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31-10-2020
Breaking  : 7925 शिक्षाकर्मियों के संविलियन का आदेश जारी, मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा

रायपुर। प्रदेश के शिक्षाकर्मियों को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव पर खुशियों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से 7 हजार 925 व्याख्याताओं (पंचायत एवं नगरीय निकाय) के एक नवंबर से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन का आदेश शनिवार को जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर दी है। उन्होंने ट्वीट किया है कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है। घोषणा के अनुरूप 7 हजार 925 व्याख्याताओं (पंचायत एवं नगरीय निकाय) का एक नवंबर से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन होगा।

 

13-10-2020
जिले में पदस्थ पंचायत संवर्ग के शिक्षकों की प्रारंभिक वरिष्ठता सूची जारी

बीजापुर। लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के निर्देशानुसार शासकीय शालाओं में कार्यरत् शिक्षक (पंचायत एवं नगरीय निकाय) संवर्ग के ऐसे कर्मचारी जो दो वर्ष या उससे अधिक की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके हैं, उनका स्कूल शिक्षा विभाग में 1 नवम्बर 2020 से संविलियन किया जाना है। इसके लिए जिला पंचायत बीजापुर द्वारा जिले के शासकीय शालाओं में कार्यरत् शिक्षकों (पंचायत एवं नगरीय निकाय) संवर्ग के शिक्षकों की प्रारंभिक वरिष्ठता सूची 31 अक्टूबर 2020 की स्थिति में जारी किया गया है। इसमें सहायक शिक्षक पंचायत तथा व्याख्याता पंचायत सम्मिलित हैं। सर्व सम्बन्धित शिक्षक पंचायत संवर्ग के उल्लेखित विवरण/जानकारी त्रुटिपूर्ण या अपूर्ण होने की स्थिति में सम्बन्धित खंड शिक्षा अधिकारी जहां पर सेवा पुस्तिका एवं व्यक्तिगत नस्ती संधारण किया जा रहा है।

उक्त कार्यालय के माध्यम से अभिलेखों से मिलान कर दावा-आपत्ति सम्बन्धी अभ्यावेदन प्रमाण सहित सत्यापित प्रति संलग्न कर 14 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से कार्यालय जिला पंचायत बीजापुर के सम्बन्धित शाखा को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात प्राप्त अभ्यावेदन पर कोई विचार नहीं किया जायेगा। जिसके लिए सम्बन्धित खंड शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षक पंचायत संवर्ग के सम्बन्धित कर्मचारी स्वतः जिम्मेदार होंगे।प्रारंभिक वरिष्ठता सूची अवलोकन के लिए जिले के सभी जनपद पंचायत कार्यालय,खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय,जिला पंचायत कार्यालय तथा कलेक्टर कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पा कर दी गयी है। इसके साथ ही उक्त सूची जिले कीे वेबसाईट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाॅट बीजापुर डाॅट जीओव्ही डाॅट इन पर लाॅगिन कर देखी जा सकती है।

 

 

24-07-2020
प्रदेश के 16278 शिक्षाकर्मियों का होगा संविलियन,1 नवम्बर से शुरू होगी प्रक्रिया 

रायपुर। शासन के निर्णय अनुसार छत्तीसगढ़ में 16 हजार से अधिक शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जाएगा। इस संबंध में राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेशानुसार 2 साल या उससे अधिक की सेवा अवधि पूरी करने वाले शेष बचे पंचायत-नगरीय निकाय संवर्ग के 16 हजार 278 शिक्षकों का संविलियन 1 नवम्बर से शिक्षा विभाग में किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में 14 जुलाई को आयोजित मंत्री परिषद की बैठक में 2 वर्ष या उससे अधिक की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शेष बचे पंचायत और नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षकों का संविलियन 1 नवम्बर से स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से किए जाने का निर्णय लिया गया था। आदेश में कहा गया है कि जिन पंचायतों और नगरीय निकायों के शिक्षकों ने 1 जुलाई 2020 को 8 वर्ष पूरा कर लिया है। उसका संविलियन भी स्कूल शिक्षा विभाग में 1 नवम्बर 2020 से किया जाए। संविलियन की सेवा शर्तें विभाग द्वारा पूर्व में जारी आदेश के अनुसार होंगे। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिक्षक पंचायत-नगरीय निकाय संवर्ग के जारी नियुक्ति आदेश के खिलाफ यदि किसी न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है तो उनका संविलियन न्यायालीन निर्णय के अनुसार होगा।

24-07-2020
कांग्रेस ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन का आदेश जारी करने का किया स्वागत

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से शिक्षाकर्मियों के संविलियन का आदेश जारी किए जाने का स्वागत किया है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार वादे पूरे करने वाली सरकार है। कोरोना संक्रमण के कारण तमाम वित्तीय परेशानियों के बावजूद शिक्षाकर्मियों का संविलियन का आदेश जारी करके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने बहुत बड़ा कदम उठाया है। 2003 में भाजपा की सरकार शिक्षाकर्मियों के संविलियन का वादा करके बनी थी,लेकिन भाजपा ने 2003 से लेकर 2018 तक शिक्षाकर्मियों के संविलियन के लिए एक रुपए की राशि का भी प्रावधान नहीं किया। शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा तो की गई,लेकिन बिना किसी वित्तीय प्रावधान के। 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद शिक्षाकर्मियों के संविलियन के लिए राशि की व्यवस्था भी की गई। अब शिक्षाकर्मियों का संविलियन भी किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि विपरीत आर्थिक परिस्थितियों में भी कांग्रेस सरकार अपने वादे पूरे करने के प्रति प्रतिबद्ध है। तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के नेता लगातार शिक्षाकर्मियों की लड़ाई का समर्थन करते रहे। आज अंतत: कांग्रेस की सरकार भूपेश बघेल की सरकार ने शिक्षाकर्मियों से किया गया वादा पूरा कर दिखाया। त्रिवेदी ने विश्वास व्यक्त किया है कि राज्य की जनता को नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया को भी पूरा करने की दिशा में भूपेश बघेल सरकार प्रभावी कदम उठाएगी।

02-07-2020
संविलियन आदेश जारी करने के लिए दीप जलाकर मुख्यमंत्री से किया आग्रह

अम्बिकापुर। राज्य सरकार द्वारा शिक्षक पंचायत संवर्ग के सेवा अवधि 2 वर्ष पूर्ण होते ही 1 जुलाई को संविलियन करने की बात कही गई थी। इस संदर्भ में कोई भी आदेश होता न देख शिक्षकों में रोष व्याप्त हो रहा है। सरकार का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराने के लिए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय आव्हान पर जिले के शिक्षकों ने संविलियन क्रियान्वयन की मांग की। प्रांतीय उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह व जिला अध्यक्ष मनोज वर्मा के नेतृत्व में जिले के शिक्षकों ने अपने परिवार सहित अपने अपने घरों में दीपक जलाया व सरकार से संविलियन क्रियान्वयन की मांग की। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने कहा है कि हमें पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री ने जो 3 मार्च को बजट भाषण में 2 वर्ष पूर्ण करने वाले समस्त शिक्षाकर्मियों को संविलियन करने का ऐलान किया था, उस पर शीघ्र अमल होगा। इसी सकारात्मक भरोसे को ध्यान में रखकर आज संविलियन से वंचित शिक्षकों के किये संविलियन आदेश जारी करने सकारात्मक तरीके से प्रदेश के मुखिया को दीप प्रज्वलित कर आदेश जारी करने का आग्रह किया गया।

जिला अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि शिक्षाकर्मियों द्वारा पूर्ववर्ती राज्य मध्यप्रदेश से लेकर अलग बने राज्य छत्तीसगढ़ में 22 वर्षों तक किए गए दीर्घकालिक संघर्ष के परिणामस्वरूप एक जुलाई 2018 से आठ वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों का स्थानीय निकाय से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन प्रारम्भ हुआ। इसके बाद एक जुलाई 2019 एवं एक जनवरी 2020 की स्थिति में आठ वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया गया।वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपने जनघोषणा पत्र के वादा अनुसार संविलियन किए जाने के लिए सेवा अवधि को घटाकर 8 वर्ष से 2 वर्ष करने का निर्णय लिया है, लेकिन इस पर क्रियान्वयन करने का आदेश आज पर्यन्त तक जारी नहीं किया गया है।मनोज वर्मा ने बताया कि वर्तमान मुख्यमंत्री जी ने कहा था कि हमारी सरकार बनेगी तो हम सभी का संविलियन करेंगे, हड़ताल के बाद पूर्व सरकार ने 8 वर्ष में संविलियन का निर्णय लिया था और आदेश जारी किया।

सम्पूर्ण संविलियन के लिए लगातार बात होती रही, चुनाव पूर्व घोषणा पत्र कमेटी को भेंटकर अवगत कराया जाता रहा, अंततः वर्तमान सरकार के घोषणा पत्र में 2 वर्ष पूर्ण करने वाले शिक्षक संवर्ग के संविलियन करने का विषय प्रमुखता से शामिल किया गया।वह सुखद अवसर 3 मार्च को आया, जब विधानसभा के बजट में 2 वर्ष पूर्ण करने वाले शिक्षक संवर्ग का संविलियन 1 जुलाई 2020 को संविलियन करने का विषय शामिल कर घोषणा की गई, पर आज यक्ष प्रश्न है कि अब तक संविलियन आदेश जारी हो जाना था किंतु हम सभी आज भी आदेश की प्रतीक्षा ही कर रहे है।शिक्षक संवर्ग के 2 वर्ष में संविलियन के निर्णय के क्रियान्वयन के लिए आदेश जारी करने के लिए आज जिले के मैनपाट, अम्बिकापुर , उदयपुर,लखनपुर, सीतापुर, लुंड्रा व बतौली   ब्लॉक से सैकड़ो शिक्षक संवर्ग ने दीप जलाकर आदेश जारी करने का आग्रह किया है। कार्यक्रम को सफल बनाने  जिलाध्यक्ष मनोज वर्मा जिला उपाध्यक्ष काजेश, अनिल तिग्गा, राजेश गुप्ता, रामबिहारी गुप्ता, सुरित राजवाड़े, प्रदीप राय, रोहिताश शर्मा जिला महासचिव अरविंद सिंह, करण जोगी,मो. नाजिम, जिला मीडिया प्रभारी कमलेश सिंह, प्रशांत चतुर्वेदी,कोषाध्यक्ष नरेश पांडेय, संयुक्त सचिव संजय चौबे, लव गुप्ता, संजय अम्बष्ट, विक्रम श्रीवास्तव, राजेश सिंह ( संयुक्त सचिव) राकेश दुबे ( सह सचिव), अरुण शर्मा ,महिला प्रकोष्ठ जिला प्रमुख कंचनलता श्रीवास्तव ,नीतू सिंह, प्रतिमा नामदेव,रचना सोनी, ललिता सिंह,कमला पटेल विकासखण्ड अध्यख शुशील मिश्रा, राकेश पाडेय,लखन राजवाड़े, रमेश यागिक, योअल लकड़ा,अमित सोनी, जवाहर खलखो,रणबीर सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारी सक्रिय रहे।

03-03-2020
शिक्षाकर्मियों की होली से पहले दीवाली, मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त 

रायपुर। प्रदेश में संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों जिनकी संख्या लगभग सोलह हजार के आसपास है। वे काफी लम्बे समय से अपने संविलियन की राह देख रहे थे, लेकिन जैसा कि शिक्षाकर्मियों को उम्मीद थी वैसा ही सरकार ने बजट पेश करके होली से पहले दीवाली मनाने का मौका शिक्षाकर्मियों को दे दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज प्रस्तुत बजट में शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा के बाद प्रदेश के शिक्षाकर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने विधानसभा पहुंचकर बजट के ठीक बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव का इसके लिए उनका आभार जताया।  मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे ने कहा कि हमें मुख्यमंत्री और सरकार के वादे पर पूरा भरोसा था और उन्होंने आज उस वादे को पूरा करके शिक्षाकर्मियों के जीवन में एक ऐसा बड़ा परिवर्तन ला दिया है, जिसके लिए हम और हमारा परिवार सदैव आभारी रहेगा। शिक्षाकर्मियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री और पंचायत मंत्री समेत विधायकों को भी मिठाई खिलाकर संविलियन की घोषणा की खुशियां बांटी।

शिक्षाकर्मियों के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा से प्रदेश के लगभग 16 हजार से अधिक शिक्षाकर्मी के संविलियन से उन्हें अब नियमित शिक्षकों के समान एक जुलाई 2020 से वह सभी सुविधाएं मिलेंगी, जो उनकी समस्या का निदान करेगी। प्रतिनिधि मंडल ने यह भी बताया कि शिक्षाकर्मियों के संविलियन से उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्या दूर होने से अब वह पहले से बेहतर ढंग से स्कूलों में विद्यार्थियों पर ध्यान देते हुए उन्हें गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।  


 उल्लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षाकर्मियों के संविलियन को लेकर समय-समय पर आंदोलन होते रहे हैं। पिछली सरकार ने संविलियन करते हुए आठ वर्ष का बंधन लागू कर दिया था। इसके बाद 48 हजार शिक्षाकर्मी संविलियन से वंचित रह गये थे। वर्तमान सरकार ने अपने घोषणा पत्र में दो वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके सभी शिक्षाकर्मियों के संविलियन का वादा किया था। सभी शिक्षाकर्मियों की निगाहें बजट पर लगी हुई थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही सरकार ने अपने घोषणा पत्र के अनुसार शिक्षाकर्मियों के संविलियन का वादा पूरा किया है। संविलियन अधिकार मंच के पदाधिकारियों सहित संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सभी विधायकों को दो-दो बार ज्ञापन सौंपे थे। मंत्रियों-विधायकों ने संविलियन के लिए अनुशंसा पत्र लिखा था, वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संविलियन अधिकार मंच को अपनी जगदलपुर यात्रा के दौरान ही संविलियन के संकेत दे दिए थे, जिसे आज उन्होंने पूरा भी कर दिया। 

03-03-2020
शिक्षाकर्मियों पर हुए निर्णय का स्वागत, बजट फिर भी निराशाजनक : देवेन्द्र

कोरिया। पूर्व जिपं सदस्य एवं भाजपा जिला महामंत्री देवेन्द्र तिवारी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शिक्षाकर्मियों के संविलियन के निर्णय का स्वागत है। इसके अलावा संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, मितानिनों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वेतन वृद्धि, बेरोजगारी भत्ता, किसानों को पेंशन सहित तमाम महत्वपूर्ण घोषणाएं इस बजट में शामिल नहीं की गईं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था सभी कर्मचारियों के लिए लागू करना चाहिए। अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधानों का सरलीकरण होना चाहिए। पुलिस विभाग के कर्मचारियों को घोषणा के अनुसार वेतन व सुविधाएं भी नहीं दी गयी हैं। तिवारी ने कहा राज्य सरकार ने जन हितैषी बजट पेश नहीं किया, जिससे आम जन में उत्साह का वातावरण नहीं दिख रहा है।

 

03-03-2020
बजट में शिक्षाकर्मियों के लिए बड़ा ऐलान, 1 जुलाई से होगा संविलियन

रायपुर। प्रदेश के शिक्षाकर्मियों की बहुप्रतिशिक्षित संविलियन की मांग पर सरकार ने फैसला लिया है। बजट पेश करने के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2020 से शिक्षाकर्मियों का संविलियन होगा। राज्य सरकार ने प्रदेश के 16 हजार शिक्षाकर्मियों के संविलियन का ऐलान बजट में किया है।

 

 

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