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अमीत जोगी का आरोप ऋण वसूली से परेशान होकर किसान ने आत्महत्या की 

रायपुर। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के नेता और मारवाही विधायक अमीत जोगी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक किसान के आत्महत्या  करने के मामले में प्रेस कान्फ्रेंस आयोजित की। जनता  कांग्रेस के नेता ने आरोप लगाया है कि  किसान सुरेश सिंह मरावी ऋण वसूली के लिये शासकीय दबाव से परेशान होकर खुदकुशी की है। 

अमीत जोगी के मुताबिक 11 मई 2017 को मरवाही क्षेत्र के ग्राम पिपरिया के आदिवासी किसान सुरेश सिंह मराबी पिता स्व. निरंजन सिंह मराबी ने किसान क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 40 हजार रुपए  का ऋण लिया था। जिसका  ब्याज सहित 1 लाख 50 हजार 6 सौ 6 रुपए  एवं खाद बीज के कर्ज को ब्याज सहित पटाने के लिए 28,621/- रुपए सहित कुल 1,79,227/- रुपए के वसूली का नोटिस भेजकर उसे प्रताड़ित किया गया । 

जोगी के मुताबिक मरवाही सूखा प्रभावित क्षेत्र है। सरकार की गाइडलाइन्स है कि सूखा प्रभावित क्षेत्र में किसान धान बेचकर लिंकिंग से ऋण नहीं पटा रहा है तो नोटिस जारी करके उसे ऋण पटाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अमीत जोगी ने बताया कि  नोटिस मिलने के बाद किसान भारी तनाव में आ गया और 07 जून 2018 को किसान  ने  फांसी लगाकर खुदकुशी कल ली।

अमीत जोगी ने किसान के  आत्महत्या करने के अगले दिन इस विषय पर मुख्य सचिव को पत्र लिखने की जानकारी दी ।किसान पर ऋण वसूली के  लिए  दबाव बनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ अमित जोगी ने  कार्रवाई करने की मांग की । इसके अलावा उन्होंने पत्र में  मृतक किसान के आश्रितों को 25 लाख रुपए मुआवजा राशि के अलावा मृतक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने एवं मृतक के चारों लड़कियों की पढ़ाई व शादी की जिम्मेदारी शासन द्वारा उठाने  तथा क्षेत्र के सभी किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की है।  

अमीत जोगी ने सरकार पर आनन फानन में जांच समिति बनाकर किसान पर कोई कर्ज बाकी नहीं होने का झूठी रिपोर्ट बनाने का आरोप लगाया है। अमीत जोगी ने आरोप लगाते हुए  कहा कि किसान ने 07 जून को आत्महत्या किया और दूसरे दिन सरकार ने किसान के खाते में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 1 लाख 79 हजार 5 सौ 47 रुपए  जमा कर दिए, जबकि 24 मार्च 2018 तक किसान के खाते में मात्र 3,643 रुपए था। 

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