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28-11-2020
स्वसहायता समूहों ने बिहान बाजार में बारह लाख रुपए के उत्पाद बेचें

दुर्ग। दिवाली के पहले केवल तीन दिनों का बिहान बाजार दुर्ग जिला पंचायत में लगाया गया। इसमें बारह लाख रुपए की सामग्री बिकी। लोगों को खूब पसंद आई और अब वे यह पूछ रहे हैं कि आगे इस तरह का बाजार कब लगेगा। यह स्वसहायता समूहों की शक्ति है। इन्हें क्रेडिट देकर बैंक अपना अधिकाधिक विस्तार कर सकते हैं। यह बात जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक ने कही। आलोक ने कहा कि जिस तरह से स्वसहायता समूह नवाचार कर रहे हैं। अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग कर रही है और शासन भी स्थानीय स्तर के उत्पादों को बढ़ावा देने में लगा है इससे स्वसहायता समूहों का भविष्य काफी उज्ज्वल है। इसके माध्यम से बैंक भी विस्तार की नई संभावनाएं तलाश सकते हैं। सीईओ ने कहा कि पशुपालन में भी अनेक संभावनाएं पैदा हो रही हैं। प्रकरणों के आते ही इनके शीघ्रता से निपटारा किया जाने से नई संभावनाएं खुलती हैं।

बड़ी बात यह है कि बिहान के महिला समूह काफी सक्रिय है। स्थानीय होने की वजह से बड़ा बाजार इनके लिए सहज उपलब्ध है। वे नवाचार भी कर रहे हैं। बैंक इनकी मदद करेंगे तो ये काफी आगे बढ़ेंगे। पिछला इतिहास भी देखें तो यह काफी उज्ज्वल है। इनमें किया गया निवेश काफी बड़े लाभ के साथ वापस आता है। बैठक में सीईओ ने प्राथमिकता सेक्टर में सबसे ज्यादा काम करने की जरूरत बताई। इस दौरान रिजनल मैनेजर बैंक आफ बड़ौदा अरविंद काटकर, रिजनल मैनेजर एसबीआई, जे.चक्रवती, रिजनल मैनेजर सीआरजीबी सतीश कश्यप तथा लीड बैंक मैनेजर अशोक सिंह भी उपस्थित थे। सभी ने अपने संबोधन में कहा कि प्राथमिकता क्षेत्रों को आगे बढ़ाने के लिए बैंकिंग सेक्टर प्रतिबद्ध है। आवेदनों का जल्द निराकरण किया जाएगा और स्वसहायता समूहों के माध्यम से उद्यम करने वालों को बैंक की गाइडलाइन के मुताबिक पूरी मदद दी जाएगी।

22-10-2020
त्यौहारों को रोशन कीजिए बिहान स्वसहायता समूह की महिलाओं के गोबर से बनाए रंग-बिरंगे दीयों से

कोरिया। दशहरा और दीपावली त्यौहार बस कुछ ही दिन दूर हैं। इन त्यौहारों की रोशनी को दुगुना करने कोरिया जिले के जिला मिशन प्रबंधन इकाई एनआरएलएम बिहान के अंतर्गत स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गोबर से आकर्षक दीये बनाये जा रहे हैं। आगामी त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए बनाये गये रंग-बिरंगे ये दीये सुंदर एवं किफायती हैं। इसके साथ ही मिट्टी के कलश भी बनाये गये हैं। अच्छी बात यह है कि इच्छुक खरीददार इन दीयों को खरीद भी सकते हैं। समूह की महिलाओं ने गोबर से वैकल्पिक एवं नवीन तकनीक के द्वारा आकर्षक दिये बनाने का कार्य शुरू किया है और ये उनकी आजीविका का साधन भी बना है। बीते वर्ष भी दीये बनाने एवं विक्रय का कार्य समूह द्वारा किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत तूलिका प्रजापति ने सभी लोगों से अपील की है कि आगामी पर्वों को ध्यान में रखते हुए गोबर के दीये व उनसे बने उत्पादों का उपयोग कर समूह की महिलाओं का प्रोत्साहन करें।  
एनआरएलएम बिहान के जिला मिशन प्रबंधक ने बताया कि इन समूहों द्वारा बनाये गये दीये खरीदने एवं उत्पादों से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला नोडल अधिकारी राजू साहू मोबाइल नंबर 9340932924 अथवा बैकुण्ठपुर विकासखण्ड की उन्नती महिला संकुल संगठन की नोडल अधिकारी कल्पना देवांगन मोबाइल नंबर 9755824288 से संपर्क कर सकते हैं। 

 

19-10-2020
कलेक्टर ने कहा, स्वसहायता समूहों के बनाए उत्पादों का हो प्रचार प्रसार, मिले बेहतर मार्केट

दुर्ग। कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने जिला पंचायत अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बीते दिनों उन्होंने स्वसहायता समूहों के उत्पाद देखें हैं। यह उत्पाद काफी आकर्षक हैं और इस नाते कुछ समूहों ने विदेशों में भी उत्पाद भेजे हैं। यह बहुत अच्छा संदेश है इसे आगे ले जाना चाहिए। लोग कहीं भी हों, उन्हें  हमारे डिजाइनर उत्पाद मिल पाएं, इसलिए कार्य करें। इसके लिए अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-मार्केट पर भी फोकस करें ताकि बहुत बड़ा डिजिटल मार्केट भी ये कैप्चर कर पाएं। कलेक्टर ने कहा कि इनकी डिजाइनिंग बहुत अच्छी है इसमें विशेषज्ञों की मदद से और भी निखार लाएं। गुणवत्ता और बेहतर करने की कोशिश हो, उत्पादों की रेंज बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि दीपावली को लेकर विशेष तौर पर फोकस करें। स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन के लिए यह शानदार मौका है। इस समय डिमांड काफी होगी, अभी से इसके लिए कार्य करें। किसी भी तरह की मदद की जरूरत है तो उन्हें उपलब्ध कराएं। जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक ने बताया कि इसके लिए बाजार से एनआरएलएम की टीम जुड़ी हुई है।

जहां जहां से मांग सृजित हो सकती है वहां संपर्क किया गया है और इसे समूहों के माध्यम से सप्लाई किया जाएगा। समूहों के पास काफी काम आ रहा है। उन्होंने बताया कि समूहों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि एनआरएलएम योजना का दायरा काफी विस्तृत होता है। इसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हो सकता है और नवाचार को बढ़ावा दिया जा सकता है। कलेक्टर ने बैठक में मनरेगा की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जून तक के काम चिन्हांकित कर रख लें। अधिकाधिक लोग 100 दिन का लक्ष्य प्राप्त करें, यह कोशिश हो। कार्य काफी गुणवत्तापूर्वक हों, यह भी देख लें। उन्होंने कहा कि नरवा योजनाओं के माध्यम से भूमिगत जल का स्तर काफी बढ़ेगा। यह काफी अहम प्रोजेक्ट्स हैं और इस दिशा में विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि नरवा के लिए चिन्हांकित स्थलों में विशेषज्ञों के निर्देश के अनुरूप निर्माण हो, यह सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने पंद्रहवें वित्त की राशि से हो रहे कार्यों की जानकारी भी ली। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि इस राशि के माध्यम से पेयजल एवं बुनियादी संरचना आदि के कार्य कराए जा रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविकामूलक गतिविधियों को बढ़ावा देना सबसे अहम है। इस दृष्टि से विशेष काम होना चाहिए।

 

14-09-2020
वर्मी टैंकों में जैविक खाद बननी हुई शुरू, बिहान समूह की महिलाएं हो रही स्वावलंबी

कोरबा। राज्य शासन की महत्वपूर्ण एवं किसान हितैषी गोधन न्याय योजना जिले के गोबर विक्रेताओं के लिये बहुत ही लाभदायक साबित हो रही है। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत जिले के गौठानों में खरीदे गये गोबर से जैविक खाद बनना भी अब शुरू हो चुका है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत स्वसहायता समूह की महिलायें गौठानों मे जैविक खाद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं है। कोरोना काल में समूह की महिलाओें को जैविक खाद बनाने से आय का अतिरिक्त साधन मिल रहा है। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत जिले में अब तक 29 हजार क्विंटल से अधिक गोबर गौठानों में खरीदा जा चुका है। खरीदे गये गोबर से दो हजार से अधिक वर्मी टैंको में जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। गौठानों में बनाये गये वर्मी कम्पोस्ट टैंक मनरेगा के तहत बनाया गया है। वर्मी टैंक बनाने में बिहान समूह की महिलाओं का योगदान रहा है,इससे महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन की राह भी दिख रही है। विकासखण्ड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत सिंघिया गौठान में एकता समूह महिलाओं द्वारा एक हजार 400 किलो से अधिक गोबर को वर्मी टैंक में भरकर जैविक खाद बनाना शुरू कर दिया गया है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि गौठानों में संग्रहित गोबर से गुणवत्ता पूर्ण वर्मी खाद बनाने के लिये महिला समूहों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। महिलाओं एवं गौठान समिति के सदस्यों को वर्मी खाद बनाने के लिये कृषि विभाग से प्रशिक्षित अधिकारियों द्वारा जनपद पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्मी खाद बनाने के लिये जिले की 200 स्वसहायता समूहों की दो हजार महिलायें काम कर रहीं हैं,जिससे उन्हें आय का अतिरिक्त साधन भी मिल रहा है। कुंदन कुमार ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के द्वारा जिले में लगभग एक हजार 880 वर्मी कम्पोस्ट टैंक का निर्माण किया जा रहा है। वर्मी कम्पोस्ट टैंक में से अधिकांश पूर्ण हो चुके हैं इन टैंको में बड़े पैमानों पर केंचुआ खाद बनायी जा रही है। उन्होंने बताया कि एक वर्मी टैंक मे चार क्विंटल वर्मी खाद का उत्पादन हो सकेगा। गौठानों में वर्मी खाद बनाकर दो हजार से अधिक महिलायें आजीविका संवर्धन से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहीं हैं। महिलायें स्वरोजगार की दिशा मे आगे बढ़ते हुये ग्राम विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहीं हैं।

09-09-2020
आय बढ़ाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ों की सुरक्षा का दायित्व बेहतर ढंग से निर्वाह कर रही है महिलाएं

रायपुर। स्वसहायता समूह की महिलाएं अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ों की सुरक्षा का दायित्व भी अच्छी तरह से निभा रहीं हैं। नारायणपुर जिले की स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने पौधों की सुरक्षा के लिए बांस के आकर्षक व मजबूत ट्री-गार्ड बनाया हैं। समूहों की महिलाओं ने 10 हजार ट्री गाड बनाकर 45 लाख रूपए का व्यवसाय किया है। समूह की ओर से इन ट्री-गार्डाे को तैयार कर साढ़े चार सौ रूपए प्रतिनग के हिसाब से जिला प्रशासन को बेचा गया है। बरसात के मौसम में किए जा रहे वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के तहत लगाए जा रहे पौधों की सुरक्षा के लिए इन ट्री-गार्डाे का उपयोग रोड के किनारे व गौठानों में हुए वृक्षारोपण में किया गया है।

 

24-08-2020
कमिश्नर ने चिटौद के गौठान से खरीदा वर्मी कम्पोस्ट

दुर्ग। संभाग के कमिश्नर टीसी महावर सोमवार को बालोद कलेक्टर जनमेजय महोबे के साथ गुरूर विकासखण्ड के ग्रामों का भ्रमण कर गौठानों में विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम चिटौद के गौठान का निरीक्षण किया। उन्होंने मवेशियों को हरा चारा खिलाया। कमिश्नर ने वहाॅ गोधन न्याय योजना के तहत् खरीदे गए गोबर की जानकारी ली। उन्होंने स्वसहायता समूहों से चर्चा कर उनके द्वारा तैयार किए जा रहे वर्मी कम्पोस्ट का अवलोकन किया। स्वसहायता समूहों की सदस्यों ने बताया कि उनके द्वारा अब तक छह क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय कर लिया गया है। कमिश्नर ने तैयार वर्मी कम्पोस्ट का अवलोकन कर गुणवत्तापूर्ण वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के लिए स्वसहायता समूहों की सराहना की। उन्होंने वहाॅ स्वसहायता समूह से वर्मी कम्पोस्ट खरीदा।

कमिश्नर महावर ने ग्राम चिटौद के गौठान परिसर के चारागाह में लगाए गए नेपीयर घास का अवलोकन किया। चारागाह परिसर में ही स्वसहायता समूहों द्वारा लगाए गए फलदार और सब्जीदार पौधों का अवलोकन किया। उन्होंने वहाॅ गौठान समिति के सदस्यों से भी चर्चा किया। कमिश्नर ने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम भोथली के गौठान का निरीक्षण किया। उन्होंने वहाॅ गोबर विक्रेताओं से चर्चा की। गोबर विक्रेताओं ने बताया कि उन्हें गोधन न्याय योजना के तहत बेचे गए गोबर का दो बार भुगतान प्राप्त हो चुका है। कमिश्नर महावर ने गौठान में पानी रूकने नहीं देने तथा पानी निकासी की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने वहाॅ चारागाह का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर, एसडीएम सिल्ली थाॅमस, जनपद सीईओ राजेन्द्र कुमार पडौति सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

28-07-2020
गौठानों में छायादार वृक्ष लगाए गए या नहीं इसकी हर सप्ताह जानकारी लेंगे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने वर्षा ऋतु के दौरान गौठानों में छायादार वृक्ष लगाने कहा हैं। साथ ही गौठानों में सीपीटी वर्मी कंपोस्ट यूनिट, स्वसहायता समूहों के लिए कार्य-शेड और आवश्यक मशीनों व उपकरणों के कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर इनमें तेजी लाने कहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौठानों में मवेशियों के लिए छायादार स्थान उपलब्ध कराने अभी बरसात के मौसम में पौधारोपण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गौठानों में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने सभी व्यवस्थाएं जल्द सुनिश्चित करने कहा है। वे हर सप्ताह इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। विभागीय मंत्री टी.एस. सिंहदेव के निर्देश पर प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने मनरेगा के सभी जिला कार्यक्रम समन्वयकों-सह-कलेक्टरों को इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। 

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कलेक्टरों को इन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। विभाग से जारी परिपत्र में कहा गया है कि वन विभाग की ओर से प्रत्येक गौठान की जरूरत व मांग के अनुसार पर्याप्त ऊंचाई और अच्छी गुणवत्ता के छायादार बड़े पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। बड़े पौधों के रोपण से जहां उनके जीवित रहने की संभावना ज्यादा होगी, वहीं गौठान परिसरों में छाया की व्यवस्था भी शीघ्र उपलब्ध होगी। पौधारोपण वन और कृषि विभाग के अधिकारियों के तकनीकी मार्गदर्शन में कराया जाएगा। गौठान में लगाए गए पौधों की देखभाल एवं रखरखाव की जिम्मेदारी गौठान संचालन समिति की होगी। विभाग ने गौठानों में मूलभूत जरूरतों सीपीटी, वर्मी कंपोस्ट यूनिट, स्वसहायता समूहों के लिए कार्य-शेड और आवश्यक मशीनों व उपकरणों की स्थापना के कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर इनमें तेजी लाने कहा है। मुख्यमंत्री की ओर से कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के लिए कलेक्टरों को निर्धारित प्रारूप में इसकी अद्यतन जानकारी मनरेगा आयुक्त कार्यालय को हर सप्ताह भेजना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

20-07-2020
मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने गोधन न्याय योजना का किया शुभारंभ

कोरबा। प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजना "गोधन न्याय योजना" का सोमवार को राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने नगर पालिक निगम कोरबा के गोकुलनगर गोठान में  शुभारम्भ किया। उन्होंने हल नागर,जूड़ा, कृषि यंत्र तथा गेड़ी की पूजा की, शुभारम्भ पट्टिका का अनावरण किया तथा पशुपालक हितग्राहियों को हितग्राही खाता बुक प्रदान किया। मंत्री अग्रवाल ने स्वसहायता समूह के सदस्यों को पौधे वितरित किये। राजस्व मंत्री अग्रवाल तथा अन्य अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस मौके पर महापौर राजकिशोर प्रसाद, सभापति श्याम सुंदर सोनी, आयुक्त एस जयवर्धन, डीएफओ गुरुनाथन एन, अपर आयुक्त अशोक शर्मा, एमआईसी सदस्य संतोष राठौर, सपना चौहान, पालूराम साहू, फूलचंद सोनवानी, पार्षद अनीता यादव आदि ने भी उपस्थित थे।

13-07-2020
स्वसहायता समूह की महिलाएं बना रही हैं राखियां, मिल रहा घर में रोजगार

जांजगीर-चांपा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी स्वसहायता समूह की महिलाओं ने रक्षाबंधन के पर्व की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को मजबूती से बांधने के लिए धान,चावल, रूद्राक्ष, रंगीन मोती, स्टोन, ऊन से राखियां बनाना शुरू कर दिया है‌। बनाई जा रही राखियां आसपास के मार्केंट के दुकानदारों को उपलब्ध कराया जा रहा है। महिला समूह द्वारा निर्मित ये राखियां सस्ते दामों में लोगों को मिल सकेंगी। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि एनआरएलएम बिहान से महिला स्व सहायता समूहों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। अगले माह रक्षाबंधन त्यौहार आ रहा है, इसलिए समूहों को राखियां बनाकर बेहतर स्वरोजगार प्राप्त हो इसके लिए लगातार प्रेरित भी किया जा रहा है। जनपद पंचायत बम्हनीडीह की ग्राम पंचायत परसापाली, पोडीशंकर की महिला स्व सहायता समूह जयदेवी दाई, सिद्ध बाबा समूह की अध्यक्ष नीरा यादव, लीला  वी,शीतबाबा समूह अध्यक्ष बंसती जायसवाल, निशा जायसवाल, रानी लक्ष्मीबाई समूह बिर्रा की सदस्यों का कहना है कि रक्षाबंधन बनाने से उन्हें कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान समूह को स्वरोजगार मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ी देशी राखियों के निर्माण में धान, चावल एवं अन्य अनाज का उपयोग किया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से राखियां बनाकर उन्हें आसपास के मार्केट में बेचा जा रहा है, इससे समूह को अच्छी आमदनी हो रही है। रक्षाबंधन त्यौहार के पूर्व समूह की महिलाएं घरों में कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए रेशम के धागेे, छोटे-बड़े मोती, चावल के दाने, अलग-अलग रंगीन कपड़े, छोटे-छोटे रूद्राक्ष, रंगीन पत्थर आदि  मार्केट से खरीदकर उनसे राखियां तैयार कर रहीं हैं। नगरदा क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सकरेली खुर्द के बजरंग समूह, जर्वे के सर्वमंगला समूह की अध्यक्ष हमेश्वरी श्रीवास, जेठा कलस्टर से नया सवेरा समूह की अध्यक्ष ज्योति डनसेना, जनपद पंचायत के  बलोदा के अंतर्गत नवगवा स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा राखी बनाई जा रही है। समूह की महिलाओं द्वारा देशी राखियां खरीदने की अपील लोगों से की जा रही है ताकि उन्हें रोजगार मिलता रहे और देश का पैसा देश में ही रहे।

 

27-06-2020
स्वसहायता समूह की महिलाओं ने बेची एक लाख रूपए से अधिक की जैविक सब्जियां

धमतरी। मनरेगा और विभागीय योजनाओं के अभिसरण से ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की नायाब इबारतें लिखी जा रही हैं। ऐसा ही काम ग्राम पंचायत पोटियाडीह में हुआ जहां इस गांव में पंचायत ने साल 2019-20 में मनरेगा के तहत मिश्रित फलदार पौधरोपण कर हरियाली और खुशहाली की जो नींव रखी थी, वह अब फलीभूत होने लगी है। पिछले छह महीनों में (जिसमें वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण लागू देशव्यापी लॉक-डाउन भी शामिल है) समूह की महिलाओं ने एक लाख रूपए से अधिक की साग-सब्जियां बेचकर न सिर्फ स्वावलम्बन हासिल कर ली है, वहां की अतिक्रमित हो चुकी जमीन को भी अतिक्रमण से मुक्त कराने में अपनी भूमिका निभाई। सब्जियों का जैविक विधि से उत्पादन किए जाने के कारण इनकी काफी मांग है। इसके अलावा समूह की महिलाएं गौठान में पशुओं के लिए नेपियर घास भी उगा रही हैं।पंचायत द्वारा मनरेगा और गौण खनिज मद के अभिसरण से किए गए इस काम से गांव की तीन एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण से सुरक्षित तो हुई ही, ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार का जरिया भी मिला।

पोटियाडीह के तीन स्वसहायता समूहों की महिलाएं यहां अंतरवर्ती फसलों के रूप में अलग-अलग किस्म की सब्जियां उगा रही हैं। पोटियाडीह में महात्मा गांधी रोजगार गारण्टी योजना के तहत पिछले साल तीन एकड़ शासकीय भूमि में आम, कटहल, मुनगा, आंवला, नींबू, केला, जामुन, सीताफल, बेर, अमरूद और पपीता के कुल 375 पौधे रोपे गए थे। इस काम में 68 ग्रामीणों को सीधे रोजगार मिला था जिनमें 25 महिलाएं और 43 पुरुष भी शामिल थे। पौधों की सुरक्षा एवं संवर्द्धन के लिए यहां गौण खनिज मद से फेंसिंग पोल व तार, बोर व पम्प, पाइपलाइन विस्तार, गेट निर्माण, नाडेप टांका निर्माण, लेबलिंग सहित अन्य कार्य कराए गए। पंचायत ने इस मिश्रित फलदार पौधरोपण वाली जगह को सब्जी की खेती के लिए गांव की तीन स्वसहायता समूहों को दिया है। वे यहां जैविक विधि से सब्जी उत्पादन और उन्हें बेचने का काम कर रही हैं। पिछले छह महीनों में जिसमें लॉक डाउन के करीब तीन महीने भी शामिल हैं, तीनों समूह की महिलाओं ने पांच क्विंटल लौकी, चार क्विंटल कद्दू, चार क्विंटल चेंच भाजी, तीन क्विंटल अमारी भाजी, डेढ़ क्विंटल कांदा भाजी, दो क्विंटल बरबट्टी, दो क्विंटल भिण्डी, चार क्विंटल जरी, एक क्विंटल करमत्ता भाजी, दो क्विंटल गलका, 80 किलो करेला, 120 किलो कुंदरु, एक क्विंटल लाल भाजी और तीन क्विंटल बैंगन का उत्पादन किया है। लॉक-डाउन के बीच कठिन परिस्थितियों में भी इन महिलाओं ने लगभग साढ़े 34 क्विंटल सब्जी बेचकर एक लाख रुपए से अधिक की कमाई की है।
पोटियाडीह के सरपंच खम्हनलाल ध्रुव ने बताया कि धमतरी जिला मुख्यालय के नजदीक होने के कारण गांव की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से बचाना बहुत बड़ी चुनौती थी। ग्राम पंचायत ने मनरेगा के माध्यम से पौधरोपण कर इसे सुरक्षित करने का फैसला लिया। वर्ष 2019-20 में करीब तीन एकड़ भूमि पर आठ लाख 84 हजार रूपए की लागत से दस प्रजातियों के फलदार पौधे लगाए गए। इनमें तीन लाख 82 हजार रूपए मनरेगा से और चार लाख 47 हजार रूपए गौण खनिज मद से खर्च किए गए। उन्होंने आगे बताया कि गांव की जमीन को बचाने और हरियाली लाने के लिए कराया गया यह कार्य रोजगार और स्वरोजगार की दृष्टि से भी फायदेमंद रहा। यहां पौधरोपण और दो डबरियों के निर्माण से गांव के 54 परिवारों को कुल 1630 मानव दिवस का रोजगार मनरेगा से मिला था। वहीं अब यह गाँव के तीन समूहों शाकम्भरी स्वसहायता समूह, लक्ष्मी महिला कमांडो स्वसहायता समूह और नवजागृति स्वसहायता समूह की महिलाओं के लिए आजीविका का स्थायी साधन बन गया है। आने वाले समय में यहां लगाए गए फलदार पौधे भी आर्थिक लाभ का जरिया बनेंगे। महिलाओं द्वारा यहां सब्जी की खेती से पौधों की भी सुरक्षा हो रही है, वहीं गांव में हरियाली के साथ-साथ पर्यावरण भी पहले की अपेक्षा स्वच्छ व स्वस्थ हो गया है।

23-06-2020
महिला समृद्धि योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए 10 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन

रायपुर/बिलासपुर। अनुसूचित जाति,अल्पसंख्यक,पिछड़ा वर्ग, स्वसहायता समूहों के लिए स्वरोजगार आवेदन 10 जुलाई तक आमंत्रित किए गए हैं।  अंतव्यवसायी सहकारी विकास समिति बिलासपुर की ओर से राष्ट्रीय निगम की अनुसूचित जाति वर्ग के लिए ट्रैक्टर ट्राली, पैसेंजर व्हीकल, गुड्स कैरियर, स्माॅल बिजनेस योजना, स्व सहायता समूह, और अल्पसंख्यक वर्ग की ओर से टर्म लोन योजना, स्व सहायता समूह, शिक्षा ऋण योजना और पिछड़ा वर्ग टर्म लोन योजना व स्व सहायता समूह की ओर से  महिला समृद्धि योजनान्तर्गत स्वरोजगार के लिए 10 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

इन योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए आवेदक संबंधित जाति वर्ग का हो और बिलासपुर जिले का निवासी हो। आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम व 50 वर्ष से अधिक न हो। जाति,आय,निवास प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी की ओर से जारी किया गया हो। आवेदन पत्र के साथ राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र व बैंक पासबुक की छायाप्रति और संबंधित शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है। वाहन योजना के लिए वैध  कमर्शियल लाइसेंस और ट्राली योजना के लिए आवेदक के नाम 5 एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है। इच्छुक आवेदक जिला अंत्याव्यवसायी सहकारी विकास समिति, कक्ष क्रमांक-17, पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग, बिलासपुर में निर्धारित आवेदन पत्र निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2020 शाम 5 बजे तक है। आवेदन की फोटोकाॅपी, आवेदन में कांट-छांट, ओव्हरराईटिंग इत्यादि स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

 

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