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10-02-2020
एक और सरकारी कंपनी की हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में केंद्र सरकार, जाने क्या होगा फायदा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बजट के दौरान भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की अपनी हिस्सेदारी बेचने के एलान के बाद अब एक और बड़ा एलान किया है। विनिवेश लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार भारतीय स्टील प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) में भी अपनी पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। इससे 1,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

ऑफर फॉर सेल के जरिए होगी बिक्री

यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए की जाएगी। इस प्रक्रिया में सरकारी कंपनी के प्रवर्तक अपनी हिस्सेदारी सीधे तौर पर निवेशकों को बेचते हैं, जिसमें पारदर्शिता का खास ख्याल रखा जाता है।

सेल में 75 फीसदी है सरकार की हिस्सेदारी

निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के एक अधिकारी ने बताया कि इस्पात मंत्रालय इस विनिवेश के लिए सिंगापुर और हांगकांग में रोडशो करने की तैयारी में है। सेल में सरकार की 75 फीसदी हिस्सेदारी है।

इन सरकारी कंपनियों की भी होगी बिक्री

सरकार देश की दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का भी निजीकरण करने जा रही है।

यह है सरकार का लक्ष्य

बता दें कि चालू वित्त वर्ष में सरकार ने विनिवेश के जरिए 1.05 लाख करोड़ रुपये मिलने का लक्ष्य रखा था। हालांकि इस लक्ष्य के पूरे होने की संभावना नहीं है। बजट 2020 के दौरान इस लक्ष्य को संशोधित कर 65 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। मौजूदा समय में सरकार ने 35 हजार करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। वहीं वित्त वर्ष 2020 के लिए 2.1 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आईपीओ के माध्यम से सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि एलआईसी का आईपीओ लाया जाएगा। सरकार एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। जीवन बीमा क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी एलआईसी बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। एलआईसी सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करने के अलावा शेयर बाजार में हर साल भारी मात्रा में निवेश करती है। 

09-02-2020
 हमने बजट में रखी पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की बुनियाद: निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार ने देश को 2024-25 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए बजट में उपभोग बढ़ाने की जमीन तैयार की है। इसके साथ-साथ ढांचागत सुविधाओं के विकास में सरकारी निवेश की सुनिश्चित व्यवस्था की है। वित्त मंत्री ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में दरों के स्थायित्व की आवश्यकता पर भी बल दिया। दरों में हर तीन महीने के बजाय साल में केवल एक बार संशोधन किए की वकालत की। सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा,‘मुझे लगता है कि हमने उपभोग बढ़ाने तथा पूंजीगत खर्च सुनिश्चित करने की आधारशिला रख दी है। सरकार का निवेश बुनियादी संरचना में निर्माण में लगेगा,जिसका अल्पावधि और दीर्घावधि दोनों में असर होगा।’ उन्होंने कहा,‘ग्रामीण क्षेत्र की दिक्कतों को दूर करने के लिये बजट में 16 सूत्रीय कार्ययोजना की घोषणा की गई है। अत: मेरा अनुमान है कि ये कदम देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर आगे ले जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि मैं वृहद आर्थिक स्थिरता और देश में संपत्ति सृजन के दृष्टिकोण से देख रही हूं। कर की घटी दरों से लोगों के हाथों में अधिक पैसा पहुंच रहा है।’ उन्होंने कहा कि बजट में जिन परियोजनाओं को लेकर घोषणाएं की गई हैं, वे परियोजनाएं विभिन्न राज्यों में चल रही हैं। 

08-02-2020
बजट 2020-21 के लिए शहर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव 

रायपुर। बजट 2020-21 के सुझाव के संबंध में निगम के एमआईसी सदस्य समीर अख्तर ने शहर कांग्रेस की बैठक आज शनिवार को दोपहर 12 बजे ली। निगम के सभाकक्ष में हुई इस बैठक में शहर के विकास के संबंध में चर्चा की गई। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा कि उन्होंने शहर की जनता को सड़क, बिजली, पानी जैसी मुलभुत सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में सुझाव दिया। साथ ही रायपुर के प्रत्येक वार्डों में स्थान चयनित कर पार्किंग जोन बनाने का सुझाव दिया, ताकि सड़क में जो गाड़िया रहती है उन्हें पार्किंग जोन में सुव्यवस्थित रखा जा सके। स्कूलों के जर्जर भवन का निर्माण, सरोना में गौठान निर्माण, सीसीटीवी कैमरा,मोहल्ला क्लिनिक, वेंडिंग जोन सड़कों का निर्माण, नालियों के निर्माण, सुलभ निर्माण जैसे प्रस्ताव दिए गए।  
बैठक में उपस्थित शहर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता बंशी कन्नौजे ने पुरानी बस्ती स्थित जर्जर भवन के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव रखा। साथ ही ब्लाक अध्यक्ष सुनीता शर्मा ने नवीन सरस्वती कन्या शाला में छात्रों के लिए जीम सामग्री के साथ वाई फाई जोन का प्रस्ताव दिया। अशोक ठाकुर ने सरोना में गौठान का प्रस्ताव रखा। दाऊलाल साहू ने खमतराई बाजार को व्यवस्थित करने की मांग की। प्रशांत ठेंगडी ने कुशालपुर में सामुदायिक स्वास्थ केंद्र का प्रस्ताव रखा। देव साहू ने खमतराई में बंद नाहर है में सड़क निर्माण का प्रस्ताव रखा। नवीन चंद्राकर ने गार्डन के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव रखा।

08-02-2020
भूपेश मंत्रिमंडल की बैठक आज, बजट के प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार शाम को कैबिनेट की बैठक लेंगे। मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री निवास में शाम साढ़े पांच बजे शुरु होगी। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बजट प्रस्ताव को बैठक में मंजूरी मिल सकती है। बैठक में चालू खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पर चर्चा होने की संभावना है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का समय बढ़ाने को लेकर भी कैबिनेट में फैसला हो सकता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूर्व में ही कैबिनेट मंत्रियों के साथ उनके विभागों के बजट प्रस्ताव पर चर्चा कर चुके हैं। इसके साथ ही कैबिनेट में और भी कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगने की संभावना है।

05-02-2020
मध्यान्ह भोजन मजदूरों को नहीं मिला बढ़ा हुआ मानदेय, स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा...

रायपुर। छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन मजदूर एकता यूनियन (सीटू) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज बुधवार को राजीव भवन में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम से मिलिए मंत्री से कार्यक्रम में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मध्यान्ह भोजन मजदूरों को बजट में आवंटित 300 रुपए बढ़ोत्तरी की मांग सहित 10 सूत्रीय मांगपत्र स्कूल शिक्षा मंत्री को सौंपा। मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि मध्यान्ह भोजन मजदूर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल ने मानदेय बढ़ाने की बात की है। साथ ही उन्होंने अपने मांग पत्र को सौंपा है। उनका कहना है कि पिछले बार बजट में प्रावधान था, कई जगह मानदेय मिला है कई जगह नहीं मिला है। उनकी बातों का ध्यान दिया जाएगा। समीर कुरैशी, मध्यान भोजन यूनियन महासचिव ने चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में 85,000 मध्यान्ह भोजन मजदूर काम करते हैं, सामान्यता सभी गरीब परिवार से हैं। उनको मात्र 1200 रुपए प्रतिमाह मिलता है, जबकि भारत के अलग-अलग राज्यों में ज्यादा-ज्यादा पैसा मिलता है। प्राइमरी, मिडिल स्कूल में 5 से 7 घंटे काम के बाद दूसरे हॉफ में अलग से कोई काम नहीं मिलता है। पिछली मुलाकात में भी हमने स्कूल शिक्षा मंत्री को यही मांगों को लेकर ज्ञापन दिया था। आश्वासन मिला था कि हमारी सरकार आ गई है और हम इस पर ध्यान देंगे। 8 फरवरी 2019 के बजट में 300 की बढ़ोतरी हुई, लेकिन आज की तारीख में किसी के भी खाते में पैसा नहीं आया। अभी फिर से ज्ञापन दिए हैं और आश्वासन मिला है कि मांगों पर ध्यान दिया जाएगा। 

 

03-02-2020
बजट पर त्रिवेदी ने केंद्र को घेरा, कहा-अर्थव्यवस्था को अनर्थ व्यवस्था में बदल दिया

रायपुर। बजट पर एक बार फिर बयान जारी करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री और कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि हलवा खुद खा गए और झटका किसान को दे दिया। अर्थव्यवस्था को अनर्थ व्यवस्था में बदल दिया। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि देश से विकास गायब है, रोजगार गुम है, निवेश बंद है, खेती संकट में है, कंजम्प्श्न हवा-हवाई है, व्यापार पर तालाबंदी है, जीडीपी औंधे मुँह गिरी है, कुल मिलाकर देश आर्थिक आपातकाल की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि बजट के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं उससे स्पष्ट है कि मोदी सरकार का बजट जनविरोधी और कारपोरेट फ्रेंडली बजट है। इसमें गांव, गरीब, मजदूर, किसान, महिला, नौजवान, छात्र सब की उपेक्षा की गई। बजट से जुड़े कुछ आंकड़े जारी करते हुए त्रिवेदी ने कहा है कि हकीकत में या बेहद निराशाजनक और खोखला बजट है। इस पर उन्होंने कहा कि कहा गया है रख लो आइने हजार तसल्ली को, पर सच के लिए आँखे मिलानी पड़ती है।

न रोजगार और स्किल डिवेलप्मेंट की दरकार, न महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण से सरोकार। नरेगा में मिलने वाला पैसा अब राज्यों के मिनिमम वेज से कम है। क्या पिछला कोई टारगेट पूरा हुआ? इसे कहते हैं- घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने। सेना के नाम पर वोट माँगकर सत्ता हथियाने वाली मोदी सरकार ने बजट कटौती में सेनाओं को भी नहीं बख्शा। देश नहीं बिकने दूँगा भी जुमला निकला। सच तो यह है 72 साल में बनाई देश की जितनी भी मूल्यवान संपति है, सब बेच देंगे। एलआईसी भी को भी बिक्री के रास्ते में बैठा दिया है मोदी सरकार ने। टू नेशन थ्योरी वाली भाजपा ने अब दो इनकम टैक्स प्रणाली लागू कर करदाताओं के विभाजन का प्रयास किया है। नौकरी पेशा के लिए टैक्स की नई स्लैब केवल भटकाने वाली भूलभूलिया है। असल में नई टैक्स स्लैब में पुरानी टैक्स स्लैब से अधिक टैक्स देना पड़ेगा।  

02-02-2020
किसानों की कीमत पर कॉपोर्रेट मुनाफे को बढ़ावा देने वाला बजट : किसान सभा

रायपुर। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने कल संसद में पेश बजट को किसानों की कीमत पर कॉपोर्रेट मुनाफे को बढ़ावा देने वाला बजट बताया है। किसान सभा का मानना है कि सवाल चाहे लाभकारी समर्थन मूल्य का हो या कर्जमुक्ति का, किसानों की आय बढ़ाने का हो या उनको रोजगार देने का, यह बजट उनकी किसी भी समस्या को हल नहीं करता। कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये का बजट आबंटन मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष की तुलना में कम है। इस मायने में यह किसानविरोधी बजट है। छग किसान सभा के राज्य महासचिव ऋषि गुप्ता ने कहा कि पिछले पांच सालों में पेट्रोल-डीजल सहित किसानी के काम आने वाली सभी चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ी है, जिससे कृषि लागत बहुत बढ़ी है। खेती-किसानी घाटे का सौदा होने के कारण किसान कर्ज के दलदल में फंसे हुए हैं। लेकिन स्वामीनाथन आयोग के सी-2 लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य के रूप में देने के लिए वह तैयार नहीं है। किसान सभा नेता ने आरोप लगाया है कि कृषि क्षेत्र के रिटेल में एफडीआई के प्रवेश और ठेका-कॉपोर्रेट खेती को बढ़ावा देने से हमारी खाद्यान्न आत्मनिर्भरता प्रभावित होगी। फसल बीमा योजना किसानों की जगह, कॉपोर्रेटों की तिजोरी भरने का औजार रह गया है।

02-02-2020
मुख्यमंत्री का बजट की आलोचना करना अनैतिक : सुनील सोनी

रायपुर। सीएम भूपेश बघेल की ओर से केंद्रीय बजट को खारिज करने पर सांसद सोनी ने इसे अनैतिक कहा है। सुनील सोनी ने कहा कि अपने पंद्रह महीने के शासन में पंद्रह फीट निर्माण कार्य नहीं करने वाले सीएम अगर सौ लाख करोड़ के बुनियादी ढाँचे का निर्माण करने वाले बजट को खारिज करते हैं तो इस हठधर्मिता पर क्या कहा जाए? उन्होंने कहा कि सीएम बघेल द्वारा ऐसे बजट की आलोचना अनैतिक है, जिसमें केवल किसानों के लिए ही सोलह लाख करोड़ का प्रावधान है। सांसद सोनी ने केंद्रीय बजट को सबके साथ सबका विकास सबका विश्वास के साथ सबको उन्नति का आकाश देने वाला बजट बताया।

02-02-2020
बजट के दूसरे दिन आम जनता को राहत, कम हुए पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया और इसके अगले ही दिन आम लोगों के लिए राहत भरी खबर आई। रविवार को लगातार चौथे दिन तेल कंपनियों ने देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी कर दी है। यानी आज ग्राहकों को एक लीटर पेट्रोल-डीजल के लिए शनिवार के मुकाबले कम कीमत चुकानी होगी।

चार महानगरों में इतने हुए पेट्रोल-डीजल के दाम

दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत में नौ पैसे की कमी आई है। वहीं कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल आठ पैसे सस्ता हुआ है। इसके बाद इन राज्यों में पेट्रोल की कीमत क्रमश: 73.10, 75.77, 78.75 और 75.95 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की बात करें, तो दिल्ली में एक लीटर डीजल आठ पैसे कम हुआ है, कोलकाता में पांच पैसे, मुंबई में छह पैसे और चेन्नई में सात पैसे, जिसके बाद इसकी कीमत क्रमश: 66.14, 68.54, 69.36 और 69.89 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

प्रति दिन छह बजे बदलती है कीमत

बता दें कि प्रति दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बादल इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

कीमत तय करने का ये है आधार

विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं।

पेट्रोल में कितना हिस्सा टैक्स का

खुदरा बिकने वाले पेट्रोल और डीजल के लिए जितनी रकम का आप भुगतान करते हैं, उसमें आप 55.5 फीसदी पेट्रोल के लिए और 47.3 फीसदी डीजल के लिए आप टैक्स चुका रहे होते हैं।

डीलर भी जोड़ते हैं अपना मार्जिन

डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।

 

01-02-2020
बजट मध्यमवर्गीय परिवार के लिए निराशाजनक: कन्हैया अग्रवाल

रायपुर। कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने बजट को छलावा बताते हुए कहा कि आम बजट मध्यमवर्गीय परिवार के लिए घोर निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास का दावा करने वाली सरकार अदानी के साथ अंबानी का विकास, भगौड़ों का विश्वास कायम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी की बात करने वाली सरकार का शिक्षा के क्षेत्र में एफडीआई लेकर आना ही सरकार की असफलता का मानक है। महंगाई पर नियंत्रण के मामले में सरकार को पूर्णतः असफल बताते हुए कहा कि डीजल पेट्रोल जैसे जरूरी उत्पाद के दाम पर सरकार नियंत्रण नहीं कर पा रही है। जिस देश की अर्थव्यवस्था नगद लेनदेन पर आधारित थी उस देश को जबरिया डिजिटल बनाने के प्रयास में देश को आर्थिक मंदी की चपेट में ले लिया है। उन्होंने कहा कि इस देश में चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण को हतोत्साहित करने और सरकारी सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता थी पर कार्पोरेट घराने को मदद करने वाली मोदी सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा को निजी हाथों और विदेशी हाथों में देने का दुर्भाग्यपूर्ण फैसला लिया है जो सरकार की असफलता का परिचायक है। कर्पोरेट कंपनियों के लिए बड़े घरानों को लाभान्वित करने का फैसला सरकार ने किया है जो सरकार की प्राथमिकता को प्रदर्शित करता है। किसानों की आय दोगुनी करने वाली सरकार किसानों की उपज के समर्थन मूल्य के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं कर पा रही है। दो करोड़ रोजगार देने का वादा करने वाली सरकार रोजगार के अवसर पैदा करने की बात कर रही है ।

 

01-02-2020
रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा: सरोज पाण्डेय

रायपुर। भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद सरोज पाण्डेय ने केन्द्र सरकार के बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट नए मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों को प्रोत्साहन देकर रोजगार के नए अवसरों का सृजन करेगा। पाण्डेय ने महिलाओं व बेटियों के स्वास्थ्य व शिक्षा के साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रावधानों से महिलाओं को शैक्षिक, सामाजिक व आर्थिक रूप से सम्मानजनक स्थान प्रदान करेगा। पाण्डेय ने रेलवे के विकास की नई पीपीपी मॉडल ट्रेनों के परिचालन के साथ ही रेलवे की खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाने को ऊर्जा संवर्धन के लिए उपयोगी कदम बताया है। 

 

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