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16-04-2021
Breaking: मुख्यमंत्री ने दी बड़ी राहत,स्ट्रीट वेंडर्स को डोर-टू-डोर सब्जी और फल बेचने की होगी अनुमति

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लॉकडाउन के दौरान जनता को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कई जिलों में जारी लॉकडाउन की अवधि में जन सुविधा के मद्देनजर कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने अत्यावश्यक सेवाओं सहित फल, सब्जी, दूध, रसोई गैस की डोर-टू-डोर डिलिवरी की अनुमति के निर्देश दिए हैं। इसके लिए आवश्यक व्यवस्था तय करने के निर्देेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन अवधि में पेट्रोल पम्प, दवाई दुकान, रसोई गैस एजेंसी, हॉस्पिटल एवं पशुओं के आहार से संबंधित दुकानों को खोलने की अनुमति देने को कहा है। उन्होंने गांवों में सब्जी और फल की खेती करने वाले किसानों को यदि वह शहर आकर कॉलोनियों व मोहल्लों में डोर-टू-डोर सब्जी-फल बेचना चाहते हैं,तो उन्हें भी इसकी अनुमति दिए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरोंं से इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि लॉकडाउन की अवधि में कोई भी सब्जी और फल की दुकान नहीं खुलेगी। सब्जी-फल उत्पादक किसानों से सीधे सब्जी-भाजी, फल क्रय कर स्ट्रीट वेंडर उन्हें कॉलोनियों, गली-मोहल्लों में घर-घर जाकर बेच सकेंगे।

15-04-2021
किसान लॉकडाउन से त्रस्त, खेतों में खराब हो रहे सब्जी और फल 

रायपुर। कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए प्रदेश के लगभग सभी जिलों में लॉकडाउन लगाया गया है। लेकिन लॉकडाउन का दूसरा साइड भी देखना जरुरी है। किसान भले ही घर से बाहर नहीं निकल रहे हो लेकिन खेतों से सब्जी और फलों को निकालना जरुरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि लाकडाउन के कारण किसान सब्जी की बिक्री नहीं कर पा रहे हैं और सब्जियों के खेत में ही खराब होने का खतरा बन गया है। दरअसल लॉकडाउन में इस बार सब्जी बिक्री की अनुमति नहीं दी गई है। अलग-अलग इलाकों में सब्जी की बम्पर पैदावार होती है। इस बार भी किसानों ने करेला, खीरा, गोभी, टमाटर, के अलावा फूलों की खेती की है। लेकिन इस बार किसानों की सब्जियों को कोई लेने वाला ही नहीं है और किसान बाहर जाकर सब्जी की बिक्री भी नहीं कर पा रहे हैं। यही हाल फूलों की खेती करने वाले लोगों का है। क्योंकि नवरात्र के समय फूलों की मांग ज्यादा होती है और फिर इसके बाद शादी का सीजन शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार नवरात्र के शुरू होते ही लॉकडाउन लग गया है, जिससे तैयार फूल खेतों में ही सुख रहे हैं। इसके अलावा लॉकडाउन के कारण शादी समारोह भी फीके पड़ गए हैं।

18-02-2021
आंवले का सेवन करते हैं तो जान लीजिए इससे होने वाले नुकसान

रायपुर। आंवला पोषक तत्वों से भरपूर फल है। ये अपने कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है। आंवला अपने अनेक औषधीय गुणों के लिए आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इस सुपरफूड के भी कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं। आईए जानते हैं, आंवले के कुछ दुष्प्रभावों के बारे में। 

आंवला में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। यदि आप अधिक मात्रा में आंवले का सेवन करते हैं, तो डायरिया और अन्य पेट सम्बंधी समस्याओं की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए इसका सेवन नियंत्रित मात्रा में करना चाहिए। कुछ लोगों को आंवले से एलर्जी हो सकती है। इस फल से एलर्जी वाले व्यक्ति को पेट में ऐंठन, पेट में दर्द, मतली, उल्टी, दस्त और आपके मुंह के आसपास सूजन, खुजली, सिरदर्द और चक्कर आने जैसे कुछ स्वास्थ्य संबंधी शिकायत हो सकती है। यदि आप सर्दी या किसी अन्य संबंधित स्थिति से पीड़ित हैं तो ऐसी स्थिति में आपको आंवले का सेवन नहीं करना चाहिए। डायबिटीज रोगियों के लिए आंवला अच्छा माना जाता है। लेकिन आपको इसका सेवन डॉक्टर से परामर्श करके करना चाहिए।

17-01-2021
संतरा रसीला और फायदेमंद लेकिन जिन्हें मधुमेह हो वे न करें संतरे का सेवन

रायपुर। संतरा का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। यह बेहद स्वादिष्ट और रसीला फल है। जिसका सेवन आप फल और जूस दोनों के रूप में कर सकते हैं। लेकिन आपको पता है क्या संतरे का सेवन किसके लिए फायदेमंद और किसके लिए खतरनाक है। संतरा में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। जितना विटामिन सी संतरे में होता है उतना शायद ही और किसी फल में होता हो। ये ऐसा फल है जो मानव शरीर के लिए बहुत प्रभावशाली होता है। ठंडी तासीर के साथ शरीर को ताकत देने में भी यह बेहद कारगर है, जिनमें खून की कमी होती है उन्हें संतरे का नियमित सेवन जरूर करना चाहिए। लेकिन आपको यह पता होना चाहिए कि जिन लोगों को महुमेह यानी शुगर की समस्या है तो उन्हें भूलकर भी संतरे का सेवन नहीं करना चाहिए। इस बीमारी में संतरे का सेवन काफी खतरनाक हो सकता है। बाकि किसी भी तरह की परेशनी होने पर या परेशानी से बचने के लिए आप संतरे का सेवन कर सकते हैं।

25-10-2020
नौ दिनों की तपस्या का पूर्ण फल सिद्धि और मोक्ष देने वाली मां सिद्धिदात्री को समर्पित है महानवमी

रायपुर। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार नवमी तिथि और दशमी तिथि इसी दिन मनाया जा रहा है। आज शाम को दशमी तिथि लगने के कारण दशहरा भी इसी दिन मनाया जाएगा। नवरात्र की नवमी तिथि के दिन देवी सिद्धिदात्रि देवी की पूजा अर्चना की जाती है। देवी सिद्धिदात्रि नौ दिनों की तपस्या का पूर्णफल प्रदान करती है। इनके नाम से स्पष्ट हो रहा है कि मां सभी प्रकार की सिद्धी और मोक्ष को देने वाली है। नवरात्र के अंतिम दिन मां की पूजा पूरे विधि विधान के साथ करने वाले उपासक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। साथ ही यश, बल और धन की भी प्राप्ति होती है। मां सिद्धिदात्री के पास अणिमा, महिमा, प्राप्ति, प्रकाम्य, गरिमा, लघिमा, ईशित्व और वशित्व यह आठ सिद्धियां हैं। ये आठों सिद्धियां मां की पूजा और कृपा से प्राप्त की जा सकती हैं। मान्यता है कि सभी देवी-देवताओं को मां से ही सिद्धियों की प्राप्ति हुई हैं। हनुमान चालिसा में इन्हीं आठ सिद्धियों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि ‘अष्टसिद्धि नव निधि के दाता, अस वर दीन्ह जानकी माता’।

मां सिद्धिदात्री की स्तुति :
-या देवी सर्वभू‍तेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। 
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। 

मां सिद्धिदात्री बीज मंत्र : -
-ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।

11-09-2020
चौपाल सहित फल,अनाज व सब्जियों की रंगोली और चित्रकारी से समझाया जा रहा सुपोषण का महत्व

रायपुर। बच्चे, गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए राज्य शासन नए-नए प्रयास कर रही है। सुपोषण के बारे मे जागरुकता लाने और बच्चों, महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विशेष निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान सुपोषण के बारे में जागरुकता लाने के लिए गांवो मे सुपोषण चौपाल लगाई जा रही है। सुपोषण चौपाल में लोगों को पौष्टिक आहार का महत्व बताने के साथ चित्रकारी, स्लोगन और रंगोली से भी संदेश दिया जा रहा है। कोरोना महामारी के दौर मे कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही है।

सुपोषण चौपाल में अभिभावकों को विभिन्न पौष्टिक आहारों का महत्व के साथ-साथ उसके सेवन करने के तरीके को भी बताया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय फल, सब्जियों और अनाज में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बताया जा रहा है। मौसमी फलों के उपयोग की भी जानकारी दी जा रही है। महिलाओं को बच्चों के शुरुआती 1 हजार दिन तक विशेष देखभाल और स्तनपान के महत्व को बताया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में फल,अनाज और सब्जियों से बनाई रचनात्मक चित्रकारी से बच्चों के साथ बड़े भी रूचि लेकर सुपोषण का महत्व समझ रहे हैं। केन्द्र के साथ साथ कार्यकर्ताओं और समूह की महिलाओं की ओर से अपने घरों मे पोषण संबंधी आकर्षक रंगोली और चित्रकारी बनाई जा रही है। इससे महिलाओं और बच्चों मे सुपोषण के बारे मे जागरुकता आ रही है।

 

07-09-2020
नेशनल हाईवे पर रोड किनारे फल वाले दुकान लगा कर दे रहे दुर्घटना को निमंत्रण

जांजगीर चाम्पा। नेशनल हाईवे पर फल वाले रोड किनारे दुकान लगा कर दुर्घटना को निमंत्रण दे रहे हैं। बता दें कुछ समय पहले एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। घटना के बाद वहां पर रहने वाले नागरिकों ने शासन प्रशासन को लिखित शिकायत देकर फलवालों को हटाने की और रोड को मरम्मत कराने की जानकारी व शिकायत दर्ज की हैं लेकिन शासन प्रशासन के द्वारा आज तक  कोई पहल नहीं की गई।

 

 

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