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खर्राटों से छुटकारा पाने के  लिए अपनाएं 8 घरेलू टिप्स

नई दिल्ली। कुछ लोगों को नींद के वक्त खर्राटे आने की परेशानी होती है। यह  समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। उम्र के साथ ये समस्या भी बढ़ती जाती है। इससे राहत के लिए लोग दवाइयों का प्रयोग करते हैं। लेकिन इस समस्या से छुटकारा नहीं मिलता है। खर्राट की समस्या सोने का तरीके, खूब शराब पीने से, नाक की खराबी इन कारणों से होती है। आइये जानें कुछ झारे घरेलू उपाय जिनसे आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं।

-धूम्रपान करने वाले लोगों को खर्राटों की समस्या अधिक होती है तो अपने बेहतर स्वास्थ्य और खर्राटों से छुटकारा पाने के लिए धूम्रपान करना छोड़ दें।

-ज्यादा मात्रा में शराब पीने से भी खर्राटे की समस्या होने लगती हैं। ऐसे में जितना हो सके शराब के सेवन से दूर रहें। शराब छोडऩे या कम मात्रा में लेने से भी खर्राटे की समस्या पर कंट्रोल पाया जा सकता है। 

-सोने के तरीके से भी खर्राटे की समस्या पर काबू पाया जा सकता है। रात को सीधा सोने की बजाए आप बाई ओर करवट लेकर भी सोए। इसके साथ ही गर्दन को ऊपर करके सोएं। इस तरीको से आपको खर्राटे आने कुछ ही दिनों में बंद हो जाएंगे। 

-खर्राटे की समस्या को दूर करने के लिए 1 चम्मच हल्दी में 1 चम्मच शहद मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें। रोजाना रात को सोने से पहले इस पानी की पीएं। कुछ दिनों तक लगातर ऐसा करने से इस समस्या से राहत मिलेगी। 

-शहद पीने से भी खर्राटे की समस्या से राहत मिलती है। रात को सोने से पहले 1 चम्मच शहद पिएं। शहद पीने से गले की नसों को आराम मिलता है। इससे खर्राटे की समस्या दूर होती है। 

-रात को सोने से पहले पुदीने के तेल की कुछ बूंदें मुंह में डालकर गरारे करें। ऐसा करने से नाक के छिद्रों की सूजन कम होगी और सांस अच्छे से आने लगेगी। आप चाहें तो पुदीने के तेल को नाक में भी डाल सकते हैं। 

-लहसुन की 2-4 कलियां लें। फिर इनको सरसों का तेल में डालकर गर्म करें।  फिर रोजाना रात को  सोने से पहले इस तेल से छाती की मालिश करें। 

-जरूरत से ज्यादा वजन होने के कारण भी खर्राटों की समस्या होने लगती है। ऐसे में अपना वजन कम करने की कोशिश करें। शरीर का वजन सही होने पर खर्राटों की समस्या दूर होगी।


 

बारिश के मौसम में कपड़ों की बदबू से छुटकारा पाने के उपाय

नई दिल्ली। बारिश के मौसम में घर पर, बाहर नमी आ जाती है। इससे कपड़ों पर सफेद दाग और बदबू की समस्या उत्पन्न होने लगती है। जिससे आप कपड़ों को पहनना नहीं चाहते या उनसे परेशान रहते हैं। आपके लिए लाएं हैं कुछ उपाय जिनसे इन कपड़ों की समस्या को दूर किया जा सकता है। 

-खाने में इस्तेमाल होना वाला बेकिंग सोडा कपड़ों की बदबू को भी हटाता है। इसके लिए आप कपड़े धोते समय उसमें थोड़ा-सा बेकिंग सोडा डाल दें। इससे कपड़ों से बदबू नहीं आएगी।

-महंगे और कीमती कपड़ों को अलमारी में रखने से पहले वैक्स पेपर या प्लास्टिक पेपर में लपेट कर रख दें। इससे कपड़े अलमारी के संपर्क में नहीं आएंगे और खराब होने से बच जाएंगे।

-कपड़ों की बदबू को दूर करने के लिए आप अलमारी में नेप्थ्लीन की गोलियां भी रख सकती हैं। इसका इस्तेमाल कपड़ों में आने वाली बदबू को दूर रखता है।

- आप कपड़ों को प्लास्टिक बैग की बजाएं अखबार में लपेट कर भी रख सकते हैं। इसके अलावा हफ्ते में एक बार कपड़ों को धूप में जरूर सुखाएं।

-अलमारी में कपड़े रखने से पहले उसे साफ कपड़े से अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद कपूर के पानी से अलमारी को साफ करें और सूखने के लिए छोड़ दें। अलमारी सूखने के बाद उसमें कपड़े रख दें। इससे कपड़ों में से सीलन की बदबू नहीं आएगी।

-हफ्ते में एक बार अलमारी को जरूर साफ करें। इससे हवा अलमारी के अंदर जाएगी और सीलन की समस्या नहीं होगी।
 

ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए 5 घरेलू उपाय

नई दिल्ली। ब्रेस्ट कैंसर की समस्या आजकल बढ़ती जा रही है। इसकी सबसे बढ़ी वजह हमारी बदलती लाइफ स्टाइल है। ये समस्या कम उम्र की लड़कियों में भी दिखाई दे रही है। कुछ घरेलू उपायों से भी इस जानलेवा बीमारी से निजात पाया जा सकता है। आइए जानतें हैं ऐसे ही कुछ उपाय व इनके लक्षण।
 

लक्षण:
स्तन कैंसर में कभी-कभी असहनीय दर्द होता है और कभी-कभी तो बिल्कुल दर्द नहीं होता हेै। कभी-कभी स्पर्श करने से ही दर्द होता है। स्तन फूला हुआ , गरम गोल अथवा चपटा, कड़ा और दर्दयुक्त होता है। इससे तेज बेचैनी और सुस्ती रहती है।
 

कारण:
मछली, बासी खाना, ज्यादा मांस,अंडे खाना और बीड़ी-सिगरेट पीने के कारण यह समस्या होती है। टेड़ी बेड पर सोने से भी स्तन कैंसर हो जाता है। दुग्ध वाहिनी में अवरोध हो जाने व चोट लगने से भी इस रोग के होने की संभावना बनी रहती है।
 

स्तन कैंसर की समस्या से निजात पाने के 5 आसान घरेलू उपाय
-नमक, सोंठ, शमी, मूली, सरसों और सहिजन के बीज समान मात्रा में लेकर खट्टे छाछ में पीसकर स्तनों पर लेप करें। एक घंटे के बाद नमक की पोटली से 10-15 मिनट तक सेकाई करें।
-पोई के पत्तों को पीसकर पिण्ड बनाकर लेप करने तथा पत्तों द्वारा अच्छी तरह ढककर पट्टी बांधने से शुरुआती अवस्था का स्तन कैंसर अच्छा हो जाता है।
-एक ग्लास पानी में हर्बल ग्रीन टी को आधा होने तक उबालें और फिर पीएं।
-प्रतिदिन अंगूर या अनार का जूस पीने से कैंसर से बचाव होता है।
- प्रतिदिन लहसुन का सेवन करने से स्तन कैंसर की संभावनाओं को रोका जा सकता है। लहसुन स्तन कैंसर के अलावा अन्य बहुत सी बिमारियों में भी लाभकारी होता है।


  

स्कूल संचालकों की मनमानी को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
 मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

जगदलुपर। बस्तर जिले में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अवकाश लेकर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने केंद्र में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों के पदनाम अनुरूप पुनरीक्षित वेतनमान एवं अन्य अनुसांगिक भत्तों की मांग दोहराई। छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में आज स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहें हैं।इसी क्रम में बस्तर जिले में भी हाता मैदान मे स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने वेतन विसंगति को स्वास्थ्य कर्मियों की प्रमुख समस्या बताया। उन्होंने ने मांगे पूरी नहीं होने की स्थिति में आगामी 29 जनवरी से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने की बात कही। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष डीके पराशर ने प्रदर्शन में उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी देते बताया कि संघ द्वारा सन 2006 से कई ज्ञापन और धरना प्रदर्शन के माध्यम से वेतन विसंगति दूर करने की मांग से सरकार को लगातार अवगत किया जाता रहा है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं,संचालक चिकित्सा शिक्षा,संचालक आयुष के द्वारा भी विसंगति दूर कर केंद्र सरकार के समान पद अनुरूप वेतनमान लागू करने का प्रस्ताव चार बार राज्य सरकार को भिजवाया जा चुका है। फिर भी सामान्य प्रशासन व वित्त विभाग द्वारा कर्मचारी हित में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पराशर द्वारा चार स्तरीय पदोन्नत उच्च वेतनमान सहित सभी पांच मांगों से अवगत करवाया। प्रदर्शन में महारानी अस्पताल जगदलपुर, मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सिविल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,प्राथमिक चिकित्सालय,उप स्वास्थ्य केंद्रों के स्टॉफ नर्स,मेडिकल,लैब टेक्नोलॉजिस्ट, रेडियोग्राफर,नेत्र सहायक, अधिकारी, सुपरवाइजर, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक,वार्ड ब्वाय,आया, फार्मासिस्ट, फीमेल ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, लिपिक,अकॉउंटेन्ट, कम्प्यूटर आॅपरेटर,वाहन चालक,चौकीदार, ड्रेसर और पंप आॅपरेटर सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

नींबू दिला सकता है,घुटने के दर्द से निजात

नई दिल्ली। आज के समय में जोड़ो का दर्द एक आम समस्या बन चूकी है। यदि किसी भी व्यक्ति को घुटने के दर्द की समस्या है तो उसके लिए नीबू एक रामबाण है। जो कि दर्द से आपको काफी हद तक राहत दिलाएंगा।

जानकारों का मानना है कि नीबू में मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम विटामिन A, C, B1 और B6 पाया जाता है। जिससे आपको घुटने के दर्द में राहत मिलेगा। इसके लिए सबसे पहले आप नीबू के रस को निकाल लें,उसके बाद नीबू के छिलके को घुटने पर करीब 10 मिनट तक लगांए। इससे आपको दर्द से राहत मिलेंगा।

प्लास्टिक नहीं लकड़ी की कंघी का करें इस्तेमाल, होगा जबरदस्त फायदा

मुबंई। अगर आप भी तनाव और झड़ते बालों से परेशान हैं तो घर में मौजूद अपनी प्लास्टिक की कंघी को बदलकर लकड़ी की कंघी ले आएं। ऐसा करने से न सिर्फ आपके बाल पहले से ज्यादा अच्छे हो जाएंगे बल्कि तनाव भी झट से दूर होगा। 
लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने से स्कैल्प का ब्लड सर्कुलेशन ढंग से होने लगता है। ठीक उसी तरह जैसे मसाज कराने के बाद व्यक्ति तनाव रहित फील करता है।बालों में मौजूद अतिरिक्त सीबम की वजह से बाल अक्सर चिपचिपे हो जाते हैं, लेकिन लकड़ी की बनी कंघी का इस्तेमाल करने से बालों का अतिरिक्त तेल लकड़ी की कंघी सोख लेती है। प्लास्टिक की कंघी का इस्तेमाल पर अक्सर बालों में स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी पैदा होती है। जिसकी वजह से बाल चार्ज हो जाते हैं और बिखरे-बिखरे लगते हैं। लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने से आप इस समस्या से बच सकते हैं।रूखे बाल अक्सर जल्दी टूटते हैं। लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने से बालों में फ्रिक्शन कम होता है। जिसकी वजह से बाल कम टूटते हैं।
 

राशन के लिए भी भटक रहे लोग, कभी कलेक्टरेट तो कभी राशन दुकान

रायपुर। वार्ड नंबर-45 के लोग पहले से ही बहुत परेशान है। अभी पानी की समस्या का हल निकला नहीं कि एक और समस्या वार्डवासियों के सामने कड़ी हो गई। वार्डवासियों का कहना है कि लगभग 8 से 10 महीने से लोग राशन के लिए परेशान है। उनको राशन बाहर  से खरीदना  पड़ता है। लोगों का कहना है की जब वो राशन लेने जब दुकान पर जाते  वाला बोलता है कलेक्ट्रेट जाकर अपना नाम लिस्ट में लिखवाकर आओ। जब वार्ड के लोग कलेक्टोरेट जाते है तो वहां अधिकारी बोलते  है कि पहले से ही लिस्ट में है। ये सिलसिला लगभग 8 से 10 महीने से चल  रहा है।

वार्ड नंबर-45 के लोग पानी, नाली की सफाई न होना, बस्ती में गंदगी  और अब राशन जैसे कई समस्याओं से जूझ रहे है।

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