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स्कूल संचालकों की मनमानी को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
 मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

जगदलुपर। बस्तर जिले में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अवकाश लेकर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने केंद्र में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों के पदनाम अनुरूप पुनरीक्षित वेतनमान एवं अन्य अनुसांगिक भत्तों की मांग दोहराई। छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में आज स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहें हैं।इसी क्रम में बस्तर जिले में भी हाता मैदान मे स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने वेतन विसंगति को स्वास्थ्य कर्मियों की प्रमुख समस्या बताया। उन्होंने ने मांगे पूरी नहीं होने की स्थिति में आगामी 29 जनवरी से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने की बात कही। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष डीके पराशर ने प्रदर्शन में उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी देते बताया कि संघ द्वारा सन 2006 से कई ज्ञापन और धरना प्रदर्शन के माध्यम से वेतन विसंगति दूर करने की मांग से सरकार को लगातार अवगत किया जाता रहा है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं,संचालक चिकित्सा शिक्षा,संचालक आयुष के द्वारा भी विसंगति दूर कर केंद्र सरकार के समान पद अनुरूप वेतनमान लागू करने का प्रस्ताव चार बार राज्य सरकार को भिजवाया जा चुका है। फिर भी सामान्य प्रशासन व वित्त विभाग द्वारा कर्मचारी हित में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पराशर द्वारा चार स्तरीय पदोन्नत उच्च वेतनमान सहित सभी पांच मांगों से अवगत करवाया। प्रदर्शन में महारानी अस्पताल जगदलपुर, मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सिविल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,प्राथमिक चिकित्सालय,उप स्वास्थ्य केंद्रों के स्टॉफ नर्स,मेडिकल,लैब टेक्नोलॉजिस्ट, रेडियोग्राफर,नेत्र सहायक, अधिकारी, सुपरवाइजर, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक,वार्ड ब्वाय,आया, फार्मासिस्ट, फीमेल ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, लिपिक,अकॉउंटेन्ट, कम्प्यूटर आॅपरेटर,वाहन चालक,चौकीदार, ड्रेसर और पंप आॅपरेटर सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

नींबू दिला सकता है,घुटने के दर्द से निजात

नई दिल्ली। आज के समय में जोड़ो का दर्द एक आम समस्या बन चूकी है। यदि किसी भी व्यक्ति को घुटने के दर्द की समस्या है तो उसके लिए नीबू एक रामबाण है। जो कि दर्द से आपको काफी हद तक राहत दिलाएंगा।

जानकारों का मानना है कि नीबू में मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम विटामिन A, C, B1 और B6 पाया जाता है। जिससे आपको घुटने के दर्द में राहत मिलेगा। इसके लिए सबसे पहले आप नीबू के रस को निकाल लें,उसके बाद नीबू के छिलके को घुटने पर करीब 10 मिनट तक लगांए। इससे आपको दर्द से राहत मिलेंगा।

प्लास्टिक नहीं लकड़ी की कंघी का करें इस्तेमाल, होगा जबरदस्त फायदा

मुबंई। अगर आप भी तनाव और झड़ते बालों से परेशान हैं तो घर में मौजूद अपनी प्लास्टिक की कंघी को बदलकर लकड़ी की कंघी ले आएं। ऐसा करने से न सिर्फ आपके बाल पहले से ज्यादा अच्छे हो जाएंगे बल्कि तनाव भी झट से दूर होगा। 
लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने से स्कैल्प का ब्लड सर्कुलेशन ढंग से होने लगता है। ठीक उसी तरह जैसे मसाज कराने के बाद व्यक्ति तनाव रहित फील करता है।बालों में मौजूद अतिरिक्त सीबम की वजह से बाल अक्सर चिपचिपे हो जाते हैं, लेकिन लकड़ी की बनी कंघी का इस्तेमाल करने से बालों का अतिरिक्त तेल लकड़ी की कंघी सोख लेती है। प्लास्टिक की कंघी का इस्तेमाल पर अक्सर बालों में स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी पैदा होती है। जिसकी वजह से बाल चार्ज हो जाते हैं और बिखरे-बिखरे लगते हैं। लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने से आप इस समस्या से बच सकते हैं।रूखे बाल अक्सर जल्दी टूटते हैं। लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने से बालों में फ्रिक्शन कम होता है। जिसकी वजह से बाल कम टूटते हैं।
 

राशन के लिए भी भटक रहे लोग, कभी कलेक्टरेट तो कभी राशन दुकान

रायपुर। वार्ड नंबर-45 के लोग पहले से ही बहुत परेशान है। अभी पानी की समस्या का हल निकला नहीं कि एक और समस्या वार्डवासियों के सामने कड़ी हो गई। वार्डवासियों का कहना है कि लगभग 8 से 10 महीने से लोग राशन के लिए परेशान है। उनको राशन बाहर  से खरीदना  पड़ता है। लोगों का कहना है की जब वो राशन लेने जब दुकान पर जाते  वाला बोलता है कलेक्ट्रेट जाकर अपना नाम लिस्ट में लिखवाकर आओ। जब वार्ड के लोग कलेक्टोरेट जाते है तो वहां अधिकारी बोलते  है कि पहले से ही लिस्ट में है। ये सिलसिला लगभग 8 से 10 महीने से चल  रहा है।

वार्ड नंबर-45 के लोग पानी, नाली की सफाई न होना, बस्ती में गंदगी  और अब राशन जैसे कई समस्याओं से जूझ रहे है।

09-09-2017
पुनिया ने ली विधायकों की बैठक, भूपेश पाटन में देते रहे प्रशिक्षण

रायपुर। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के छग दौरे का शनिवार को तीसरा दिन था। तीसरे दिन पुनिया ने कांग्रेस विधायकों के साथ मीटिंग कर उनसे क्षेत्र के बारे में समस्या की जानकारी ले रहे थे लेकिन इस दौरान पीसीसी अध्यक्ष भूपेश नजर नहीं आए। ऐसा क्यों हुआ इस बारे में कांग्रेस के पदाधिकारियों में दिनभर चर्चा होती रही। कांग्रेस की तरफ से बताया जा रहा है कि भूपेश बघेल पाटन में चल रहे युवक कांग्रेसियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यस्त हैं। इसी वजह से वे बैठक में शामिल नहीं हुए। हालांकि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव कमान संभाले हुए थे। बैठक में आए विधायकों में कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा नजर मनोज मंडावी, रेणू जोगी और रामदयाल उइके पर थी। बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए रेणू जोगी ने कहा कि मिशन 2018 का उद्देश्य भाजपा को हराना है तो भानूप्रतापपुर के विधायक मनोज मंडावी का कहना है कि अगर रामदयाल उइके ने आदिवासी सीएम की मांद की है तो कोई गलत नहीं है वे इसका समर्थन कर रहे हैं। इधर रामदयाल उइके का कहना है कि प्रदेश में आदिवासी सीएम की मांग उन्होंने कभी नहीं की। टीएस सिंहदेव ने बैठक के बाद चर्चा करते हुए कहा कि आज जो विधायक दल की बैठक हुई है, उसमें विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखी है। फिर प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगे कैसे बढ़ाया जाएगा इस बारे में भी चर्चा की गई। किसानों को साथ लेकर रैली करने की रणनीति भी बनाई गई। 

Watch Video: सरकार ने पुराने स्टॉक पर लगा दी जीएसटी, व्यापारी संकट में   

रायपुर। सरकार ने पुराने स्टॉक के सामान पर भी जीएसटी लगा दी है, ऐसे में व्यापारियों को परेशानी हो रही है और स्टॉक जल्द खत्म करना पड़ रहा है। वहीं जीएसटी में एक साथ 18 फीसदी का टैक्स बढ़ा दिया है, इस वजह से व्यापार ठप हो गया है। 

glibs.in ने जीएसटी को लेकर व्यापारियों की राय ले रही है। इसी कड़ी में glibs.in की टीम जीवन बीमा मार्ग पंडरी के व्यापारियों से चर्चा की। इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि सरकार की जीएसटी से लोगों को परेशानी तो हो रही है, लेकिन बहुत जल्द इसका फायदा होगा। क्योंकि जो लोग टैक्स चोरी करते थे और कच्चा माल बेचते थे उनके लिए जीएसटी नुकसान है। जो पक्का मॉल बेचते हैं बिल के साथ उनके लिए किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। सरकार जीएसटी के बजाय वैट टैक्स बढ़ा देते तो लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती, क्योंकि पहले ही वैट टैक्स व्यापारी सरकार को दे रहे थे। चार-छह महीने तक लोगों को जीएसटी से परेशान होना पड़ेगा। व्यापारियों को समझ आने के बाद किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। जीएसटी से व्यापार तो ठप हो गया है, लेकिन चोरी करने वालों को सरकार ने रोक लगा दी है। जो सरकार को बिना टैक्स दिए माल खरीद या बेच रहे थे उनके लिए बड़ी परेशानी हो गई है। 

कच्चा माल का कारोबार ठप 

सरकार को टैक्स नहीं देने वाले व्यापारियों का कारोबार ठप हो गया है। जो पक्के में व्यापार कर रहे हैं केवल उनके लिए जीएसटी से फायदा हो रहा है। 

जीएसटी नहीं समझ आ रहा 

एकाउंटेंट से लेकर सीए तक को जीएसटी समझ नहीं आ रहा है। जीएसटी को समझने के लिए थोड़ा समय लगेगा कि कितना टैक्स सरकार को आॅन लाइन कैसे देना है, इसी वजह से परेशानी होने लगी है। 

पुराने स्टॉक में भी जीएसटी 

जो व्यापारी अपने गोदाम में सामान भरकर रखें है तो उन्हें जीएसटी का असर ज्यादा लग रहा है। क्योंकि सरकार ने पुराने सामान पर भी जीएसटी लगा दिया है। व्यापारियों को सरकार ने कहीं का नहीं छोड़ा । नए सामान में तो लगा है साथ ही पुराने सामान में भी जीएसटी का असर दिख रहा है। 

आॅनलाइन जीएसटी जमा करने से व्यापारियों को परेशानी - चिमनलाल अग्रवाल

जीवन बीमा मार्ग व्यापारी संघ के महासचिव चिमनलाला अग्रवाल का कहना है कि व्यापारी अनपढ़ होते हैं व्यापारी और सरकार उन्हें जीएसटी आॅन लाइन जमा करने को कह रहे हैं। इस वजह से परेशानी हो रही है। वहीं खाता में पैसा होने के बाद भी तीन महीने से जीएसटी नहीं काटा जा रहा है। लेट होने पर रोजना 100 रुपए फाइन लिया जाएगा जिसका खामियाजा व्यापारियों को भुगतना होगा। 

नाली पानी की समस्या

व्यापारियों को ज्यादा परेशानी नाली-पानी की होती है नगर निगम द्वारा पंडरी के मार्केट पाइप लाइन नहीं होने से पानी के लिए परेशानी होती है। बोर का पानी पीना होता है, वहीं नालियों की रोजना सफाई नहीं किया जा रहा है जबकि सबसे बड़ी समस्या गंदगी का है। 

कर्मचारी भेजकर करवाते हैं सफाई - आरके डोंगरे 

नगर निगम जोन -2 के आयुक्त आरके डोंगरे का कहना है कि रोजना कर्मचारी भेजकर सफाई करवाते हैं।  लोगों को भी सफाई के प्रति जागरुक किया जा रहा है। स्वच्छ भारत का अभियान भी चला रहा है।

अब बिना ओइलिंग के बालों को बनाये घाना और मजबूत

लम्बे काले और मुलायम केश स्त्रियों की सुन्दरता का प्रतीक हैं लेकिन आज की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में किसी के ड्राई हेयर हैं तो किसी के रफ़ हर किसी की अपनी अलग समस्या है। हर कोई चाहता है की वो सुंदर दिखे और सबको अपनी ओर आकर्षित करे इसलिए अक्सर बालो को स्वस्थ और मजबूत बनाने के  लिए तेल लगाने की सलाह दी जाती है।  लेकिन बिना तेल के भी बालो को मज़बूत रखा जा सकता है। आइये हम आपको बताते हैं बिना तेल के बालो को घना मज़बूत बनाये रखने के कुछ घरेलु टिप्स -

1) बालों की खूबसूरती से साथ मजबूती भी बढ़ाने के लिए अंडा लगाएं। अंडे में थोड़ा दूध मिलाकर गाढ़ा होने तक फेंटें। इस मिश्रण को बालों में एक घंटे तक लगाएं और फिर धोलें। इससे बाल न घने होने के साथ चमकदार भी होंगे। 

2) अगर बाल दो मुंहे है। तो दो चम्मच ग्लिसरीन, एलोवेरा जेल और अंडे का पीला हिस्सा लें। इन सभी को अच्छी तरह मिलाने के बाद बालों पर लगाएं। आधे घंटे बाद बाल धो लें। 

3) बालों को पोषण देने के लिए रेगुलर दही लगाएं। आधे घंटे बाद शैंपू कर लें। 

4) केले को अच्छी तरह से मैश करके उसमें दो चम्मच नीबू का रस मिलाएं। बालों पर 20 मिनट तक लगाएं और फिर बाल धोलें। 

5) अगर आपके बाल ऑइली हैं और डैंड्रफ भी है तो थोड़ा-सा पका पपीता लेकर मैश करें। उसमें बेसन और एपल विनिगर मिलाएं। इस पेस्ट को आधे घंटे के लिए बालों पर लगाएं और उसके बाद शैंपू कर लें।

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