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29-06-2020
अजीत जोगी का जीवन अदम्य साहस से भरा था, उनका व्यक्तित्व और कृतित्व प्रेरणादायी : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को सागौन बंगला में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की आत्मा की शांति के लिए आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना व श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत अजीत जोगी की पत्नी डॉ. रेणु जोगी और उनके पुत्र अमित जोगी से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जोगी का जीवन हम सबको हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। संघर्ष के लिए, माटी के प्रति प्रेम और लक्ष्य प्राप्ति की लगन के लिए। जोगी का जीवन अदम्य साहस से भरा हुआ था। जोगी ने कभी अपने जीवन में हार नहीं मानी। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो या प्रशासनिक अधिकारी के रूप में हो या फिर लेखन, विचार या राजनीति का क्षेत्र हो। जोगी ने प्रत्येक क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने गांव से निकलकर राजधानी तक के सफर में अनेक ऊंचाईयों को हासिल किया। उन्होंने जब से राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा तब से कभी पीछे पलटकर नहीं देखा। राजनीति के इस सफर में उन्होंने अनेक उतार-चढ़ाव को भी देखा, परंतु इसमें उन्हें कभी भी टूटते हुए, रूकते हुए नहीं देखा और हमने उन्हें हमेशा आगे बढ़ते हुए पाया। उन्होंने कहा कि जोगी के निधन से छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक शून्यता आई है, जो हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है।

14-02-2020
कर्मठ राजनेता के रूप याद किए जाएंगे श्यामाचरण शुक्ल : भूपेश बघेल

रायपुर। अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित श्यामाचरण शुक्ल की शुक्रवार को पुण्यतिथि है। उन्हें पुण्यतिथि पर याद कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ की माटी के सपूत एवं सहज-सरल व्यक्तित्व के धनी पंडित श्यामाचरण शुक्ल की पुण्यतिथि पर हम सब सादर नमन करते हैं। एक कर्मठ राजनेता के रूप में छत्तीसगढ़ सहित समूचे मध्यप्रदेश की प्रगति के लिए उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।

 

15-10-2019
अभाविप देश और समाज मे अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण करती है : फूलचंद गागड़ा

बीजापुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नगर कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें नगर मंत्री दिनेश को बनाया। कार्यक्रम में मुख्यअतिथि व मुख्यवक्ता के रूप में परिषद के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य फूलचंद गागड़ा थे।
गौरतलब है कि छात्र संगठन विद्यार्थी परिषद ने संगठन विस्तार को लेकर नगर इकाई का गठन किया है। इसमें फूलचंद गागड़ा ने संबोधित करते हुए कहा की कोई भी संगठन अपने संख्या बल से बड़ा नहीं होता बल्कि अपने कार्यों से बड़ा होता है। संख्या महज एक आंकड़ा होता है। विद्यार्थी परिषद आज अपने कार्य को लेकर ही दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। परिषद अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण करती है ताकि वह व्यक्ति देश और समाज के लिए बेहतर योगदान दे सके।
गागड़ा ने आगे कहा कि परिषद पूर्व से ही केवल विद्यार्थियों तक सीमित नही रहा है वरन समाज मे घटित अस्वीकार्य कार्यों और सामाजिक आवश्यकताओं को लेकर कार्य करती है क्योंकि एक विद्यार्थी की भी जिम्मेदारी होती है कि उसका योगदान समाज में हो। विद्यार्थी परिषद सदैव से छात्र हित में कार्य करने वाली संगठन है इसलिए परिषद के साथ इतने संख्या में विद्यार्थी जुड़ते हैं, शिक्षा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र की बात करते हैं और जरूरत पड़ने पर छात्रहित और राष्ट्रहित के लिये पहली पंक्ति में परिषद होती है।  जिला संयोजक संतोष पुजारी ने कार्यकारिणी का घोषणा किया और नव दायित्वानों को बधाई दिया नगर कार्यकारिणी में नगर मंत्री दिनेश विश्वकर्मा, नगर सहमंत्री उमेश यादव, महाविद्यालय प्रमुख जानकी नेताम, सहप्रमुख रेणुका तलाण्डी, एसएफडी प्रमुख उमेश कुड़ियम, सह प्रमुख गुड्डू वेको, मीडिया प्रभारी रोशन झाड़ी, सह प्रभारी दीपक भट्ट, जनजातीय प्रमुख दिनेश कुड़ियम,सह प्रमुख दिनेश गोटा, सांस्कृतिक प्रमुख निशांत ठाकुर,कार्यक्रम प्रभारी धीरज प्रधान, छात्रावास प्रमुख रमेश तेलम, सह प्रमुख राकेश कोरसा को बनाया गया।

01-08-2019
'प्रेमचंद के फटे जूते' का मंचन और व्यक्तित्व पर कवि अरुण कमल ने दिया व्याख्यान
धमतरी।  देश बनता है लोगों से, उनके जीवन, जीविका, समाज और संस्कृति से।  राष्ट्र तब बनता है जब लोग एक साथ होते हैं। एक साथ रहते हैं। सब एक जैसे नहीं हो सकते। विविधता राष्ट्र की पहचान है। सब एक जैसे कैसे होंगे ? होना भी नहीं चाहिए  कथा सम्राट प्रेमचंद की जयंती की पूर्व संध्या पर देश के जाने माने कवि अरुण कमल ने प्रेमचंद की लेखनी और जीवनी की व्याख्या करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय से देश को धर्म के आधार पर राष्ट्र को टुकड़े टुकड़े करने की षडयन्त्र करते रहे। विडम्बना यह है कि आज भी देश में कुछ लोग यह सब करने पर उतारू हैं। प्रेमचंद ने उस समय देश में गैरबराबरी, धार्मिक उन्माद के खिलाफ  और अन्याय के खिलाफ  आवाज बुलंद की थी। कवि अरुण कमल ने प्रेमचंद और वर्तमान परिदृश्य विषय पर व्याख्यान दिया। इस कार्यक्रम के दूसरे भाग में रचना मिश्र के निर्देशन में प्रेमचंद की चार रचनाओं पर आधारित हरिशंकर परसाई के व्यंग्य निबंध 'प्रेमचंद के फटे जूते' का नाट्यमंचन किया गया। नाट्य रचना सुभाष मिश्र ने तैयार की थी।  इस नाटक को सुभाष मिश्र ने एक कोलाज के बतौर प्रस्तुत किया जिनमें बीच-बीच में प्रेमचंद की कहानी और उपन्यास गोदान, कफन आदि के कुछ दृश्य शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला प्रमुख नवनीत बेदार ने कवि अरुण कमल का परिचय दिया।    
 कार्यक्रम का संचालन धमतरी हिंदी साहित्य परिषद् की अध्यक्ष  सरिता दोशी ने किया। यह अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति एवं छत्तीसगढ़ फिल्म एंड विजुअल आर्ट सोसाइटी का संयुक्त आयोजन था। इस कार्यक्रम में करीब ढाई सौ दर्शक आये जिनमें शिक्षकों के अलावा समाज के तमाम वर्ग के लोग शामिल थे। इस कार्यक्रम में धमतरी जिला कलेक्टर रजत बंसल शामिल हुए और नाटक भी देखा।
31-07-2019
कलिंगा विश्वविद्यालय में 'मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के तत्वावधान में हिन्दी कथा सम्राट प्रेमचंद की जयंती पर 'मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कला एवं मानविकी संकाय के प्राध्यापकों ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं उनकी रचनाओं की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए। 
कला एवं मानविकी संकाय के डीन डॉ. एमएस मिश्रा एवं हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अजय शुक्ला ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि न केवल हिन्दी भाषा और साहित्य के लिए बल्कि हमारे देश और समाज की विभिन्न समस्याओं के लिए भी आज प्रेमचंद की रचनाएं प्रेरणा का स्थायी स्रोत बनी हुई हैं। डॉ. अजय शुक्ल ने प्रेमचंद के जीवनवृत्त और रचनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि  प्रेमचंद ने तीन सौ से अधिक कहानियां लिखकर हिन्दी गद्य साहित्य को समृद्ध किया है। वे हिन्दी कहानी और उपन्यास के सबसे लोकप्रिय रचनाकार हैं। उन्होंने तिलस्मी, मनोरंजक, उपदेशपरक और राजा-रानी के किस्सों की बजाय समाज में घटित घटनाओं को अपनी रचनाओं में उकेरा है। पत्रकारिता विभाग के सहायक प्राध्यापक गुलशन कुमार ने कहा कि प्रेमचंद एक सजग पत्रकार और कुशल संपादक थे। उनकी पत्रकारिता मुद्दों पर केन्द्रित थी। उन्होंने हर विषय पर लिखा है। इतिहास विभाग के चंदन कुमार और अंगे्रजी विभाग की अनुरिमा दास ने भी प्रेमचंद की रचनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिन्दी विभाग की सहायक प्राध्यापक खुशबू सिंह ने कहा कि प्रेमचंद हिन्दी साहित्य के सबसे लोकप्रिय रचनाकार ह जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से देश की जनता का पथ प्रदर्शन किया और आज भी उनकी रचनाएं हमारे लिए प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम में डॉ. अनिता समल, डॉ. देबाहुति पाणिग्रही,  विजय आनंद,  अमित चतुर्वेदी, रहमतुल्लाह अस्करी एवं अन्य प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 

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