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03-03-2020
शिक्षाकर्मियों की होली से पहले दीवाली, मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त 

रायपुर। प्रदेश में संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों जिनकी संख्या लगभग सोलह हजार के आसपास है। वे काफी लम्बे समय से अपने संविलियन की राह देख रहे थे, लेकिन जैसा कि शिक्षाकर्मियों को उम्मीद थी वैसा ही सरकार ने बजट पेश करके होली से पहले दीवाली मनाने का मौका शिक्षाकर्मियों को दे दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज प्रस्तुत बजट में शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा के बाद प्रदेश के शिक्षाकर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने विधानसभा पहुंचकर बजट के ठीक बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव का इसके लिए उनका आभार जताया।  मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे ने कहा कि हमें मुख्यमंत्री और सरकार के वादे पर पूरा भरोसा था और उन्होंने आज उस वादे को पूरा करके शिक्षाकर्मियों के जीवन में एक ऐसा बड़ा परिवर्तन ला दिया है, जिसके लिए हम और हमारा परिवार सदैव आभारी रहेगा। शिक्षाकर्मियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री और पंचायत मंत्री समेत विधायकों को भी मिठाई खिलाकर संविलियन की घोषणा की खुशियां बांटी।

शिक्षाकर्मियों के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा से प्रदेश के लगभग 16 हजार से अधिक शिक्षाकर्मी के संविलियन से उन्हें अब नियमित शिक्षकों के समान एक जुलाई 2020 से वह सभी सुविधाएं मिलेंगी, जो उनकी समस्या का निदान करेगी। प्रतिनिधि मंडल ने यह भी बताया कि शिक्षाकर्मियों के संविलियन से उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्या दूर होने से अब वह पहले से बेहतर ढंग से स्कूलों में विद्यार्थियों पर ध्यान देते हुए उन्हें गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।  


 उल्लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षाकर्मियों के संविलियन को लेकर समय-समय पर आंदोलन होते रहे हैं। पिछली सरकार ने संविलियन करते हुए आठ वर्ष का बंधन लागू कर दिया था। इसके बाद 48 हजार शिक्षाकर्मी संविलियन से वंचित रह गये थे। वर्तमान सरकार ने अपने घोषणा पत्र में दो वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके सभी शिक्षाकर्मियों के संविलियन का वादा किया था। सभी शिक्षाकर्मियों की निगाहें बजट पर लगी हुई थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही सरकार ने अपने घोषणा पत्र के अनुसार शिक्षाकर्मियों के संविलियन का वादा पूरा किया है। संविलियन अधिकार मंच के पदाधिकारियों सहित संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सभी विधायकों को दो-दो बार ज्ञापन सौंपे थे। मंत्रियों-विधायकों ने संविलियन के लिए अनुशंसा पत्र लिखा था, वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संविलियन अधिकार मंच को अपनी जगदलपुर यात्रा के दौरान ही संविलियन के संकेत दे दिए थे, जिसे आज उन्होंने पूरा भी कर दिया। 

03-03-2020
शिक्षाकर्मियों पर हुए निर्णय का स्वागत, बजट फिर भी निराशाजनक : देवेन्द्र

कोरिया। पूर्व जिपं सदस्य एवं भाजपा जिला महामंत्री देवेन्द्र तिवारी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शिक्षाकर्मियों के संविलियन के निर्णय का स्वागत है। इसके अलावा संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, मितानिनों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वेतन वृद्धि, बेरोजगारी भत्ता, किसानों को पेंशन सहित तमाम महत्वपूर्ण घोषणाएं इस बजट में शामिल नहीं की गईं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था सभी कर्मचारियों के लिए लागू करना चाहिए। अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधानों का सरलीकरण होना चाहिए। पुलिस विभाग के कर्मचारियों को घोषणा के अनुसार वेतन व सुविधाएं भी नहीं दी गयी हैं। तिवारी ने कहा राज्य सरकार ने जन हितैषी बजट पेश नहीं किया, जिससे आम जन में उत्साह का वातावरण नहीं दिख रहा है।

 

03-03-2020
बजट में शिक्षाकर्मियों के लिए बड़ा ऐलान, 1 जुलाई से होगा संविलियन

रायपुर। प्रदेश के शिक्षाकर्मियों की बहुप्रतिशिक्षित संविलियन की मांग पर सरकार ने फैसला लिया है। बजट पेश करने के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2020 से शिक्षाकर्मियों का संविलियन होगा। राज्य सरकार ने प्रदेश के 16 हजार शिक्षाकर्मियों के संविलियन का ऐलान बजट में किया है।

 

 

02-02-2020
शिक्षकों और व्याख्याताओं की रिकवरी आदेश पर रोक

रायपुर। प्रदेश के कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड में कार्यरत 6 शिक्षकों और व्याख्याताओं की रेट पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने बीते दिन जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी रिकवरी आदेश पर रोक लगा दी है। ब्लॉक के कई स्कूलों में कार्यरत किशोरी टोप्पो दशरू राम मंडावी, आनन्द राम नाग एवं अन्य शिक्षकों ने एडव्होकेट अनिल तावड़कर के माध्यम से  रिट लगाकर कर कहा है कि सभी कोंडागांव शिक्षा जिला विभाग के अंतर्गत आने वाले केशकाल विकासखंड के भिन्न-भिन्न गांवों के स्कूलों में कार्यरत हैं। रिट के मुताबिक जिला पंचायत के माध्यम से पंचायत विभाग में शिक्षाकर्मी के पदों पर हुई थी। सरकार ने निर्देश जारी कर बाद में शिक्षा विभाग में संविलियन कर दिया है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र में इस बात की जानकारी नहीं दी है कि व्याख्याताओं और शिक्षकों को अधिक भुगतान करने का आधार क्या है।

29-11-2019
सदन में उठा नियमितीकरण और संविलियन का मुद्दा, रेणु जोगी ने कहा - क्या हुआ तेरा वादा

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन सदन में साक्षर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत प्रेरकों का मामला जेसीसीजे विधायक रेणु जोगी ने उठाया। उन्होंने पूछा कि चुनाव के पूर्व कांग्रेस ने ये वादा किया था कि प्रेरकों का नियमितीकरण करेंगे या दूसरे विभागों में संविलियन किया जाएगा? लेकिन अब तक नहीं किया गया। रेणु जोगी ने गीत की चंद लाइनों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या हुआ तेरा वादा? इस प्रश्न का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह ने कहा कि प्रेरकों की नियुक्ति मिशन मोड पर की गई थी। भारत सरकार ने पत्र लिखकर ये कहा था कि 31 मार्च के बाद नहीं बढ़ाई जाएगी।

भारत सरकार के इस पत्र के बाद राज्य ने चार बार केंद्र को प्रेरकों की कार्य अवधि बढ़ाने के लिए पत्र लिखा। इसके बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भी पूछा कि क्या हुआ तेरा वादा? वादा निभाना पड़ेगा, नहीं तो विपक्ष में आना पड़ेगा। जोगी ने कहा कि हर सवाल पर मंत्री भारत सरकार का हवाला दे रहे हैं। प्रेरकों की नौकरी बनी रहेगी ये वादा तब के नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने किया था। कांग्रेस ने किया था। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हर बात पर राज्य सरकार कहती है भारत सरकार जिम्मेदार है।

28-11-2019
सदन से शिक्षाकर्मियों के लिए आई बुरी खबर, 8 साल में होगा संविलियन

रायपुर। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद संविलियन का इंतजार कर रहे शिक्षाकर्मियों के लिए एक बुरी खबर है। संविलियन पूर्व की भांति 8 साल या उससे अधिक की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों का होगा। पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने ये जवाब विधानसभा में अतरांकित सवाल के जवाब में दिया है। लालजीत सिंह राठिया के सवाल का जवाब देते हुए सिंहदेव ने कहा है कि प्रदेश में पंचायत विभाग के अंतर्गत संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों की संख्या 16 हजार 366 है। व्याख्याता पंचायत की संख्या 8903, शिक्षक पंचायत की संख्या 2224 और सहायक शिक्षक पंचायत की संख्या 5239 है। लालजीत सिंह राठिया ने सवाल पूछा था कि प्रदेश में अभी संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों की संख्या कितनी है और उन शिक्षाकर्मियों का संविलियन कब तक कर दिया जायेगा। जवाब में मंत्री सिंहदेव ने संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों की संख्या 16 हजार 366 बतायी है। संविलियन की अवधि के बारे में कहा है कि 8 साल या उससे अधिक की सेवा पूर्ण करने पर संवलियन की प्रक्रिया निर्धारित है, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जायेगी।

बता दें कि शिक्षाकर्मियों के लिए कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में ऐलान किया था कि 2 साल की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों का संविलियन कर दिया जायेगा। इस घोषणा के बाद शिक्षाकर्मी गदगद हो गये थे। हालांकि इस जवाब के बाद शिक्षाकर्मियों में निराशा बढ़ सकती है। क्योंकि शिक्षाकर्मी को इस बात की उम्मीद थी कि राज्य सरकार भले ही पहले साल किसानों की कर्जमाफी की वजह से उनसे किया वादा पूरा नहीं कर पायी हो पाया, लेकिन अगले साल उनकी मांगें जरूर पूरी हो जायेगी। हालांकि इस जवाब के बाद अब वो निराश हो सकते हैं। उसी तरह संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण को लेकर भी लिखित जवाब मंत्री टीएस सिंहदेव का आया है। उन्होंने लालजीत सिंह राठिया के ही एक अन्य सवाल के जवाब में बताया है कि प्रदेश के चिकित्सा विभाग में अभी संविदा पर 1112 कर्मचारी-अधिकारी तैनात हैं। संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितिकरण को लेकर समय बता पाना संभव नहीं है।

12-11-2019
संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों ने मंत्री से की मुलाकात, मिला आश्वासन

रायपुर। संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मी इन दिनों अपने अधिकार के लिए मंत्री-विधायकों से मुलाकात कर उन्हें जनघोषणा पत्र में किए गए वादे की याद दिला रहे हैं। इसी कड़ी मंगलवार को संविलियन अधिकार मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजीव भवन में मिलिये मंत्री से कार्यक्रम में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात की। शिक्षाकर्मियों ने मंत्री चौबे को अपना मांग पत्र सौंपा, जिसमें जनघोषणा पत्र के अनुरूप शिक्षाकर्मियों के शिक्षा विभाग में संविलियन का निवेदन किया गया है। मंत्री चौबे ने शिक्षाकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल को जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री चौबे को सौंपे अपने मांग पत्र में कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा जारी जनघोषणा पत्र में संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों के दु:ख-दर्द और पीड़ा को समझते हुए, शिक्षाकर्मियों के संविलियन के मुद्दे को प्रमुखता में शामिल किया गया था। इसलिए निवेदन है कि जनघोषणा पत्र के अनुरूप शिक्षाकर्मियों के संविलियन का निर्णय यथाशीघ्र लेने की कृपा करें। इसके लिए प्रदेश के शिक्षाकर्मा और उनका परिवार आपके आभारी रहेंगे। गत रविवार को संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल विधायक कुलदीप जुनेजा से भी मिला था। संविलियन की मांग करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा गया था। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक जुनेजा को भी याद दिलाया था कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में शिक्षाकर्मियों के संविलियन का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद शामिल नहीं हो पाया है। विधायक कुलदीप जुनेजा ने शिक्षाकर्मियों को भरोसा दिलाया था कि उनकी मांगे सरकार तक पहुंचाई जाएंगी। राजीव भवन में आज संविलियन अधिकार मंच रायपुर के जिला संयोजक महेंद्र कुमार चंद्राकर ने चर्चा के दौरान कहा कि मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात हुई है और उन्हें मांग पत्र सौंपा गया है।  मंत्री चौबे ने आश्वासन दिया है कि जल्द निर्णय लिया जाएगा। महेन्द्र चंद्राकर ने कहा कि हमें जल्द से जल्द संविलियन चाहिए और हमें मूल विभाग में जोड़ा जाए। इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री से भी पहले मुलाकात हो चुकी है। अब हम इसी क्रम में एक-एक करके विधायक और मंत्री से मुलाकात कर रहे हैं।





   



 

05-11-2019
8 नवम्बर को छग अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ का वार्षिक उत्सव 

रायपुर। छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ रायपुर द्वारा 8 नवम्बर को वार्षिक उत्सव एवं दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में प्रदेश के 50 हजार सफाईकर्मी शामिल होंगे। समारोह के अवसर पर संघ द्वारा 3 सूत्रीय मांगो के तहत स्कूल सफाई कर्मचारियों को अंशकालीन से पूर्णकालीनकर कलेक्टर दर पर 10 हजार रूपये प्रतिमाह वेतन एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कर्मचारियों को नियुक्ति प्रमाणपत्र, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 2015-16 मे युक्तियुक्तकरण कर 3 हजार कर्मियों को काम निकाला गया था। उनकी वापसी एवं स्कूल शिक्षा विभाग के भृत्य के पद पर संविलियन किये जाने की मांग के संबंध में ज्ञापन सौंपकर मांगे तत्काल पूर्ण करने का आग्रह किया जाएगा। उक्त जानकारी प्रेस क्लब रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में संघ के सरंक्षक सुंदरलाल जोगी, प्रांताध्यक्ष संतोष खंडेकर, प्रदेश सचिव बीके पटेला एवं मीडिया प्रभारी प्रदीप कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से दी।

11-10-2019
कुछ वादे पूर्ण कर गंगाजल की तो लाज रख लेते कांग्रेसी : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने स्कूल शिक्षा विभाग के बाद पंचायत विभाग द्वारा शिक्षकों की क्रमोन्नति के संबंध में जारी नए आदेश को पंचायत शिक्षाकर्मियों के साथ छलावा और धोखाधड़ी बताया है। श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर संवेदनशील होकर पंचायत शिक्षाकर्मियों को क्रमोन्नति का लाभ दिलाना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पंचायत संचालक द्वारा जारी पत्र के मुताबिक क्रमोन्न्ति का लाभ केवल नवंबर 2011 से मई 2013 तक उन शिक्षाकर्मियों को ही मिलेगा जिनकी तब तक 10 वर्ष की सेवा पूर्ण हो गई थी और उन्हें पदोन्नति का लाभ भी नहीं मिला था। इससे साफ है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति अप्रैल 2003 के बाद हुई है, वे क्रमोन्नति के पात्र नहीं रह गए है। श्रीवास्तव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में संविलियन और दीगर मुद्दों पर शिक्षाकर्मियों के पक्ष में दम-खम दिखाने और उनकी हर दिक्कतों को दूर कर उनके साथ न्याय की बात करने वाली कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार अब इस मुद्दे पर चुप्पी साधकर बैठ गई है। यह प्रदेश सरकार का शिक्षाकर्मियों के साथ छलावा है, क्योंकि अब क्रमोन्नति, पदोन्नति और संविलियन की शिक्षाकर्मियों की आशा पर तुषारापात हो रहा है और सरकार अपने वादे से मुकर रही है। कांग्रेसी वादा पूरा करने के लिए विधानसभा चुनाव में गंगाजल की कसम खाते थे अब कुछ वादे पूर्ण कर गंगाजल की लाज रख लेते। भाजपा प्रवक्ता श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा शिक्षाकर्मियों के साथ हो रहे इस व्यवहार को प्रदेश सरकार की शिक्षाकर्मियों के साथ धोखाधड़ी मानती है। प्रदेश सरकार को नौकरशाहों के रूखे प्रशासनिक रवैये से मुक्त होकर अपने वादे के मुताबिक शिक्षाकर्मियों को हर तरह का जायज लाभ दिलाने की संवेदनशील पहल आने वादे के मुताबिक करनी चाहिए।

 

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