GLIBS
13-12-2020
किसान आंदोलन के समर्थन में पंजाब के डीआईजी ने दिया इस्तीफा, कहा-किसान का बेटा हूं, उनके लिए लड़ूंगा

नई दिल्ली। किसानों के आंदोलन के समर्थन में पंजाब के डीआईजी लखमिंदर सिंह जाखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि, “मैं पहले एक किसान हूं और पुलिस अफसर बाद में। आज मेरा जो भी पद है वह इसलिए है क्योंकि मेरे पिता ने एक किसान के तौर पर खेतों में काम किया और मुझे पढ़ाया-लिखाया। इसलिए मेरा सबकुछ किसानी का दिया है। उन्होंने कहा कि किसान का बेटा हूं और उनके लिए लडूंगा। गौरतलब है कि हरियाणा, पंजाब और दूसरे राज्यों के हजारों किसान कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन को बड़ी संख्या में लोगों को समर्थन मिल रहा है। इससे पहले अकाली दल के नेता एवं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कानूनों के विरोध में अपना पद्म विभूषण पुरस्कार वापस कर किया। वहीं शिरोमणि अकली दल (लोकतांत्रिक) नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने भी किसानों के समर्थन में अपना पद्म विभूषण पुरस्कार वापस करने की घोषणा की है।

 

 

09-12-2020
किसानों की हत्यारी हो चली संवेदनहीन और अन्यायी प्रदेश सरकार तुरंत इस्तीफा दे: भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने राजनांदगाँव जिले के घुमका धान खरीदी केंद्र में हुई किसान की मौत को लेकर एक बार फिर प्रदेश सरकार को ललकारा है और कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार अब पूरी तरह एक बड़ी राजनीतिक आपदा बनकर किसानों के जीवन में कहर बरपाने पर उतारू हो गई है। साय ने प्रदेश सरकार को किसानों की हत्यारी सरकार बताते हुए कहा कि इस संवेदनहीन और अन्यायी सरकार को तुरंत सत्ता से अलग हो जाना चाहिए। प्रदेश में तुगलकशाही और घूसखोरी के चलते हताश और निराश किसानों, बेरोजगार युवकों और गरीब-मजदूरों को आत्महत्या के लिए विवश होना पड़ रहा है और अब राजनांदगाँव के घुमका खरीदी केंद्र में तो सरकार और उसके भ्रष्ट तंत्र ने एक किसान को मौत के घाट ही उतार दिया।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि धान खरीदी के नाम पर प्रदेश सरकार के दावों का जमीनी सच यही है कि प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष धान बेचने वाले किसानों को खून के आँसू रुलाए थे, लेकिन इस वर्ष तो वह किसानों की जान की दुश्मन बनकर उन्हें या तो खुदकुशी के लिए मजबूर कर रही है या फिर उसका भ्रष्ट तंत्र किसानों को मौत के मुँह में धकेल रहा है। साय ने पूछा कि धान खरीदी केंद्रों में पुख्ता इंतजाम का शोर मचा रहे प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री, उनके मंत्री और कांग्रेस के नेता बताएं कि क्या धान तौलने के लिए घूस मांगने के पुख्ता इंतजाम इन खरीदी केंद्रों में किए गए हैं, जहां किसानों को इतना प्रताड़ित किया जा रहा है कि बिना पैसे लिए किसानों के धान की तौलाई और खरीदी नहीं हो रही है और किसान सदमे से अकाल काल के गाल में जा रहा है।

साय ने कहा कि घुमका खरीदी केंद्र में पहुँचे गिधवा निवासी किसान करण वल्द टिभन साहू (55) के जिन 23 कट्टा धान को खराब बताकर खरीदने व तौलने से इंकार किया गया था, किसान की मौत के बाद उसे निर्धारित मापदंडों में सही पाया गया है तो अब प्रदेश सरकार किसान की इस मौत की जिम्मेदारी खुद लेकर प्रदेश के किसानों से बिना शर्त माफी मांगते हुए न केवल इस मामले की जाँच कराने और दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें कड़ी सजा दिलाने के पुख्ता इंतजाम करे, बल्कि अपने निकम्मेपन और किसानों की जान से खिलवाड़ करने के लिए तुरंत सत्ता छोड़े।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रलाप करते हुए भाजपा नेताओं को दोगला बताने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले अपने राजनीतिक चरित्र पर नजर डालें क्योंकि गिरदावरी का आदेश उन्होंने ही दिया था और अब अपनी चमड़ी बचाने के लिए वे इसे वापस लेने की घोषणा करके असली दोगलापन तो खुद वे ही प्रदर्शित कर रहे हैं। वनाधिकार पट्टाशुदा आदिवासी किसानों का धान खरीदने का ढोल पीटकर अब इन आदिवासी किसानों को धान खरीदने से मना कर उन्हें बैेरंग लौटाया जाना इस सरकार का दोगलापन है। साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल एक बार फिर प्रदेश के किसानों को भ्रमित करने मं लगे हैं। अब प्रदेश में किसानों की आत्महत्या और मौत का कलंक धोने की गरज में प्रदेश सरकार अपनी मासूमियत का शर्मनाक प्रदर्शन कर रही है, लेकिन प्रदेश की जनता और किसान अब मुख्यमंत्री के इन झाँसों में नहीं आने वाले हैं। साय ने कहा कि बेरोजगार युवकों, किसानों और आर्थिक तंगहाली से संत्रस्त गरीब-मजदूरों ने आत्महत्या की तो प्रदेश सरकार उन्हें अपनी प्रशासनिक मशीनरी को झोंककर पागल, नशेड़ी, अवसादग्रस्त बताती रही, पर अब मुख्यमंत्री बताएँ कि घुमका खरीदी केंद्र में हुई किसान की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है? कांग्रेस के बड़बोले छुटभैये नेताओं से बनी निगरानी समितियाँ क्या इसी घूस के पैसों में अपनी हिस्सेदारी के लिए खरीदी केंद्रों में जब-तब मंडराती नजर आती हैं? जिनको कृषि कानूनों का क-ख-ग पता नहीं है, वे कृषि कानूनों पर झूठ और नफरत की सियासत कर केंद्र सरकार को नसीहतें देने का दुस्साहस कर रहे हैं लेकिन अपने राज्य में किसानों की दशा को लेकर उनकी संवेदना को काठ मार जाता है।

 

27-11-2020
ममता बनर्जी को लगा झटका,शुभेंदु अधिकारी ने परिवहन मंत्री पद से दिया इस्तीफा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ममता सरकार को बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खास माने जाने वाले तृणमूल कांग्रेस के ताकतवर नेता शुभेंदु अधिकारी ने परिवहन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे टीएमसी से उनकी बगावत की अटकलों को मजबूती मिली है। इससे एक दिन पहले ही उन्होंने हुगली रिवर ब्रिज कमीशन चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि अभी तक उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है।शुभेंदु ने ऐसे समय पर  हुगली रिवर ब्रिज कमीशन चेयरमैन पद और मंत्री पद से इस्तीफा दिया है, जब उनके पाला बदलने को लेकर अटकलें लग रही हैं। ममता बनर्जी के सबसे करीबी माने जाने वाले दिग्गज टीएमसी नेता शुभेंदु अधिकारी करीब 30 से 40 सीटों पर अच्छा प्रभाव रखते हैं। राजनीतिक गलियारों में पिछले कई दिनों से चर्चा थी कि पूर्वी मिदनापुर जिले से आने वाले शुभेंदु अधिकारी टीएमसी से नाराज चल रहे हैं और ऐसे में वह पार्टी का साथ छोड़कर भाजपा में भी शामिल हो सकते हैं। फिलहालए शुभेंदु ने अपना सियासी पत्ता नहीं खोला है मगर उन्होंने लगातार दो पदों से इस्तीफा देकर संकेत दे दिया है कि वह अब टीएमसी में टिकने वाले नहीं हैं।

दो बार सांसद रह चुके शुभेंदु अधिकारी का परिवार राजनीतिक तौर पर काफी मजबूत है। पूर्वी मिदनापुर को कभी वामपंथ का गढ़ माना जाता था मगर शुभेंदु ने अपनी रणनीतिक कौशल से बीते कुछ समय में इसे टीएमसी का किला बना दिया है। अगर वह टीएमसी से बाहर होते हैं तो ममता बनर्जी को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। यही वजह है कि पार्टी उन्हें मनाने में जुटी है। शुभेंदु अधिकारी के भाई दिब्येंदु तमलुक से लोकसभा सदस्य हैं,  जबकि तीन भाई.बहनों में सबसे छोटे सौमेंदु कांथी नगर पालिका के अध्यक्ष हैं। उनके पिता सिसिर अधिकारी टीएमसी के सबसे वरिष्ठ लोकसभा सदस्य हैं, जो कांथी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

22-11-2020
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री सच्चे झूठे का स्पष्टीकरण दें और झूठ बोल कर जनता को धोखा देने वाले दें इस्तीफा: विष्णुदेव

रायपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सावधान रहने कहा हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल से पूछा कि एक तरफ आप बेरोजगारी के आंकड़े पेश करते हैं, अपनी पीठ स्वयं थपथपाते हैं वहीं आपके सरकार में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू बेरोजगारी बढ़ने का हवाला देते हुए प्रदेश में अपराध बढ़ने की बात कहते हैं। बेरोजगारी पर आंकड़े जारी कर मुख्यमंत्री अपनी पीठ थपथपाते हैं और गृहमंत्री बेरोजगारी को अपराध बढ़ने का कारण बताते हैं, यह कैसा विरोधाभास, कौन सच्चा, कौन झूठा? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को आपस में तय कर प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि कौन सच कह रहा हैं और कौन झूठ बोल रहा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के दो महत्वपूर्ण व्यक्तियों के बयान में इतना बड़ा विरोधाभास जनता के बीच अविश्वास को जन्म देता हैं यह पूर्ण बहुमत और 70 विधायकों का दम्भ भरने वाली काँग्रेस सरकार के लिए आत्म चिंतन का विषय हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया कि प्रदेश की जनता जानना चाहती हैं आप दोनों में कौन सच्चा हैं और कौन झूठ आपको सामने आकर बताना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे विधायकों से लेकर मंत्रियों तक और मुख्यमंत्री के बीच इस प्रकार के विरोधाभास का यह कोई पहला मामला नहीं हैं। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच की तल्खियां जनता के सामने आ चुकी हैं। कुछ दिन पूर्व बिलासपुर के विधायक शैलेश पांडेय ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की मौजूदगी में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए रेट लिस्ट जारी करने की बात करते हुए विरोध प्रकट किया था। उन्होंने सरकार में बैठे महत्वपूर्ण जिम्मेदारों के बीच विरोधाभास के सामने आने को प्रदेश की जनता के हित के विरुद्ध बताते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जनता को स्पष्टीकरण देने कहा हैं।विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार को आपसी विरोधाभास वाली सरकार की संज्ञा देते हुए कहा कि आपस में ही एक दूसरे के विरोध से घिरी प्रदेश सरकार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दबाव और विरोध की ज्वालामुखी से घिर चुके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराध पर नियंत्रण कर पाने में पूर्ण रूप से विफल हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि आपसी विरोधाभास के बोझ से दबी प्रदेश सरकार को समझ नहीं आ रहा हैं कि अपनी नाकामी छुपाने कब कोरोना का बहाना बनाना हैं और कब नहीं। बीते 23 महीनों से लगातार कानून व्यवस्था बिगड़ रही हैं। हत्या, लूट, अपहरण,फिरौती,शराब तस्करी,ड्रग्स के बढ़ते मामले,चोरी, छेड़छाड़,बलात्कार और सामूहिक बलात्कार जैसी घटना लगातार बढ़ रही हैं। छत्तीसगढ़ को इस विरोधाभास से घिरी सरकार ने अपराध का गढ़ बना दिया हैं।विष्णुदेव साय ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराध और रोजगार के नाम पर झूठे आंकड़े पेश करने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से सच्चे झूठे का स्पष्टीकरण देने और झूठ बोल कर जनता को धोखा देने वाले से इस्तीफा मांगा हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में झूठ बोल कर जनता को ठगने वालों के लिए कोई स्थान नहीं इसलिए काँग्रेस के नेता आपसे में सच झूठ का फैसला कर जनता से माफी मांगे और इस्तीफा दें।

19-11-2020
बिहार: शपथ के तीन दिन बाद मेवालाल चौधरी ने दिया शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा, भ्रष्टाचार के लगे थे आरोप

पटना। नीतीश सरकार में शपथ लेने वाले मेवालाल चौधरी ने भ्रष्टाचार को लेकर चौतरफा घिरने के बाद गुरुवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। मेवालाल के इस्तीफे के बाद अशोक चौधरी को अब शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं मेवालाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी केस तब साबित होता है जब आपके खिलाफ कोई चार्जशीट दाखिल हुई हो या कोर्ट ने कुछ फैसला दिया हो। बता दें कि मेवालाल के मंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल हमलावर हो गई थी। आरजेडी मेवालाल पर भ्रष्टाचार के आरोपों और उनकी पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले में कथित संलिप्तता को लेकर जांच की मांग कर रही है।

गौरतलब है कि 2017 में मेवालाल चौधरी पर भागलपुर के सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रहते हुए कॉलेज की नियुक्ति में भ्रष्टाचार का आरोप है। उनके ऊपर आरोप है कि कुलपति रहते हुए उन्होंने 161 सहायक प्रोफेसर की गलत तरीके से बहाली की। इस मामले को लेकर उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज है। भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद उस समय के बिहार के राज्यपाल रहे रामनाथ कोविंद ने मेवालाल चौधरी के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे और जांच में उनके ऊपर लगे आरोप सही पाए गए थे।

 

 

02-11-2020
जोगी कांग्रेस में बगावत की आंच अब कबीरधाम पहुँची, जिला अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा  

कवर्धा। मरवाही चुनाव के दौरान जोगी कांग्रेस में उठे तूफान व बगावत की आंच अब कबीरधाम पहुँच गई है। जनता कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आनंद सिंह ने जोगी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। आनन्द सिंह जोगी कांग्रेस के युवा व जिले के दमदार नेता माने जाते थे। इसके कारण उन्हें जिले की कमान दी गई थी। उन्होंने अपने जिला अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया है। आंनद सिंह ने इस्तीफे में कहा कि पार्टी के अंदर चल रहे अंतर्कलह से दुखी हूं। उन्होंने कहा कि राजनीति व कूटनीति व पार्टी के व्यवहार से परेशान हूं। इसके कारण मैं पार्टी के पद व पार्टी से इस्तीफा दे दिया हूं। हालांकि वे स्वयं अकेले पार्टी से इस्तीफा दिए हैं। कार्यकर्ताओं के साथ इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अभी किसी अन्य पार्टी में जाने की बात नहीं किए।

29-09-2020
ऑनलाइन संसद डिबेट में सांसद ने की प्रेमिका के साथ ऐसी हरकत की देना पड़ा इस्तीफा

नई दिल्ली। ऑनलाइन संसदीय डिबेट में एक सांसद को अश्लील हरकत करना महंगा पड़ गया और उनको पद से इस्तीफा देना पड़ा। दरअसल वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण इन दिनों पूरी दुनिया में ऑनलाइन मीटिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। हाल ही में ही अर्जेंटीना के एक सांसद को ऑनलाइन संसदीय डिबेट के दौरान अपनी प्रेमिका को किस करते देखा गया। इस घटना का सरकार के यूट्यूब चैनल के साथ महामारी के दौरान वर्चुअल डिबेट के लिए स्थापित संसद के विशाल स्क्रीन पर भी लाइव टेलिकॉस्ट किया गया था।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अर्जेंटीना के इस सांसद का नाम जुआन एमिलियो अमेरी है,जो राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज की पेरोनिस्ट पार्टी के नेता हैं। विवाद बढ़ता देख अर्जेंटीना कांग्रेस के निचले सदन ने एक बयान जारी कर कहा कि इस घटना के लिए संबंधित सांसद का इस्तीफा ले लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हम ऐसे गैर जिम्मेदाराना हरकत की मंजूरी नहीं दे सकते हैं।रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के समय संसद के निचले सदन की ऑनलाइन बैठक में पेंशन फंड निवेश को लेकर चर्चा हो रही थी।

इस दौरान देखा गया कि सांसद जुआन एमिलियो अमेरी की गोद में उनकी प्रेमिका बैठी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन रहने के दौरान ही प्रेमिका का चुंबन लिया। सांसद ने दावा किया कि इस घटना के समय वे ऑफलाइन थे। उन्होंने कहा कि यह सब खराब इंटरनेट कनेक्शन के कारण हुआ। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उनकी प्रेमिका की हाल में ही ब्रेस्ट सर्जरी हुई थी। जब उसने कमरे में प्रवेश किया तो उसे लगा कि मीटिंग खत्म हो गई है और कैमरा बंद है,जिसके बाद मैंने उसके सर्जरी वाली जगह का निरीक्षण किया।मामला अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज की पेरोनिस्ट पार्टी के नेता से जुड़ा था, इसलिए देखते ही देखते उनका वीडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल हो गया। सरकार ने अपनी बेइज्जती से बचने के लिए आनन-फानन में सांसद जुआन एमिलियो अमेरी का इस्तीफा ले लिया। 

 

22-09-2020
हड़ताली राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने सीएमएचओ को सौंपा इस्तीफा

जांजगीर-चांपा। जिले में पिछले 4 दिनों से नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अपना सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर अब तक सरकार किसी भी तरह से निर्णय नहीं ले पाई है,जिसकी वजह से वह आहत है और अपना सामूहिक इस्तीफा सौंप रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हड़तालीकर्मियों ने कहा है कि वे अब अपने अपने क्षेत्र में जाकर गोबर गट्ठा करेंगे और उसे गौठानों में बेचेंगे साथ ही उससे मिलने वाले पैसे को मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे ताकि यह पैसे सरकार के काम आ सके। सामूहिक इस्तीफा सौंपने के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों से विनम्रता पूर्वक ड्यूटी पर वापस लौटने की अपील की, जिसे कर्मियों ने ठुकरा दिया।

 

28-08-2020
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने दिया इस्तीफा, पेट से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं

नई दिल्ली। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 65 साल के आबे लंबे समय से पेट से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं। वे इस महीने दो बार 17 और 24 अगस्त को अस्पताल जा चुके हैं। इसके बाद से ही जापानी मीडिया में उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा चल रही थी।स्थानीय मीडिया के अनुसार आबे नहीं चाहते कि उनकी सेहत के कारण सरकार के कामकाज पर किसी तरह का असर पड़े। ऐसे में उन्होंने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पद छोड़ने की घोषणा कर दी। अगस्त महीने में ही आबे ने बतौर प्रधानमंत्री सात साल छह महीने का समय पूरा किया है।

आबे देश की सत्ता पर 2803 दिनों से पदासीन थे। इससे पहले यह रिकॉर्ड उनके चाचा और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इसाकु सैतो के नाम था। शिंजो लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) पार्टी के सदस्य हैं। देश में जारी कोरोना महामारी के बाद से मांग हो रही थी कि आबे नागरिकों को इससे निपटने को लेकर किए गए कामों के बारे में बताएं।शिंजो आबे लंबे समय से आंत से जुड़ी बीमारी अल्सरट्रेटिव कोलाइटिस से जूझ रहे हैं। इस बीमारी में आंत में सूजन जैसी समस्याएं होती हैं। इस बीमारी के कारण ही आबे को 2007 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के एक साल बाद इस्तीफा देना पड़ा था। अब वे नियमित इलाज के जरिए अपनी बीमारी को नियंत्रण में रखते हैं। 

27-08-2020
परभणी की एपीएमसी में गैर प्रशासक की नियुक्ति को लेकर एनसीपी के साथ मची खींचतान से क्षुब्ध होकर दिया इस्तीफा

रायपुर/मुंबई। महाराष्ट्र के परभणी से शिवसेना सांसद संजय जाधव उर्फ बंडू जाधव ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। दरअसल जाधव के इस्तीफे को महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी तथा कांग्रेस की मिली जुली सरकार बनने के बाद से जमीनी स्तर पर आपसी सामंजस्य की जगह चलने वाली सियासी खींचतान का ही परिणाम माना जा रहा है। जाधव परभणी में जिंतूर कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) के अहम पद पर शिवसेना कार्यकर्ताओं की नियुक्ति चाहते थे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और इस नियुक्ति में एनसीपी ने बाजी मार ली। इससे क्षुब्ध शिवसेना सांसद बंडू जाधव ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र भेजकर अपनी व्यथा बताने के साथ-साथ इस्तीफा भी सौंप दिया है। जाधव ने कहा है कि परभणी की कृषि समिति के गैर प्रशासक पद पर हुई नियुक्ति मेरे लिए बहुत तकलीफदेह होने के साथ ही शिवसेना कार्यकर्ताओं के लिए अपमानजनक है। ऐसी स्थिति में शिवसेना कार्यकर्ताओं के साथ मैं न्याय नहीं कर पा रहा हूं और इसलिए अपना इस्तीफा आपको भेज रहा हूं।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804