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जोगी के गढ़ में कांग्रेस का संकल्प शिविर, भूपेश और चंदन यादव सहित दिग्गज होंगे शामिल

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और मरवाही विधायक अमित जोगी के क्षेत्र में शनिवार को कांग्रेस का संकल्प शिविर आयोजित है। इस संकल्प शिविर में कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, प्रभारी सचिव डॉ चंदन यादव, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल उइके पेंड्रा पंहुच रहे हैं। इस शिविर में कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत शामिल होंगे। पेंड्रा में मरवाही विधानसभा के सभी मतदन केन्द्रों और कोटा विधानसभा के पेंड्रा-गौरेला के बूथस्तर के कार्यकर्ताओं का संकल्प प्रशिक्षण शिविर होगा। इसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट के टिप्स दिए जाएंगे। वहीं बूथ को मजबूत करने का निर्देश दिया जाएगा।

पेण्ड्रारोड से गेवरा रेल काॅरिडोर का काम रोकने भूपेश कर रहे हैं राजनीतिक षडयंत्र : अमित जोगी

रायपुर। मरवाही विधायक अमित जोगी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के अथक प्रयासों से आदिवासी बाहुल्य मरवाही क्षेत्र से पेण्ड्रारोड से गेवरा ईस्ट-वेस्ट रेल कारीडोर परियोजना  का काम शुरु हुआ लेकिन  इसे  दूसरे क्षेत्र में बनवाने का परिवाद एनजीटी में दायर करना कांग्रेस नेताओं के द्वारा कोयला माफियाओं के साथ मिलकर किया गया षड़यंत्र है। ऐसा षड़यंत्र करके कांग्रेस नेता मरवाही, कोटा, तानाखार एवं कटघोरा क्षेत्र का विकास बाधित करना चाहते हैं क्योंकि इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों को रेल सुविधा मिलने के साथ-साथ क्षेत्र का औद्योगिक विकास भी तेजी से होगा ।

अमित जोगी ने आरोप लगाया कि मरवाही क्षेत्र से होकर बनने वाली पेण्ड्रारोड से गेवरा ईस्ट-वेस्ट रेल कारीडोर परियोजना को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत रोकने की साजिश रच रहे है इसलिये उन्होंने अपने समर्थक अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव के माध्यम से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में परिवाद दायर कराया है और इस परिवाद के माध्यम से एनजीटी में इस कार्य का मार्ग पेण्ड्रारोड से गेवरा रोड के स्थान पर परिवर्तन कर सलका से सीपत होते हुए बनाने का मांग किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के द्वारा मरवाही क्षेत्र के आदिवासियों के विकास के विरूद्व कोई भी साजिश सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस रेल्वे कारीडोर के निर्माण से मरवाही, कोटा, तानाखार, कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के गावों को जहां एक ओर लोगों और वनोपज के आवागमन और व्यापार के लिये रेल्वे सुविधायें मिलेंगी वहीं दूसरी ओर इस रेल लाईन से क्षेत्र का औद्योगिक विकास तेजी से होगा ।

उन्होंने कहा कि इस रेल लाईन के मार्ग परिवर्तन के मामले में प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल उईके की भूमिका भी संदेहास्पद है क्योंकि उन्होंने अब तक इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है जबकि तानाखार क्षेत्र के विकास से भी ये मामला जुडा हुआ है ।

अमित जोगी ने कहा कि एनजीटी में याचिका दायर करने वाले और कराने वाले को अच्छे से पता है कि एनजीटी पर्यावरण से सम्बंधित मामलों में बहुत गंभीर है तथा एनजीटी को निर्णय लेने के साथ-साथ अपने निर्णय परकार्यवाही करने का भी अधिकार प्राप्त है इसलिये याचिका में वन भूमि के पेड़ों की कटाई को रोकने तथा टाइगर रिजर्व एवं हसदेव अरण्य के जंगली जानवरों की सुरक्षा का हवाला देकर इस रेल लाईन को सलका सीपत की ओर से बनाने का मांग करते हुये यह दलील भी दिया गया है कि पेण्ड्रारोड से गेवरारोड रेल लाईन में आने वाली लागत राशि की अपेक्षा मात्र 25 प्रतिशत लागत में सलका-सीपत रेल लाईन बन जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि वन विभाग की एनओसी के बगैर कहीं पेड़ काटे गये है या किसी किसान के साथ मुआवजा वितरण में लापरवाही बरती गई है तो दोषियों के विरूद्व दण्डात्मक कार्यवाही होना चाहिए लेकिन मरवाही, कोटा, तानाखार, कटघोरा क्षेत्रवासियों के विकास को ध्यान में रखकर इस रेल लाईन का कार्य नहीं रोका जाना चाहिए बल्कि इस कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाना चाहिए।

अमित जोगी ने दोबारा उठाई महिला दुष्कर्म के अपराधियों को मृत्युदंड देने की मांग

रायपुर। मरवाही विधायक अमित जोगी ने महिला दुराचार के आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह को स्मरण पत्र लिखा है। पत्र में जनवरी 2018 में लिखे पत्र का सन्दर्भ देते हुए अमित जोगी ने लिखा है कि इस पत्र में जोगी ने मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया था कि राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एन. सी.आर. बी) की रिपोर्ट के अनुसार महिला अत्याचार के मामलों में छत्तीसगढ़ का देश में तीसरा स्थान है जिसकी मुख्य वजह कहीं न कहीं दुराचारियों के विरुद्ध मजबूत कानून का न होना है। इस पत्र में जोगी ने 26 नवंबर 2017 को सारंगढ़ में हुए सामूहिक बलात्कार के आरोपियों को जमानत मिल जाने का उद्हारण भी दिया था और मध्यप्रदेश में डॉ रमन सिंह की ही पार्टी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की कैबिनेट द्वारा दंड विधि में संशोधन प्रस्तावित कर 12 वर्ष तक की लड़कियों से दुष्कर्म करने वाले आरोपी और सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने के प्रावधान को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया था।

अमित जोगी ने मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह भी लाया है कि मध्यप्रदेश के बाद अब उनकी ही पार्टी की हरियाणा सरकार ने भी ऐसे आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने के प्रावधान के लिए कानून प्रस्तावित किया है। इतना ही नहीं अब केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गाँधी और छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने भी 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की है। 
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अमित जोगी ने जम्मू कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में  हुए दुष्कर्म के जघन्य कृत्यों का उल्लेख करते हुए कहा है कि आज छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में हमारी बेटियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं। ऐसे में आवश्यकता है कि सरकार ऐसा सख्त कानून बनाए जिससे महिला से दुराचार करना तो दूर इस बारे में सोच कर भी लोगों की रूहें काँप जाएँ। अमित जोगी ने इस मामले में विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।

नंदकुमार साय झूठ की कर रहे हैं राजनीति : अमित जोगी 

रायपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय पर मारवाही विधायक अमित जोगी ने निशाना साधा है। अमित ने साय की भूमिका पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा -नंदकुमार साय झूठ की राजनीति कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के हित की बात करते हैं, लेकिन आंध्रप्रदेश जाकर पोलावरम बांध को जायज बताते हैं।  अमित जोगी ने कहा कि नंदकुमार साय संवैधानिक पद का माखौल उड़ा रहे हैं। जोगी ने आरोप लगाते हुए कहा कि नंदकुमार साय पोलावरम बांध के ठेकेदार के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। यह उनके दोगलेपन के चरित्र को उजागर कर रहा है। मारवाही विधायक ने नंदकुमार साय के पोलावरम नहीं जाने पर भी टिप्पणी की और कहा कि उनके पास आंध्रप्रदेश के पोलावरम जाने का वक्त है, लेकिन छत्तीसगढ़ के सुकमा जाने का नहीं।  वह अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बनने के बाद से अब तक सुकमा नहीं गए हैं, जबकि आदिवासियों के हितों की अनदेखी करने की शिकायत आयोग से की जा चुकी है। 

जोगी ने इन सवालों के मांगे जवाब

1. 30 मार्च 2018 को आंध्र प्रदेश में ऐसा क्या हुआ जिसके बाद पोलावरम को लेकर आपके सुर ही बदल गए ? ढाई महीने पहले विस्थापन पर संशय व्यक्त किया था और ढाई महीने बाद अचानक संतुष्टि ? क्या ढाई महीने में ही प्रभावितों को न्याय मिल गया और उनकी समस्यायों का निदान हो गया ?

2. आप सुकमा और कोंटा जाकर अब तक छत्तीसगढ़ के प्रभावितों से क्यों नहीं मिले ? बिना सुकमा और कोंटा गए, बिना प्रभावित आदिवासियों से मिले, आपने आंध्रा जाकर आखिर किस आधार पर यह वक्तव्य दिया और दावा किया कि विस्थापन और बाँध का कार्य संतोषजनक है ?

3. संविधान के अनुच्छेद 338क के खण्ड (5) के उपखण्ड (क) में निर्दिष्ट किसी विषय का अन्वेषण या उपखण्ड (ख) में निर्दिष्ट किसी शिकायत की जाचं करते समय राष्ट्रीय जनजाति आयोग को एक सिविल न्यायालय की शक्तियाँ प्राप्त हैं। आपने बगैर सुकमा और कोंटा गए, बिना प्रभावितों से वार्तालाप किये, बिना किसी साक्ष्य के या दस्तावेजों के, किस आधार पर पोलावरम के पक्ष में यह सार्वजनिक वक्तव्य दिया कि आंध्रा के अधिकारी अच्छे से प्रभावितों का ध्यान रख रहे हैं ? जबकि ये जानते हुए भी कि आप एक संवैधानिक पद पर विराजमान हैं और विशेष तौर पर उच्चतम न्यायालय में चल रहे पोलावरम मामले में संवेदनशीलता को देखते हुए आपके वक्तव्य या दावे का न्यायिक महत्व है।     

4. आपने आंध्रा प्रदेश में कहा कि पोलावरम बाँध से सभी राज्य लाभान्वित होंगे ? छत्तीसगढ़ कैसे लाभान्वित होगा, ये बताईये ?

5. क्या आंध्रा प्रदेश, बाँध की ऊंचाई कम करने राजी हो गया है ? मुआवज़े की रकम किस आधार पर तय हुई है ? क्या छत्तीसगढ़ में जन सुनवाई पूरी और विधिवत हो चुकी है ? प्रभावितों का विस्थापन कहाँ किया जा रहा है ? कितनी सिंचित भूमि आदिवासियों को मिलेगी ?

जिन्होंने दलितों को समझा मुखवास, वो आज कर रहे हैं उपवास और बकवास : अमित जोगी

रायपुर। मरवाही विधायक अमित जोगी ने कहा कि इंडियन नैशनल कांग्रेस की दलित राजनीति की स्टंटबाजी कोई नई नहीं है। उनके अध्यक्ष ने 2004, 2009 और2014 में भी चुनाव के पहले उत्तर प्रदेश और कई राज्यों में जाकर दलितों के घर खाना खाने का ढोंग किया है और चुनाव के बाद नजर नहीं आए। इस वर्ष भी वही कर रहे हैं। अमित जोगी ने कहा कि 

जिस व्यक्ति को उन्होंने छत्तीसगढ़ का प्रभार सौंपा है, उसने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति के अध्यक्ष रहते हुए “सतनामी” समाज के लोगों को “चमार” की श्रेणी में रखकर प्रदेश के दलितों को अपमानित  किया है। राहुल गांधी को को राजघाट नहीं बल्कि दिल्ली स्थित पीएल पुनिया के निवास के बाहर अनशन पर बैठकर प्रायश्चित करना चाहिए। 

अमित जोगी ने भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जब बाबा साहब अम्बेडकर ने क़ानून बनाने का अधिकार विधायक और सांसदों को दिया है, तो सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आगे पुनरीक्षण याचिका लगाकर भीख नहीं, बल्कि संसद सत्र के दौरान संशोधन विधेयक पारित करके क़ानून में जो कमजोरी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आई है, उसे मिटा देना चाहिए था। ऐसा न करके प्रधानमंत्री ने केवल समाज को गुमराह करने का काम किया है।

अमित जोगी ने कहा कि हक़ीक़त तो यह है कि दोनों राष्ट्रीय पार्टियों ने दलितों को केवल मुखवास समझा है। दलितों के नाम पर सालों तक पेट भर कर ख़ुद वोट बटोरे और जहाँ दलितों के विकास की बात आई वहाँ बस मीठी-मीठी बातें कर उन्हें भ्रमित किया । जोगी ने कहा कि भाजपा और कोंग्रेस दोनो दलित राजनीति केवल वोट के लिए कर रहे हैं। आज उसी का नतीजा है कि पूरे देश में दलित भाई बहन अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर आए हैं और इन राजनीतिक स्टंटबाजों के विरुद्ध मोर्चा खोला है । 

अमित जोगी ने सीएस को लिखा पत्र, बीजापुर कलेक्टर को हटाने की मांग

रायपुर। मरवाही विधायक अमित जोगी ने प्रदेश के मुख्य सचिव अजय सिंह को पत्र लिख कर बीजापुर कलेक्टर डॉ. अयाज ताम्बोली की कार्यशैली पर आपत्ति उठाते हुए कलेक्टर के तत्काल स्थानांतरण की मांग करी है। पत्र में जोगी ने लिखा है कि बीजापुर जिले के कलेक्टर डॉ. अयाज ताम्बोली द्वारा अपने कार्यों के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन किया जा रहा है। अमित जोगी ने मुख्य सचिव को पत्र में अवगत करवाया है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक अध्यक्ष श्री अजीत जोगी का 7 अप्रैल 2018 को बीजापुर जिले में कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के लिए जोगी का हेलीकॉप्टर से बीजापुर आगमन निर्धारित है अत: बीजापुर कलेक्टर के समक्ष आवेदन देकर हेलीकाप्टर उतरने की अनुमति चाही गयी थी। उक्त आवेदन पर बीजापुर कलेक्टर ने यह टीप लिखते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया कि "हेलिपैड अंडर रिपेयर"। लेकिन एक बेहद ही चौंका देने वाले मामले में समाचार पत्रों के माध्यम से जोगी को  आज ज्ञात हुआ कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का दिनांक 06 अप्रैल 2018 को सुबह 09:45 बजे बीजापुर जिले में हेलीकॉप्टर द्वारा आगमन हो रहा है। यह बात मेरी समझ से बिल्कूल परे है कि जिस हेलिपैड पर रिपेयरिंग का काम चल रहा हो जिसकी वजह से वहां 07 अप्रैल को  जोगी का हेलीकॉप्टर उतरना संभव नहीं हो उसी हेलिपैड पर एक दिन पहले मुख्यमंत्री महोदय का हेलीकॉप्टर उतरना कैसे संभव है? अमित जोगी ने आगे लिखा है कि इस प्रकरण से स्पष्ट है कि बीजापुर कलेक्टर द्वारा अजीत जोगी को बीजापुर आने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार जोगी की लोकप्रियता से घबरायी हुई है इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 अप्रैल 2018 के प्रस्तावित बीजापुर प्रवास से पहले सरकार जोगी को बीजापुर आने से रोकने का भरसक प्रयास कर रही है। क्षेत्र में जोगी की लोकप्रियता का आलम यह है कि जिस जगह प्रधानमंत्री की सभा होनी है वहीं के चर्चित भाजपा नेता श्री सकनी चंद्रय्या कल जोगी की पार्टी में शामिल हो गए हैं। ऐसा लग रहा है कि राज्य सरकार इस बात से भयभीत है कि यदि अजीत जोगी का 7 अप्रैल 2018 को बीजापुर आगमन हो गया तो बीजापुर भाजपा के कुछ अन्य महत्वपूर्ण नेता जोगी जी की पार्टी में शामिल हो सकते हैं जिस वजह से राज्य सरकार  की प्रधानमंत्री के सामने किरकिरी हो जायेगी। इसलिए सभी हथकंडे अपना कर राज्य सरकार जोगी को बीजापुर आने से रोकना चाह रही है और इसके लिए बीजापुर कलेक्टर को सरकार द्वारा  जोगी को बीजापुर आने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं।  अमित जोगी ने कहा कि बीजापुर कलेक्टर द्वारा किया गया उक्त कृत्य भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 - "विधि के समक्ष समानता" का खुला उल्लंघन है। यदि प्रधानमंत्री के प्रवास को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर पूर्व मुख्यमंत्री को किसी क्षेत्र में  आने से रोका जा रहा है तो वही नियम प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी लागू होता है।  अमित जोगी ने मुख्य सचिव से निवेदन किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजापुर कलेक्टर का तत्काल स्थानांतरण किया जाए और श्री अजीत जोगी के हेलीकॉप्टर को दिनांक 07 अप्रैल 2018 को बीजापुर जिले में उतरने की अनुमति प्रदान करी जाए। जोगी ने आशा है करी है कि प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया होने के नाते मुख्य सचिव इस विषय पर त्वरित कार्यवाही करेंगे और अधिकारीयों द्वारा भारत के संविधान का पालन किया जाना सुनिचित करवाएंगे।

हवाई अड्डे में शाह की दलीय मीटिंग अवैध: अमित जोगी

रायपुर। मरवाही विधायक अमित जोगी ने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चंद घंटों के लिए छत्तीसगढ़ प्रवास पर माना स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में भाजपा के सांसदों एवं विधायकों की मीटिंग सत्ताधारी भाजपा द्वारा आयोजित की गई है जो औचित्यहीन है। तथा विमान पत्तन अधिनियम के नियमों का खुला उल्लंघन है। क्योंकि विवेकानंद हवाई अड्डा शासकीय परिसर है, वहां पर किसी भी तरह की मीटिंग या दलीय चर्चा आयोजित करना कदापि उपयुक्त नहीं है। भाजपा का इतिहास रहा है कि स्वार्थ सिद्ध करने के लिए भाजपा किसी भी स्तर तक जा सकती है। भाजपा जनता को दिग्भ्रमित करने तथा ऐन-केन-प्रकारेण वोट बटोरने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देती है। हवाई अड्डे पर भाजपाईयों से महज दो घंटे की मुलाकात की तैयारी में प्रदेश सरकार करोड़ों खर्च करने वाली है। जिसमें छत्तीसगढ़ की जनता का करोड़ों रूपया फूंक दिया जायेगा। अमित शाह दो घंटों में हवाई अड़्डे पर जो कुछ हिदायत देने वाले हैं उसे वह दूरभाष पर भी कहकर पैसे के दुरूपयोग को रोक सकते हैं तथा छत्तीसगढ़ पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ से बचा जा सकता है। ईश्वर भाजपा, अमित शाह एवं डा. रमनसिंह को सदबुद्धि दे ताकि इस आयोजन में होने वाली फिजूलखर्ची से बचा जा सके। इतिहास साक्षी है कि आज तक देश के किसी भी दल द्वारा हवाई अड्डे पर स्थित लाउंज में दलीय मीटिंग का आयोजन नहीं किया गया है ।

अमित बोले-किसानों के 5 हजार करोड़ कहा गए केंद्र और राज्य सरकार  दें जवाब

बिलासपुर। मरवाही विधायक अमित जोगी, बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक समेत जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेताओं ने गुरुवार को बिलासपुर में मीडिया से बात की और फसल बीमा योजना में करीब 10 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया। अमित जोगी ने कहा कि केंद्र की पिछली यूपीए सरकार, मौजूदा मोदी सरकार और प्रदेश की रमन सरकार ने मिलकर करीब दस हजार करोड़ रुपए का घोटाला किया है। इसमें 5 हजार 9 सौ 93 करोड़ का घोटाला तो मौजूदा केंद्र और राज्य सरकार ने किया है। उन्होंने भोपाल के एक्टिविस्ट प्रकाश अग्रवाल की आरटीआई में मिले कागजों के आधार पर यह आरोप लगाए। अमित ने कहा कि सिर्फ बिलासपुर जिले में पिछले साल 3 सौ करोड़ रुपए का घोटाला किया गया है। इसी दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस के नेताओं पर जोगी के अपमान का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस ये सोचे कि वो आदिवासियों का अपमान करते रहेगी और हम सहते रहेंगे तो गलत हैं। अमित ने हेलीकॉप्टर विवाद से यह कहते हुए पल्ला झाड़ा कि उनके द्वारा किराए पर लिया गया हैलिकाप्टर रायपुर एयरपोर्ट पर खड़ा है और अजीत जोगी उससे 2 अप्रैल से दौरे पर निकलने वाले हैं.सरकार किसानों का पैसा बीमा कंपनियों के जरिए हड़प रही है। किसान मजबूर औ? लाचार हैं उधर केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक हजारों करोड़ रुपए का घोटाला कर रही है, कांग्रेस आदिवासियों का अपमान कर रही है, इसलिए मैनें राज्यसभा में उनका समर्थन नहीं किया, हेलीकाप्टर विवाद पायल इंटरप्राइजेज और दिल्ली की कंपनी का है ।

 

जनता कांग्रेस के प्रवक्ताओं को निर्देश, सिर्फ Reaction नही Action भी जरुरी

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया चेयरमेन इकबाल अहमद रिजवी ने कहा पार्टी के नेता व मरवाही विधायक अमित जोगी ने कटोरा तालाब स्थित पार्टी मुख्यालय मे आज प्रदेश प्रवक्ताओ की बैठक में आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि प्रवक्ताओ को सिर्फ Reaction नहीं देना है बल्कि Action के साथ काम करना भी जरुरी है, सरकार के जनविरोधी नितियों का मीडिया के समक्ष खुलकर विरोध करें तथा जनता की आवाज बनकर जनता की अधिकारो और हितों की रक्षा करें। इस दौरान पार्टी सुप्रीमों के निर्देशानुसार प्रदेश प्रवक्ताओं की नई सूची जारी करते हुए प्रवक्ताओ को नए जिलो का प्रभार दिया गया। जिसमें प्रमुख रुप से प्रदेश प्रवक्ता नितिन भंसाली - बिलासपुर, मुगेंली,बलौदाबाजार, प्रदेश प्रवक्ता श्री सुब्रत डे - दुर्ग, बेमेतरा, मीडिया समन्वयक  संजीव अग्रवाल- कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, प्रदेश प्रवक्ता अशोक शर्मा – राजनांदगांव, कवर्धा, प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक - महासमुंद लोकसभा, धमतरी, गरियाबंद, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अनामिका पाल - रायगढ़, जाजगींर-चांपा, कोरबा, प्रदेश प्रवक्ता  आशा जोसेफ - रायपुर जिला, प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण नायक - काकेंर लोकसभा, जावेद खान - बस्तर लोकसभा का प्रभार दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश प्रवक्ताओं को प्रभार जिलों का दौरा कर जिला प्रवक्ताओं की नियुक्ति तथा पार्टी हित में मीडिया विभाग को मजबूत करने आवश्यक दिशा भी निर्देश दिए गए।

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