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17-09-2020
कलेक्टर ने कहा, नदी क्षेत्र में अवैध उत्खनन से संबंधित न होकर मामला उभयपक्षों में मारपीट का प्रतीत हो रहा

धमतरी। कुरूद विकासखण्ड के ग्राम मंदरौद के रेत उत्खनन क्षेत्र में गत रात्रि घटित मारपीट के मामले में कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने तत्काल संज्ञान में लिया है। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी कुरूद से घटना के संबंध में प्रतिवेदन मांगा। इसके आधार पर उन्होंने यह स्पष्ट किया कि रेत उत्खनन एवं भण्डारण क्षेत्र में घटित मारपीट की घटना प्रथम दृष्टया दो उभयपक्षों के बीच विवाद के परिणामस्वरूप प्रतीत हो रहा है, न कि अवैध उत्खनन का। पूरे प्रकरण के संबंध में पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही है। इस संबंध में कलेक्टर ने बताया कि अशोक पवार ग्राम मंदरौद पटवारी हल्का नंबर 53 खसरा क्रमांक 1720 का भाग 0.86 हेक्टेयर क्षेत्र में अस्थायी अनुज्ञा भण्डारण की अनुमति प्रदान की गई है। उक्त स्थल में अशोक पवार के चौकीदार एवं उसके परिवार तथा 12-15 लोगों के मध्य विवाद हुआ। अनुविभागीय दण्डाधिकारी कुरूद के माध्यम से घटनाक्रम के संबंध में प्रतिवेदन लिया गया। थाना कुरूद के प्राथमिकी क्रमांक 0497 तथा मनीष पवार के आवेदन पत्र का अवलोकन किया गया। इससे स्पष्ट नहीं होता है कि उभयपक्षों के मध्य मारपीट की घटना के लिए कौन जिम्मेदार है ? इस संबंध में पुलिस उभयपक्षों का बयान लेकर पृथक से विवेचना कर रही है।

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुरूद से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर घटनाक्रम के अवलोकन से स्पष्ट है कि तथाकथित मारपीट अशोक पवार के अस्थायी भण्डारण के लिए अनुमति प्राप्त भण्डारण क्षेत्र में हुई। जब यह घटना हुई, तब नदी क्षेत्र में उत्खनन की कार्रवाई नहीं हो रही थी, न ही नदी क्षेत्र से किसी वाहन को जब्त किया। छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम 2009 के कण्डिका 3 के तहत भण्डारण क्षेत्र के जांच के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, इनसे इतर व्यक्ति/अधिकारी भण्डारण क्षेत्र में अवैध प्रवेश नहीं कर सकता है, यदि किसी व्यक्ति को शिकायत है तो सक्षम प्राधिकारी को सूचना दे सकता है। इस घटनाक्रम के अवलोकन से स्पष्ट है कि अशोक पवार के मंदरौद स्थित अस्थायी अनुज्ञा भण्डारण क्षेत्र में कुछ अज्ञात लोगों द्वारा नियम विरूद्ध प्रवेश किया गया, जिससे यह घटना घटित हुई। प्रथम दृष्ट्या स्पष्ट है कि यह मामला अवैध उत्खनन से संबंधित न होकर दो पक्षों की मारपीट से संबंधित है, जिसकी विवेचना पुलिस के द्वारा की जा रही है। कलेक्टर ने कहा है कि जांच के उपरांत दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

क्या हैं मामला

बीते दिन जिला पंचायत में बैठक के बाद अध्यक्ष कांति सोनवानी, उपाध्यक्ष निशु चंद्राकर, सदस्य तारणी नीलम चंद्राकर, सुमन संतोष साहू, कुसुमलता साहू, मनोज साक्षी और सभापति मीना बंजारे, यतीन्द्र बंजारे रेत खदानों के निरीक्षण में निकले थे। कुरूद क्षेत्र के ग्राम गाड़ाडीह मन्दरौद के पास एक जगह पर दो तीन हाइवा रेत खाली हो रही थी। इसे देख जिला पंचायत सदस्य यतीन्द्र बंजारे ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। इसके बाद वह लोग आक्रोशित हो गये और लाठी डंडे रॉड से मारपीट शुरू कर दिये। खास बात इस मारपीट की घटना में 3-4 महिलायें भी शामिल थीं और जिला पंचायत अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों के सामने यह मारपीट की घटना हुई। जिनके बीच बचाव के बाद फिर मामला शांत हुआ। ईधर घटना के बाद जिला पंचायत सदस्य यतीन्द्र बंजारे ने कुरूद थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इस सम्बंध में कुरूद थाना प्रभारी गगन वाजपेयी ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों पर 294, 323, 506, 147, 148, 149 3 (1) द 3 (1) स 3 (2) vए के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रेत भंडारण स्थल में जिला पंचायत सदस्यों के साथ मारपीट करने वालो में नरेंद्र साहू, धर्मेंद्र साहू, कांता निर्मलकर, फूलसिंह दिवान, रोहित राय व कुछ अन्य महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस अपराध दर्ज कर आगे जांच कार्यवाही में जुटी हुई है।

 

14-09-2020
हिरण शिकार मामले में सलमान खान को 28 सितंबर को अदालत में होना होगा पेश

मुंबईं। हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान को जोधपुर की अदालत में पेश होना होगा। राजस्थान की जोधपुर की जिला अदालत ने सलमान खान को 28 सितंबर को पेश होने को कहा है। इस मामले में सोमवार को जिला जज की ओर से आदेश जारी किया गया। सोमवार को हुई सुनवाई में सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत अदालत में मौजूद रहे।

 

01-09-2020
दोस्त बनकर अस्मत लूटी फिर वीडियो बनाकर किया वायरल,जबर्दस्ती साथ ले जाने आधी रात घर पहुंचा, मामला दर्ज

महासमुन्द। फाइनेंस कम्पनी में काम करने वाले युवक ने पहले लडक़ी से दोस्ती की और फिर दुष्कर्म किया। वीडियो बना कर बदनाम करने व जान से मारने की धमकी देकर लगातार दैहिक शोषण करता रहा। इतने से भी मन नहीं भरा तो लडक़ी व उसके परिवार को बदनाम करने की नियत से वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। आरोपी इतने में ही शांत नहीं हुआ और आधी रात अपने दोस्तों के साथ लडक़ी के घर पहुंच कर उसके जबरदस्ती अपने साथ ले जाने का प्रयास करने लगा। आरोपी के कृत्य से परेशान लडक़ी व उसके परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भादवि की धारा 354, 376 (2), 456, 506, 66 (ई) कायम कर लिया गया है। पुलिस को प्रार्थियां ने बताया कि पिथौरा थाना लाखागढ़ निवासी युवक एक फाइनेंस कम्पनी में काम करता था,जिससे युवती की जान पहचान थी। 4 मई को वह ग्राम बरोली आया हुआ था,जिसके साथ युवती ने अपने मामा के घर लाखागढ़ पिथौरा उसके मोटर साइकिल में छोडऩे की बात कही और युवक ने उसे सकुशल लाखागढ़ छोड़ देने की बात करते हुए अपने साथ मोटर साइकिल में लाखागढ़ पिथौरा के लिए ले गया।

आरोपी युवक ने रास्ते में युवती को एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया और अश्लील वीडियो और फोटो अपने मोबाइल में बनाकर रख लिया। साथ ही युवती को धमकी दी की इस बारे में किसी को बताया तो वह उसका यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर उसे बदनाम कर देगा साथ ही उसे जान से भी मारने की धमकी दी। लोक लाज के डर से युवती ने अपने साथ हुए बलात्कार के विषय में किसी से कुछ नहीं कहा। इस बात का नाजायज फायदा उठाते हुए आरोपी युवक ने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाता रहा,जिस पर युवती ने मना कर दिया। युवती के मना करने पर बौखलाए आरोपी युवक ने युवती को बदनाम करने की नियत से युवती की अश्लील वीडियो वायरल कर दी और कुछ पाम्पलेट बांटकर कर युवती को पूरे गांव में बदनाम कर दिया। वायरल वीडियो युवती के भाई तक पहुंच गया। इसी बीच आरोपी युवक ने अपने मित्रों के साथ बीती रात युवती के के कमरे में घुस गया और उसे जबरदस्ती अपने साथ उठाकर ले जाने लगा। युवती ने अपने बचाव में अपने भाई और पिता को आवाज लगाई तो आरोपी युवक और उसके मित्र युवती को छोड़ कर भागने लगे। इसमें से एक आरोपी को ग्रामीणों पकड़ कर उसकी पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया। बहरहाल पुलिस मामले में आरोपी युवक की तलाश कर रही है।

27-08-2020
बृजमोहन ने विधानसभा में उठाया गायों की मौत का मामला, कहा-गौठान को मजाक बना दिया है

रायपुर। प्रदेश के गौठानों में गायों की मौत का मामला विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से गुरुवार को भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 19 जून को कलेक्टरों को रोका छेका के लिए क्या पत्र लिखा है व निर्देश दिया है,जो गायों के मौत का, मैं कहूंगा हत्या का कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि रोका छेका के आदेश के कारण सरपंच गायों को अंधेरे कमरे में बंद कर रहे हैं। गंदगी में बंद कर रहे हैं। आप इससे पाप के भागीदार बनेंगे। बृजमोहन ने कृषि मंत्री को कहा कि आपके इस आदेश के कारण गायों की मौत हो रही है। उन्होंने गायों के मालिकों को मुआवजा देने की मांग भी की। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जब रोका छेका पुरानी व्यवस्था है तो आप श्रेय क्यों ले रहे है। जो व्यवस्था पुरानी थी उस पर सर्कुलर जारी कर गायो के मौत का साधन बना दिया है। छत्तीसगढ़ में रोका छेका, गौठान के कारण 1000 से ज्यादा गायों की मौत हुई है। रोका छेका, गौठान को मजाक बना दिया है। वहाँ चारा नहीं है जब तक चारे की व्यवस्था नही करेंगे कहाँ से गौठान में गाये पलेगी। उन्होंने कहा कि आपके रोका-छेका में रोकने वाली गायों, गौठानों की गायों के चारे के लिए गौ सेवा आयोग की 25 रूपये की व्यवस्था है, उसको आप क्यों नहीं दे देते। उसको 50 रूपये करने का निर्णय हुआ था, उसको आप लागू क्यों नहीं कर दे देते? अगर हम सच्चे गौमाता के भक्त, सेवक हैं तो हमको उसके बारे में पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए। हमारे आधे से ज्यादा गौठान डिफंग पड़े हुए हैं। रोका छेका योजना गावों की स्वतंत्र व्यवस्था थी। निर्देश के कारण गायों को गंदे कमरे में, छोटे-छोटे कमरों में जबरदस्ती बंद किया जा रहा है और उसके कारण गायों की मौत होगी तो हम उसको गौहत्या नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे? हम चाहेंगे कि सरकार की तरफ से यह आना चाहिए था कि रोका-छेका के तहत गायों को रोकने के लिए उन गायों की हम क्या व्यवस्था करेंगे? गौठानों की गायों के चारे की हम क्या व्यवस्था करेंगे? मैं यह मानता हूँ कि आपकी बुरी नीयत नहीं है। परन्तु आपके निर्देशो को पालन करने के लिए अधिकारी जिस तत्परता से काम करते हैं, उसमें वह सावधानी नहीं रखते, उन असावधानियों के कारण इन गायों की मौत हो रही है, इसको आपको रोकना चाहिए।

गांवों में सुविधा विहीन गौठानों की व्यवस्था

बृजमोहन अग्रवाल ने ध्यानाकर्षण में कहा कि ‘रोका-छेका’ फ्लेगशीप प्रोग्राम के चलते प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों के सख्त निर्देश एवं धमकी के कारण गांव-गांव में मवेशियों को खुले में चरने पर रोक लगा दी गई है। सभी सरपंचों ने रोका-छेका के तहत ऐसे मवेशियों को किसी भवन/जगह में अवरूद्ध करने के निर्देश दिये गये, जिसके भयावह परिणाम हुए है। इसी के चलते 25 जुलाई 2020 को बिलासपुर जिले के तखतपुर के ‘मेड़पार’ गांव में 50 से अधिक गायों की हत्या एक ही रात में हो गई। सरपंच ने इन गायों को रोका-छेका के तहत पुराने एवं जर्जर भवन में ठूंस कर रख दिया था। गायों को ऐसा भरा गया था कि वहां एक आदमी के खड़े होने लायक जगह नहीं थी। भवन के दरवाजे एवं खिड़कियों को बंद कर दिया गया था। गायों के लिए ‘चारा’ की व्यवस्था तो दूर पानी पीने की व्यवस्था नहीं थी। गायों को किसी कसाई खाने से भी बदतर हालत में रखा गया था। अचरज की बात तो ये है कि ऐसा कृत्य प्रदेश के लगभग सभी ग्रामों में हो रहा है। प्रदेश के 20 हजार से अधिक गांवो में से मात्र 2500 गांवो में ही आधे-अधूरे, सुविधा विहीन गोठानों की व्यवस्था की गई है। ऐसे ही बिलासपुर नगर निगम के मोपका स्थित गौठान में जुलाई माह में 200 मवेशियों को कीचड़ सने गौठान में रखा गया, जहां चारा एवं पानी की व्यवस्था भी नहीं है, जिसके चलते वहां पर 7 से अधिक गायों की मौत हुई। यही हाल रायगढ़ शहर के भीतर स्थित 2 गौठानों का है, यहाँ पशुओं को रखने की कोई व्यवस्था नहीं है, बिना चारा एवं पानी के उन्हें भूखा मारा जा रहा है। बलौदाबाजार जिले में भी अव्यवस्थाओं चलते गौठान में गायों की मौत हो गई। जिला कलेक्टर्स ने मुख्यमंत्री के निर्देश को पालन करने के निर्देश गांव-गांव में दिये है। इन बातों को ध्यान में ही नही रखा कि कितने गांवो में गायों एवं अन्य मवेशियों को रखे जाने की व्यवस्था है ? सरकार ने रोका-छेका गोठान की जिम्मेदारी पंचायतों को सौंपकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है। पंचायतों के लिए न तो इन कामों के लिए समुचित व्यव्स्था की गई और न ही राशि उपलब्ध कराई गई है। इससे प्रदेश के सभी 20 हजार से अधिक गांवों मे गौ-पालको के मन में राज्य सरकार के खिलाफ भारी रोष एवं आक्रोश व्याप्त है।

मंत्रीजी व्यवस्था सुधारने की जरूरत है

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मंत्रीजी आप व्यवस्था सुधारिए। आपके निर्देशों के कारण कितने सरपंच मरेंगे, छोटे-छोटे अधिकारी मरेंगे। आपके निर्देशों का पालन करने के कारण इसलिए आपको व्यवस्था सुधारने की जरूरत है, आप इस व्यवस्था को सुधारें और जहां तक हमारे सरकार के समय की बात है तो वह निजी लोगों के गौशालाओं में मृत्यु हुई थी, आज आपके तो सरकारी निर्देश के कारण मृत्यु हो रही है इसलिए मैं इसको गौहत्या कह रहा हूँ। अग्रवाल ने कहा कि वहां 50 से ज्यादा जानवरों की मृत्यु हुई है, गायों की मृत्यु हुई है और उन किसानों की रोजी-रोटी वही थी, और वह सरकार के निर्देशों के कारण हुई है तो आप किसी योजना में नहीं तो कम से कम मुख्यमंत्री सहायता कोष से उन किसानो को राशि दे दें। मंत्री सहायता कोष में दे दें। गौसेवा आयोग में पैंसा है, उसमें से पैसा दे दें।

पशुओं के नियंत्रण के लिए रोका छेका प्रथा प्रचलित : चौबे

ध्यानाकर्षण के जवाब में पशुपालन मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में फसल बुवाई कार्य के पूर्व कर रहे पशुओं के नियंत्रण के लिए रोका छेका प्रथा प्रचलित है,जिससे फसल बुवाई को बढ़ावा देने तथा पशुओं के चरने से फसल को होने वाले हानि से बचाने के लिए पशुपालक तथा ग्रामवासियों द्वारा पशुओं के बांधकर रखने अथवा पहटिया की व्यवस्था इत्यादि कार्य किया जाता है। उक्त प्रयास से न ही कृषक शीघ्र बोवाई कार्य पूर्ण कर पाते है, अपितु द्वितीय फसल लेने के लिये भी प्रेरित होते हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्त जिला कलेक्टर को यहा निर्देश दिये गये थे कि 19 जून 2020 को रोका छेका कार्यक्रम आयोजित कर ग्राम स्तर पर बैठक आयोजित कर ग्राम सरपंच, पंच जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण रोका-छेका प्रथा अनुसार पशुओं को बांध कर रखने, पशुओं के नियंत्रण से फसल बचाव की शपथ दिलाई जावे। गौठानों में पशुओं के प्रबंधन, रख रखाव की उचित व्यवस्था के लिए गौठान प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की जावे। पहटिया/चरवाहे की व्यवस्था से पशुओं का गौठानों में व्यवस्थापन सुनिश्चित करावें। खुले में विचरण कर रहे पशुओं का नियंत्रण व गौठानों में संधारण करावे। गौठानों में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करावे। वर्षा के मौसम में गौठनों में पशुओं के सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंधन किया जावे।

दम घुटने से पशुओं की मृत्यु हुई

मंत्री ने कहा कि बिलासपुर जिला विकासखण्ड तखतपुर के ग्राम मेड़पार गांव में कुल 45 मवेशियों की मृत्यु हुई है। उक्त ग्राम में ग्रामीणों द्वारा मेड़पार बाजार केे आवारा पशुओं को पुराने पंचायत भवन में दिनांक 24 जुलाई 2020 को रख जाकर 25 जुलाई 2020 को जंगल में छोड़ जाने के उद्देश्य से रखा गया था, ताकि खड़ी फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। पशुओं को रखे गये कमरे का आकार छोटा होने एवं पशुओं की संख्या अधिक होने से पशुओं के सींग आदि से कमरो का खिड़की दरवाजा बंद होने तथा पशुओं के गोबर व मूत्र विसर्जन करने से उत्पन्न होने वाले गैस के कारण दम घुटने से पशुओं की मृत्यु हुई। उक्त घटना के लिए अज्ञात व्यक्तियों के नाम पर थाना हिर्री, जिला बिलासपुर में प्राथमिक सूचना रिपोर्ट 0110 दिनांक 25.07.2020 दर्ज हुई है, जिसकी विवेचना जारी है।

आवश्यक मूलभूत सुविधाएं के साथ प्रदेश में बनाए गए 3149 गौठान

प्रदेश में कुल 5826 गौठान स्वीकृत हुए है,जिसमें से 3149 गौठान निर्मित हो चुके हैं, जिसमें आवश्यक मूलभूत सुविधाएं प्रदाय की गई। इन गौठानों में औसतन 4.35 लाख पशु प्रतिदिन आते हैं। जिनको मूलभूत एवं पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। गौठानों में पैरादान से प्राप्त धान पैरा अथवा गौठान के पास विकसित चारागाह से उत्पादित हरे चारे को काटकर पशुओं को खिलाया जाता है। साथ ही गौठानों में प्राकृतिक रूप से उगे घास/झाड़ियों को गौठानों में आने वाले पशुओं को चराया जाता है। बिलासपुर नगर निगम के मोपका स्थिति गौठान में जुलाई से केवल 02 कमजोर एवं वृद्ध गायों की मृत्यु हुई है। उक्त गौठान में पशु शेड में पानी व चारे के कोटने निर्मित हैं। पशुओं के विचरण हेतु सुरक्षित खुले क्षेत्र में वर्षा से बहकर मिट्टी आने से कीचड़ हुआ है, जिसका उपयोग प्रतिबंधित है। रायगढ़ में सड़को पर विचरण करने वाले पशुओं को ट्रांसपोर्ट नगर के पास निर्मित कांजी हाउस को अस्थायी तौर पर गौठान के रूप में संचालित किया जा रहा है, जिसमें पशुओं को रखा गया है, जहां पर पशुओं के लिए चारा पानी आदि समुचित व्यवस्था की गई है। गौठान निर्माण के लिये निगम क्षेत्र में 4-5 कि.मी. दूर स्थित ग्राम सम्बलपुर में जमीन का चिन्हांकन किया गया है। बलौदाबाजार जिले के गौठानों में गायों की मौत की कोई सूचना नहीं है। शासन द्वारा रोका-छेका कार्यक्रम के तहत् ग्रामवासियों को किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डाला गया है। शासन द्वारा गौठान संचालन की जिम्मेदारी गौठान प्रबंधन समिति को दी गयी है। इस के लिए गौठान प्रबंधन समिति को अनुदान के रूप में प्रतिमाह राशि 10 हजार दिये जाने का प्रावधान किया गया है। अतः प्रदेश के गौपालकों के मन में राज्य सरकार के प्रति रोष एवं आक्रोष व्याप्त नहीं है।

 

27-08-2020
बृजमोहन अग्रवाल ने शून्यकाल में उठाया मामला, कहा- उद्यानिकी विभाग ने केन्द्र की योजनाओं का लाभ किसानों को नहीं दिया

रायपुर। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने गुरूवार को शून्यकाल में उद्यानिकी विभाग का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी विभाग के द्वारा लगभग 100 करोड़ की राशि मिलना था। इस राशि के माध्यम से किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परम्परागत खेती, राष्ट्रीय खाद्य मिशन, बांस मिशन, राज्य पोषित योजनाओं के तहत लगभग 5 लाख किसानों को फायदा मिलना था। वह 100 करोड़ रूपये की राशि 27 जिलों के जिला उद्यानिकी अधिकारी के खाते में जमा है और बीज विकास निगम के खाते में जमा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यह कितना बड़ा ब्लंडर अपराध है कि इसकी यूसी सेन्ट्रल गाॅरमेन्ट को भेज दी गई परन्तु वह पैसा खर्च नहीं हुआ है। किसानों के खाते में नहीं गया है। जबकि उनको बता दिया गया कि हमने इसको बांट दिया है और ऐसा अपराध लोगों के द्वारा, विभाग के द्वारा किया गया है। शायद सरकार की जानकारी में है या नहीं है, सरकार उसके ऊपर कार्यवाही करे। यहां तक कि सरकार ने जो लघु सिंचाई योजना है, सूक्ष्म सिंचाई योजना के अनुदान पर भी रोक लगा दी है और वह पैसे सरकार के पास पड़े हुए हैं। उसके ऊपर सरकार कार्यवाही करे।

 

06-08-2020
बुजुर्ग दम्पति की हत्या के आरोपी 13 साल बाद गिरफ्तार, भवरीडीह नदी में बहाने का है मामला 

कोंडागांव। बुजुर्ग दम्पति की हत्या के 13 साल पुराने मामले में मर्दापाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वर्ष 2007 में आरोपियों ने जमीन विवाद में बुजुर्ग दम्पति की हत्या कर नदी में फेंक दिया था। लंबित प्रकरणों की जांच के दौरान यह केस सामने आया और इसकी परत खुलने लगी। फिलहाल पुलिस ने मामले के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य आरोपियों की मौत हो चुकी है।बताया गया कि वर्ष 2007 में दर्ज मर्ग प्रकरण जिसमें अज्ञात व्यक्ति का नर कंकाल भवरीडीह नदी पर मिला था  मामले में फिर से जांच शुरु की गई। साक्ष्यों को संज्ञान में लेकर पुलिस ने हत्या के 13 साल पुराने मामले का खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक कोण्डागांव  सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर जिले में वर्षों से लंबित मर्ग प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

थाना मदार्पाल में वर्ष 2007 से लंबित मर्ग प्रकरण में  नवीन वैज्ञानिक साक्ष्यों और चश्मदीद गवाहों के कथनों के आधार पर यह पता चला कि वर्ष 2007 में जमीन विवाद और इमली झाड़ के विवाद को लेकर ग्राम बड़कों के जगाराम सोरी, जुगदेर कोर्राम, रसमेन सोरी, सुकासिंग सोरी और लक्ष्मण सोरी ने मिलकर माह अक्टूबर 2007 में दम्पति लखमू राम और बिनई बाई की हत्या कर शव को ग्राम कोडेनार और चेमा के बीच भंवरडीह नदी में फेक दिया था। प्रारम्भिक जांच में फोरेंसिक साक्ष्य से जब हत्या होने की बात सामने आई तब पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ तिवारी  ने तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  अनंत कुमार साहू के मार्गदर्शन में और उप पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा के पर्यवेक्षण में थाना मदार्पाल प्रभारी निरीक्षक रमन उसेंडी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। ग्राम बड़कों पूर्व में मदार्पाल क्षेत्रान्तर्गत आता था जो उस समय धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र था और आरोपी उस समय जनमिलिशिया सदस्य थे और उनका गांव में भय था जिस कारण गाँव के चश्मदीद गवाहों ने चुप्पी साध रखी थी। चूंकि मृतकों के पुत्र और सगे परिजन ग्राम बड़को में निवासरत नहीं थे इस कारण उन्हें वास्तविक घटना का ज्ञान उस समय नही चला और जब अक्टूबर  2007 में घटना के बाद उन्होंने अपने माता पिता से बहुत दिनों से संपर्क न होने पर गांव जाकर पूछताछ की तो उन्हें गुमराह होना पड़ा। तब उनके द्वारा गुम इंसान प्रकरण भी दर्ज कराया गया।

इसकी जांच के दौरान नदी से मिले नर कंकाल और गुम इंसान के विवरण का फोरेंसिक मिलान करवाया गया। वर्तमान में जब पुलिस ने उन्हें हिम्मत दिलाते हुए जांच में मिले साक्ष्यों से अवगत कराया और जब उसी घटना के चश्मदीद गवाहों को उनके सामने लाकर सच सुनवाया तब सारी कड़ियाँ जुड़ती चली गई और पीड़ित परिवार में अपने माता पिता को न्याय दिलाने की आस फिर जग गई। बताया गया कि इसी दौरान 5अगस्त 2020 को ग्राम बड़को में आरोपी सुकासिंग और लक्ष्मण के उपस्थित होने की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी मदार्पाल,  रमन उसेण्डी के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल रवाना हुई। ग्राम बड़को में आरोपी सुकासिंग और लक्ष्मण की घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ की गई तो उन्होंने हत्या करने की घटना को स्वीकार कर मामले का खुलासा किया। इस हत्या के अन्य 3 आरोपी जगाराम सोरी , रसमेन सोरी और जुगदेर की कम उम्र में ही बीमारी के कारण मृत्यु हो गई है और अन्य 2 आरोपियों सुकासिंह और लक्ष्मण को धारा 302, 201, 147,148,149,506 के तहत हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है ।

30-07-2020
रक्षा सौदा भ्रष्टाचार मामला में जया जेटली सहित 3 को 4-4 साल की सजा और 1 लाख जुर्माना

नई दिल्ली। रक्षा सौदा मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली समेत 3 लोगों को 4-4 साल जेल की सजा सुनाई है। सभी पर एक एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। तीनों दोषियों को शाम 5 बजे तक अदालत के समक्ष सरेंडर करने को कहा गया है। सीबीआई ने लगभग 20 साल पुराने रक्षा सौदे में कथित भ्रष्टाचार के मामले में समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली और दो अन्य दोषियों को अधिकतम सात साल जेल की सजा देने की मांग की थी।सीबीआई के विशेष न्यायाधीश वीरेन्द्र भट ने बुधवार को सजा पर बहस के दौरान जया जेटली, पार्टी के उनके पूर्व साथी गोपाल पछेरवाल और मेजर जनरल (सेवानिवृत) एसपी मुरगई को थर्मल इमेजर खरीद में भ्रष्टाचार और आपराधिक षड़यंत्र का दोषी करार देते हुए गुरुवार तक के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।यह मामला जनवरी 2001 में तहलका पर प्रसारित 'ऑपरेशन वेस्टएंड' से सामने आया था। यह एक स्टिंग ऑपरेशन था। कैमरे की निगरानी में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि दोषियों के साथ सख्ती की जानी चाहिए क्योंकि अपराध की प्रकृति बेहद गंभीर है और उन्हें अधिकतम सात साल के कारावास की सजा सुनाई जानी चाहिए। अदालती सूत्रों ने बताया कि दोषियों की ओर से पेश वकील ने आयु का हवाला देकर दया की अपील की थी।

आरोप था कि सेना को थर्मल इमेजर की आपूर्ति करने के लिए संदिग्ध कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में आए पत्रकार से अभियुक्तों ने रिश्वत ली थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि जेटली ने संदिग्ध कंपनी वेस्टेंड इंटरनेशनल के प्रतिनिधि मैथ्यू सैम्युअल से दो लाख रुपये गैर कानूनी तरीके से लिए थे जबकि मुरगई को 20 हजार रुपये मिले। तीनों आरोपियों के साथ सुरेंद्र कुमार सुरेखा आपराधिक साजिश के मामले में पक्षकार थे, लेकिन सुरेखा बाद में सरकारी गवाह बन गए।अदालत ने तीनों आरोपियों जेटली, पछेरवाल और मुरगई को आपराधिक साजिश (भारतीय दंड संहिता की धारा-120 बी) और भ्रष्टाचार निरोधी कानून की धारा-9 (लोकसेवकों पर निजी प्रभाव का इस्तेमाल करने के लिए घूस लेना) के तहत दोषी करार दिया था।अदालत ने कहा था कि अभियोग पक्ष द्वारा मुहैया कराए गए सबूत से यह साबित होता है कि 25 दिसंबर 2000 को होटल के कमरे में हुई बैठक में सुरेखा और मुरगई ने सैम्युअल को रक्षा मंत्रालय से उसकी कंपनी द्वारा निर्मित उत्पाद के मूल्यांकन के लिए पत्र जारी करवाने का भरोसा दिया था।

अदालत के अनुसार, इसके साथ ही जया जेटली के साथ सैम्युअल की बैठक की व्यवस्था की गई ताकि उन्हें राजनीतिक सरंक्षण प्राप्त हो सके। अदालत ने कहा कि यह सहमति बनी कि सैम्युअल सुरेखा और मुरगई को एक-एक लाख रुपये देगा जबकि इसके लिए जेटली को दो लाख रुपये की राशि दी जाएगी। अदालत ने कहा था कि भ्रष्टाचार और व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल संबंधित अधिकारियों पर करके, गैर कानूनी तरीके से संबंधित उत्पाद के लिए मूल्यांकन पत्र हासिल करने के वास्ते उनके बीच समझौता हुआ। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस की करीबी सहयोगी रहीं जया जेटली ने भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद समता पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इस मामले में वर्ष 2006 में आरोप पत्र दाखिल किया गया और वर्ष 2012 में आरोप तय किए गए थे। 

 

30-07-2020
सुशांत सिंह राजपूत मामला:  सुप्रीमकोर्ट ने की सीबीआई से जांच कराने की याचिका खारिज, कहा-पुलिस को करने दें काम

नई दिल्ली। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मामले को मुंबई पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपे जाने की मांग करने वाली पीआईएल को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस को काम करने देना चाहिए।चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और वी.रामासुब्रमण्यम की बेंच ने कहा, 'मुंबई पुलिस को उसका काम करने देना चाहिए और यदि कुछ है तो फिर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की जानी चाहिए।' अल्का प्रिया द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में मांग की गई थी कि सुशांत मामले की जांच को सीबीआई को सौंप देना चाहिए।सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, 'अगर आपके पास कुछ ठोस है, तो फिर बॉम्बे हाईकोर्ट जाएं।'

बता दें कि इस मामले में मुंबई पुलिस ने महेश भट्ट, करण जौहर के सीईओ समेत कई प्रमुख हस्तियों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं, आने वाले दिनों में और कई एक्टर-एक्ट्रेस से पूछताछ हो सकती है।सुशांत मामले में पिता केके सिंह द्वारा पटना में एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद रिया ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। रिया ने बुधवार को अपने वकील के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसके जरिए उन्होंने जांच को बिहार पुलिस से ट्रांसफर करके मुंबई पुलिस को देने की मांग की है।

24-07-2020
पिता ने बेटी की कब्र खुदवाकर क्यों करवाई पोस्टमार्टम, जानिए क्या है मामला

रायपुर/रायगढ़। मामा के घर में रह रही सात साल की बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में पिता ने उसके मामा और सगे छोटे साले के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए जांच की है। संवेदनशील मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश सुबह 10 बजे डॉक्टर एवं न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में कब्र से शव को निकालकर पोस्टमार्टम और जांच के बाद शव को मिट्टी डालकर दफन कर दिया। गौरतलब है कि पीड़ित पिता दुकालू दास महंत ग्राम सोनसरी तहसील अकलतरा थाना मुलमुला जिंदल के अंगुल में इलेक्ट्रिकल विभाग में कार्यरत है। होली से 4 दिन पहले दुकालू अपने परिवार व ससुराल के साथ अंगुल जा रहे थे। इसी बीच रायगढ़ स्टेशन में बच्ची के नानी व अन्य सदस्य उतरे तो बच्ची भी अपने नानी के साथ रायगढ़ स्टेशन में उतर गई थी।

10 जुलाई को बच्ची के मामा ने उसके पिता दुकालू को फोन कर बताया कि बेटी की तबियत खराब हो गई है। वह खून की उल्टी कर रही है, जल्दी आने के लिए कहा था। बदहवास पिता रायगढ़ साले के घर भरतपुर पहुंचा और बेटी की सुध लिया। दुकालू ने मौत के बारे में पूछताछ भी किया तब ससुराल वाले ने कहा कि तबियत खराब थी। इसके उपरांत सामाजिक रीति रिवाज से कफ़न दफन किया गया। इसी बीच उसे उड़ती खबर से ज्ञात हुआ कि मौत से पहले तक बच्ची ठीक थी। इस पर उसे मौत पर हत्या आशंका हुई। परिस्थितियों को देखते हुए दुकालू दास ने मामले की सच्चाई जानने के लिए कोतरारोड टीआई से निष्पक्ष जांच कर पता लगाने का निवेदन किया था। वही गुरुवार को नायब तहसीलदार की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस टीम ने शव को कब्र खोद कर निकाला और शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।

13-06-2020
हाईकोर्ट पहुंचा सर गंगाराम हॉस्पिटल का मामला, एफआईआर रद्द करने की लगाई गुहार

नई दिल्ली। कोविड-19 से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई का सामना कर रहे देश की राजधानी में स्थित सर गंगाराम हॉस्पिटल ने अब दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। अस्पताल प्रबंधन ने इस बाबत दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर को रद्द करने की गुहार लगाई है। बता दें कि केजरीवाल सरकार की शिकायत के बाद पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हाईकोर्ट 15 जून को इस पर सुनवाई करेगा। दरअसल, हॉस्पिटल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का कारण कोरोना संबंधित नियमों को तोडऩे का आरोप है। इसके खिलाफ दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी,जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।जानकारी मिली है कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में हॉस्पिटल की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कोरोना संक्रमित मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती करने से मना करने वालों के अलावा बेड की कालाबाजारी में कर रहे हॉस्पिटल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी। सीएम ने कहा था कि दिल्ली सरकार इस संबंध में एक आदेश जारी करने वाली है,जिसमें हॉस्पिटल ऐसे पेशेंट का इलाज करने से मना नहीं कर सकते हैं।

 

10-06-2020
Video: कार की गुप्त डिक्की में मिले भारी मात्रा नोट, पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार, मामला आईटी को सौंपा

महासमुन्द। जिले के सिंघोडा थाना पुलिस ने बुधवार को एक करोड़ 12 लाख 99 हजार 200 रुपए कार की गुप्त बनी डिक्की से बरामद किया है। इसमें दो ओडिसा निवासी प्रतीक छापड़िया पिता गोविंद प्रसाद छापड़िया 30 साल, सुरेंद्र सोना पिता दवारुं सोना 28 साल को गिरफ्तार कर धारा 102 के तहत कारवाई कर एसआईटी को मामला सौंप दिया है।महासमुन्द पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि 8 और 9 जून की दरम्यानी रात साढ़े 12 बजे के करीब रेहटी खोल रोड में चेकिंग के दौरान वाहन क्रमांक ओआर 17 के 5052 में  सवार दो व्यक्ति बरगढ़ ओडिसा की ओर से आ रही थी,जिसे सिंघाड़ा पुलिस ने वाहन में गांजा होने की शंका में उक्त वाहन को रुकवा कर वाहन के पीछे डिक्की में चेक किया। पुलिस को डिक्की के अंदर एक गुप्त डिक्की नजर आई,जिसे पुलिस ने खोला तब पुलिस को यह जानकारी मिली के वाहन में बेनामी करोड़ों रुपए अवैध रूप से ओडिसा से रायपुर परिवहन किया जा रहा था।

पुलिस ने उक्त रकम बरामद कर जब उसकी गिनती की तो एक करोड़, 12 लाख 99, 200 निकला। इसमें 500, 200 और 2000 के नोट मिले। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को यह जानकारी दी है की ओडिसा से रायपुर किसी व्यापारी को देने जा रहे थे, वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों को रकम किसे देना है इसकी जानकारी नहीं थी। बहरहाल महासमुन्द पुलिस ने धारा 102 के तहत कार्रवाई मामला आईटी रायपुर को सौंप दिया है।

 

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