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17-11-2020
लोकतंत्र में एक असैन्य नेता या नागरिक को सेना की वर्दी पहनने का कोई हक नहीं : विकास उपाध्याय

रायपुर। कांग्रेस विधायक व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने दीपावली पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेना की पोशाक पहनने पर बयान जारी किया है। विधायक उपाध्याय ने कहा है कि सैनिकों के साथ अपना लगाव दिखाने के लिए प्रतीकात्मक कैप या जैकेट पहनने तक तो ठीक है, लेकिन पूरी यूनिफॉर्म? यूनिफॉर्म पर लगने वाले निशान और तमगे कभी भी पीएम, रक्षा मंत्री या यहां तक कि सेनाओं के कमांडर इन चीफ राष्ट्रपति तक के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं। ऐसे में देश के प्रधानमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसा कौन सा कानून आर्म्ड फोर्सेस या पैरा मिलिटरी फोर्सेज की यूनिफॉर्म पहनने की इजाजत देता है, जो वे ऐसा कर अपने भक्तों को खुश करने लगे हैं।


विकास उपाध्याय ने प्रधानमंत्री मोदी के सेना की पोशाक के साथ वायरल तस्वीरों पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने कहा है कि एक लोकतंत्र में क्या एक असैन्य नेता या नागरिक को सेना की वर्दी पहनने का हक है?  इससे यह भी सवाल उठता है कि लोकतंत्र में असैन्य नेतृत्व का याने मोदी का फौज की यूनिफॉर्म पहनना कितना उचित है? इस पर बहस होनी चाहिए। उपाध्याय ने तंज कसा है कि प्रधानमंत्री मोदी को यह नहीं पता कि यूनिफॉर्म हासिल करने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। वे केवल अपने भक्तों को खुश करने और अलग-अलग पोशाकों में मॉडलिंग करने की अपनी बचपन की इच्छाओं को संतुष्ट करने में लगे हुए हैं। उपाध्याय ने कहा कि,ऐसा तो नहीं कि सेना के पोशाक में मोदी पाकिस्तान को गुप्त तरीका से सबक सिखा कर आ गए हों। ऐसा है तो इस सर्जिकल स्ट्राइक को भी सार्वजनिक कर ही देना चाहिए।

 

11-11-2020
बिहार ने दुनिया को पढ़ाया लोकतंत्र को मजबूत करने का पाठ: नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। बिहार और 10 राज्‍यों के उपचुनाव में भाजपा का जबरदस्‍त प्रदर्शन रहा। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर अलग-अलग राज्‍यों को चुनाव में जीत के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि बिहार ने दुनिया को फिर बताया है कि लोकतंत्र को मजबूत कैसे किया जाता है। पीएम ने कहा कि बिहार के हर वर्ग ने एनडीए के मूल मंत्र पर भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, बिहार के गांव-गरीब, किसान-श्रमिक, व्यापारी-दुकानदार, हर वर्ग ने एनडीए के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र पर भरोसा जताया है। मैं बिहार के हर नागरिक को फिर आश्वस्त करता हूं कि हर व्यक्ति, हर क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए हम पूरे समर्पण से निरंतर काम करते रहेंगे।” उन्होंने कहा, ”बिहार ने दुनिया को लोकतंत्र का पहला पाठ पढ़ाया है। आज बिहार ने दुनिया को फिर बताया है कि लोकतंत्र को मजबूत कैसे किया जाता है। रिकॉर्ड संख्या में बिहार के गरीब, वंचित और महिलाओं ने वोट भी किया और आज विकास के लिए अपना निर्णायक फैसला भी सुनाया है।” बिहार में 15 साल बाद भी एनडीए के सुशासन को फिर आशीर्वाद मिलना यह दिखाता है कि बिहार के सपने क्या हैं, बिहार की अपेक्षाएं क्या हैं। बिहार के युवा साथियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नया दशक बिहार का होगा और आत्मनिर्भर बिहार उसका रोडमैप है। बिहार के युवाओं ने अपने सामर्थ्य और एनडीए के संकल्प पर भरोसा किया है। इस युवा ऊर्जा से अब एनडीए को पहले की अपेक्षा और अधिक परिश्रम करने का प्रोत्साहन मिला है। उन्‍होंने कहा कि बिहार की बहनों-बेटियों ने इस बार रिकॉर्ड संख्या में वोटिंग कर दिखा दिया है कि आत्मनिर्भर बिहार में उनकी भूमिका कितनी बड़ी है। हमें संतोष है कि बीते वर्षों में बिहार की मातृशक्ति को नया आत्मविश्वास देने का एनडीए को अवसर मिला। यह आत्मविश्वास बिहार को आगे बढ़ाने में हमें शक्ति देगा।

 

 

04-11-2020
अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा,लोकतंत्र को कुचलना कांग्रेस का असली चेहरा और चरित्र हैं

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर महाराष्ट्र सरकार व कांग्रेस पर हमला बोला हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जहां भी सत्ता में होती हैं या सत्ता में भागीदार होती हैं सबसे पहले पत्रकार और पत्रकारिता पर हमला करवाती हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कांकेर में पत्रकार के साथ मारपीट की घटना हो, कवर्धा की घटना हो या लगातार मीडिया पर प्रेस पर दबाव की बात या फिर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले पत्रकार के तबादले की बात हो या महाराष्ट्र में पत्रकार की गिरफ्तारी हो, अर्णव गोस्वमी की गिरफ्तारी या रिपब्लिक के खिलाफ कार्रवाही कांग्रेस के आपातकाल से कम नहीं है बल्कि अघोषित आपातकाल ही हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि पूरा देश देख रहा है महाराष्ट्र में कांग्रेस की गठबंधन सरकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का गला घोंट रही हैं। छत्तीसगढ़ में भी लोकतंत्र को कुचला जा रहा हैं यही कांग्रेस का असली चेहरा और चरित्र हैं।

29-08-2020
डॉ.चरणदास महंत ने कहा- लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाना और लोकतांत्रिक व्यवस्था की अगुवाई हमारा संकल्प

रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के शिलान्यास के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी परिकल्पना के अनुरूप सर्वसुविधायुक्त आधुनिक तकनीक से लैस भव्य भवन की आधारशिला रखी गई है। यह भवन नहीं, लोकतंत्र का मंदिर है। इस मौके पर हम सभी विधायक संकल्प लेते हैं कि, हम भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अगुवाई करेंगे। इस मौके पर डॉ. महंत ने छत्तीसगढ़ के निर्माण में भागीदारी निभाने वाले पुरखों को नमन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुरखों के आशीर्वाद से हम सब छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में जुटे रहेंगे। डॉ. महंत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि, आप सभी को छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का मौका मिला है।

उन्होंने गरीबों, किसानों, मजदूरों, आदिवासियों,वंचितों की बेहतरी के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि, जनकल्याण के कार्यों के लिए सभी का सहयोग मिल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि, छत्तीसगढ़ बाबा गुरुघासी दास, संत कबीर की धरती है। छत्तीसगढ़ वास्तव में प्रेम की धरती है। हम सब प्रेम और सद्भाव का उदाहरण बनें। कोरोना संकटकाल में मास्क लगाएं परंतु वाणी की मिठास बनाए रखें। सोशल डिस्टेंसिंग रखें, परंतु दिलों के बीच दूरी न आने पाए। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने विधानसभा भवन के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि, विधायकों के लिए भी निकट भविष्य में आवास की व्यवस्था होगी।

 

29-08-2020
नफरत फैलाने वाली ताकतें लोकतंत्र के सामने चुनौती,संविधान भवनों से नहीं भावनाओं से बचेगा : सोनिया गांधी

रायपुर। सांसद सोनिया गांधी,सांसद राहुल गांधी और मोतीलाल वोरा की वर्चुअल उपस्थिति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने शनिवार को नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के निर्माण के लिए बटन दबाकर शिलापट का अनावरण किया। नवा रायपुर के सेक्टर 19 में लगभग 270 करोड़ रुपए की लागत से यह भवन महानदी और इंद्रावती भवन के पीछे 51 एकड़ में बनेगा। मुख्य भवन का निर्माण 52 हजार 497 वर्ग मीटर में किया जाएगा। कार्यक्रम में सांसद सोनिया गांधी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के लिए छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि, संसद और विधानसभा लोकतंत्र के सबसे बड़े स्तंभ और पवित्र मंदिर हैं। यहां संविधान की रक्षा होती है, लेकिन यह याद रखना होगा कि, संविधान भवनों से नहीं भावनाओं से बचेगा। उन्होंने कहा कि, हमारे पुरखों ने आजादी की लड़ाई लड़ी, उनके सपनों को पूरा करने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। सोनिया गांधी ने देश की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि, देश और समाज में नफरत फैलाने वाली ताकतें लोकतंत्र के सामने चुनौती बन गई हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में हैं, लोकतांत्रिक संस्थाएं ध्वस्त हैं। नफरत फैलाने वाली ताकतें चाहती हैं कि, समाज के सभी वर्ग के लोग अपना मुंह बंद रखें। वह देश का मुंह बंद करना चाहती हैं। सोनिया गांधी ने कहा कि,राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डा. राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर ने यह सोचा नहीं होगा कि आजादी के 73 वर्ष बाद ऐसा कठिन समय का सामना लोगों को करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि,आज हम शपथ लें कि हम समाज के अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर फैसले लेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है। उन्होंने इस मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से किसानों, आदिवासियों, गरीबों के हित में किए जा रहे कामों के साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, सुपोषण अभियान, तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि का उल्लेख किया और कहा कि, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समावेशी दृष्टिकोण से सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रहे हैं। सांसद राहुल गांधी ने अपने प्रेषित संदेश में कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार जनता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को बेहतर तरीके से निभा रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सराहना करते हुए कहा कि,छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने इस फैसले से किसानों-गरीबों-मजदूरों के हाथों में पैसा पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ सरकार के जनोन्मुखी कार्य आगे भी जारी रहेंगे। राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा के शिलान्यास के लिए सभी को बधाई दी। सांसद राहुल गांधी के इस संदेश का वाचन संसदीय मंत्री रविंद्र चौबे ने किया।

 

02-08-2020
लोकतंत्र की हत्या पर मौन क्यों हैं तथाकथित लोकतंत्र के सेनानी : धनंजय ठाकुर

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि,मीसा बंदी पेंशन योजना बंद करना, छत्तीसगढ़ के हित और जनहित में लिया गया फैसला है। पूर्व की रमन सरकार ने 2008 में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों को पालने पोषने सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया। बीते 12 साल में सरकारी खजाने पर 100 करोड़ से अधिक की राशि का बंदरबाट किया। 100 करोड़ की राशि छत्तीसगढ़ के किसानों, नौजवानों, मजदूरों, महिलाओं के स्वास्थ, शिक्षा,रोजगार, सुरक्षा पर खर्च की जाती। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को सरकारी खजाने से दूधभात खिलाते रहे। बीते 6 साल से देश में अघोषित आपातकाल लगा है। लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। ऐसे समय में स्वयंभू लोकतंत्र के सेनानी बीते 6 साल से कहां गायब है? मोदी भाजपा की सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। काले धन की थैलियों से खरीदफरोख्त कर निर्वाचित राज्य सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है।

देश के नवरत्न महारत्न  मिनिरत्न सरकारी कंपनियों को बेचा जा रहा है। रेलवे स्टेशन,लाल किला, हवाई अड्डे, विमानन सेवा भेल गेल सहित अनेक सरकारी कम्पनियों संपत्तियों को बेचा जा रहा है। अभिव्यक्ति की आजादी का हनन किया जा रहा है। ऐसे में तथाकथित स्वयम्भू लोकतंत्र के सेनानी क्या मात्र पेंशन लेने के लिए प्रगट होते रहेंगें ? मोदी सरकार के लोकतंत्र विरोधी कृत्यों के खिलाफ आवाज उठाने से ये तथाकथित सेनानी क्यों डर रहे है? मोदी भाजपा के लोकतंत्र विरोधी कृत्यों को सफल बनाने में तथाकथित सेनानी क्यों जुटे हैं?

26-07-2020
स्पीक अप फॉर डेमोक्रेसी में बोली ज्योत्सना महंत, भाजपा सत्ता स्वार्थ के कारण लोकतंत्र को तार तार करने में लगी है

रायपुर। कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने स्पीक अप फॉर डेमोक्रेसी के नाम पर देशव्यापी विरोध में हिस्सा लेते हुए कहा कि, कांग्रेस की निर्वाचित राज्य सरकारों को रुपयों के दम पर भाजपा द्वारा अस्थिर किया जा रहा है। ज्योत्सना महंत ने कहा कि कर्नाटक, मध्यप्रदेश और अब राजस्थान की निर्वाचित राज्य सरकारों को भाजपा द्वारा धन तंत्र के इस्तेमाल और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के अलोकतांत्रिक रवैए को पूरा देश देख रहा है और समझ भी रहा है। 

ज्योत्सना महंत ने कहा कि एक और देश करोना संकट से जूझ रहा है और पूरे देश में संक्रमण की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश के सामने खड़ी आर्थिक चुनौतियों और बाढ़ जैसी समस्याओं से निपटने के बजाय भाजपा का पूरा ध्यान जनप्रतिनिधियों की खरीदी बिक्री कर कांग्रेस की निर्वाचित राज्य सरकारों को अस्थिर करने में है। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों का दुरुपयोग करने में भाजपा ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। राजस्थान में राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री और मंत्री मंडल की सलाह के बाद विधानसभा का सत्र बुलाने से इनकार किया जा रहा है जबकि यह संवैधानिक रूप से आवश्यक और अनिवार्य है। संविधान की रक्षा का अपना दायित्व निभाने के बजाए राजभवन भाजपा के राजनैतिक हितों के साधन के केंद्र बन चुके हैं। ज्योत्सना महंत ने कहा कि भाजपा अपने सत्ता स्वार्थ के चलते भारत के लोकतंत्र को तार तार करने में लगी है, मैं राजस्थान के राज्यपाल से आग्रह करती हूं कि वे अपने पद के कर्तव्यों का निर्वहन करें।

10-07-2020
मुख्यमंत्री की वन मैन शो की प्रवृत्ति और राज्यपाल का अधिकार छीनना लोकतंत्र व संविधान में अनास्था का प्रतीक : डॉ.रमन

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रदेश की राज्यपाल अनुसुईया उईके पर दबाव बनाने की प्रदेश सरकार की कोशिशों को घोर अलोकतांत्रिक, असंसदीय और असंवैधानिक बताते हुए इसकी निंदा की है। रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार में न तो राजनीतिक समझ-बूझ है, न ही प्रशासनिक क्षमता दिख रही है और अब वह राज्यपाल पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश करती है तो एक बार फिर संघीय ढाँचे व संवैधानिक प्रक्रिया का खुला अपमान होगा। रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का अब तक का कार्यकाल देश के संघीय ढाँचे की अवहेलना और प्राय: हर नाजुक मौकों पर संवैधानिक प्रक्रिया को चुनौती देने में ही जाया हुआ है। अपनी सरकार की सारी शक्तियाँ खुद में केंद्रित करके मुख्यमंत्री जिस तरह का वन मैन शो चला और चलाना चाह रहे हैं, वह उनकी लोकतंत्र में गहरी अनास्था का परिचायक तो है ही, अब राज्यपाल के अधिकार छीनने की यह कोशिश उनके घोर असंवैधानिक आचरण का प्रदर्शन है। देश के इस संवैधानिक ढाँचे की एक निश्चित प्रक्रिया है और प्रदेश सरकार राज्यपाल को संविधान प्रदत्त अधिकार छीनने पर आमादा होकर उस संवैधानिक ढाँचे व प्रक्रिया को अवरुद्ध करने का अलोकतांत्रिक व असंसदीय कार्य कर रही है। यह इस प्रदेश सरकार की गलत परम्परा की मिसाल होगा।

 

26-06-2020
देश आज जितना डरा हुआ और विभाजित है, ऐसा कभी नहीं था : रविन्द्र चौबे

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर मंत्री रविन्द्र चौबे ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को आपातकाल पर बयान देने से पहले आईने में सच्चाई देखनी चाहिए। आज देश जिस दौर से गुजर रहा है, उससे बुरी स्थिति में आजादी के बाद से कभी नहीं गुजरा। यह ऐसा समय है जब देश में लोकतंत्र का अपहरण हो चुका है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सबसे बड़े खतरे में है। प्रेस की स्वतंत्रता के इंडेक्स में भारत नीचे लुढ़ककर 142वें स्थान पर पहुंच चुका है और पाकिस्तान से बस दो पायदान ऊपर है। अदालतों की हालत यह है कि सारी अदालतें डरी हुई हैं और पहली बार हुआ है कि न्यायाधीशों को बाहर निकलकर प्रेस के सामने आना पड़ा। एक न्यायाधीश की हत्या हो गई और उसकी जांच तक नहीं हुई।उन्होंने कहा है कि जब देश में प्रधानमंत्री कपड़ों से लोगों की पहचना की बात कर रहे हो तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह का माहौल देश में हैं। दिल्ली के जामिया मिलिया और जेएनयू के छात्रावासों में खुले आम गुंडागर्दी के बाद जिस तरह से लीपापोती की गई वह भी इस डरावने समय को रेखांकित करता है। दिल्ली में जो दंगे हुए उसके पीछे भी भाजपा नेता थे, लेकिन कोरोना के संकटकाल में भी गिरफ़्तारी दूसरों की होती रही, आरोप पत्र में नाम सामाजिक कार्यकतार्ओं के आते रहे।कृषि मंत्री ने कहा है कि बृजमोहन अग्रवाल केंद्र में अपनी सरकार की छवि के बारे में विचार कर लेते तो अच्छा था। जो लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली हुई है। चंद उद्योगपतियों को बढ़ावा देकर अर्जित धन से राज्य दर राज्य विधायकों की खरीद फरोख़्त में लगी नरेंद्र मोदी और अमित शाह की सरकार दरअसल लोकतंत्र की अब तक की सबसे घातक सरकार है। तानाशाही का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि चार घंटे में आप नोटबंदी कर देते हैं और चार घंटों में देश को लॉक डाउन की विभीषिका में धकेल देते हैं। बृजमोहन अग्रवाल को अपनी याददाश्त पर जोर देकर सोचना चाहिए कि उनके मंत्री रहते रमन सिंह की सरकार ने पत्रकारों पर कैसे कैसे अत्याचार किए। उन्हें याद न हो तो एडिटर्स गिल्ड की बस्तर पर रिपोर्ट पढ़ लेनी चाहिए। उन्हें याद करना चाहिए कि कैसे उनके अफसरों ने प्रदेश में डर का एक माहौल बना रखा था, जिसमें हर कोई डरा हुआ था और अधिकारी तक यह कहते थे कि वे फोन पर बात करने से डरते हैं।

 

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