडी में प्याज के थोक कारोबारी राजकुमार ने बताया कि प्याज महंगा होने के बाद से दिल्ली में इसकी खपत तेजी से घटी है। अब इसकी दैनिक खपत घटकर करीब 50 ट्रक रह गई है। दूसरी ओर, नासिक और अलवर से रोजाना 40 से 50 ट्रक और आयातित प्याज के 15 से 20 ट्रक आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय स्वाद नहीं होने, आसानी से नहीं गलने और बड़े आकार की वजह से आयातित प्याज के खरीदार मुश्किल से मिल रहे हैं। ऐसे में सिर्फ होटल से ही इसकी मांग निकल रही है।

तेजी से तैयार हो रही है नई फसल

अधिकारी का कहना है कि खरीफ सीजन में बोयी गई प्याज की फसल अब तेजी से तैयार होने लगी है। इसलिए आने वाले दिनों में इसकी उपलब्धता तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, अभी करीब 50,000 टन प्याज के आयात का ऑर्डर या तो दे दिया गया है या फिर उसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विदेशी प्याज तेजी से भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने भी लगा है।

 

01-01-2020
घट सकती प्याज की कीमत, 40 रूपए हो सकता है रेट

रायपुर। प्रदेश में प्याज की बढ़ती कीमतों के कारण सब्जियों से प्याज गायब हो गया था लेकिन पुन: प्याज की कीमत घटकर थोक बाजार में 40 रूपए तक चली गई है। सूत्रों की माने तो मार्केट में प्याज की कालाबाजारी के लिए प्याज डंप कर दिया गया था। बता दें कि प्याज के बिना सब्जियों का मजा ही नहीं है। वहीं प्याज बिना गुपचुप और चाट खाने का मजा ही नहीं है। चटोरे के मुंह में प्याज बिना स्वाद आता ही नहीं है। सूत्रों की माने तो जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्याज की कीमते घट सकती है।

 

28-12-2019
लुटेरों की नजर कीमती प्याज पर, ट्रक ड्राइवर को बंधक बनाकर लूटी 102 बोरी

पटना। प्याज के दाम 100 रुपए किलो चल रहे हैं। इससे लोगों की जेब में मार पड़ रही है। प्याज की किल्लत को देखते हुए आए दिनों प्याज की लूट की खबरें समाने आ रही है। बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र में लुटरों ने एक ट्रक के चालक को बंधक बनाकर उस पर लदे 102 बोरी प्याज को लूट लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रक चालक प्रयागराज से जहानाबाद के लिए 102 बोरी प्याज (51 विक्टंल) ट्रक पर लेकर जा रहा था। रास्ते में करीब आधा दर्जन हथियारबंद अपराधियों ने उसे बंधक बना लिया। बंधक बनाने के बाद अपराधियों ने आधी रात को घटनास्थल से पांच किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ दिया। इसके बाद जब वह ट्रक के पास पहुंचा तब उसके ट्रक से प्याज की बोरी गायब थी। थाना प्रभारी ने बताया कि चालक देशराज के बयान पर मोहनिया थाने में प्याज लूट की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

 

26-12-2019
10 रुपए किलो में बेचा चोरी का प्याज, दो आरोपी गिरफ्तार

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में सस्ते में प्याज बेचना दो युवकों को भारी पड़ गया और उन्हें जेल की हवा खानी पड़ रही है। दरअसल, प्याज के बढ़ते दामों से परेशान होकर दोनों युवकों ने मिलकर 60,000 रुपये की प्याज चोरी कर ली। केवल यही नहीं, दोनों ने इस प्याज को 10 से 20 रुपये प्रति किलो के भाव में बेच दिया। जब लोगों को पता चला कि प्याज के दाम इतने सस्ते हैं तो इनके पास लोगों की भीड़ जमा हो गई। सस्ती प्याज देखकर लोगों ने हाथों-हाथ प्याज खरीद ली। दोनों ने मिलकर कुछ ही घंटों के भीतर ही पूरी प्याज बेच डाली। पुलिस ने बताया कि अजय जाटव और जीतू वाल्मीकि नाम के दो युवक शहर के एक गोदाम में घुस गए। इन दोनों ने जमकर लहसुन और प्याज चुराए। बताया गया कि प्याज के 50 किलोग्राम की 12 बोरियां और लहसुन की दो बोरियां चोरी हुई हैं। मंगलवार को दोनों युवकों को कोर्ट के सामने पेश किया गया, जहां से इन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों युवकों ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों ने अपना गुनाह भी कबूल लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने प्याज चुराने और बेच डालने की बात स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने कहा है कि वे प्याज के बढ़ते दाम से इतना परेशान हो गए थे इसलिए उन्होंने चोरी की। 

12-12-2019
3 साल के उच्चतम स्तर पर मुद्रास्फीति दर, खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत पर पहुंची

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से प्याज, टमाटर समेत खाद्य पदार्थों की कीमतों में उछाल की वजह से लोग महंगाई से परेशान है। महंगाई का असर है कि मुद्रास्फीति पिछले 3 सालों से उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। खुदरा महंगाई दर की बात करें तो नवंबर में ये बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि पिछले महीने अक्टूबर में यह 4.62 प्रतिशत थी। महंगाई दर में बढ़ोतरी के पीछे की बड़ी वजह खाद्य प्रदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी है। नवंबर में खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो तीन सालों में सबसे अधिक है। गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 10.01 प्रतिशत पर पहुंच गई। वहीं अक्टूबर में यह 7.89 प्रतिशत और साल 2018 में इसी महीने में 2.61 प्रतिशत थी। बिजली, खनन और विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन के कारण औद्योगिक उत्पादन अक्टूबर महीने में 3.8 प्रतिशत घट गया। आंकड़े के अनुसार बिजली उत्पादन में अक्टूबर 2019 में तीव्र 12.2 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं पिछले साल नवंबर में इसमें 10.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। खनन उत्पादन में इस बार 8 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने में इसमें 7.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

 

10-12-2019
राहुल गांधी ने सरकार पर कसा तंज, वित्त मंत्री के लिए कही ये बात...

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर एक बार फिर करारा तंज कसा है। उन्होंने देश की बदहाल आर्थिक हालत के लिए केन्द्र सरकार पर फिर से हमला बोला है। राहुल गांधी ने सरकार और वित्त मंत्री को निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार देश को बताये कि देश की की अर्थव्यवस्था की हालत क्यों खस्ता हो गई है। सरकार को लहसुन-प्याज का चक्कर छोड़कर लोगों को ये बताना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था की हालत क्यों खराब हो गई है। राहुल गांधी ने झारखंड विधानसभा चुनाव में आयोजित एक चुनावी रैली में कहा कि वित्त मंत्री कहती हैं कि वह लहसुन-प्याज नहीं खाती हैं। अरे, तुमको जो खाना है खाओ लेकिन देश को ये बताओ कि देश की अर्थव्यवस्था की ऐसी हालत क्यों हो गई है।

08-12-2019
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा प्याज का रेट, 200 रुपए प्रति किलो हुआ दाम  

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा की जा रही कोशिशों के बाद भी देश भर में प्याज की कीमतों ने एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। प्याज के दाम दिन प्रति दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। मदुरई में एक किलो प्याज 200 रुपये का मिल रहा है। इस संदर्भ में एक व्यापारी मूर्थि का कहना है कि जो ग्राहक पहले पांच किलो प्याज खरीदा करते थे, वे अब केवल एक किलो प्याज ही खरीद रहे हैं। वहीं जया सुभा नाम की एक ग्राहक का कहना है कि वह एक हफ्ते में प्याज पर 350 से 400 रुपये खर्च कर रही हैं। देश के अन्य राज्यों में भी प्याज की बढ़ती कीमतों से जनता परेशान है।

ये है कारण

इस साल मई के बाद प्याज की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है। बीते साल प्याज का बहुत कम उत्पादन हुआ था। इस बार भी बाढ़ और बारिश की वजह से उत्पादन कम हुआ है, जिसकी वजह से इसमें बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।  इसके अतिरिक्त कारोबारियों ने सरकार की प्रतिकूल नीतियों को इसका जिम्मेदार ठहराया है। लासलगांव की कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के अध्यक्ष जयदत्त होल्कर ने कहा कि अक्टूबर और नवंबर में बेमौसम वर्षा हुई है, जिसकी वजह से खरीफ सीजन में बोई गई फसलों को नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित दक्षिण भारतीय राज्यों में बोई गई शुरुआती किस्म की प्याज आवक को नुकसान पहुंचा है। यही कारण है, जिसकी वजह से बाजार में नई किस्म की प्याज आपूर्ति नहीं है। प्याज की सबसे ज्यादा खेती महाराष्ट्र में होती है। भारत में प्याज के कुल उत्पादन का 35 फीसदी प्याज महाराष्ट्र से आता है। सितंबर माह से मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में हो रही बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा है। 

 

29-11-2019
मुख्यमंत्री ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दिए सुझाव
 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में दैनिक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ध्यान आकर्षित कराया है। उन्होंने कहा है कि प्याज, टमाटर और दाल जैसी वस्तुएं हर व्यक्ति के दैनिक आहार में शामिल होंती है। इसकी लगातार बढ़ रही कीमतों से मध्यम वर्ग और विशेषकर गरीब वर्ग के लोगों को कठिनाई हो रही है। मुख्यमंत्री ने इन वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए राज्य में किए जा रहे उपायों की जानकारी देते हुए दैनिक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए भारत सरकार को तात्कालिक और दीर्घकालिक उपायों के संबंध में सुझाव भी दिए हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य सहित देश के आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समस्या की ओर मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूॅ। प्याज, दाल, टमाटर एवं अन्य दैनिक आवश्यक वस्तुओं के खुले बाजार में मूल्य वृद्धि से आम लोग, विशेषकर गरीब परिवारों के लिए जीवन-यापन करना कठिन हो गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में अप्रैल 2019 में प्याज का रिटेल भाव 20 रूपए प्रतिकिलो था जो बढ़कर वर्तमान में 75 रूपए प्रतिकिलो हो गया है। 

मुख्यमंत्री ने खुले बाजार में प्याज के बाजार भाव की सतत् निगरानी तथा जमाखोरी को रोकने एवं आम लोगों को उचित मूल्य पर प्याज उपलब्ध कराने हेतु राज्य शासन द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए पत्र में लिखा है कि  छत्तीसगढ़ आवश्यक वस्तु व्यापारी (अनुज्ञापन तथा जमाखेरी पर निर्बंधन) आदेश, 2019 के अंतर्गत प्याज के थोक व्यापारी हेतु 500 क्विंटल तथा कमीशन एजेंट हेतु 100 क्विंटल की अधिकतम स्टॉक लिमिट निर्धारित की गई है। राज्य के 5 जिलों में कार्यरत प्राईस मॉनिटरिंग सेल तथा राज्य मुख्यालय के प्राईस मॉनिटरिंग सेल के जरिए प्याज सहित 22 आवश्यक वस्तुओं के थोक एवं रिटेल बाजार भाव की सतत् निगरानी की जा रही है। प्याज के थोक व्यापारियों के साथ जिला प्रशासन के समन्वय से रायपुर शहर में 7 रिटेल केन्द्र स्थापित कर 70 रूपए प्रतिकिलो की दर से वर्तमान में प्याज का विक्रय कराया जा रहा हैै।

 

उन्होंने पत्र में लिखा है कि इन प्रयासों के बावजूद प्याज के थोक बाजार भाव में निरंतर वृद्धि बनी हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य प्याज की कमी वाला राज्य है तथा राज्य में प्याज की मासिक आवश्यकता 30,000 टन है। राज्य में प्याज की आपूर्ति महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश एवं कर्नाटक राज्य से होती है तथा इन राज्यों में प्याज के थोक भावों में वृद्धि तथा मांग अनुसार आपूर्ति न हो पाने के कारण छत्तीसगढ़ राज्य में प्याज के मूल्य में अगस्त माह से निरंतर वृद्धि हो रही है। इसी प्रकार टमाटर के भावों में भी समय-समय पर अप्रत्याशित वृद्धि परिलक्षित होती है।  मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आम जनता को मूल्य वृद्धि से राहत दिलाने के लिए केन्द्र को त्वरित उपायों के रूप में भारत सरकार के पास प्याज के उपलब्ध बफर स्टॉक में से नाफेड के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के सभी प्रमुख नगरों में रिटेल काउण्टर खोलकर रियायती दर पर आम लोगों को प्याज का विक्रय करने का सुझाव दिया है। इसी तरह उन्होंने  छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य राज्यों की आवश्यकता का आकलन कर अन्य देशों से प्याज का तत्काल आयात करने का भी सुझाव दिया है ताकि मांग एवं आपूर्ति में आए अंतर के कारण खुले बाजार में प्याज के मूल्य में हुई वृद्धि को नियंत्रित किया जा सके। बघेल ने दीर्घकालीन उपायों के तहत देश में प्याज की वार्षिक आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए प्याज के उत्पादन में वृद्धि को भारत सरकार द्वारा बढ़ावा दिए जाने और  प्याज उत्पादक किसानों को प्याज की खेती हेतु कृषि आदान लागत में कमी लाने हेतु सब्सिडी देने का सुझाव दिया है। उन्होंने लिखा है कि प्याज के अवैज्ञानिक भंडारण अथवा समुचित भंडारण सुविधा के अभाव में प्रतिवर्ष प्याज की बड़ी मात्रा खराब हो जाती है, जिसके कारण भी इसके कृत्रिम अभाव की स्थिति निर्मित होती है। अतः प्याज के वैज्ञानिक भंडारण हेतु भारत सरकार द्वारा देश के सभी प्याज उत्पादक राज्यों में आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाए। 


  मुख्यमंत्री ने प्रत्येक वर्ष भारत सरकार द्वारा किसानों से प्याज की सरकारी खरीदी कर न्यूनतम 5 लाख टन का बफर स्टॉक का निर्मित करने तथा प्याज के कमी वाले महिनों विशेषकर मानसून के सक्रिय रहने से लेकर आगामी फसल के बाजार में आने तक, बफर स्टॉक में से खरीदी दर पर प्याज राज्यों को वितरण हेतु उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत सरकार के पास प्याज का बड़ा बफर स्टॉक उपलब्ध होने की स्थिति में खुले बाजार में प्याज की जमाखोरी एवं कालाबाजारी की आशंका समाप्त हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में टमाटर की प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की आवश्यकता बताते हुए पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 64 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती होती है तथा प्रतिवर्ष 11 लाख टन का उत्पादन होता है। किन्तु राज्य में टमाटर संबंधी प्रोसेसिंग यूनिट के अभाव में टमाटर उत्पादक किसान को बम्पर फसल की स्थिति में उचित मूल्य सुनिश्चित नहीं हो पाता है। भारत सरकार द्वारा राज्य में टमाटर की फसल को बढ़ावा देने तथा किसानों को इसका उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने वाले उद्यमियों को विशेष रियासत और सब्सिडी दी जानी चाहिए।   बघेल ने पत्र में लिखा है कि इन तात्कालिक एवं दीर्घकालीन सुझावों से छत्तीसगढ़ सहित देश के सभी राज्यों में प्याज, टमाटर एवं अन्य दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं की मांग अनुसार उचित आपूर्ति संभव होगी तथा किसानो को भी उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा। 

15-11-2019
प्याज के बढ़ते दाम के विरोध में महिला कांग्रेस ने किया आंदोलन

रायपुर। प्याज के बढ़ते  दाम के विरोध में महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष फूलो देवी नेताम के निर्देशानुसार प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया गया। फूलो देवी नेताम ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्याज एवं लहसुन के बढ़ते दामों में कमी लाने के लिये कोई भी आवश्यक कदम नहीं उठाया। बढ़ती महंगाई के कारण उपभोक्ता बहुत परेशान हैं। आमदनी बढ़ती नहीं लेकिन लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है। केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आम जनता को महंगाई से राहत नहीं मिल पा रही है। केन्द्र सरकार की विफलताओं के कारण ही आज महंगाई आसमान छू रही है। 

 

11-11-2019
भाजपा सरकार के लोग क्यों सच से इतना डरते हैं : प्रियंका गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर किसान आत्महत्या को लेकर आई रिपोर्ट के साथ छोड़छाड़ करने का आरोप लगाया। इसके लिए उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि हाल ही में जारी हुई राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट में किसान आत्महत्या को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। पहली बार राज्यवार आकंड़े नहीं दिए गए। कांग्रेस महासचिव ने ट्वीट में लिखा, 'भाजपा सरकार के लोग सच से इतना डरते क्यों हैं? भाजपा सरकार में किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों की समस्या सुलझाने की बजाय किसान आत्महत्या की रिपोर्ट से छेड़छाड़ करना और उसे दबाकर रखना ज्यादा सही समझा।'

उन्होंने सरकार को किसानों को सही कीमत, सुविधाएं और सम्मान देने, मजबूर न करने और मजबूत बनाने को कहा। अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने किसानों को कथित रूप से प्याज के सही दाम नहीं मिलने को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसान को एक किलो प्याज के आठ रुपये मिल रहे हैं और बाजार में प्याज 100 रुपये किलो है।

प्रियंका ने लिखा, 'भाजपा सरकार ने किसानों की कैसी दुर्दशा कर रखी है? प्याज के बढ़ते दाम रोकने के लिए बाहर से प्याज आयात की जा रही है मगर हमारे किसान को मेहनत से उगाई प्याज का सही दाम ही नहीं मिलता। किसान को एक किलो प्याज के आठ रुपये मिल रहे हैं और बाजार में प्याज 100 रुपये किलो है। ये हो क्या रहा है?' कांग्रेस नेता ने अपने ट्वीट के साथ एक किसान का वीडियो साझा किया। जिसमें वह अपनी दुर्दशा को व्यक्त कर रहा है। उन्होंने आगे लिखा, 'किसानों को सही दाम दो, सुविधा दो, सम्मान दो। किसान को मजबूर नहीं मजबूत करो।'

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