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05-08-2020
गायक एसपी बालासुब्रमण्यम कोरोना पॉजिटिव, अस्पताल में भर्ती

मुंबई। गायक एसपी बालासुब्रमण्यम कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस बात की जानकारी एसपी बालासुब्रमण्यम ने बुधवार को एक वीडियो जारी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें कुछ दिनों से बुखार था, सर्दी थी, जिसके बाद कोविड-19 का टेस्ट करवाया था। एसपी बालासुब्रमण्यम ने बताया कि इन लक्ष्णों के बाद उन्होंने कोरोना टेस्ट करवाया था,जिसके बाद रिजल्ट पॉजिटिव आया है। डॉक्टर्स ने उन्हें घर में ही क्वारेंटाइन रहने और दवा लेने का निर्देश दिया था। बालासुब्रमण्यम  ने कहा कि उनके परिवार वाले चिंतित थे इसलिए उन्होंने खुद को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया।एसपी बालासुब्रमण्यम ने बताया कि अभी उनकी हालत ठीक है। बुखार में कम हो गया लेकिन सर्दी-जुखाम अभी भी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कुछ दिनों के बीच ये लक्ष्ण भी खत्म हो जाएंगे। 

01-08-2020
एक सदस्य के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर जांजगीर जा रहे परिवार को बोड़ला में रोका

कवर्धा। भोपाल से जांजगीर वापस हो रहे एक ही परिवार के 11 सदस्यों को बोड़ला में रोका गया। परिवार शादी के लिए जांजगीर से भोपाल गया हुआ था,जहाँ एक सदस्य की हार्टअटैक से मृत्यु हो गई। इसके बाद परिवार अपने गृह निवास जांजगीर वापस हो रहे थे,जिनमें से एक सदस्य कोरोना से संक्रमित पाया गया है। इसके चलते शव और परिवार को बोड़ला प्रशासन ने बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोक दिया।यहां परिवारवाले जिला प्रशासन कबीरधाम और जांजगीर कलेक्टर से मदद की गुहार लगा रहे हैं। मगर परिवार के एक सदस्य की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के चलते जांजगीर जाने से उन्हें रोका जा रहा है।बोड़ला थाना प्रभारी संतराम सोनी का कहना है कि कोरोना के चपेट में आने के चलते इन्हे यहीं रोका गया है। जिला प्रशासन कबीरधाम और जांजगीर कलेक्टर के बीच जो भी निर्णय लिए जाएंगे उस हिसाब ही पुलिस कार्रवाई करेगी।

अभी फिलहाल इन्हें यहीं बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है।पूरे मामले में जांजगीर कलेक्टर यशवंत कुमार का कहना है उनको जांजगीर आने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अगर उनको दाह संस्कार का कार्यक्रम करना है तो परिवार वाले कवर्धा या भोपाल जहाँ परिवार वाले गए हुए थे वहां जाकर मृत शव का दाह संस्कार कर सकते हैं। कलेक्टर का यह भी कहना है कि कोरोना पॉजिटिव होने कि जानकारी के बावजूद इन्होंने लापरवाही कि है और पॉजिटिव मरीज को साथ लेकर चल रहे हैं। पॉजिटिव मरीज के प्राइमरी कांटेक्ट में परिवार के अन्य सभी सदस्य भी आए हुए। इससे कि जांजगीर में दाह संस्कार करेंगे तो स्वाभाविक बात यहाँ पॉजिटिव सदस्यों के प्राइमरी कांटेक्ट में आये हुए लोगों से अन्य लोगों को भी खतरा होने कि संभावनाएं है। इससे उन्हें जहाँ है वहीँ दाह संस्कार कर देनी चाहिए।

31-07-2020
सौर ऊर्जा से रोशन हो रहीं दुर्गम,पहुंचविहीन बस्तियां, 1128 परिवारों को मिली बिजली

कोरिया। अंधेरों में दब-छुप जाते थे अब तक जो आशियाने, रात में मिली सूरज की रोशनी और उजालों से भर गये। ये बात कोरिया जिले के उन दुर्गम, पहुंचविहीन, विद्युतविहीन वनांचलों में बसे गांवों पर सटीक बैठती है,जहां बिजली उपलब्ध नहीं थी,आज क्रेडा विभाग के द्वारा सौभाग्य योजना के अंतर्गत ऐसे घरों को सौर ऊर्जा से रौशन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना यानि (सौभाग्य) के अंतर्गत क्रेडा विभाग द्वारा कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत, भरतपुर और मनेन्द्रगढ़ के अंतर्गत विभिन्न मजराटोलों और पारों में 209 किलोवॉट कुल क्षमता के 31 सोलर पावर प्लांट की स्थापना की गई है,जिससे 1128 परिवारों को सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत किया गया है। चौक-चौराहों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश की व्यवस्था के लिए 327 सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना की गई है। क्रेडा विभाग के अधिकारी रामनारायण उपाध्याय ने बताया कि ऐसे ग्राम एवं मजराटोले, जिनके घरों की बसाहट अधिक दूरी पर होती हैं एवं फैले हुए हैं, इन स्थलों पर सोलर पावर प्लांट लगाना सही नहीं होता है, ऐसे में इन जगहों पर 2076 नग सोलर होम लाइट प्रति नग क्षमता 200 वॉट के माध्यम से विद्युतीकृत किया गया है। इनकी कुल क्षमता 415.2 किलोवॉट है। सोलर होमलाइट से प्रत्येक घरों में 5 नग एलईडी बल्ब, जिनकी क्षमता 8 वॉट है, सहित 1 पंखा क्षमता 15 वॉट एवं मोबाइल चार्जिग यूएसबी पोर्ट कनेक्शन किया गया है।
वहीं जिले में अब तक कुल 72 नग सोलर हाईमास्ट संयंत्र की स्थापना की गई है।

 

30-07-2020
मजदूरी कर घर परिवार चलाने वाला जंगल साय अब खुद 5 एकड़ खेत का मालिक,भूपेश सरकार की योजना का असर

रायपुर/अम्बिकापुर। साहस और पराक्रम सफलता को दूर नही होंने देते। जंगल साय भी मेहनत और लगन से अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है। लुण्ड्रा से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम कोरिमा छोटे-बड़े झाड़ से घिरा हुआ है। करीब 40 वर्षीय  जंगल साय इसी कोरिमा ग्राम के निवासी है। कई पीढ़ियों से काबिज करीब 5 एकड़ वन भूमि का वन अधिकार मान्यता अधिनियम के तहत उन्हें वन अधिकार पत्र मिला है। जंगल साय को वन अधिकार पत्र मिल जाने से शासन की योनाओ का लाभ लेकर और अपनी साहस और मेहनत के बदौलत आज प्रगतिशील किसान बन गए हैं। जंगल साय उरांव जनजाति के है। अपने माता-पिता सहित परिवार का भरण-पोषण मजदूरी एवं खती से कर रहे थे। व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा मिलने से मनरेगा व स्वयं के व्यय से भूमि सुधार का कार्य किया। जंगल साय इस जमीन पर शासन की योजना के तहत सिंचाई की सुविधा के लिए बोर करा लिया है। अब वे दो फसली धान के साथ सब्जी की खेती करते हैं। अच्छी खेती-बाड़ी और कुशल प्रबंधन से उनका जीवन स्तर भी ऊंचा हो गया है। बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के साथ ही माता-पिता व परिवार का सम्पूर्ण दायित्व बखूबी निभा रहे है। परिवार में खुशहाली आ गई है। जंगल साय अब अपने गांव में अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। उन्होंने वनाधिकार पत्र मिलने से राज्य शासन के प्रति आभार प्रकट किया है।

 

30-07-2020
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़े 245 परिवार,भूपेश सरकार की योजना ने संवारी तक़दीर

रायपुर /कोण्डागांव। विकासखण्ड कोण्डागांव के ग्राम बोलबोला की वे महिलाएं जिन्होंने खेती किसानी और घर गृहस्थी के अलावा अन्य किसी कार्य के लिये अपने घर की देहरी नहीं लांघी थी। आज वही ग्रामीण महिलाएं नए स्वरोजगार के क्षेत्र में प्रवेश कर स्वालम्बन की नई इबारत लिख रहीं है। जनपद पंचायत कोण्डागांव से लगभग 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत बोलबोला की कुल आबादी 1932 और परिवार संख्या 397 है। इसमें से 245 परिवार छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान‘ से जुड़े हुए हैं। इस छोटे से ग्राम में वर्तमान में कुल 29 महिला स्व-सहायता समूह का गठन किया जा चुका है। इन समूहों में बम्लेश्वरी स्वसहायता समूह, गायत्री महिला स्व.सहा.स., महिला बचत स्व.सहा.स., शीतला माता स्व.सहा.स., शारदा स्व.सहा.स., माॅ पार्वती स्व.सहा.स., वैष्णवी माता स्व.सहा.स., दुर्गा स्व.सहा.स., उजाला स्व.सहा.स., नई रौशनी स्व.सहा.स., दंतेश्वरी नायडू स्व.सहा.स., जय माॅ माया देवी स्व.सहा.स.,माॅ हिंगलाजीन माता स्व.सहा.स. आदि प्रमुख है। इन्होंने छग राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर समूह के लिये आत्मनिर्भरता का मार्ग ढूंढा है। यहां बताना जरूरी होगा कि ये सभी सदस्य महिलाएं पूर्ण रूप से घरेलू और खेतीहर है। जो पूर्व में परम्परागत खेती किसानी कार्य में ही व्यस्त रहतीं थी। जाहिर है परम्परागत कृषि से प्राप्त आय में परिवार का मात्र भरण-पोषण ही हो पाता है। परन्तु आज वहीं महिलाएं बिहान से जुड़कर आजीविका के नए-नए रास्ते ढूंढ लिए हैं।

स्वरोजगार के सोपान पर कदम दर कदम बढ़ाती हुई महिलाएं

महुआ का उपयोग आम तौर पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा देशी मदिरा बनाने में प्रयुक्त किया जाता है, परन्तु बहुत कम लोग जानते हैं कि महुआ की उपयोगिता केवल यहीं तक सीमित नहीं है। बल्कि महुआ के फूल और फलों में विटामिन, आयरन और अन्य पौष्टिक तत्वों की अधिकता होती है,जो शरीर के लिये आवश्यक होते हैं। इससे बने खाद्य पदार्थ जैसे लड्डू व पाउडर विशेष तौर पर बढ़ते हुए बच्चों व गर्भवती माताओं में कुपोषण को दूर करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। इस क्रम में ग्राम बोलबोला के धनलक्ष्मी स्व-सहायता समूह के सभी सदस्य की ओर से महुआ लड्डू का निर्माण कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में समूह ने महुआ को क्रय कर 35 किलो महुआ लड्डू तैयार कर उसका विक्रय भी किया है। इस संबंध में सदस्य महिलाओं ने बताया कि महुआ लड्डू प्रति नग 5 रूपये की दर से एवं प्रति किलो 500 रूपये की दर से विक्रय किया जाता है। इस प्रकार कुल 35 किलो लड्डू तैयार समूह को 17500 रूपये की राशि प्राप्त हुई है। इससे तहत् ग्राम बोलबोला में ‘नई रोशनी‘ महिला स्व-सहायता द्वारा गोधन न्याय योजना के तहत् वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया गया है। और इस समूह की महिलाएं पशुपालकों से 2 रूपये किलो में गोबर खरीद कर जैविक खाद का निर्माण कर रहीं है। इसी प्रकार ई-रिक्शा संचालन निश्चय ही ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नया कार्य क्षेत्र है। इसमें भी ‘तुलसी‘ स्व-सहायता समूह की सदस्य संतोषी नेताम की ओर से सफलता पूर्वक ई-रिक्शा का संचालन किया जा रहा है। उन्हें माह दिसम्बर 2018 में रूर्बन अंतर्गत ई-रिक्शा प्रदाय किया गया है। संतोषी नेताम को ई-रिक्शा प्रदाय करने से पूर्व लाइवलीहुड काॅलेज के माध्यम से ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। तत्पश्चात् आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हे 165000 श्रम विभाग ने 50000 और खुद से 8000 की राशि से ई-रिक्शा दिया। वर्तमान में वे अपने ई-रिक्शा से ग्राम पंचायत बोलबोला से मुख्यालय कोण्डागांव तक प्रतिदिन यात्रियों को लाती ले जाती है। इसके अलावा बोलबोला में मिशन की ओर से सभी समूहों के परिवार के एक सदस्य को संवाहनीय कृषि परियोजना से जोड़ा गया है। परियोजना के तहत् परिवारों को उन्नत खेती के लिए टुल बैंक प्रदाय किया गया है। इसका महिलाएं अपनी खेती में उपयोग कर कम परिश्रम में अधिक कार्य कर पा रही है। साथ ही प्रत्येक सदस्य के यहां एक किचन गार्डन भी तैयार किया गया है।

 

28-07-2020
आपदा प्रभावित दो परिवारों को 8 लाख की आर्थिक सहायता मंजूर

रायपुर। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित दो परिवारों को राज्य शासन की ओर से 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्राकृतिक आपदा से पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता कलेक्टर के माध्यम से स्वीकृत की जाती है। कवर्धा में राजस्व पुस्तक परिपत्र छह-चार के तहत दो आपदाग्रस्त परिवारजनों को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके तहत पंडरिया के ग्राम पुसेरा निवासी चंद्रशेखर की तालाब में डूबने से मौत हो जाने पर आपदाग्रस्त भगतराम को और ग्राम दलपुरूवा निवासी सुखैयाबाई की आग लग जाने से उपचार के दौरान मौत हो जाने पर मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

 

23-07-2020
संक्रमित पुलिसकर्मियों के परिवारों को आवश्यक वस्तुएं मुहैया कराएंगे : डीएम अवस्थी

रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को कोरोना वायरस के संक्रमण से पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के बचाव के लिए निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि जो पुलिसकर्मी अब तक संक्रमित पाए गए हैं उनके निवास पर रक्षित निरीक्षक अथवा किसी जिम्मेदार पुलिस अधिकारी को भेजकर उनके परिवारों के लिए राशन - पानी सहित आवश्यक वस्तुएं मुहैया कराएं। जो अधिकारी संक्रमित पुलिस परिवारों के यहां हाल- चाल पूछने जाये वे पूरी तरह से स्वयं का बचाव करते हुए ही उनके घर जाएं।उल्लेखनीय है कि राज्य में आज तक की स्थिति मे विभिन्न इकाइयों के कुल 114 पुलिसकर्मी नोवल कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। डीजीपी अवस्थी ने पुलिस कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को संक्रमण से बचाव के लिए उच्च कोटि के मास्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी ड्यूटी पर जाते समय अपना खाना और पानी घर से ले कर जाएं, ऐसे कर्मचारी जो लगातार ड्यूटी कर रहे हैं उनके लिए अच्छे भोजन और पानी की व्यवस्था रक्षित निरीक्षक करें। कर्मचारियों के परिवारों को भी सलाह दी गई है कि वे और उनके बच्चे घर में ही रहें और इधर उधर न घूमें। पुलिस लाइन में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को समझाया जाए कि वे पड़ोस में रहने वाले लोगों से मिलने से बचें। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों में किसी भी प्रकार के संक्रमण के लक्षण पाय जाने पर तुरंत उन्हें आइसोलेशन में रखते हुए उनका तत्काल परीक्षण कराया जाए। ड्यूटी के दौरान समस्त पुलिसकर्मी अपने सहयोगियों और जनता के अत्यंत करीब जाने से बचें।

23-07-2020
अर्जुन के 65 हजार पेड़ कोसा उत्पादन के लिए तैयार, 23 परिवारों को मिलेगा स्थाई रोजगार 

रायपुर। अर्जुन के 65 हजार पेड़ वनांचल में उम्मीद की रेशमी किरण बिखेर रहे हैं। मनरेगा के तहत 40 एकड़ रकबे में लगाए गए इन पेड़ों पर रेशम विभाग अब कृमिपालन कर कोसा सिल्क उत्पादन की तैयारी में है। इसके लिए समूह बनाकर स्थानीय ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां कोसा उत्पादन से 23 परिवारों को स्थाई रोजगार मिलेगा। नक्सल प्रभावित नारायणपुर के बोरण्ड ग्राम पंचायत के गोटाजम्हरी गांव में मनरेगा, रेशम विभाग और जिला खनिज न्यास निधि के अभिसरण से करीब चार साल पहले लगाए गए अर्जुन के पेड़ अब पांच से सात फीट के हो गए हैं। रेशम विभाग गांव के ही 23 मनरेगा श्रमिकों का समूह बनाकर इन पेड़ों पर टसर कोसा कृमिपालन का काम शुरू कर रहा है। रेशम विभाग समूह के सदस्यों को 35-40 दिनों का प्रशिक्षण देकर कृमिपालन से लेकर कोसा फल संग्रहण तक का काम सीखा रहे हैं।

कृमिपालन के लिए पूरे 40 एकड़ के पौधारोपण को अलग-अलग भागों में बांटा गया है। समूह से उत्पादित कोसाफल को शासन की ओर से स्थापित ककून बैंक के माध्यम से क्रय किया जायेगा। कोसा फल के विक्रय से प्राप्त राशि समूह के खाते में हस्तांतरित होगी। इस तरह कोसा सिल्क के उत्पादन से एक साथ 23 परिवारों को नियमित रोजगार मिलेगा। वे रेशम उत्पादन में दक्ष होकर अच्छी कमाई कर बेहतर जीवन जी सकेंगे।

22-07-2020
परिवार के उड़े होश, घर में मिला कोबरा सांप अपने 25 बच्चों के साथ, बैठा था कुंडली मारकर

कोरबा। खरमोरा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के बाद दूसरी घटना दादर बस्ती में सामने आई हैं, जहां एक परिवार के घर पर कोबरा सांप अंडे देकर कुंडली मारकर बैठा हुआ था। घटना की सूचना शहर के स्नैक कैचर की टीम जितेंद्र को दी गई,जहां पूरी टीम मौके पर पहुंची और उस घर की खुदाई शुरू की। घंटों मशक्कत के बाद कोबरा सांप और अंडे से निकले बच्चे को उसने रेस्क्यू कर पकड़ा। स्नेक कैचर ने बताया कि पूरा परिवार पिछले कई दिनों से डरा हुआ है और वे रात भर जागने को मजबूर है। अभी भी सांप के बच्चे वहां घूम रहे हैं,जिसे पकड़ने का प्रयास वह दोबारा किया जाएगा।

15-07-2020
158 परिवारों को नहीं मिला जून माह का राशन, भटक रहे हितग्राही, गांव के बाकी परिवार को मिल चुका है राशन

कवर्धा। लोहारा विकासखंड के ग्राम पंचायत दानी घटोली के 158 राशन कार्ड धारी हितग्राहियों को जून माह का राशन अब तक नहीं मिला है। इससे लोगों को घर चलाने में परेशानी हो रही है। दानी घटोली के हितग्राहियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कहा कि जून माह का चावल व शक्कर, नमक अब तक नहीं मिला है जबकि 15 जुलाई हो गई है। सोसाइटी में राशन देने वाले समूह द्वारा गांव के अन्य वार्ड में राशन का वितरण कर दिया है। जबकि गांव के वार्ड 1,2,3 वार्ड के 158 परिवार को राशन नहीं मिला है। यह जानकारी गांव के सरपंच को दी गई तो सरपंच कुछ नहीं कर सकता कह दिया। इससे परेशान हितग्राहियों ने कलेक्टर से राशन दिलाने की मांग की है।

 

15-07-2020
पांच जरूरतमंद परिवारों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंज़ूर की बेमेतरा कलेक्टर शिव अनन्त तायल ने

रायपुर/बेमेतरा। कलेक्टर ने जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता दी। 5 जरूरतमंद परिवारों को 4-4 लाख रुपए के मान से 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। संयुक्त जिला कार्यालय के राजस्व शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 प्रकरणों जिनमें तहसील बेरला के ग्राम बहेरघट निवासी रीना निषाद की सर्प के काटने से मृत्यु होने पर परिजन गिरधारी निषाद, तहसील बेरला के ग्राम सण्डी निवासी दुलेश्वरी की सर्प के काटने से मृत्यु होने पर परिजन दीपक कुमार, तहसील बेरला के ग्राम खर्रा निवासी आदर्श वर्मा की तालाब में डूबने से मृत्यु होने पर परिजन संदीप वर्मा, तहसील बेरला के ग्राम भिंभौरी निवासी शिवकुमार की तालाब में डूबने से मृत्यु होने पर परिजन रामचन्द्र साहू, तहसील नवागढ़ के ग्राम हाथाडांडू निवासी चितरेखा पाल की आग मे जलने से मृत्यु होन पर परिजन जलेश्वर पाल को 4-4 लाख रुपए (कुल 20 लाख रुपए) की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई।

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