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23-01-2021
एक बार बनाएंगे तो बार-बार बनाएंगे मटर भभरा, ट्राई करके देखिए

रायपुर। एकबार बना लिए तो बार-बार बनाएंगे मटर भभरा। ये जल्दी बनने वाला नाश्ता है। इसे सुबह हो या शाम आप बना सकते हैं। ये सबको खूब पसंद अत है।

सामग्री :
2/3 कप हरे मटर
2 कप बेसन
1/2 कप प्याज , बारीक काटा हुआ
1 बड़ा चमच्च हरी मिर्च , बारीक काटी हुई
1 छोटा चमच्च अदरक , कद्दूकस
1 छोटा चमच्च गरम मसाला पाउडर
1/2 छोटा चमच्च काली मिर्च पाउडर
1 छोटा चमच्च जीरा पाउडर
1 छोटा चमच्च धनिया पाउडर
1 छोटा चमच्च लाल मिर्च पाउडर
नमक , स्वादानुसार
तेल , प्रयोग अनुसार

विधि :
-बिहारी हरे मटर का भरभरा बनाने के लिए सबसे पहले बाउल मे बेसन, प्याज, हरीमिर्च, अदरक, गरम मसाला, कालीमिर्च पाउडर, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, लालमिर्च पाउडर, और नमक डालकर आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर घोल ले.
-इस मिश्रण को थोड़ा गाढा रखे। तवे पर फैल जाए ऐसा रखे।
-नोन स्टीक तवा गैस पर गरम करने रखे। मिश्रण को तवे पर फैलाए। ध्यान दे की जो तवा पुरी तरह से गरम नहीं होगा तो भभरा तवे पर चिपक जाएगा ।
-भभरा को तवे पर फैलाकर आंच धीमी कर दे।
-धीमी आँच पर भभरा को तेल डालकर दोनो तरफ से ब्राउन कलर आने तक सेक ले। दोनों तरफ से पकाए और परोसे।
-बिहारी हरे मटर का भरभरा को आप धनिया पुदीना चटनी और मसाला चाय के साथ परोसे।

17-01-2021
गरमागरम मसाला चाय के साथ परोसे दलिया पकौड़े, बनाने में भी आसान और स्वाद में बेमिसाल, खाएंगे तो रुकेंगे नहीं

रायपुर। स्वाद से भरपूर दलिया पकोड़ा जो बनाने में आसान होने के साथ-साथ खाने में भी बहुत स्वादिष्ट है। चटनी के साथ परोसे। आप इसके साथ एक गरम कप मसाला चाय भी परोस सकते हैं।

सामग्री :
1 पक दलिया
स्वादानुसार नमक
1/2 चम्मच तेल
1/3 कप बेसन
1 बारीक कटा प्याज़-
1/4 कप बारीक कटा धनिया पत्ती
5 बारीक कटी मिर्च
स्वादानुसार नमक
1/2 चम्मच हल्दी पाउडर
1/2 चम्मच जीरा
1/2 चम्मच अजवाइन
आवश्यकतानुसार पानी
आवश्यकतानुसार तेल- तलने के लिए

विधि :
-दलिया को अच्छी तरह से धो लें।
-कुकर में 2 कप पानी गर्म करें। उसमें दलिया, थोड़ा सा नमक और आधा चम्मच तेल डालें। कुकर बंद करके चार से पांच सीटी आने तक पकाएं। गैस ऑफ करें और कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने दें।
-कुकर खोल कर देखें दलिया पका है या नहीं और उसका पानी पूरी तरह से सूख गया है? अगर कुकर में पानी बचा हुआ है तो गैस ऑन करके मध्यम आंच पर पूरा पानी सूखा लें।
-दलिया को एक बड़े बर्तन में डालकर ठंडा होने दें। जब दलिया ठंडा हो जाए तो उसमें बेसन, प्याज़, धनिया पत्ती, हरी मिर्च, नमक, हल्दी पाउडर, जीरा, अजवाइन, आधा चम्मच तेल और आवयश्कतानुसार पानी डालकर पकौड़ा के लिए गाढ़ा घोल तैयार कर लें।
-कड़ाई में तेल गर्म करें। तैयार घोल से छोटे छोटे पकौड़े गर्म तेल में डालते जाएं। सुनहरा होने तक तलें।
-अपनी मनपसंद चटनी के साथ सर्व करें।

03-11-2020
नीतीश कुमार पर रैली में फेंके गए प्याज, पत्थर,सीएम ने कहा- फेंकने दो, जितना फेंकना है फेंकने दो

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में तीसरे चरण के लिए राजनीतिक दल धुआंधार प्रचार कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब मधुबनी के हरलाखी विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। सीएम नीतीश कुमार जब रैली को संबोधित कर रहे थे उस दौरान उनपर प्याज और पत्थर का टुकड़ा फेंका गया। इस दौरान पत्थर फेंकने वाले शख्स ने लगातार नारेबाजी की और कहा कि शराब खुलेआम बिक रही है, तस्करी हो रही है। लेकिन आप कुछ नहीं कर पा रहे हैं। इसी बीच नीतीश कुमार के सुरक्षाकर्मियों ने उस शख्स को रोकने का प्रयास किया, लेकिन नीतीश कुमार ने कहा कि कि फेंकने दो, जितना फेंकना है फेंकने दो। इसके बाद अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि हम इसलिए कह रहे हैं कि सरकार आने के बाद रोजगार का अवसर पैदा होगा और किसी को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। नीतीश कुमार ने कहा कि जो आज सरकारी नौकरी की बात कर रहे हैं, जब वो सत्ता में थे तो कितने लोगों को रोजगार दिया तब तो काफी वक्त तक बिहार-झारखंड एक ही था। बता दें कि इस बार के चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार को कई बार विरोध का सामना करना पड़ा है। कई रैलियों में नीतीश कुमार के सामने ही उनके खिलाफ नारेबाजी की गई है, जबकि खुद नीतीश ने भी नारेबाजी करने वाले लोगों को टोका है। इसके अलावा उनके हेलिकॉप्टर पर चप्पल भी फेंकी गई।

 

 

27-10-2020
प्याज की उपलब्धता और बाजार मूल्य पर प्रशासन सतर्क, कलेक्टर ने गठित किया निगरानी दल

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल ने जिले में प्याज की उपलब्धता और प्याज के दामों को नियंत्रित रखने के लिये गंभीरता दिखाई है। उन्होंने प्याज के खुदरा बाजार मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने और बाजार मूल्य की निगरानी करने के लिये जिला स्तर पर टीम का गठन किया है। जिला खाद्य अधिकारी इस दल के प्रभारी होंगे। दल जिले में प्याज की उपलब्धता तथा खुदरा बाजार मूल्य की निगरानी एवं पर्यवेक्षण सुनिश्चित करेगा। राज्य शासन के निर्देश पर कलेक्टर किरण कौशल ने प्याज मूल्य नियंत्रण करने और कालाबाजारी, मुनाफाखोरी पर रोक लगाने प्याज के स्टाॅक की सीमा भी तय कर दी है। चिल्हर प्याज विक्रेताओं के लिये एक समय में यह सीमा 20 क्विंटल और थोक प्याज विक्रेताओं के लिये 250 क्विंटल निर्धारित की गई हैं। किरण कौशल ने समय-सीमा साप्ताहिक बैठक में प्याज के वर्तमान प्रचलित बाजार मूल्य की जानकारी भी खाद्य विभाग के अधिकारियों से ली। बैठक में कलेक्टर किरण कौशल ने कोरबा, कटघोरा तथा पोड़ी-उपरोड़ा के एसडीएम को प्याज के थोक एवं खुदरा व्यापारियों की बैठक लेने के निर्देश दिये हैं। बैठक में प्याज की उपलब्धता एवं मांग का आंकलन कर आवश्यकतानुसार प्याज की आपूर्ति करने के निर्देश दिये हैं। जिला स्तर पर गठित दल सभी थोक एवं चिल्हर व्यापारियों से प्रतिदिन प्याज की आवक एवं खपत की जानकारी लेगा और समय-समय पर उनके स्टाॅकों का भौतिक सत्यापन भी करेगा। प्याज के अन्य राज्यों से आयात, परिवहन एवं भंडारण संबंधी समस्या होने पर उसका निराकरण भी किया जायेगा। कलेक्टर ने दुकानों में प्रतिदिन प्याज का उपलब्ध स्टाॅक एवं थोक विक्रय मूल्य की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के भी निर्देश व्यापारियों को दिये हैं।

 

24-10-2020
Video: प्रदेश में प्याज की भंडारण सीमा तय,व्यापारी 250 क्विंटल रख सकेंगे स्टाक, अनिल पुसदकर की खरी खरी का असर

रायपुर। ग्लिब्स डाट इन ने 22 अक्टूबर को प्याज सहित सब्जियों की बढ़ती कीमतों पर चिंता जाहिर की थी। ग्लिब्स डाट इन के संपादक अनिल पुसदकर ने खरी-खरी प्रोग्राम में प्याज की मुनाफाखोरी और जमाखोरी पर सरकार से अंकुश लगाने और आम आदमी को राहत देने के लिए सुझाव दिए थे। इस पर आज राज्य शासन ने मुहर लगाते हुए प्याज के भंडारण की सीमा तय कर दी है। इस संबंध में खाद्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के व्यापारी 250 क्विंटल सीमा तक और कमीशन अभिकर्ता 20 क्विंटल प्याज का स्टाक रख सकेंगे। राज्य में स्टाक लिमिट की सीमा 31 दिसंबर तक प्रभावशील रहेगी। राज्य शासन ने यह निर्णय प्रदेश में प्याज की बढ़ती कीमत को देखते हुए आमजनों को उचित मूल्य पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए लिया है। शासन ने इसके पूर्व प्याज की उपलब्धता और बाजार भाव के निगरानी करने के संबंध में कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। विभिन्न जिलों में प्याज की उपलब्धता और बाजार भाव की निगरानी की जा रही है। साथ ही विभिन्न प्रतिष्ठानों में खाद्य विभाग की ओर से जांच की जा रही है।

24-10-2020
प्याज की जमाखोरी और मुनाफाखोरी रोकने जशपुर कलेक्टर महादेव कावरे ने ली व्यापारियों की बैठक

रायपुर/जशपुरनगर। लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्याज का दाम  निर्धारित करने के लिए कलेक्टर  महादेव कावरे ने व्यापारियों की बैठक ली।  उन्होंने व्यापारियों से कहा कि प्याज अधिक दामों पर बिक्री न करें और स्टाॅक पर भी अनावश्यत न रखने के लिए कहा गया है। बैठक में खाद्य अधिकारी ने बताया कि थोक व्यापारी 25 टन ही प्याज रख सकते हैं। फुटकर व्यापारी 2 टन ही स्टाॅक में प्याज रखने की अनुमति है। थोक व्यापारियों ने बताया कि जिले में प्याज रांची, बिलासपुर, अम्बिकापुर से आता है। प्याज का थोक भाव मण्डी के हिसाब से उपर-नीचे होता रहता है। और मण्डी के हिसाब से ही दाप निर्धारित करके विक्रय किया जाता है। व्यापारियों ने बताया कि मार्केट में अभी 70 रुपए के हिसाब से प्याज का विक्रय कर रहे हैं। कलेक्टर ने व्यापारियों से आग्रह किया कि लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्याज का मूल्य निर्धारित करें।

23-10-2020
प्याज की अनियंत्रित कीमतों पर काबू करने केंद्र सरकार ने लागू किए नियम,विक्रेताओं के लिए की भंडारण सीमा तय

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्याज की जमाखोरी रोकने तथा इसके मूल्य को नियंत्रित करने के लिए तुरंत प्रभाव से भंडारण सीमा निर्धारित कर दी है। उपभोक्ता मामलों की सचिव लीमा नंदन ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्याज के थोक विक्रेताओं के लिए भंडारण सीमा 25 टन और खुदरा विक्रेताओं के लिए यह सीमा दो टन निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ माह से प्याज की कीमतें बढ रही थी। भंडारण सीमा निर्धारित किये जाने से प्याज की जमाखोरी करने वाले के साथ आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। उल्लेखनीय है कि कुछ स्थानों पर प्याज का खुदरा मूल्य करीब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि प्याज के मूल्य को नियंत्रित करने के लिए इसका निर्यात रोक दिया गया और इसका आयात करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्याज के एक लाख टन के बफर स्टाक से राज्यों को उनकी मांग के हिसाब से इसकी आपूर्ति की जा रही है। राज्यों को 25 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज दिया जा रहा है। बफर स्टाक में अब भी करीब 25 हजार टन प्याज बेचा है। केरल और असम को बफर स्टाक से प्याज की आपूर्ति की गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश और तेलंगना ने भी प्याज की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस बार भारी वर्षा से कुछ स्थानों में प्याज की खरीफ फसल को नुकसान हुआ है जबकि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में प्याज की पैदावार में कमी आयी है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 43 लाख टन प्याज उत्पादन का अनुमान था जो घटकर 37 लाख टन हो गया है। उपभोक्ता मामलों की सचिव ने कहा कि पिछले दस साल के दौरान प्याज का उत्पादन 150 लाख टन से बढकर 261 लाख टन हो गया है। वर्ष 2019-20 के दौरान रिकार्ड 261 लाख टन प्याज का उत्पादन हुआ था। इस वर्ष करीब 15 लाख टन प्याज का निर्यात किया गया है । अब एमएमटीसी और कुछ निजी कम्पनियां प्याज आयात करने की प्रक्रिया में है।

23-10-2020
धमतरी के पांच थोक दुकानों में 70 रूपए प्रति किलो की दर से मिलेगा प्याज

धमतरी। प्याज के खुदरा मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि होने की वजह से जिले के थोक व्यापारी एवं कमीशन अभिकर्ताओं की बैठक लेकर सभी थोक व्यापारियों एवं कमीशन अभिकर्ताओं को उनके परिसर में प्याज के स्टाॅक एवं मूल्य प्रदर्शित करने तथा पंजी संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। आमजनों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा धमतरी के पांच थोक दुकानों में नियंत्रित दर पर प्याज 70 रूपए प्रति किलो के मान से दो किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्याज विक्रय की व्यवस्था की गई है। इनमें सिहावा रोड स्थित नारायण आलू भण्डार, सुरेश प्रभुदास, रत्नाबांधा चौक स्थित अठवानी ट्रेडर्स, घड़ी चौक स्थित देशराज पंजाबी तथा बठेना अस्पताल के सामने पटेल ट्रेडर्स शामिल हैं।
खाद्य अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए उपभोक्ता अनिवार्य रूप से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, मास्क, सैनिटाइजर लगाकर प्याज प्राप्त कर सकते हैं। प्याज प्राप्त करने के लिए उन्हें थैला साथ में लेकर जाना होगा। उन्होंने बताया कि व्यापारी एवं कमीशन अभिकर्ताओं को फुटकर व्यापारी एवं उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर प्याज विक्रय करने के लिए निर्देशित किया गया है।  गौरतलब है कि खाद्य एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर व्यापारियों एवं प्रतिष्ठानों की आकस्मिक जांच की जाएगी।

23-10-2020
फूलोदेवी ने कहा-महिलाओं के हित का दिखावा करने वाली भाजपा नेत्रियां बढ़ती महंगाई पर मौन क्यों ?

रायपुर। राज्यसभा सांसद व महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम ने महंगाई को लेकर केन्द्र सरकार पर करारा हमला किया है। उन्होंने कहा है कि  प्याज व खाद्य सामग्री की कीमतों में लगातार वृद्धि होने से महिलाएं बहुत चितिंत और परेशान है। महंगाई ने जनता की कमर तोड़ रखी है। पहले से ही महंगाई की म़ार से जनता हताश है और अब प्याज भी रूलाने लगा है। बेताहाशा दामों में वृद्धि होने से जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। नरेन्द्र मोदी के काले कानून के कारण जमाखोरी से प्याज के दाम 80 से 100 रुपए हो गए हैं। हिटलरशाही के जैसे जो मन में आया बिना सोचे समझे नियम लागू कर देते हैं। इसका खमियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।  महिलाओं के हित के चिंतन के दिखावा करने वाली भाजपा नेत्रियां बढ़ती महंगाई पर मौन क्यों है ?फूलोदेवी नेताम ने कहा है कि जब-जब केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तब-तब महंगाई ने हाहाकार मचाया है।

नरेद्र मोदी तो चिल्ला-चिल्ला कर कहते थे कि बहुत हुई महंगाई की मार अब मोदी की सरकार। बढ़ती महंगाई ने जहां गरीब, दाल-रोटी से मोहताज हो रहा है, वही प्याज के बढ़ते दामों से गरीब तो क्या मध्यम वर्ग के बजट से भी बाहर हो गया है। महंगाई कम करने का वादा करने वाले मोदी की इस महंगाई पर चुप्पी से जनता डर गई है। सामने त्यौहार है,आमदनी कुछ  नहीं और खर्च रुपया। वित्त मंत्री प्याज नहीं खाती, मगर वो जो खाती है वो आम जनता के थाली से कोसों दूर है। नरेंद्र मोदी  गृहस्थी नहीं चलाते, उन्हें महंगाई से कोई मतलब नहीं। सीतारमण जी वित्त मंत्री होने के साथ एक महिला भी है। फूलोदेवी ने वित्त मंत्री से निवेदन किया है कि महंगाई बेलगाम होती जा रही है। महंगाई कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं,जिनसे जनता भी दो वक्त की रोटी चैन से खा सके।

22-10-2020
प्याज के स्टाॅक और मूल्य प्रदर्शित करने  दिए गए निर्देश

धमतरी। प्याज के खुदरा मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि होने की वजह से गुरुवार को धमतरी जिले के थोक व्यापारी एवं कमीशन अभिकर्ताओं की बैठक हुई। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में खाद्य अधिकारी बसंत कोर्राम ने सभी थोक व्यापारियों एवं कमीशन अभिकर्ताओं को उनके परिसर में प्याज के स्टाॅक एवं मूल्य प्रदर्शित करने तथा पंजी संधारित करने के निर्देश दिए। साथ ही व्यापारी एवं कमीशन अभिकर्ताओं को फुटकर व्यापारी एवं उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर प्याज विक्रय करने कहा गया। बताया गया है कि खाद्य एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर इनके प्रतिष्ठानों की आकस्मिक जांच की जाएगी।

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