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13-01-2021
चार दिन तक मनाया जाता है पोंगल, गाय और बैल की होती है पूजा

रायपुर। पोंगल सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने का प्रतीक है।  इस बार पोंगल का त्‍योहार 14 जनवरी से शुरू होगा और 17 जनवरी तक मनाया जाएगा। माना जाता है कि इस दिन दान करने से भी पुण्य मिलता है।  पोंगल के अवसर पर गाय और बैल को सुंदर तरीके से तैयार किया जाता है और उनकी पूजा की जाती है।  इस दिन तरह तरह की झाकियां भी निकाली जाती है। पोंगल इस वर्ष 14 जनवरी, गुरुवार से शुरू होकर 17 जनवरी रविवार तक चलेगा। यह त्यौहार सूर्य देवता को समर्पित है। कई जगहों पर इसे ही मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। पोंगल 4 दिनों तक चलता है और ये चार दिन भोगी पोंगल, सूर्य पोंगल, माटू पोंगल और कन्नुम पोंगल के नाम से जाने जाते हैं। पोंगल के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं। इसके अलावा नए बर्तन, सोना चांदी  और  तरह तरह के पकवान भी  बनाए जाते हैं। लोग एक दूसरे को अपने घर पर भी आमंत्रित करते है।  भगवान सूर्य की पूजा करने के बाद पकवानों का भोग लगाया जाता है। इसके बाद लोगों में बांटा जाता है।

22-11-2020
गौ अष्टमी पर गौ रक्षा वाहिनी और देवराहा बाबा समिति ने की गौ माताओं की पूजा 

कोरिया। बैकुंठपुर में गौ रक्षा वाहिनी और देवराहा बाबा समिति के सदस्यों ने गौ अष्टमी पर प्रेमा बाग, बाल मंदिर और विभिन्न जगहों पर विचरण कर रही गौ माताओं की पूजा की गई। इसके साथ ही मिष्ठान, गुड़, चना और रोटी खिलाकर गौ अष्टमी मनाई गई। इसमें देवराहा बाबा समिति  के संरक्षक शैलेश शिवहरे, देवराहा बाबा समिति के अध्यक्ष आशीष शुक्ला, राजेश साहू, रवि सिंह, धीरेंद्र मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, संतोष यादव, महेंद्र पांडे, मजय तिवारी, विजय नाथ तिवारी,  सुरेंद्र सिंह, अनुराग दुबे, प्रसंग जयसवाल, पीयूष राजवाड़े, जगत, पिंकू सिंह, संतोष यादव, डब्लू, पिंकू राजवाड़े, सुशील राजवाड़े, संतोष यादव, रूपम राजवाड़े, जगत प्रसाद, नंद कुमार यादव, पुजारी मिश्रा, अभिषेक दुबे, चंद्रप्रकाश राजवाड़े और गुलशन राजवाड़े उपस्थित थे।

16-11-2020
छठ पर श्रद्धालु तालाब में कर सकेंगे पूजा, कोरोना संक्रमण को लेकर एहतियात के साथ होगी पूजा

दुर्ग। छठ पूजा के अवसर पर श्रद्धालु तालाब में पूजा कर सकेंगे। इस संबंध में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ छठ समितियों के पदाधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया। इस संबंध में समिति के पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों से चर्चा की थी एवं प्रशासन को भी जनभावनाओं से अवगत कराया था। इसके पश्चात कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे से इस संबंध में समिति पदाधिकारियों की बैठक कर सोशल डिस्टेंसिंग एवं एहतियात के साथ छठ पर्व मनाने के लिए गाइडलाइन जारी करने के निर्देश दिए गए। समिति पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया कि वे सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ ही मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग भी सुनिश्चित कराएंगे। अपर कलेक्टर ने इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मार्किंग आदि कराने के संबंध में भी चर्चा की। एएसपी रोहित झा ने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में चर्चा की। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि केवल पूजा करने वाले ही घाट में जाएंगे। अनावश्यक भीड़ एकत्र नहीं होगी। अपर कलेक्टर ने सभी निगम अधिकारियों को तालाबों में साफ सफाई एवं संक्रमण से सुरक्षा के एहतियात सुनिश्चित कराने निर्देश दिए। बैठक के बाद प्रशासन ने छठ पर्व संबंधित विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। बैठक भिलाई निगम परिसर में हुई। इस दौरान महापौर परिषद के सदस्य  लक्ष्मीपति राजू एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

 

 

04-11-2020
ऐसी महिलाएँ ज़रूर पढ़े जो कोरोना काल में इस बार सामूहिक व्रत ना कर अकेली व्रत कर रही है

रायपुर। हर सुहागिन के लिए प्रेम का प्रतीक करवाचौथ खास मायने रखता है। लेकिन इस बार कोरोना काल ने हर पर्व के प्रति उल्लास को कम कर दिया है। संक्रमण का भय सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन और कोरोना के प्रसार ने पर्व की रौनक कम कर दी है। लेकिन महिलाएं परंपरा के अनुसार पूजन अर्चन करके कोरोना से अपने सुहाग की रक्षा की कामना करेंगी। करवाचौथ में सबसे महत्वपूर्ण होता हैं करवा महिलाएँ सामू​हिक रूप में करवा की थाली घूमती है लेकिन इस बार कोरोना काल में अकेले ही पूरी विधी विधान पूर्वक पुजा करेंगी जब हम अकेले करवा फेरेंगे आपके दाहिने हाथ की तरफ माता पारवती का करवा और आपके बाये हाथ की तरफ आपका करवा रखेंगे। दाहिने हाथ से माता पारवती के करवे को उठाकर बाये हाथ की और रखेंगे और अपने करवे को दाहिने हाथ की और रखेंगे ऐसा हम सात बार करवा फेरेंगे। 

यूट्यूब पर सुन सकती हें कथाएं: महिलाएं सामूहिक पूजा में शामिल न होकर यूटयूब, लाइव वीडियो कॉल में कथाएं सुन सकती हैं। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए इस तरह की सावधानी रखना बहुत जरूरी है।

25-10-2020
सरगीपाल में हुआ बेल पूजा 

रायपुर/जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में ग्राम सरगीपाल में बेल पूजा विधान में सांसद दीपक बैज व राज परिवार एवं मांझी चालकी और ग्रामीणों ने आस्था के साथ बेल पूजा कार्यक्रम में उपस्थित होकर किया। दशहरा समिति के अध्यक्ष सांसद दीपक बैज, राजपरिवार व मांझी चालकी नगर सीमा से लगे ग्राम पंचायत सरगीपाल पहुंचे, वहां स्थित ऐतिहासिक बेल वृक्ष पर पहले जोड़ा बेल की पूजा पूरे विधि विधान के साथ किया गया। इस शुभ अवसर पर परंपरा के अनुसार हल्दी भी खेली गई इसके पश्चात राज परिवार के कमलचंद्र भंजदेव जोडा बेल लेकर मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना के साथ बेल पूजा हुआ।

20-10-2020
Breaking: कोरबा से रवाना हुई पूजा स्पेशल ट्रेन मथुरा-अमृतसर के बीच रद्द रहेगी

रायपुर। किसान आंदोलन के कारण मंगलवार 20 अक्टूबर को कोरबा से छूटी 08237 कोरबा-अमृतसर त्रि - साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन मथुरा-अमृतसर के बीच रद्द रहेगी। इसी तरह 22 अक्टूबर को अमृतसर से छूटने वाली 08238 अमृतसर-बिलासपुर त्रि - साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन मथुरा-अमृतसर- मथुरा के बीच रद्द रहेगी।

 

05-10-2020
ताम्रध्वज साहू ने डोंगरगढ़ में किए मां बम्लेश्वरी देवी के दर्शन

डोंगरगढ़/राजनांदगांव। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू अपने एक दिवसीय प्रवास पर राजनांदगांव जिले की धर्म नगरी डोंगरगढ़ पहुंचे। गृह मंत्री ने अपने परिवार के साथ मां बम्लेश्वरी देवी के दरबार में  पूजा अर्चना कर प्रदेश की की खुशहाली की कामना की। उन्होंने छोटी माँ बम्लेश्वरी देवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। गृह मंत्री ने प्रसाद योजना को जल्द से जल्द शुरू करने की बात कही। गृहमंत्री के साथ डोंगरगढ़ के विधायक भुनेश्वर बघेल एवं डोंगरगांव के विधायक दलेश्वर साहू ने भी माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारी एवं ट्रस्ट समिति के पदाधिकारी मौजूद थे।

 

11-08-2020
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कैसे मनाएं जानिए पूजा की विधि...

रायपुर। कृष्ण जन्माष्टमी को भक्त काफी धूमधाम से मनाते हैं। हिंदू धर्म में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को काफी धूमधाम से मनाया जाता है। हिंदू पंचांग की माने तो भगवान कृष्ण को समर्पित ये पावन त्यौहार, हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाता है। इस दिन श्रीकृष्ण के भक्त उनकी आराधना में उपवास रखते हैं। जन्माष्टमी के दिन सुबह स्नान करके गोपाल की पूजा करनी चाहिए और उन्हें भोग लगाना चाहिए। बाल गोपाल की पूजा में इस्तेमाल की जाने वाली सभी सामग्रियों का शुद्ध होना जरूरी है। भगवान कृष्ण को साफ पानी और गंगाजल से स्नान करवाएं और फिर चंदन का टीका लगाएं। 

बाल गोपाल को मक्खन, मिश्री और तुलसी के पत्ते बहुत पसंद हैं। इसलिए भोग में इन्हें जरूर शामिल करें। बाल गोपाल के श्रृंगार में उनके कान की बाली, कलाई में कड़ा, हाथों में बांसुरी और मोरपंख लगाएं। इसके बाद भगवान गणेश की आरती उतारे फिर बाल गोपाल की। आरती के बाद अपने हाथों से उन्हें भोग लगाएं, झूला झूलाएं और फिर झूले में लगे परदे को बंद करना न भूलें। बाल गोपाल की पूजा और भोग लगाएं बिना खाना नहीं खाना चाहिए। उन्हें भोग लगाने के बाद भोजन प्रसाद बन जाता है। घर में बाल गोपाल हैं तो मांस-मदिरा का सेवन, गलत व्यवहार और अधार्मिक कार्यों से बचना चाहिए।

05-08-2020
राजधानी में रमन सिंह ने सपरिवार राम मंदिर में की पूजा

रायपुर। अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम के अवसर को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रायपुर वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर में सपरिवार पूजा की। उनके साथ पूर्व मंत्री राजेश मूणत भी मौजूद रहे। डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट कर कहा कि अयोध्या में प्रभु श्री राम के अलौकिक, अदभुत राममंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम के अवसर पर आज रायपुर स्थित राम मंदिर में सपरिवार रामलला की आरती व दर्शन कर कृतार्थ हुआ।

 

04-08-2020
बागेश्वरनाथ महादेव मंदिर है आस्था का केंद्र, वनवास के समय प्रभू श्रीराम ने की थी पूजा

आरंग। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन को लेकर आरंग में भी खासा उत्साह नजर आ रहा है। कहा जाता है कि वनवास के समय भगवान श्री राम ने यहाँ के बाबा बागेश्वर नाथ मंदिर में रुक कर भोलेनाथ की पूजा की थी। वनवास के दौरान भगवान श्री राम के यहां श्री बागेश्वर नाथ बाबा मंदिर में रुकने के प्रमाण से यह लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। आपको बता दें कि बाल्मीकि रामायण में उक्त मंदिर का उल्लेख राम वन गमन पथ के रूप में मिलता है सांस्कृतिक शोध संस्थान व्यास नई दिल्ली के शोध कर्ता डॉ रामअवतार शर्मा के अनुसार भी श्रीराम जी वनवास के दौरान जिन 249 स्थानों में रुके थे उनमें से एक आरंग के श्री बागेश्वर नाथ मंदिर भी है, जो की उनकी पुस्तक में "जंह जंह राम चरण चलि जाहि" में 98 नंबर पर उल्लेखित है।

इन स्थानों को श्री राम वन गमन तीर्थ के रूप में सुस्थापित किया गया है। और श्री राम चरण पादुका की स्थापना भी की गई। शोधकर्ता के शोध पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मुहर लगाते हुए पर्यटन मंत्रालय के मानचित्र पर इन तीर्थो को दर्शाया है। वहीं राज्य सरकार ने राम वन गमन मार्ग के विकसित करने के कार्य का प्रथम चरण शुरू भी कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार राज्य शासन की ओर से आरंग के श्री राम वन गमन स्थल को द्वितीय चरण में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। राम वन गमन मार्ग में आने वाले स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रथम चरण का काम रायपुर जिले के आरंग तहसील के गांव चंदखुरी में स्थित माता कौशल्या माता मंदिर के जीर्णोद्धार और सौन्दर्यीकरण कार्य से शुभारम्भ किया गया है।

 

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