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अमित जोगी समेत तीन विधायकों के निष्कासन पर फैसला परीक्षण के बाद

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने अमित जोगी, सियाराम कौशिक और आर के राय के निष्कासन के लिए विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को सूचना भेजी थी। इस पर श्री अग्रवाल ने आज सदन में कहा कि उन्हें सूचना मिली है। परीक्षण के बाद इस पर व्यवस्था दी जाएगी। विधानसभा शून्यकाल में धनेन्द्र साहू ने किसानों की समस्याओं को लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। शिवरतन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में रेणु जोगी को नहीं बुलाए जाने का मामला उठाते हुए स्थिति स्पष्ट करने की बात कही। संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर ने भी कहा कि ये स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। प्रेमप्रकाश ने कहा कि मामला गंभीर है। 3 सदस्यों के निष्कासन के संबंध में सूचना दी जाती है तो उन्हें दल से संबंधित रेणु जोगी को बैठक नहीं बुलाना चर्चा का विषय नहीं। अध्यक्ष ने कहा कि ये कांग्रेस का आंतरिक मामला है, इसमें व्यवस्था का प्रश्न नहीं उत्पन्न नहीं होता है।

इस मुद्दे पर सदन में सदस्यों के हंगामे को देखते हुए  पांच मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया गया।

50 पन्ने की चिट्ठी, कांग्रेस की नर्वसनेस और खीझ का प्रतीक : अमित जोगी 

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंह देव ने विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को  दल-बदल कानून के तहत तीन विधायकों की सदस्यता खत्म करने की 50 पन्ने की चिठ्ठी भेजी है। इसे मरवाही विधायक अमित जोगी ने हास्यपद बताते हुए नेता प्रतिपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, बाबाजी ! चुनाव है कल और आप आज लेके बैठे हैं दल- बदल।  उन्होंने कहा कि सदस्यता खत्म करने की चिट्ठी एक वर्ष या दो वर्ष पूर्व लिखी जानी चाहिए थी। चुनाव के चार महीने पहले वो भी आखरी सत्र में चिट्ठी लिखना केवल स्वयं की विफलता की खीझ उतारना है और कुछ नही।

अमित जोगी ने कहा कि दरअसल ये कांग्रेस पार्टी का चुनाव पूर्व नर्वसनेस है। 50 पन्ने की चिट्ठी खीझ और बौखलाहट को दर्शाती है। पिछले दो वर्षों से कांग्रेस ने भाजपा के संग मिलकर हम तीनों विधायकों को रोकने हर संभव प्रयास किया लेकिन पूरी तरह असफल रहे। जनहित के हर मुद्दे को हम तीनों विधायकों ने जमकर उठाया। हमने छत्तीसगढ़ की बात की और कांग्रेस केवल तीन वर्षों से सीडी बना रही है।

विधायकों का वेतन डबल तो पुलिसवालों का क्यों नही : अमित जोगी

रायपुर। मरवाही विधायक अमित जोगी ने सत्ता एवं विपक्ष के विधायकों को पुलिसकर्मियों के आंदोलन को खुल कर समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि जब विधायकों का मानदेय दुगना किया जा सकता है तो पुलिस कर्मियों का क्यों नहीं। जोगी ने कहा कि पुलिस-सरकार टकराव लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। ये विडंबना है कि जिन्हें करनी चाहिए पड़ताल, वो मजबूरी में कर रहे हैं हड़ताल।

जोगी ने कहा कि रमन सरकार हर क्षेत्र में विफल रही है। किसान, महिला, युवा, सरकारी कर्मी, व्यापारी सभी वर्ग परेशान हैं।  जोगी ने कहा कि इस सरकार का कोई विज़न नहीं है। छत्तीसगढ़ में चल रहे दुखी पुलिस, दुखी जनता के मॉडल को जोगी सरकार बनते ही बदल दिया जाएगा और सुखी पुलिस, सुरक्षित जनता को आधार बनाकर पुलिस रिफॉर्म्स लागू किया जाएगा। 

आपको बता दें कि अमित जोगी ने दो वर्ष पूर्व विधायकों के वेतन वृद्धि का जोरदार विरोध किया था और हर माह अपना बढ़ा हुआ वेतन सामाजिक हित में मृत किसानों के परिजनों को एवं छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं के स्वरोजगार कार्यों में लगाते हैं।

अमित जोगी ने डीजीपी को लिखा पत्र, बैंगलोर में बंधक आदिवासियों को छुड़ाने की मांग

रायपुर। मरवाही विधायक अमित जोगी ने डीजीपी एएन उपाध्याय को पत्र लिखा है। पत्र के जरिए उन्होंने बैंगलुरू में बंधक  बैगा आदिवासी जाति के 30 से ज्यादा लोगों की रिहाई की मांग की है।  जोगी ने डीजीपी को लिखा है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले कवर्धा के पंडरिया ब्लॉक के 30 से अधिक बैगा आदिवासी जाति के लोगों को पिछले 4 माह से नौकरी देने के नाम पर एक कंपनी द्वारा बैंगलुरू में बंधक बना कर रखा गया है। इन लोगों को न तो मजदूरी मिल रही है और न ही खाना।

जोगी ने लिखा है कि यह बहुत ही गंभीर विषय है जो अपने आप में छत्तीसगढ़ में बढ़ रही बेरोज़गारी की पोल खोल रहा है। आज हमारे प्रदेश में 20 लाख से ज्यादा युवा बेरोज़गार घूम रहे हैं। जीवन यापन करने के लिए दर दर की ठोकरें खा कर पलायन करने को विवश हैं। नौकरी की तलाश में राज्य के बाहर जाने पर उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर उनका शोषण किया जा रहा है। जोगी ने कहा है कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में ट्रेनिंग के नाम पर दूसरे राज्यों में हमारे प्रदेश के लोगों को बंधक बनाये जाने के मामले सामने आये हैं।

अमित जोगी ने डीजीपी से कहा है कि बैगा जाति भारत के  राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र हैं जिन्हे संरक्षण प्राप्त है। उनका इस प्रकार शोषण होना बेहद गंभीर विषय है। अमित जोगी ने डीजीपी से अनुरोध किया है कि कर्नाटक सरकार और कर्नाटक पुलिस से बातचीत कर बंधक लोगों की रिहाई तत्काल सुनिश्चित करवाएं और बंधक बनाने वाली उक्त कंपनी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाएं।

स्कूलों के डेवलपमेंट पर मदद करेगा सीएसवीटीयू, लिया गोद-

प्रस्तावित सरकारी सीबीएसई इंग्लिश मीडियम स्कूल सेक्टर-6 और बालाजी नगर के स्कूल के डेवलपमेंट के लिए छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्नीकल यूनिवर्सिटी मदद करेगा। साथ ही प्राइमरी स्कूल हुडको को भी गोद सीएसवीटीयू लेगा। शनिवार को कैबिनेट मंत्री पांडेय ने सीएसवीटीयू के कुलपति से इस संबंध में चर्चा भी की।

भिलाई के लिए यह बड़ी सौगात है-

मंत्री श्री पाण्डेय ने बताया कि भिलाई के दो स्कूल सेक्टर-6 और खुर्सीपार बाजाली नगर स्कूल में सीबीएसई इंग्लिश मीडियम स्कूल की शुरुआत होने जा रही है। यह भिलाई के लिए बड़ी सौगात है। इसके लिए हम तीन साल से प्रयास कर रहे थे। सरकार की इस योजना से गरीब परिवार का बच्चा सीबीएसई इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई कर सकेगा। इसके लिए बीपीएल कार्ड की आवश्यकता नहीं रहेगी।

मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय की पहल से प्राइमरी स्कूल हुडको में लगेगा सौर पैनल, अब गर्मी में परेशान नहीं होंगे बच्चे और टीचर

शासकीय प्राइमरी स्कूल हुडको की तस्वीर चार साल बदलने वाली है। स्कूल खुलने के बाद चार साल से बिजली व्यवस्था नहीं हुई थी। इसकी वजह से बच्चे और टीचर गर्मी के दिनों में परेशान थे। कैबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय के संज्ञान में शनिवार को निगम के सीनियर पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्रा ने लाया।

वशिष्ठ ने मंत्री पांडेय को स्कूल के बारे में बताया कि, जिस जमीन पर हुडको स्कूल का निर्माण हुआ है। वह जमीन बीएसपी की है। इसलिए वहां बिजली देने का अधिकार बीएसपी का था। लेकिन नियमों के पेंच की वजह से बिजली की व्यवस्था नहीं हो पाई। मंत्री पांडेय ने यह बात सुनकर तत्काल ऐलान किया कि, प्राइमरी स्कूल हुडको में सौर पैनल लगाया जाएगा। इससे लाइट की व्यवस्था होगी। साथ ही पंखे-कूलर भी लगा सकेंगे। इससे बच्चों को राहत मिलेगी।

मंत्री पांडेय ने सीएसवीटीयू के कुलपति से की चर्चा-

मंत्री पांडेय ने जल्द से जल्द सौर पैनल लगाने के लिए छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्नीकल यूनिवर्सिटी के कुलपति से चर्चा की। चूंकि, सीएसवीटीयू सौर पैनल प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसलिए मंत्री पांडेय ने कुलपति से कहा है कि, वे सप्ताहभर के भीतर हुडको प्राइमरी स्कूल में पैनल लगाने की व्यवस्था करें।

आरटीई के पोर्टल में अन्य स्कूलों का हों विकल्प, मंत्री पांडेय ने ली डीपीआई डायरेक्टर से की चर्चा-

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में एडमिशन के लिए अब भी लोगों को परेशानी हो रही है। तमाम शिकायतों के समाधान के लिए कैबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने डीपीआई डायरेक्टर एस. प्रकाश से चर्चा की। मंत्री पांडेय ने डीपीआई डायरेक्टर से कहा है कि, आरटीई के पोर्टल में प्रवेश प्रक्रिया की गई है। इसके तहत पालकों ने स्कूल के विकल्प के रूप में केवल एक ही स्कूल का नाम दिया है। जबकि नोडल क्षेत्र के कई स्कूल में आरटीई एक्ट के तहत आरक्षित सीट रिक्त है। पोर्टल में ऐसा कोई विकल्प नहीं है जिसमें उन स्कूलों में आवंटित कर स्वीकृत किया जा सके। इसलिए पोर्टल में इसका जिक्र होना होना है। ताकि पालकों को परेशानी न हो और पात्रता रखने वाले बच्चे वंचित न हो।

गौरतलब है कि जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग ने भी 21 जून को लोक शिक्षण संचालनालय को चिट्‌ठी लिखकर इस संबंध में उचित मार्गदर्शन मांगा है।

मरवाही में कर्ज में डूबे किसान को भेजा वसूली का नोटिस, अमित जोगी ने सीएस को लिखा पत्र 

रायपुर। मरवाही विकासखंड के ग्राम - पिपरिया निवासी किसान सुरेश सिंह मराबी ने 7 जून को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में मरवाह विधायक अमित जोगी ने मुख्य सचिव अजय सिंह को  पत्र लिखा है। उन्होंने मुख्य सचिव को अवगत करवाया है कि मृतक किसान की पत्नी, मां एवं भाई के अनुसार मृतक सुरेश सिंह के ऊपर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित लरकेनी, विकासखंड - मरवाही, जिला - बिलासपुर का खाद-बीज का 1 लाख 50 हजार 606/- रुपये और 28,338/- का कर्ज था जिसे  जमा करने के लिए नोटिस देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। जोगी ने पत्र में लिखा है कि सरकार जहां एक ओर विकास यात्रा निकालकर खुशहाल किसान, खुशहाल छत्तीसगढ़ का दावा कर रही है वहीं दूसरी ओर अकालग्रस्त क्षेत्र में कर्ज में डूबे किसानों को सहकारी बैंक के माध्यम से नोटिस दिलवाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करके उन्हें आत्महत्या करने के लिए विवश कर रही है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर ग्राम पिपरिया के किसान सुरेश सिंह मराबी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जोगी ने पत्र में लिखा है कि मृतक किसान के आश्रित उसकी पत्नी, चार बेटियां एवं वृद्ध मां थी। सरकारी प्रताड़ना के कारण इन आश्रितों का पालन पोषण करने वाला उनका सहारा छिन गया है जबकि शासन एवं प्रशासन को ज्ञात है कि पिछले 4 वर्षों से मरवाही क्षेत्र लगातार अल्प वर्षा एवं सूखे की मार झेल रहा है जिसके कारण इस क्षेत्र के किसानों के खेतों में फसल की उपज अत्यधिक प्रभावित होती चली गई है, इसी कारण से इस क्षेत्र के किसान आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों का खाद-बीज का कर्जा नहीं पटा पा रहे हैं। उसके बावजूद भी प्रभावित किसानों के यहां नोटिस पर नोटिस भेजकर उन्हें मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है, जिसकी परिणिति है कि क्षेत्र में पूर्व में ग्राम पंडरी के किसान एवं अब ग्राम पिपरिया के किसान ने आत्महत्या कर ली। 

सूखा प्रभावित क्षेत्र में किसानों को मिले मुआवजा

अमित जोगी ने शासन कि नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्र में शासन को पीड़ित किसानों का संरक्षक बनकर उन्हें उचित मुआवजा राशि देनी चाहिए, लागत एवं होने वाले संभावित फसल की नुकसान का सही आंकलन करके उन्हें उचित बीमा राशि देनी चाहिए तथा किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए । लेकिन शासन इसके विपरीत आचरण करके किसानों का शोषण कर रहा है और प्रताड़ित कर उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहा है।

दोषियों पर  कार्रवाई और 25 लाख मुआवजे की मांग

अमित जोगी ने मुख्य सचिव से मांग की है कि सूखा प्रभावित मरवाही क्षेत्र में कर्ज में डूबे किसान सुरेश सिंह मराबी को वसूली का नोटिस भेजकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्यवाही की जाए।  मृतक किसान के आश्रितों को 25 लाख रुपए की मुआवजा राशि, एक सदस्य को सरकारी नौकरी एवं मृतक की चारों लड़कियों की पढ़ाई व शादी की जिम्मेदारी शासन द्वारा ली जाए। उन्होंने शासन द्वारा सभी किसानों का कर्ज माफ करने की भी मांग की है।

खुदखुशी के पीछे कारण की जांच होनी चाहिए, ये सब तो केवल प्यादे हैं: अमित जोगी

रायपुर। आॅटो डीलर रिंकू खनुजा ने आत्महत्या कर ली है। इन्हें कथित तौर पर सीडी कांड से जोड़ा जा रहा था, रिंकू से लगातार पुलिस पूछताछ कर रही थी लेकिन अब रिंकू खनुजा की मौत को लेकर सियासत गरमा गई है। जनता कांग्रेस से अमित जोगी ने Glibs.in से च्रर्चा करते हुए कहा कि खुदखुशी के पीछे क्या कारण है, इसकी जांच होनी चाहिए।  ये सब तो केवल प्यादे हैं। फर्जी सीडी का गोरखधंधा चलाने वाले गिरोह के असली सरगनाओं को बेनकाब करना इसलिए भी जरुर है, ताकि प्रदेश की राजनीति सीडी की जगह सीजी मतलब छत्तीसगढ़ पर केंद्रित हो सके।

वहीं इस मामले पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा है कि हम निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। क्योंकि निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत की असली वजह क्या है। सरकार को पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत जांच करानी चाहिए। ताकि सच्चाई सामने आ सके।

Exclusive : जोगी के स्वास्थ्य में सुधार, 10 फीसदी वेंटिलेटर पर - अमित जोगी

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की तबीयत में तेजी से सुधार हो रहा है। वे अभी 10 फीसदी वेंटिलेटर पर हैं । बाकी 90 फीसदी उन्होंने रिकवर कर लिया है। यह बात अमित जोगी ने glibs.in से बातचीत करते हुए कहा। अमित जोगी ने कहा कि डाक्टरों ने अजीत जोगी का पूरा मेडिकल परीक्षण कर लिया है और उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। अमित जोगी ने बताया कि दोपहर बाद वेंटिलेटर हटा दिया जा सकता है और जल्द ही डाक्टरों द्वारा मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाएगा। फिलहाल डाक्टरों की टीम निमोनिया का संक्रमण क्यों हुआ इ्स पर विचार कर रहे हैं।   

आपको बता दें कि अजीत जोगी को निमोनिया हो गया था। उन्हें राजधानी के रामकृष्ण अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन उनकी तबीयत अचानक खराब होने की वजह से एयर एंबुलेंस से दिल्ली के मेंदाता ले जाया गया। जहां डा. त्रेहान की निगरानी में अजीत जोगी का इलाज हो रहा है। इस समय दिल्ली में अजीत जोगी के पुत्र एवं मरवाही विधायक अमित जोगी, कांग्रेस विधायक डा.रेणु जोगी, बहु ऋचा जोगी मौजूद है।

राहुल गांधी ने पूछा डॉ. रेणु से अजीत जोगी का हाल

रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने डॉ रेणु जोगी से फोन पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।  पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मंगलवार रात रायपुर के अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया था। अब उनकी हालत में सुधार है और उनको वेंटिलेटर से हटा दिया गया है।

अजीत जोगी के स्वास्थ्य को लेकर राहुल गांधी ने उनकी पत्नी और विधायक डॉ रेणु जोगी से फोन पर बात की। अमित जोगी ने ट्वीटर पर राहुल गांधी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने फोन करके स्वास्थ्य लाभ की शुभकामना दी है।

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